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आंध्र प्रदेश : जगन रेड्डी की एक और तुष्टिकरण योजना : ‘ईसाइयों और मुस्लिमों को फ्री ड्रोन पायलट ट्रेनिंग और प्लेसमेंट’

                                                          बीजेपी नेता के द्वारा शेयर किया गया पोस्टर
आंध्र प्रदेश की वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने एक ड्रोन पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसको लेकर राज्य भाजपा महासचिव विष्णु वर्धन रेड्डी ने निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर के जरिए बताया कि कैसे वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने कथित तौर पर केवल दो अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के लिए ही ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

भाजपा नेता द्वारा साझा किए गए पोस्टर के अनुसार, आंध्र प्रदेश में ड्रोन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीआईटी) द्वारा पाठ्यक्रम की पेशकश की जा रही है। ऑफ़लाइन पाठ्यक्रम के कैंडिडेट वाले विज्ञापन में केवल ईसाई और मुस्लिम उम्मीदवारों को ही फ्री ट्रेनिंग और प्लेसमेंट देने की बात कही गई है।

आंध्र के सीएम के हिन्दू विरोधी पूर्वाग्रह पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने ट्वीट किया, “संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है फिर आंध्र प्रदेश सीएम ने विशेष रूप से केवल 2 समुदायों के छात्रों के लिए प्रशिक्षण क्यों रखा है? इससे सांप्रदायिक तनाव हो सकता है, आंध्र सरकार हमारे छात्रों के साथ बहुत गंदी राजनीति कर रही है। उन्हें यह फैसला वापस लेना चाहिए।”

जिस पोस्टर को भाजपा नेता ने शेयर किया है उसमें देखा जा सकता है कि आंध्र प्रदेश के प्रतीक के साथ सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी की तस्वीर है। इसमें मोटे अक्षरों में उल्लेख किया गया है कि पाठ्यक्रम को ड्रोन उड़ान में मुफ्त प्रशिक्षण और बाद में मुफ्त प्लेसमेंट की पेशकश केवल ईसाइयों और मुसलमानों के लिए की गई है। इसमें दो नंबर भी पूछताछ के लिए दिए गए हैं, जिस पर ऑपइंडिया ने कॉल किया तो वो पहुँच से बाहर थे।

लंबे वक्त से विपक्षी पार्टियाँ ईसाई समुदाय से आने वाले वाईएस जगन रेड्डी पर ईसाईयों पर जमकर खर्च करने का आरोप लगाती रही हैं। आरोप है कि जब से जगन मोहन रेड्डी राज्य के सीएम बने थे, तभी से वो धर्मान्तरण को प्रमोट करते रहे हैं। आंध्र के सीएम का हिन्दू विरोधी पूर्वाग्रह और धर्मान्तरण पर उनका नरम रुख अल्पसंख्यक तुष्टिकरण को बढ़ाता है। विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जाहिर की है।

पिछले साल ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर राज्य में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के जबरन धर्मान्तरण के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट माँगी थी। एनसीएससी ने ये संज्ञान हिन्दू कानूनी-कार्यकर्ता समूह ‘कानूनी अधिकार संरक्षण मंच’ और एससी-एसटी अधिकार मंच, व एक एनजीओ के जनवरी 2020 के पत्र के बाद लिया था।

इसी तरह से 2019 में जगन सरकार ने 3 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले लोगों के लिए यरुशलम जाने वाले ईसाई तीर्थयात्रियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 40,000 रुपए से बढ़ाकर 60,000 रुपए कर दिया था। वहीं सालाना 3 लाख रुपए से अधिक कमाने वालों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 30,000 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने अगस्त 2019 में ईसाई पादरियों को प्रति माह 5,000 रुपए का मानदेय देने का ऐलान किया था।

2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य में ईसाइयों की संख्या कुल आबादी का लगभग 1.4% है, हालाँकि, धर्मान्तरण के कारण अब ये संख्या अधिक होने का अनुमान है।

हैदराबाद : ‘तुम्हारी मुंडी घुमाकर तुम्हें सुधार देंगे’ : नायडू के आँसू देख TDP नेता ने दी सत्ताधारी पार्टी को धमकी, पत्रकार को जड़ चुके हैं झापड़

आंध्र प्रदेश विधानसभा में तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की पत्नी का अपमान होने के बाद उनके परिवार में सत्ताधारी पार्टी और उसके नेताओं के ख़िलाफ़ गुस्सा है। ऐसे में नंदमुरी परिवार के साथ हुई नायडू की बैठक के बाद मशहूर एक्टर व टीडीपी विधायक बालाकृष्णा नंदमुरी ने आवेश में बयान दिया है। उन्होंने नायडू की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद YSRCP को धमकाया है। इस कॉन्फ्रेंस में नायडू भावुक होकर रोने लगे थे।

बालाकृष्णा ने कहा, “हम यहाँ चुप नहीं बैठे। अगर तुम नहीं बदले। हम तुम्हारी मुंडी घुमाकर तुम्हें सुधारेंगे। सिर्फ इसलिए क्योंकि तुम्हारे पास बहुमत है। हम तुम्हारी कही कोई भी भी बर्दाश्त नहीं कर लेंगे।” उन्होंने धमकी देते हुए कहा,

“चंद्रबाबू की वजह से ही हम शांत रहे हैं, लेकिन एक हद्द तक। हमें अब उनसे पूछने की जरूरत नहीं है। राज्य जिन मुद्दों का सामना कर रहा है, उनकी बात करें, महिलाओं को राजनीति में न घसीटें। सावधान रहें और जुबान संभाल कर रखें। हम इस तरह की टिप्पणियों को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे, यह अंतिम चेतावनी है।”

सत्ताधारी पार्टी को धमकी देते हुए नंदमुरी रामकृष्णा जूनियर ने कहा कि YSRCP ने अपनी हदों को पार किया है। वह बोले, “निजी मुद्दों पर निजी हमलें न करें। हमारा सब्र न देखें। अगर तुमने हद पार की तो हम भी करेंगे। ऐसे बयान दोबारा न आ जाएँ।”

ऐसे ही नंदमुरी परिवार के अन्य लोगों ने भी नायडू की पत्नी पर हुए हमले की निंदा की। उन लोगों ने वाईएसआरसीपी विधायक गन्नावरम वल्लभनेनी वामसी द्वारा नारा के खिलाफ की गई ‘निंदनीय टिप्पणियों’ पर दुख व्यक्त किया।

साउथ के एक्टर बालाकृष्णा रिश्ते में चंद्रबाबू नायडू के बहनोई लगते हैं। उनका ऐसा धमकाने वाला रवैया पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले साल 2019 में बालाकृष्णा ने चुनाव प्रचार के दौरान वहाँ मौजूद एक पत्रकार को थप्पड़ जड़ दिया था। इसके साथ ही उससे बदतमीजी की थी और गालियाँ देते हुए मारने की धमकी दी थी। पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वह साउथ के मशहूर एक्टर और टीडीपी से विधायक हैं।

आंध्र प्रदेश : मोदी जी ईसाई धर्मांतरण की पोल खोलने वाले सांसद पर अत्याचार क्यों?: अपने ही सांसद के पीछे क्यों जगन की CID

                      आंध्र में ईसाई धर्मांतरण की पोल खोलने वाले MP को 'टॉर्चर' करने की तस्वीरें 
आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस के बागी सांसद रघुराम कृष्णम राजू ने हिरासत में टॉर्चर करने का आरोप सीआईडी पर लगाया है। नर्सापुरम से सांसद राजू को सीआईडी ने 14 मई 2021 को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हें जब मजिस्ट्रेट के पास पेश किया गया तो उनके वकील ने दावा किया कि उन पर पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। इसकी वजह से अब वे चलने में भी सक्षम नहीं हैं।

वकील ने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले ही उनकी बाइपास सर्जरी हुई थी। लिहाजा टॉर्चर किए जाने के बाद उनकी मेडिकल जाँच बेहद जरूरी है। वकील के मुताबिक राजू को 14 मई की रात 11 बजे के करीब उनके गुंटूर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त वे सोने जा रहे थे। अचानक पाँच लोग उनके कमरे में दाखिल हुए। उन लोगों ने रूमाल से अपना चेहरा ढक रखा था। वकील के अनुसार उन्हें सांसद ने बताया कि उन लोगों ने रस्सी से उनके पैर बाँध दिए। इसके बाद एक ने छड़ी से और दूसरे ने रबर की मोटी छड़ी से उनके पैर पर वार किए।

ऐसे में यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि जब सांसदों को सरकारी सुरक्षा मिली होती है, तो जिस समय सांसद पर अत्याचार हो रहा था, सांसद की सुरक्षा कहाँ थी? इस बात की भी जाँच होनी चाहिए। 

टॉर्चर करने के बाद उन लोगों ने उन्हें चलने का आदेश दिया। उन्हें चलता देख दोबारा उन्हें प्रताड़ित किया गया। जब वे चलने में सक्षम नहीं रहे तो उन लोगों ने उन्हें कमरे में छोड़ दिया। मजिस्ट्रेट ने वकील की बातें सुनने के बाद वाई सिक्योरिटी सुरक्षा की मौजूदगी में उनकी मेडिकल जाँच के निर्देश दिए हैं।

सीआईडी के एडिशनल एसपी ने बताया है कि राजू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। YSRCP सांसद कृष्णम राजू आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण में लिप्त ईसाई मिशनरियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। पूर्व में अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से जान का खतरा होने की बात भी वे कह चुके हैं।

राजू की गिरफ्तारी तब हुई है जब उन्होंने 27 अप्रैल को CBI की विशेष अदालत से मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की जमानत रद्द करने की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि जगन मोहन रेड्डी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्हें आईपीसी की धारा 50(2), 124(A), 153 और 505 के तहत नोटिस देने के बाद गिरफ्तार किया गया। राजू के परिजनों ने गिरफ़्तारी का विरोध भी किया। बावजूद उन्हें गिरफ्तार करके गुन्टूर के सीआईडी ऑफिस ले जाया गया।  

ट्विटर पर पायल मेहता नाम की एक यूजर ने कृष्णम राजू की हिरासत की तस्वीरें पोस्ट की हैं जिनमें कृष्णम राजू के पैरों में निशान देखे जा सकते हैं।

राजू ने अपनी ही पार्टी से जान को ख़तरा बताते हुए केन्द्रीय सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने जून 2020 में कहा था कि पार्टी के विधायक और समर्थक लगातार उन्हें जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं और राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है। मई 2020 में एक न्यूज़ डिबेट में उन्होंने कहा था कि आंध्र प्रदेश में मिशनरी के लोग खुलेआम धर्मांतरण हो रहा है।

जब आंध्र प्रदेश में तिरुपति तिरुमला देवस्थानम बोर्ड (TTD) ने मंदिर की संपत्ति को नीलाम करने का निर्णय लिया था तब राजू ने हिन्दुओं की भावनाओं को देखते हुए इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। हाउस-साइट डिस्ट्रीब्यूशन और बालू बेचने में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्होंने मंदिर प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे] जिसके बाद उनकी अपनी ही पार्टी विधायकों के साथ तीखी बहस हुई थी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के होते ईसाईकरण का विरोध करने पर जब एक सांसद को उसी की पार्टी के राज्य में इतनी उत्पीड़िन झेलनी पड़ रही है, आम नागरिक का क्या हाल होता होगा, कल्पना की जा सकती है। अब किसी को कोई असहिष्णुता नज़र नहीं आ रही। कहां है #intolerance गैंग?

आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण के मुद्दे पर राजू ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा था कि प्रदेश में सरकारी आँकड़ों में भले ईसाइयों की संख्या 2.5% बताई जाती है, लेकिन वास्तविकता में यह 25% से कम नहीं है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर साल 2019 में खबर आई थी कि जगन मोहन रेड्डी सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को रफ़्तार देने पर फोकस नहीं है। वह लोगों को मुफ़्त में चीजें देने की नीति पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इससे न सिर्फ़ सार्वजनिक संपत्ति को भारी क्षति पहुँच रही है, बल्कि राज्य में धर्मांतरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

आंध्र प्रदेश : जगनमोहन रेड्डी सरकार पर तिरुपति बालाजी मंदिर से 2 करोड़ रूपए के बालों की तस्करी का आरोप

                                      TDP ने जगनमोहन रेड्डी सरकार पर लगाए आरोप (फोटो साभार : रिपब्लिक)
पूर्व मंत्री और तेलगु देशम पार्टी (TDP) के वरिष्ठ नेता सीएच अयन्ना ने आंध्र प्रदेश की वर्तमान वायएसआर कांग्रेस पार्टी पर तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्तों के द्वारा दान में अर्पित किए गए बालों की अवैध तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में असम रायफल द्वारा लगभग 2 करोड़ रुपए के भक्तों के बाल जब्त किए जाने के बाद यह साफ हो जाता है कि वायएसआर के नेता शराब, सीमेंट और बालू के अतिरिक्त तिरुपति बालाजी के अनन्य भक्तों की श्रद्धा की भी अवैध तस्करी कर रहे हैं।

अयन्ना ने जगनमोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हिन्दुओं की भावनाओं पर भी हमले कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार एक धर्मस्थल की पवित्रता बनाए रखने में भी असमर्थ है।

अयन्ना ने घटना के बारे में बताया कि असम रायफल ने म्यांमार बॉर्डर से तस्करों को पकड़ा जिनके पास से 120 बालों से भरे बंडल बरामद हुए हैं। इनकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए है। ये बाल अवैध रूप से थाईलैंड भेजे जा रहे थे जहाँ से उन्हें प्रोसेस करके चीन भेजा जाता। वहाँ उन बालों से विग का निर्माण किया जाता जो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेच दिया जाता।

अयन्ना ने आगे कहा कि लाखों भक्त देश और विदेश से तिरुपति बालाजी आते हैं। वे यहाँ श्रद्धापूर्वक अपने बाल समर्पित करते हैं। इन बालों की तस्करी होना दुर्भाग्यपूर्ण है और उससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि वायएसआर सरकार लगातार हिन्दुओं के इस पवित्र तीर्थ की मर्यादा को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD-बालाजी मंदिर के ट्रस्ट) ने कहा है कि बालों की तस्करी को टीटीडी से जोड़ना गलत है और ट्रस्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है। ट्रस्ट ई-नीलामी के माध्यम से तिरुपति मंदिर में अर्पित किए गए बालों को बेचता है और यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी है। किन्तु फिर भी यदि कोई कंपनी इस कार्य में संलिप्त है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। हालाँकि, टीटीडी ने किसी खरीदार के द्वारा तस्करी किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया है।

आंध्र प्रदेश में लगातार हो रहे मंदिरों पर हमले: चंद्रबाबू नायडू

                                                   आंध्र प्रदेश में हो रहा मंदिरों पर हमला
आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर बढ़ रहे हमलों के मद्देनजर टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार (सितंबर 22, 2020) को प्रदेश के सीएम पर आरोप लगाया कि इतने मामले आने के बावजूद उन्होंने अभी तक एक भी मंदिर में जाने की ज़हमत नहीं उठाई। 

अपने पार्टी नेताओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम चाहे कोई भी धर्म का अनुसरण करता हो, मगर उसका फर्ज है कि वह हर धर्म के श्रद्धालुओं को समानता और न्याय दें। उन्होंने कहा कि ये आज की सरकार की जिम्मेदारी है वह हर धार्मिक स्थल की रक्षा करें।

आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कई मंदिरों पर हमले के मामले सामने आए हैं। अभी हाल की घटना में उपद्रवियों ने मकापेटा गाँव में प्राचीन काशी विश्वेश्वरा स्वामी मंदिर में नंदी की प्रतिमा को तोड़ दिया था। इसके अलावा मंदिर से आभूषण और कई कीमती चीजें चोरी हुई थी। 

इसी तरह प्रदेश के पूर्वी गोदावरी इलाके में अंतर्वेदी एक तीर्थस्थल है। वहाँ कुछ समय पहले एक 62 साल पुरानी श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा की मूर्ति को जलाकर राख करने का मामला सामने आया था। अजीब बात यह थी जिस समय घटना हुई, उस दौरान सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। इस घटना के उजागर होने के बाद कई हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन किया था और ईसाई मिशनरी ग्रुप्स पर आरोप लगाया था।

नेल्लोर में रथ पर जब हमला हुआ, तो पुलिस ने कहा कि यह काम मानसिक तौर पर अस्थिर इंसान ने किया है। जिस पर चिलकुर मंदिर के डॉ सीएस रंगाराजन ने कहा था कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में संयोजित रूप से हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं।

नेल्लोर के प्रसन्ना वेंकटेश्वर मंदिर में पिछली फरवरी को भी एक रथ जलाया गया था। उसी महीने, गुंटूर जिले के रोम्पीचर्ला गाँव में श्री वेणु गोपाल स्वामी मंदिर में देवताओं की मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया था। इसके अलावा श्री गणेश की मूर्ति भी वहाँ से कथित तौर पर चोरी हो गई थी।

फिर जनवरी में ही, अज्ञात उपद्रवियों ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के पीथापुरम शहर में हिंदू देवी-देवताओं की कई मूर्तियों को तोड़ दिया था। साथ ही उन्होंने उन बैनरों को भी जला दिया, जिन पर हिंदू देवताओं की तस्वीरें छपी थीं।

नायडू ने कल ऐसे ही मामलों का उल्लेख करते हुए वाईएसआरसी पर कई अन्य आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी झूठों की और जालसाजों की है। उनके नेता ब्लैकमेल करने, बरगलाने में माहिर हैं। अपनी पार्टी को सेकुलर कहते हुए कहा जब तक उनकी पार्टी सत्ता में थी उन्होंने हर धार्मिक स्थल की रक्षा की। वहीं वाईएसआरसी सिर्फ़ टीडीपी के ख़िलाफ झूठी जानकारी के साथ अभियान चलाती रही।

नायडू ने इस बात का भी जिक्र किया कि यह शर्म की बात है वाईएसआरसी सांसद, टीडीपी को निशाना साधने के लिए संसद परिसर में बैठें हैं न कि प्रदेश की जनता के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने कभी अपने आंदोलनों में किसानों का मुद्दा नहीं उठाया न कभी केंद्र से सवाल किए। उन्होंने पूर्व मंत्री अत्चन्नािदु को 80 दिन तक जेल में डाले जाने पर सत्ता पक्ष की निंदा की। साथ ही कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने लेबर मिनिस्टर गुम्मानुर जयाराम के ख़िलाफ़ एक्शन नहीं लिया जबकि  ईएसआई स्कैम में उनकी संलिप्ता के पर्याप्त सबूत थे।

ईसाई मिशनरियों के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले सांसद ने राम मंदिर के लिए दिए 4 लाख रूपए, पार्टी के लोगों ने दी थी धमकी

रघुराम कृष्णम राजू, राम मंदिर
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के बागी सांसद रघुराम कृष्णम राजू ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी 3 महीने की सैलरी 3.96 लाख रुपए दान में दिए हैं। उन्होंने सोमवार (जुलाई 20, 2020) को इसकी घोषणा की।
अगस्त 5 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का भूमि-पूजन करेंगे। सांसद रघुराम कृष्णम राजू ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के नाम पत्र लिख कर चेक सौंपा।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मोदी 5 अगस्त की सुबह सुबह 11 बजे अयोध्या पहुँचेंगे। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक अयोध्या में रहेंगे। 5 अगस्त को भूमि पूजन का कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू होगा। विहिप का कहना है कि द्वितीया सह तृतीया तिथि अपने आप में सर्वार्थ सिद्धि योग वाली है। देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी अयोध्या जाएँगे।


सांसद रघुराम कृष्णम राजू ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों हिन्दुओं की तरह वो भी उस क्षण का दर्शन करने को बेताब हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखेंगे और भूमि-पूजन करेंगे। हाल ही में उन्होंने आंध्र प्रदेश में गायों की देखभाल के लिए आवाज़ उठाई थी। सांसद ने मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को पत्र लिख कर राज्य में गोशाला डेवलपमेंट कमिटियों के गठन की माँग की थी।
उन्होंने कहा था कि मंदिरों और कई गैर-सरकारी संगठनों ने गायों की देखभाल का जिम्मा ले रखा है लेकिन उनके गोशालों में गायें मर रही हैं, ऐसे में राज्य में गोशाला कमिटी की ज़रूरत है। उन्होंने गोरक्षा हेतु ऐसा करने की अपील की थी। सांसद रघुराम कृष्णम राजू ने कहा कि ये मुद्दा हिन्दुओं के दिल के काफी नजदीक है। वो अक्सर हिन्दुओं की भावनाओं के लिए आवाज़ उठाते रहते हैं।
रघुराम कृष्णम राजू उद्योगपति भी हैं, जिन्होंने बाद में राजनीति का रुख कर लिया। हाल ही में जब तिरुपति तिरुमला देवस्थानम बोर्ड ने मंदिर की संपत्ति को नीलाम करने का निर्णय लिया था, तब उन्होंने हिन्दुओं की भावनाओं को देखते हुए इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। हाउस-साइट डिस्ट्रीब्यूशन और बालू बेचने में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्होंने मंदिर प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद उनकी अपनी ही पार्टी विधायकों के साथ तू-तू-मैं-मैं हुई थी।
मई 2020 में वो ‘टाइम्स नाऊ’ पर डिबेट के दौरान इस बात को ऑन एयर शो में मानते नज़र आए थे कि आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण की प्रक्रिया तेजी से चालू है। लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं है कि ये कन्वर्जन की प्रक्रिया सिर्फ आंध्र प्रदेश में चल रही है, बल्कि वो तो ये कह रहे हैं कि ये पूरे देश में हो रहा है। उन्होंने इसके मिशनरियों के ‘मनी-पॉवर’ को जिम्मेदार ठहराया था।
इसके बाद उन्हें अपनी ही पार्टी के नेताओं से जान से मार डालने की धमकी मिलनी शुरू हो गई थी। उनका कहना था कि चुनाव भी उन्होंने अपने ही दम पर जीता है, इसमें जगन मोहन रेड्डी के चेहरे का कोई योगदान नहीं है। बता दें कि रघुराम कृष्णम राजू पहले भाजपा में थे। इसके बाद चुनाव आते ही उन्होंने वाईएसआरसीपी (YSRCP) का दामन थाम लिया था। उससे पहले वो चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी में भी रहे थे।

आंध्र प्रदेश : ईसाई धर्मांतरण को उजागर करने वाले YSR द्वारा अपने ही सांसद की सदस्यता रद्द करने की मुहिम

कृष्णम राजू, YSRCP
सांसद कृष्णम राजू और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करते
YSRCP प्रतिनिधिमंडल
वाईएसआर (YSR) कॉन्ग्रेस के सांसद रघुराम कृष्णम राजू के खिलाफ उनकी अपनी ही पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। राजू ने आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर ईसाई मिशनरियों द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था।
उन्होंने राज्य सरकार पर ईसाई तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया था। प्रदेश में वाईएआर कॉन्ग्रेस की ही सरकार चल रही है। इस खुलासे के बाद राजू को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।
अब जुलाई 3 को वाईएसआर कॉन्ग्रेस सांसदों के एक समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात कर राजू की सदस्यता समाप्त करने की मॉंग की। राजू आन्ध्र प्रदेश के नर्सापुरम से लोकसभा सांसद हैं।
राज्य सभा सांसद वी विजयसाईं रेड्डी ने सांसदों के इस समूह की अगुवाई करते हुए कृष्ण राजू पर अपने दल के नेताओं और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका यह भी कहना था कि राजू ने संगठन की नीतियों के खिलाफ जाकर विपक्षी दल के नेताओं से बराबर संपर्क रखा है। वी विजयसाईं रेड्डी वाईएसआर कॉन्ग्रेस के महासचिव भी हैं। 
इसके अलावा विजयसाईं ने कहा कि कृष्ण राजू ने अपनी परेशानियों को लेकर पार्टी के लोगों से कभी बात नहीं की। इसके उलट हर बात सार्वजनिक रूप से कहते हैं जो दल की नीतियों के खिलाफ है। इस रवैये के कारण उन पर एंटी डीफेक्शन लॉ लागू होता है।
वाईएसआर कॉन्ग्रेस के एक अन्य नेता मिथुन रेड्डी ने बताया कि राजू ने कई बार नोटिस भी दिया गया, जिसका जवाब उन्होंने बेहद लचर तरीके से दिया। 
कृष्णम राजू अपनी ही पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा चुके हैं। वे केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अजय भल्ला से भी मिल चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा में वे एक गाना भी जारी कर चुके हैंl
कृष्णम राजू ने भी विजयसाईं रेड्डी को नोटिस भेज आरोप लगाया था कि उनके तौर-तरीकों से पार्टी को नुकसान हो रहा है। पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिख उन्होंने पार्टी नेताओं से जान का ख़तरा भी बताया था।
उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की लेकिन वहाँ से मदद नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने केंद्र से सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी थी। पत्र में उन्होंने यहाँ तक लिखा था, “पार्टी के एक विधायक ने सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी इस तरह की चेतावनी अक्सर मिलती रहती हैl स्थानीय पुलिस से कोई मदद न मिलने के चलते मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि जल्द से जल्द मुझे सुरक्षा मुहैया कराएँ।”

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आंध्र प्रदेश में धर्मान्तरण में लिप्त ईसाई मिशनरियों की पोल खोलने वाले सांसद ने अपनी पार्टी से अपनी जान को ख़तरा बत...
लगभग एक महीने पहले कृष्णम राजू ने Times now चैनल पर डिबेट के दौरान कहा था कि राज्य में ईसाई मिशनरी पैसे देकर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन करा रही हैं।  उन्होंने कहा था, “रिकॉर्ड के अनुसार हमारे राज्य में ईसाइयों का प्रतिशत 2.5% से कम है, लेकिन वास्तव में यह 25% से कम नहीं होगा।” YSRCP नेता ने बताया था कि कुछ लोग ऐसे वर्ग से आते हैं, जिन्हें पहले से ही फायदा मिल रहा होता है। ऐसे में यदि वो ईसाई धर्म अपना लेते हैं, तो उन्हें वो फायदा मिलना बंद हो जाता है। यही कारण है कि लोग धर्मांतरण करते हैं, मगर उसका पंजीकरण नहीं करवाते।

जिस सांसद ने किया ईसाई धर्मान्तरण का खुलासा, उसे अपनी ही पार्टी से मिल रही जान से मारने की धमकी

रघुराम कृष्णम राजू YSRCPआंध्र प्रदेश में धर्मान्तरण में लिप्त ईसाई मिशनरियों की पोल खोलने वाले सांसद ने अपनी पार्टी से अपनी जान को ख़तरा बताया है। वहाँ की सत्ताधारी वाईएससीआरपी (YSRCP) के नेता ने कहा कि उन्हें अपनी ही पार्टी से जान का ख़तरा है। रघुराम कृष्णम राजू नर्सापुरम से सांसद हैं। उन्होंने अंदेशा जताया है कि उनकी अपनी ही पार्टी YSRCP के नेता और कार्यकर्ता उन्हें जान से मारना चाहते है। बता दें कि जगन रेड्डी की सरकार पर ईसाई तुष्टिकरण के आरोप लगते रहे हैं।
रघुराम कृष्णम राजू ने लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला को एक याचिका देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि उन्हें केंद्रीय बलों के द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाए क्योंकि उनकी अपनी ही पार्टी के विधायक और समर्थक लगातार जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं। रघुराम कृष्णम राजू पिछले कुछ दिनों से आंध्र प्रदेश में अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है, इसीलिए वो केंद्रीय सुरक्षा के लिए निवेदन कर रहे हैं।
रघुराम कृष्णम राजू उद्योगपति भी हैं, जिन्होंने बाद में राजनीति का रुख कर लिया। हाल ही में जब तिरुपति तिरुमला देवस्थानम बोर्ड ने मंदिर की संपत्ति को नीलाम करने का निर्णय लिया था, तब उन्होंने हिन्दुओं की भावनाओं को देखते हुए इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। हाउस-साइट डिस्ट्रीब्यूशन और बालू बेचने में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्होंने मंदिर प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद उनकी अपनी ही पार्टी विधायकों के साथ तू-तू-मैं-मैं हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने आरोपितों के ख़िलाफ़ कोई एक्शन नहीं लिया, इसीलिए उन्हें मजबूरन लोकसभाध्यक्ष से गुहार लगानी पड़ी। उनका आरोप है कि एक विधायक ने तो उन्हें गन्दी-गन्दी गालियाँ भी दीं। उन्होंने वाईएसआरसीपी कैडर पर भी उन्हें धमकी देने का आरोप लगाया है। रघुराम कृष्णम राजू का कहना है कि चुनाव भी उन्होंने अपने ही दम पर जीता है, इसमें जगन मोहन रेड्डी के चेहरे का कोई योगदान नहीं है।
रघुराम कृष्णम राजू पहले भाजपा में थे। इसके बाद चुनाव आते ही उन्होंने वाईएसआरसीपी (YSRCP) का दामन थाम लिया था। उससे पहले वो चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी में भी रहे थे। वाईएसआरसीपी पार्टी के टिकट पर ही वो सांसद भी चुने गए थे। उनके आरोपों को लेकर पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया है। लोकसभाध्यक्ष की तरफ से फ़िलहाल किसी प्रकार का एक्शन लिए जाने की सूचना नहीं है।
एक न्यूज़ डिबेट में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के सांसद खुलेआम ऑन एयर शो पर ये बोलते नजर आए थे कि यदि मिशनरी के लोग धर्मांतरण करवा रहे हैं, तो उसमें वो क्या कर सकते हैं। YSRCP के सांसद रघुराम कृष्णा राजू ने इस बात को ऑन एयर शो में माना था कि आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण की प्रक्रिया तेजी से चालू है। लेकिन वह ये भी कहते नजर आए थे कि इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है।
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आँध्र प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर मिशनरीज की हकीकत का खुलासा करने वाले YSRCP नेता रघु रामकृष्णा राजू ने कल(मई 26) दोबार...
इसके बाद उन्होंने कहा था, “रिकॉर्ड के अनुसार हमारे राज्य में ईसाइयों का प्रतिशत 2.5% से कम है, लेकिन वास्तव में यह 25% से कम नहीं होगा।” YSRCP नेता ने बताया था कि कुछ लोग ऐसे वर्ग से आते हैं, जिन्हें पहले से ही फायदा मिल रहा होता है। ऐसे में यदि वो ईसाई धर्म अपना लेते हैं, तो उन्हें वो फायदा मिलना बंद हो जाता है। यही कारण है कि लोग धर्मांतरण करते हैं, मगर उसका पंजीकरण नहीं करवाते।

‘संडे गार्डियन’ का खुलासा : ईसाइयों पर मेहरबान जगन सरकार, धर्मांतरण के लिए खोला खजाना


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जगन मोहन रेड्डी द्वारा ईसाई धर्म के प्रति सम्मान देना कोई आश्चर्य की बात नहीं। कहते हैं, इनके पिता वाई एस राजशेखर रेड्डी ने सोनिया गाँधी के प्रभाव में आकर ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था, लेकिन मूलरूप से इस समाचार की पुष्टि नहीं हो पायी थी, क्योकि उस समय सोनिया गाँधी के विरुद्ध खुलकर कोई मीडिया साहस नहीं कर पाता था। इस समाचार में कितनी सच्चाई है, कहना असंभव है।   
आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार का जन-कल्याणकारी योजनाओं को रफ़्तार देने पर फोकस नहीं दिख रहा। वह लोगों को मुफ़्त में चीजें देने की नीति पर ज़्यादा जोर दे रही है। आंध्र प्रदेश सरकार के इस रुख के कारण न सिर्फ़ सार्वजनिक संपत्ति को भारी क्षति पहुँच रही है, बल्कि राज्य में धर्मांतरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। आरोप लग रहे हैं कि जगन मोहन रेड्डी की सरकार लोगों को धर्मान्तरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आंध्र प्रदेश में ईसाई धर्मान्तरण ने जोर पकड़ लिया है और जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो यह हिंसक भी हो सकता है।
विपक्ष पहले से ही आरोप लगाता रहा है कि वाईएसआर कांग्रेस के सत्ता में आने के साथ ही राज्य का सरकारी खजाना ईसाइयों के लिए खोल दिया गया है। विपक्षी पार्टियों के इस आरोप के बाद कई हिंदूवादी संगठनों ने भी इस तरफ ध्यान दिलाया है। बता दें कि जगन मोहन रेड्डी और उनका पूरा परिवार ईसाई धर्म का अनुसरण करता है। पिछले महीने जगन सरकार ने यरुशलम जाने वाले ईसाई तीर्थयात्रियों को 40,000 रुपए की जगह 60,000 रुपए देने का निर्णय लिया था। ये योजना उन ईसाई धर्मावलम्बियों के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम है।

इससे ऊपर की आय वालों के लिए पहले 20,000 रुपए दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब 30,000 रुपए कर दिया गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि ईसाई पादरियों को 5000 रुपए प्रति महीने दिए जाएँगे। इसके अलावा ईसाई धर्म के लोगों को आवास देने के अलावा अन्य वित्तीय सहायता देने पर भी विचार किया जा रहा है। भाजपा नेता चंद्र मोहन ने भी इन आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ईसाई धर्मान्तरण के लिए सार्वजनिक खजाने को खाली कर रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र सरकार हिन्दू विरोधी योजनाओं के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इसे रोका नहीं गया तो बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच संघर्ष बढ़ सकता है।
इस सम्बन्ध में ‘संडे गार्डियन’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। अख़बार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय से भी संपर्क किया, लेकिन वहाँ से कोई जवाब नहीं मिला। कई विशेषज्ञों ने बताया कि धर्मान्तरण के बाद लोगों को उसका मजहब छिपा कर रखने को कहा जाता है। 2011 के जनगणना आँकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 1.4% ईसाई हैं। अब धर्मान्तरण का अभियान आक्रामक होने के कारण इस जनसंख्या में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है। कई ऐसे लोग हैं, जो धर्मान्तरण कर चुके हैं लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना नाम नहीं बदला है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में 2 दशक तक राजनीतिक विज्ञान पढ़ाने वाले गौतम सेन कहते हैं कि धर्मान्तरण के अलावा ‘चर्च प्लांटिंग’ भी एक अहम मुद्दा है, जिस पर सबका ध्यान नहीं जाता। इसके तहत राज्य के कई गाँवों में मंदिरों की संख्या से ज़्यादा चर्च बना दिए गए है। ईसाइयत का प्रभाव जताने के लिए ऐसा किया जाता है। ईसाइयत को बढ़ावा देने में लगी जगन सरकार ने न सिर्फ़ कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को ठन्डे बस्ते में डाल दिया है, बल्कि कई चालू प्रोजेक्ट्स को भी रोक दिया है। इससे निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा है।

Disha Bill: बलात्कार के आरोपी को 21 दिन में होगी मौत की सजा, आंध्र प्रदेश विधानसभा ने पारित किया 'दिशा बिल'

Andhra Pradesh AP Disha Bill passed to ensure rape verdicts in 3 weeksआंध्र प्रदेश विधानसभा ने रेप के मामलों में तेजी लाने के लिए ऐतिहासिक दिशा बिल 2019 (आंध्र प्रदेश आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2019)  को पारित कर दिया है। विधेयक में बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के अपराधों के लिए मौत की सजा देने और 21 दिनों के भीतर ऐसे मामलों में निर्णय लेने का प्रावधान है।इस बिल के तहत एक हफ्ते में जांच और 2 हफ्ते के अंदर सुनवाई पूरी करने का प्रावधान है। हैदराबाद गैंगरेप केस की पीड़िता को पुलिस ने ‘दिशा’ नाम दिया था और उसकी के नाम पर इसे दिशा नाम दिया गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री जगनमोहन रेडेडी ने कहा था कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इसलिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह के मामलों का निपटारा जल्द से जल्द हो तांकि दोषियों को 21 दिन के भीतर सजा मिल सके। इस दौरान मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा था कि मैं भी दो बच्चियों का पिता हूं।

ये है विधेयक की खासियतें
इस विधेयक में महिलाओं और बच्चों का दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का है प्रावधान
फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर दो हफ्ते की भीतर मुकदमे को पूरा करने का है प्रावधान और 21 दिन के भीतर सजा का प्रावधान
इस बिल के मुताबिक पुलिस को दोषी को गिरफ्त में लेकर सात दिन के भीतर पूरी करनी होगी जांच
दरअसल हाल में तेलंगाना के साइबराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या का जघन्य मामला सामने आया था जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता को दिशा नाम दिया था और उन्हीं के नाम पर इसे यह नाम दिया गया है।
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हैदराबाद के चत्तनपल्ली में फ्लाइओवर के नीचे मिली जली हुई लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट...
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आंध्रप्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार एक बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें बलात्कार (Rape) ....

बलात्कारियों को 21 दिनों में हो फांसी, 11 दिसंबर को आंध्र प्रदेश सरकार लाएगी इसके लिए बिल

Hyderabad Encounter को लेकर जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री KCR की तारीफ की, कही यह बात...
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आंध्रप्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार एक बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें बलात्कार (Rape) के दोषियों को 21 दिनों में फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 11 दिसंबर को इस बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर सकती है
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी हैदराबाद की पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) और उसकी हत्या के चार आरोपियों के कथित मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर भी तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना पुलिस की प्रशंसा कर चुके हैं
हैदराबाद गैंगरेप के बाद जगनमोहन रेड्डी ने कड़ा कानून लाने की कही थी बात
जगनमोहन रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार महिलाओं के विरूद्ध अत्याचार के मामलों की त्वरित सुनवाई और उपयुक्त सजा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कानून बनाने के लिए विधानसभा के वर्तमान सत्र में एक विधेयक लाएगी

उन्होंने विधानसभा में अपने भावुक भाषण में ऐसे कठोर कानूनों की वकालत की जो महिलाओं के खिलाफ अपराध (Crime Against Women) से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई और मिसाल दिये जाने योग्य सजा सुनिश्चित करेगी
एनकाउंटर के बाद जगन ने कहा था- KCR और तेलंगाना पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने महिला पशु चिकित्सक से गैंगरेप और हत्या के चार आरोपियों के कथित एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे जाने को लेकर तेलंगाना के अपने समकक्ष के चंद्रशेखर राव (KCR) और पुलिस की प्रशंसा की

जगन ने कहा था, 'दो बेटियों का पिता होने के नाते इस घटना से मुझे बहुत पीड़ा हुई। पिता के तौर पर मुझे ऐसी घटनाओं पर क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए? किस तरह की सजा अभिभावक (Guardian) को राहत देगी। हमें उसके बारे में सोचना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'घटना हुई। मीडिया ने दिखाया कि गलत हुआ। बाद में तेलंगाना सरकार ने जवाब दिया। KCR और तेलंगाना के पुलिस अधिकारियों को मेरा सलाम।'
जगनमोहन ने मानवाधिकार की बात करने वालों पर भी साधा था निशाना
जगनमोहन रेड्डी ने मानवाधिकार का शोर मचाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा, 'जब किसी फिल्म में नायक मुठभेड़ में किसी को मारता है तो हम सभी तालिया बजाते हैं और कहते हैं कि फिल्म अच्छी है।' उन्होंने कहा, '(लेकिन) यदि कोई साहसिक व्यक्ति असल जिंदगी में वही करता है.... तो कोई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नाम पर दिल्ली से आएगा। वह कहेगा कि यह गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए।वह सवाल उठाता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।' उन्होंने कहा, 'हम देखते हैं कि ऐसे सवाल उठ रहे हैं। हमारे कानून ऐसी दयनीय दशा में हैं।' 

हमेशा मानवाधिकार पीड़ित और उसके परिवार की मान-मर्यादा को दरकिनार कर आरोपी के ही पक्ष में क्यों खड़ा होता है? क्या पीड़ित का कोई मानवाधिकार नहीं? सभी को मानवाधिकार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद कर इसी के अस्तित्व को नकारना होगा। (एजेंसीज इनपुट्स)