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‘वो मेरा घर फूँक देंगे’: पूर्व कांग्रेसी शकील अहमद ने कांग्रेस से बताया खतरा, राहुल गाँधी को बताया था ‘डरपोक’

                  नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी (बाएँ), पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद(दाएँ) (साभार: Bhaskar)
कांग्रेस में गाँधी परिवार की हिटलरशाही के चलते पार्टी के धुरंदर नेता पार्टी को छोड़ बीजेपी का दामन थाम रहे हैं। असम मुख्यमंत्री हिमन्त सरमा जो बीजेपी के fire brand नेता बने हुए हैं। कुछ प्रवक्ता बने हुए हैं। जब तक पार्टी में परिवार की चलती रहेगी पार्टी अपना अस्तित्व खोती रहेगी।  
कांग्रेस के पुराने साथी शकील अहमद ने पिछले दिनों नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को ‘डरपोक’ और ‘इनसिक्योर’ नेता बताया था। लगातार कांग्रेस के खिलाफ देने वाले शकील अहमद ने अब कांग्रेसियों से जान का खरता बताया है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस उनके घर पर हमला करवा सकती है।

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शकील अहमद ने कहा, “अभी-अभी कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से मुझे खबर किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस/युवा कांग्रेस को यह आदेश दिया है कि कल 27 जनवरी 2026 को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी निवास पर आक्रमण किया जाए। यह जनतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है।”

उन्होंने ऐसे ही एक और पोस्ट में व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट को सबूत के तौर पर साझा करते हुए कहा, “अब तो मेरी जानकारी बिल्कुल सही साबित हुई। कांग्रेस के पुराने साथियों का बहुत धन्यवाद। हमारे बिहार में एक कहावत कि पुराने दोस्त ही काम आते हैं। क्या यह राहुल जी के आदेश के बिना हो रहा है?”

पूर्व कांग्रेसी शकील अहमद का राहुल गाँधी पर बयान

बिहार से 3 बार कांग्रेस विधायक और 2 बार सांसद रहे शकील अहमद शकील अहमद का कॉन्ग्रेस से यह डर उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गाँधी को ‘डरपोक’ नेता बताया था। शकील अहमद ने यह भी कहा था कि राहुल गाँधी की ‘इनसिक्योरिटी’ की वजह से प्रियंका गाँधी आगे नहीं आ पाती हैं।

शकील अहमद ने कहा था कि राहुल गाँधी एक डरपोक और इनसिक्योर नेता हैं, जो पार्टी में सिर्फ उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, जो उनकी तारीफों के पुल बाँधते हैं और जिनके पास कोई जमीनी समझ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे राहुल गाँधी वरिष्ठ नेता के सामने असहज हो जाते हैं, जिसकी समाज में पहचान हो, यही कारण है कि उनका व्यवहार तानाशाही और अलोकतांत्रिक हो जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गाँधी ने राजीव गाँधी, पीवी नरसिम्हा राव और सीताराम केशरी जैसे विभिन्न गुटों वाली कॉन्ग्रेस को एकजुट कर एक मजबूत ‘सोनिया गाँधी की कांग्रेस’ बनाई और पार्टी को संकट से उबारकर नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, लेकिन राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी की इसी कांग्रेस को भी अपना नहीं बना सके।

‘जिंदा जला देंगे’: I Love Muhammad पोस्टर हटाने वाले को ढूँढ रहा RJD प्रत्याशी (ओसामा, शहाबुद्दीन का बेटा) का समर्थक- बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट; चुनाव आयोग खामोश क्यों?

   बिहार के सीवान में 'I Love Muhammad' पोस्टर हटाने पर जिंदा जलाने की धमकी (फोटो साभार : Opindia Ground Report Video Snip)

उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ ‘I Love Muhammad’ पोस्टर का विवाद देश भर में दंगा, फसाद और हंगामे के बाद भी अब तक शांत नहीं हुआ है। अब भी इस्लामी कट्टरपंथियों के मन में इसे लेकर एक चिंगारी सुलग रही है। बिहार के सिवान में एक शख्स ने ‘ऑपइंडिया’ के कैमरे पर यह दावा किया है कि वो कथित तौर पर ‘I Love Muhammad’ का पोस्टर फाड़ने वाले एक युवक को ढूँढ रहे हैं और मिल गया तो उसे जिंदा जला दंगे।

चुनावी हलचल के दौरान इस तरह की धमकियों का चुनाव आयोग को संज्ञान लेकर सख्त से सख्त से कार्यवाही करनी चाहिए। इस धमकी पर तेजस्वी यादव का भी खामोश रहना दोबारा जंगल राज का खुला सन्देश दे रहे है। इस धमकी के आने पर अगर बिहार की जनता RJD के किसी भी उम्मीदवार को एक भी वोट देती है उसे उनका निकम्मापन ही कहा जाएगा। ये धमकी अपने आपमें बहुत कुछ कह रही है, जिसे बिहार की जनता को बहुत गंभीरता से लेने की जरुरत है। किसी भी मौलाना/मौलवी/मुस्लिम बुद्धिजीवी और  मुस्लिम कट्टरपंथी द्वारा इसका विरोध नहीं करना इस धमकी के पीछे छिपे उपद्रव का इशारा है। जब तक बिहार में योगी बुलडोज़र जैसी कार्यवाही नहीं होगी, दंगाई शांत नहीं होंगे।   

दरअसल, ‘ऑपइंडिया’ की टीम बिहार चुनाव की कवरेज को दौरान सिवान पहुँची थी। इस जिले की रघुनाथपुर सीट पर RJD ने बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है। कवरेज के दौरान हमारी मुलाकात ओसामा शहाब के एक समर्थक से हो गई।

खुली धमकी और शहाबुद्दीन का खौफ

ऑपइंडिया के रिपोर्टर अनुराग मिश्रा से बातचीत में मुस्लिम युवक ने कहा कि “भाईजान (ओसामा) बोले- पोस्टर फाड़ने वाले को जिंदा जला देंगे।” उसने यह भी बताया कि पोस्टर फाड़ने वाले को वे ढूँढ़ रहे हैं और अगर वह मिला तो उसे सीधे शहाबुद्दीन के घर ले जाया जाएगा। युवक ने यह भी कहा कि शहाबुद्दीन के रहते किसी की हिम्मत नहीं होती कि कोई पोस्टर हटा दे।

‘I Love Muhammad’ विवाद कहाँ-कहाँ हुआ था

‘आई लव मुहम्मद’ वाले पोस्टर का विवाद केवल सीवान तक सीमित नहीं है। इससे पहले, इस तरह के पोस्टर कई अन्य राज्यों में भी विवाद का कारण बने हैं। यह विवाद सबसे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुरू हुआ था, जब बारावफात जुलूस के दौरान ‘I Love Muhammad’ लिखा साइन बोर्ड लगाया गया। इसके बाद यह विवाद यूपी के कानपुर, उन्नाव, बरेली, बागपत, कौशांबी, लखनऊ, महाराजगंज, शाहजहाँपुर तक फैला। इसके अलावा, उत्तराखंड के काशीपुर, महाराष्ट्र के नागपुर, गुजरात के गोधरा, तेलंगाना के हैदराबाद तक हुआ।

‘लव जिहाद देश के लिए खतरा’, "एक षड़यंत्र" : हरियाणा की अदालत ने शहबाज को सुनाई 7 साल की जेल; CAA विरोध में मोदी विरोध में हिन्दुत्व के अपमान का विरोध नहीं करना देश को पड़ रहा भारी

                                                                                                                                                                                            साभार 
हरियाणा की एक अदालत ने लव जिहाद को देश के लिए खतरा करार दिया है। अदालत ने कहा है कि भले ही कानून में इसको लेकर कुछ ना कहा गया हो लेकिन यह एक षड्यंत्र है। यह टिप्पणियाँ अदालत ने एक नाबालिग हिन्दू लड़की की FIR पर दायर मुकदमे में सुनाई है।

क्या ऐसी भाषा का इस्तेमाल इस्लाम के खिलाफ किया जा सकता था?
बेशर्म हिन्दू बर्दाश्त करते रहे 
 
जिस तरह देश में लव जिहाद और इस्लामिक धर्मांतरण का खेल चल रहा है, पक्ष और विपक्ष के हिन्दुओं में इस बात पर चर्चा शुरू हो रही है कि लव जिहाद की शिकार लड़की के पक्ष में खड़ा होने की बजाये पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाये। जब तक हिन्दू महिलाओं में इसके दुष्परिणामों से सचेत किया जायेगा वह दिन दूर नहीं देश गज़वा-ए-हिन्द बन जायेगा। CAA विरोध में बने शाहीन बागों में हिन्दुत्व के विरोध में उठी आवाज़ों को मोदी विरोध में नज़रअंदाज़ करना दुर्भाग्यपूर्ण था। मोदी विरोध में हिन्दुत्व को दांव पर नहीं लगाना था। जिस तरह शाहीन बागों में हिन्दुत्व के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था अगर इस्लाम के विरुद्ध कर दिए होते कत्लेआम हो गया होता। बेशर्म हिन्दू सुनते रहे।       

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के यमुनानगर में जगाधरी की एक अदालत ने 17 जुलाई, 2025 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि उसके सामने आया मामला लव जिहाद है। अदालत ने लव जिहाद को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया।

अदालत ने कहा कि भले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO में लव जिहाद को लेकर कोई परिभाषा नहीं दी गई है लेकिन यह असल में मुस्लिम पुरुषों का गैर-मुस्लिम महिलाओं के साथ प्रेम में होकर उन्हें इस्लाम में धर्मांतरित करने का एक षड्यंत्र है।

यह फैसला जज रंजना अग्रवाल ने सुनाया। उन्होंने इस मामले में दोषी शहबाज को कुल 7 साल की सजा सुनाई। उसे एक मामले में 4 साल, एक में 2 साल और एक में 1 साल की सजा सुनाई गई है। उस पर POCSO समेत बाकी धाराओं में लगाए गए आरोप में यह सजाए सुनाई गईं।

अदालत ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना भी ठोंका। शहबाज एक 14 वर्षीय हिन्दू बच्ची को स्कूल जाते समय परेशान करता था। वह हिन्दू बच्ची पर दबाव बनाता था कि वह एक मुस्लिम नाबालिग के साथ रिश्ते में आ जाए।

वह इसके लिए लगातार बच्ची का पीछा करता था और उसका उत्पीड़न करता था। बच्ची ने इस मामले में नवम्बर, 2024 में मामला दर्ज करवाया था। अब कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया है।

अवलोकन करें:-

सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
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सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऐसा लगता है मानो जैसे-जैसे समय बीत रहा है, CAA-NRC का विरोध अब शाहीन बाग़ से होते हुए अपने असल.... 
विपक्ष में हिन्दुओं को सताया गज़वा-ए-हिन्द का डर; आगरा का धर्मांतरण गिरोह निकला ‘छांगुर पीर’ से भ

गौरतलब है कि लम्बे समय से मुस्लिम युवक, हिन्दू युवतियों को फँसाने के लिए पहचान बदल कर, कलावा पहन और तिलक आदि लगा कर भ्रमित करते रहे हैं। ऐसे मामलों में पहचान तब सामने आती है जब हिन्दू पीड़िता पूरी तरह से फँस चुकी होती है। केरल में ईसाई युवतियाँ भी इसकी शिकार हुई हैं।

मुंबई को फिर दहलाने की धमकी: ईमेल भेज कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- बम विस्फोट को रोक सको तो रोक लो

महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय को मिला धमकी भरा ईमेल (साभार : X अकाउंट Vayam Bharat)
महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग को सोमवार (12 मई 2025) शाम एक अनजान ईमेल मिला है, जिसमें अगले 48 घंटों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मंत्रालय के पूरे इलाके की तलाशी ली, लेकिन उन्हें कोई भी शक पैदा करने वाली चीज नहीं मिली। ईमेल में यह नहीं बताया गया था कि बम कहाँ रखा जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के बड़े अधिकारी ने बताया कि उन्हें सोमवार (12 मई 2025) को यह ईमेल मिला था। ईमेल में लिखा था कि अगले दो-तीन दिनों में या 48 घंटों में देश में कहीं भी धमाका हो सकता है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब देश की सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है, जिसके चलते मुंबई पुलिस और नौसेना पहले से ही सतर्क हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। इसके साथ ही, आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की एक टीम भी मंत्रालय में आई और उन्होंने भी जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए उसके इंटरनेट एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि मंत्रालय, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) जैसी जरूरी जगहों की सुरक्षा जाँच करने की योजना बनाई गई थी। अधिकारी ने कहा, “हमने सोमवार (12 मई 2025) को मंत्रालय की सुरक्षा का जायजा लिया। यह सिर्फ एक संयोग था कि उसी दिन आपदा प्रबंधन विभाग को यह धमकी भरा ईमेल मिला।” बड़े अधिकारियों के मुताबिक, ईमेल भेजने वाले ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सावधानी बरतें।

‘अगर हम लोग (मुस्लिम) खड़े हुए तो आप लोगों (हिंदुओं) को चलने का रास्ता नहीं मिलेगा’: हिजाब वाली ने वक्फ कानून पर धमकाया, देखिए Video

वक्फ संशोधन एक्ट-2025 के खिलाफ जितने भी लोग सड़क पर हैं क्या किसी ने अपने आकाओं से पूछा कि तुमने वक़्फ़ की कितनी जमीन पर कब्ज़ा कर रखा है? उस जमीन का कितना किराया देते हो और उसके पलटे कितने करोड़ हर महीने कमा रहे हो?    
वक्फ संशोधन एक्ट-2025 के खिलाफ एक मुस्लिम महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने चेतावनी दी कि अगर दुनिया भर के मुस्लिम एकजुट हो गए, तो हिंदुओं के पास खड़े होने की जमीन भी नहीं बचेगी।

हिजाब पहनी महिला ने कहा, “पूरी दुनिया में मुसलमान से ज्यादा तादात किसी की नहीं है। अगर हम लोग खड़े हुए, तो आप लोगों (हिंदुओं) को चलने का रास्ता नहीं मिलेगा इंसाल्लाहताला.. जितनी जल्दी हो सके, आप अपने वक्फ बिल को वापस लीजिए।”

वक्फ (संशोधन) एक्ट को अप्रैल 2025 में संसद ने पारित किया। यह एक्ट वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करने जैसे सुधार लाता है। लेकिन कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम अधिकारों पर हमला बताया।

इस कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा हो रही है। हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं। मंदिरों, हिंदुओं की संपत्तियों, वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, तो घर में घुसकर पिता-बेटे की हत्या कर दी गई।

बिहार : लॉरेंस बिश्नोई की धमकी के बाद बाहर आई पप्पू यादव की अलगाव स्टोरी :जिस ‘टेनिस वाली लड़की’ के इश्क में मरना चाहते थे पप्पू यादव, क्या उसने ‘पूर्णिया के रंगबाज’ को छोड़ दिया?

                                             पप्पू यादव और रंजीत रंजन (फोटो साभार: asianet news)
बिहार में जब जंगलराज था तो वे ‘पूर्णिया के रंगबाज’ कहलाते थे। जेल में बंद थे तो टेनिस खेलती एक लड़की की तस्वीर देख इश्क हो गया। इश्क का नशा ऐसा चढ़ा की नींद की गोलियाँ खाकर जान देने की कोशिश की। फिर इश्क की इस कहानी को शादी का मुकाम मिला और दोनों पति-पत्नी हो गए। लेकिन एक गैंगस्टर की इस कहानी में एंट्री से लगता है कि अब ये इश्क अलगाव की राह पर है।

यह कहानी है पूर्णिया से लोकसभा के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और कॉन्ग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन की। अलगाव की यह कहानी रंजीत रंजन के उस बयान से सामने आई है जो उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर पप्पू यादव को मिली धमकी को लेकर दिया है।

उन्होंने मीडिया में कहा, “मेरा और पप्पू यादव का राजनीतिक जीवन अलग-अलग रहा है। हमारे बीच बहुत मतभेद है और हम पिछले डेढ़-दो सालों से अलग-अलग रह रहे हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा है, उससे मेरा और मेरे बच्चों का कोई संबंध नहीं है। जो चल रहा है वो तो कानून व्यवस्था का मामला है। मेरे परिवार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

पिछले दिनों बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद पप्पू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा था कि अगर कानून द्वारा द्वारा अनुमति दी गई तो वह जेल में बंद गैंगस्टर बिश्नोई के पूरे नेटवर्क को 24 घंटे के भीतर खत्म कर देंगे।

इसी के बाद पप्पू यादव को कथिततौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्य की ओर से कॉल आई और उसने उन्हें कहा, “सुधर जाओ नहीं तो आगे तो हम देख ही लेंगे…आगे हम फोन नहीं करेंगे… हमारे रास्ते में जो आएगा उसका वही होता रहेगा।”

इसी फोन कॉल के बाद जहाँ पप्पू यादव ने अपने सुरक्षा बढ़ाए जाने की माँग केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की तो वहीं उनकी पत्नी ने भी उनसे किनारा कर लिया जिनके प्रेम में उन्होंने कभी नींद की गोलियाँ खा ली थीं।

दोस्त की बहन को पप्पू यादव ने दिया दिल

पप्पू यादव ने अपनी आत्मकथा में खुद इस वाकये के बारे में बताया कि जब वह बांकीपुर जेल में बंद थे तो वहाँ उनकी मुलाकात विक्की से हुई थी। जब उन्होंने विक्की की बहन रंजीत को एल्बम में टेनिस खेलते देखा तो उन्हें वहीं उससे प्यार हो गया। इसके बाद पप्पू यादव रंजीत को देखने अक्सर टेनिस क्लब पहुँच जाया करते थे, जहाँ रंजीत उन्हें खेलती मिलती थीं। रंजीत को शुरू में ये सब पसंद नहीं था। उन्होंने कई बार पप्पू यादव को इस तरह आने से मना भी किया। मगर पप्पू यादव कहाँ मानने वाले थे। उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे।
आखिर में रंजीत मान गईं, लेकिन उनका परिवार सिख था और वो इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए। पप्पू यादव ने बहुत कोशिश की। फिर उन्हें कहा गया कि वह इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता एसएस अहलूवालिया से मदद माँगे।
पप्पू यादव को जैसे ही पता चला कि अहलूवालिया इसमें उनकी मदद करेंगे वो फौरन दिल्ली आ गए। यहाँ उन्होंने रंजीत से शादी के लिए कॉन्ग्रेस नेता को मनाया और फिर आखिर में 1991 में शुरू लव स्टोरी 1994 में शादी के अंजाम तक पहुँची। इन तीन सालों के बीच पप्पू यादव ने अपना प्यार पाने के लिए खूब कोशिश की।
वो इस कदर रंजीत के प्रेम में थे कि कोई रास्ता न दिखने पर उन्होंने नींद की गोलियाँ तक खा ली थीं और जब दोनों की शादी हुई तब भी रंजीत के शौक पूरे करने में पप्पू यादव ने कोई कसर नहीं छोड़ी। बताया जाता है कि शादी के बाद रंजीत चार्टेड प्लेन में बिहार आई थीं और उसका सारा खर्चा पप्पू यादव ने ही दिया था। बाद में इस जोड़े के एक बेटा और बेटी हुए। इनकी कई तस्वीरें अक्सर मीडिया में चर्चा में रहीं हैं।

पहले कहा- 24 घंटे में खत्म कर दूँगा इसका नेटवर्क, अब कह रहे- मुझे Z श्रेणी सुरक्षा दो: पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी; लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का गुंडा बताना पड़ा भारी


लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोगों ने यूएई से धमकी भरा फोन किया है। सांसद पप्पू यादव को धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। पप्पू यादव ने पिछले दिनों लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का गुंडा बताया था और 24 घंटे में पूरे गैंग को खत्म करने का दावा किया था।

अपने बड़बोलेपन से मजबूर पप्पू यादव ने मीडिया के सामने आकर खुलेआम लॉरेंस बिश्नोई गैंग को खत्म करने का दावा तो कर दिया लेकिन बाद में उन्हें समझ में आ गया था कि उन्होंने बड़ा पंगा ले लिया है। इसी का नतीजा था कि पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेस को संबोधित करने के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने उनसे लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा सवाल पूछा तो वे हत्थे से भड़क गए और पत्रकारों को ही हिदायत दे दी कि वे लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े सवाल न पूछे।

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद 24 घंटे में लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क खत्म करने का दावा करने वाला पप्पू यादव ने केंद्र सरकार से जेड श्रेणी की सुरक्षा माँगी है। उन्होंने इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। कथित तौर पर उन्हें लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी मिली है और उनकी जान को खतरा है। पप्पू यादव ने इस मामले की सूचना बिहार के डीजीपी को भी दी है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

इससे पहले पप्पू यादव ने लॉरेंस बिश्नोई को चैलेंज देते हुए कहा था कि वो ’24 घंटों’ में लॉरेंस बिश्नोई और उसके पूरे गैंग को खत्म कर देंगे।

 

दरअसल, मूल रूप से गोपालगंज के रहने वाले बाबा सिद्दीकी की पिछले दिनों मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के करीबी बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेवारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इस हत्याकांड को लेकर राजनीति भी खूब हुई थी। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने तो लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का गुंडा तक कह दिया था और कहा था कि अगर उन्हें खुली छूट मिल जाए तो 24 घंटे के भीतर पूरे गैंग को खत्म कर देंगे।

मीडिया में भारी फजीहत के बाद पप्पू यादव खुद का चेहरा बचाने के लिए मुंबई जा पहुंचे और वहां जाकर बाबा सिद्दीकी के बेटे से मुलाकात की। मुंबई पहुंचने के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि था कि 'आ गया मुंबई!... मुंबई में पप्पू यादव ने दिवंगत बाबा सिद्दीक़ी के बेटे जिशान से मिलकर घटना पर दुख जताया और यह आश्वस्त किया कि हर परिस्थिति में वो उनके और पूरे परिवार के साथ हैं।

बाबा सिद्दीकी के बेटे जिशान से मिलने के बाद पप्पू यादव ने बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान से भी मिलने की कोशिश की थी लेकिन शूटिंग में व्यस्त रहने के कारण सलमान से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई हालांकि, सलमान खान से उनकी लंबी बातचीत हुई थी। पप्पू यादव ने सलमान खान से कहा था कि हर परिस्थिति में मैं आपके साथ हूं। अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फोन नंबर से पप्पू यादव को हत्या की धमकी दी गई है। धमकी में लॉरेंस बिश्नोई का नाम लिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पप्पू यादव का बड़बोलापन उनपर भारी पड़ गया है।

बिहार : ‘The Kerala Story के निर्देशक की आँख निकालने वाले को 21 लाख रूपए का इनाम’: तमन्ना हाशमी का ऐलान, ‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ ने जलाए फिल्म के पोस्टर

'The Kerala Story' के निर्देशक सुदीप्तो सेन को मुजफ्फरपुर में धमकी (फोटो साभार: Zee News)
जब से फिल्म ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर आया है, तभी से इससे जुड़े लोगों को धमकियाँ मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। अब फिल्म रिलीज भी हो गई है। पहले हफ्ते में इसने भारत में 82 करोड़ रुपए का नेट कारोबार भी कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म शुक्रवार (12 मई, 2023) को 100 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर गई। लेकिन कट्टरपंथी, आतंकवाद और गजवा-ए-हिन्द समर्थक इसे इस्लाम के विरुद्ध बताकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, जबकि यह फिल्म इस्लाम नहीं आतंकवाद के खिलाफ है। इधर बिहार के मुजफ्फरपुर में फिर से फिल्म के निर्देशक को धमकी मिली है। साथ ही फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए।

‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ मोर्चा ने ऐलान किया है कि जो भी ‘The Kerala Story’ के निर्देशक की आँख निकालेगा, उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। ये ऐलान मोर्चा के अध्यक्ष तमन्ना हाशमी ने किया है। ये मोर्चा खुद को सामाजिक संस्था बताता रहा है। तमन्ना हाशमी ने ये भी कहा कि इस फिल्म के जरिए मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे उन्माद फैलाने वाली फिल्म बताते हुए माँग की कि बिहार में इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

बुधवार (10 मई, 2023) को शहीद खुदीराम बोस स्मारक के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के लोगों ने ये बातें कही। बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में फिल्म को टैक्स-फ्री किया जा चुका है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और अभिनेत्री अदा शर्मा से मुलाकात की। ‘The Kerala Story’ में दिखाया गया है कि कैसे केरल में एक साजिश के तहत हिन्दू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसा कर उनका निकाह और इस्लामी धर्मांतरण किया जाता है, फिर उनकी तस्करी कर के ISIS का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है।

इससे पहले फिल्म के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा था,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। 


उत्तर प्रदेश : मोदी-योगी को माँ-बहन की गालियाँ, हिन्दू समाज पर अभद्र टिप्पणी करने वाला ग्राम प्रधान सत्तार गिरफ्तार

                   सीतापुर में पीएम मोदी और सीएम योगी को गाली देने वाला प्रधान सत्तार गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गंदी-गंदी गालियाँ देने के आरोप में सत्तार नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित खानपुर सादात नाम के गाँव का प्रधान है। सत्तार पर पूरे हिन्दू समाज को भी अपमानित करने का आरोप है। इस घटना का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। मामला 4 दिसंबर, 2022 का है।

मामला थाना कोतवाली लहरपुर क्षेत्र का है। इस मामले की पुलिस में शिकायत अंकित नाम के युवक ने की है। अंकित का कहना है कि घटना के दिन वो अपने दोस्त अमित के साथ किसी काम से गाँव खानपुर सादात गए थे। यहाँ उन्होंने पाया कि उस गाँव का प्रधान सत्तार PM मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को माँ-बहन सहित गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी बीच सत्तार ने पूरे हिन्दू समाज पर भी अभद्र टिप्पणी की।

अपनी शिकायत में अंकित ने आगे बताया है कि जब उन्होंने सत्तार को रोकने की कोशिश की तब उन्हें भी गालियाँ दी गईं। सत्तार ने अंकित और अमित वो जान से मार देने की भी धमकी दी। शिकायत में बताया गया है कि सत्तार की हरकत से वहाँ मौजूद हिन्दुओं में डर बैठ गया और उन्होंने अपने घरों और दुकानों के दरवाजे बंद कर लिए। बताया यह भी गया कि प्रधान द्वारा दी गई गालियों को सुन कर स्थानीय हिन्दू समाज के लोगों में गुस्सा भी है। अंकित ने पुलिस से आरोपित प्रधान पर केस दर्ज करने की माँग भी की है।

सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी काफी वायरल हो रहा है जिसमें किसी को मोदी और योगी पर अभद्र टिप्पणी करते सुना जा सकता है। पीड़ित अंकित के मुताबिक, ऑडियो में आवाज ग्राम प्रधान सत्तार की है। प्रधान सत्तार की बताई जा रही इस ऑडियो में मोदी और योगी को माँ और बहन की गालियों के साथ ‘अपनी-अपनी बेटी बेच देते तो वोट मिल जाते’ जैसे शब्द कहते हुए सुने जा सकते हैं। इसी ऑडियो में ‘परचम लहराएगा’ और ‘आग लगा’ देने जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।

अंकित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित ग्राम प्रधान सत्तार पर IPC की धारा 504, 506, 295- A और दण्डविधि संशोधन 2013 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर लिया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने छापेमारी कर के सत्तार को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय भेज दिया है।

‘इस्लाम का दुष्प्रचार बंद करो, अंजाम भुगतोगे’ : RSS मैग्जीन के पत्रकार को मिली ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, कांग्रेस के खिलाफ किया था ट्वीट, FIR दर्ज

                      आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार मिली धमकी (फोटो साभार: ऑर्गेनाइजेशन)
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक पत्रकार को ‘सिर-तन-से-जुदा’ की धमकी दिए जाने का एक मामला सामने आया है। पत्रकार का नाम निशांत आजाद है। वे आरएसएस की पत्रिका ‘ऑर्गेनाइजर’ में काम करते हैं। निशांत को यह धमकी व्हाट्सएप पर एक अनजान मैसेज द्वारा दी गई। पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। अब पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
सर तन से जुदा के विरुद्ध गैर-जमानती कानून कब?
यूट्यूब पर अम्बर ज़ैदी और एक्स मुस्लिम साहिल की वीडियो में साहिल ने बहुत ही ज्वलंत प्रश्न किया है कि 'सर तन से जुदा' के विरुद्ध जब तक गैर-जमानती कानून नहीं बनेगा, यह समस्या बनी रहेगी। किसी में किसी एक्स मुस्लिम के विरुद्ध 'सर तन से जुदा' कहने की हिम्मत नहीं, जो सार्वजनिक रूप से इस्लाम, मौलानाओं और मुफ़्ती आदि के विरुद्ध बोल रहे हैं। News Nation के "इस्लाम क्या कहता है" में तो एक्स मुस्लिम और मौलानाओं के बीच बहस देखने वाली होती है। लेकिन कोई नहीं बोलता। सारे मुस्लिम देश भी खामोश हैं, क्यों? जिसे देख लगता है कि इस्लाम पर संकट के घने बादल छाने शुरू हो चुके हैं। देखिए वीडियो:

 

 
दूसरे, आज हिजाब और बुर्के को लेकर उपद्रव किया जाता है, जबकि आर्गेनाइजर के तत्कालीन संपादक प्रो वेद प्रकाश भाटिया(स्व) ने अपने बहु-चर्चित स्तम्भ Cabbages & Kings में कई बार लिखा कि "...burka is not a islamic culture....on many occasions smart and charming boys were kept in burka..." किसी ने कभी उसका विरोध नहीं किया। इतना ही नहीं, जनता पार्टी के तत्कालीन नेता सैयद शहाबुद्दीन इस स्तम्भ को पढ़े बिना सोते नहीं थे।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निशांत के व्हाट्सएप पर किसी अजनबी का धमकी भरा मैसेज आया। धमकी वाले इस मैसेज में लिखा था, “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा सिर तन से जुदा, इस्लाम के खिलाफ एजेंडे का प्रचार बंद करो।” इस संदेश के साथ धमकी देने वाले ने पत्रकार द्वारा कांग्रेस के खिलाफ किए गए एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी भेजा।

                                                                   धमकी भरा संदेश

इन मैसेज के जवाब में निशांत ने धमकी देने वाले से उसके बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने सामने से जवाब दिया कि वह निशांत के बारे में सब कुछ जानता है और अगर वह इस तरह के मुद्दों पर फिर से लिखना जारी रखता है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे। बताया यह भी जा रहा है धमकी देने वाले ने कन्हैया कुमार और उमेश कोल्हे का भी जिक्र किया था।

आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार को 10 सितंबर को मैसेज के माध्यम से धमकी मिली। धमकी देने वाले की ओर से यह भी कहा गया कि यदि पत्रकार इसी तरह हिंदुत्व संगठनों का समर्थन करता है तो उसका सिर काट दिया जाएगा। एफआईआर में निशांत ने बताया कि उसे अज्ञात यूएस-आधारित नंबर से 10 सितंबर की शाम लगभग 7:00 बजे के करीब धमकी भरे मैसेज मिले।

धमकी देने वाले ने निशांत के जिस ट्वीट का स्क्रीन शॉट शेयर किया, उसमें निशांत ने कांग्रेस के एक ट्वीट की आलोचना की थी। ये वही ट्वीट था जिसमें कांग्रेस ने आरएसएस की जलती हुई वर्दी की तस्वीर साझा की थी। निशांत ने अपने इस ट्वीट में लिखा था, “संघ को खत्म करते-करते पुश्तें निकल गई लल्ला तुम्हारी। एक दिन पता चला खुद ही खत्म हो जाओगे। अभी तो बस चंद राज्य में बचे हो न। यही हाल रहा तो अगले चुनाव में वहाँ से भी निपट जाओगे।”

                                                  धमकी देने वाले ने भेजा कॉन्ग्रेस पर किया गया ट्वीट

अब तक जिन-जिन लोगों को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी मिली, उन्होंने या तो किसी विशेष धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत किया या फिर पैगंबर मोहम्मद को लेकर कुछ विवादित बयान दिए। परंतु इस मामले में निशांत को ये धमकी इसलिए मिली है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की है। 

अब क्या ‘अगला नंबर हैरी पॉटर की लेखिका जेके रॉलिंग का है?

      हैरी पॉटर की लेखिका जेके रॉलिंग (बाएँ) को मीर आसिफ (दाएँ) से मिली कत्ल की धमकी (चित्र साभार-                                                                                                                                              @jk_rowling)
‘हैरी पॉटर’ की लेखिका और स्कॉटलैंड निवासी जेके रॉलिंग को ट्विटर पर जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी ईरान समर्थक एक कट्टरपंथी द्वारा दिए जाने का दावा किया जा रहा है। धमकी देने वाले का ट्विटर एकाउंट मीर आसिफ़ अज़ीज़ नाम से है। धमकी देने वाला आसिफ़ सलमान रुश्दी को चाकू मारने वाले आरोपित का समर्थन कर रहा था। रॉलिंग को यह धमकी 13 अगस्त 2022 (शनिवार) को दी गई है।

जेके रॉलिंग ने सलमान रुश्दी पर हुए हमले के बाद शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “भयावह खबर, मैं बहुत कमजोर महसूस कर रही हूँ। वो जल्दी ही ठीक हो जाएँ।” इस ट्वीट पर खुद को कार्यकर्ता, छात्र और रिसर्चर लिखने वाले मीर आसिफ़ ने लिखा, “चिंता मत करो। अगला नंबर तुम्हारा है।” आसिफ ने इस से पहले रुश्दी पर हमला करने वाले हाडी मतार को एक ‘शिया क्रांतिकारी’ के तौर पर बताते हुए उसे मृत अयातुल्लाह खुमैनी के फतवा का पालन करने वाला बताया था।

इस धमकी के बाद जेके रॉलिंग ने आरोपित आसिफ के तमाम आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट्स को लेकर ट्विटर सपोर्ट (@TwitterSupport) को ट्वीट किया। उन्होंने पूछा कि क्या उनकी तरफ से ऐसे ट्वीट पर कोई सपोर्ट मिल सकता है। उस पर ट्विटर का जवाब था, “हमने आपकी शिकायत की जाँच करके पाया कि उसमें (आसिफ के ट्वीट में) किसी भी प्रकार की कोई भी हिंसक बात नहीं कही गई है।”

ट्विटर के इस फैसले की जेके रॉलिंग के साथ कई अन्य लोगों द्वारा आलोचना की जा रही है। @WilliamGatesKF ने एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “ट्विटर ने जिस मीर आसिफ के एकाउंट को नहीं बंद किया, उस कायर ने अपना एकाउंट खुद ही डिलीट कर दिया।”

थोड़ी देर बाद जेके रॉलिंग ने एक और ट्वीट करके जानकारी दी कि मामला पुलिस के संज्ञान में आ गया है और वो दी गई धमकियों पर कार्रवाई कर रही है। रॉलिंग ने आरोपित आसिफ का फोटो भी शेयर किया है।

शुक्रवार (12 अगस्त, 2022) को ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक उपन्यासकार सलमान रुश्दी को न्यूयॉर्क में भाषण देने से पहले पर चाकू से हमला किया गया था। उन्हें 1980 के दशक में ही ईरान से जान से मारने की धमकी मिली थी। रुश्दी पर चाकू से गर्दन पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी आँख और लीवर डैमेज हो गए हैं। उनका गंभीर अवस्था में इलाज करवाया जा रहा है। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। रुश्दी पर हुए हमले का देश और दुनिया भर के कट्टरपंथी जश्न मना रहे हैं।

योगी जी ! यति नरसिंहानंद का सर कलम करने की धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए

डॉ राकेश कुमार आर्य, 
संपादक : उगता भारत

गाजियाबाद के डासना की शक्तिपीठ के महंत यति नरसिंहानंद इस समय अपनी स्पष्टवादिता और साहस के कारण विशेष चर्चा में हैं। यति नरसिंहानंद हिंदुत्व के लिए समर्पित व्यक्तित्व का नाम है। हिंदुत्व की मौलिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाना और हिंदुत्व के शत्रुओं से उसकी प्रत्येक परिस्थिति में सुरक्षा करना वह अपने जीवन का उद्देश्य मानते हैं। उनका कहना है कि इसके लिए उन्हें चाहे जो भी बलिदान देना पड़े ,वह उसे देने को सदा तत्पर रहते हैं। वह किसी भी प्रकार की धर्मनिरपेक्षता, तुष्टीकरण और इस्लामिक भाईचारे या गंगा जमुनी संस्कृति के बहकावे के कड़े विरोधी हैं। क्योंकि यह छद्म छल या प्रपंच हिंदुत्व के लिए विनाशकारी साबित हुआ है। स्वामी जी इस सत्य को पूर्णतया अपने कथनों व भाषणों में प्रकट करते रहते हैं कि मुसलमान का भाईचारा केवल मुसलमान तक सीमित है । मुसलमान के इस भाईचारे का किसी भी का फिर से कोई संबंध नहीं है। यह सच है कि हिन्दू के लिए उसके पासकेवल खून खराबा ,जिहाद, मारकाट और महिलाओं के साथ अत्याचार के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। वह उन हिंदुओं को भी उतना ही अधिक कोसते और लताड़ते हैं जो इस्लाम के किसी भी प्रकार के बहकावे में आकर हिंदू समाज के लिए खतरा पैदा करते रहते हैं।

अब यति नरसिंहानंद का सर कलम करने की घोषणा मुस्लिम कट्टरपंथी लोगों की ओर से की जा रही है । जिस पर पूरे देश का मुसलमान एक होता जा रहा है। मुस्लिमों की इस लामबंदी की प्रक्रिया में ओवैसी, अमानतुल्लाह खान और सभी मुल्ला मौलवी एक ही स्वर में एक ही आवाज निकाल रहे हैं। जिससे देश का सांप्रदायिक परिवेश भी दूषित प्रदूषित होता जा रहा है। अमानतुल्लाह खान आम आदमी पार्टी का विधायक है जो कि यति नरसिंहानंद की गर्दन काटने और जुबान काटने की धमकी दे रहा है। 
 https://fb.watch/4OoKovJUy5/
अमानतुल्लाह खान जैसे व्यक्ति के बारे में यहां पर यह प्रश्न बड़ी गंभीरता से पूछा जा सकता है कि जो व्यक्ति किसी पार्टी का विधायक हो क्या वह भी कानून को हाथ में लेने और संविधान की धज्जियां उड़ाने का हकदार है ? यदि नहीं, तो फिर सरकार ऐसे विधायक को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई है? समाज में किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध किसी दूसरे व्यक्ति को हिंसा के लिए उकसाना कानूनन अपराध है। जिसके लिए कानून को अपना काम करना चाहिए अर्थात जो लोग ऐसा कर रहे हैं उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। अब अमानतुल्लाह का कहना है कि उसने यति नरसिंहानंद के लिए ऐसा अपनी शरीयत के आधार पर कहा है। स्पष्ट है कि अमानतुल्लाह ऐसा कह कर बच नहीं सकता क्योंकि भारत में शरीयत से नहीं बल्कि संविधान और कानून से देश को चलाया जाता है । देश के कानून और संविधान की उपेक्षा करना या उनकी धज्जियां उड़ाना किसी भी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसके उपरांत भी यदि सरकार मौन होकर बैठी है तो इसे निश्चय ही गलत कहा जाएगा।
हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारत के प्रत्येक व्यक्ति को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली है । यद्यपि यह स्वतंत्रता भारत की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने की सीमा तक नहीं जा सकती। इसके उपरांत भी हम देखते हैं कि अमानतुल्लाह खान जैसे लोगों की मानसिकता जब किसी हिंदू संन्यासी या हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता या राजनीतिक व्यक्ति या हिंदू समाज का जागरण करने वाले कार्यकर्ता का सिर उड़ाने या जुबान काटने की धमकी देती है और कानून उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता। ऐसा व्यक्ति राष्ट्रीय एकता और अखंडता को खतरा पैदा करता है और सामाजिक ताने-बाने को भी तार-तार कर देता है। हमारा मानना है कि यदि ऐसा सब कुछ हो रहा है तो यह भी सरासर कानून का अपमान है और यह देश की कीमत पर सांप्रदायिकता को सरकारी संरक्षण दिए जाने के समान है।
समाज में विद्वेष फैलाना कानूनी अपराध है। जबकि किसी किताब की समीक्षा करना या उसके उन प्राविधानों पर सवाल उठाना पूर्णतया वैधानिक है जो समाज में एक वर्ग के लोगों को मारने काटने या उनके माल को लूटने की अनुमति देते हैं । समीक्षा तर्कसंगत निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए की जाती है और हिंसा के लिए उकसाना समाज की शक्ति को विध्वंसात्मक रास्ते पर डालना होता है हमें दोनों के अंतर को समझ कर काम करना चाहिए। सभ्य समाज में किसी किताब की उन व्यवस्थाओं को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता जो देश के कानून और संविधान के विरुद्ध हैं और मानवता को खून के आंसू रोने के लिए बाध्य करती हैं। यति नरसिंहानंद इसी दिशा में कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि ईश्वर ने सबको समान अधिकार देकर भेजा है। अतः समान अधिकारों के साथ मनुष्य जीवन जीने का अधिकारी है। इसलिए किसी भी किताब की किसी भी ऐसी व्यवस्था को संसार के लिए उचित नहीं माना जा सकता जो एक वर्ग के लोगों को दूसरे लोगों पर अत्याचार करने के लिए उकसाती हैं।
बात यह भी उठाई जा रही है कि यति नरसिंहानंद भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कर रहे हैं तो उनके बारे में हमें स्पष्ट करना चाहेंगे कि वह भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन न करके उसकी रक्षा कर रहे हैं । क्योंकि भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अपरिमित स्वतंत्रता धार्मिक संरक्षण या धर्म निरपेक्षता के नाम पर मुस्लिमों को मिले यह भी सरकारी संरक्षण में चलने वाली सांप्रदायिकता है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यति नरसिंहानंद इतिहास के उस काले भूत को भारत की सोई हुई हिंदू जनता के सिर से उतार देना चाहते हैं जिसने ‘गंगा जमुनी संस्कृति’ के नाम पर इस देश को सदियों से छला है । किसी भी व्यक्ति को ऐसी खुली छूट नहीं दी जा सकती कि वह किसी हिंदू मंदिर में आए और हिंदुओं की आस्था की प्रतीक किसी मूर्ति पर आकर पेशाब करे। यदि आस्था का प्रश्न मुस्लिमों के लिए है तो वह हिंदुओं के लिए भी उतना ही सुरक्षित है। भारतीय संविधान जिस पंथनिरपेक्षता की बात करता है उसकी मूल आत्मा भी यही है।
भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपभोग यदि मुस्लिम किसी हिंदू मंदिर में जाकर हिंदू देवी देवता के किसी चित्र पर पेशाब करके कर सकते हैं तो फिर उसका उचित प्रतिकार करने का अधिकार यति नरसिंहानंद जैसे संतों को स्वाभाविक रूप से प्राप्त है। क्योंकि अन्याय का प्रतिकार करना भारतीय संस्कृति की मौलिक चेतना है और आज उसी मौलिक चेतना के संवाहक यति नरसिंहानंद हैं। देश की युवा पीढ़ी को इस बात को समझना चाहिए कि यदि आज औरंगजेब किसी न किसी रूप में जीवित है तो बंदा बैरागी भी उसका उचित प्रतिकार करने के लिए हमारे बीच उपस्थित है। देश में सच्ची पंथनिरपेक्षता भी स्थापित हो सकती है जब औरंगजेब और औरंगजेबी मनोवृति के लोग समाप्त कर दिए जाएंगे। इसके लिए सरकारों को अपने स्तर पर उचित कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।
स्वामी नरसिंहानंद जिस बात को कहते हैं उसको लेकर हमें कुछ मुस्लिम विद्वानों के मत भी जानने चाहिएं। अनवर शेख ने एक बार कहा था, “1947 मेरे जीवन का सबसे अंधकारमय समय था। हमें कहा गया था कि गैर-मुस्लिमों की हत्या करना, उनकी महिलाओं को पकडकर दूषित करना, उनकी सम्पतियों को जला देना, आदि जिहाद, यानि पवित्र युद्ध है, और यह जिहाद एक मुसलमान का सबसे पवित्र फर्ज है… जिहाद करते करते “शहीद” होने वालों के लिए जन्नत की हूरें और छोकरे समेत अन्य कई प्रलोभन दिये गए थे”। आगे कहते हैं, “अगस्त १९४७ के प्रथम सप्ताह के एक दिन, जब मैं लाहौर की रेलवे ऑफिस में क्लर्क था, मैंने पूर्व-पंजाब से एक ट्रेन आती हुई देखी। वह ट्रेन मुस्लिम पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के क्षत-विक्षत मृतदेहों से भरी हुई थी। इस दृश्य का मुझ पर एक भयानक प्रभाव पडा। घर पहुंचकर मैंने अल्लाह से प्रार्थना की और मेरे हिस्से की जन्नत की हूरें और छोकरे न भुल जाने की बिनती की… तुरंत मैं हाथ में एक डंडा और एक छुरी लेकर गैर-मुस्लिमों की खोज में निकल पडा… मुझे दो सिक्ख पुरुष – पिता और पुत्र – दिखाई दिए. मैंने दोनों को कत्ल कर दिया। अगले दिन मैं काम पर न गया… मैं कुछ और गैर-मुस्लिमों की हत्या करना चाहता था। दराबी रॉड पर मुझे एक और सिक्ख मिल गया और मैंने उनकी भी हत्या कर दी। कई बार जब उन दिनों की याद आ जाती है, मैं लज्जित हो जाता हूँ, और कई बार मैं पश्चाताप के आंसू बहा चुका हूँ। यदि मैं इस्लामी परम्परा से प्रेरित न हुआ होता तो शायद वे लोग आज भी जीवित होते… किसने मुझे सिखाया कि जिहाद – गैरमुस्लिमों की हत्या करना- एक उत्तम कार्य है?” अपने आपको पुछे गए इस सवाल के उत्तर में अनवर शेख कहते है – “कुरान की कुछ शिक्षाओं ने।”
अनवर शेख कहते हैं कि इस्लाम का सृजन अरब मूल्यों को गैर-अरब प्रजा पर थोपने के लिए किया गया था। गैर-अरब मुस्लिम अरब लोगों को अपने से उच्च मानकर चले यह सुनिश्चित करने के लिए पैगम्बर साहब ने मक्का को इस्लाम का केंद्र बना दिया और यह प्रचलित कर दिया कि स्वयं अल्लाह ने मानवजाति के आदि पुरुष आदम को मक्का स्थित काबा का निर्माण करने का आदेश दिया था। पयगम्बर साहब ने काबा की यात्रा [हज्ज] हर सक्षम मुसलमान के लिए अनिवार्य कर दी। इस्लाम-पूर्व की इस परम्परा को इस्लाम का अविभाज्य अंग बनाने के पीछे का वास्तविक उद्देश्य था अरब को आर्थिक लाभ पहुंचाना। इस्लाम विषयक गहन अध्ययन और चिंतन ने श्री शेख को “Islam: The Arab National Movement”, आदि पुस्तकें लिखने को प्रेरित किया।
अब प्रश्न यह पैदा होता है कि यदि यति नरसिंहानंद इस्लाम के बारे में ऐसा कह रहे हैं जो इस्लामिक विद्वानों की दृष्टि में अनुचित है तो उन्हें इस्लामिक विद्वान अनवर शेख के उपरोक्त कथन पर भी विचार करना चाहिए। जिन्होंने इस्लाम को बहुत निकटता से देखा और इस्लाम की सच्चाई को देखकर उसे कलम के माध्यम से हमारे सबके बीच उतार दिया। अनवर शेख की भाँति अन्य कई विद्वान हैं जिन्होंने इस्लाम की सच्चाई को लोगों के सामने बताने में कोई संकोच नहीं किया है और यह स्वीकार किया है कि इस्लाम काफिरों को खत्म कर दुनिया पर एकछत्र राज्य स्थापित करना चाहता है। इसके लिए उसे काफिरों पर जितना भी अत्याचार करना पड़ेगा , वह करेगा। इसके लिए जिहाद और आतंकवाद उसके हथियार हैं।
मुस्लिम साहित्‍यकार ने सलमान रूश्दी ने भी कहा है कि इस्लामिक आतंकवाद भी इस्लाम का एक रूप है और इसके खात्मे के लिए इस सच्चाई को स्वीकार करना जरूरी है। भारतीय मूल के प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी ने कहा कि- इस्लाम का हिंसक उत्परिवर्तन भी इस्लाम है। जो पिछले 15-20 वर्षों के दौरान बहुत ही ताकतवर बनकर उभरा है।
सलमान रुश्दी ने अपनी साहसिक लेखनी शैली के माध्यम से ‘सैटेनिक वर्सेज’ को लिखा और उसमें स्पष्ट रूप से उन्होंने कहा कि यदि ऐसी आयतें खुदा ने भेजी हैं ,जिनसे संसार में खून खराबा होता हो तो यह आयतें शैतान की आयतें ही कहीं जाएंगी।
अब इन्हीं आयतों के विरुद्ध कानून का सहारा लेकर मुस्लिम विद्वान न्यायालय में जा चुके हैं कि जब तक कुरान में ऐसी आयतों का भी प्रावधान बना रहेगा तब तक संसार में शांति नहीं हो सकती। यह अच्छी बात है कि इस्लाम के भीतर भी ऐसे लोग हैं जो वास्तव में शांति चाहते हैं और कुरान की उन आयतों को उचित नहीं मानते जो संसार में खून खराबा करने के लिए उकसाती हैं। जब कुरान की किन्ही आयतों के सहारे संसार पर अत्याचार करने वाले इस्लाम के भीतर से यह आवाज आ रही हैं कि इनको यथाशीघ्र कुरान से हटा देना चाहिए तब यति नरसिंहानंद की बात को इस दृष्टिकोण से देखना चाहिए कि वह और उनका वर्ग तो इन आयतों से होने वाले अत्याचार को सहन करने वाले रहे हैं। अत: ऐसे में साफ है कि अत्याचार को अब तक झेलने वाला वर्ग इन आयतों का विरोध करने का पहला हक रखता है इसलिए प्रदेश की योगी सरकार को देश में वास्तविक पंथनिरपेक्षता की रक्षा के लिए न केवल इन आयतों पर प्रतिबंध लगाने के लिए आवाज उठानी चाहिए बल्कि यति नरसिंहानंद के विरुद्ध का सर कलम करने और जुबान काटने की धमकी देने वाले लोगों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। इससे पहले कि कोई कानून को अपने हाथ में ले, कानून के रक्षक और कानून को लागू करने वाले लोग सक्रिय होकर कानून के तोड़ने वालों को ‘तोड़’ दें।
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‘मुस्लिम अभी शांति से काम ले रहा… सड़क पर उतरा तो ईंट से ईंट बजा देगा’: अमानतुल्लाह का मस्जिदों
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‘मुस्लिम अभी शांति से काम ले रहा… सड़क पर उतरा तो ईंट से ईंट बजा देगा’: अमानतुल्लाह का मस्जिदों
यदि नरसिंहानंद जी के विषय में सारे समाज को एक होना चाहिए। हम पूर्व में कमलेश तिवारी जैसे कई अपने योद्धाओं को खो चुके हैं । यदि कहीं से भी कोई ऐसी आवाज आ रही है जो फिर इतिहास को दोहराने की मांग कर रही है तो उसके विरुद्ध लामबंद होना समय की आवश्यकता है।