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महाराष्ट्र : रोज गायब होती हैं 105 महिलाएँ, 95.6% का होता है यौन शोषण- NCRB

                                      चित्र साभार: Homegrown
हाल ही में संजय राउत ने कंगना रनौत को ‘हरामखोर’ कह कर संबोधित किया था। एक महिला पर ऐसी अभद्र टिप्पणी के चलते संजय राउत की जम कर आलोचना हुई थी। लोगों का कहना था कि जब राज्य के सत्ताधीश ही महिलाओं को लेकर ये नजरिया रखते हैं तो फिर महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में वो कैसे कार्यवाही करेंगे? वहीं हाथरस पर महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियाँ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस – सभी भाजपा पर हमलावर थीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान कितना कारगर है, यह राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो(NCRB) के आंकड़ों से उजागर होता है।  

महाराष्ट्र में महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और राज्य की तीनों सत्ताधारी पार्टियाँ दूसरे राज्यों में हो रही घटनाओं पर बयान देते नहीं तक रही। NCRB के आँकड़े कहते हैं कि महाराष्ट्र में रोज 105 महिलाएँ रोज गायब होती हैं और हर सप्ताह 17 महिलाओं की तस्करी की जाती है, उनका यौन शोषण होता है। अगर अन्य राज्यों के साथ तुलना करें तो महाराष्ट्र में महिलाओं के गायब होने और उनके तस्करी होने की घटनाएँ सबसे ज्यादा हैं।

इसके बाद मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है। महाराष्ट्र में तस्करी के जो 989 मामले दर्ज किए गए, उनमें से 88% महिलाएँ हैं और 6% बच्चे हैं। बंधुआ मजदूर बनाने के लिए, शरीर के अंगों को निकाल कर बेचने के लिए, ड्रग्स तस्करी के लिए, यौन शोषण के लिए और जबरदस्ती शादी के लिए महिलाओं की तस्करी की जाती है। अगर महाराष्ट्र की बात करें तो वहाँ गायब महिलाओं में से 95.6% महिलाओं को जबरन वेश्यावृत्ति में धकेल कर उनका यौन शोषण करने के लिए तस्करी की जाती है।

सबसे बड़ी बात तो ये है कि साल दर साल ये आँकड़े बढ़ते ही दिख रहे हैं क्योंकि 2019 में 2018 के मुकाबले ऐसे मामलों में 13% की वृद्धि देखी गई। 2018 में तो बच्चों की तस्करी के मामले में राज्य भारत के शीर्ष 10 राज्यों में था भी नहीं। लेकिन, अब ये चौथे नंबर पर आ गया है। एक साल में कुल 4562 बच्चे गायब कर दिए गए। इनमें से आधी से ज्यादा, 55% लड़कियाँ थीं। बावजूद इसके इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मुंबई, पुणे और नागपुर में महाराष्ट्र के 3 बड़े शहर हैं और इन तीनों में कई बड़े रेड लाइट क्षेत्र हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये क्षेत्र अब लड़कियों को गायब कर के उन्हें वेश्यावृत्ति की ओर धकेलने के लिए एक माध्यम बन गए हैं। राज्य में इन मेट्रो सिटीज के अलावा कई अन्य शहरों में भी छोटे और माध्यम रेड लाइट एरियाज की भरमार है। और राज्य में ऐसे क्षेत्रों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

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राजस्थान: 2 नाबालिग बहनों को 4 युवकों ने गैंगरेप के बाद पहाड़ियों पर फेंका

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‘मुंबई मिरर’ की खबर के अनुसार, अपहरण और उठाईगिरी के मामले में पूरे देश के मामलों में 0.7% की मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन महाराष्ट्र में ये मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। 2019 में अपहरण के मामलों में महाराष्ट्र काफी ऊपर रहा और पिछले साल के मुकाबले ये संख्या 1.3% बढ़ ही गई। जहाँ मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं या विकास के मौके नहीं हैं, उन क्षेत्रों में तस्कर सबसे ज्यादा निशाना बना रहे हैं।

चीन : मुस्लिम औरतों के गर्भाशय में यंत्र फिट कर हजारों का जबरन गर्भपात, ड्रग्स देकर रोके पीरियड्स

चीन, उइगर महिला
उइगर मुस्लिम महिलाओं द्वारा इस तरह के रैंप शो करवा कर दुनियां से अत्याचार छुपाने का प्रयास  
चीन में करीब 20 लाख उइगर मुसलमान डिटेंशन कैम्प्स में रखे गए हैं। उनके परिवारों पर सरकारी अधिकारी निगरानी रखते हैं। अब पता चला है कि उइगर महिलाओं का जबरदस्ती गर्भपात करा दिया जाता है।
चीन में करीब 20 लाख उइगर मुसलमान डिटेंशन कैम्प्स में रखे गए हैं। उनके परिवारों पर सरकारी अधिकारी निगरानी रखते हैं। अब पता चला है कि उइगर महिलाओं का जबरदस्ती गर्भपात करा दिया जाता है।
उइगर महिलाओं का नियमित रूप से प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया जाता है। साथ ही उनके गर्भाशय में यंत्र फिट कर दिए जाते हैं। हज़ारों महिलाओं का जबरन गर्भपात कराए जाने की भी ख़बर सामने आई है। कहा जा रहा है कि अब तक लाखों महिलाओं के साथ ये सब कुछ किया जा चुका है। जहाँ पूरे चीन में गर्भपात की संख्या घटती जा रही है, शिनजियांग में इसमें जबरदस्त वृद्धि आई है।
उइगर मुसलमानों में जिन लोगों के ज्यादा बच्चे होते हैं, उन्हें चीन जबरदस्ती प्रताड़ना कैम्पों में ठूँस देता है। जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं, उन माता-पिता के बच्चों को उनसे दूर कर दिया जाता है। उन्हें भारी धनराशि जमा करवाई जाती है। बिलखते माता-पिता अपने बच्चों से दूर उन्हें खोजने में लगे रहते हैं। साथ ही पुलिस ऐसे लोगों के घर पर छापेमारी करती है और बच्चों तक को भी उठा कर ले जाती है।
कजाखस्तानी मूल की एक उइगर मुस्लिम महिला गुलनार ओमिरजाख ने जैसे ही अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया, चीन की कम्युनिस्ट सरकार को इसकी भनक लग गई। इसके बाद अधिकारियों और मेडिकल टीम भेज कर उसके गर्भाशय में IUD में गर्भनिरोधक यंत्र डाल दिए गए। इसके 2 साल बाद जनवरी 2018 में चीनी अधिकारी उसके पास फिर पहुँचे और तीन बच्चे पैदा करने के लिए 2 लाख रुपए की धनराशि दंडस्वरूप देने को कहा। इसके लिए उन्हें मात्र 3 दिनों का समय दिया गया।
ऐसा नहीं करने पर महिला को धमकी दी गई कि उसे और उसके पति को लाखों दूसरे उइगर मुसलमानों की तरह प्रताड़ना कैम्पों में डाल दिया जाएगा। शिनजियांग में डर का आलम ये है कि मात्र 1 साल में बच्चों के जन्म की दर 24% घट गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ये औसत काफ़ी कम, मात्र 4.2% ही है।
‘द एसोसिएट प्रेस’ के अनुसार, शिजियांग सबसे ज्यादा जन्म दर वाला क्षेत्र हुआ करता था, लेकिन सरकार द्वारा करोड़ों डॉलर फूँकने के बाद यहाँ जन्म दर काफ़ी तेज़ी से घट रहा है।
चीन में अल्पसंख्यक क्षेत्रों का अध्ययन करने वाले जेंग ने कहा कि इस तरह की गिरावट शायद ही कहीं देखी जाती है। ये एक बड़े ‘बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम’ का हिस्सा है, जिसे चीन कि कम्युनिस्ट सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। इसमें स्वेच्छा के लिए कोई जगह नहीं है और अत्याचार पर ही सारी प्रक्रिया आधारित है। 2014 मे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शिनजियांग दौरे के साथ ही वहाँ ‘बर्थ कंट्रोल’ वाला प्रोग्राम तय कर लिया गया था।
चीन सरकार समर्थक विशेषज्ञों का कहना है कि बम ब्लास्ट, चाकूबाजी और अन्य प्रकार के हमलों के अलावा आतंकी हमलों के लिए भी शिनजियांग के उइगर मुसलमान ही दोषी हैं।
शिनजियांग अकादमी ऑफ सोशल साइन्सेज का कहना है कि चीन मे गरीबी और कट्टरता के लिए यही उइगर मुसलमान जिम्मेदार हैं, इसीलिए इनके बच्चे पैदा करने कि दर को कम करना जरूरी है। अन्य विशेषज्ञ इसे उइगर मुसलमानों को उनकी पहचान से दूर करने और उनकी जनसंख्या कम करने के इरादे को कारण बताते हैं।

यूके के न्यूकासल यूनिवर्सिटी के जाऊन स्मिथ फिनली का कहना है कि ये एक ऐसा नरसंहार है, जिसकी प्रक्रिया को एकदम धीमा रखा गया है। उन्होंने कहा कि उइगर मुसलमानों कि जनेटिक जनसंख्या कम करने के लिए ये सब किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी गर्भवती महिलाओं और बच्चों को खोजने के लिए उइगर मुसलमानों के घर-घर जाकर चेक करते हैं। चीन सरकार ने स्पेशल कमरे बनाए हैं, जहां अल्ट्रासाउन्ड स्कैनर्स लगे गए हैं।

साथ ही उइगर मुस्लिम महिलाओं का जबरन गायनोकोलॉजी टेस्ट कराया जाता है। ट्रैक्टर ड्राइवर अबदुशुकुर उमर को 7 साल कि सजा दी गई, क्योंकि उनके 7 बच्चे थे। साथ ही चीन हान समुदाय और उइगर मुसलमानों के बीच अन्तर्जातीय विवाह पर भी जोर दे रहा है, ताकि वहाँ कि डेमोग्राफी बदली जाए। महिलाओं को जबरन ऐसे लेक्चरों मे हिस्सा लेने कहा जाता है, जहाँ बच्चे न पैदा करने की सलाह दी जाती है।
7 ऐसी ही पीड़ित उइगर मुस्लिम महिलाओं ने खुलासा किया है कि उन्हें बर्थ कंट्रोल पिल खिलाए गए और इंजेक्शन दिए गए। महिलाओं को इन दवाओं के कारण आलस, थकान और बेहोशी जैसी हालत हो गई। इसके बाद उन महिलाओं के पीरियड्स आने ही बंद हो गए। जब हिरासत और प्रताड़ना कैंपों से निकल कर ये महिलाएँ किसी तरह चीन से बाहर निकलने में कामयाब हुई और उन्होंने मेडिकल टेस्ट कराया तो पाया कि उन्हें ड्रग्स देकर बाँझ बना दिया गया है।
हालाँकि, जम्मू-कश्मीर में डेमोग्राफी और अत्याचार का रोना रोने वाले वहाँ कि जनता के झूठे ठेकेदारों के पास चीन के खिलाफ बोलने के लिए हिम्मत नहीं है, क्योंकि उन्हें अपना उल्लू सीधा करना है। इन इस्लामी कट्टरपंथियों ने आज तक लाखों उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार पर एक शब्द नहीं कहा। जबकि जम्मू-कश्मीर में सारी चीजें लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के तहत होती है। वहाँ लोगों को शेष भारत से ज्यादा ही सुविधाएँ और अधिकार मिलते रहे हैं।
इससे पहले ख़बर आई थी कि चीनी उइगर मुस्लिमों की पत्नियों के साथ उसी बिस्तर पर सोते हैं। उइगर मुस्लिम परिवारों के लिए नियम बनाया गया है कि वो नियमित रूप से चीनी अधिकारियों को अपने घर पर आमंत्रित करें और अपने मजहबी और राजनीतिक विचारों से उन्हें अवगत कराएँ। ये चीनी सम्बन्धी उइगर मुस्लिमों के परिवारों को चीन की क्षेत्रीय नीति और चीनी भाषा की शिक्षा देते हैं। वो अपने साथ शराब और सूअर का माँस लाते हैं, और मुस्लिमों को जबरन खिलाते हैं। 

बलात्कारियों को 21 दिनों में हो फांसी, 11 दिसंबर को आंध्र प्रदेश सरकार लाएगी इसके लिए बिल

Hyderabad Encounter को लेकर जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री KCR की तारीफ की, कही यह बात...
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आंध्रप्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार एक बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें बलात्कार (Rape) के दोषियों को 21 दिनों में फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 11 दिसंबर को इस बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर सकती है
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी हैदराबाद की पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) और उसकी हत्या के चार आरोपियों के कथित मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर भी तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना पुलिस की प्रशंसा कर चुके हैं
हैदराबाद गैंगरेप के बाद जगनमोहन रेड्डी ने कड़ा कानून लाने की कही थी बात
जगनमोहन रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार के मामलों की त्वरित सुनवाई और उपयुक्त सजा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कानून बनाने के लिए विधानसभा के वर्तमान सत्र में एक विधेयक लाएगी

उन्होंने विधानसभा में अपने भावुक भाषण में ऐसे कठोर कानूनों की वकालत की जो महिलाओं के खिलाफ अपराध (Crime Against Women) से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई और मिसाल दिये जाने योग्य सजा सुनिश्चित करेगी
एनकाउंटर के बाद जगन ने कहा था- KCR और तेलंगाना पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने महिला पशु चिकित्सक से गैंगरेप और हत्या के चार आरोपियों के कथित एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे जाने को लेकर तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव (KCR) और पुलिस की प्रशंसा की

जगन ने कहा था, 'दो बेटियों का पिता होने के नाते इस घटना से मुझे बहुत पीड़ा हुई। पिता के तौर पर मुझे ऐसी घटनाओं पर क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए? किस तरह की सजा अभिभावक (Guardian) को राहत देगी। हमें उसके बारे में सोचना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'घटना हुई। मीडिया ने दिखाया कि गलत हुआ। बाद में तेलंगाना सरकार ने जवाब दिया। KCR और तेलंगाना के पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम।'
जगनमोहन ने मानवाधिकार की बात करने वालों पर भी साधा था निशाना
जगनमोहन रेड्डी ने मानवाधिकार का शोर मचाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा, 'जब किसी फिल्म में नायक मुठभेड़ में किसी को मारता है तो हम सभी तालिया बजाते हैं और कहते हैं कि फिल्म अच्छी है।' उन्होंने कहा, '(लेकिन) यदि कोई साहसिक व्यक्ति असल जिंदगी में वही करता है.... तो कोई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नाम पर दिल्ली से आएगा। वह कहेगा कि यह गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए।वह सवाल उठाता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।' उन्होंने कहा, 'हम देखते हैं कि ऐसे सवाल उठ रहे हैं। हमारे कानून ऐसी दयनीय दशा में हैं।' 

हमेशा मानवाधिकार पीड़ित और उसके परिवार की मान-मर्यादा को दरकिनार कर आरोपी के ही पक्ष में क्यों खड़ा होता है? क्या पीड़ित का कोई मानवाधिकार नहीं? सभी को मानवाधिकार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद कर इसी के अस्तित्व को नकारना होगा। (एजेंसीज इनपुट्स) 

वे सब उसी तरह से जलें, जैसे उन सबने मेरी बेटी को जलाया: डॉ. रेड्डी की माँ

रेप, हत्याहैदराबाद के शादनगर इलाके में हुई वेटरिनरी डॉक्टर रेड्डी (बदला हुआ नाम) से रेप और हत्या की नृशंस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लेकिन #metoo, #mob lynching, #not in my name, #intolerence और #awardvapsi आदि गैंग गायब है, शायद किसी पारिवारिक शोक में डूबे होंगे। जबकि सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पीड़‍िता डॉक्‍टर के हत्‍यारे को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग उठ रही है। इसको लेकर पीड़िता की माँ ने कहा है कि उनकी बेटी बहुत मासूम थी। वो चाहती हैं कि आरोपितों को उसी तरह से जलाया जाए जिस तरह से उनकी बेटी को जलाया गया था।
Related imageआजतक टीवी को दिए एक इंटरव्यू पीड़िता की माँ कहती है : “मैं चाहती हूँ कि वे उसी तरह से जले, जैसे उसने मेरी बेटी को जलाया।” वो प्रीति रेड्डी के साथ हुई आखिरी बातचीत को याद करके भावुक हो जाती हैं और कहती हैं: “आखिरी बार जब उसने मुझसे बात की थी, तो वो रास्ते में थी। उसने मुझसे फल काटकर रखने के लिए कहा था। उसने कहा था कि उसे बहुत भूख लगी है। इस दौरान उसने मुझे स्कूटी के टायर पंक्चर होने की बात नहीं कही थी। मैं खाना तैयार करके उसके घर आने का इंतजार कर रही थी।”
डॉ. रेड्डी के पिता ने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जब से ये घटना घटी है, उनका परिवार सो नहीं पाया है। वो कहते हैं, “पुलिस अगले दिन सुबह 10 बजे शव की पहचान करने के लिए हमें ले गई। मैंने तुरंत अपनी बेटी के जले हुए शरीर के कुछ हिस्सों और आसपास पड़ी कुछ वस्तुओं को देखकर पहचान लिया। पुलिस को सुबह 7:30 बजे ही इसके बारे में पता चल गया था, लेकिन उन्होंने हमें सूचित करने की जहमत नहीं उठाई।”
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पीड़िता के पिता कहते हैं कि लोग उन्हें बताते हैं कि उसे (डॉ. रेड्डी) 100 पर पुलिस को बुलाना चाहिए था। 100 नंबर कॉल करने के लिए बहुत सारे दिशा-निर्देश का पालन करना पड़ता है। उन्होंने रोष जाहिर करते हुए सवाल किया, “तेलंगाना में एक व्यक्ति का नाम बताएँ, जिसे 100 डायल करने के बाद बचाया गया हो।”
वो पुरानी बातों को याद करते हुए कहते हैं, “उनकी बेटी अपने सपने को हासिल करने के लिए दिन में 14 घंटे पढ़ती थीं। उसने अपना सपना पूरा कर लिया था। वह रोजाना 14 घंटे पढ़ाई करती थी और फिर उसे नौकरी मिल गई। उसने 3 साल तक जॉब की और फिर उसकी मौत हो गई।”
Image result for dr priyanka reddyपिता अभी भी अपनी बेटी की हत्या करने वाले बलात्कारियों और दोषियों को मौत के घाट उतारने के आह्वान से सहमत नहीं है। वह कहते हैं, “सरकार को कार्रवाई करने के लिए एक होना चाहिए। अगर इसे जनता पर छोड़ दिया जाता है, तो यह पूरे देश में एक कानून और व्यवस्था बन जाएगा। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानून बनाएँ।”
इससे पहले आरोपितों के परिवारों ने साफ कहा था कि उनके बेटों को अगर मौत की सजा दी जाती है तो वे विरोध नहीं करेंगे। एक आरोपित के परिवार की ओर से कहा गया कि जो अपराध उन्होंने किया उसके लिए उन्हें या तो फाँसी दी जानी चाहिए या फिर जिंदा ही जला देना चाहिए। आरोपित सी चेन्ना केशवुलु की माँ ने स्थानीय मीडिया से कहा था, “मेरी खुद की भी एक बेटी है, मैं मृतक लड़की के परिवार का दर्द समझ सकती हूँ”। उन्होंने कहा कि इस हैवानियत भरे कृत्य के लिए उनके बेटे को फाँसी दे दी जानी चाहिए या फिर जिंदा जला दिया जाना चाहिए।
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तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने हैदराबाद में डॉक्टर रेड्डी के बलात्कार और हत्या पर दुःख जताया है। मि.....

हैदराबाद में एक वेटेनरी डॉक्टर के तौर पर काम करने वाली डॉ. प्रीति के साथ गैंगरेप करने के बाद आरोपितों ने उन्हें जला दिया था। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंगरेप के दौरान ही दुष्कर्म पीड़िता की मौत हो गई थी। इसके बाद सभी आरोपी डॉ प्रीति के शव को गाड़ी में रखकर रिंग रोड के करीब ले गए, जहाँ कम्बल में लिपटे उनकी लाश को उन सबने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। गिरफ़्तारी के बाद नवम्बर 30 को मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों [मोहम्मद आरिफ (26 साल), जोल्लू शिवा (20 साल), जोल्लू नवीन कुमार (20 साल), चिन्ताकुट्टा चेन्ना केशवुलु (21 साल)] को 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया।

पंजाब : कांग्रेस पार्षद के भाई ने की महिला की बेरहमी से पिटाई

पंजाब के मुक्तसर से हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें एक महिला की बड़ी बेरहमी से पिटाई की जा रही है। कांग्रेस पार्षद राकेश चौधरी के भाई और उसके सहयोगियों ने पैसे उधार देने के मामले में महिला से पिटाई की। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी मनजीत ढेसी का कहना है, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, हमने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' 
महिला की पिटाई का ये वीडियो आपको परेशान कर सकता है। पहले वे महिला के बाल खींचकर उसके घर से बाहर लाते हैं और फिर बीच सड़क पर मारना शुरू करते हैं। वे महिला को लातों से, बेल्ट से मारते हैं और धक्के देते हैं।

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Muktsar: Woman thrashed by brother of Congress Councillor Rakesh Chaudhary and his aides over a money lending issue. SSP Manjeet Dhesi says 'This is an extremely unfortunate incident, we have arrested 6 ppl and will push for severe punishment.Victim admitted to hospital'