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पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली में दर्ज हुई FIR, संसद में राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर किया था गंदा नाटक: लोकसभा अध्यक्ष ने दी गरिमा बनाए रखने की चेतावनी

                             राम मंदिर प्रदर्शन पर पप्पू यादव FIR। (फोटो साभार - जागरण/एनडीटीवी)
संसद परिसर में विपक्षी दलों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर नाटक किया था। इस नाटक में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर चंदा लूटते हुए नजर आए थे। Video वायरल होने के बाद अब विवाद बढ़ गया है। नाटक कर रहे पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

पप्पू यादव ने संसद भवन में भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी का भेष धारण कर चंदा चोरी करने का नाटक किया। इसमें पप्पू यादव ये दर्शाने की कोशिश कर रहे थे, कि हिंदू पुजारी ही राम मंदिर से चंदा चोरी कर रहे हैं। इसके बाद देशभर से संतों ने इस नाटक पर विरोध जताया था। अब दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। 

संसद के बाहर किए गए नाटक में विपक्ष के अन्य सांसद और राहुल गाँधी भी श्रद्धालु बनकर दानपेटी में पैसे डालते दिखे और पप्पू यादव उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में रखने का अभिनय कर रहे थे। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेताओं के खिलाफ FIR पर DCP काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया है कि संतों की तहरीर पर तीनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

संसद में इस तरह वेश बदलकर प्रदर्शन करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संसद में कहा कि कुछ सदस्य जिस तरह से भेष बदल-बदलकर आ रहे हैं, वह सदन की मर्यादा और परंपराओं के खिलाफ है। ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद भवन परिसर की पवित्रता और गरिमा बनी रहनी चाहिए और इस तरह के प्रदर्शनों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।

राहुल गाँधी, डिंपल यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी लिया नाटक में भाग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी समेत कई विपक्षी सांसद भी इस सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए और दान पेटी में पैसे डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान चंदा चोर, गद्दी छोड़, जवाब तुमको देना होगा और अमित शाह, सदन में आओ जैसे नारे भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि इस प्रदर्शन को राहुल गाँधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ सांसद अलग-अलग भेष बदलकर संसद परिसर में आ रहे हैं, जो संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद परिसर की पवित्रता और गरिमा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने गौरव बंसवाल से मुलाकात की थी। जगद्गुरु बालक दास ने बताया कि संसद में जिस तरह से पप्पू यादव ने भगवान राम का और सनातन का अपमान किया वह अक्षम्य है। वहीं, महंत जगदीश्वरनाथ ने कहा, “संत समाज शांत है तो कुछ भी करोगे। हिम्मत है तो कभी सिर पर टोपी पहनकर कुछ करो तो जानें। सिर तन से जुदा न हो जाए तो कहना।”

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी पप्पू यादव के इस कृत्य की घोर निंदा की है। संतों ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी माँगने को कहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए साधु-संतों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और इसे संत-समाज कभी सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बिहार में उनके संसदीय क्षेत्र तक जाकर संत समाज लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा।

मथुरा में भी साधु-संतों ने एकजुट होकर पप्पू यादव का कड़ा विरोध किया है। संतों ने गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम जुल्हेदी स्थित एक आश्रम पर यादव को ‘कंस’ का रूप बताते हुए उनके पोस्टर लगाए और पुतले का दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि भगवा, सनातन धर्म और लोगों की आस्था का मजाक उड़ाने वाले जनप्रतिनिधियों को संसद में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साथ ही, उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की माँग की गई है। संतों ने उनकी तस्वीर पर चप्पलें तक बरसाईं हैं।

इसके अलावा दिल्ली में भी पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है: राम मंदिर में धर्म ध्वज स्थापना के बाद मोदी ने कहा- अगले 10 वर्षों में मानसिक गुलामी से मुक्ति का लक्ष्य


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को अयोध्या के राम मंदिर में धर्म ध्वज की स्थापना की है। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित भी किया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरा भारत, पूरा विश्व राममय है। हर राम भक्त के दिल में अद्वितीय संतोष है, असीम कृतज्ञता है और अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धी को प्राप्त हो रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक जलती रही, जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं। भगवान राम के गर्भ गृह की अनंत ऊर्जा, श्री राम परिवार का प्रताप इस धर्म ध्वज के रूप में, दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिस्थापित हुआ है।”

पीएम मोदी ने इस ध्वज को सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज बताया है। उन्होंने कहा, “ये धर्म ध्वज केवल ध्वज नहीं बल्कि यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्य वंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष राम-राज्य की कीर्ति की प्रतिरूपित करता है। यह ध्वज संकल्प है, यह ध्वज सफलता है, यह ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, यह ध्वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरुप है।”

साथ ही उन्होंने मैकाले के प्रभाव को खत्म कर भारत को मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, “1835 में मैकाले नाम के अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे, मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी। 10 साल बाद 2035 में उस अपवित्र घटना को 200 वर्ष पूरे हो रहे हैं। हमें आने वाले 10 वर्षों में भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना है।”

मोदी ने आगे कहा, “मैकाले ने जो सोचा था, उसका प्रभाव कहीं व्यापक था। हमें आजादी मिली लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली, हमारे यहाँ एक विकार आ गया कि विदेश की हर व्यवस्था अच्छी है और हमारी चीजों में खोट है।” 

आज अयोध्या में एक ऐसा पल आया जो सदियों की आस्था को नई ऊंचाई दे गया. भगवान राम और माता सीता के दिव्य विवाह का प्रतीक विवाह पंचमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर केसरिया धर्म ध्वज फहराया. पीएम मोदी ने अभिजीत मुहूर्त 11:52 से 12:35 बजे के बीच एक बटन दबाकर ध्वज को सिर्फ 10 सेकंड में ऊपर चढ़ाया. RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी गवर्नर, सीएम योगी और 6-7 हजार मेहमान भी इसके साक्षी बने.आइए जानते हैं इस खास ध्वज की 10 रोचक बातें…

केसरिया रंग: त्याग और भक्ति का प्रतीक

ये ध्वज पूरी तरह केसरिया रंग का है जो अग्नि की लपटों और उगते सूरज की तरह चमकता है. ये रंग राम के त्याग और समर्पण की याद दिलाता है. ये रंग धर्म की विजय और एकता का संदेश देता है. विवाह पंचमी पर ये रंग राम-सीता के प्रेम को और गहरा कर गया जैसे त्रेता युग का सूर्य फिर से अयोध्या पर चमक उठा.

आकार: 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा त्रिकोण

ध्वज का आकार त्रिकोणाकार है जो 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है. ये राम वंश की गरिमा और मजबूती को दर्शाता है.आज के ध्वजारोहण में जब ये शिखर पर लहराया तो दूर-दूर से दिखाई दिया. ये साइज मंदिर की भव्यता से मैच करता है.यह ध्‍वज 4 किमी की दूरी से दिखाई देगा.

वजन: सिर्फ 2 से 3 किलो

ये ध्वज इतना हल्का है कि वजन सिर्फ 2 से 3 किलो के बीच है ताकि हवा में आसानी से लहरा सके. PM मोदी के बटन दबाते ही ये ऊपर चढ़ा और हजारों भक्तों के जयकारों से गूंज उठा.

मटेरियल: पैराशूट नायलॉन और रेशम का कमाल

ध्वज को एविएशन-ग्रेड नायलॉन पैराशूट फैब्रिक से बनाया गया है.ऊपर से रेशमी धागों की कढ़ाई की गई है. अहमदाबाद के पैराशूट स्पेशलिस्ट कारीगरों ने हाथों से तैयार किया गया है.

तीन लेयर्स: मौसम से बेअसर

इसमें तीन सिन्थेटिक केमिकल लेयर्स लगाई गई हैं जो UV प्रोटेक्शन और वाटरप्रूफिंग देती है. चाहे 200 किमी/घंटा की तेज हवा हो, धूप हो या बारिश ये सब झेल लेगा.

प्रतीक: चमकता सूर्य, राम वंश की शोभा

ध्वज के बीच में सोने के धागों से कढ़ा चमकता सूर्य बना है जो सूर्य वंश के राम के पराक्रम और तेज को दिखाता है. PM मोदी के ध्वजारोहण के दौरान ये सूर्य जैसे उगते सूरज की तरह चमका. विवाह पंचमी पर ये प्रतीक राम के राजतिलक की याद दिलाता है.

पवित्र ओम, ब्रह्मांड की चेतना

ऊपर ओम का चिन्ह उकेरा गया है जो ब्रह्मांड की मूल ध्वनि और शांति का प्रतीक है.यह चिन्‍ह ध्वज पर लहरा रहा है.

कोविदार वृक्ष, अयोध्या की समृद्धि

नीचे कोविदार वृक्ष की छवि है जो अयोध्या का पवित्र वृक्ष माना जाता है और राम राज्य में समृद्धि व शासन के आदर्शों को जोड़ता है. ये वृक्ष सीता के आश्रम से जुड़ा है. ध्वजारोहण के समय ये प्रतीक जैसे विवाह पंचमी पर सीता के आगमन की कहानी जीवंत कर गया.

स्पेशल रस्सी: कानपुर की मजबूत पकड़

फहराने के लिए कानपुर से मंगाई गई स्पेशल रस्सी का इस्तेमाल हुआ जिसमें स्टेनलेस स्टील कोर और सिन्थेटिक नायलॉन फाइबर है. ये रस्सी इतनी मजबूत है कि भारी हवाओं में भी ध्वज को संभाले रखेगी.आज PM मोदी ने इसी से ध्वज चढ़ाया.

4 किमी दूर से ही दिखेगा

ये ध्वज इतना चमकीला है कि 4 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगा. आज अयोध्या के सरयू घाट से लेकर राम पथ तक भक्तों ने इसे देखा और जयकारे लगाए. ये 10 बातें राम मंदिर के ध्वज को सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि जीवंत आस्था का प्रतीक बनाती हैं.

सपा-कांग्रेस सत्ता में आई तो राम मंदिर पर चला देंगे बुलडोजर, रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे: नरेंद्र मोदी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अगर सपा-कांग्रेस सत्ता में आ गई तो वह रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे। उन्होंने कहा कि यह लोग राम मंदिर पर बुलडोजर चला देंगे। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सपा कांग्रेस तुष्टिकरण के पीछे घुटने टेक चुके हैं।

मोदी ने यह बातें उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक चुनावी रैली में कही। यहाँ वह बाराबंकी से भाजपा की प्रत्याशी राजरानी रावत और मोहनलालगंज से प्रत्याशी कौशल किशोर के लिए समर्थन जुटाने पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर लोगों को चेताया।

मोदी ने कहा, “सपा और कांग्रेस किसी हद तक जा सकते हैं, इनका ट्रैक रिकॉर्ड ही ऐसा है। इनके लिए देश कुछ नहीं है, इन लोगों के लिए इनका परिवार और पॉवर, यही उनका खेल है। सपा-कांग्रेस वाले सरकार में आए तो रामलला को फिर से टेंट में भेजेंगे और राम मंदिर पर बुलडोजर चलवा देंगे।”

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि सपा-कांग्रेस को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीखना चाहिए कि बुलडोजर कहाँ चलाना होता है और कहाँ नहीं चलाना होता। पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वह सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट देकर वोट बर्बाद ना करने की अपील की।

मोदी ने कहा, “पहले रामलला को इन लोगों ने टेंट में पहुँचाया, उसके बाद मंदिर की जगह और कुछ बनाने की बात की। इसके बाद जब मंदिर बन गया तो उसकी प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गए। इन्हें राम से कितनी घृणा है।” पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पलटने की तैयारी कर रही है।

पीएम मोदी ने यहाँ धर्म के आधार पर आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। पीएम मोदी ने कहा,” यूपी में इन लोगों ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की। कर्नाटक में यह कर भी दिया। कर्नाटक को इन लोगों ने अपनी प्रयोगशाला बना रखा है।” पीएम मोदी का भाषण आप यहाँ सुन सकते हैं।

बाराबंकी में पीएम मोदी ने कांग्रेस के सम्पत्ति के दोबारा बंटवारे के वादे को लेकर भी प्रश्न खड़े किए। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों से सम्पत्ति लेकर जो लोग वोट जिहाद करते हैं उनको सम्पत्ति दी जाएगी। पीएम मोदी ने कांग्रेस-सपा को दलित विरोधी बताया।

छत्तीसगढ़ : जिस राम मंदिर का नक्सलियों ने किया ध्वंस, बंद करवा दी पूजा, 21 साल बाद वहाँ CRPF ने करवाई आरती: जवानों ने साफ-सफाई कर ग्रामीणों को सौंपा; Salute to CRPF

छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवानों ने मंदिर का करवाया पुन:निर्माण
छत्तीसगढ़ के सुकमा के केरलापेंदा गाँव में नक्सल आतंक के कारण 21 सालों से बंद पड़े हिंदू मंदिर को सीआरपीएफ के जवानों ने खोलकर, उसमें साफ सफाई करके उसे ग्रामीणों को सौंप दिया। इस दौरान मंदिर में पूजा आरती भी हुई।

सामने आई वीडियो में गाँव के बच्चों के साथ मिलकर सीआरपीएफ जवान मंदिर के पट को पानी से धो रहे हैं। इसके बाद वह अंदर रखी भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति के आगे आरती भी करते हैं।

इस संबंध में सीआरपीएफ की 74वीं कोर के कमांडेंट हिमांशु पांडेय ने बताया कि सुकमा के लाखापाल में बीते 14 मार्च को सीआरपीएफ ने अपना कैंप लगाया था। लाखापाल में ही केरलापेंडा गाँव आता है।

सीआरपीएफ ने देखा कि गाँव में एक मंदिर टूटी-फूटी हालत में है। गाँव वालों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ये मंदिर ऐतिहासिक है और यहाँ साल में एक बार मेला भी लगता था। इसके बाद नक्सलियों ने यहाँ पूजा-पाठ बंद करा दिया।

मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाने पर ग्रामीणों ने अपनी खुशी जाहिर की है। बताया गया कि 2003 में नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा स्थित इस मंदिर को तोड़-फोड़ दिया था। ग्रामीणों को धमकी दी गई थी कि इस मंदिर में कोई पूजा नहीं करेगा। हालाँकि अब सीआरपीएफ के जवानों के कारण इस मंदिर में दोबारा से पूजा पाठ शुरू होगी, यह देख गाँव के लोग बहुत खुश हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1970 में राम मंदिर की स्थापना बिहारी महाराज द्वारा की गई थी। उस समय ग्रामीणों ने सिर पर सीमेंट, पत्थर, बजरी, सरिया लादा और सुकमा से लगभग 80 किलोमीटर दूर पैदल चलकर निर्माण सामग्री पहुँचाई थी। मंदिर का निर्माण हुआ तो रामभक्ति में पूरा क्षेत्र रम गया। धीरे-धीरे इलाके में मांसाहार, मदिरा का सेवन भी बंद हो गया।

बताया जाता है कि आज भी गाँव के 95 प्रतिशत लोग मांसाहार, मदिरापान का सेवन नहीं करते। ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ कभी भव्य मेला भी लगता था। साधु-संन्यासी अयोध्या से आते थे, लेकिन नक्सल प्रकोप बढ़ने व नक्सलियों द्वारा पूजा-पाठ बंद करवा देने से मेला आयोजन बंद हो गया। नक्सलियों ने मंदिर को अपवित्र कर ताला लगा दिया।

मंदिर के कपाट दोबारा खुलने की खबर सोशल मीडिया पर देखने के बाद नेटिजन्स अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। सीआरपीएफ के जवानों को आभार व्यक्त किया जा रहा है। लोग कह रहे हैं हमारी सेना और सीआरपीएफ देश और संस्कृति दोनों की रक्षा करती है।

कथित किसानों का एजेंडा उनके ही नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने खोल दिया : ‘राम मंदिर से मोदी का ग्राफ चढ़ गया है, इसे गिराना है’; कितना नीचे गिरेगा विपक्ष? बेशर्मों अपनी कुर्सी नहीं, जनता की चिंता करो

                                     किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल (फोटो साभार : The Unmute)
लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए तमाम कोशिशें कर रहे हैं। जनाधार की कमी का सामना कर रही इन पार्टियों के नेता किसी ना किसी तरह से सत्ता पाने की जुगत में लगे हुए हैं। अब चुनाव से पहले हार पक्की देख किसानों के कंधे पर बंदूक रख मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं। अब किसान आंदोलन की आड़ में दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे इन किसानों के एक नेता के वायरल वीडियो से सनसनी फैल गई है। इस वीडियो में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धुपर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल कह रहे हैं कि राम मंदिर के कारण मोदी का ग्राफ काफी ऊपर चला गया है। चुनाव से पहले हमारे पास बहुत कम समय है और हमें मोदी का ग्राफ नीचे लाना है। विरोध प्रदर्शन के बीच किसान नेता डल्लेवाल के इस वीडियो ने किसान आंदोलन को लेकर एक नया विवाद पैदा कर दिया है। लोग किसानों के प्रदर्शन की मंशा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह आंदोलन जितना लम्बा जाएगा, उतना ही विपक्ष के लिए हमेशा के लिए दुःखदायी होगा। 

शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के गोले दागते वक्त फेंके पत्थर

वीडियो 13 फरवरी और 14 फरवरी के दौरान का है जब किसानों ने दिल्ली कूच की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले दागे जा रहे थे। दूसरी तरफ से युवा फोर्स के ऊपर पत्थर फेंकते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि लोगों की भीड़ पत्थर इकट्ठा करके ला रही है, फिर उन्हें तोड़कर पुलिस के ऊपर फेंक रही है। 

18 हरियाणा पुलिस जवानों सहित 25 सुरक्षाकर्मी घायल

हरियाणा पुलिस के शीर्ष अधिकारी ने इसे एक सुनियोजित हिसा बताते हुए कहा, ''यह एक साजिश है क्योंकि वे कैरी बैग में पत्थर लेकर आए थे। पत्थरबाजी करने वालों ने अपना चेहरा भी ढक लिया था। वे सुरक्षा बलों के खिलाफ रॉड व डंडे का इस्तेमाल कर रहे हैं और पथराव भी किया। हम स्थानीय जनता से पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों की पहचान करने की अपील करते हैं।'' उन्होंने बताया कि इस घटना में 18 हरियाणा पुलिस जवानों सहित 25 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

आखिर मोदी विरोध में विपक्ष नीचे गिर कर कब तक जनता को परेशान करता रहेगा? ये किसान आंदोलन है या देश में अराजकता फ़ैलाने की घिनौनी हरकत? विपक्ष को यह भी अब समझ लेना होगा कि अगर देश में उपद्रव मचा, 2024 चुनाव तो क्या भविष्य में आने वाले हर चुनाव में जनता तुम्हे धूल चटवाएगी, उसमे अधिकांश यही कथित किसान में होंगे। मोदी विरोध में राष्ट्र धर्म भूल विपक्ष गली-कूचे की सियासत पर उतर चुका है। ये जो ट्रेक्टर आंदोलन में जा रहा है या बॉर्डर पर लड़ने? क्या है ये तमाशा?  

किसान आंदोलन के पीछे की असली वजह खुलकर सामने आ गई है। इस आंदोलन के पीछे की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ नीचे गिराना है। खुद किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में ये बात स्वीकारी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ राम मंदिर के बाद बहुत बढ़ चुका है। इस आंदोलन में उन्होंने किसानों की तरफ से पूरा जोर लगाने की बात कही, ताकि मोदी सरकार की लोकप्रियता कम हो और उनकी सारी बातें मान ली जाएँ। हालाँकि मोदी की लोकप्रियता को गिराने की उनकी चाहत ये साफ बताती है कि ये आंदोलन क्यों खड़ा किया गया है।

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने 14 फरवरी 2024 को ‘द अनम्यूट’ से बातचीत में कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ नीचे चला जाए तो सरकार कुछ भी मान लेगी। उन्होंने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज ये बताता है कि ये पीएम मोदी और बीजेपी के पतन का संकेत है।

दल्लेवाल ने अपनी मंशा साफ करते हुए बताया, अगर इस सरकार द्वारा किए गए वादे को सरकार से पूरा कराना है, तो फिर सरकार बदलने से पहले उसे हमारी बातों को मानने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। वर्ना सरकार बदल जाएगी, तो नई सरकार कहेगी कि हमने तो वादा ही नहीं किया। इसके बाद किसानों को फिर से मेहनत करनी पड़ेगी। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ रहा है, ऐसे में मुश्किल होगी।

दल्लेवाल ने कहा, “मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ मंदिर (अयोध्या रामलला मंदिर) बनने की वजह से तेजी से बढ़ा है। मैं लोगों से कहता रहा हूँ, उनके ग्राफ को नीचे लाना होगा। अगर उनका ग्राफ ऊपर रहेगा, तो वो कुछ नहीं करने वाले, लेकिन सरकार की लोकप्रियता गिरेगी, तो वो सारी बातों को मान लेगी।” इस दौरान उन्होंने दावा किया मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को भी मान लिया है।

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‘अब मोदी पंजाब आया तो बचेगा नही’: ये कैसे ‘किसान’ जो PM को दे रहे धमकी; इस प्रदर्शन को समर्थन देने व

किसान हैं ही नहीं, कांग्रेस और “आप” के गुंडे हैं ; देश के खिलाफ युद्ध का ऐलान है; सरकार कुचल दे ऐसे

किसान आंदोलन से जुड़े किसानों ने पंजाब में रेल रोको आंदोलन किया। उन्होंने दिन में 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कई टोल नाको को भी पूरी तरह से फ्री कर दिया। वहीं, सरकार और किसान नेताओं के बीच तीसरे दौर की बातचीत चंडीगढ़ में जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई रास्ता निकल सकता है।

कर्नाटक /उत्तर प्रदेश : ताजुद्दीन ने राम मंदिर को ‘बाबरी मस्जिद’ बता कर लगा दिया पाकिस्तानी झंडा, राम-सीता को गाली दे रहे शख्स को उत्तर प्रदेश पुलिस ने उठाया

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। इस बीच, सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने की कोशिश भी की गई। कर्नाटक में ताजुद्दीन दाफेदार नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर राम मंदिर की फोटो को एडिट करके उस पर पाकिस्तान के तीन झंडे लगा दिए। यही नहीं, उसने फोटो पर बाबरी मस्जिद भी लिख दिया और इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने से सरकार और हिन्दू समाज को अधिक सतर्क रहने की जरुरत है। क्योकि कट्टरपंथियों और सनातन विरोधियों का असली खेल अब शुरू होगा। ये रामलला की प्राण प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि भारत के उस वास्तविक इतिहास से धूल हटने का शंखनाथ हुआ, जिसे कुर्सी के भूखे और अपनी तिजोरियों को भरने मुस्लिम कट्टरपंथियों के हाथ कठपुतली बन धूमिल कर दिया था।  

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीणा के तारों को छेड़ा है तो सनातन विरोधियों के विरुद्ध कठोर कानून भी बनाना चाहिए, जिसमें इन सनातन विरोधियों पर होती कार्यवाही का समर्थन करने वालों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। पत्थरबाजों पर blind firing और जिस स्थान(मकान, मंदिर/मस्जिद) पर पत्थरों का जमावड़ा मिले, उस स्थान को सरकार तुरंत अपने अधिकार में ले लेना चाहिए। पत्थर सप्लाई और उसके लिए धन देने वालों पर भी कठोर कार्यवाही करने का प्रावधान हो। पत्थरबाज़ी में नागरिक को तो चोट पहुँचती है, लेकिन पुलिस भी लपेटे में आती है।  

कर्नाटक में ताजुद्दीन ने लगाया पाकिस्तान झंडा

ये मामला कर्नाटक के गडग जिले का है। जहाँ ताजुद्दीन ने ऐसी घटिया हरकत को अंजाम दिया। इस मामले में हिंदू संगठन के लोगों ने आवाज उठाई। हालाँकि जब मामला हंगामे तब्दील होने लगा, तो पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपित की पहचान की और उसे ट्रेस करके गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, पुलिस ने आरोपित की आईडी से वो पोस्ट डिलीट करवा दी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। इस मामले में गडग के एसपी बाबासाब नेमागौड ने बताया है कि आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।

पीलीभीत में भगवान राम और माता सीता पर अभद्र टिप्पणी

उत्तर प्रदेश समेत सारा भारत रामलला के आगमन की खुशियाँ मना रहा था, तो खुद को एथीस्ट बताने वाले दिव्य यशस्वी नाम के एक्स हैंडल ने भगवान राम और माता सीता पर अभद्र टिप्पणी कर दी। उसने राम भक्तों को गोबरजीबी भी कहा। यही नहीं, उसने ये कह कर लोगों का मजाक उड़ाया कि सीता जी को छोड़ने वाले राम को ये गोबरजीवी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम करते हैं।
                                                               
एक्स पर अभद्र टिप्पणी
उसके इस पोस्ट पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक व्यक्ति ने उसके घर का पता पूछा, तो उसने अपना घर पीलीभीत बताया।
इस पोस्ट के थोड़ी ही देर बार पीलीभीत पुलिस ने एक्स पर जवाब दिया है कि आरोपित को लोकेट करके उसे हिरासत में ले लिया गया है।
                                  दो घंटे के भीतर पीलीभीत पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया
इधर पीलीभीत पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया, उधर लोगों ने माँग की है कि आरोपित की फोटो ज़रूर एक्स पर शेयर की जाए।