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कर्नाटक : फ़ैयाज़ द्वारा कांग्रेस पार्षद निरंजन की बेटी की चाकुओं से गोद कर हत्या होने पर माना लव जिहाद फ़ैल रहा है; जब हिन्दू संगठन बोलते थे, उन्हें फिरकापरस्त और मुसलमानों का दुश्मन बताकर बदनाम किया जाता रहा

मृतका नेहा (बाएँ) और पिता निरंजन (दाएँ) कांग्रेस पार्षद 
कर्नाटक के हुबली के हीरेमठ में फयाज ने नेहा नाम की एक युवती की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। नेहा के पिता निरंजन हिरेमठ कांग्रेस नेता और पार्षद हैं। उन्होंने कहा है कि देश में लव जिहाद तेजी बाद बढ़ रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की है कि वह बच कर रहें।

जब इसी अति गंभीर मुद्दे को हिन्दू संगठन उठाते हैं, यही कांग्रेस उन्हें फिरकापरस्ती कर देश की शांति भंग कर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा ख़त्म करने का आरोप लगाते रहे हैं। हिन्दू संगठन ऐसे आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की मांग करते रहे हैं, लेकिन यही कांग्रेस और मुस्लिम कट्टरपंथियों के वकीलों फौज बचाव में खड़ी हो जाती है और अदालतें भीगी बिल्ली बनकर तारीख पर तारीख देकर लटकाते भटकाने में लग जाती है। अब किसी को शरिया के अनुसार सजा देना याद नहीं आता। कोई मुस्लिम संगठन ऐसे कातिलों के विरोध में सड़क पर क्यों नहीं आता? क्या इसी तरह हिन्दू लड़कियों को समाप्त किया जाने का षड़यंत्र किया जाता रहेगा? कोई हिन्दू  किसी मुसलमान के खिलाफ नहीं, खिलाफ है कट्टरपंथियों के हाथ की कठपुतली बने इन कातिलों के। 

मृतका नेहा के पिता ने मीडिया से कह़ा, “इस तरह की घटनाएँ तेजी से हो रही हैं। युवा गलत रास्ता पकड़ रहे हैं। किसी के साथ नहीं होना चाहिए। मुझे लगता है कि लव जिहाद तेजी से फ़ैल रहा है और माताओं बहनों को संभल कर बाहर जाना होगा। मेरे एक ही बेटा बेटी थे। यह मेरी आँखों की तरह थे। अब मेरी हालत खराब है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं सभी माताओं से अपील करता हूँ कि अगर आपकी बेटी कॉलेज जाती है तो उसके साथ जाइए और इस बात को पक्का कीजिए कि कोई उसका पीछा ना कर रहा हो।हमारे साथ जो हुआ किसी के साथ ना हो। आसपास की स्थिति बहुत खराब है। मैं राज्य सरकार समेत अन्य सभी नेताओं से इस मामले में कड़ा एक्शन लेने की माँग करता हूँ।”

जहाँ नेहा के पिता ने इस मामले को लव जिहाद बताया है तो वहीं राज्य के गृह मंत्री और उनकी ही पार्टी के नेता जी परमेश्वरा ने कहा है कि यह मामला लव जिहाद का नहीं है। उन्होंने मीडिया को बताया, “शायद फयाज ने नेहा को चाकू इसलिए मार दिया क्योंकि उसे लगता था कि नेहा किसी और से शादी कर लेगी। अभी मुझ ज्यादा जानकारी नहीं मालूम है। लेकिन इस मामले में दोंनो तरफ ही लोग जुड़े हुए थे इसलिए यह लव जिहाद का मामला नहीं है।”

कर्नाटक के हुबली में गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को फयाज नाम के एक युवक ने नेहा नाम की हिन्दू युवती की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। वह नेहा का पहले इन्तजार कर रहा था और जब वह कॉलेज से बाहर आई तो उसने चाकुओं से हमला कर दिया। नेहा की इस हमले में मौत हो गई। फयाज को इस हमले के बाद पकड़ लिया गया है।

बताया जा रहा है कि फयाज युवती पर उसके साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था और लड़की ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में फयाज उसका महीनों पीछा करता था। घटना वाले दिन जब नेहा उसके सामने आई तो उसने उसके गले पर वार किए, जो बताते हैं कि उसकी मंशा नेहा को जान से ही मारने की थी।

पुलिस की जाँच में भी सामने आया है कि फयाज अपने दोस्तों से बोलते हुए फिरता था कि जिस लड़की ने उसका ऑफर ठुकराया है वो उसे खत्म कर देगा। मामले के बारे में बताते हैं सिटी पुलिस कमिशनर रेणुका एस सुकुमार ने कहा वे दोनों (पिछले साल तक) बीसीए साथ में पढ़ रहे थे। लेकिन, बीसीए के बाद नेहा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और फयाज ने छोड़ दी।

कर्नाटक : जिस ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने पर कांग्रेस सरकार ने बहाया था खून, वहाँ अब होगा गणेश उत्सव: कांग्रेस-AIMIM ने किया विरोध

                                ईदगाह मैदान में गणेशोत्सव की तैयारियाँ जारी (फोटो साभार: डेक्कन हेराल्ड)
कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ महानगरपालिका (HDMP) ने उसी ईदगाह में गणेशोत्सव समारोह को मनाने की मंजूरी दी है, जिसे लेकर कभी दो-दो मुख्यमंत्रियों को अपनी कुर्सी गँवानी पड़ी थी। इसी ईदगाह मैदान पर तिरंगा फहराने पहुँचे राष्ट्रभक्तों को साल 1994 में तत्कालीन कांग्रेस  सरकार ने गोलियों से भुनवा दिया था। उस गोलीकांड में 5 राष्ट्रभक्तों की मौत हो गई थी। लेकिन हुबली-धारवाड़ महानगरपालिका (एचडीएमपी), जहाँ भाजपा सत्ता में है, उसने इस साल भी ईदगाह मैदान में गणेशोत्सव के आयोजन की मंजूरी दी है।

कांग्रेस-एआईएमआईएम ने किया तीखा विरोध

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुबली-धारवाड़ महानगरपालिका की दूसरी छमाही में सूचीबद्ध अतिरिक्त विषयों की सूची में ईदगाह मैदान में गणेशोत्सव का मुद्दा आखिरी था। इस बार जैसे ही चर्चा की शुरुआत हुई, कांग्रेस और AIMIM के पार्षदों ने इसका तीखा विरोध किया। दोनों दलों के पार्षदों का कहना था कि पूर्व सूचना के बगैर ही इस मुद्दे को उठाया गया, जिसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालाँकि, हंगामे के बीच महापौर वीणा बराडवाड ने गणेशोत्सव को मंजूरी दे दी।

भाजपा ने कांग्रेस-एआईएमआईएम के विरोध को किया खारिज

ये निर्णय 31 अगस्त, 2023 को लिया गया। इस मामले पर हंगामे के बीच भाजपा के पार्षदों ने कहा कि अतिरिक्त विषयों को चर्चा में शामिल करना महापौर का विशेषाधिकार है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। बता दें कि पिछले साल भी ईदगाह मैदान पर ही गणेशोत्सव मनाया गया था। ये मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए गणेशोत्सव को मंजूरी दे दी। इस मैदान को लेकर तनातनी काफी पुरानी है।

तिरंगा फहराने से रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने बहाया था खून

हुबली के ईदगाह मैदान पर तिरंगा फहराने को लेकर अतीत में बड़ा विवाद हो चुका है। साल 1994 में इस विवाद को तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री वीरप्पा मोईली ने अयोध्या के राम मंदिर विवाद से जोड़ते हुए कहा था कि यहाँ गोलियाँ चलेंगी। उन्होंने तिरंगा फहराने की कोशिश करने वाले राष्ट्रभक्तों पर गोलियाँ भी चलवाईं, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसी मामले में घटना के सालों बाद उमा भारती को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद गँवाना पड़ा था।