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सैमसंग अब नोएडा में करेगा लैपटॉप मैनुफैक्चरिंग का काम, हर साल 60-70 हजार प्रोडक्ट होंगे तैयार: ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी धार, इंजीनियर्स को रोजगार

             सैमसंग ने नोएडा में शुरू की लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग, भारत में मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की बड़ी शुरुआत
दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज कंपनी Samsung ने भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स का विस्तार करते हुए नोएडा स्थित प्लांट में लैपटॉप बनाना शुरू कर दिया है। यह कदम भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, “सैमसंग ने अपने मैन्युफैक्चरिंग पोर्टफोलियो का विस्तार किया है और नोएडा फैक्ट्री में लैपटॉप बनाने जा रहा है। कंपनी भविष्य में और डिवाइसेज भी भारत में बनाने की योजना बना रही है।”

 नोएडा में यह फैक्ट्री 1996 में स्थापित हुई थी और तभी से भारत में सैमसंग की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रूप में काम कर रही है। यहाँ पहले से ही फीचर फोन, स्मार्टफोन, वियरेबल्स और टैबलेट्स बनाए जाते हैं। अब लैपटॉप निर्माण की शुरुआत से कंपनी का फोकस भारत में अपने प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाने पर है।

यह प्लांट हर साल 120 मिलियन स्मार्टफोन बनाने की क्षमता रखता है और दुनियाभर में सैमसंग का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र है (पहला दक्षिण कोरिया में है)। सैमसंग, भारत से स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भी है, वहीं पहले नंबर पर Apple है।

जनवरी 2024 में सैमसंग के मोबाइल एक्सपीरियंस (MX) बिजनेस के प्रमुख टीएम रोह ने कहा था कि नोएडा प्लांट में लैपटॉप बनाने की तैयारी चल रही है। अब यह निर्माण शुरू होने जा रहा है और इस लाइन में हर साल करीब 60,000 से 70,000 लैपटॉप बनाए जा सकेंगे।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सैमसंग की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “सैमसंग भारत में उन्नत तकनीकी डिवाइसेज का निर्माण बढ़ा रहा है। यह भारत की प्रतिभा और नवाचार से प्रेरित है।”

हाल ही में उन्होंने Samsung Southwest Asia के CEO जेबी पार्क और कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन से भी मुलाकात की थी और कंपनी की भारत में भूमिका को सराहा।

भारत में सैमसंग का रिसर्च यूनिट 7,000 से ज्यादा इंजीनियरों को रोजगार देता है, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी भारत के टेक इकोसिस्टम में लंबे समय तक निवेश करना चाहती है।

भारत सरकार ने अगस्त 2023 में लैपटॉप इंपोर्ट पर रोक लगाई थी, जिसे बाद में रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बदला गया, ताकि देश में ही लैपटॉप निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।

हालाँकि Acer, HP, Lenovo और Asus जैसी कंपनियाँ सरकार की Production Linked Incentive (PLI) योजना का फायदा उठा रही हैं, लेकिन Samsung ने इस योजना में भाग नहीं लिया है। इसके बजाय, कंपनी अपने दम पर भारत में निर्माण क्षमता बढ़ा रही है।

भारत में लैपटॉप बनाकर, सैमसंग अब चीन और वियतनाम से होने वाले आयात पर निर्भरता घटाएगा, जिससे आयात शुल्क में बचत के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए लागत कम होने की संभावना है। 

वर्तमान में सैमसंग भारत के स्मार्टफोन मार्केट में दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड है (मूल्य और वॉल्यूम दोनों में)। साथ ही यह टैबलेट पीसी मार्केट में 15% शेयर रखता है। हालाँकि अब तक लैपटॉप मार्केट में इसकी खास मौजूदगी नहीं रही है। यह कदम उस खाली जगह को भरने की दिशा में है।

सैमसंग अब MSI जैसी कंपनियों की कतार में शामिल हो गया है, जिसने हाल ही में चेन्नई में लैपटॉप बनाना शुरू किया है।

उत्तर प्रदेश : 65 करोड़ रूपए की उगाही : भारत 24 की महिला पत्रकार शाजिया निसार के यहाँ छापे में मिले 34 लाख रूपए कैश, साथी आदर्श झा को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार

                      पत्रकार शाजिया निसार और आदर्श झा गिरफ्तार ( फोटो साभार- अमर उजाला, न्यूज नेशन)
नोएडा पुलिस ने दो पत्रकारों शाजिया निसार और आदर्श झा को रंगदारी वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शाजिया निसार भारत 24 की पूर्व एंकर हैं जबकि आदर्श झा एक डिजिटल पत्रकार हैं। इन पर भारत24 चैनल के 75 वर्षीय सीएमडी जगदीश चंद्रा को ब्लैकमेल करने और उनसे 2.26 करोड़ रूपए से अधिक की उगाही करने का आरोप है। निसार ने कथित तौर पर झूठे बलात्कार के मामले में फँसाने की धमकी देकर 65 करोड़ 
रूपए माँगे थे।

धमकी और जबरन वसूली का आरोप

नोएडा पुलिस के अनुसार भारत 24 के मुख्य संपादक और सीईओ जगदीश चंद्रा ने एफआईआर दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में चंद्रा ने कहा कि शाजिया निसार 2022 से चैनल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कथित तौर पर उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फँसाने और 65 करोड़ रूपए न देने पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी।

चंद्रा ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में उन्हें चेक के जरिए 2.26 करोड़ रूपए दिए गए और उनके पास इस बात के समर्थन में रिकॉर्डिंग और सबूत भी हैं। एफआईआर में लिखा है, “30 वर्षीय शाजिया निसार 2022 से मेरे चैनल में बतौर एंकर काम कर रही है। वह मुझे झूठे बलात्कार के मामले में फँसाने और आत्महत्या करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही है। वह मुझसे अवैध रूप से 60 करोड़ रूपए की माँग कर रही है। पिछले एक साल में उसने कई बार चेक के जरिए 2 करोड़ 26 लाख रूपए लिए हैं। मेरे पास इसके (लेनदेन के) सबूत हैं। आदर्श झा ब्लैकमेल करने में उसकी मदद कर रहा है।”

एफआईआर में एक डिजिटल न्यूज़ पोर्टल से जुड़े पत्रकार आदर्श झा का भी नाम ब्लैकमेल में शामिल बताया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों ने मिलकर 65 करोड़ रूपए की उगाही करने की कोशिश की। शिकायत 8 जून को दर्ज की गई थी।

मीडिया से बात करते हुए एसएचओ अमित कुमार ने कहा, “जब उनसे उनके खाते में पैसे के बारे में पूछा गया, तो उनके पास इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं था। उन्होंने हमें बताया कि यह मुआवज़ा था।” चैनल स्टाफ़ की और शिकायतें भारत24 की कंसल्टिंग एडिटर अनीता हाडा और एचआर हेड अनुश्री धर ने आरोपी के खिलाफ़ दो और शिकायतें दर्ज कराईं।

हाडा ने निसार के उत्पीड़न के आरोपों को खारिज़ करते हुए कहा, “अगर ऐसा होता, तो वह शिकायत दर्ज करातीं। मैं उनका समर्थन करता।” कंपनी ने पहले पुलिस के पास जाने के बजाय निसार को पैसे क्यों दिए?, इस सवाल पर मीडिया से बात करते हुए हाडा ने कहा, “हमें कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की चिंता थी।”

छापेमारी और बरामदगी

एफआईआर के बाद, नोएडा सेक्टर 58 पुलिस ने दिल्ली में निसार के आवास पर छापा मारा और 34.5 लाख रुपए नकद, तीन मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आदर्श झा के आवास पर भी छापेमारी की गई, जहाँ से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को गौतम बुद्ध नगर जिला न्यायालय में पेश किया गया और 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि निसार की मां का नाम भी इस रैकेट में कथित भूमिका के लिए एफआईआर में दर्ज है, हालाँकि गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।

हूर ब्रांड पैकेट पर लिखा ‘भैंस का मांस’, पुलिस ने पकड़ा तो निकला 185000 किलो गोमांस: पश्चिम बंगाल में काटे 8000 गाय, नोएडा में लाकर किया स्टोर

  बंगाल से लाकर नोएडा में स्टोर करते थे गोमांस, अब तक 9 गिरफ्तार (फोटो साभार: वेद नागर फेसबुक/नोएडा पुलिस)
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 9 नवंबर 2024 को ग्रेटर नोएडा में गोमांस की बड़ी खेप बरामद की थी। इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें गाय पश्चिम बंगाल में काटी जाती थी। कंटेनर के जरिए नोएडा लाई जाती थी। यहाँ के एक कोल्ड स्टोरेज में इसे स्टोर किया जाता था। फिर कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में इसकी सप्लाई की जाती थी।

पुलिस ने 185 टन गोमांस बरामद किए जाने की बात कही है। लेकिन गो रक्षा हिंदू दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद नागर का दावा है कि करीब 250 टन गोमांस पकड़ी गई थी। उनका यह भी कहना है कि कंटेनर से गोमांस की सप्लाई की सूचना उन्हें ही मेवात के गोरक्षक दलों से मिली थी।

लोनी से भाजपा MLA नन्द किशोर गुर्जर का कहना है कि पकड़ी गई गोमांस की खेप से लगता है कि कम से कम 8 हजार गायों को काटा गया होगा। उन्होंने लखनऊ में बैठे 2 बड़े अधिकारियों के इसमें संलिप्त होने का भी दावा किया है। हालाँकि इनके नाम नहीं बताए हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर चलाने और आरोपितों पर NSA लगाने की भी माँग हो रही है।

हरियाणा नंबर की गाड़ी से सप्लाई

घटना नोएडा के दादरी की थाना क्षेत्र है। गोरक्षा संगठन के सदस्यों को पश्चिम बंगाल से गोमांस आने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर संगठन के सदस्य जमा हुए। एक ट्रक जिसका नंबर HR 38 AE 9185 था को रोक कर तलाशी ली गई तो उसमें मांस मिला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर माँस के सैम्पल लिए और जाँच के लिए भेजा। जाँच में यह गोमांस पाया गया।
इस ट्रक को शिव शंकर चला रहा था जो UP के एटा जिला का निवासी है। ट्रक का खलासी भी इसी जिले का सचिन था। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में इन्होंने बताया है कि वे मांस पश्चिम बंगाल से ला रहे थे। इसे थोक भाव में हबीबर मुल्ला से खरीदा गया था। इन्होंने बताया कि वे ट्रक SPJ कोल्ड स्टोरेज में ले जा रहे थे जो गौतम बुद्ध नगर जिले के नगला किरानी गाँव में है।

अब तक 9 गिरफ्तार, कोल्ड स्टोरेज सील

ऑपइंडिया के पास इस मामले की FIR कॉपी मौजूद है। केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत दर्ज किया गया है। कोल्ड स्टोरेज के मालिक पूरन जोशी, डायरेक्टर मोहम्मद खुर्शिदुन नबी और मैनेजर अक्षय सक्सेना को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। कोल्ड स्टोर और ट्रक सीज कर लिया गया है। 23 नवंबर को पुलिस ने इस तस्करी में शामिल दिल्ली निवासी सलीमुद्दीन अंसारी को भी दबोच लिया।
जाँच के दौरान अविनाश कुमार, राकेश सिंह और शोएब हकानी की भी मिलीभगत का पता चला। ये तीनों टोरो प्राइमरी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कम्पनी में स्टाफ हैं। इस कम्पनी पर कोल्ड स्टोरेज में रखे गए गोमांस की खरीद-फरोख्त का आरोप है। रविवार (24 नवंबर 2024) को पुलिस ने शोएब, अविनाश और राकेश को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस केस में BNS 325 के साथ 318 (4) 61 (2) और 3/8 गौवध अधिनियम की वृद्धि की गई है।
नोएडा पुलिस के अनुसार कुल 185 टन गोमांस बरामद हुआ है। इसमें से 153 टन कोल्ड स्टोरेज के चैंबर नंबर 5 में रखा गया था। शेष गोमांस पश्चिम बंगाल से आए कंटेनर से बरामद हुआ था। पुलिस ने बरामद गोमांस की कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए बताई है। यह मांस बोनलेस था। बोनलेस मांस उस हिस्से से काट कर निकाला जाता है जिसमें हड्डी नहीं होती। इसके सैम्पल सुरक्षित रख कर बाकी मांस को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है।

‘हूर’ ब्रांड, पैकेट पर लिखा था भैंस का मीट

बरामद गोमांस की पैकिंग काले और पीले रंग के पैकेटों में की गई थी। पैकेटों पर ब्रांड का नाम ‘हूर’ लिखा हुआ था। साथ ही अंग्रेजी और अरबी में ‘FROZEN BONELESS BUFFALO MEAT’ लिखा हुआ था। बताया गया था कि पैकेट हलाल सर्टिफाइड हैं। मांस निकलने के लिए पशु को पूरे इस्लामिक तौर तरीकों से काटा गया है। पैकिंग करने वाले का नाम ‘मुराद कर्बला फ़ूड’ प्रिंट दर्ज था। मांस को जिस पॉलीथिन में रोल किया गया था उस पर भी अरबी भाषा में तमाम शब्द लिखे हुए थे।  
ऑपइंडिया से बात करते हुए गोरक्षक वेद नागर ने बताया कि उनको गोमांस आने की सूचना मेवात के गोरक्षा दलों से मिली थी। उनके अनुसार यह भारत में गोमांस की सबसे बड़ी बरामदगी है।
उन्होंने गो तस्करी में शामिल लोगों को राजनैतिक संरक्षण मिलने की भी बात कही है। आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत एक्शन की माँग की है। प्रशासनिक कार्रवाई में ढिलाई होने पर हिन्दू महापंचायत का भी एलान किया है।
प्रशासनिक कार्रवाई में ढिलाई होने पर हिन्दू महापंचायत का भी एलान किया है। एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए नागर ने कहा कि यदि प्रशासन कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर नहीं चलाएगा तो स्थानीय निवासी ही इसे ध्वस्त कर देंगे। उन्होंने आशंका जताई है कि कोल्ड स्टोरेज का मालिक पूरन जोशी धर्म परिवर्तन कर चुका है। 

काटे गए 8 हजार से अधिक गोवंश: बीजेपी MLA

लोनी से भाजपा MLA नन्द किशोर गुर्जर ने दादरी को प्राचीन समय से गोरक्षकों का क्षेत्र बताते हुए इतनी बड़ी मात्रा में गोमांस की बरामदगी को सभी के लिए डूब मरने जैसी स्थिति बताया है। उन्होंने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है।
बीजेपी विधायक का कहना है कि कुछ अधिकारी सही मंशा से काम नहीं कर रहे। उन्होंने 8000 गायों के काटे जाने का अनुमान लगाया है। कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे।
MLA गुर्जर का दावा है कि लखनऊ में बैठे 2 बड़े अधिकारी पूरे प्रदेश में गायों को कटवा कर उसका पैसा रख रहे हैं। उन्होंने इन दोनों अधिकरियों पर निचले स्टाफ के ऊपर दबाव डालने और सरकार की छवि बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की CBI जाँच की माँग की है।

पत्रकार अजीत भारती को ‘नोटिस’ देने के लिए चोरों की तरह आई कर्नाटक पुलिस, UP पुलिस ले गई अपने साथ: बेंगलुरु में FIR दर्ज कर राष्ट्रवादी आवाज को दबाना चाहती है कांग्रेस

सादे कपड़ों में मौजूद कर्नाटक पुलिस के जवान (बाएँ) उनसे पूछताछ करती यूपी पुलिस (वर्दी में) और पत्रकार अजीत भारती (टीशर्ट में, दाएँ)
कॉन्ग्रेस सरकारे राष्ट्रवादी आवाजों को दबाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। अब कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने पत्रकार अजीत भारती के घर पुलिस भेजी है। कर्नाटक पुलिस के कुछ जवान सादी वर्दी में बिना किसी पूर्व सूचना के अजीत भारती के घर पहुँचे हैं।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक पुलिस के तीन जवान गुरुवार (20 जून, 2024) को नोएडा स्थित अजीत भारती के आवास पर पहुँचे। यहाँ वह लोग कुछ देर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने एक नोटिस अजीत भारती को दिया। कर्नाटक पुलिस के जवानों के साथ स्थानीय पुलिस भी नहीं थी।

इस विषय में ऑपइंडिया को अजीत भारती ने बताया कि कर्नाटक पुलिस के इन जवानों ने स्थानीय यूपी पुलिस के थाने को सूचना दी थी लेकिन बिना साथ लिए ही वह उनके आवास पर पहुँच गए थे। यह तीनों अजीत भारती के घर एक कैब से पहुँचे थे और उन्होंने वर्दी भी नहीं पहन रखी थी। अपने घर के आसपास अजीत भारती और उनके परिवार ने संदिग्ध गतिविधि देख कर स्थानीय पुलिस थाने को सूचना दी।

इसके बाद स्थानीय पुलिस यहाँ पहुँची और कर्नाटक पुलिस के इन तीनों जवानों को अपने साथ ले गई। कर्नाटक पुलिस के इन जवानों ने अजीत भारती को हाल ही में उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले में एक नोटिस भी थमाया है। यह नोटिस बेंगलुरु के हाई ग्राउंड थाने से जारी किया गया है।

                                      अजीत भारती को कर्नाटक पुलिस ने यह नोटिस दिया है

नोटिस में कहा गया है कि अजीत भारती ने समाज में घृणा और शत्रुता बढ़ाने के उद्देश्य से राहुल गाँधी को लेकर एक वीडियो बनाया है। इसी को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अजीत भारती को कर्नाटक पुलिस ने आदेश दिया है कि वह नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर हाई ग्राउंड थाने में पेश हों।

अजीत भारती के खिलाफ यह FIR 15 जून, 2024 को दर्ज करवाई गई थी। ये एफआईआर कॉन्ग्रेस कर्नाटक के कॉग्रेस कमेटी के लीगल सेल सचिव और सचिव बेके बोपन्ना ने कराई थी। FIR दर्ज कराते समय दावा किया गया था कि अजीत भारती ने 13 जून, 2024 को राहुल गाँधी को लेकर एक झूठा वीडियो बनाया जबकि गुरूवार (20 जून, 2024) को उनको दिए गए नोटिस में कहा गया है उनका वीडियो घृणा फैला रहा है इसलिए FIR दर्ज हुई है।

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के घर पहुँची योगी की पुलिस, बाप-बेटे दोनों हैं ‘फरार’: पेट्रोल पम्प पर की थी मारपीट, सहयोगी इकरार हो चुका है गिरफ्तार; शेर की मांद में घुसकर धमकी दी है तो अब क्यों छुपे-छुपे फिर रहे हो?

दिल्ली और पंजाब में गुंडागर्दी से जनता को डराने वाली आम आदमी पार्टी का विधायक अमानतुल्लाह खान अपने बेटे अनस खान योगी के राज्य उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी कर क्यों फरार है? फिर victim card खेला जाएगा कि मुसलमान होने पर बेकसूर मुसलमान को योगी सरकार परेशान कर रही है। अमानतुल्लाह ने समझा विधायक हूँ कोई नहीं बोलेगा, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में अपराध देखा जाता है, अपराधी का मजहब/धर्म नहीं। पेट्रोल पंप कर्मचारियों को मारने की धमकी देने से पहले सोंचना था कि जहां धमकी दी जा रही है वहां का मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल नहीं योगी आदित्यनाथ है। शेर की मांद में घुसकर धमकी दी है तो अब क्यों छुपे-छुपे फिर रहे हो?  
उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान की तलाश में उनके आवास पर पहुँची है। यूपी पुलिस को विधायक खान और उनके बेटे अनस खान की तलाश है। अनस खान ने हाल ही में एक पेट्रोल पम्प पर मारपीट की थी, इस मामले में यूपी पुलिस उसे तलाश रही है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार (16 मई, 2024) को उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम अमानतुल्लाह खान के आवास पर पहुँची। यहाँ अमानतुल्लाह खान और उनका बेटा अनस खान को लेकर यूपी पुलिस ने तलाश की। दोनों ही घर पर नहीं मिले। विधायक पिता-पुत्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है।

अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे अनस खान का फोन घटना के बाद बंद आ रहा है और वह गायब हैं। यूपी पुलिस ने उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे अनस खान के खिलाफ यह मामला पेट्रोल पम्प पर मारपीट के बाद दर्ज किया गया था।

यूपी पुलिस दोनो की तलाश में पहले भी उनके आवास पर दबिश दे चुकी है। 11 मई, 2024 को भी यूपी पुलिस इस मामले में नोटिस लेकर पहुँची थी। यहाँ तब भी अमानतुल्लाह खान और अनस नहीं मिले थे। पुलिस ने इस दिन भी नोटिस चस्पा किया था।

इस मामले में अमानतुल्लाह खान के एक करीबी इकरार अहमद को यूपी पुलिस ने सोमवार (13 मई, 2024) को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि इकरार अहमद अमानतुल्लाह खान का मैनेजर है और शाहीन बाग़ का रहने वाला है। जिस वक्त खान के बेटे अनस ने नोएडा के पेट्रोल पम्प पर मारपीट की, वह वहीं मौजूद था।

7 मई, 2024 को नोएडा के सेक्टर-95 स्थित विधायक का बेटा अनस पेट्रोल पंप पर अपनी कार लेकर पहुँचा था, जहाँ वहाँ उसने लाइन में आगे लगी गाड़ी को आगे बढ़ा कर अपनी गाड़ी में पहले तेल भरने की ज़िद की। सेल्समैन ने नियम का उल्लंघन करने से नकार दिया। इस दौरान अनस और कार में बैठे उसके साथियों ने मारपीट शुरू कर दी।

अवलोकन करें:-

जिस पेट्रोल पंप पर AAP विधायक अमानतुल्लाह-अनस ने की गुंडागर्दी वो बलिदानी सैनिक की विधवा का: मैने

इसके बाद खुद विधायक अमानतुल्लाह खान वहाँ पहुँचे और उन्होंने पेट्रोल पंप के मैनेजर को धमकाया। दोनों ही घटनाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यूपी पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके अनस खान की तलाश चालू कर दी थी। इससे पहले अलीगढ़ में भी अनस खान मारपीट कर चुका है।

क्या मुलायम जैसा ही होगा सचिन का हश्र? : पबजी वाली पाकिस्तानी सीमा हैदर भी लूडो वाली इकरा की तरह वाया नेपाल भारत में घुसी थी

    क्या इकरा-मुलायम (बाएँ) की कहानी जैसा होगा सचिन-सीमा हैदर की कहानी का अंत (फोटो साभार: NBT, HT)
पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर का कहना है कि पबजी खेलते हुए वह नोएडा के रबूपुरा के सचिन के करीब आई। प्यार हुआ तो अपने चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भारत आ गई। अब उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे पूछताछ के लिए उठाया है। कहा जा रहा है कि वह गिरफ्तार की जा सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीमा हैदर का हाल इकरा जैसा होगा? क्या सचिन के इस कथित प्रेम कहानी का अंतिम पड़ाव जेल है, जैसा मुलायम सिंह यादव के साथ हुआ था?

समाचार यह भी है कि कथित प्रेम दीवानी सीमा के चाचा पाकिस्तान आर्मी में सूबेदार है और भाई भी आर्मी है, जिस कारण उसके भारत आने में ISI जासूस होने की शंका को लेकर सरकार सख्ती से पूछताछ कर सच्चाई को सामने लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। दूसरे, 5 पासपोर्ट का होना, पाकिस्तानी सिम को तोडना आदि से शक की सुई घूमेगी ही। संभव है, सरकार सचिन के बैंक खाते और घर की वित्तीय स्थिति की भी जाँच कर सकती है।    

सीमा एक वकील से मिलने गई थी, वकील ने ही पुलिस को टिप दी। गैरकानूनी तरीके से भारत आने के जुर्म में सीमा को गिरफ़्तार किया गया। सीमा के पास से 4 मोबाइल फोन और कई सिम भी मिले हैं। लोग कह रहे हैं कि सीमा पाकिस्तान की जासूस है।

सीमा, सचिन और सचिन के पिता से उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (Uttar Pradesh Police ATS) ने पूछताछ की। सचिन और सीमा की PUBG गेम खेलते हुए दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में बदल गई। मई 2023 में सीमा, दुबई और नेपाल होते हुए गैरकानूनी तरीके से भारत पहुंची। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा हैदर के भारत आने के बाद पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सीमा हैदर का पति गुलाम हैदर भी यही गुज़ारिश कर रहा है कि उसकी पत्नी और बच्चों को पाकिस्तान भेजा जाए। इस मामले पर दोनों देशों की जनता ने भी कई तरह की टिप्पणियां की। सीमा ने हिन्दू धर्म अपना लिया है, वो मीडिया के सामने इंटरव्यूज़ देती हैं और यही गुज़ारिश करती है कि उसे भारत में रहने दिया जाए। उन्हें पाकिस्तान दोबारा नहीं जाना है वह भारत की नागरिकता चाहती हैं और भारत में ही रहना चाहती हैं।

कहीं आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब न हो जाए’
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी सीमा हैदर को पाकिस्तान भेजने की बात कही है।उनका मानना है कि सीमा पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी की एजेंट हो सकती हैं। इस एजेंसी की अधितकर चालें भारत के खिलाफ रहती हैं। उसकी ये नई फितरत हो सकती है, जिसके जरिए उसने पाकिस्तानी महिलाओं का धर्मांतरण कराकर भारत भेजा हो। इसे साजिश के तहत ही देखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि जिस तरह से सीमा हैदर भारत आने के लिए नेपाल गई, वहां के मंदिर में शादी की और फिर धर्म परिवर्तन करके उसका प्रचार कर रही है, जिससे उससे ऊपर शक गहरा रहा है।अगर उसे पाकिस्तान वापस नहीं भेजा गया तो आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएगी।भारत सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे।बड़ी बात ये है कि इस महिला के जाल में फंसकर सचिन भी मोहरा न बन गया हो।

दरअसल इकरा और मुलायम सिंह यादव की कथित प्रेम कहानी भी इसी साल जनवरी में सामने आई थी। हालाँकि इस कहानी को मीडिया में उतनी फुटेज नहीं मिली, जितनी सीमा और सचिन ने खाई है। लेकिन दोनों कहानी में कई समानता है। जैसे सीमा पबजी से सचिन के प्यार में आने के दावे कर रही है, वैसे ही पाकिस्तान की इकरा जिवानी को ऑनलाइन लूडो खेलते हुए मुलायम सिंह यादव से प्यार हो गया था। वह भी नेपाल के रास्ते ही भारत में दाखिल हुई थी। जब भेद खुला तो गिरफ्तारी हुई और बाद में वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

पाकिस्तान के हैदराबाद में रहने वाली इकरा जिवानी का कहना था कि ऑनलाइन लूडो खेलते हुए वह 2019 में बेंगलुरु में रहने वाले मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आई। दोनों लूडो गेम खेलते और बातें करते। इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया। 10वीं पास मुलायम सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वह बेंगलुरु में एक प्राइवेट फर्म में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। वहीं इकरा अंडर ग्रेजुएट है और पाकिस्तान में कोचिंग में पढ़ाती थी। प्यार परवान चढ़ा तो मुलायम सिंह ने इकरा को नेपाल के रास्ते भारत लाने की योजना बनाई। 

मुलायम इकरा को भारत लाना चाहता था। लेकिन इकरा के पास न तो पैसे थे और न ही भारत आने का वीजा। इसलिए उसने पहले तो अपने गहने बेचे फिर दोस्तों से पैसे उधार लिए। इसके बाद 19 सितंबर 2022 को इकरा अपने घर से कॉलेज के लिए निकली, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। वह पाकिस्तान से फ्लाइट पकड़कर दुबई गई और फिर वहाँ से नेपाल के काठमांडू पहुँची। यहाँ मुलायम सिंह यादव पहले ही उसका इंतजार कर रहा था। दोनों ने नेपाल में ही शादी कर ली। इसके बाद मुलायम उसे लेकर बेंगलुरु चला आया। इकरा की पहचान छिपाने के लिए मुलायम ने उसका नाम बदलकर रवा रख दिया। यही नहीं, इसी नाम से उसका आधार कार्ड बनवाकर भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया।

कैसे हुआ खुलासा

इकरा ने मुलायम सिंह यादव से शादी तो कर ली थी, लेकिन वह फिर भी नमाज पढ़ती थी। उसे नमाज पढ़ते पड़ोसियों ने देख लिया। हिंदू के घर में नमाज पढ़ रही लड़की को देखकर लोगों को शक हुआ। मामला पुलिस के पास पहुँचा और पूछताछ के दौरान सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने 23 जनवरी 2023 को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इकरा को बेंगलुरु के महिला गृह में रखा गया था। महिला गृह के अधिकारियों की माने तो इकरा उन लोगों से अक्सर कहती थी कि वह अपनी जिंदगी अपने पति मुलायम के साथ रहकर गुजारना चाहती है। वह मुलायम से बात करने की अनुमति और पाकिस्तान न भेजने की बात कहती थी।
अवलोकन करें:-
हालाँकि इसके बाद 19 फरवरी 2023 को भारत-पाकिस्तान सीमा से इकरा को पाकिस्तान के इमिग्रेशन अफसरों को सौंप दिया गया था। जहाँ से अधिकारियों ने उसे उसके अम्मी-अब्बू के पास पहुँचा दिया। वहीं, मुलायम सिंह यादव के खिलाफ जालसाजी, फॉरेनर एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला अब भी कोर्ट में है। क्या सचिन का हश्र भी अंत में मुलायम जैसा होगा? क्या सीमा को उसके बच्चों के साथ पाकिस्तान को सौंप दिया जाएगा?

‘बिहारी बहन*&$… तुम सबके L@^$ काट के मुँह में खिला दूँगी’: महिला ने गार्ड्स को बकी गंदी-गंदी गालियाँ

                                          नोएडा में महिला ने सिक्योरिटी गार्ड्स को बकी गालियाँ
नोएडा की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो सिक्योरिटी गार्ड्स को गंदी-गंदी गालियाँ बकती हुई नजर आ रही है। महिला ने बिहारियों को लेकर भी अपशब्द का प्रयोग किया और कहा, “ये यहाँ जितने भी बिहारी हैं ना यहाँ, Behen*h&d इनको सँभालो।” थाना सेक्टर-126 में जेपी सोसाइटी की उक्त महिला को रविवार (21 अगस्त, 2022) को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि सिक्योरिटी गार्ड ने गेट खोलने में देरी की, जिसके बाद उक्त महिला भड़क गई और कार का शिक्षा नीचे कर के गंदी-गंदी गालियाँ बकने लगी। इतना ही नहीं, उसने गार्ड का कॉलर पकड़ कर भी उसे घसीटा और उस पर हाथ चलाया। महिला ने गार्ड को धक्का भी मारा। गार्ड और उसके साथियों ने महिला से लाख आग्रह किया, उसने गाली देना बंद नहीं किया। उसकी पहचान भाव्या रॉय के रूप में हुई है, जो पेशे से वकील है।

गिरफ़्तारी के बाद महिला खुद की ही गाड़ी से पुलिस थाना गई और इस दौरान वो खुद ही ड्राइव भी कर रही थी। आहत गार्ड ने अपने परिवार और बच्चों की दुहाई देते हुए कहा कि अब मैं ये नौकरी नहीं कर सकता, बहुत बेइज्जती हुई है। उसने कहा कि महिलाओं की इज्जत करने के बावजूद उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया, वो भी एक पढ़ी-लिखी महिला द्वारा। लोगों ने ये भी बताया कि उस वक्त महिला शराब के नशे में थी।

वीडियो में महिला कहती है, “मैं तेरी $#ड फाड़ दूँगी। अबे भो%ड़ी के, तुम बहन%$द मेरी इज्जत करते हो? ये बोलेगा मेरे को माधर%$द? इसकी माँ की &त। तुमलोगों के टट्टे साले बड़े हो गए हैं, बहन%$द, तुम सबके लं%# काट के मुँह में खिला दूँगी भो%ड़ी के। This Shit Doesn’t Work. खाल खींच लूँगी इस माधर%$द की।” इस दौरान महिला ने अपनी जाँघ थपथपाते हुए हमला भी कर दिया। हालाँकि, इस दौरान गार्ड्स मिन्नतें करते रहें।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे ‘अल्ट्रा फेमिनिज्म’ बताते हुए पूछ रहे हैं कि क्या इस महिला के घर पर भी बुलडोजर चलेगा? दीपिका नारायण भारद्वाज ने लिखा कि महिला सशक्तिकरण जब गलत हो जाता है तो ऐसा ही होता है। नीतू झा नामक पत्रकार ने पूछा कि महिलाएँ कब तक विक्टिम कार्ड खेलती रहेंगी? पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि ये भी ऐसा ही व्यवहार कर रही है, जैसा श्रीकांत त्यागी ने किया था।