Showing posts with label #Pappu Yadav. Show all posts
Showing posts with label #Pappu Yadav. Show all posts

पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली में दर्ज हुई FIR, संसद में राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर किया था गंदा नाटक: लोकसभा अध्यक्ष ने दी गरिमा बनाए रखने की चेतावनी

                             राम मंदिर प्रदर्शन पर पप्पू यादव FIR। (फोटो साभार - जागरण/एनडीटीवी)
संसद परिसर में विपक्षी दलों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर नाटक किया था। इस नाटक में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर चंदा लूटते हुए नजर आए थे। Video वायरल होने के बाद अब विवाद बढ़ गया है। नाटक कर रहे पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

पप्पू यादव ने संसद भवन में भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी का भेष धारण कर चंदा चोरी करने का नाटक किया। इसमें पप्पू यादव ये दर्शाने की कोशिश कर रहे थे, कि हिंदू पुजारी ही राम मंदिर से चंदा चोरी कर रहे हैं। इसके बाद देशभर से संतों ने इस नाटक पर विरोध जताया था। अब दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। 

संसद के बाहर किए गए नाटक में विपक्ष के अन्य सांसद और राहुल गाँधी भी श्रद्धालु बनकर दानपेटी में पैसे डालते दिखे और पप्पू यादव उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में रखने का अभिनय कर रहे थे। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेताओं के खिलाफ FIR पर DCP काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया है कि संतों की तहरीर पर तीनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

संसद में इस तरह वेश बदलकर प्रदर्शन करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संसद में कहा कि कुछ सदस्य जिस तरह से भेष बदल-बदलकर आ रहे हैं, वह सदन की मर्यादा और परंपराओं के खिलाफ है। ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद भवन परिसर की पवित्रता और गरिमा बनी रहनी चाहिए और इस तरह के प्रदर्शनों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।

राहुल गाँधी, डिंपल यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी लिया नाटक में भाग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी समेत कई विपक्षी सांसद भी इस सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए और दान पेटी में पैसे डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान चंदा चोर, गद्दी छोड़, जवाब तुमको देना होगा और अमित शाह, सदन में आओ जैसे नारे भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि इस प्रदर्शन को राहुल गाँधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ सांसद अलग-अलग भेष बदलकर संसद परिसर में आ रहे हैं, जो संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद परिसर की पवित्रता और गरिमा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने गौरव बंसवाल से मुलाकात की थी। जगद्गुरु बालक दास ने बताया कि संसद में जिस तरह से पप्पू यादव ने भगवान राम का और सनातन का अपमान किया वह अक्षम्य है। वहीं, महंत जगदीश्वरनाथ ने कहा, “संत समाज शांत है तो कुछ भी करोगे। हिम्मत है तो कभी सिर पर टोपी पहनकर कुछ करो तो जानें। सिर तन से जुदा न हो जाए तो कहना।”

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी पप्पू यादव के इस कृत्य की घोर निंदा की है। संतों ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी माँगने को कहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए साधु-संतों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और इसे संत-समाज कभी सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बिहार में उनके संसदीय क्षेत्र तक जाकर संत समाज लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा।

मथुरा में भी साधु-संतों ने एकजुट होकर पप्पू यादव का कड़ा विरोध किया है। संतों ने गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम जुल्हेदी स्थित एक आश्रम पर यादव को ‘कंस’ का रूप बताते हुए उनके पोस्टर लगाए और पुतले का दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि भगवा, सनातन धर्म और लोगों की आस्था का मजाक उड़ाने वाले जनप्रतिनिधियों को संसद में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साथ ही, उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की माँग की गई है। संतों ने उनकी तस्वीर पर चप्पलें तक बरसाईं हैं।

इसके अलावा दिल्ली में भी पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

आधी रात गिरफ्तार पप्पू यादव, आवास पर पहुँचे 100 पुलिसकर्मी: 31 साल पुराना मामला जिसमें अरेस्ट हुए सांसद

                                             पप्पू यादव गिरफ्तार (साभार: ABP न्यूज)
बिहार के पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को देर रात करीब 12 बजे गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 31 साल पुराने एक मामले में पटना की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेश के बाद की गई, जिसमें पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस की टीम शुक्रवार रात करीब 12 बजे मंदिरी स्थित पप्पू यादव के आवास पर पहुँची थी। गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस दौरान पप्पू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए जिसके बाद उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति सामान्य होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई। गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “यह ठीक नहीं है, मेरे साथ क्या होगा यह कहना मुश्किल है।”

गिरफ्तारी के बाद देर रात उन्हें हेल्थ चेक-अप के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ले जाया गया, जहाँ उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आज (शनिवार, 7 फरवरी) उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया। कार्रवाई के दौरान सिटी एसपी के नेतृत्व में 5 डीएसपी, 6 थानेदार और करीब 100 पुलिसकर्मी मौके पर पहुँचे।

पटना के एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा हुआ है, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया के तहत ट्रायल चल रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में सांसद को अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन तय तिथि पर उनकी उपस्थिति नहीं हुई। इसी वजह से अदालत के आदेश पर उनकी गिरफ्तारी की गई।

क्या है 31 साल पुराना केस?

विवाद की जड़ वर्ष 1995 का एक मामला है, जिसमें आरोप है कि पप्पू यादव ने पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थित एक मकान को किराए पर लिया था लेकिन उन्होंने इस घर पर कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल के अनुसार, पप्पू यादव ने मकान को व्यक्तिगत उपयोग के लिए लेने की बात कही थी बकि बाद में उसी मकान को राजनीतिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। जब मकान मालिक को इसकी जानकारी हुई तो दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके बाद उन्होंने गर्दनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

यह मामला गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/1995 के तहत दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव पर धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में अवैध प्रवेश, आपराधिक धमकी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। लंबे समय से यह मामला सांसद-विधायक (MP-MLA) विशेष अदालत में विचाराधीन था और वहाँ इसकी नियमित सुनवाई चल रही थी।

कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, पप्पू यादव को कई बार समन जारी कर अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन वे निर्धारित तिथियों पर पेश नहीं हुए। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना मानते हुए पहले उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया और उसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पटना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार आधी रात उन्हें गिरफ्तार किया।

पूर्णिया या पाकिस्तान: जिस हिंदू कार्यकर्ता की हुई हत्या उसके भाई ने खोले पप्पू यादव के राज, बांग्लादेशी घुसपैठ बढ़ाने-हत्या का लगाया आरोप

टीवी पर या जनता के बीच चिकनी-चुपड़ी बातें करने वाले नेता परदे के पीछे कितने जहरीले होते हैं बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश को देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराधियों का इलाज कर रहे हैं लेकिन बिहार में योगी के कदमों पर चलने के लिए जिगरा चाहिए। क्योकि बिहार की सियासत जातियों और अपराधियों पर टिकी है। जबकि बंगाल में तो अपराध मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इर्दगिर्द घूमता रहता है। चुनावों में चोटिल का ड्रामा कर सहानुभूति वोट ले फिर सत्ता पर काबिज हो जाती है। 
जब तक अपराधियों के बोलबोले वाले राज्य योगी मॉडल नहीं अपनाएंगे अपराधी जनता को शिकार बनाते रहेंगे। घुसपैठियों को पालने वालों को या तो चुनावों में पटखनी देकर औकात दिखाई जा सकती है या फिर सरकार पर जनता द्वारा इनको संरक्षण देने वालों के खिलाफ सडकों पर आना होगा।    
ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट टीम बिहार के सीमांचल इलाके में पूर्णिया पहुँची। यहाँ सीमांचल में बांग्लादेशी घुसपैठ ने हिंदुओं की जिंदगी मुश्किल बना दी है। कई पार्टियाँ वोटबैंक के लिए इन घुसपैठियों को बसाती आई हैं। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर भी इस्लामी घुसपैठ बढ़ाने और हत्या कराने के गंभीर आरोप हैं।

साल 1992 में पूर्णिया में एक हिंदू स्वयंसेवक किशोर सिंह की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। उनके छोटे भाई मनोज सिंह ने अनुराग सिंह से खास बातचीत में सबकुछ उजागर किया। मनोज बोले, “भाई को मारकर हमें चुप कराना चाहते थे, लेकिन आज भी डर नहीं। पप्पू यादव जैसे नेता घुसपैठियों को शह देते हैं, वोट के लिए हिंदू मारते हैं।”

मनोज ने सबूतों के साथ पुरानी कहानी दोहराई कि कैसे राजनीतिक साजिश से हत्या हुई। उन्होंने बताया कि सीमांचल में हिंदू अब जाग रहे हैं। मनोज ने आम लोगों से अपील की है- “वोट दो, लेकिन घुसपैठ रोकने वालों को।”


क्या सुप्रीम कोर्ट रोहिंग्या घुसपैठियों को संरक्षण के लिए है? रोहिंग्या पर सब हुए दरियादिल: सुप्रीम कोर्ट चाहता है इनके बच्चों को पढ़ाए सरकार; क्या घुसपैठियों की वोट से पप्पू यादव संसद पहुंचा है?

                               रोहिंग्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट (साभार: इंडिया टुडे/लीगल इंडिया)
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार(12 फरवरी 2025) को कहा कि बच्चों की शिक्षा के मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और यह बात रोहिंग्या के बच्चों पर भी लागू होती है। दरअसल, ‘रोहिंग्या ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव’ नाम के एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए सुविधाओं की माँग की है। इनमें बच्चों की मुफ्त शिक्षा भी शामिल है। वहीं, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रोहिंग्या मुस्लिमों को नागरिकता देने की माँग की है। संविधान की शपथ लेने वाले क्या घुसपैठियों को संरक्षण की पैरवी करेंगे? 

पप्पू यादव अगर तुम्हे रोहिंग्या इतने प्यारे है तो किसी भी इस्लामिक देश में ले जाकर दिखाओ? उसी दिन सारी नेतागिरी करनी भूल जाओगे। जिन रोहिंग्यों को कोई इस्लामिक मुल्क अपने मुल्क में कदम तक नहीं रखने दे रहा उन्हें यहाँ कुर्सी के भूखे बेशर्म नेता छाती पीट रहे हैं। फिर बकवास करते फिरते हैं कि हम संविधान की रक्षा के लिए हैं। पप्पू यादव जैसे नेताओं देश के साथ खिलवाड़ मत करो।   

पप्पू यादव ने कहा कि देश में रोहिंग्या-रोहिंग्या होते रहता है। पूरी दुनिया में इनकी संख्या सिर्फ 17 लाख है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत में लंबे समय से रह रहे हैं, उन्हें भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पर पप्पू यादव ने कहा, “मैं इमिग्रेशन बिल का समर्थन करता हूँ, लेकिन पिछले 10-12 सालों में क्या वे यह पता लगा पाए हैं कि हमारे देश में कितने अप्रवासी हैं? वे सिर्फ़ वोट बैंक के लिए रोहिंग्याओं की बात करते हैं… सरकार को उन लोगों को नागरिकता देनी चाहिए जो लंबे समय से यहां रह रहे हैं…।”

रोहिंग्या ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव द्वारा दायर याचिका में कोर्ट से ये निर्देश देने की माँग की गई थी कि रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश और सरकारी लाभ दिया जाए। इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्यता और उनकी नागरिकता की स्थिति की परवाह ना की जाए। इस मामले पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ ने की।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने पीठ के समक्ष कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी एक निराशाजनक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस पर न्यायालय ने कहा, “हमें छात्रों और उनके माता-पिता के बारे में बताएँ। वे कहां रह रहे हैं? हमें घर का नंबर, परिवारों की सूची, उनके रहने के सबूत दें। हमें पंजीकरण संख्या आदि दिखाएँ। हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है।”

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता एनजीओ को निर्देश दिया था कि वह कोर्ट को बताए कि दिल्ली में रोहिंग्या शरणार्थी कहाँ-कहाँ बसे हुए हैं और उन्हें क्या-क्या सुविधाएँ मिली हुई हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि रोहिंग्या ‘शरणार्थियों’ को स्कूलों और अस्पतालों में प्रवेश से वंचित रखा जाता है, क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं है।

कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा, “वे शरणार्थी हैं, जिनके पास UNHCR (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त) कार्ड हैं और इसलिए उनके पास आधार कार्ड नहीं हो सकते। लेकिन, आधार कार्ड के अभाव में उन्हें सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि रोहिंग्या शाहीन बाग और कालिंदी कुंज में झुग्गियों में और खजूरी खास में किराए के मकानों में रह रहे हैं।

इस एनजीओ द्वारा दायर याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकारों को निर्देश देने की माँग की गई है कि वे रोहिंग्या बच्चों को आधार कार्ड या भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद मुफ्त शिक्षा दें। जनहित याचिका में आगे माँग की गई थी कि इन रोहिंग्या ‘शरणार्थियों’ को सरकार द्वारा पहचान पत्र माँगे बिना कक्षा 10, 12 और स्नातक सहित सभी परीक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाए।

बिहार : लॉरेंस बिश्नोई की धमकी के बाद बाहर आई पप्पू यादव की अलगाव स्टोरी :जिस ‘टेनिस वाली लड़की’ के इश्क में मरना चाहते थे पप्पू यादव, क्या उसने ‘पूर्णिया के रंगबाज’ को छोड़ दिया?

                                             पप्पू यादव और रंजीत रंजन (फोटो साभार: asianet news)
बिहार में जब जंगलराज था तो वे ‘पूर्णिया के रंगबाज’ कहलाते थे। जेल में बंद थे तो टेनिस खेलती एक लड़की की तस्वीर देख इश्क हो गया। इश्क का नशा ऐसा चढ़ा की नींद की गोलियाँ खाकर जान देने की कोशिश की। फिर इश्क की इस कहानी को शादी का मुकाम मिला और दोनों पति-पत्नी हो गए। लेकिन एक गैंगस्टर की इस कहानी में एंट्री से लगता है कि अब ये इश्क अलगाव की राह पर है।

यह कहानी है पूर्णिया से लोकसभा के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और कॉन्ग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन की। अलगाव की यह कहानी रंजीत रंजन के उस बयान से सामने आई है जो उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर पप्पू यादव को मिली धमकी को लेकर दिया है।

उन्होंने मीडिया में कहा, “मेरा और पप्पू यादव का राजनीतिक जीवन अलग-अलग रहा है। हमारे बीच बहुत मतभेद है और हम पिछले डेढ़-दो सालों से अलग-अलग रह रहे हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा है, उससे मेरा और मेरे बच्चों का कोई संबंध नहीं है। जो चल रहा है वो तो कानून व्यवस्था का मामला है। मेरे परिवार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

पिछले दिनों बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद पप्पू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा था कि अगर कानून द्वारा द्वारा अनुमति दी गई तो वह जेल में बंद गैंगस्टर बिश्नोई के पूरे नेटवर्क को 24 घंटे के भीतर खत्म कर देंगे।

इसी के बाद पप्पू यादव को कथिततौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्य की ओर से कॉल आई और उसने उन्हें कहा, “सुधर जाओ नहीं तो आगे तो हम देख ही लेंगे…आगे हम फोन नहीं करेंगे… हमारे रास्ते में जो आएगा उसका वही होता रहेगा।”

इसी फोन कॉल के बाद जहाँ पप्पू यादव ने अपने सुरक्षा बढ़ाए जाने की माँग केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की तो वहीं उनकी पत्नी ने भी उनसे किनारा कर लिया जिनके प्रेम में उन्होंने कभी नींद की गोलियाँ खा ली थीं।

दोस्त की बहन को पप्पू यादव ने दिया दिल

पप्पू यादव ने अपनी आत्मकथा में खुद इस वाकये के बारे में बताया कि जब वह बांकीपुर जेल में बंद थे तो वहाँ उनकी मुलाकात विक्की से हुई थी। जब उन्होंने विक्की की बहन रंजीत को एल्बम में टेनिस खेलते देखा तो उन्हें वहीं उससे प्यार हो गया। इसके बाद पप्पू यादव रंजीत को देखने अक्सर टेनिस क्लब पहुँच जाया करते थे, जहाँ रंजीत उन्हें खेलती मिलती थीं। रंजीत को शुरू में ये सब पसंद नहीं था। उन्होंने कई बार पप्पू यादव को इस तरह आने से मना भी किया। मगर पप्पू यादव कहाँ मानने वाले थे। उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे।
आखिर में रंजीत मान गईं, लेकिन उनका परिवार सिख था और वो इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए। पप्पू यादव ने बहुत कोशिश की। फिर उन्हें कहा गया कि वह इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता एसएस अहलूवालिया से मदद माँगे।
पप्पू यादव को जैसे ही पता चला कि अहलूवालिया इसमें उनकी मदद करेंगे वो फौरन दिल्ली आ गए। यहाँ उन्होंने रंजीत से शादी के लिए कॉन्ग्रेस नेता को मनाया और फिर आखिर में 1991 में शुरू लव स्टोरी 1994 में शादी के अंजाम तक पहुँची। इन तीन सालों के बीच पप्पू यादव ने अपना प्यार पाने के लिए खूब कोशिश की।
वो इस कदर रंजीत के प्रेम में थे कि कोई रास्ता न दिखने पर उन्होंने नींद की गोलियाँ तक खा ली थीं और जब दोनों की शादी हुई तब भी रंजीत के शौक पूरे करने में पप्पू यादव ने कोई कसर नहीं छोड़ी। बताया जाता है कि शादी के बाद रंजीत चार्टेड प्लेन में बिहार आई थीं और उसका सारा खर्चा पप्पू यादव ने ही दिया था। बाद में इस जोड़े के एक बेटा और बेटी हुए। इनकी कई तस्वीरें अक्सर मीडिया में चर्चा में रहीं हैं।

बिहार : पूर्णिया से किसका भविष्य चमकेगा पप्पू यादव या लालू यादव?

बिहार में एक कहावत है

बेटा मांगे गइली भतार गंवा के अइली
पप्पू यादव का लगभग यही हाल हो गया है


बेचारे ने कांग्रेस में अपने पार्टी का विलय कर लिया क्योंकि इन्हें लगा कि यदि कांग्रेस और RJD का साथ मिल गया तो शायद पूर्णिया से सांसद बन जाउंगा लेकिन लालू यादव कभी नही चाहेंगे की कोई दुसरा यादव नेता आगे बढ़ें क्योंकि उनके नवमीं फेल बेटा तेजस्वी यादव का फ्यूचर जो बनाना है, यदि यादव समुदाय का कोई दूसरा नेता आगे आ जाता है फिर उनके बेटे के फ्यूचर का क्या होगा?

किसी समय में पप्पू यादव से लेकर रामकृपाल यादव तक लालू यादव के दाहिना और बाएं हाथ हुआ करते थे लेकिन अब रामकृपाल यादव को हराने के लिए हर बार अपनी नासमझ बेटी मिसा भारती को खड़ा करते हैं। हालांकि, यह अलग बात है कि वह दोनों बार बुरे तरीके से चुनाव हारी है, तीसरी बार भी हारेगी और वही खेला इन्होंने पप्पू यादव के साथ कर लिया जब इन्होंने इतना बड़ा बलिदान यानी कि अपने पूरे पार्टी का विलय कांग्रेस में कर लिया इस उम्मीद पर की लालू यादव एक पिता समान उनके सर पर आशीर्वाद देंगे लेकिन लालू यादव तो ठहरे घोर परिवारवादी उनके लिए अपने परिवार से बढ़कर जाति कभी नहीं रहा लेकिन यह बात यादवों को कब समझ में आएगा? जो इंसान सिर्फ अपने परिवार के लिए सोच रहा हो वो जनता का कभी भी नहीं हो सकता ,, चाहे तुम जितना यादव यादव कर लो
बेचारे पप्पू यादव इसी चक्कर में एक बार फिर से बर्बाद हो गए और इस बार ऐसा बर्बाद हुए की कहीं के ना रहेंगे

सावन में पॉर्न देखते हैं नेता, नेताओं के फोन चेक कीजिए, सब रोज देखते हैं पॉर्न : पप्पू यादव

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने लालू यादव के सावन में मटन खाने पर हमला बोला था। सुशील मोदी का यह बयान JAP नेता पप्पू यादव को रास नहीं आया। उन्होंने सुशील मोदी से सवाल करते हुए कहा है कि नेता सावन में पॉर्न देखते हैं। क्या यह नॉनवेज नहीं है? उन्होंने सुशील मोदी से अपना फोन चेक करवाने के लिए भी कहा।

‘जन अधिकार पार्टी (JAP)’ के नेता पप्पू यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे लालू यादव के सावन में नॉनवेज खाने पर सुशील मोदी द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल किया। इस पर पप्पू यादव भड़क गए। उन्होंने कहा, “ये जो नॉनवेज-नॉनवेज करते हैं। जरा सुशील भाई से पूछिए कि मंगल, बुध और सावन में इनको माल मिलेगा, तो छोड़ेंगे? नेता पॉर्न देखना छोड़ते हैं? सावन में पॉर्न क्यों देखते हैं नेता लोग, वो नॉनवेज नहीं है। पॉर्न देखना नॉनवेज नहीं है? दारू पीना नॉनवेज नहीं है?”

पप्पू यादव ने आगे कहा कि सभी नेता लोगों के मोबाइल चेक कीजिए, पता चल जाएगा कि कोरोना में कितने लोगों ने पॉर्न देखा और सावन में हर रोज कितने लोगों ने पॉर्न देखा। उन्होंने यह भी कहा, “सुशील भाई आपसे आग्रह है कि आप अपना भी मोबाइल चेक करा लीजिए, पोर्न देखे हैं कि नहीं।

दरअसल, यह पूरा मामला राहुल गाँधी और लालू यादव के मटन वाले वीडियो से जुड़ा हुआ है। मुंबई में इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस ने सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में लालू यादव राहुल गाँधी को बिहार का खास ‘चंपारण मटन’ बनाने का तरीका सिखाते नजर आए थे। इसको लेकर सुशील मोदी ने लालू यादव पर हमला करते हुए कहा था कि इस पाप की सजा उनकी पार्टी आरजेडी को जरूर मिलेगी। उनकी पार्टी नई संसद का चेहरा भी नहीं देख पाएगी।

इससे पहले 22 मार्च, 2023 को पप्पू यादव का एक वीडियो सामने आया था। उसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा से लेकर लोकसभा तक सब नेता पोर्न देखते हैं। उन्होंने यह भी पूछा था कि भोजपुरी फिल्म पोर्न नहीं है तो क्या है? साथ ही कहा था कि 92% लोग पोर्न देखते हैं। अगर ऐसा सच न हो तो नाम बदल दीजिएगा। सभी नेता इसमें शामिल हैं।