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दिल्ली : केजरीवाल ने BRS को भिजवाए 15 करोड़ रूपए, कोड वर्ड ’15 किलो घी’ था: महाठग सुकेश, कहा- ‘मेरे पास 700 पन्नों की चैट है’

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर से चिट्ठी जारी की है। इस बार उसने आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि सीएम केजरीवाल का दक्षिण भारतीय ग्रुप और तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेताओं के साथ साँठगाँठ है।

सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल के कहने पर ही बीआरएस दफ्तर में 15 करोड़ रुपए पहुँचाए गए थे। महाठग ने दावा किया है कि उसके पास वह चैट मौजूद है जिसमें केजरीवाल द्वारा रुपए पहुँचाने और बीआरएस नेता द्वारा उसे स्वीकारे जाने की बात कही जा रही है। सुकेश के अनुसार उसके पास मौजूद चैट के स्क्रीनशॉट से साफ है कि बीआरएस नेता ने अरुण पिल्लई (शराब कारोबारी) को 15 करोड़ रुपए देने को कहा और उसने वह बॉक्स काले रंग की रेंज रोवर गाड़ी में रखी जिस पर MLC का स्टिकर लगा हुआ था।

इस चैट से केजरीवाल और दक्षिण भारतीय ग्रुप के बीच के संबंधों पर मुहर लगती है। खत में सुकेश का दावा है कि चैट में 15 करोड़ रुपए को कोड वर्ड में 15 किलो घी कहा गया है। उसका दावा है कि केजरीवाल और बीआरएस के नेता लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में हैं। केजरीवाल और बीआरएस नेताओं के बीच कई बार पैसों का लेनदेन हो चुका है।

इतना ही नहीं सुकेश ने कहा है कि यदि उसकी बातों पर किसी को भरोसा नहीं है तो वो नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट या किसी भी तरह का परीक्षण कराने को तैयार है। उसने कहा, “मैं सिर्फ बातें ही नहीं कर रहा बल्कि हर बात के सबूत पेश करने वाला हूँ। सुकेश का दावा है कि उसके पास अरविंद केजरीवाल के साथ व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट के कुल 700 पेज सुरक्षित हैं। उसने कथित तौर पर साल 2020 में बीआरएस कार्यालय को 75 करोड़ रुपए देने की भी बात कही है।

‘मैंने तुम जैसे कई कुत्ते देखे, पुलिस इन्हें यहाँ से निकालो’: रैली में ‘दलित शक्ति’ पर भड़के तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों को कहा 'कुत्ता'
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बुधवार (11 फरवरी, 2021) को एक रैली के दौरान विरोध कर रहे लोगों की तुलना ‘कुत्तों’ से कर विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए विपक्षी पार्टियों ने उनसे माफी की माँग की है।
हैरानी, इस बात कि है यदि यही बात किसी भाजपा मुख्यमंत्री ने कही होती, समस्त छद्दम दलित प्रेमी भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाजवादी और वामपंथी आदि पार्टियां चीख चिल्लाते आसमान सिर पर उठा लिया होता। लेकिन गैर-भाजपाई मुख्यमंत्री द्वारा दलितों को कुत्ता बोलने पर चुप्पी क्यों? क्या दलित कुत्ते हैं? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नालगोंडा जिले के नागार्जुन सागर क्षेत्र में एक योजना की आधारशिला रखने के बाद मुख्यमंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए यह विवादित टिप्पणी की। यहाँ उपचुनाव भी होने हैं। राव जब रैली को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान ‘दलित शक्ति’ नाम के महिलाओं और युवाओं का ग्रुप उन्हें ज्ञापन देना चाह रहा था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रैली में ही विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध के तौर पर तख्तियाँ दिखाने लगे।

इससे केसीआर भड़क गए। उन्होंने कहा, “वो पेपर देना चाहते हैं, उनसे ले लो, मुझे शांति से सुनिए। अगर आप सुनना नहीं चाहते हैं तो कृपया यहाँ से चले जाएँ। ये पागलपन यहाँ मत दिखाएँ नहीं तो दंडित किए जाओगे। पुलिसकर्मियों इन्हें यहाँ से निकालो। बाकी लोग इनको नोटिस न करें। मैंने ऐसे बहुत ड्रामे देखे हैं। मैंने तुम जैसे कई कुत्ते देखे हैं। पुलिस इन्हें यहाँ से निकालो।”

सीएम ने प्रदर्शनकारियों को धमकी देते हुए कहा, “आप बस मुट्ठी भर लोग हैं। अगर हमारी तरफ से प्रतिक्रिया हो गई तो कुचलकर धूल में उड़ा दिया जाएगा। आपकी बेवकूफी से कोई बाधा नहीं पड़नी चाहिए। यहाँ से चले जाएँ नहीं तो आपको पीटा जाएगा।”

 इस टिप्पणी के बाद सीएम केसीआर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कॉन्ग्रेस के तेलंगाना इंचार्ज और सांसद मणिकम टैगोर ने ट्वीट कर कहा, “तेलंगाना सीएम ने नागार्जुन सागर जनसभा में महिलाओं को ‘कुत्ता’ कहा, ये मत भूलो कि जो महिलाएँ वहाँ खड़ी थीं उन्हीं की वजह से आप अपनी कुर्सी पर हो। आपके शब्द आपके रवैए को बयान करते हैं। ये मत भूलो कि ये लोकतंत्र हैं। वो (लोग) हमारे बॉस हैं। माफी माँगों चंद्रशेखर।”

बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीके अरुणा ने कहा, “केसीआर की ओर से महिलाओं और युवाओं के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किए जाना उनके चरित्र को दिखाता है। उनकी माँ तक इसके लिए शर्मसार होंगी।”

बीजेपी प्रवक्ता कृष्णा सागर राव ने इस टिप्पणी को हिंदुओं का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “केसीआर ने दावा किया है कि उन्होंने राकासुलु (राक्षसों) से निपट कर उन्हें मात दी, इसलिए गोगासुलु (गाय चराने वालों) से निपटना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने इन शब्दों का इस्तेमाल तब किया जब वो बीजेपी को निशाना बना रहे थे। इससे स्थापित होता है कि वो ये बयान सीधे-सीधे हिन्दुओं और यादवों के संदर्भ में दे रहे थे। बीजेपी ने माँग की कि सीएम केसीआर बिना शर्त हिंदुओं से, खास तौर पर यादवों से माफी माँगे।”

बलात्कारियों को 21 दिनों में हो फांसी, 11 दिसंबर को आंध्र प्रदेश सरकार लाएगी इसके लिए बिल

Hyderabad Encounter को लेकर जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री KCR की तारीफ की, कही यह बात...
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आंध्रप्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार एक बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें बलात्कार (Rape) के दोषियों को 21 दिनों में फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 11 दिसंबर को इस बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर सकती है
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी हैदराबाद की पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) और उसकी हत्या के चार आरोपियों के कथित मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर भी तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना पुलिस की प्रशंसा कर चुके हैं
हैदराबाद गैंगरेप के बाद जगनमोहन रेड्डी ने कड़ा कानून लाने की कही थी बात
जगनमोहन रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार के मामलों की त्वरित सुनवाई और उपयुक्त सजा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कानून बनाने के लिए विधानसभा के वर्तमान सत्र में एक विधेयक लाएगी

उन्होंने विधानसभा में अपने भावुक भाषण में ऐसे कठोर कानूनों की वकालत की जो महिलाओं के खिलाफ अपराध (Crime Against Women) से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई और मिसाल दिये जाने योग्य सजा सुनिश्चित करेगी
एनकाउंटर के बाद जगन ने कहा था- KCR और तेलंगाना पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने महिला पशु चिकित्सक से गैंगरेप और हत्या के चार आरोपियों के कथित एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे जाने को लेकर तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव (KCR) और पुलिस की प्रशंसा की

जगन ने कहा था, 'दो बेटियों का पिता होने के नाते इस घटना से मुझे बहुत पीड़ा हुई। पिता के तौर पर मुझे ऐसी घटनाओं पर क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए? किस तरह की सजा अभिभावक (Guardian) को राहत देगी। हमें उसके बारे में सोचना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'घटना हुई। मीडिया ने दिखाया कि गलत हुआ। बाद में तेलंगाना सरकार ने जवाब दिया। KCR और तेलंगाना के पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम।'
जगनमोहन ने मानवाधिकार की बात करने वालों पर भी साधा था निशाना
जगनमोहन रेड्डी ने मानवाधिकार का शोर मचाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा, 'जब किसी फिल्म में नायक मुठभेड़ में किसी को मारता है तो हम सभी तालिया बजाते हैं और कहते हैं कि फिल्म अच्छी है।' उन्होंने कहा, '(लेकिन) यदि कोई साहसिक व्यक्ति असल जिंदगी में वही करता है.... तो कोई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नाम पर दिल्ली से आएगा। वह कहेगा कि यह गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए।वह सवाल उठाता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।' उन्होंने कहा, 'हम देखते हैं कि ऐसे सवाल उठ रहे हैं। हमारे कानून ऐसी दयनीय दशा में हैं।' 

हमेशा मानवाधिकार पीड़ित और उसके परिवार की मान-मर्यादा को दरकिनार कर आरोपी के ही पक्ष में क्यों खड़ा होता है? क्या पीड़ित का कोई मानवाधिकार नहीं? सभी को मानवाधिकार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद कर इसी के अस्तित्व को नकारना होगा। (एजेंसीज इनपुट्स) 

'मोदी के पालतू कुत्ते' हैं केसीआर और जगनमोहन रेड्डी : चंद्रबाबू नायडू, आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री

ChandraBabu Naidu
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आज नेताओं में इतना अधिक आक्रोश और संकुचित सोंच हो गयी है, कि इनके भाषण सुनने पर कई बार तो अब यह सोंचना पड़ता है कि बोलने वाला जनता हितैषी या कोई मवाली? जम्मू-कश्मीर में अब्दुल्ला परिवार और महबूबा मुफ़्ती अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के विरुद्ध भड़काऊ भाषण दे रहे हैं, तो जम्मू-कश्मीर से बाहर दूसरे नेता भी कम नहीं। क्या ऐसी अशोभनीय भाषा बोलने वाले नेताओं के हाथ देश अथवा प्रदेश की बाग़डोर देना हितकारी हो सकती है? क्यों नहीं ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाए? जनता को चाहिए ऐसे नेताओं को एक भी वोट ना दी जाए। 
आभास होता है कि मोदी विरोध में अधिकतर नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। भारत में चुनाव पहले भी होते थे, तब विरोधी केवल नीतिगत एवं तर्कपूर्ण तथ्यों पर लड़ाई लड़ते थे, परन्तु आज अब पिछले कुछ चुनावों से विरोधी अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर पता नहीं किस संस्कृति का पालन कर भारतीय संस्कृति को ही नहीं, अपितु अपने माता-पिता एवं पूर्वजों को भी बदनाम कर, पता नहीं ऐसे नेता देश को किस पाताललोक में लेकर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का विरोध करने को बहुत मुद्दे हैं, लेकिन उस ओर किसी का लेशमात्र भी ध्यान नहीं। जिस तरह दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का विरोध करने को दस-बीस नहीं हज़ारों कारण हैं, लेकिन कोई नहीं बोलता, क्योकि सभी नेताओं एवं पार्टियों का उसमे निजी स्वार्थ छुपा है, जिसे जनमानस समझ नहीं पाता।      
अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बयान देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अप्रैल 8 को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी और टीआरएस के अध्यक्ष व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को 'मोदी का पालतू कुत्ते' कहा है। मचिलीपटनम में अप्रैल 8 को एक रैली को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा, 'बेशर्म जगनमोहन रेड्डी कत्ते के बिस्किट खा रहे हैं। वह ये बिस्किट हमें भी बांट रहे हैं। जगनमोहन और केसीआर मोदी के पालतू कुत्ते हैं, जो एक बिस्किट के लिए अपने घुटनों पर बैठे रहेंगे। होशियार रहिए, जगन ये बिस्किट आपको भी देने की कोशिश करेंगे।'
चंद्रबाबू नायडू ने बीजेपी और टीआरएस पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को फंड देने का आरोप भी लगाया और कहा कि करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद भी राज्य में उन्हें वोट नहीं मिलेगा। चंद्रबाबू नायडू  ने जगनमोहन रेड्डी को फंडिंग की  बात करते हुए कहा, 'मोदी और केसीआर ने 1000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। केसीआर तुमने ये पैसे क्यों खर्च किए? तुम अपने राज्य का पैसा हमारे यहां क्यों खर्च कर रहे हो। एक हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद यहां से तुम्हें एक भी वोट नहीं मिलने वाला। हमारे लोग तुमसे बहुत नाराज हैं।'
गौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू ने ऐसे समय में ये विवादित टिप्पणी की है जब राज्य में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सियासी गर्मी उच्चतम स्तर पर है। 11 अप्रैल को आंध्र प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होने जा रही है। मतगणना 23 मई को होगी।

"केसीआर का मतलब खाओ कमीशन राव" --राहुल गाँधी

 Khao Commission Rao: Rahul Gandhis Scathing Attack On KCR
तेलंगाना से आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकर 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना में चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री के चेंद्रशखर राव पर जोरदार हमला किया। राहुल ने केसीआर पर किसान और जनजातीय विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूंजीवादी मित्रों की मदद के लिए किसानों और जनजातियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा तो ताख पर रख दिया। राहुल ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर का मतलब समझाते हुए कहा कि KCR का मतलब 'खाओ कमीशन राव' है।
"केसीआर का मतलब खाओ कमीशन राव "
उन्होंने कहा कि केसीआर ने तेलंगाना की कीमत पर अपने परिवार को आगे बढ़ाया। राहुल ने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेसनीत गठबंधन पहले तेलंगाना में टीआरएस को और फिर केंद्र में मोदी सरकार को उखाड़ फेकेगी। निजामाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि केसीआर ने बस एक ही काम किया कि उन्होंने कांग्रेस सरकार की पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर उसकी कीमत बढ़ा दी और अपने लिए कमीशन जुटा लिया। केसीआर का मतलब 'खाओ कमीशन राव।' है। उन्होंने कहा कि केसीआर जिस तरह से मोदी और आरएसएस के सभी कदमों को अपना रहे हैं उन्हें अपनी पार्टी टीआरएस का नाम बदलकर 'टी-आरएसएस' रख लेना चाहिए।
टीआरएस का नाम बदलकर 'टी-आरएसएस' रख लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केसीआर का सिर्फ एक ही मकसद है तेलंगाना में अपने परिवार का और दिल्ली में मोदी सरकार को सुनिश्चित करना। उन्होंने केसीआर के बेटे केटी रामाराव की संपत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में उनकी 29 लाख रुपए थी और साल 2018 में संपत्ति बढ़कर करीब 74 लाख रुपए हो गई। उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि जब केसीआर मुख्यमंत्री बने तो तेलंगाना का अधिशेष 17 हजार करोड़ रुपए था, लेकिन आज वो 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज के बोझ से दबा है। केसीआर के शासन में 4,500 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की।
लेकिन राहुल ने यह नहीं बताया कि जब केन्द्र में 10 साल उनकी सरकार थी, इस दौरान कितने किसानों ने देश भर में आत्महत्या की थी? कितने किसानों के क़र्ज़ माफ़ किये गए? सत्ता में आने पर उनकी और परिवारजनों की आय में कितनी बढ़ोतरी हुई? जिनके घर शीशे के होते हैं, दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकते। 
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी सरकार सत्ता में आने के बाद किसानों की कर्ज माफी करेगी। वहीं तेलंगाना में अनुसूचित जनजाति की आबादी के अनुपात में उनके उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों और सरकारी शैक्षिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण देने का भरोसा दिलाया।

अनुसूचित जनजातियों, मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने की कोशिशें जारी रहेगी--कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य में मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने के टीआरएस सरकार के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोला. दिचपल्ली में एक चुनावी रैली के दौरान राव ने कहा कि वह अनुसूचित जनजातियों एवं मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे. 
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुस्लिमों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी पार्टी कभी भी धर्म आधारित आरक्षण की इजाजत नहीं देगी क्योंकि यह असंवैधानिक है.
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टीआरएस केंद्र के आगे हाथ नहीं फैलाएगी’ 
अमित शाह की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए राव ने कहा कि टीआरएस केंद्र के आगे हाथ नहीं फैलाएगी और अगले लोकसभा चुनावों के बाद बीजेपी सत्तामें नहीं रहेगी. 

राव ने कहा कि अगले चुनावों में टीआरएस को लोकसभा की 16 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी क्योंकि एआईएमआईएम अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी (हैदराबाद सांसद के तौर पर) का जीतना तय है. 
इससे पहले शाह ने परकल और निर्मल में चुनाव प्रचार रैलियों के दौरान आरक्षण के मुद्दे को लेकर हमला बोला था. राज्य में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. 
जिस पार्टी को देखो केवल मुस्लिम और अनुसूचित जनजातियों की बात करता नज़र आता है, कोई हिन्दुओं और सवर्णों की बात ही नहीं करता, वोट इनके भी चाहिए। क्या ऐसे नेताओं और पार्टियों को वोट देनी चाहिए?   

KCR 'insecure', walking the same path as Congress: PM Modi in Telangana

PM Modi was addressing a poll rally in Nizamabad ahead of the December 7 Assembly elections. (Photo: ANI/Twitter)
Addressing his first poll rally in Telangana ahead of the December 7 elections, Prime Minister Narendra Modi attacked caretaker Chief Minister K Chandrashekhar Rao by saying that he was walking on the same path as the Congress party. 
"Telangana chief minister and his family think they can rule without doing any work like the Congress did for years," said Modi at the poll rally. 
He added, "The chief minister of this state is walking on Congress' path. He thinks that if Congress can win elections without doing anything, he too can do it. But he must know that youth of the state are aware of the ground realities."
He also accused the TRS and Congress of perpetuating family rule. "TRS and Congress are family-ruled parties playing a friendly match in Telangana polls," he said.
Speaking about Nizamabad, from where he was addressing the rally, Modi said, "The CM had said he will transform Nizamabad into London city. But look at the condition of this region. The place lacks basic facilities like water, roads and power."
PM Modi also rapped the TRS government in regards to the Ayushmaan Bharat scheme which was launched in September to provide medical facilities on a massive scale to the poor. 
However, the Telangana govt had said that it won't implement the scheme, for now, citing an already existing state scheme.
"Telangana CM did not join Ayushman Bharat scheme because he feels insecure. The scheme was launched two months ago and three lakh families have availed its benefits. Serious operations have been done, people's lives have been saved. Yet, not a single person from Telangana has availed its benefits.Your CM is responsible for it," said PM Modi. 
Amid reports that the Congress was preparing a manifesto that would envisage separate schools and hospitals for Muslims, Modi said the only Mantra that the BJP followed was "Sabka Saath, Sabka Vikas" and was against vote bank politics.  Though indirectly Telengana former Chief Minister has accepted his defeat when he says "on loosing power, I will rest." means neither he nor his government done nothing in public welfare. He has no car but his properties increased by141 percent.