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केन्द्रीय मंत्री गडकरी के निर्वाचन को मिली चुनौती

केन्द्रीय मंत्री गडकरी के निर्वाचन को मिली चुनौती, इस नेता ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
चुनाव के दौरान पटोले ने स्ट्रॉगरूम के आसपास सुरक्षा पर प्रश्न उठाया था
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव में नितिन गडकरी के नागपुर से निर्वाचन को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। गडकरी ने 2019 के आम चुनाव में पटोले को 1.97 लाख मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। पटोले के वकील वैभव जगताप ने बताया कि उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष जुलाई 5 को याचिका दाखिल करके गडकरी के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव प्रशासन ने तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। पटोले ने कहा कि यह याचिका भारत के निर्वाचन आयोग,उनके मुख्य अधिकारियों और नितिन गडकरी के खिलाफ है।चुनाव के दौरान पटोले ने स्ट्रॉगरूम के आसपास सुरक्षा पर प्रश्न उठाया था।

अब पाकिस्तान का पानी बंद करेगा भारत

PM Modi
पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नकेल कसने के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान जाने वाले पानी को बंद करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने फरवरी 20 को उत्तर प्रदेश के बागपत में कहा कि पाकिस्तान जाने वाली तीन नदियों में से एक का पानी बंद किया जाएगा। इस पानी को यमुना में लाया जाएगा। इससे यमुना का जलस्तर भी बढ़ जाएगा। 
पुलवामा आतंकी हमले के बाद उठ रही है मांग
पाकिस्तान समर्थिक आतंकियों की ओर से हो रहे बार-बार हमलों के बाद कई बार पाकिस्तान की ओर जाने वाली नदियों का पानी रोकने की मांग उठ चुकी है। अब पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद यह मांग उठी है। कई संगठन पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल समझौता रद्द करने की मांग कर रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पानी के भंडारण की व्यवस्था होने के कारण भारत अभी तक यह कदम नहीं उठा पाया है। यदि भारत पाकिस्तान जाने वाली नदियों के पानी को दूसरी नदियों में समायोजित कर रोक सकता है तो यह भारत का पाकिस्तान ने खिलाफ बड़ा कदम होगा।

Nitin Gadkar

खत्म किया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ रोष है। पूरा देश एकजुट होकर सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। सरकार ने सबसे पहले पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने के लिए उसका मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान का MFN का दर्जा समाप्त करने का फैसला 23 साल बाद लिया है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सामान पर 200 फीसदी का आयात शुल्क लगा दिया है। 

व्यापारियों ने बंद किया आयात-निर्यात

Imran Khan
पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद व्यापारियों ने पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात बंद कर दिया है। यही कारण है कि कई व्यापारियों ने पाकिस्तान से आने वाले सीमेंट को लौटा दिया है। इसके अलावा भारतीय कारोबारियों ने पाकिस्तान जाने वाले कई जरूरी सामान को रोक लिया है। इससे पाकिस्तान में इन सामानों की कीमतों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। कई व्यापारी संगठनों ने आतंक का खात्मा होने तक पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का व्यापार नहीं करने की बात कही है। 
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लोगों ने खांसने की आवाज निकालकर उड़ाया अरविन्द केजरीवाल का मजाक

Gadkari and Kejriwalआधिकारिक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के कुछ लोगों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबोधन के दौरान खांसने की आवाज निकाल कर बाधा पहुंचाई। स्थिति को शांत करने के लिए केन्द्रीय मंत्रियों नितिन गडकरी और हषवर्द्धन को हस्तक्षेप करना पड़ा। 
2016 तक कफ की समस्या से जूझ रहे केजरीवाल का मजाक बनाने वाले इस वाकये ने विज्ञान भवन में चल रहे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को पसोपेश में डाल दिया। उन्होंने दर्शकों से शांति बनाए रखने की भी अपील की. कार्यक्रम का आयोजन स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय परियोजना और दिल्ली जल बोर्ड की ओर से यमुना स्वच्छता कार्यक्रम के उद्घाटन पर किया गया था। 
कार्यक्रम में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरण मंत्री हर्षवर्द्धन भी शामिल हुए। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्य के जल संसाधन मंत्री सत्यपाल सिंह और दिल्ली से भाजपा सांसद तथा कार्यकर्ता भी वहां उपस्थित थे। केजरीवाल के भाषण शुरू करते ही कुछ लोगों ने खांसने की आवाज निकाल कर उनका मजाक बनाया। जब लोगों की आवाज ज्यादा तेज हो गई तो गडकरी और हर्षवर्द्धन ने हस्तक्षेप किया और लोगों से शांत रहने को कहा। 
Embedded video
BJP workers troll Delhi CM Arvind Kejriwal, start coughing when he begins to talk. Union Minister Nitin Gadkari intervened and Kejriwal began.
गडकरी ने लोगों से कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम है जरा शांत रहिए। केजरीवाल का मजाक बनाने वाले इस वाकये ने लोगों को पशोपेश में डाल दिया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जल संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह सहित कई भाजपा सांसद तथा कार्यकर्ता भी वहां उपस्थित थे।
केजरीवाल 2016 तक खांसी की समस्या से जूझ रहे थे और बाद में उन्हें बेंगलुरु के एक अस्पताल में अपनी सर्जरी करानी पड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केजरीवाल की खांसी के प्रति चिंता जता चुके हैं। 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने भी केजरीवाल को खांसी से निजात पाने का उपाय बताते हुए अपने योग गुरु डॉ. नागेंद्र से इलाज कराने की सलाह दी थी।

प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मौत के पीछे ‘कांग्रेसी बाबा’ की साज़िश?

गंगा के लिए 112 दिन से उपवास कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद यानी प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के निधन के मामले में कुछ चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कहा है कि प्रोफेसर अग्रवाल अनशन तोड़ने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन कोई था जो उन्हें अनशन जारी रखने के लिए उकसा रहा था। एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रविकांत ने मीडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह दबाव किसका था। एम्स का ये दावा इस मौत को लेकर छिड़े विवाद को नया रंग दे चुका है। 
मातृ सदन संस्था की भूमिका भी सवालों के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक एम्स के अधिकारी जिसकी तरफ इशारा कर रहे हैं वो दरअसल उन्हीं के करीबी कुछ बड़े साधु-संत हैं। इसके अलावा मातृ सदन संस्था की भूमिका भी सवालों के दायरे में है। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को स्वामी सानंद के रूप में 2011 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दीक्षा दी थी। यह इत्तेफाक है कि स्वरूपानंद और अविमुक्तेश्वरानंद, दोनों ही कांग्रेस के बेहद करीबी माने जाते हैं।
एम्स, ऋषिकेश के निदेशक डॉ. रविकांत ने बताया है कि स्वामी सानंद अपना अनशन खत्म करना चाहते थे। लेकिन कोई उन्हें ऐसा न करने के लिए हिदायत दे रहा था और इसी बारे में उन्हें एसएमएस और फोन किए जा रहे थे। स्वामी सानंद के साथ रहकर इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम भी यही बात कह रही है। लेकिन कोई उन्हें फोन और एसएमएस करके अभी और इंतजार करने को कह रहा था। ऐसा कौन कर रहा था, इस सवाल पर डॉ. रविकांत ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि “यह पता करना पुलिस और सरकार का काम है। एक डॉक्टर के तौर पर हमने जो कुछ महसूस किया वो मीडिया के आगे बता दिया।” शुरू से ही माना जा रहा था कि एम्स निदेशक का इशारा मातृ सदन की तरफ है। यह अजीबोगरीब बात है कि एम्स के इस दावे के फौरन बाद हरिद्वार के मातृ सदन ने मौत के लिए उलटा एम्स प्रशासन पर हत्या के आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। मातृ सदन में ही रहकर प्रोफेसर जीडी अग्रवाल धरना दे रहे थे और उन्हें कुछ दिन पहले ही एम्स में शिफ्ट किया गया था। स्वामीजी ने दोबारा अस्पताल में भर्ती किए जाने का काफी विरोध किया था। उन्हें अस्पताल तक ले जाने वाले पुलिस वालों को उनकी नाराजगी का भी सामना करना पड़ा था।
कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी, हरिद्वार के डीएम दीपक रावत, एसडीएम मनीष कुमार, कनखल थाने के सीओ और एसएचओ तक पर हत्या की साजिश....?
उधर, मातृ सदन के प्रमुख स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा है कि वो एम्स के निदेशक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। हालांकि एम्स के निदेशक ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी का नाम नहीं लिया था। फिर भी मातृ सदन ने इसे खुद पर आरोप मान लिया। मातृ सदन के पीछे कोई राजनीतिक ताकत है ये इसी बात से पता चलता है कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी, हरिद्वार के डीएम दीपक रावत, एसडीएम मनीष कुमार, कनखल थाने के सीओ और एसएचओ तक पर हत्या की साजिश का आरोप जड़ दिया। स्वामी सानंद 22 जून से मातृ सदन में गंगा विधेयक बनाने, गंगा भक्त परिषद के गठन, गंगा और सहायक नदियों पर बन रही पनबिजली परियोजनाओं को रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर थे। इस दौरान वो सिर्फ नींबू पानी, शहद, जल और नमक ले रहे थे। 12 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें जबरन दून अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उन्हें एम्स, ऋषिकेश भेज दिया गया। 23 जुलाई को सानंद को एम्स से छुट्टी दे दी गई थी। स्वामी सानंद इसके बाद से मातृ सदन में ही अनशन पर थे। 9 अक्तूबर से उन्होंने जल भी त्याग दिया, जिसके बाद हरिद्वार प्रशासन उन्हें फिर से ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया। जहां एक दिन बाद ही हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।