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इन 10 ट्रांजैक्‍शन पर है मोदी सरकार की नजर

These 10 transactions are on the look of Modi Government
ब्‍लैकमनी पर मोदी सरकार लगातार कई बड़े फैसले ले रही है। इसी के तहत सरकार लगातार लोगों से इनकम टैक्‍स डिक्‍लेयर करने और टैक्‍स देने की अपील की है।  इसके लिए सरकार ने नए नियम भी बनाए हैं। नए नियमों के तहत इनकम टैक्‍स विभाग आपके तमाम ट्रांजैक्‍शन पर नजर रख रहा है। ऐसे में आपको अपना इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने में अलर्ट रहना होगा।
10 लाख रुपए कैश डिपॉजिट की जानकारी
नियमों के तहत अगर आप बैंक में एक फाइनेंशियल ईयर में एक या कई अकाउंट में कुल 10 लाख रुपए या इससे अधिक कैश जमा कराते हैं तो इस बात की जानकारी बैंक इनकम टैक्‍स विभाग को देगा। इसके आधार पर इनकम टैक्‍स विभाग आपसे इस पैसे का सोर्स पूछ सकता है।
10 लाख रुपए फिक्‍स डिपॉजिट
अगर कोई व्‍यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक फिक्‍स्ड डिपॉजिट कराता है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट को देनी होगी। ऐसे में किसी के लिए भी इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम को कम दिखाना महंगा पड़ सकता है।
1 लाख रुपए क्रेडिट कार्ड बिल का कैश पेमेंट
बैंक को 1 लाख रुपए इससे अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट की जानकारी भी इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी। इसके अलावा एक फाइनेंशियनल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक का क्रेडिट कार्ड ड्यू सेटल करने के लिए किसी भी मोड चेक, ऑनलाइन या कैश से किए गए पेमेंट की जानकारी बैंक को इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी।
2.5 लाख रुपए कैश डिपॉजिट
इनकम टैक्‍स विभाग ने बैंकों को निर्देश दिया है कि 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच अगर कोई व्‍यक्ति 1 या अधिक अकाउंट 2.5 लाख रुपए या इससे अधिक जमा कराता है तो बैंकों को इसकी जानकारी देनी होगी।

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करंट अकाउंट में 12.5 लाख रुपए कैश डिपॉजिट
नोट बंदी के बाद करंट अकाउंट में अगर किसी व्‍यक्ति ने 12.5 लाख रुपए या इससे अधिक कैश जमा कराया है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी।
1 अप्रैल 2016 से 9 नवंबर 2016 के बीच जमा कराई गई रकम
इनकम टैक्‍स विभाग की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन के अनुसार अगर किसी ने 1 अप्रैल 2016 और 9 नवंबर 2016 के बीच कैश जमा कराया है ओर यह रकम इस इनकम टैक्‍स विभाग को रिपोर्ट की जाने वाली रकम के दायरे में आती है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स विभाग को 31 जनवरी 2017 तक देनी थी।  
10 लाख का बांड या डिबेंचर खरीदने पर
अगर कोई व्‍यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में कुल 10 लाख रुपए या इससे अधिक का बांड या डिबेंचर खरीदता है तो कंपनी या संस्‍थान को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट को देनी होगी।

10 लाख का म्यूचुअल फंड खरीदने पर
इसी तरह से अगर कोई व्‍यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में कुल 10 लाख रुपए या इससे अधिक का म्‍यूचुअल फंड खरीदता है तो फंड हाउस को इसकी जानकारी सरकार को देनी होगी।
30 लाख रुपए का घर या जमीन खरीदने पर
अगर कोई व्‍यक्ति 30 लाख रुपए या इससे अधिक का घर जमीन की खरीदारी करती है तो रजिस्‍ट्रॉर को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी।
10 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा खरीदने पर
अगर कोई व्‍यक्ति 10 लाख रुपए या इससे अधिक की विदेशी मुद्रा खरीदता है तो विदेश मुद्रा बेचने वाले को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी।

मध्य प्रदेश : आयकर के छापे में कमलनाथ के पूर्व ओएसडी के करीबी अश्विन शर्मा के घर से मिली जानवरों की खाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के खिलाफ आय कर विभाग के छापे की कार्रवाई अप्रैल 9 को भी जारी रही। आय कर विभाग के अधिकारियों ने कमलनाथ के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़ के सहयोगी अश्विन शर्मा के आवास पर छापा मारकर जानवरों की खाल एवं आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद कीं। शर्मा के आवास से काले हिरण, बाघ, तेंदुए की खाल से बनी ट्राफियां बरामद हुई हैं। इसके अलावा चितकबरे हिरण की खाल भी जब्त की गई है। इस बरामदगी पर वन विभाग का कहना है कि वह शर्मा के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा।
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Bhopal: Trophies of black buck, tiger, deer, leopard etc have been recovered from residence of Ashwin Sharma, associate of Praveen Kakkar (OSD to MP CM). Hide of spotted dear also seized. Forest dept says 'Action to be taken under Wildlife Protection Act, after scrutiny of paper'
10:59 AM - Apr 9, 2019 
शर्मा के आवास से संरक्षित जानवरों की खाल से बनी जो सामग्रियां जब्त हुई हैं उनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए में बताई जा रही है। हालांकि कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ का कहना है कि उनके आवास से कोई आपत्तिनजनक वस्तुएं बरामद नहीं हुई हैं। आय कर विभाग की छापे की कार्रवाई से अश्विन शर्मा की संपत्तियों का लगातार खुलासा हो रहा है। सोमवार को शर्मा के घर से साढ़ दस करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद हुई। आय कर विभाग ने जब्त रकम को बैंक भेज दिया है। वन विभाग की टीम शर्मा के घर पहुंचकर जानवरों का पंचनामा तैयार करने में जुटी है।
कक्कड़ के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई सोमवार देर रात खत्म हो गई। इसके बाद कक्कड़ ने दावा किया कि यह मुहिम 'पूरी तरह से राजनीति से दुष्प्रेरित' थी जिसमें आयकर विभाग को उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सबूत नहीं मिला। कक्कड़ ने विजय नगर क्षेत्र में अपने घर के बाहर सोमवार देर रात संवाददाताओं से कहा, 'मेरे विचार से यह (आयकर छापे) पूरी तरह से राजनीतिक कार्रवाई थी। आयकर विभाग को मेरे या मेरे परिवार के किसी भी ठिकाने से ऐसा कोई भी दस्तावेज या नकदी या आभूषण नहीं मिला जिसे आपत्तिजनक कहा जा सके।'
उन्होंने कहा, 'मेरे दोनों बैंक लॉकरों की जांच में भी आयकर अधिकारियों को कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। हवाला की राशि या किसी राजनीतिक पार्टी के लिये धन संग्रह से भी मेरा कोई लेना-देना नहीं है।' मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी ने आरोप लगाया कि छापामार दल के आयकर अधिकारी दरवाजे तोड़कर उनके घर घुसे थे।
उन्होंने कहा, 'आयकर विभाग की दिल्ली से आयी टीम के अधिकारी लगभग 48 घंटे मेरे घर में रहे। वे (रविवार) तड़के 03:30 बजे के आस-पास दरवाजे तोड़कर मेरे घर में घुसे थे। मेरे घर में घुसने का उनका तरीका गलत था। हालांकि, दो दिन की बारीक छानबीन के बाद भी उन्हें ऐसी कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, जिसे वे जब्त या बरामद कर सकें।'
कक्कड़, राज्य पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हैं। उनका परिवार हॉस्पिटैलिटी समेत विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार से जुड़ा है। उन्हें गत दिसंबर में सूबे में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ का ओएसडी नियुक्त किया गया था। हालांकि, लोकसभा चुनावों की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ ने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और रतलाम के निवर्तमान सांसद कांतिलाल भूरिया जब केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार में मंत्री थे, तब कक्कड़ उनके भी ओएसडी रहे थे। (एजेंसी इनपुट के साथ)

नेशनल हेराल्ड मामले में हाईकोर्ट ने खारिज कीं सोनिया और राहुल गांधी की याचिकाएं

Image result for सोनिया राहुलपेट्रोल-डीजल पर छाई मंहगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार से लड़ रही कांग्रेस पार्टी को सितम्बर 10 को एक बड़ा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने 2011-12 के अपने कर निर्धारण की फाइल दोबारा खोले जाने को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट और न्यायमूर्ति एके चावला की पीठ ने कहा कि याचिकाएं खारिज की जाती हैं। पीठ ने कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडीस की याचिका भी खारिज कर दी। उन्होंने भी 2011-12 के अपने कर निर्धारण की फाइल दोबारा खोले जाने को चुनौती दी थी। 
बहुचर्चित नेशनल हेराल्‍ड केस में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को कोर्ट से राहत नहीं मिली। यानी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की जांच आयकर अधिकारियों द्वारा की जाएगी। दरअसल इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी मुख्‍य शेयरधारक हैं. दिल्‍ली हाई कोर्ट ने कहा कि आपको जांच का सामना करना होगा. ये पूरा मासला एसोसिएटेड जर्नल्‍स लिमिटेड से जुड़ा है। यह नेशनल हेराल्‍ड समेत तीन अखबारों की प्रकाशक कंपनी है।
हाईकोर्ट ने तीनों की याचिकाओं पर 16 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आयकर विभाग ने उस समय दलील दी थी कि राहुल गांधी के 2011-12 के आयकर निर्धारण की फाइल दोबारा इसलिए खोली गई क्योंकि इसमें महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए थे। अदालत ने मौखिक रूप से कहा था कि आयकर विभाग अदालती फैसले की घोषणा होने तक सोनिया, राहुल और फर्नांडीस के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम न उठाए। 
सोनिया गांधी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने कहा था कि वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के मौखिक बयान पर विश्वास रखते हैं। मेहता ने कहा था कि कांग्रेस नेताओं ने आयकर विभाग पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया, लेकिन इस संबंध में कुछ ठोस पेश नहीं किया। 
क्या हैं आरोप
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आयकर संबंधी मामले बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में एक निचली अदालत के समक्ष दायर की गई निजी आपराधिक शिकायत पर जांच से निकले हैं।शिकायत में सोनिया, राहुल और अन्य पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने नेशनल हेराल्ड से संबद्ध कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस द्वारा दिए गए 90.25 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली के अधिकार महज 50 लाख रुपये के भुगतान में यंग इंडिया को दिए जाने की साजिश रची
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गौरतलब है कि बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यन स्वामी ने सोनिया, राहुल और दूसरों पर नेशनल हेराल्ड मामले में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने इसको कांग्रेस के लिए ‘बड़ा झटका’ करार दिया. वहीं कांग्रेस ने कहा कि ये पार्टी के लिए झटका नहीं है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने आयकर आकलन अधिकारियों के समक्ष आपत्तियों को दर्ज कराने की अनुमति प्रदान की है।