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8वीं पास रूबीना, ‘उपाध्याय मैडम’ नाम रख फर्जी वकील बनीं, हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण और मुस्लिम लड़कों से निकाह कराने की रची साजिश

                                हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण की बड़ी साजिश (फोटो साभार: ChatGPT)
जब कांवड़ यात्रा के दौरान हिन्दू नाम रख ढाबे चलाने वाले मुस्लिमों पर कार्यवाही की जाने पर कितने सेक्युलर का चोला ओढे सनातन विरोधी चील-कौओं की तरह चीख रहे थे और हमारी अदालतें भी उनका पक्ष ले रही थी। अब अदालतों को आंखे खोलनी होंगी क्योकि 8वीं पास कानून की मोटी-मोटी किताबों को धता दे अब जेहादी नाम बदलकर अदालतों में पहुँच अपना खेल खेल रहे हैं। अदालतों को चाहिए कि पुलिस को निर्देश दे कि जिस संस्था ने इसे वकालत की डिग्री दी उसे चेतावनी ही नहीं सील करे। रुबीना के बैंक खाते फ्रीज़ किये जाएं। 
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 8वीं पास एक मुस्लिम महिला ने खुद को हिंदू वकील बताकर हिंदू लड़कियों को इस्लाम अपनाने और मुस्लिम युवकों से शादी करने के लिए फँसाया। सत्य की आवाज की रिपोर्ट के अनुसार, रूबीना नाम की महिला ने खुद को वकील बताकर नर्मदापुरम जिला व सत्र न्यायालय में एक वरिष्ठ वकील के चैंबर से जुड़ गई।

वह वरिष्ठ वकील की सहायक के रूप में काम करती थी और वकील की ड्रेस पहनकर अदालत में आती थी। रूबीना ने न केवल वकील होने की झूठी पहचान बनाई बल्कि अपनी मजहबी पहचान भी छिपाई। वह खुद को हिंदू बताती थी और लोग वहाँ उसे ‘उपाध्याय मैडम’ के नाम से जानते थे। अपनी इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर उसने हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए निशाना बनाया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वह हिंदू महिलाओं का ब्रेनवॉश करती थी, उन्हें मुस्लिम बनाने के लिए प्रेरित करती थी और उनका निकाह मुस्लिम पुरुषों से करवाती थी। रूबीना द्वारा निशाना बनाई गई ऐसी ही एक लड़की सामने आई है और उसने बताया है कि रूबीना ने उसके साथ क्या किया।

रूबीना के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें जबरन वसूली, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के आरोप शामिल हैं। स्थानीय हिंदू संगठनों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद उसका भंडाफोड़ हुआ। हिंदू संगठनों को संदेह है कि उसकी गतिविधियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है और वे पुलिस से त्वरित और कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर यह महिला पूरे कानूनी तंत्र को कैसे धोखा देती रही। गौरतलब है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ऐसे ही फर्जी वकीलों के मामलों का जिक्र कर रहे थे, जब उन्होंने कहा था कि कुछ लोग व्यवस्था पर कॉकरोच की तरह हमला कर रहे हैं। जिसके बाद उनके इस बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था।

उत्तर प्रदेश : छात्राओं को पहनाया हिजाब, छात्रों को इस्लामी टोपी: संभल के सरकारी स्कूल में मजहबी तालीम दे रहे थे मुस्लिम शिक्षक, प्रिंसिपल समेत 3 सस्पेंड

                                         संभल स्कूल में बच्चों को दी जा रही थी मजहबी सीख
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित जालब सराय सरकारी स्कूल में मजहबी गतिविधियों को बढ़ावा देने का मामले सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के 2 मुस्लिम शिक्षक हिंदू छात्र-छात्राओं को इस्लामी तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

टीचरों के नाम अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज है। ये दोनों हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने और छात्रों को इस्लामी टोपी पहनाकर सजदा करने के लिए कहते थे। साथ ही स्कूल परिसर में अन्य धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ भी करते थे।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब स्कूल से जुड़ी कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

इसके अलावा प्रभारी प्रधानाचार्य बालेश कुमार पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों से छिपाई और लापरवाही बरती।

डीएम ने मामले की गहन जाँच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति पूरे प्रकरण की जाँच कर यह पता लगाएगी कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का मजहबी या वैचारिक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मोदी और अमित शाह नया नहीं नासिक का कार्पोरेट जिहाद, देशभर के KPO-BPO में निशाने पर हिंदू लड़कियाँ: पूर्व KPO कर्मी के तौर पर मैं बताऊँगा इस्लामी कट्टरपंथियों की मोडस ऑपरेंडी

                                                                                                                     प्रतीकात्मक चित्र (AI)

नौकरी चाहिए है? तो पहले नमाज पढ़ो… सैलरी हाइक या प्रमोशन चाहिए है? तो पहले बीफ खाओ… महाराष्ट्र के नासिक में मुस्लिम कट्टरपंथियों के ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का शिकार बनी हिंदू युवतियों और महिलाओं ने ऐसे आरोप लगाए थे। आइए समझते हैं कि विवाद क्या था और इसी क्षेत्र में काम करते हुए मेरा क्या अनुभव रहा।

हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का मामला सामने आया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक BPO ऑफिस में हिंदू महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें किस तरह इस्लामी जिहाद में फँसाया जा रहा था और इसको लेकर चर्चा हो रही है। सभी आरोपि मुस्लिम हैं और कंपनी में अच्छी और प्रभावशाली पोस्ट पर काम कर रहे थे। इस विवाद के सामने आने के बाद से BPO और KPO की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने का मेरा अनुभव भी शायद समाज के लिए उपयोगी हो सकता है।

मेरा अनुभव

जब पूरा शहर रात के अँधेरे में सो रहा होता है, तब इन चमकती हुई काँच की इमारतों में हजारों युवा जाग रहे होते हैं। आज मैं यह खुलासा करूँगा कि कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल और आधुनिकता के नाम पर यहाँ क्या चल रहा है। आज ऑपइंडिया पर मैं अपना निजी अनुभव साझा कर रहा हूँ।
मैंने BPO और KPO सेक्टर में सालों तक काम किया है। मैंने वहाँ का माहौल देखा है, नेटवर्क देखा है और वहाँ की मानसिकता को करीब से अनुभव किया है। नासिक में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 मुस्लिम टीम लीडर तो बस शुरुआत भर हैं। आज मैं इस बारे में बात करूँगा कि इन दफ्तरों के अंदर असली खेल कैसे खेला जाता है।

BPO-KPO सेक्टर के अंदर की सच्चाई

इस सेक्टर में नौकरी पाने के लिए आपको किसी बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं होती। थोड़ी-बहुत अंग्रेजी जानने भर से ही आपको 20-30 हजार रुपए की नौकरी मिल जाती है। यहाँ मुख्य रूप से दो तरह के लोग काम करते हैं। एक तरफ वे लोग होते हैं जो बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते और एक ही जगह पर लंबे समय तक टिके रहना चाहते हैं। दूसरी तरफ कॉलेज जाने वाले हिंदू युवक-युवतियाँ होते हैं जो अपने खर्च निकालने के लिए रात में काम करते हैं।
मैं भी अपने कॉलेज के दिनों में अपने खर्च निकालने के लिए ऐसे ही एक BPO में रात की शिफ्ट में काम किया करता था। मैंने अपनी आँखों से देखा है कि जब कोई मुस्लिम व्यक्ति टीम लीडर (TL), ट्रेनर या HR जैसी किसी ऊँची पोस्ट पर पहुँच जाता है तो वह वहाँ के पूरे माहौल (ecosystem) को ही बदल देता है। वह बड़ी आसानी से अपने मजहब के युवाओं को इंटरव्यू पास करवाकर उन्हें इस सिस्टम के अंदर ले आता है।
हिंदू युवा आमतौर पर 2-3 साल में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करके दूसरे क्षेत्रों में चले जाते हैं। लेकिन ये लोग सालों तक एक ही जगह पर टिके रहते हैं, क्योंकि इन्हें आगे और पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होती। इसका नतीजा यह होता है कि वे ट्रेनिंग से लेकर मैनेजमेंट तक की सभी अहम कुर्सियों पर काबिज हो जाते हैं और जब सत्ता उनके हाथों में आ जाती है तो उनका असली खेल शुरू होता है। और तब उनका असली निशाना होती हैं- नई-नई आई हुईं हिंदू लड़कियाँ।

सीक्रेट मुस्लिम वॉट्सऐप ग्रुप

नासिक के TCS केस में पुलिस जाँच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन जिहादियों ने ऑफिस के अंदर एक सीक्रेट मुस्लिम वॉट्सऐप ग्रुप बनाया हुआ था। इस ग्रुप में ऑफिस की हिंदू लड़कियों की तस्वीरें शेयर की जाती थीं। वहाँ इस तरह की चर्चाएँ होती थीं कि ‘आज किसका नंबर है?’, ‘कौन-सी लड़की कमजोर है जो जल्दी जाल में फँस जाएगी?’, ‘किसे किस तरह ब्लैकमेल करना है?’।
जो लड़की अपने टीम लीडर को अपना रक्षक मानती थी, वही टीम लीडर डिजिटल ग्रुप में उसी लड़की की बोली लगा रहा था। यह एक ‘डिजिटल मंडी’ थी, जहाँ हिंदू बेटियों की अस्मिता के सौदे हो रहे थे।

टीम आउटिंग और ब्लैकमेलिंग की रणनीति

मुझे याद है कि जब मैं काम करता था, तब ये लोग ‘टीम आउटिंग’ या ‘टीम डिनर’ के नाम पर बहुत जोर देते थे। नासिक के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। ये जिहादी पूरी टीम को आउटिंग पर ले जाते, जहाँ हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण किया जाता, उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए जाते और फिर धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी जाती।
नासिक के अंबड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में ऐसी बातें सामने आई हैं जिन्हें सुनकर खून खौल उठता है। कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और मैनेजर्स ने जैसे एक नियम बना दिया था कि अगर सैलरी हाइक या प्रमोशन चाहिए तो नमाज पढ़नी होगी और गौमांस खाना होगा।

हिंदू पुरुष भी टारगेट

ये लोग सिर्फ लड़कियों को ही नहीं बल्कि हिंदू लड़कों को भी निशाना बनाते हैं। उन्हें नशे की आदत में धकेलना, उनकी आस्था को तोड़ना और धीरे-धीरे उन्हें इस्लामी विचारधारा की ओर मोड़ना, यह सब ऑफिस के AC केबिन में बैठकर किया जाता है।
रात के समय जब कोई निगरानी करने वाला नहीं होता, तब ये जिहादी ऑफिस को अपने प्रचार का केंद्र बना देते हैं। नाइट शिफ्ट का सबसे बड़ा फायदा इन्हें यह मिलता है कि रात में पूरी दुनिया सो रही होती है। ब्रेक के नाम पर लड़कियों को बाहर ले जाना, होटलों में जाना तो यह सब आम बात बना दी जाती है। CCTV भले ही ऑफिस के फ्लोर पर लगे होते हैं लेकिन पार्किंग या बाहर क्या हो रहा है, इसकी कोई परवाह नहीं करता।

पूरे देश में फैला है नेटवर्क

नासिक पुलिस की कार्रवाई से यह साफ होता है कि यह कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। महाराष्ट्र पुलिस ने फिलहाल 6 लोगों को पकड़ा है लेकिन क्या इतना ही काफी है? गुजरात से लेकर दिल्ली तक कई कंपनियों में ऐसे मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
असल में ऐसी कंपनियों के HR और मैनेजमेंट की भी जाँच होनी चाहिए। हर कंपनी की Prevention of Sexual Harassment (POSH) कमेटी में संतुलित और जवाबदेह प्रतिनिधित्व होना चाहिए ताकि पीड़ित महिलाओं को सही न्याय मिल सके।
माता-पिता से भी अपील है कि वे इस बात पर ध्यान दें कि उनके बेटे-बेटियाँ किस कंपनी में काम कर रहे हैं, उनका टीम लीडर कौन है और कार्यस्थल का माहौल कैसा है। कॉर्पोरेट कल्चर के नाम पर किसी भी तरह के शोषण या दबाव को नजरअंदाज न करें। अगर किसी के पास ऐसी कोई जानकारी हो, तो संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुँचाएँ क्योंकि समय पर उठाई गई आवाज किसी की जिंदगी बचा सकती है।
(साभार :यह खबर मूल रूप से गुजराती में लिखी गई है ; લિંકન સોખડિયા
Young and enthusiastic journalist, having modern vision though bound with roots. Shares deep interests in subjects like Politics, history, literature, spititual science etc.)

‘मुस्लिम कट्टरपंथियों ने बहकाया, माफ कर दो’: हिंदू लड़कियों को रेप की धमकी देने वाला जहाँगीर अब जोड़ कर लगा रहा जय श्रीराम के नारे; देखिए Video

                                                                 साभार ट्वीट शॉट 
सोशल मीडिया पर हिंदुत्व की बात करने वालों के खिलाफ इस्लामी कट्टरपंथी अक्सर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखते हैं। हाल में यही काम अजहान जहाँगीर नाम के बीटेक छात्र ने किया। अजहान ने सोशल मीडिया पर दो हिंदू लड़कियों को खुलेआम रेप की धमकियाँ दी और उनके लिए अश्लील भाषा का प्रयोग किया।

जब लोगों ने उसके कमेंट के स्क्रीनशॉट लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू किया तो अजहान घबरा गया और उसको अपना करियर बर्बाद होने का डर सताने लगा। इसके बाद उसने न केवल हाथ जोड़ हिंदुओं से माफी माँगी, बल्कि कहा कि वो सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहेगा।

अजहान ने उसका कमेंट वायरल होने के बाद एक वीडियो अपलोड की है। कैप्शन में लिखा है- “मुझसे गलती हो गई, मैं सभी हिंदुओं से माफी माँगता हूँ, मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा।”

वीडियो में वो कहता नजर आया- “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। मैं हाथ जोड़कर श्रेया जी और प्रतीक्षा जी से माफी माँगता हूँ। मैंने अपने कौम के कुछ नफरती लोगों के बहकावे में आकर ये सब ट्वीट कर दिया था। मैं आगे से सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहूँगा।”

अजहान ने आगे कहा, “जिन लड़कियों को मैंने रेप धमकियाँ दीं उनसे मैं हाथ जोड़कर माफी माँगता हूँ। अपने कौम के कट्टरवाद लोगों से इन्फ्लुएंस होकर मैंने ये सब कह दिया था। मैं आगे से अपनी पढ़ाई पर ध्यान दूँगा। बाकी चीजों से कोसों दूर रहूँगा। जय श्रीराम। मुझे माफ कर दें।”

खबर में जोड़े गए स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि अजहान ने प्रतीक्षा और श्रेया नाम की लड़कियों के लिए कैसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। बाद में जब हिंदुत्व नाइट नाम की एक नेटीजन ने इस मुद्दे को उठाया और पूछा कि ये लड़का अजहान जहाँगीर स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। क्या सच में यूनिवर्सिटी ऐसे छात्रों को सपोर्ट करती हैं। अगर नहीं, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। ये लोग कैंपस में पढ़ने वाली महिलाओं के लिए भी खतरा है। इसी ट्वीट के बाद अजहान की वीडियो सामने आई।

राजस्थान : सरकारी स्कूल में जबरन पढ़वाते थे नमाज, हिंदू छात्रा के TC में लिखा ‘इस्लाम’

सरकारी स्कूल में चल रहे इस्लामी साजिशों को लेकर हिंदू संगठन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन (साभार: voiceofpublic.live)
राजस्थान में बनी नई सरकार ने अभी अंगड़ाई भी नहीं ली है कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही धांधलियां/तुष्टिकरण की चरम सीमा सामने आनी शुरू हो गयी है। यदि वर्तमान भाजपा सरकार सख्ती से काम करती है, निश्चित रूप से कांग्रेस का राजस्थान का सफाया हो जाएगा। अभी राजस्थान के कोटा जिले के एक सरकारी स्कूल में धर्मांतरण और लव जिहाद की साजिशों का खुलासा होने के बाद दो शिक्षक सस्पेंड किए गए हैं। यह स्कूल सांगोद कस्बे के पास स्थित खजूरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। स्कूल की एक हिंदू छात्रा के स्थानांतरण पत्र (TC) में ‘इस्लाम’ लिखे जाने और छात्राओं से जबरन नमाज पढ़वाए जाने का मामला सामने आया है।

स्कूल में चल रहे इस्लामी षड्यंत्र का खुलासा राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के दौरे के दौरान हुआ। 21 फरवरी 2024 को सर्व हिन्दू समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात करने यह मामला उनके संज्ञान में लाया। संगठन ने सरकारी स्कूल में इस्लामिक जिहादी गतिविधियाँ चलने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और दावत-ए-इस्लामी के इशारे पर लव जिहाद और धर्मान्तरण की यह साजिश चल रही थी।

इसके बाद स्कूल के दो शिक्षक फिरोज खान और मिर्जा मुजाहिदीन को सस्पेंड कर दिया गया है। महिला शिक्षिका शबाना को मुख्यालय से अटैच (APO) कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जाँच करवाई जा रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि हिंदू होने के बावजूद स्कूल की एक छात्रा की टीसी भी इस्लाम लिख दिया गया था।

उन्होंने कहा, “वहाँ धर्मान्तरण का षड्यंत्र हो रहा है। लव जिहाद का षड्यंत्र चल रहा है। हिंदू लड़कियों से जबरन नमाज पढ़ाई जा रही है। यह पता चलने के बाद 2 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से एक फिरोज खान अध्यापक लेवल 1 है और दूसरा मिर्जा मुजाहिदीन शारीरिक शिक्षक है। शबाना के खिलाफ भी आगे कार्रवाई हो रही है। तीनों को मैंने बीकानेर भेज दिया है। विस्तृत जाँच करा कर इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करूँगा और बर्खास्त करने जैसी स्थिति बनी तो बर्खास्त भी करूँगा।”

हिंदू संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया था कि स्कूल में न सिर्फ हिंदू छात्राओं से नमाज पढ़वाई जाती है, बल्कि उनकी जान-पहचान सोची समझी साजिश के तहत मुस्लिम लड़कों से करवाई जाती है। साल 2019 की एक घटना का भी जिक्र ज्ञापन में था। इसमें एक हिन्दू छात्रा के TC में उसका धर्म इस्लाम लिख दिया गया था। इसी छात्रा का साल 2024 में स्कूल के ही मुस्लिम छात्रों द्वारा अपहरण कर लिया गया था, जिसकी FIR सांगोद थाने में दर्ज है। इस पूरी साजिश के सूत्रधार के तौर पर स्कूल के फिजिकल टीचर मिर्जा मुजाहिदीन, फिरोज खान के अलावा सहायक अध्यापिका शबाना को आरोपित किया गया था।

सर्व हिन्दू समाज ने शिक्षा मंत्री से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए। 21 फरवरी को ही कोटा के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने मिर्जा मुजाहिदीन और फिरोज खान को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा महिला टीचर शबाना को APO (मुख्यालय अटैच) कर दिया गया। मंत्री मदन दिलावर के मुताबिक मामले की उच्चस्तरीय जाँच करवाई जा रही है।