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अमेरिका में 15 लोगों की हत्या… कुरान पर वीडियो, ‘मस्जिद बिलाल’ से कनेक्शन: शमसुद-दीन जब्बार ने ‘इंतिफादा(तख्ता पलट) क्रांति’ के 1 घंटे बाद ऐसे किया आतंकी हमला

                                     जब्बार, उसका घर और मस्जिद बिलाल (दाएँ) (साभार: NYP)
अमेरिका के लुइसियाना राज्य के न्यू ऑरलियंस शहर में गाड़ी से रौंद और फायरिंग करके 15 लोगों की हत्या करने वाले शमसुद दीन (शम्सुद्दीन) जब्बार को लेकर कई तथ्य सामने आए हैं। जब्बार ने यह आतंकी हमला टाइम्स स्क्वायर पर इजरायल विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘इंतिफादा क्रांति’ का आह्वान करने के एक घंटा बाद किया। आतंकी जब्बार का संबंध उसके पड़ोसी ‘मस्जिद बिलाल’ से भी बताया जा रहा है।

 जब्बार ह्यूस्टन के बाहरी इलाके में एक गंदे ट्रेलर पार्क में रहता था, जहाँ ज़्यादातर मुस्लिम अप्रवासी रहते हैं। जब्बार ने अपने घर में बत्तख, मुर्गे-मुर्गियाँ और भेड़ें पाल रखी थीं और हमले के बाद जब मीडिया उसके घर के पास पहुँचे तो ये जीव वहाँ खुलेआम घूम रहे थे। जब्बार का स्थानीय मस्जिद ‘मस्जिद बिलाल’ से कुछ ही दूरी पर रहता था।

आतंकी हमले के बाद मस्जिद बिलाल के लोगों के मीडिया और एजेंसियों ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहाँ किसी ने जवाब नहीं दिया। खुद को आतंकवाद विशेषज्ञ एवं पूर्व मुस्लिम बताने वाले ब्रदर रैचिड (ब्रदर राशिद नाम से X हैंडल) ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि जब्बार ने आतंकी हमले से पहले इस मस्जिद में गया था।

जब्बार ने अपने पोस्ट में कहा, “पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने, अधिकारियों के साथ सहयोग करने या अपनी शिक्षाओं के बारे में मीडिया को पारदर्शिता के साथ संबोधित करने के बजाय, उनका (मस्जिद बिलाल से जुड़े लोगों का) प्राथमिक ध्यान मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा पर था (सभी अमेरिकियों की सुरक्षा पर नहीं)। उन्होंने (मस्जिद के अधिकारियों ने) अपने सदस्यों को सलाह दी कि वे कट्टरपंथी इस्लामी संगठन CAIR (The Council on American-Islamic Relations) से परामर्श किए बिना मीडिया से बात न करें या एफबीआई के साथ सहयोग न करें।”

ब्रदर राशिद नाम के हैंडल ने अपने पोस्ट के साथ एक नोट साझा किया है। इसमें लिखा है, “अस्सल्लाम वलैकुम भाइयों एवं बहनों। मुझे विश्वास है कि आप लोगों में से बहुत से लोगों ने न्यू ऑरलियंस में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में सुना होगा, जिसे FBI ने आतंकी हमला करार दिया है। हमें अपने आसपास को लेकर चौकन्ना रहना होगा। हमारे समुदाय की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। अगर मीडिया द्वारा किसी को संपर्क किया जाए तो आप लोग उनका जवाब ना दें। अगर FBI द्वारा संपर्क किया जाए और जवाब देना जरूरी हो तो उन्हें CAIR या ISGH भेज दें।”

फिलिस्तानियों के ‘इंतिफादा क्रांति’ वाले प्रदर्शन के घंटे भर बाद आतंकी हमला

यह हमला न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान जब्बार नाम के आतंकी द्वारा किया गया है। वह ह्यूस्टन का रहने वाला था और अमेरिकी सेना में भी रह चुका था। हाल फिलहाल में वह कुरान का संदर्भ देते हुए कई वीडियो भी बनाए थे। इन्हें अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने हासिल किया है और उसकी पर्याप्त जाँच कर रही है। उसकी गाड़ी से ISIS के झंडे भी मिले हैं।
दरअसल, नए साल के आगमन पर दुनिया के भर लोग पार्टी कर रहे थे। वहीं, टाइम्स स्क्वॉयर पर सैकड़ों फिलिस्तीन एवं आतंकी संगठन हमास समर्थक प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। वे इजरायल के विरोध में फिलिस्तीनी झंडे लहराते हुए ‘इंतिफादा क्रांति’ का आह्वान कर थे। इस घटना के एक घंटे के अंदर न्यू ऑरलियन्स के फ्रेंच क्वार्टर में एक आतंकी हमला कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहा है कि बुर्का या हिजाब पहनी एक महिला प्रदर्शनकारी ने बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों पर चिल्लाते हुए कहा, “हम तुम्हें वापस यूरोप भेज रहे हैं, तुम गोरे कमीने। वापस यूरोप जाओ! वापस यूरोप जाओ।” एक अन्य कहता है, “2024 यहूदियों के अपराधों के विरुद्ध संघर्ष का वर्ष था। हम पूर्ण मुक्ति तक यहाँ साल दर साल आएँगे।”
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘इज़राइल को दी जाने वाली सभी अमेरिकी सहायता बंद करो’, ‘यहूदीवाद को खत्म करो’ और ‘ईरान पर कोई युद्ध नहीं’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर ले रखे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी भीड़ ने ‘इंतिफादा क्रांति’ का नारा लगाया। इसके साथ हीयह भी कहा, “हम अपने सभी शहीदों का सम्मान करेंगे।” उसके एक घंटे बाद न्यू ऑरलियंस की यह घटना हो गई।
                                  टाइम स्क्वायर पर फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी (साभार: NYP)
यह विरोध प्रदर्शन फिलिस्तीनी युवा आंदोलन ‘सोशलिज्म एंड लिबरेशन पार्टी एंड पीपुल्स फोरम’ द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में इंतिफादा क्रांति के नारे लग रहे थे। प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे थे, ‘सिर्फ एक ही समाधान है: इंतिफादा क्रांति’। ‘इंतिफादा’ शब्द फिलिस्तीन के आतंकी हमास से नहीं, बल्कि कई मुस्लिमों की गैर-मुस्लिमों के शासन के खिलाफ बगावत से जुड़ा है।
इंतिफादा एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब होता है बगावत या विद्रोह। इंतिफादा शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ‘तख्तापलट’ जैसे कामों में मिडिल-ईस्ट से लेकर उत्तरी-पश्चिमी अफ्रीकन देशों में हुआ है और पिछले कुछ दशकों से इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध में इसे ‘इजरायल’ के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। इजरायल के खिलाफ ‘इंतिफादा’ का ऐलान किया जाता है।
एक तरफ इसे प्रतिरोध  बताया जाता है, तो दूसरी तरफ कायराना हमले भी इजरायल पर किए जाते हैं। इस समय हमास-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को पाँचवाँ इंतिफादा भी कहा जा रहा है। इजरायल-फिलिस्तीन संकट के संदर्भ में इसे धर्मयुद्ध से भी जोड़ सकते हैं। एक तरफ यहूदी इजरायल का विरोध कर रहे मुस्लिम फिलिस्तीनी और अरबी हैं, तो दूसरी तरफ उन्हें समर्थन दे रहे मुस्लिम देश।

ब्रिटेन : 3 बच्चियों की चाकू से हत्या के बाद 9 शहरों में हिंसा, दुकानों में तोड़फोड़-आगजनी: प्रवासी लोग, फिलिस्तीनी झंडे और पलायन का जानिए कनेक्शन

ब्रिटेन में तीन बच्चियों की हत्या के बाद कई शहर हिंसा से झुलस रहे हैं। स्थानीय समय के अनुसार, शनिवार (3 अगस्त) की रात को कुछ उपद्रवियों ने कई शहरों में सड़कों पर दुकानों को आग लगा दी। यह देश में 13 साल में सबसे बड़ा दंगा बताया जा रहा है। दरअसल, हिंसा की यह आग तब भड़की जब उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड में तीन बच्चियों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। इसके कई वीडियो सामने आए हैं।

साउथपोर्ट में सोमवार (29 जुलाई 2024) को टेलर स्विफ्ट थीम वाली डांस क्लास में तीन लड़कियों- 6 वर्षीय बेबे किंग, 7 वर्षीय एल्सी डॉट स्टैनकॉम्ब और 9 वर्षीय एलिस डेसिल्वा अगुइआर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इसके 6 दिन के बाद ब्रिटेन के कम-से-कम नौ शहरों में हिंसा शुरू हो गई है। शुरू में अफवाह फैली की कि इस घटना को प्रवासी लोगों ने अंजाम दिया है।

बच्चियों की हत्या के विरोध में 22 प्रमुख कस्बों और शहरों में ‘एनफ इज एनफ’ यानी ‘बस बहुत हो गया’ का प्रदर्शन निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान हजारों पुलिसकर्मी तैनात रहे। लोगों में अंदर ही अंदर गुस्सा पनपता रहा और आखिरकार शनिवार को ब्रिटेन के लिवरपूल, मैनचेस्टर, सुंदरलैंड, पोर्ट्समाउथ, हल, ब्लैकपूल, ब्रिस्टल, बेलफास्ट स्टोक, नॉटिंघम और लीड्स में दंगा भड़क उठा।

इस दौरान दंगाइयों दुकानों में जमकर लूटपाट और तोड़फोड़ की। सामानों को सड़कों पर फेंक दिया और दुकानों में आग लगा दी। दंगाइयों ने जूते की दुकानों से लेकर शराब की दुकानों तक, किसी को भी नहीं छोड़ा। सड़कों पर लगी हुई स्ट्रीट लाइटों में भी तोड़फोड़ की। खंभों को उखाड़ने की कोशिश की और बैरिकेटिंड को ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने लगभग 200 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है।

उत्तरी आयरलैंड के बेलफ़ास्ट में जारी प्रदर्शनों के बीच पागलपन भरे दृश्य भी देखने को मिले। सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्रदर्शन के दौरान एक तरफ़ ब्रिटिश और आयरिश राष्ट्रवादी ब्रिटिश और आयरिश झंडे लेकर खड़े दिखाई दिए तो दूसरी तरफ़ फ़िलिस्तीनी और एंटीफ़ा झंडे लिए प्रदर्शनकारी दिखाई दिए। इस वीडियो को लोग सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं।

हिंसा को देखते हुए ब्रिटेन की सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और हिंसा को नियंत्रित करने पर चर्चा की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया है। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। भीड़ में 18 से लेकर 58 साल तक के लोग शामिल हैं। हत्या को लेकर विरोध मार्च आगे भी प्रस्तावित है, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है।

दरअसल, इस सप्ताह सबसे पहला दंगे साउथपोर्ट में हमलावर की पहचान की अफवाह को लेकर भड़का था। यह अफवाह फैलाई गई कि हमलावर एक प्रवासी था। हालाँकि, पुलिस ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति कार्डिफ़ में पैदा हुआ था। इसके बाद हिंसा को शांत करने के प्रयास में जज ने 17 वर्षीय संदिग्ध की पहचान उजागर करने का फ़ैसला सुनाया।

इसके बाद बुधवार (31 जुलाई) को मर्सीसाइड शहर में चाकू से हमला करने वाले किशोर के रूप में एक्सेल मुगनवा रुदाकुबाना का नाम सामने आया। दरअसल, न्यायाधीश ने उसके 18वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले उसकी रिपोर्टिंग पर से प्रतिबंध हटा दिए थे। बता दें कि 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के नाम का खुलासा करने की इजाजत नहीं है।

इजरायली महिला की हत्या की, नग्न किया, थूका… वीडियो में दिखी ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्लाते इस्लामी आतंकियों की बर्बरता

                                हमास के आतंकियों ने इजरायली महिला को नग्न कर बनाया बंधक (बाएँ)
7 अक्टूबर को इजरायल में रहने वाले लोगों की सुबह सायरन, रॉकेट के धमाकों और गोलीबारी की आवाज के साथ हुई। इजरायल की सुरक्षा एजेंसियाँ जब तक एक्शन में आ पातीं तक तक फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के लोग जमीन, पानी और आकाश तीनों ही रास्तों से घुसपैठ कर हमला करने और लोगों को बंधक बनाने, मारने-पीटने में जुटे हुए थे।

इसी दौरान हमास के आतंकी ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारों के बीच महिलाओं को प्रताड़ित करते नजर आए। वहीं कुछ आतंकियों ने महिलाओं को नग्न कर घिनौनी करतूत की। सामने आए वीडियो में नग्न महिला आतंकियों की गाड़ी में बंधक नजर आ रही हैं। वहीं आतंकी इस्लामी नारों के बीच जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। थूक भी रहे हैं। एक अन्य वीडियो में खून से लथपथ एक महिला को बंधक बनाते देखा जा सकता है।

हमास के हमले के बाद बारी इजरायल की थी। एक ओर जहाँ हमास के हमले में इजरायल के 40 लोग मारे गए थे। वहीं इजरायल की जवाबी कार्रवाई में फिलिस्तीन के करीब 200 लोगों मारे गए हैं। वहीं 1600 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

इजरायल हमास पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि देश गाजा पट्टी में हमास के आतंकियों के साथ युद्धस्तर पर लड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन को ऐसा जवाब मिलेगा जिसके बारे में उसने सोचा भी नहीं होगा।

इसके अलावा, बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से भी बात की है। इसमें अमेरिका ने इजरायल को साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। वहीं नेतन्याहू ने बायडेन से कहा कि उनका देश एक मजबूत और लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। इसमें उन्हें जरूर जीत मिलेगी।

इजरायल-फिलिस्तीन के बीच जारी जंग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “इजरायल पर आतंकी हमले से काफी आहत हूँ। हमारी प्रार्थनाएँ एवं संवेदनाएँ निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन परिस्थिति में हम इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

उधर इजरायल की IDF (डिफेन्स फोर्सेज) ने गाजा में घुस कर कई ड्रोन स्ट्राइक को अंजाम दिया है। उधर यूक्रेन ने भी इजरायल का समर्थन किया है। यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इजरायल के समर्थन में बयान जारी किया है। गाजा पट्टी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओफ़ाकिम शहर में कई लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है। वहाँ कई आतंकियों को इजरायल की सेना ने भी मार गिराया है।

कीबुत्ज के लोगों ने सेना से गुहार लगाई है कि उन्हें बचाया जाए। हमास के बंदूकधारी आतंकी शहरों में सड़कों पर घूमते हुए और गोलीबारी करते हुए देखे जा सकते हैं। हमास ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो इजरायल की मिलिट्री एम्बुलेंस पर बमबारी करता हुआ दिखाई दे रहा है।

इजरायल में जमीन, जल और आकाश – तीनों मार्गों से घुसपैठ हुई है। हमास ने उन वीडियोज को भी जारी किया है, जिनमें उसे इजरायली सैनिकों को बंधक बना कर उन पर अत्याचार करते हुए देखा जा सकता है। इजरायल में लगभग 8 घंटे लगातार रॉकेट्स दागे गए हैं। गाजा पट्टी में हमास के 17 सैन्य परिसर और 4 मुख्यालय तबाह कर दिए गए हैं।

‘जहाँ भी कोई हिन्दू या यहूदी दिखे, उन्हें मार डालो’: ‘दुनिया में इस्लामी शासन के लिए ज़रूरी है मुस्लिम आर्मी : फिलिस्तीन के डॉक्टर का वीडियो

                                                       मोहम्मद अफीफ शदीद (फोटो साभार: MEMRI TV)
फिलिस्तीन के इस्लामी विद्वान डॉक्टर मोहम्मद अफीप शदीद (Palestinian Islamic Scholar Dr. Mohammed Afeef Shadid) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह हिंदुओं और यहूदियों को मारने की बात कर रहा है। शदीद का कहना है कि दुनिया में इस्लाम का राज स्थापित करने के लिए हिंसक आर्मी बनाने की जरूरत है।

शदीद ने यह बयान वेस्ट बैंक में तुल्कर्म शहर के बिलाल बिन रबाह मस्जिद में 17 अगस्त 2022 को दिया था। यह वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। शदीद ने मुस्लिमों के मजहबी किताब कुरान की कई आयतों का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिमों एक हिंसक और आक्रामक सेना का गठन करना चाहिए और गैर-मुस्लिमों को मारकर इस्लाम को पूरी दुनिया में फैलाना चाहिए।

शदीद ने अपनी तकरीर में पर्शिया और बैजेंटाइन साम्राज्य का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों साम्राज्यों पर मुस्लिमों ने इसलिए नहीं हमला किया कि वे लुटेरे थे, बल्कि इन्हें जीतने और वहाँ इस्लाम का राज फैलाने के लिए हमला किया गया था।

शदीद ने कहा, “हम (मुस्लिम) मदीना से फारसी और बैजान्टाइन से लड़ने के लिए इसलिए नहीं निकले, क्योंकि उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया और लूट लिया। हमने उनकी जमीन को जीतने के लिए किया और उन्हें इस्लाम में प्रवेश कराकर अल्लाह के धर्म का प्रसार किया।”

शदीद ने कहा कि फिलिस्तीन को सिर्फ वही आजाद करा सकेगा, जो अपने हथियार उठाएगा और इजरायल के तमाम यहूदियों को मार डालेगा। उन्होंने कहा कि जल्दी ने इस दुनिया में एक शक्तिशाली खलीफा का उदय होगा और वह पूरी दुनिया पर राज करेगा और इस्लाम का परचम फहराएगा।

उन्होंने आगे कहा, “उमय्यैद खलीफा के शासन में इस्लामी राज्य 1.10 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था। अब्बासिद खलीफा के दिनों में यह 3.30 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था। ऑटोमन साम्राज्य में यह एक करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था।”

पेशे से दंत चिकित्सक डॉ. मोहम्मद शदीद ने आगे कहा, “दूसरा खिलाफत, जो जल्द ही हमारे दिनों में उठेगा, इंशाल्लाह 51 करोड़ वर्ग किलोमीटर तक पहुँच जाएगा, जो पूरे विश्व को कवर करता है।” उन्होंने कहा कि इसके लिए जहाँ कहीं भी बहुदेववादी (जो कई देवताओं को पूजते हैं) मिलें, उन्हें मार डालना चाहिए।

शदीद ने कहा, “हमारा लक्ष्य पूरी दुनिया में अल्लाह के दीन को फैलाना है। हम एक हिंसक सेना बनाएँगे और उन सभी से लड़ेंगे जो अल्लाह को नहीं मानते। हम उन सबसे भी लड़ेंगे, जो अल्लाह और उनके आखिरी पैगंबर के आदेश का पालन नहीं करते। हम तब तक इस लड़ाई को लड़ेंगे, जब तक कि यह संघर्ष खत्म नहीं हो जाता।”