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भारत में आतंकी संगठन ‘खलीफा’ का दबदबा बनाने 20 साल से रह रहे पाकिस्तानी मोहम्मद जकरिया को 2 बीवी और 10 बच्चों के साथ NIA ने चेन्नई में दबोचा

                            पाकिस्तानी मोहम्मद जकरिया और उसका रेस्टोरेंट (साभार: ऑगर्नाइजर)
खुफिया एजेंसियों ने 25 जनवरी को चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोहम्मद जकरिया नाम के एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। वह श्रीलंका जाने की कोशिश कर रहा था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले लिया है। जकरिया ‘खलीफा’ नाम के एक पाकिस्तानी इस्लामी आतंकवादी संगठन से जुड़ा है।

बताया जा रहा है कि मोहम्मद ज़करिया पिछले 25 सालों से भारत में रह रहा है। वह होटल या करोबार की आड़ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह तेलंगाना में रॉयल बावर्ची बिरयानी नाम से खाने का व्यवसाय चलाता है। उसने कई व्यवसाय संचालित किए, जिनमें वारंगल और हनमकोंडा में तीन से चार बिरयानी केंद्र शामिल हैं।

उसके पास 16 ऑटो-ट्रॉली भी थे। इन ऑटो-ट्रॉलियों का इस्तेमाल स्थानीय इलाकों में मिठाइयाँ (खोवा) और आइसक्रीम बेचने के लिए किया जाता था। एजेंसियों को उसके पास से जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान से जुड़ा साहित्य भी मिला है। कहा जाता है कि उसने 10-12 लोगों को खलीफा से जोड़ा था। वह ‘खलीफा’ संगठन का भारतीय प्रमुख है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्लीपर सेल का समन्वय

रिपोर्ट के अनुसार, जकरिया पहले आंध्र प्रदेश के गुंटूर में पाँच साल तक रहा। उसके बाद वह तेलंगाना के वारंगल जिले के हनमकोंडा चला गया। यहाँ वह पिछले 20 सालों से रह रहा है। कहा जाता है कि जकरिया भारत में आतंकी संगठन खलीफा के संचालन को सँभाल रहा था। वह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्लीपर सेल के समन्वय कर रहा था।
इसको देखते हुए वह खुफिया एजेंसियों की लगातार निगरानी में था। एजेंसियों के अनुसार, जकरिया अपने आतंकवादी संगठन के नेता के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए श्रीलंका के रास्ते पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि उसके नेता की हाल ही में मौत हो गई थी।

धर्मांतरण में शामिल जकरिया का भारत में 2 बीवी और 10 बच्चे

वह लोगों को खलीफा से जोड़ने का काम करता था। कहा जाता है कि उसने कई लोगों का धर्मांतरण भी कराया था। वह एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों के माध्यम से अपने पाकिस्तानी संचालकों के साथ सीधे संपर्क में था। वह अपने आतंकवादी संगठन में रसद सहायता, हवाला के माध्यम से वित्तीय हस्तांतरण और स्थानीय युवाओं की भर्ती का समन्वय करता था।
मोहम्मद जकरिया अपने दो भाइयों के साथ हनमकोंडा में रहता था। उसकी दो बीवियाँ और दस बच्चे हैं। एजेंसियाँ जकरिया से पूछताछ कर रही हैं और पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन के साथ उसके संबंधों की जाँच कर रही हैं। उसके घर पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर विस्फोटक, हथियार और कई नकली आईडी बरामद की हैं।

6 महिला+3 बच्चे… कुल 22 को केरल से ISIS में भेजा, शौहर ने 40 का किया ब्रेन वाॅशः जेहादन यास्मीन मोहम्मद जाहिद

   यास्मीन मोहम्मद ज़ाहिद अपने आका अब्दुल राशिद की दूसरी बीवी बनने जा रही थी, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार 
फिल्म ‘The Kerala Story’ का वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी खासा विरोध कर रहे हैं। कैसे हिन्दू महिलाओं को फँसा कर उनका इस्लामी धर्मांतरण करा दिया जाता है और फिर उन्हें ISIS के पास भेज कर आतंकियों का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है, ये इस फिल्म में दिखाया गया है। महिलाओं का ब्रेनवॉश कर के उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती भी करा दिया जाता है। केरल में इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

पिछले कुछ वर्षों में ऐसी ख़बरें भी सामने आई हैं, जब बताया गया कि केरल के दर्जनों लोग ISIS में भर्ती होने के लिए सीरिया गए। ‘The Kerala Story’ में आपको ‘आसिफा’ वाला किरदार दिखा होगा, जिसे सोनिया बलानी ने निभाया है। वो किस तरह कॉलेजों में जाकर हिन्दू लड़कियों को उनके धर्म के प्रति नीचा दिखाती है और उन्हें इस्लाम के बारे में बता-बता कर मुस्लिम बनने को ब्रेनवॉश कर देती है। मार्च 2018 में केरल में ऐसी ही एक आतंकी भर्ती करने वाली का नाम सामने आया था।

तब केरल के कोच्चि में ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ की अदालत ने यास्मीन मोहम्मद ज़ाहिद नाम की एक महिला को 7 साल की सज़ा सुनाई थी। यासीम मोहम्मद ज़ाहिद ने केरल से कइयों का ब्रेनवॉश कर उन्हें ISIS में भर्ती कराया था। उसे 30 जुलाई, 2016 को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तब गिरफ्तार किया गया था, तब वो अपने बालिग बच्चे के साथ अफगानिस्तान की राजधानी काबुल भागने की फिराक में थी। वहाँ वो आतंकी अब्दुल राशिद के पास जा रही थी।

उसने 2016 में ही पूछताछ के दौरान बताया था कि तब तक 6 महिलाओं और 3 बच्चों समेत केरल के 22 लोगों को उसने ISIS में शामिल किया था। अफगानिस्तान के कई इलाके ISIS के नियंत्रण में थे, जहाँ इन्हें भेजा जाता था। उसने दावा किया था कि अब्दुल राशिद तब तक केरल में 40 युवाओं का ब्रेनवॉश कर चुका था। खुद यास्मीन भी अब्दुल राशिद और उसकी बीवी आयशा की मजहबी कक्षाओं में जाती थी, जहाँ उसे ‘हिज्र’, ‘जिहाद’ और ISIS के बारे में बताया गया था।

यास्मीन को अब्दुल पैसे भी भेजता था, जिससे वो अफगानिस्तान के लिए हवाई टिकट्स की व्यवस्था करती थी। यास्मीन मूल रूप से सऊदी अरब की है, जो 2011 के आसपास अपने शौहर सैयद अहमद के साथ केरल आई थी। मल्ल्पुरम स्थित ‘पीस इंटरनेशनल स्कूल’ में उसने नौकरी शुरू की थी। यास्मीन पर आरोप था कि उसने अकेले कासरगोड जिले से 15 लोगों को आतंकी संगठन ISIS में भर्ती कराया गया था। केरल पुलिस ने इसे मिसिंग कंप्लेंट के रूप में लिया था, लेकिन जाँच में NIA के सामने आने के बाद असली मामला खुला था। यास्मीन ने मुख्य खुलासे किए थे:

  • केरल से लोगों को ISIS में भर्ती करा कर उन्हें बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई एयरपोर्ट्स से कुवैत, दुबई, मस्कट और अबुधाबी भेजा गया था। वहाँ से उन्हें ईरान के जरिए अफगानिस्तान भेजा जाता था।
  • 3 मई, 2016 को उसने फोन पर ही अब्दुल राशिद से निकाह कर लिया था।
  • राशिद उससे टेलीग्राम के जरिए फोन कॉल करता था। ये लोग ISIS सरगना अबू बकर अल बगदादी के समर्थन में खलीफा का राज स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहे थे।
  • जुलाई 2016 में राशिद ने उसे बताया था कि उसके द्वारा भेजे गए लोग अफगानिस्तान में ISIS के इलाके में पहुँच गए हैं।
  • राशिद ने अपनी पहली बीवी आयशा के नाम से ATM कार्ड बनवा कर यास्मीन को दिया था। जुलाई 2016 के मध्य में उसे 1.5 लाख रुपए भी भेजे गए थे।
उसके द्वारा ISIS में भर्ती कराए गए कुछ लोग तो आतंकी संगठन की तरफ से लड़ते हुए मारे भी गए थे। NIA 2016 में इस मामले के अलावा इस तरह के 6 अन्य मामलों की भी जाँच कर रही थी, जो केरल से ही संबंधित था। अब जब ‘The Kerala Story’ में राज्य में चल रहे ऐसे कांडों के बारे में बताया गया है, तो इस्लामी कट्टरपंथी इसका विरोध करने में लगे हैं। केरल में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा सिर उठाने और वहाँ ISIS के प्रभाव बढ़ने की बातें पहले भी आ चुकी है।