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गुरुग्राम : मंगलवार को मांस बिक्री पर प्रतिबंध फैसले पर लेखक रविंदर का बेतुका बयान

   क्या दोबारा हो सकता है प्यार' के लेखक रविंदर सिंह ने मंगलवार को मांस बिक्री पर प्रतिबंध को बताया- 'हिंदू तालिबान     का निर्माण'
हाल ही में गुरुग्राम में मंगलवार को मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। प्रतिबन्ध से बेशक कुछ लोगों को परेशानी हुई होगी, लेकिन ‘क्या दोबारा हो सकता है प्यार’ सहित करीब 9 किताबों के लेखक रविंदर सिंह को कुछ ज़्यादा ही पीड़ा हो रही है। 

लेखक रविंदर को एक लेखक के नाते इतना ज्ञान होना चाहिए था कि हरियाणा सरकार ने कोई अनोखा काम नहीं किया है, हरियाणा से पूर्व कई राज्यों में कांग्रेस के समय से मंगलवार को मांस बिक्री पर कई वर्षों से प्रतिबन्ध है। तब किसी को कोई साम्प्रदायिकता नज़र नहीं आयी। लेकिन इन जैसे लेखकों और इनके समर्थकों से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मंगलवार को भी मीट ऐसे बिकता है, जैसे आलू प्याज हो। जब सरकार कोई कार्यवाई करेगी, इन जैसे लोग कानून तोड़ने के पक्ष में खड़े होकर हो-हुल्ला करने सडकों पर आ जाएंगे। दूसरे, कांग्रेस के ही कार्यकाल से कत्लगाह ही नहीं, हेयर सलून तक बंद रखने का कानून है। आज गुरुग्राम में मांस बिक्री पर प्रतिबन्ध होने पर किस आधार पर शोर मचाकर माहौल ख़राब करने का प्रयास किया जा रहा है।  

अपनी भड़ास निकालने के लिए शहर में मंगलवार को मांस की दुकानों को बंद करने के निर्णय पर नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के एक न्यूज़ लिंक को रीट्वीट करते हुए, रविंदर सिंह ने सवाल किया कि क्या यह प्रतिबंध ‘हिंदू तालिबान का निर्माण’ है? उनके ट्वीट में लिखा था, “अब आप मंगलवार को गुड़गाँव में मांस नहीं बेच सकते। कारण- क्योंकि इससे धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं। हिंदू तालिबान का निर्माण?”

रविंदर सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
लेखक रविंदर ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में फैले कट्टर-वहशी तालिबान की तुलना एक हिंदू बहुल क्षेत्र में मंगलवार को मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से की। इनके जैसों के लिए एक विशेष समूह का अधिकार, अधिकार है और बहुसंख्यक समुदाय की आस्था कोई मायने नहीं रखती। जब भी ऐसी बात आती है तो तुरंत हिटलर और तालिबान इन्हें दिखाई देने लगता है। जबकि आज तक रविंदर सिंह जैसे लोगों ने कभी भी खुलकर पाकिस्तानी आतंक या उस तालिबान के कुकृत्यों पर नहीं बोला होगा जिन्होंने औरों का जीना हराम कर दिया है।

पाकिस्तान में तो आए-दिन हिन्दू नाबालिग लड़किया उठाई जाती है, उनका बलात्कार होता है फिर धर्म परिवर्तन कराकर उसी रेपिस्ट मुस्लिम से निकाह करा दिया जाता है जिसने उसकी अस्मत लूटी। बाकी जिस तालिबान का ये नाम ले रहे हैं उसका काम है सार्वजनिक रूप से पत्थरबाज़ी करना, महिलाओं को सार्वजनिक रूप से बोलने से रोकना, लड़कियों को कक्षा आठ से ऊपर शिक्षा प्राप्त करने से रोकना, मनोरंजन के सभी रूपों पर प्रतिबंध लगाना और 6वीं शताब्दी के स्मारक को तोड़ देना। इन सब पर तो कभी नहीं बोला होगा लेकिन गुरुग्राम में ‘हिन्दू तालिबान’ नजर आ रहा है।

इतना ही नहीं रविंदर सिंह ने मंगलवार को मांस पर प्रतिबंध को “धर्म थोपने” के रूप में स्पष्ट रूप से तालिबान के उस हिंसक रूप से जोड़ दिया जिसके लिए वह जाना जाता है।

इससे पहले, उन्होंने कोरोनोवायरस वैक्सीन का मजाक उड़ाते हुए अपने वही वामपंथी गौमूत्र वाले कटाक्ष के साथ सुर्खियों में आए थे। कोरोना वायरस वैक्सीन पर द वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, रविंदर सिंह ने कहा था कि जब हमारे पास गोमूत्र इलाज के रूप में हैं तो हम (भारतीयों) को वैक्सीन की आवश्यकता क्यों होगी।

रविंदर सिंह इस बात पर चिंता व्यक्त कर रहे थे कि क्या भारत में राज्य सरकारों ने अपने हिस्से का वैक्सीन रिज़र्व कर दिया है जबकि दुनिया भर के देश ऐसा कर रहे हैं। लेकिन भारत में गोशालों और लव जिहाद पर बात हो रही है क्योंकि लोगों ने इसी के लिए वोट दिया था न कि वैक्सीन के लिए। ये सब देख कर लगता है कि कितना जहर भरा है इस देश के बहुसंख्यक लोगों के प्रति।

रविंदर सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
यह सब आज का नहीं है पहले भी रविंदर ने हिंदू धर्म और संस्कृति का अपमान करने के लिए अपना पूरा समय दिया। पिछले महीने, रविंदर सिंह ने अपने 1 मिलियन फॉलोवर को हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच के अंतर को समझाने की कोशिश की, ऐसे में सिंह ने खजुराहो जैसे मंदिरों की तुलना ‘पोर्न फिल्मों’ से की।

रविंदर सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
इससे पहले ये नागरिकता संशोधन कानून के बारे में फर्जी न्यूज़ और गलत सूचनाएँ फैलाने में जी जान से लगे रहे, जो कि तीन पड़ोसी इस्लामी देशों में हिंदुओं, सिखों, जैनियों और ईसाइयों सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों को सताए जाने के लिए भारतीय नागरिकता सुलभ कराने के लिए लाया गया है।

                                             रविंदर सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
यहाँ यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सीएए किसी भी भारतीय, मुस्लिम या अन्यथा उनके मजहब विशेष के आधार पर लागू नहीं है। और न ही कहीं इस बात का जिक्र है कि यदि भारत में रहने वाला मुस्लिम, अपनी नागरिकता साबित नहीं कर सकता है, तो उसे बाहर निकाल दिया जाएगा, सीएए कानून के अनुसार यह एक सरासर झूठ बात है। लेकिन क्या किया है ऐसे लोगों ने उस समय आपने देखा ही।

रविन्द्र सिंह एक-बेस्ट-सेलिंग ’लेखक हैं और अब तक 9 किताबें लिख चुके हैं। ट्विटर पर उनके एक मिलियन से अधिक फॉलोअर हैं और इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक लोग हैं जो नियमित आधार पर ऐसों की हिन्दुओं के प्रति नफरत, कट्टरता और गलत सूचनाओं के संपर्क में आते हैं।

आप की गुरुग्राम में पैठ बैठाने की तैयारी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 नवंबर को गुरुग्राम स्थित गोशाला ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने नवम्बर 15 को एक प्रेंस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। जयहिंद ने कहा कि केजरीवाल की जनसभा गुरुग्राम की समस्याओं जैसे- यहां की सड़कों, सीवर, पानी, सरकारी स्कूल एवं अस्पतालों पर केंद्रित होगी। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच लोगों को जनसभा में आने को आमंत्रित कर रहे हैं। जयहिंद ने दावा किया कि केजरीवाल की इस जनसभा में 19 नवंबर को सुल्तानपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से भी अधिक लोग आएंगे।
नवीन जयहिंद ने यह बातें गुरुग्राम में एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं। ‘आप’ प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा एवं विधानसभा की सभी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार बुरी तरह से नाकाम हो चुकी है। प्रदेश की जनता ‘आप’ को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में अपराध चरम पर पहुंच गया है। चार वर्ष में महिलाओं पर किए गए जुल्म के 40 हजार मामले दर्ज हुए हैं.
जयहिंद ने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देता है। इसके बावजूद यहां की स्थिति ठीक नहीं है। यहां की सड़कें खराब हैं। सीवर और ड्रेनेज भी बदहाल है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुग्राम का दौरा करते रहते हैं इसके बावजूद ऐसी स्थिति क्यों? आखिर वह इतना गुरुग्राम क्यों आते हैं? केएमपी का उद्घाटन एक बार मुख्यमंत्री ने किया अब फिर से प्रधानमंत्री कर रहे हैं। जयहिंद ने कहा कि केएमपी का निर्माण एक एजेंसी ने किया है। इसमें सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है, अगर जनता के लिए कुछ करना ही है तो केएमपी को टोल मुक्त किया जाए।

प्रधानमंत्री की 19 नवंबर की रैली को लेकर जयहिंद ने कहा कि इसमें भीड़ जुटाने के लिए सरकारी अधिकारियों एंव कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। आंगनबाड़ी एवं आशा वर्करों तक को जबरन यहां आने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यहां तक कि पंचों एवं सरपंचों पर भी दबाव डाला जा रहा है। द्वारका एक्सप्रेस-वे मामले में भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद एवं दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने नवम.....

जयहिंद ने कहा कि केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक देखने के लिए आमंत्रित किया है, मगर वह वहां जा नहीं रहे हैं। इनेलो में घमासान पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की बी टीम है। पत्रकार वार्ता के दौरान ‘आप’ के प्रदेश प्रवक्ता आरएस राठी, जिला अध्यक्ष महेश यादव, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुधीर यादव, मंजीत जेलदार व जेएस कादियान भी मौजूद रहे।

ये शैतान (बेटा ध्रुव) है और ये उसकी मां (रितु)-- सिपाही महिपाल

गुरुग्राम में अक्टूबर 13 को ऐसा दोहरा हत्याकांड हो गया जिससे पूरा देश हैरान हो उठा। जज की सुरक्षा में लगे सिपाही ने ही जज की पत्नी और उसके बेटे को गोली मार दी। अक्टूबर 14 को अस्पताल में दोनों की जान चली गई। हालांकि मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जज की पत्नी सिपाही से बंगले में बहस करती थी। आखिर वो कौन सी बात थी। हम आपको बताते हैं। 40 साल के जिस सिपाही पर दो हत्याओं का आरोप लगा है वो जज कृष्णकांत के परिवार से काफी घुला मिला था। अक्सर वो ही उनके परिवार के साथ उनकी सुरक्षा के लिए जाता था। डेढ़ साल से वो जज की सुरक्षा में तैनात था। हालांकि एक बात से जज की बीवी उससे रूठ गयी थी।
सिपाही महिपाल का एक बड़ा राज सामने आया है जिसने हत्या की वजह सामने ला दी है। दरअसल महिपाल पहले हिन्दू था। आठ महीने पहले ही महिपाल ने किसी बात पर हिन्दू धर्म त्याग दिया था। इसके बाद वो ईसाई बन गया था। जबसे महिपाल ने अपना धर्म बदला था, जज की पत्नी रितु सिपाही को उलाहना देती थी। वो परिवार से घुला मिला था, इस वजह से बंगले में रितु उसको धर्म बदलने पर अक्सर डांटती रहती थी। इसी बात से वो बहुत गुस्से में आ गया था और उसने ये कदम उठा लिया।
वहीं, गुडगांव गोली कांड में पुलिस ने सुरक्षा गार्ड महिपाल को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। मामले के गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।डीसीपी सुलोचना गजराज के नेतृत्व में बनी इस SIT में डीसीपी, 2 एसीपी, और 4 इंस्पेक्टर शामिल हैं।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार हिन्दू धर्म की प्रथाओं के खिलाफ पूरी दुनिया में दुष्प्रचार करने के बाद ईसाई मिशनरिया...


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गुरुग्राम में जज की पत्नी और बेटे के साथ हुए कांड में एक नया खुलासा हुआ है कि गनर ने कार की ड्राइविंग के विवाद के चलत....

एएनआई के मुताबिक, अक्टूबर 14 को डीसीपी सुलोचना ने कहा है कि यह अब तक साफ नहीं है कि आरोपी ने जज की पत्नी और बेटे को क्यों मारा। उन्होंने कहा कि आरोपी की रिमांड की मांग की जाएगी और जांच आगे चलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 40 वर्षीय महिपाल यादव डेढ़ साल से जज कृष्णकांत की सुरक्षा में तैनात था। उसने हिन्दू धर्म को त्याग कर ईसाई धर्म अपनाया था। बताया जा रहा है कि धार्मिक बातों पर जज की पत्नी के साथ उसकी बहस होती थी। पुलिस हिरासत में भी महिपाल कह रहा था कि धर्म परिवर्तन को लेकर जज की पत्नी उसे परेशान करती थी।
जज के परिवार की सुरक्षा में तैनात गार्ड महिपाल यादव के साथ उनकी पत्नी रितु और बेटे ध्रुव खरीदारी के लिए गुरुग्राम के सेक्टर-51 स्थित आर्केडिया मार्केट आए थे। मार्केट के बीच कार रोककर जैसे ही मां-बेटे बाहर निकले महिपाल ने उन पर गोली चला दी। महिपाल ने रितु के सीने में दो गोलियां मारी और बेटे ध्रुव के माथे पर भी दो गोली मारी। इस दौरान महिपाल ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि कोई भी बीच में नहीं आएगा, ये शैतान (बेटा ध्रुव) है और ये उसकी मां (रितु)।इसके बाद महिपाल ने दोनों को कार में डालने की कोशिश की लेकिन इसमें असफल रहने पर वो वहां से फरार हो गया।

जज की पत्नी ने अस्पताल में सांस टूटने से पहले खोल दिया राज

गुरुग्राम में जज की पत्नी और बेटे के साथ हुए कांड में एक नया खुलासा हुआ है कि गनर ने कार की ड्राइविंग के विवाद के चलते गोली मारी थी। इस बात की जानकारी जज कृष्णकांत की पत्नी ने अस्पताल में प्राण त्यागने से पहले यह जानकारी दी थी।
उन्होंने अपने पति से कहा था कि गनर महिपाल और बेटे ध्रुव के बीच कार की चाबी के लिए झगड़ा हुआ था।दरअसल हरियाणा के गुरुग्राम में जज कृष्णकांत के गनर ने उसकी पत्नी और बेटे को बीच सड़क पर शूट कर दिया था। जिसके बाद जज की पत्नी की रविवार को अस्पताल में जान चली गई। जबकि जबकि बेटे ध्रुव को मेदांता के डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। हालांकि जज की पत्नी ने प्राण त्यागने से पहले इसकी बजह अपने पती के साथ साझा की। जज की पत्नी ने कहा था कि गनर महिपाल और बेटे ध्रुव के बीच कार की चाबी के लिए झगड़ा हुआ था। आर्केडिया मार्केट के बाहर अक्टूबर 13 की दोपहर जज के गनर वारदात को अंजाम दिया था। जज ने यही बात पुलिस को भी बताई और गनर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मार्केट की सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों से भी ऐसी ही बात पता चली है।
घटना अक्टूबर 13 की दोपहर 3.30 बजे की है जब जज श्रीकांत शर्मा की पत्नी और बेटा शॉपिंग करने गुरुग्राम के सेक्टर 51 के बाजार में पहुंचे थे। उनके साथ उनका दो साल से बॉडीगार्ड रहा हेड कॉन्स्टेबल महिपाल (32) भी था। गाड़ी से जैसे ही वे बाहर उतरे तो कॉन्स्टेबल ने  वारदात को अंजाम दिया। जब लोगों ने आवाज सुनी तो वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। यह सारी घटना पास की बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी सिपाही जज के बेटे को घायल अवस्था में गाड़ी में डालने की कोशिश कर रहा है लेकिन जब वह ऐसा नहीं कर पाया तो दोनों को वहीं बीच सड़क पर छोड़कर गाड़ी लेकर फरार हो जाता है।

शादीशुदा जिंदगी में हो रही थी कलह

हरियाणा पुलिस घटना की वजह ढूंढ़ने के लिए माथा पच्ची कर रही है लेकिन वो उलझकर रह गयी है।
इसकी वजह है कि महिपाल जितने भी बयान दे रहा है, वो ऐसे नहीं हैं कि कोई भी दो लोगों की जान लेने पर आमादा हो जायेगा। 
जज की पत्नी से दो साल बड़ा है सिपाही  
सिपाही महिपाल और जज की पत्नी रितु की उम्र में ज्यादा फासला नहीं था। रितु 38 साल की थी जबकि महिपाल 40 साल का था। वो दो साल से जज के बंगले पर तैनात था। जज से लेकर पूरा परिवार उसको एक सदस्य के रूप में ही देखने लगा था।
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दिल्‍ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में अक्टूबर 13 की दोपहर जिला एवं सत्र न्‍यायधीश कृष्‍णकांत की पत्‍नी और बेटे क.....

सिंगर पत्नी से चल रहा है सिपाही का तनाव  
सिपाही महिपाल की बीवी का नाम मीनू है। वो हरियाणा की सिंगर और लेखिका है। दोनों के बीच कुछ समय से किसी बात को लेकर तनाव चल रहा था। इसी वजह से मीनू उसको छोड़कर अपने मायके चली गयी थी। दोनों की आठ साल पहले शादी हुई थी। यही तनाव तो वजह नहीं बना।
पांच दिनों से कर रहा था प्लानिंग 
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि महिपाल पांच दिन से रितु की जान लेने की प्लानिंग कर रहा था। इसकी वजह पता करने के लिए अब स्पेशल टीम लगाई गयी है जो हत्या की असली वजह का खुलासा करेगी। हालांकि धर्म को लेकर रितु और महिपाल के झगड़े की बात सामने आयी है.

गुरुग्राम गोलीकांड: धर्म परिवर्तन रैकेट में शामिल था गनर महिपाल, जज की पत्‍नी को ईसाई बनाना चाहता था

जज की पत्‍नी रेणु पर डाल रहा था धर्म परिवर्तन का दवाबदिल्‍ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में अक्टूबर 13 की दोपहर जिला एवं सत्र न्‍यायधीश कृष्‍णकांत की पत्‍नी और बेटे की हत्‍या के मामले में नया मोड़ आ गया है। आप जानकर सन्‍न रह जाएंगे कि बीते डेढ़ साल से जज कृष्‍णकांत की सुरक्षा में तैनात 40 वर्षीय गनर (पीएसओ) महिपाल यादव ने 8 महीने पहले धर्म परिवर्तन कर लिया था। हिंदू धर्म को त्यागकर क्रिश्चियन धर्म अपना लेने की बात पर जज की पत्‍नी की बहस से वो नाराज चल रहा था। बताया जा रहा है कि धार्मिक बातों पर जज की पत्नी के साथ उसकी बहस होती थी। इस बात का खुलासा पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान खुद महिपाल ने किया है। उसने कहा है कि धर्म परिवर्तन को लेकर जज की पत्नी उसे परेशान करती थी। वहीं यह भी निकलकर सामने आई है कि महिपाल धर्म परिवर्तन के लिए जज की पत्‍नी पर दबाव डाल रहा था। इतना ही नहीं महिपाल धर्म परिवर्तन के एक बड़े गैंग के लिए काम करता था और अब तक 2 दर्जन युवकों का धर्म परिवर्तन करवा चुका था।
मामला ईसाई धर्म से जुड़े होने के कारण #metoo, #mob lynching gang, #not in my name सभी मौन-व्रत धारण किए हैं। अगर हिन्दू बनाने के लिए किसी अन्य धर्म की किसी महिला और बच्चे की जीवन लीला को समाप्त कर दिया होता, जितने भी छद्दम धर्म-निरपेक्ष हैं, विधवा-विलाप कर आसमान सिर पर उठा लिया होता। लेकिन अब पता नहीं किसी काल कोठरी में छिपे बैठे क्या कर रहे हैं? अब कहाँ मर गयी उनकी मानवता? कहाँ है मानवाधिकार? कोई नहीं बोलेगा। क्योकि मरने वाले हिन्दू हैं किसी अन्य मजहब से नहीं। ऐसे छद्दम कब तक जनता को गुमराह करते रहेंगे?
धर्म परिवर्तन गैंग के लिए काम करता था महिपालजज की पत्‍नी रेणु पर डाल रहा था धर्म परिवर्तन का दवाब 
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम की पत्नी रेणु व उनके बेटे ध्रुव पर महिपाल यादव धर्म परिवर्तन का दवाब डाल रहा था। दोनों ने उसकी बात नहीं मानी, तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और उन पर गुस्सा करना शुरू कर दिया था। सूत्रों का दावा है कि इसी वजह से आरोपी ने रेणु और उनके बेटे ध्रुव को  गुरुग्राम के सेक्टर 49 स्थित आर्केडिया मार्केट में गोली मार दी। 
अभी तक 2 दर्जन युवकों का धर्म परिवर्तन करवा चुका है महिपालधर्म परिवर्तन गैंग के लिए काम करता था 
महिपाल पुलिस को जानकारी मिली है कि दक्षिण हरियाणा ही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में धर्म परिवर्तन के लिए एक बड़ा गैंग काम कर रहा है। इसी मामले में 21 अगस्त 2018 को नारनौल के निजामपुर रोड स्थित सांवरिया होटल में छापा मारकर पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया था। इन 8 लोगों में महिपाल की महिला गुरु भी शामिल है। बाद में महिपाल के हस्तक्षेप पर पुलिस ने मामूली पूछताछ करके इन आरोपियों को छोड़ दिया था।
अभी तक 2 दर्जन युवकों का धर्म परिवर्तन करवा चुका है
महिपाल सीआईडी के सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक महिपाल अभी तक 2 दर्जन से अधिक युवाओं का धर्म परिवर्तन करा चुका है। इनमें कई ऐसे हैं, जो सीआरपीएफ में है। वहीं, कुछ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। सीआईडी की टीम इस पूरे मामले को खंगालने में लगी लगी है।
महिपाल के गुरु और गुरु मां की तलाश कर रही है सीआईडी 
महिपाल के गुरु इंद्रराज सिंह व गुरु मां की तलाश सीआईडी कर रही है। सीआईडी के सूत्रों की मानें तो 11 अगस्त 2015 को महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल उपमंडल के गांव भूवारका में पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर छापा मारा था। पुलिस को सूचना मिली थी की गांव में इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। ग्रामीणों के हंगामे पर पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी इंद्रराज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे कोर्ट में पेश किया था। मौके पर ईसाई धर्म संबंधित पंपलेट भी बरामद किए थे। सीआईडी सूत्रों के अनुसार इंद्रराज सिंह के द्वारा ही महिपाल इस चक्रव्यूह में फंसा। 21 अगस्त 2018 को पुलिस ने होटल में छापा मारकर सीआरपीएफ के जवान समेत जिन 8 लोगों को हिरासत में लिया था उनकी पैरवी भी महिपाल ने गुरूग्राम से आकर की थी।
गुरु को बचाने के लिए खुलकर सामने आया था महिपाल
11 अगस्त 2015 की घटना के दौरान जब अपने गुरु को बचाने के लिए महिपाल खुलकर सामने आ गया था तो उसकी मां सरिता ने उसका विरोध किया था। महिपाल के न मानने पर, उसकी मां अपने सगे भाई के गांव कोसली में रहने के लिए चली गईं थीं। वहीं, ग्रामीणों के विरोध के बाद महिपाल अपनी पत्नी मीनू व दो लड़कियों के साथ गुरुग्राम पुलिस लाइन में रहने चला गया।
ईसाई धर्म का विरोध करने पर जज की पत्‍नी को देता था गाली, धुव्र को बोलता था शैतान 
महिपाल की पत्‍नी ने बताया कि वो हर समय ईसाई धर्म का गुणगान करता था। जज की पत्नी रेणु व बेटा ध्रुव उसे ऐसा करने से रोकते थे तो वह कोठी से बाहर निकल कर उनको गालियां देता था। जज के बेटे ध्रुव को वह शैतान कहकर संबोधित करता था।(एजेंसीज इनपुट)