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इंजीनियर फिरोज शेख ने प्लेन में गुप्तांग निकाल बगल में बैठी महिला टीचर को दिखाया, हिलाने लगा…

                                                                                                                                 प्रतीकात्मक
अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए पुणे से नागपुर जा रही 40 साल की एक महिला शिक्षक से फ्लाइट में छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर नागपुर की सोनेगाँव पुलिस ने 32 साल के फिरोज शेख नूर मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया है। वह पेशे से इंजीनियर है।

रिपोर्ट के अनुसार फिरोज शेख पीड़ित महिला की बगल की सीट पर बैठा और अपने गुप्तांग हिला रहा था। शुरुआत में महिला ने उसकी हरकत को नजरंदाज कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि वह खुजली कर रहा है। यह घटना 9 अक्टूबर 2023 की है। विमान लैंड करने के बाद एयरपोर्ट से शेख को गिरफ्तार किया गया। फिरोज शेख पुणे के कोंढवा का रहने वाला है और अगले महीने उसकी निकाह होनी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित महिला चंद्रपुर की रहने वाली है और पिता के अंतिम संस्कार के लिए नागपुर आ रही थी।

पुलिस के मुताबिक पीड़ित महिला चंद्रपुर की रहने वाली है और पिता के अंतिम संस्कार के लिए नागपुर आ रही थी। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि आरोपित खुजली रहा है। ये सोचकर उन्होंने उसकी हरकत को नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जब उसने ऐसा करना जारी रखा और अश्लील तरीके से उन्हें केहुनी मारते हुए इशारा किया तब वह भौंचक रह गईं।

 पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विमान के नागपुर हवाई अड्डे पर लैंड करने के बाद महिला ने आरोपित की शिकायत की। शेख पर यौन उत्पीड़न समेत IPC की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें आईपीसी की धारा 354 (स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न) और 509 (आपराधिक इरादे से छूकर महिला की लज्जा भंग करने की कोशिश) शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट में सवार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान ने महिला से छेड़खानी के दौरान आरोपित फिरोज शेख को रोका था। पीड़ित महिला केबिन क्रू को बुलाना चाहती थी, लेकिन तब तक फ्लाइट लैंड हो चुकी था। जैसे ही प्लेन के दरवाजे खुले कथित तौर पर शेख ने पीछे के निकास की तरफ से भागने की कोशिश की। कथित तौर पर शेख ने ​एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग के समय भी अश्लील हरकत की थी।

The Kerala Story देखने जा रहे दर्शकों को Free में ले जाने वाले साधु मगर ऑटो ड्राइवर को मिल रही सर तन से जुदा और कन्हैयालाल जैसा करने की धमकी

                              'द केरल स्टोरी' देखने वालों को फ्री में ले जाने वाले ऑटो ड्राइवर को धमकियाँ
आखिर सरकार इस 'सर से तन जुदा' करने वाले गैंग और इसको समर्थन देने वालों पर कब सख्ती से पेश आएगी? क्यों नहीं इन्हें परिवार सहित किसी भी सरकारी सुविधा से हमेशा के लिए वंचित किया जाता? आखिर कब तक ये जेहादी देश में डर का आतंक फैलाते रहेंगे? फिर इनके समर्थक कहते हैं कि 'मुसलमान डरा हुआ है' जब डरे होने पर जेहादी हरकत है, भयमुक्त होने पर कितना आतंक मचाएंगे? सरकार को केवल इस गैंग ही नहीं, इनके समर्थकों के साथ भी उसी सख्ती से पेश आना होगा। क्योकि बिना किसी समर्थन के इस तरह की जेहादी हरकत नहीं हो सकती। इन्ही की भाषा कि देश संविधान से चलेगा, इन्हे सख्ती से बताना होगा कि संविधान क्या कहता है। देश को पाकिस्तानी आतंकियों से कम घर में ही पल रहे इन जेहादियों/आतंकियों और इनके समर्थकों से अधिक खतरा है। जनता को इन जेहादियों और इनके समर्थकों पर कार्यवाही करने के लिए निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट, राज्य और केंद्र सरकारों को मजबूर करने के लिए सडकों पर आना होगा, क्योकि जब तक सरकारें सख्त नहीं होंगीं, पुलिस भी लाचार रहेगी। इस खतरनाक साज़िश को बेनकाब करने के लिए पुलिस को कोर्ट और सरकारों का  संरक्षण जरुरी है। 

महाराष्ट्र के पुणे में ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) फिल्म देखने जाने वालों से किराया न लेने का ऐलान करने वाले ऑटो ड्राइवर को मौत की धमकियाँ मिलने लगी हैं। पीड़ित का नाम साधु मगर है, जिनका सिर तन से जुदा करने का ऐलान कट्टरपंथी करने लगे हैं। आरोप है कि मैसेज और कॉलिंग के जरिए साधु का हाल राजस्थान के कन्हैयालाल जैसा करने की भी धमकी दी जा रही है। ये धमकियाँ विदेशी नंबरों से आ रही हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है और धमकियों के सबूत भी दिए हैं।

दरअसल पुणे में ऑटो चलाने वाले साधु मगर ने 2 मई 2023 को एक पोस्टर बना कर ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) देखने जाने वाले यात्रियों से पैसे न लेने का एलान किया था। इस पोस्टर के जारी होने के बाद जहाँ उनकी कई लोगों ने तारीफ की तो दूसरी तरफ उन्हें फोन पर जान से मार डालने की धमकियाँ भी दी जाने लगी हैं। आरोप है कि धमकियाँ देश के तमाम हिस्सों सहित विदेशी नम्बरों से भी आ रही हैं। जब पीड़ित ने धमकी वाले नंबरों को ब्लॉक करना शुरू किया तब नंबर बदल-बदल कर कॉल आने लगे।

आखिरकार पीड़ित साधु मगर ने थाने में इसकी शिकायत की। सबूत के तौर पर पीड़ित ने धमकियों की रिकॉर्डिंग भी पुलिस अधिकारी को सुनाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए साधु मगर ने बताया कि धमकी देने वालों ने उन्हें उदयपुर के कन्हैयालाल की याद दिलाई और उन्हीं के जैसा हाल करने का एलान किया है।

पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़ित ने 15 अलग-अलग नम्बरों का जिक्र किया है। उन्होंने शिकायत में व्हाट्सएप के कुछ स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं। साधु मगर का कहना है कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद कुछ स्थानीय हिन्दू संगठन उनके साथ आए हैं।

पुलिस ने साधु की शिकायत पर जाँच करने और कार्रवाई का भरोसा दिया है। साधु मगर मूल रूप से महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के रहने वाले हैं। पहले वह एक कम्पनी में काम किया करते थे। 3 साल पहले उन्होंने खुद का ऑटो खरीद कर चलाना शुरू कर दिया था। साधु मगर भारतीय सेना के जवानों से भी भाड़ा नहीं लेते हैं।

पुणे : स्कूल में PFI दे रहा मुस्लिम युवकों को हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग: NIA ने बिल्डिंग का दो फ्लोर किया सील

                           पुणे के एक स्कूल में PFI देता था ट्रेनिंग (चित्र साभार: इंडियन एक्सप्रेस)
महाराष्ट्र के पुणे के एक स्कूल में प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का ट्रेनिंग सेंटर चलता था। इसमें मुस्लिम युवकों को हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग दी जाती थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस बहुमंजिला स्कूल के उन दो फ्लोर को सील कर दिया है, जिनका इस्तेमाल पीएफआई करता था।

सील करने की कार्रवाई 16 अप्रैल 2023 को की गई। एनआईए ने 17 अप्रैल को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुणे के ‘ब्लू बेल स्कूल’ की चौथी और 5वीं मंजिल का इस्तेमाल पीएफआई करता था। इसका इस्तेमाल मुस्लिम युवकों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें एक समुदाय के नेताओं और संगठनों को टारगेट कर हमले को अंजाम देने की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था। 

बयान के अनुसार पीएफआई मुस्लिम युवकों को संगठन में ‘भर्ती’ कर उन्हें ‘मिशन 2047’ का विरोध करने वालों पर हमला करने और उन्हें खत्म करने का प्रशिक्षण देता था। धारदार हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी यहीं दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि पीएफआई ने 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए वह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इसके बाद सितंबर 2022 में मोदी सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाते हुए इस ‘गैर कानूनी संगठन’ घोषित कर दिया था।

NIA की ओर से जारी बयान से पता चलता है कि पुणे के ब्लू बेल स्कूल परिसर के दो मंजिल की तलाशी सितंबर 2022 में ली गई थी। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे। इनसे पता चला था कि इन फ्लोर का इस्तेमाल पीएफआई से जुड़े लोग अपने कैडर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए करते थे। मुस्लिम युवाओं को सरकार और एक समुदाय के खिलाफ भड़काया जाता था। जाँच से यह बात सामने आई है कि प्रमुख हिंदू नेताओं पर हमले और उनकी हत्या करने के लिए चाकू, दरांती जैसे खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया था।

एनआईए ने ताजा कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत की है। यह कार्रवाई पिछले साल अप्रैल में पीएफआई के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी से संबंधित है। इस साल मार्च में एनआईए ने दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर करते हुए 20 को नामजद किया था।

‘मोदी को अंगार लगा सुलगा डालो’: बुर्का के समर्थन में NCP, हिजाबी महिला ने की पीएम की हत्या वाली बात, FIR दर्ज

  NCP के बुर्का समर्थित विरोध प्रदर्शन में बुर्का पहली महिला ने उगला जहर (फोटो साभार: TV9 Marathi/Twitter)
भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, ये बुर्का के लिए हो रहा है।

दूसरे, CAA प्रोटेस्ट से लेकर अब इन हिजाब की आड़ में हो रहे उपद्रव से मोदी विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण दे रहे हैं कि मोदी विरोधियों को न CAA से कुछ लेना है, न ही कृषि कानूनों से और अब नए उपद्रव हिजाब से लेना देना है, बल्कि किसी न किसी बहाने से देश में अराजकता फैलाकर मोदी को बदनाम करना है।  

सोशल मीडिया पर अभी एक वीडियो वायरल है। यह वीडियो बुर्का/हिजाब के समर्थन में पुणे में शरद पवार की राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) द्वारा आयोजित एक ‘विरोध’ प्रदर्शन का है। इसमें एक महिला को कहते हुए सुना जा सकता है, “कर्नाटक में चार दिन से स्कूल, कॉलेज सब बंद हो गए हैं। बहुत बड़ी परेशानी है। यह अचानक कुछ भी निकालता है मोदी कायदा-कानून। ये मोदी को सब अंगार लगा कर सुलगा डालो।”

अब इस मामले में केस दर्ज कराया गया है। यह केस महाराष्ट्र के RSS के सह संयोजक पीयूष जगदीश कश्यप ने करवाई है। उन्होंने पीएम के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के लिए महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सायबर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि महिला ने पीएम मोदी के खिलाफ धमकी भरा और अपमानजक शब्द का इस्तेमाल किया।

 

जगदीश ने अपनी शिकायत में उस वीडियो का यूट्यूब लिंक और सीडी भी उपलब्ध कराई है। हालाँकि अब वह वीडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। RSS कार्यकर्ता ने कहा कि इस तरह की भाषा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस पोस्ट के खिलाफ भी नफरत पैदा करती है। उन्होंने कहा कि वीडियो देख कर साफ तौर पर उसका इरादा पता चलता है कि वह जनता के बीच पीएम मोदी की अच्छी छवि को धूमिल करना चाहती है। उनका कहना है कि इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा और वह भी इसी तरह की व्यवहार कर सकते हैं।

10 फरवरी 2022 को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में बुर्का (जिसे लोग हिजाब भी कह रहे हैं, जबकि दोनों में अंतर है) पहनने वाली मुस्लिम लड़कियों के समर्थन में महाराष्ट्र के पुणे जिले में प्रदर्शन किया। एनसीपी की पुणे इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने भगवा दुपट्टा डाले उन लड़कों पर निशाना साधा, जिन्होंने बुर्के का विरोध किया था।

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भारत में इस्लाम को फैलाने के लिए दशकों से ले रहे हैं विदेशों से फंडिंग; स्कूल-कॉलेजों तक पहुँचे

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भारत में इस्लाम को फैलाने के लिए दशकों से ले रहे हैं विदेशों से फंडिंग; स्कूल-कॉलेजों तक पहुँचे

उन्होंने कहा, “कर्नाटक के उडुपी में एक मुस्लिम लड़की का कुछ दिन पहले कई दक्षिणपंथी युवकों ने पीछा किया था। इस घटना से भारतीयों के सिर शर्म से झुक गए हैं।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जगताप ने शिक्षण संस्थानों में धर्म और राजनीति लाने के लिए भाजपा सरकार की भी आलोचना की। हालाँकि बीजेपी सरकार की आलोचना करते हुए वह यह भूल गए कि कर्नाटक में बुर्का विवाद की शुरुआत सबसे पहले आठ मुस्लिम लड़कियों ने की थी, जिन्होंने कॉलेज की यूनिफॉर्म के नियमों का पालन करने से इनकार कर दिया था।

Covishield बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट में भीषण आग

                                                  सीरम इंस्टिट्यूट में लगी आग

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माताओं में से एक पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के टर्मिनल-1 गेट पर आज (जनवरी 21, 2021) आग लग गई। इस दुर्घटना में कितना नुकसान हुआ, फिलहाल इसका कुछ पता नहीं है। मौके पर दमकल की 5-10 गाड़ियाँ आग बुझाने पहुँची हैं। कहा जा रहा है कि यहाँ पर वैक्सीन की कई करोड़ डोज स्टोर करके रखी गई थीं।

आनंद रंगनाथन ने इस घटना की वीडियो को अपने ट्विटर पर साझा किया है। वीडियो में देख सकते हैं कि सीरम इंस्टिट्यूट में लगी आग से हवा में बहुत धुआँ हो गया है। वह लिखते हैं, “covishield वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में बड़ी आग लगी है। आशा है कि सभी सुरक्षित हैं।”

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बीसीजी टीका बनाने वाली इमारत में आग लगी है। सीरम इन्स्टिट्यूट के इस हिस्से में नया प्लांट है। पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट की दूसरी मंजिल पर आग लगी है। घटना की सूचना पाते ही दमकल गाड़ियों के अलावा पुलिस भी मौके पर पहुँच गई है। राहत कार्य शुरू हो गया है।


‘बदनाम’ रिकॉर्ड अब पुणे के नाम: तेजी से बढ़ रहा कोरोना वायरस

महाराष्ट्र के पुणे में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यहाँ की स्थिति इस हद तक बदतर हो गई है कि अब यह भारत में सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित शहर बनता जा रहा है। रविवार 30 अगस्त तक के आँकड़ों के मुताबिक पुणे में शनिवार को लगभग 4,000 नए कोविड-19 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं।

कोरोना वायरस के शुरुआती दौर से सबसे ज्यादा संक्रमण से प्रभावित हुए मुंबई को भी पुणे ने पीछे छोड़ दिया है। अब तक भारत के कुल कोरोना वायरस मामलों में महाराष्ट्र का योगदान 21% से अधिक है। भारत में कोरोनो वायरस के कारण होने वाली कुल मौतों में लगभग 40% मौतें महाराष्ट्र में हुई है। जिसमें सबसे अधिक मुंबई के लोगों की जान इस जानलेवा महामारी के चलते गई है।
पुणे कोरोनो वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित शहर के रूप में उभर रहा है। संभावना है कि पुणे एक या दो दिनों में दिल्ली से आगे निकल जाएगा। दिल्ली में अब तक कुल 1,71,366 कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। जबकि पुणे में यह संख्या अभी तक 1,69,448 हो गई है।
चीन के वुहान शहर से फैले इस महामारी ने दुनिया भर में 2.5 करोड़ लोगों को संक्रमित किया है। लगभग 8.4 लाख से अधिक लोग इस महामारी के चलते अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं।