Showing posts with label abused. Show all posts
Showing posts with label abused. Show all posts

नहीं सुधर रही कांग्रेस, मोदी के अपमान के बाद बीड़ी की कर दी बिहार से तुलना

                                             केरल कांग्रेस ने बीड़ी से की बिहार की तुलना
महात्मा और बिच्छू की कहानी तो आपने सुनी होगी, एक महात्मा पानी से बिच्छू को निकालने की कोशिश करते हैं लेकिन बिच्छू बार-बार डंक मारता रहता है। लोग कहते हैं कि इसे पानी में ही छोड़ दीजिए तो वह कहते हैं कि डंक मारना बिच्छू की फितरत है। महात्मा कहते हैं, “मेरी फितरत बचाने की है।” वे उसे बाहर निकाल ले आते हैं।

बिहार में कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माँ की गाली दी गई। इसके बाद खूब बवाल हुआ तो लगा कि कांग्रेस अब आगे इससे कुछ सीख लेगी। अब उसके मंचों से ऐसी बातें नहीं कही जाएँगी। लेकिन लगता है कि कांग्रेस भी बिच्छू की तरह ही अपनी आदत से मजबूर है।

कांग्रेस अब पीएम मोदी के अपमान से और 4 कदम आगे बढ़ गई है, पार्टी की केरल इकाई ने X हैंडल से एक पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में पूरे बिहार का ही अपमान कर दिया गया। केरल कांग्रेस ने बिहार की तुलना बीड़ी से करते हुए लिखा, “बीड़ी और बिहार ‘बी’ से शुरू होता है। अब इसे पाप नहीं माना जा सकता है।” कांग्रेस ने इसे बीड़ी पर कम किए गए GST से जोड़ा था।

                                                                          केरल कांग्रेस का पोस्ट

BJP-JDU ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया

जाहिर है कि यह पूरे बिहार का अपमान था। तो तुरंत हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी और जेडीयू ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों ले लिया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने इसे कांग्रेस का असली चरित्र बताया है।

सम्राट ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “पहले हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पूजनीय माता जी का अपमान और अब पूरे बिहार का अपमान, यही है कांग्रेस का असली चरित्र, जो बार-बार देश के सामने उजागर हो रहा है।”

वहीं, राज्यसभा सांसद और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी कांग्रेस पर भड़क गए। उन्होंने लिखा, “कांग्रेस की एक और अत्यंत शर्मनाक हरकत! आपको बता दें कि B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है, जो आपके पास नहीं है! B से बजट भी होता है, जिसमें बिहार को विशेष सहायता मिलने पर आपको मिर्ची लगती है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यकीन मानिए, बिहार की महान जनता कांग्रेस द्वारा बार-बार किये जा रहे अपमान का करारा जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में देगी—बीड़ी के धुएं से नहीं, वोट की चोट से।”

कांग्रेस ने डिलीट किया पोस्ट

बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं तो जाहिर है कि कांग्रेस को वोट बैंक की चिंता थी क्योंकि मान-अपमान की चिंता कांग्रेस कितना करती हैं यह खुद में भी एक सवाल हैं। वोट के डर से केरल कांग्रेस ने यह पोस्ट डिलीट कर दिया हैं।

साथ ही, कांग्रेस ने अपने इस पोस्ट के लिए माफी माँग ली है। कांग्रेस ने लिखा, “GST दरों को लेकर मोदी के चुनावी हथकंडे पर हमारे तंज को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अगर आपको ठेस पहुँची हो तो क्षमा करें।” कांग्रेस के इस कथित माफीनामे को पढ़ेंगे तो समझ आएगा कि यह माफी को भी एक चुनावी स्टंट बना दिया है।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए वैसे भी बिहार और बिहारियों को अपमानित करना अब कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी से रेवंत रेड्डी तक और उनकी सहयोगी DMK के एमके स्टालिन तक बिहार के लोगों को लेकर अपमानजनक और विवादित टिप्पणियाँ कर चुके हैं।

साला, ब&नचो#, हरा&जा$, कुत्ता, माद&चो$… राहुल गाँधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ से पत्रकार के लिए निकली भाषा सुनी आपने? वीडियो वायरल

         भारत जोड़ो यात्रा में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी संग पूर्व RAW प्रमुख AS दुलत (फाइल फोटो, साभार: ANI)
निकालो इसको साले को, हटा…बहन चो% कौन? कौन साला हरामजा#$ बोल रहा था? कौन कुत्त& बोल रहा था? कौन था वो? मालूम है मैं कौन हूँ? कौन कह रहा था? मादरचो% तुम समझते क्या हो अपने आप को, मादरचो% सिंधी…पागल समझ रहे हो? तेरी माँ चो% दूँगा मैं, बहनचो%…

ये शब्द रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व चीफ अमरजीत सिंह दुलत के हैं। ‘भारत रफ्तार टीवी’ के पत्रकार जितेश जेठानंदानी ने हाल में उनका पॉडकास्ट किया। इस दौरान उनसे उनके पाकिस्तान जाने को लेकर भी प्रश्न हुआ, जिसे सुन दुलत विफर गए।

 नाराजगी इतनी बढ़ गई कि ऑन कैमरा उन्होंने हाथापाई और गाली-गलौच शुरू कर दिया। वीडियो अब चैनल पर मौजूद है। देख सकते हैं कि पत्रकार ने दुलत से पाकिस्तान के अलावा POK समेत अन्य मुद्दों पर भी सवाल पूछे, जिसे देते हुए वह हिचकते दिखे और पाकिस्तान जाने वाली बात पर भड़क गए।

पॉडकास्ट में पत्रकार ने एएस दुलत से पहला सवाल पूछा, “आप राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में दिखाई दिए, कैसे आप उस यात्रा में जुड़े थे, क्या कारण थे?” इस पर दुलत जवाब देते हैं, “राहुल गाँधी जी का फोन आया था। मैं यात्रा में गया था। हाँ, मेरा विचार कॉन्ग्रेस से मिलता है। कॉन्ग्रेस राज के अंदर ही मैंने नौकरी की है। हम तो हमेशा कॉन्ग्रेस के साथ थे।”

अगला सवाल पूछा जाता है, “90 के दशक में कट्टपंथियों ने कश्मीरी पंडितों का नरसंहार किया था, उस पर आपका क्या कहना है?” दुलत कहते हैं, “वो यही लोग थे, जो दिल्ली से खफा थे और सिर्फ पंडितों को नहीं मारा है। मुसलमान ज्यादा मारे गए थे तब।” जवाब से लगता है कि उनकी नजर में मारने वाले इस्लामी कट्टरपंथी नहीं थे।

POK के मुद्दे पर सवाल किया जाता है तो दुलत कहते हैं, “कोई मुद्दा नहीं, क्या मुद्दा है?” फिर पत्रकार विस्तारित करते हैं, तब एएस दुलत जवाब देते हैं, “अगर कोई हल है तो वही है, LOC पर समझौता कर लो। जो आपके पास है, वो आपका है। जो हमारे पास है वो हमारा है।”

अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पर्यटन बढ़ने के सवाल पर दुलत कहते हैं, “हाँ-हाँ… पर्यटन बढ़ा है, मैंने तो कहा था कि कश्मीर के स्थानीय नेताओं की बात सुननी चाहिए थी।” बताया जाए कि उस समय कश्मीर के स्थानीय नेता अनुच्छेद 370 हटने का विरोध कर रहे थे। दुलत अपने जवाब में इसका समर्थन करते हैं और कहते हैं कि पर्यटन बढ़ना परेशानी है।

हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी पत्रकार ने सवाल किए। पूछा गया “10-15 दिन पहले भारत-पाकिस्तान में तनाव थे”…इतने में दुलत कहते हैं, “मैं तो कहता हूँ। लाहौर ले लेना चाहिए था। मुझे तो लाहौर पसंद है।”

इससे अगला सवाल दुलत के पाकिस्तान में संपर्क को लेकर होता है। दुलत जवाब में कहते हैं कि उनके संपर्क तो हैं। कुछ दिन पहले पाकिस्तान जाने के सवाल पर दुलत विफर जाते हैं और मारपीट शुरू कर देते हैं। पत्रकार का यह सवाल एएस दुलत की हाल ही की किताब ‘स्पाय क्रॉनिकल्स रॉ ISI’ के संबंध में पूछा गया था। यह किताब दुलत ने पूर्व पाकिस्तानी जासूस असद दुर्रानी संग मिलकर लिखी है।

जब कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को प्रोपेंगेडा करार दिया

दुलत हमेशा देश में गलत कारणों से जाने जाते रहे हैं। उन्होंने अक्सर कॉन्ग्रेस के बीजेपी विरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रचार का समर्थन किया है। साल 2023 में कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के हाथों में हाथ डालकर फोटो भी खिंचवाई।
इसके अलावा साल 2019 में निर्मित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’, जिसमें कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दिखाया गया। दुलत ने फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने घाटी से कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन को धो-पोंछने का काम किया था। यह कहते हुए कि कश्मीरी हिंदुओं के पलायन की लोकप्रिय धारणा वास्तविकता से अलग है।
एएस दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए थे। साल 2019 में आम चुनावों से पहले दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए तोहफा बताया। इसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी।

मालदीव : जिस मुस्लिम महिला मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को दी थी गाली, उसने अब हमारे तिरंगे का किया अपमान: विरोध के बाद पोस्ट डिलीट कर भागी

भारत विरोधी एजेंडा करने वाली मरियम शिउना (बाएँ) और  मोदी (दाएँ) (चित्र साभार: Opindia Archive & ET)
मालदीव की सरकार में मंत्री मरियम शिउना ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। शिउना ने मालदीव की विपक्षी पार्टी, भारत और भाजपा को निशाना बनाने के लिए एक फर्जी पोस्टर पोस्ट किया। इस पोस्टर में भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में शामिल अशोक चक्र का अपमान किया गया।

शिउना ने शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की रात्रि को अपनी पार्टी PPM के लिए समर्थन जुटाने वाला एक पोस्ट किया। इसमें विपक्षी पार्टी PPM को निशाना बनाते हुए अशोक चक्र को शामिल करके पोस्टर बनाया गया था और इस पर लिखा था, “MDP उनके (भारत) जाल में फंस रही है, हमें (मालदीव) उनके जाल में दोबारा फँसने की जरूरत नहीं है।”

इस पोस्टर को विपक्ष की पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के संसदीय चुनावी अभियान के लिए जारी किए गए पोस्टर को बिगाड़ करके बनाया गया था। जहाँ MDP के पोस्टर में एक कम्पास था, तो मंत्री शिउना के फर्जी पोस्टर में कम्पास की जगह पर भारत के तिरंगा में शामिल अशोक चक्र लगा दिया गया था। यह भारतीय ध्वज का अपमान करके के उद्देश्य से किया गया।

इस फर्जी पोस्टर में मात्र अशोक चक्र ही नहीं बल्कि भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल भी शामिल किया गया है। यह चुनाव चिन्ह MDP के चुनाव चिन्ह के साथ उपयोग किया गया है और दोनों पार्टियों के बीच किसी गठबंधन का इशारा किया गया है। गौरतलब है कि MDP मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत विरोधी नीतियों का विरोध करती रही है।

यह पोस्ट शिउना ने हटा दिया है। शिउना की करतूत का काफी विरोध हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि जहाँ एक तरफ मालदीव भारत से मदद माँगता है वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री भारत का अपमान करते हैं और भारत के खिलाफ विषवमन करते हैं।

शिउना का यह भारत विरोधी पोस्ट तब आया है जब भारत ने हाल ही में मालदीव को भेजी जाने वाली सामग्रियों का कोटा बढ़ाया है। भारत ने चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्रियों से सम्बन्धित कोटा को मालदीव के आग्रह के बाद बढाया था। इसको लेकर मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने भारत का धन्यवाद किया था।

भारत और मालदीव के रिश्ते बीते वर्ष के अंत से ही ठीक नहीं है। मालदीव में 2023 में मोहम्मद मुइज्जू चुनाव जीते थे। मुइज्जू ने भारत के खिलाफ अभियान चला कर यह चुनाव जीता था। इसके बाद भारत और मालदीव के बीच काफी बड़ा राजनयिक विवाद भी हुआ था। अब मालदीव में संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं तो मुइज्जू की पार्टी फिर से उसी हथकंडे को अपना रही है।

मालदीव के मंत्रियों की वजह से हुआ था राजनयिक विवाद

पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद एक्स (पहले ट्विटर) पर रौशन सिन्हा ने पीएम मोदी का ‘लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला’ वीडियो शेयर किया था। सिन्हा ने कहा था कि यह “मालदीव की नई चीनी कठपुतली सरकार के लिए एक बड़ा झटका” है।
इस पोस्ट से मालदीव की युवा, सूचना और कला मामलों उप मंत्री मरियम शिउना चिढ़ गई। शिउना ने मिस्टर सिन्हा की पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जोकर’ और ‘इजरायल की कठपुतली’ कहा। यह पोस्ट बाद में हटा दिया गया। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहीं भी मालदीव का जिक्र नहीं किया था।
भारत सरकार ने मरियम शिउना की टिप्पणी को लेकर मालदीव से कड़ी आपत्ति जताई थी। शिउना को मालदीव की सत्तारूढ़ पार्टी के दो अन्य नेताओं के साथ बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस पूरे विवाद के बाद बड़ी सँख्या में भारतीयों ने मालदीव की यात्रा ना करने को लेकर अभियान चलाया था।
इन सभी विवादों के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को ‘निकटतम सहयोगी’ बताया था। उन्होंने इसके बाद भारत से कर्ज में राहत देने की माँग की थी। अब शिउना के भारतीय ध्वज के अपमान के बाद दोंनो देशों के बीच राजनयिक तनाव फिर बढ़ सकता है।

जहीर खान की दीपावली वाली फोटो देख क्यों भड़के कट्टरपंथी? : ‘तू मुसलमान… ये टीका क्यों लगाया’

                                  ज​हीर खान बीवी सागरिका के साथ (फोटो साभार: @imzaheer)
टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान (Zaheer Khan) दीपावली के दिन कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए। उन्होंने 24 अक्टूबर 2022 को दीवाली की शुभकामनाएँ देते हुए बीवी अभिनेत्री सागरिका घाटगे (Sagarika Ghatge) के साथ सोशल मीडिया में तस्वीर शेयर की। तस्वीर में जहीर और सागरिका ट्रेडिशनल लुक में हैं। जहीर ने तिलक भी लगा रखा है।

अब गंगा-जमुनी तहजीब, संविधान की बात करने वाला कोई नज़र आ रहा। ज़हीर द्वारा माथे पर तिलक लगाने से कौन-सा पहाड़ टूट गया? कोई गैर-मुस्लिम टोपी पहन ले तो सेक्युलर नहीं पहने तो फिरकापरस्त और जब कोई मुस्लिम तिलक लगा ले तो लानत दी जाने को दोगलापन नहीं कहा जाएगा? टीवी पर बैठकर ऐसे ढोंगी नारे लगाने वाले ज़हीर पर तोहमते देने वालों पर क्यों नहीं सख्ती से पेश आते? अन्यथा पलटवार करने पर हिन्दुओं को आरोपित करना छोड़ना पड़ेगा। नदी एक नाव पर बैठ कर पार की जाती है, दो नावों पर बैठने वालों का हश्र दुनियां जानती है।  

जहीर खान ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “हमारी तरफ से आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।” इसके बाद सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी उन पर टूट पड़े। एम इसरार खान ने लिखा, “एक मुस्लिम होने के नाते आप यह त्योहार नहीं मना सकते हैं। अल्लाह आपको सही राह दिखाए।”

शहजाद नाम के यूजर को जहीर खान के माथे पर तिलक लगाने से आपत्ति है। वह लिखता है कि आप दिवाली विश कर सकते हैं, लेकिन माथे पर तिलक नहीं लगा सकते।

Aap Diwali wish kar sakte ho lekin mathe par Tilak nai kar sakte

— Sehjad khan Hanif khan Pathan (@SehjadHanif) October 24, 2022

बाबर ने जहीर खान के लिए लिखा, “भाई तू मुसलमान था ना शायद… ये टीका क्यों लगाया है फिर।”

यह पहली बार नहीं है, जब जहीर खान और उनकी बीवी को दिवाली मनाने पर ट्रोल​ किया गया हो। इससे पहले भी कट्टरपंथी दोनों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर चुके हैं।

                                               फोटो साभार : जहीर खान का ट्विटर

साल 2019 में जहीर ने दिवाली की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसको लेकर एक यूजर ने लिखा था, “धर्म परिवर्तन कर लिया क्या, भाईजान…।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “कुछ तो शर्म कर लो।” मुहम्मद फारूक असद ने जहीर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि इस तरह से दिवाली मनाने के बाद अल्लाह को क्या मुँह दिखाओगे। उमर ने लिखा था, “नहीं मिलेगा फ्लैट अब भी।”

संजय राउत ने 1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार कहा चू#!या: नेता से लेकर हिरोइन तक को गाली

                                                             साभार: गूगल
शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से ऑन कैमरा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कम से कम 4 बात चू#!या कहा। उन्होंने अपनी बात उस समय कही जब उनके सामने पत्रकार ने भाजपा नेता किरीट सोमैया के आरोपों के संबंध में पूछा। राउत ने ये बात सुनने के बाद कहा कि ये सब किसने कहा है? कौन है ये? उन्होंने भाजपा नेता के लिए कहा- ‘ऐसे चू#या बहुत हैं इस देश में।’

मीडिया से शिवसेना नेता की बातचीत की वीडियो सामने आने के बाद देख सकते हैं कि कैसे शिवसेना नेता ने 1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार चू#!या बोला। उन्होंने कहा, “देश की राजनीति के बारे में बातें करना मीडिया को शोभा नहीं देता। देश की राजनीति ऐसे चू#!या लोगों को खत्म करेगी। नहीं रहेंगे ऐसे लोग इस देश में। इस देश में राजनीति बहुत स्वच्छ होगी, पारदर्शी होगी और लोकतांत्रिक होगी। 10 मार्च के बाद आपको उसका पता चलेगा। उद्धव ठाकरे जैसा मुख्यमंत्री मिलने आता है उसका इस प्रकार से अपमान करना…ये बीजेपी के लोग जो हैं…ये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का अपमान है। ये मराठियों का अपमान है। इसलिए मैंने उन्हें चू#!या बोला है। मैं दोहराता हूँ। ऐसे लोगों को महाराष्ट्र में केंद्र सरकार सिक्योरिटी देती है।”

नेता से लेकर हिरोइन तक को संजय राउत ने दी है गाली

इससे पहले बीजेपी नेताओं को जेल भेजने की धमकी देने वाले शिवसेना नेता संजय राउत 15 फरवरी 2022 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आपा खो बैठे थे और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर डाला था। उन्होंने दावा किया था कि शिवसेना कभी भी उन लोगों से नहीं डरती जो लोग नामर्दों की तरह वार करते हैं। बालासाहेब ठाकरे के नाम पर राउत ने कहा था, “अगर तुमने कोई पाप नहीं किया है, अगर तुम्हारा मन साफ है तो किसी के बाप से मत डरो। आज के इस पत्रकार परिषद से हम संदेश देना चाहते हैं कि महाराष्ट्र गा^%* की औलाद नहीं है। मराठी मानुस ईमानदार है और हम आपसे डरने वाले नहीं हैं।”
यह पहला मौका नहीं है जब शिवसेना सांसद ने सार्वजनिक तौर पर इतनी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया हो। सितंबर 2020 में उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत को ‘हरामखोर’ तक कह दिया था। राउत ने कहा था, “क्या होता है कानून? उस लड़की ने जिस तरह से बात किया, क्या वह कानून के लिए सम्मान था? आप क्या उस ‘हरामखोर’ लड़की की वकीली कर रहे हैं। जिसने शिवाजी महाराज का अपमान किया, जिसने महाराष्ट्र का अपमान किया है, आपका चैनल उसकी तरफदारी कर रहा है।” हालॉंकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि कंगना रनौत को हरामखोर इसलिए बोला था, क्योंकि इसके मायने महाराष्ट्र में अलग हैं।

तालिबान-बुर्का-शोषण-इस्लाम… उदित राज ने उठाया प्रश्न

                                             फिर उठी उदित राज को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की माँग
अफगानिस्तान की महिलाओं को लेकर ‘विशेष रूप से चिंतित’ रहने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता उदित राज ने एक बार फिर तालिबान और इस्लाम पर प्रश्न उठाया है। हाल ही में उन्होंने अफगानिस्तान में धर्मांधता के कारण महिलाओं की दयनीय स्थिति पर ट्वीट कर चिंता जताई थी लेकिन उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों की गंदी गालियों का सामना करना पड़ा था।

उदित राज ने एक बार फिर तालिबान के बहाने इस्लाम की बात की। उन्होंने ट्वीट करके कहा:

“तालिबानी महिलाओं का शोषण करें, बुर्का में कैद और ड्रग बेचकर पैसा कमाएँ, क्या यही इस्लाम है?”

इसके बाद उदित राज को कई मुस्लिमों की आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कांग्रेस  के सदस्य होने के नाते इस्लाम पर प्रश्न करने का साहस करने पर उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की माँग जोर पकड़ रही है और कई यूजर्स ने इस माँग का समर्थन किया है।

उदित राज के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हालाँकि इस ट्वीट के बाद उन्हें मुस्लिमों की आलोचना झेलनी पड़ी और कई ऐसे यूजर्स ने उनसे इस्लाम की तुलना तालिबान से करने के लिए मना किया तो कुछ यूजर अपने स्वभाव के मुताबिक RSS की विचारधारा तक पहुँच गए।


हालाँकि कांग्रेस का सदस्य होने के नाते उदित राज के इस्लाम पर प्रश्न उठाए जाने के साहस की कई यूजर्स द्वारा प्रशंसा की गई और उन्होंने उदित राज को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की माँग की। एक यूजर ने तो यहाँ तक लिख दिया, ‘सोनिया गाँधी इस्तीफा दो, उदित जी को कांग्रेस का प्रेसिडेंट बनाओ।”


हाल ही में अपने एक ट्वीट में कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. उदित राज ने कुछ छात्राओं की फोटो पोस्ट की थी, जो स्कर्ट में थीं और उनके बारे में लिखा था कि यह 1960 के दशक के अफगानिस्तान के कॉलेज का दृश्य है लेकिन धर्मांधता ने आज कहाँ पहुँचा दिया। उन्होंने आगे लिखा था कि आज वहाँ महिलाएँ गुलामी व बुर्का में कैद हो गई हैं और भारत भी इसी ओर बढ़ रहा है। लेकिन उदित राज के इस पोस्ट के बाद कई कट्टरपंथी मुस्लिमों को उनकी यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने उदित राज के लिए अपशब्द कहे थे और कमेंट में गालियाँ भी दी थीं।