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ब्रिटेन : ‘मदरसे में पढ़ा हूँ, मुझे पता नहीं ये(बलात्कार) अपराध है’: 13 साल की बच्ची से बलात्कार कर सजा से बच गया आदिल

                   ब्रिटेन में 13 साल की लड़की से संबंध बनाने वाला आदिल राशिद (फोटो साभार: Dailymail)
सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें आदिल राशिद नाम के युवक ने 13 साल की एक नाबालिग लड़की से रेप किया। जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने कहा कि उसे जानकारी नहीं थी कि रेप करना अपराध है। उसने कहा कि वह मदरसे में पढ़ा है और वहाँ उसे महिलाओं को बेकार और सड़क पर फेंके गए लॉलीपॉप की तरह बताया जाता था।

राशि की दलील को सुनते हुए कोर्ट ने उसकी सजा को खत्म कर दिया और कहा, “आप 18 वर्ष के हैं, लेकिन रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जब यौन मामलों की बात आती है तो आप बहुत अनुभवहीन और अपरिपक्व हैं।” जज ने कहा कि चूँकि वह निष्क्रिय था और उसमें मुखरता की कमी थी, इसलिए जेल भेजना नुकसानदायक हो सकता है।

राशिद ने कहा कि लड़की ने उसे ऑनलाइन बहकाया था, इसके बाद उसने नाबालिग से यौन संबंध बनाए थे। यौन संबंध बनाने से पहले दोनों ने लगभग दो महीने तक फेसबुक पर चैटिंग की थी और उसके बाद फोन पर एक दूूसरे से बातें की थीं। इसके बाद वे दोनों एक स्थान पर मिले और होटल का एक कमरा बुक किया।

13 साल की नाबालिग लड़की ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे दो घंटे तक होटल में रुके। वहाँ राशिद बाथरूम गया और कंडोम पहनकर बाहर आया। इसके बाद दोनों ने सेक्स किया। इस घटना के बाद राशिद सीधा मस्जिद गया और वहाँ नमाज पढ़ी। इसके बाद वह अपने घर लौट आया। उसी सप्ताह पुलिस ने राशिद को गिरफ्तार कर लिया।

इस खबर का स्क्रीनशॉट शेयर कर लोग न्यायिक व्यवस्था पर हमला बोल रहे हैं, जिसमें आदिल राशिद को नाबालिग लड़की से रेप के लिए बेहद कम सजा दी गई। दरअसल, यह मामला ब्रिटेन का है और जनवरी 2013 में सामने आया था। हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स इस खबर को अब शेयर कर रहे हैं। एश्लिया सिमोन नाम की महिला ने एक्स पर लिखा, “ये ब्रिटेन का हाल है। ये बदमाश फाँसी का हकदार है, लेकिन उसे आजादी दे गई।”

ये मामला ब्रिटेन के नॉटिंघम का है, जहाँ आदिल रशीद नाम के युवक ने 13 साल की बच्ची के साथ यौन संबंध बनाए थे। इस मामले की सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट में कहा कि उसे ब्रिटेन के कानून की जानकारी नहीं है, क्योंकि वो मदरसे में पढ़ा है। मदरसे में उसे बताया गया है कि महिलाओं की औकात सड़क पर फेंके गए लॉलीपॉप से ज्यादा की नहीं होती है।

इसके बाद उसके वकील ने उसे ‘सेक्स को लेकर भोला या अनजान’ साबित कर दिया। इस मामले में न्यायाधीश माइकल स्टोक्स ने राशिद को 9 महीने की जेल की सजा और 2 साल की निलंबित सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था कि कानून लड़कियों की सुरक्षा के लिए है, भले ही इसमें उसमें मर्जी शामिल हो। इससे पहले नॉटिंघम क्राउन कोर्ट ने कहा था कि ऐसे अपराधों के लिए आमतौर पर चार से सात साल की जेल की सजा होती है।

पूछताछ में राशिद ने बताया था कि वो लड़की 13 की है, इस बारे में उसे पता था। वो शुरू में सेक्स संबंध नहीं बनाना चाहता था, लेकिन लड़की को देखकर बहक गया और सेक्स संबंध भी बनाए। पुलिस के अनुसार, इसके बारे में नाबालिग लड़की ने इसके बारे में स्कूल में अपनी सहेली को बताया था। इसके बाद उस लड़की ने शिक्षक को जानकारी दी थी। फिर शिक्षक ने पुलिस को बताया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

'सुकन्या समृद्धि योजना' को शरिया के मुताबिक बताया 'अवैध' : मुफ्तियों के एक वर्ग ने किया प्रस्ताव पारित

Sukanya Samrudhi Yojanaइस्लामिक मुफ्तियों के एक वर्ग ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) शरिया के मुताबिक 'अवैध' है क्योंकि योजना के हिस्से के रूप में ब्याज अर्जित किया जाता है। जमीयत उलेमा ए हिन्द के मीडिया प्रभारी अजीमुल्लाह सिद्दीकी ने बताया कि इस हफ्ते की शुरूआत में संगठन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में बच्चियों के लिए चलायी जा रही छोटी बचत योजना पर यह प्रस्ताव पारित किया गया।
सिद्दीकी ने बताया कि एसएसवाई ब्याज पर आधारित है, इसलिए यह इस्लामिक शरिया के अनुसार अवैध है। नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2015 में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत यह योजना आरंभ की थी।
इससे पूर्व अन्नपूर्णा खाद्य योजना का भी कुछ लोगों ने यह कह कर विरोध किया था की यह हिन्दुओं की अन्नपूर्णा देवी के नाम से है, इसलिए मुस्लिमों को इसका बहिष्कार करना चाहिए।  एक अन्य प्रस्ताव में विभिन्न मोबाइल ऐप के जरिये आर्थिक लेनदेन को अनुमति प्रदान की गयी। शरिया के मुताबिक कैशबैक या रिवार्ड प्वाइंट और ऐप से कैब बुकिंग करने को वैध करार दिया गया। इसी प्रस्ताव में कहा गया मुफ्तियों ने घोषणा की कि वैध वस्तुओं के विज्ञापन के लिए गुगल एडसेंस के उपयोग किया जाना उचित है।
इस स्कीम की सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें जमा सारा पैसा भारत सरकार के अकाउंट में जाता है। इसकी रकम और ब्याज के लिए सीधे भारत सरकार जिम्मेदार होती है। इस अकाउंट को खुलवाने के लिए लड़की की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 21 साल में ये अकाउंट मैच्योर हो जाता है। आप इस अकाउंट में कम से कम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कर सकते हैं।
इस स्कीम में निवेश किए गई रकम पर टैक्स छूट भी मिलती है। मतलब अगर आप इसमें 50 हजार रुपए डालेंगे तो इतनी पूरी रकम का फायदा आप टैक्स छूट के तौर पर उठा सकते हैं। इस योजना में ब्याज भी बैंक एफडी से ज्यादा मिलता है। इसलिए सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट खुलवाना आपके लिए दोहरे फायदे की बात होगा।
कन्या समृद्धि योजना का अकाउंट खोलना बहुत ही आसान है। आप किसी भी अधिकृत पोस्ट ऑफिस में इसका अकाउंट खुलवा सकते हैं। कई सरकारी और प्राइवेट बैंक भी ये अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। नए नियम के मुताबिक अब आप इसमें सिर्फ 250 रुपए से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि अकाउंट पोस्ट ऑफिस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंक में जाकर खुलवा सकते हैं।