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हेरोइन से 50 गुना ज़्यादा खतरनाक है ‘चाइना गर्ल’: USA में 1 साल में 70000 मौतों के बाद बायडेन-जिनपिंग की बैठक

फ़ेंटालिन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक (साभार: POTUS/Facebook)
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने बुधवार (15 नवंबर, 2023) को कहा कि चीन ने Fentanyl (फ़ेंटानिल) का प्रवाह रोकने के लिए पुनः प्रतिबद्धता जताई है। इसके बारे में बता दें कि ये ओपियम पर आधारित एक ड्रग है, जो अमेरिका में पिछले साल 70,000 मौतों के लिए जिम्मेदार है। ‘एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन समिट’ के दौरान सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस संबंध में करार फाइनल किया गया।

इसे अमेरिका के लिए सफलता के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पहले बीजिंग ने पहले कहा था कि वो फ़ेंटानिल के संबंध में कोई बातचीत तब तक नहीं करेगा, जब तक अमेरिका उसके ‘इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन साइंस’ पर लगा हुआ प्रतिबंध नहीं हटाता। अमेरिका की विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी भी लगातार आरोप लगा रही थी कि जो बायडेन फ़ेंटानिल की सप्लाई रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। इस करार से ड्रग्स विरोधी एजेंसियों को राहत मिलेगी।

अगले राष्ट्रपति चुनाव में भी फ़ेंटानिल एक मुद्दा रहने वाला है। चीन ने 5-6 वर्ष पहले ही इस ड्रग्स की सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन अब ये इसे बनाने वालों पर भी कार्रवाई करेगा। व्हाइट हाउस ने कहा है कि न सिर्फ ड्रग्स को बनाने और इसकी सप्लाई किए जाने को रोका जाएगा, बल्कि इससे आगे आने वाले ड्रग्स को लेकर भी कार्टेल पर दबाव पड़ेगा। बायडेन ने कहा कि चीन ने अमेरिकी के लोगों के ऊपर फ़ेंटानिल थोपे जाने को लेकर सहानुभूति जताई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को लेकर उस पर विश्वास करेगा, लेकिन साथ ही इसकी पुष्टि भी करेगा। पिछले महीने अमेरिका के 6 सीनेटर चीन पहुँचे थे। इनमें अमेरिका के दोनों दलों से आधे-आधे सदस्य थे। इससे पहले चीन ने कहा था कि अमेरिका अपनी नीतियों की विफलता के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। सीनेटरों के दौरे से पहले अमेरिका ने चीन की 9 कंपनियों और कई अधिकारियों को फ़ेंटानिल की सप्लाई के लिए आरोपित बनाया था।

अमेरिका में आने वाली फ़ेंटानिल की अधिकतर सप्लाई चीन और मेक्सिको से आती है। चीन से आने वाले ड्रग्स को ऐसे पैक किया जाता है कि पता ही नहीं चलता कि ये कहाँ से आया है। कार्रवाई के बाद ड्रग्स सप्लाई करने वालों को थोड़े-बहुत बदलाव कर के अन्य रूपों में फ़ेंटानिल को बेचना शुरू कर दिया था। फ़ेंटानिल के बारे में बता दें कि ये मॉर्फिन से 100 गुना ज़्यादा और हेरोइन से 50 गुना ज़्यादा प्रभावशाली हैं। इसे अमेरिका में आम बातचीत की भाषा में ‘चाइना गर्ल’ और ‘चाइना टाउन’ भी कहा जाता है।

फ़ेंटानिल काफी खतरनाक भी है। इससे बेचैनी, हैरानी, पाचन तंत्र संबंधित गड़बड़ियाँ, उलटी और पेशाब संबंधित रोग भी हो सकते हैं। अमेरिकी की एजेंसियों ने इसे काफी खतरनाक करार दिया है। इसके ओवरडोज के कारण आँख की पुतलियाँ सिकुड़ने लगती हैं और साँस लेने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। बायडेन-जिनपिंग के बीच ताइवान को लेकर भी चर्चा हुई और अमेरिका ने वहाँ यथास्थिति बनाए रखने की वकालत की। अमेरिका ने कहा कि वो ताइवान को चीन में शांति से मिलाए जाने के पक्ष में है और वहाँ हथियार भेजे जाने की निंदा करता है।

ईरान : उल्टी, बदन दर्द, तेज बुखार…: लड़कियाँ न जा पाएँ स्कूल इसलिए उन्हें दिया गया जहर, 4 महीने में 50+ छात्राएँ बीमार

ईरान में स्कूल जाने वाली कई लड़कियों को जहर देकर मार डालने की साजिश का खुलासा हुआ है। यह करतूत किसकी है इस बात का पता फ़िलहाल नहीं चल पाया है। इस मामले में अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि भी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इस हरकत के पीछे कुछ कट्टरपंथी हैं जो ईरान के स्कूलों को बंद करवाना चाह रहे हैं। अभी तक सभी बीमार छात्र सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोम शहर में इस बात का खुलासा तब हुआ जब स्कूल जाने वाली लड़कियाँ एक के बाद एक बीमार होने लगीं। कुछ ही समय बाद इन लड़कियों की सँख्या 50 पहुँच गई। पहली घटना नवम्बर 2022 की बताई जा रही। तब कोम शहर के ही एक स्कूल में एक साथ लगभग 18 लड़कियों के बीमार होने की घटना सामने आई। तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। यहाँ उन सभी लड़कियों को उलटी, पेट दर्द, हाथों-पैरों में तेज दर्ज के साथ साँस लेने में दिक्कत महसूस हुई थी।

अंतिम घटना 22 फरवरी 2023 (बुधवार) को कोम शहर के एक स्कूल में दर्ज की गई थी। यहाँ एक ही स्कूल की 15 लड़कियों की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। सभी में एक जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए थे। पहली और अंतिम घटना के बीच कई अन्य स्कूलों में इसी प्रकार की वारदात हुई। लगभग हर वारदात में पीड़ित छात्रों ने एक जैसी परेशानी महसूस की। हालाँकि बीमार होने वाले छात्रों में कुछ लड़के भी थे लेकिन लड़कियों की तादाद अधिक थी।

इन घटनाओं के बाद कुछ अभिभावकों ने लड़कियों को जहर दिए जाने की आशंका जताई। इस शक पर अधिकारियों ने जाँच शुरू की। शुरुआती जाँच में स्थानीय अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार का जहर न मिलने की जानकारी दी गई। लड़कियों के माता-पिता इस जाँच से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना ही बंद कर दिया। हालाँकि गनीमत से अभी तक इस हरकत से किसी छात्रा की मौत नहीं हुई लेकिन लोगों में काफी नाराजगी फ़ैल गई। लोगों की नाराजगी देखते हुए ईरान सरकार ने इस मामले की बड़े स्तर पर जाँच करवाई।

इस जाँच के बाद ईरान के उप शिक्षा मंत्री युनेस पनाही ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ लोगों द्वारा छात्रों को केमिकल के माध्यम से जहर दिया जा रहा था। उन्होने आगे बताया कि छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योकि घटना में प्रयोग हुआ केमिकल बहुत हानिकारक नहीं है। अभी तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।