नूपुर शर्मा पर अखिलेश यादव की ‘शरीर’ वाली टिप्पणी पर नींद से जागी महिला आयोग

                   सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (बाएँ ) एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा (दाएँ)
नूपुर शर्मा मुद्दे किस ओर जा रहा है या जायेगा कहना कठिन है। विदेशी मौलानाओं के नूपुर के पक्ष में बोलने के साथ-साथ केरल के राज्यपाल द्वारा मदरसों और देवबंद पर प्रहार करना कट्टरपंथियों के षड़यंत्र की ओर इशारा किया जा रहा है। मुसलमानों में भी दो मत हो रहे है, एक पक्ष का मानना है कि जब नूपुर ने हमारी ही इस्लामिक किताब के हवाले से तस्लीम रहमानी के उकसाने पर बात कही, फिर विवाद क्यों? उनका यह भी कहना है कि अगर यह मसला ख़त्म नहीं हुआ, वह मुसलमानों के बहुत खिलाफ जाने वाला है और उसके जिम्मेदार कोई नहीं, बल्कि नेता और मुस्लिम रहनुमा कहलाये जाने वाले होंगे। क्योकि अगर नूपुर ने गलत बयानबाज़ी की थी, ऐतराज उसी रात से होना था, 10 दिन बाद क्यों? जबकि कट्टरपंथी सोंच इसे पैगम्बर का अपमान मान रहे हैं। इतना ही नहीं, बॉलीवुड की 
लीना मनिमेकलाई ट्विटर पर माँ काली को सिगरेट पीते दिखाकर आग में घी डाल रहा है। 

जिसे देखो मौके पर चौका मारने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। अब अखिलेश यादव की नूपुर पर "शरीर से भी माफ़ी" वाली टिप्पणी का राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेकर योगी सरकार से इस पर कार्यवाही करने के लिए कहा है। महिला आयोग ने भी सुर्खियां बटोरने का अच्छा मौका तलाशा। इतने दिनों से उसे बलात्कार और तन से सर जुदा की धमकियाँ मिल रही, तब उन धमकियों का संज्ञान क्यों नहीं लिया? क्या बलात्कार या तन से सर जुदा होने का इंतज़ार किया जा रहा था? क्यों नहीं ऐसी मांग करने वालों सख्त कार्यवाही करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को लिखा? क्यों नहीं प्रेस कांफ्रेंस करके जिस इस्लामिक किताब के हवाले से नूपुर ने तस्लीम रहमानी को जवाब दिया, उस किताब के पृष्ठ की फोटो कॉपी मीडिया को देकर कट्टरपंथियों को  बेनकाब किया?   

बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट करके समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुरा फँस गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर संज्ञान लिया है। यह ट्वीट उन्होंने 1 जुलाई को किया था। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच को भी कहा। एनसीडब्ल्यू ने यह भी कहा है कि कार्रवाई के बाद आयोग को भी इससे अवगत कराया जाए।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने 4 जुलाई 2022 को यूपी पुलिस और डीजीपी यूपी को टैग करते हुए ट्वीट किया, “इस शख्स को देखिए जो खुद को एक पार्टी का नेता बताता है। वह लोगों को नूपुर शर्मा पर हमला करने के लिए उकसा रहा है। यूपी पुलिस और डीजीपी उसके खिलाफ कार्रवाई करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध है कि उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान (Suo Moto action) लें।”

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट किया था, “सिर्फ मुख को नहीं शरीर को भी माफी माँगनी चाहिए। देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सजा भी मिलनी चाहिए।”

पैगंबर मुहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी के ​कारण बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पिछले महीने पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की ध​मकियाँ मिल रही हैं। इसी बीच 2 जुलाई को नुपूर शर्मा के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था। कोलकाता की दो थानों की पुलिस ने नुपूर शर्मा को कुछ दिन पहले समन भेजकर उनसे वहाँ पेश होने को कहा था। हालाँकि जान का खतरा होने के कारण नुपूर थानों में नहीं गई, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने ये नोटिस जारी किया ताकि नुपूर देश छोड़कर कहीं न जा पाएँ।

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