Showing posts with label telengana assembly elections 2018. Show all posts
Showing posts with label telengana assembly elections 2018. Show all posts

कांग्रेस का तेलंगाना हार पर विवादित पोस्टर

telangana congress posters
तेलंगाना में कांग्रेस के पोस्टर पर विवाद 
तेलंगाना में दूसरी बार के चंद्रशेखर राव सत्ता पर काबिज हैं। समय से पहले चुनाव कराने का उनका फैसला हिट रहा। टीआरएस के विरोध में कांग्रेस और टीडीपी ने गठबंधन चुनाव में उतरी थी। लेकिन तेलंगाना की जनता ने उन्हें नकार दिया। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद दोनों दलों ने ये आरोप लगाना शुरू किया कि के चंद्रशेखर राव की जीत लोकतंत्र का हरण है और इसके साथ ही निर्वाचन आयोग को भी निशाने पर लिया जाने लगा। ताजा मामला एक पोस्टर ने जुड़ा हुआ है जिसकी वजह से तेलंगाना की राजनीति में उबाल है। तेलंगाना बीजेपी ने कांग्रेस के पोस्टर को हिन्दू महिलाओं का अपमान बताया है। 
अवलोकन करें:--
जनता कांग्रेस से यह जानना चाहती है कि इतने वर्ष सत्ता में रहने पर किसानों की दुर्दशा क्यों? क्यों किसान कर्ज़े में डूबा? देश से गरीबी क्यों नहीं दूर हुई, जबकि तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी ने एक चुनाव केवल "गरीबी हटाओ" के नारे पर ही जीता था? कांग्रेस पार्टी हमेशा कहती है कि जवाहर लाल नेहरु ने देश में अच्छा काम करते हुए अभूतपूर्व योगदान दिया, इसी मामले पर आतिफ रशीद ने कटाक्ष कर दिया। लोकतन्त्र की निर्मम हत्या तो कांग्रेस ने भारत के पहले ही चुनाव में कर दी थी, जब उत्तर प्रदेश के रामपुर में हिन्दू महासभा के उम्मीदवार विशन सेठ ने कांग्रेस उम्मीदवार मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को लगभग 6000 मतों से हरा दिया था। जो जवाहर लाल नेहरू को बर्दाश्त नहीं हुई और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री गोबिन्द बल्लब पन्त को हारे हुए उम्मीदवार आज़ाद को किसी भी कीमत पर जितवाने को कहा,और पंत ने तुरन्त जिला अधिकारी को नेहरू जी की बात पूरी करने को कहा।
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार आम चुनाव 2019 के लिए भारत का राजनीतिक स्टेज सज चुका है। सभी राजनीतिक दलों की निगाह है कि क....

तेलंगाना में चुनावी नतीजों के खिलाफ कांग्रेस ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। इस संबंध में कांग्रेस की तरफ से एक पोस्टर जारी किया गया है जो विवादों में है। तेलंगाना बीजेपी का कहना है कि विरोध के लिए जिस तरह से एक महिला के वस्त्रहरण का जिक्र किया गया है उससे हिंदू औरतों का अपमान है। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का माफी मांगनी चाहिए। 
अब मुद्दे की बात ये है कि कांग्रेस के पोस्टर में क्या कुछ दिखाया और बताया गया है। दरअसल तस्वीर में एक महिला के चीरहरण को दिखाया गया है। उस तस्वीर के जरिए बताया गया है कि कैसे महाभारत के समय द्रौपदी का चीरहरण हुआ था और कुछ वैसे ही तेलंगाना में लोकतंत्र का चीरहरण हुआ जिसके लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है। तेलंगाना में लोकतंत्र के साथ मजाक हुआ है। 

सत्ता में आए तो करीमनगर का नाम बदलकर हो जाएगा 'करीपुरम' : हैदराबाद में योगी का वादा

Image result for योगीउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसम्बर 5 को तेलंगाना चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तेलंगाना के करीमनगर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'यदि भाजपा तेलंगाना में सत्ता में आती है तो आपकी भावनाओं का सम्मान कर करीमनगर का नाम बदलकर करीपुरम करेगी।' यहीं नहीं योगी ने कहा कि वह हैदराबाद शहर को भाग्यनगर में तब्दील होते देखना चाहते हैं। 
इस दौरान योगी ने कहा, 'जैसा आपने यूपी में देखा होगा जहां हमने फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया है। यह काम केवल बीजेपी ही कर सकती है क्योंकि वह आपकी संस्कृति, विरासत और परंपराओं का सम्मान करती है। आप सब से अपील करता हूं कि आप इन चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को चुनें।'
कुछ दिन पहले ही हैदराबाद से बीजेपी विधायक टी राजा ने भी कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर रख दिया जाएगा। राजा सिंह ने कहा कि जिस तरह फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या, मुगलसराय का नाम दीन दयाल उपाध्याय, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखा गया, उसी के हिसाब से हैदराबाद का नाम बदल कर भाग्यनगर रखा जाएगा। View image on Twitter

View image on Twitter

Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath in Karimnagar: If Bharatiya Janata Party (BJP) forms govt in then BJP will respect your sentiments and rename Karimnagar as ‘Karipuram’. (5.12.2018)
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव के मौके पर फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या रखने का ऐलान किया था। इसके बाद गुजरात सरकार ने भी कहा था भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अहमदाबाद का नाम बदलने के लिए तैयार है।

‘इतना मारूंगा(मोदी को) कि कान से खून निकलने लगेगा’ : विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी


तेलंगाना से आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के भाई और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी  को भगाने का बयान देकर जिस विवाद की शुरुआत की, उसकी आंच अब प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचती हुई दिखाई दे रही है।
हैदराबाद के चारमिनार विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक बयान दे डाला। उन्होंने कहा, ”चाय वाले, हमें मत छेड, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा-इतना मारूंगा कि कान में से खून निकलने लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि चाय वाला हमेशा चिल्लाता रहता है, कभी नरम चाय, कभी गरम चाय, कभी चाय की चीनी, कभी चाय की चायपत्ती, जब देखो तब चाय…चाय…चाय….।
इसके साथ ही ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ पर भी हमला करते हुए कहा कि, ”आज एक और आया, वो कैसे-कैसे कपडे पहनता है, तमाशे जैसा दिखता है। किस्मत से चीफ मिनिस्टर भी बन गया, कह रहा है निजाम की तरह ओवैसी को भगाऊंगा, अरे तू क्या, तेरी हैसियत क्या, तेरी बिसात क्या, तेरे जैसे 56 आए और चले गए, अरे ओवैसी को छोड़ो, उसकी आने वाली 1000 नस्लें भी तुझसे लडेंगे। अकबरुद्दीन पहले भी हिन्दुओं के विरुद्ध बोलते रहे हैं। 

क्या है मामला ?

हैदराबाद में दिसम्बर 2 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा। योगी ने कहा था कि भाजपा सत्ता में आई तो हैदराबाद से भागना पडे़गा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, अगर भाजपा सत्ता में आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ओवैसी को उसी तरह तेलंगाना से भागना पडेगा, जैसे निजाम को हैदराबाद से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
भाग्य नगर वर्तमान हैदराबाद 
ओवैसी को डर है कि यदि आंध्र प्रदेश हो या तेलंगाना, यहाँ भाजपा सत्ता में आ गयी, निश्चित रूप से हमारी दुकान यानि पार्टी पर संकट के गहरे काले बादल मंडराने लगेंगे। भाग्य लक्ष्मी मन्दिर जहाँ वर्षों से घंटी नहीं बजती थी, केन्द्र में सत्ता परिवर्तन होते ही, भाग्य लक्ष्मी मन्दिर में बंधी घंटी आरती के समय बजनी आरंम्भ हो गयीं। किसी प्रधानमन्त्री के कार्यकाल में यह सम्भव नहीं हुआ, जो नरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री बनने पर ही सम्भव हो पाया, जो प्रमाणित करता है कि तुष्टिकरण की सियासत खेलने वालों के अन्तिम संस्कार की तैयारी। यही कारण है, समस्त तुष्टिकरण पुजारी एकजुट होकर मोदी को शिकस्त देने के लिए विधवा विलाप कर रहे हैं। ज्ञात हो, हैदराबाद का असली नाम भाग्य नगर है।     

"केसीआर का मतलब खाओ कमीशन राव" --राहुल गाँधी

 Khao Commission Rao: Rahul Gandhis Scathing Attack On KCR
तेलंगाना से आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकर 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना में चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री के चेंद्रशखर राव पर जोरदार हमला किया। राहुल ने केसीआर पर किसान और जनजातीय विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूंजीवादी मित्रों की मदद के लिए किसानों और जनजातियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा तो ताख पर रख दिया। राहुल ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर का मतलब समझाते हुए कहा कि KCR का मतलब 'खाओ कमीशन राव' है।
"केसीआर का मतलब खाओ कमीशन राव "
उन्होंने कहा कि केसीआर ने तेलंगाना की कीमत पर अपने परिवार को आगे बढ़ाया। राहुल ने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेसनीत गठबंधन पहले तेलंगाना में टीआरएस को और फिर केंद्र में मोदी सरकार को उखाड़ फेकेगी। निजामाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि केसीआर ने बस एक ही काम किया कि उन्होंने कांग्रेस सरकार की पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर उसकी कीमत बढ़ा दी और अपने लिए कमीशन जुटा लिया। केसीआर का मतलब 'खाओ कमीशन राव।' है। उन्होंने कहा कि केसीआर जिस तरह से मोदी और आरएसएस के सभी कदमों को अपना रहे हैं उन्हें अपनी पार्टी टीआरएस का नाम बदलकर 'टी-आरएसएस' रख लेना चाहिए।
टीआरएस का नाम बदलकर 'टी-आरएसएस' रख लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केसीआर का सिर्फ एक ही मकसद है तेलंगाना में अपने परिवार का और दिल्ली में मोदी सरकार को सुनिश्चित करना। उन्होंने केसीआर के बेटे केटी रामाराव की संपत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में उनकी 29 लाख रुपए थी और साल 2018 में संपत्ति बढ़कर करीब 74 लाख रुपए हो गई। उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि जब केसीआर मुख्यमंत्री बने तो तेलंगाना का अधिशेष 17 हजार करोड़ रुपए था, लेकिन आज वो 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज के बोझ से दबा है। केसीआर के शासन में 4,500 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की।
लेकिन राहुल ने यह नहीं बताया कि जब केन्द्र में 10 साल उनकी सरकार थी, इस दौरान कितने किसानों ने देश भर में आत्महत्या की थी? कितने किसानों के क़र्ज़ माफ़ किये गए? सत्ता में आने पर उनकी और परिवारजनों की आय में कितनी बढ़ोतरी हुई? जिनके घर शीशे के होते हैं, दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकते। 
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी सरकार सत्ता में आने के बाद किसानों की कर्ज माफी करेगी। वहीं तेलंगाना में अनुसूचित जनजाति की आबादी के अनुपात में उनके उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों और सरकारी शैक्षिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण देने का भरोसा दिलाया।