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‘मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन’: AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लोगों ने पीटा


दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर हंगामा हो रहा है। BJP से लेकर आम लोग और नेटिजन्स तक यूथ कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर भड़के हुए हैं। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुछ वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आम लोगों ने भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लिया है।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस हंगामा

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता AI समिट में प्रवेश करने में सफल रहे। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुँच गए। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर अंदर आए थे, जिससे उन पर किसी का विशेष ध्यान नहीं गया।

हाल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट हटाकर अचानक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया, प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और हालात को सामान्य कर दिया।

हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस के नेता

यूथ कांग्रेस के इस हंगामे के बाद संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य लोगों को पहचान की जा रही है। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के 35 वर्षीय कृष्णा शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उनके साथ बिहार के ही 33 वर्षीय कुंदन यादव, जो प्रदेश सचिव हैं, को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अजय कुमार, जो प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, और तेलंगाना के महबूब नगर से नरसिम्हा यादव, जो राष्ट्रीय समन्वयक हैं, भी हिरासत में लिए गए हैं।

BJP ने बोला तीखा हमला

इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। कई केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी प्रवक्ताओं ने यूथ कांग्रेस से लेकर राहुल गाँधी तक को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूँ।”

 केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में सिर्फ अपनी शर्ट ही नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस देश के खिलाफ सोच रखती है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोनिया गाँधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या उनके लिए राजनीति देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की प्रतिष्ठा से खेलने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है? जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।”

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े देशद्रोही हैं। जब भी देश आगे बढ़ता है, जब भी देश में खुशी का माहौल होता है, ये उसे बिगाड़ने का काम करते हैं। ये लोग देश के गद्दार हैं। कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं – टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस।” उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की साजिश राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी की मौजूदगी में, राहुल गाँधी के निवास स्थान पर रची गई थी।

मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन: कुमार विश्वास

कवि कुमार विश्वास ने इस प्रदर्शन पर कांग्रेस पर हमला बोला है। कुमार विश्वास ने X पर लिखा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहाँ विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहाँ देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कांग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है, आपसे न हो पाएगा भाई।”

आम लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पीटा

इस दौरान समिट में मौजूद लोगों से भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है।

सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई करते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

नेटिजन्स और लोगों ने भी लगाई कांग्रेस की क्लास

नेटिजन्स ने भी कांग्रेस के इस हरकत पर जमकर गुस्सा निकाला है। X यूजर्स ने इस हरकत को बेशर्म और वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने की कोशिश बताया है। एक X यूजर ने लिखा, “ऋषियों की यज्ञ अग्नि में मांस फेंकते राक्षस”। एक अन्य ने लिखा, “देश के युवाओं को तकनीक, नवाचार और अवसर चाहिए न कि राजनीतिक स्टंट। भारत AI में आगे बढ़ रहा है और यही भविष्य है। यूथ कांग्रेस एक देशद्रोही संगठन है, नीचता की हद होती है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम जैसे गद्दारों को शर्म आनी चाहिए। देश को बदनाम करने की राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हर मंच पर भारत की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, दुनिया के सामने अपने ही देश की छवि खराब करना। ये स्वस्थ विपक्ष नहीं, राष्ट्र के साथ अन्याय है। इतना अहंकार? शर्म आनी चाहिए।”
कार्यक्रम में शामिल और प्रदर्शन के प्रत्यक्षदर्शी रहे लोगों ने भी यूथ कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “एक विजिटर के रूप में मुझे लगता है कि इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए यह सही जगह नहीं है। इससे देश की छवि खराब होती है। जहाँ भारत एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा हो और AI जैसे विषय पर चर्चा हो रही हो, वहाँ विरोध करना ठीक नहीं है। ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”
एक अन्य ने कहा, “यह विरोध करने का मंच नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहाँ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। उन्हें इस मंच की गरिमा को समझना चाहिए।”

विरोध का हक लेकिन क्या ये तरीका सही?

AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन कई मायनों में गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे पहली बात यह कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल का नहीं था बल्कि देश और दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों और प्रतिनिधियों का मंच था। ऐसे मंच पर हंगामा करना न सिर्फ आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डालता है।
लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन विरोध का भी एक तरीका और स्थान होता है। यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, शांतिपूर्ण धरना या ज्ञापन जैसे कई वैधानिक और सभ्य रास्ते उपलब्ध हैं। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच अचानक इस तरह प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
इस घटना से सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जब कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोग अंदर जाकर प्रदर्शन कर दें तो यह चिंता की बात है। इससे आगे होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। राजनीति में मतभेद होना सामान्य बात है। अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन हर मंच राजनीति के लिए नहीं होता। AI समिट जैसे कार्यक्रम देश की तरक्की और दुनिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए होते हैं। ऐसे मौके पर विरोध करना अच्छा संदेश नहीं देता।

सत्ता में आने पर चुनाव आयोग को देख लेने की धमकी दे रहे हैं राहुल गाँधी, ऐसी धमकी को LoP की मानी जाए या किसी सड़क छाप की? कभी केरल में फेक वोटर कार्ड के साथ पकड़े गए थे यूथ कांग्रेस के नेता

                                                                                                                       साभार: दैनिक जागरण
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने गुरुवार (7 अगस्त) को चुनाव आयोग पर वोटर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें राहुल गाँधी ने सबूतों के नाम पर सिर्फ एक लोकसभा सीट के एक क्षेत्र का डेटा दिखाकर खानापूर्ति करने की कोशिश की और चुनाव आयोग के अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी दी। राहुल गाँधी फर्जी वोटरों के जैसे आरोपों के जरिए चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वैसे ही एक मामले में 2023 में यूथ कॉन्ग्रेस के नेताओं को फर्जी वोटर कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था।
समझ नहीं आता ये LoP कब गंभीर होगा? वाकई विरासत में पार्टी में स्थान तो मिल सकता है लेकिन अक्ल नहीं। और ये LoP जितना ज्यादा उल्टा-पुल्टा बोलता रहेगा बीजेपी उतनी मजबूत होती जाएगी और ये अपनी पार्टी के साथ-साथ INDI गठबंधन को लेकर डूबेगा। समझ नहीं आता वामपंथी को बुद्धिजीवियों की पार्टी कहा जाता है क्या उनकी भी बुद्धि भी भ्रष्ट हो गयी है? क्या INDI में कोई राहुल को रोकने वाला नहीं? कांग्रेस को तो मान लिया अब कांग्रेस कोई पार्टी नहीं गुलामों का एक समूह है। जिस मुद्दे पर संसद से बाहर हंगामा(उपद्रव) किया जा रहा है वही सवाल संसद के पटल पर रखे जा सकते है, लेकिन हंगामा कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। दूसरे, जो मुद्दे उठाये जा रहे हैं SIR में इसी काम को किया जा रहा है।           

EC के अधिकारियों को धमकाते हुए क्या बोले राहुल गाँधी?

राहुल गाँधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई ऐसे दावे किए जिनका तथ्यों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। हालाँकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों को धमकाने में राहुल गाँधी ने कोई कसर नहीं छोड़ी, उन्होंने अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि आयोग को अब उन्हें और देश के लोगों को जानकारी देनी ही होगी।

राहुल ने आगे कहा, “अगर वे जानकारी नहीं देते हैं तो उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। इसमें शामिल हर पोलिंग अधिकारी को परिणाम भुगतने होंगे, चाहे वो सीनियर हो या जूनियर। एक दिन विपक्ष सत्ता में आएगा और तब आप देखेंगे कि हम क्या करेंगे।”

जब फर्जी वोटर आईडी के साथ गिरफ्तार हुए यूथ कांग्रेस के नेता

राहुल गाँधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के केंद्र में फर्जी वोटरों से जुड़ा मुद्दा ही रहा। हालाँकि, जैसे फर्जी वोटरों के मामले में राहुल गाँधी चुनाव आयोग को अब घेरना चाहते हैं, वैसे ही एक मामले में उनकी पार्टी की युवा इकाई यूथ कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नवंबर 2023 में केरल में यूथ कांग्रेस के नेता विक्रम, फैनी और बिनिल बीनू को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों ने यूथ कांग्रेस के संगठन के चुनावों में मोबाइल ऐप की मदद से फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाए थे। यह ऐप यूथ कांग्रेस के नेता जैसन द्वारा बनाई गई थी और उसने भी पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।

इन संगठन चुनावों में यूथ कांग्रेस के नेता राहुल ममकोटातिल को राज्य इकाई का अध्यक्ष चुना गया था। बाद में पुलिस ने उससे भी पूछताछ की थी। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के नेताओं के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन और चुनाव के फर्जी आईडी कार्ड जब्त किए थे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था।

पुलिस ने रेड के दौरान तब 24 फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए थे जिनमें तमिल ऐक्टर अजित का फर्जी वोटर आईडी कार्ड भी शामिल थी। बीजेपी ने तब आरोप लगाया था कि इस मामले की जानकारी केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े कांग्रेस नेताओं को भी थी।

केरल : वायनाड पीड़ितों की मदद के नाम पर कांग्रेस नेता ने इकट्ठा किया चंदा दूसरी जगह लगा दिया: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने ही खोली पोल, विवाद बढ़ने पर हटे पीछे

                                              केरल में पीड़ितों की मदद के नाम पर स्कैम
केरल के वायनाड में जो प्रकृति आपदा के कारण हुआ उसके बाद देश भर में कोशिश हो रही है कि पीड़ितों की कैसे भी हर संभव मदद की जा सके। इस क्रम में आरएसएस के स्वयंसेवक जमीन पर उतरकर अपनी जी-जान लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कोझिकोड कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता हैं जिन्हें लेकर खबर फैली कि वो पीड़ितों के लिए राहत फंड एकत्रित करने के नाम पर घोटाला कर रहे हैं। बाद में इस खबर से यू-टर्न ले लिया गया, लेकिन चर्चा अब भी है कि कहीं कांग्रेस को बदनामी से बचाने के लिए कहीं ये पैसों का गबन न छिपाया जा रहा हो।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये जानकारी सामने आई थी कि कोझिकोड के चेलानूर निर्वाचन क्षेत्र के युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने पीड़ितों की मदद के नाम पर पैसे इकट्ठा करके उनका दुरुपयोग किया। रिपोर्ट्स ये भी बताती हैं कि इस बारे में शिकायत पहले खुद निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष अजल दिवानंदन ने ही की थी। हालाँकि बाद में वो पलट गए।

दिवानंदन की शिकायत के अनुसार, उपाध्यक्ष अश्विन एडावलथ और कार्यकर्ता अनस ने पीड़ितों की मदद के नाम पर पहले धन जुटाया और बाद में उसे गबन कर लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दोनों व्यक्तियों ने आवश्यक वस्तुओं को इकट्ठा करने के लिए चेलनूर में कोई कागजी काम नहीं किया और विवादास्पद रूप से धन उगाही की, जिससे हकीकत में जो जरूरत के पैसे जमा होने थे वो नहीं हो पाए।

बताया जा रहा है कि इस मामले में विवाद बढ़ने और शिकायत लीक होने के बाद राज्य नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया। पहले जहाँ खबर आई थी कि अध्यक्ष की शिकायत के खिलाफ उपाध्यक्ष ने कहा है कि वो जाकर प्रदेश नेतृत्व से शिकायत करेंगे वहीं बाद में पता चला कि शिकायत दर्ज कराने वाले निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष ने खुद ही इस मामले में यू-टर्न ले लिया है। उनका कहना है कि उसने ऐसी कोई शिकायत दी ही नहीं। वहीं युवा कांग्रेस के जिला नेतृत्व ने भी इनकार किया है और कहा कि चेनन्नूर में धन उगाही से संबंधित कोई भी शिकायत उनके संज्ञान में आई ही नहीं है।

केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस प्रकार के यूटर्न के बीच ये खबर सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही। आंध्र प्रदेश के भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष विष्णु वर्धन रेड्डी ने कहा, कांग्रेस न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है बल्कि अब अपने स्वार्थ के लिए एक आपदा का फायदा उठाकर नई नीचता पर उतर गई है। यह मानवता के साथ घिनौना विश्वासघात है!

केरल : बाथरूम में महिलाओं का वीडियो बना रहे कांग्रेस युवा नेता आशिक बदरुद्दीन को पुलिस ने किया गिरफ्तार

                                     आशिक बदरुद्दीन (चित्र साभार: News18 Malayalam)
केरल के कोल्लम में आशिक बदरुद्दीन नाम के एक स्थानीय कांग्रेस युवा नेता को बाथरूम में कैमरा रख महिलाओं के वीडियो बनाने करने आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थेनमाला में टॉयलेट संचालक के रूप में काम करने 
कांग्रेस के युवा नेता आशिक बदरुद्दीन के खिलाफ महिलाओं ने वीडियो बनाने के प्रयास करने की शिकायत की थी। इसके बाद उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

वीडियो बनाने के मामले में गिरफ्तार हुआ आशिक बदरुद्दीन पुनालुर ब्लॉक में यूथ कांग्रेस का महासचिव है। महिलाओं की शिकायत के बाद पुलिस ने बदरुद्दीन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। साथ ही पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशिक(30) थेनमाला डैम में टॉयलेट ऑपरेटर के तौर पर काम करता है। उसने कथित तौर पर महिलाओं के शौचालय के अंदर एक कैमरा लगा दिया था। 21 मई को तिरुवनंतपुरम से घूमने आई कुछ लड़कियों की नजर कैमरे पर पड़ी और उन्होंने आशिक बदरुद्दीन के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में आशिक को अदालत में पेश किया गया और पुलिस ने हिरासत में भेज दिया गया।

असम : पार्टी के लिए परिवार फर्स्ट, नेशन लास्ट: यूथ कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, त्रिपुरा में पूर्व अध्यक्ष के निष्कासन की माँग

देश के पाँच राज्यों में जारी चुनावों के बीच भी कांग्रेस में उठा-पटक जारी है। असम प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रत्युष रॉय ने पार्टी में परिवारवाद का आरोप लगाते हुए 11 नवंबर 2023 को अपना इस्तीफा दे दिया। वहीं, त्रिपुरा कांग्रेस ने AICC को पत्र लिखकर अपने विधायक बिराजित सिन्हा के खिलाफ ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों के लिए कार्रवाई की माँग की है।

त्रिपुरा कांग्रेस ने बिराजित सिन्हा पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने और पार्टी नेताओं के भीतर ‘गुटबाजी के लिए उकसाने’ का आरोप लगाया है। बता दें कि बिराजित सिन्हा ने त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ही AICC त्रिपुरा कांग्रेस के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देगी।

इस साल की शुरुआत में बिराजित सिन्हा को त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उनके करीबी सहयोगी सम्राट रॉय को भी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ के त्रिपुरा अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेना बंद कर दिया था।

वहीं, असम में प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रत्युष रॉय द्वारा इस्तीफा देने का मामला नागांव जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुरेश बोरा द्वारा पार्टी से इस्तीफा देने के बाद आया है। रॉय ने अपने त्याग-पत्र में पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाया और पार्टी के कामकाज से असंतोष व्यक्त किया।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र में रॉय ने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैं इस संगठन में बने नहीं रह पाऊँगा, क्योंकि यह केवल एलीट वर्ग के लोगों का पक्ष लेता है। अब यह महसूस होने लगा है कि इस संगठन में हम जैसे समाज के निचले तबके से आने वाले लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती है।”

असम प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रत्युष रॉय ने अपने त्याग-पत्र में आगे लिखा, “इस संगठन (युवा कांग्रेस) में काम करते हुए मुझे एहसास हुआ कि दिसपुर से लेकर दिल्ली तक यह संगठन फैमिली फर्स्ट को तरजीह देता है और राष्ट्र को अंतिम रखता है।” माना जा रहा है कि ये नेता जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि सुरेश बोरा के साथ-साथ प्रत्युश रॉय ने भी भाजपा में शामिल होने की उत्सुकता व्यक्त की है। इससे पहले बोरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देते समय उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। असम भाजपा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ इन नेताओं की तस्वीरें भी साझा की है।

कांग्रेस कार्यक्रम से शशि थरूर को हटाया गया: परिवार कैंडिडेट खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़ने की सजा

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में शशि थरूर के चुनाव लड़ने पर पार्टी में लोकतंत्र का ढोल पीटने का स्वांग निरंतर सामने आ रहा है। 
युवा कांग्रेस द्वारा 20 नवंबर 2022 को केरल के कोझीकोड में ‘संघ परिवार और धर्मनिरपेक्षता के लिए चुनौतियाँ’ विषय पर वार्ता आयोजित करा रही है। अब आयोजकों ने इसकी मेजबानी से कांग्रेस सांसद शशि थरूर से हटा दिया।

इसके पीछे कांग्रेस  या युवा कांग्रेस  ने कोई कारण नहीं बताया है। थरूर उत्तरी केरल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। ऐसे में कोझीकोड जिला युवा कांग्रेस  ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। हालाँकि, अंतिम समय में थरूर को इससे अलग कर दिया गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस का एक वर्ग थरूर को बुलाने से नाराज चल रहा था।

इसको लेकर थरूर ने कहा, “जब भी मैं कोझीकोड में होता हूँ, DCC मुझे एक कार्यक्रम में आमंत्रित करता है। मुझे लगा कि यह एक समान निमंत्रण था। जो मैं समझता हूँ, उन्हें कुछ असुविधा हुई, लेकिन मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। कोझीकोड में मेरा कार्यक्रम वैसे भी भरा हुआ है।”

जब उनसे मीडियाकर्मियों ने पूछा कि उनका बढ़ता कद किसी के लिए खतरा है, तब इस पर थरूर ने कहा, “मैं किसी से नहीं डरता और मुझे नहीं लगता कि किसी को भी मुझसे डरना चाहिए।”

कोझीकोड के सांसद एमके राघवन भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। राघवन ने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में थरूर का समर्थन किया था। बता दें कि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में उम्मीदवार थे और वे गाँधी परिवार द्वारा समर्थित उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए।

कार्यक्रम से थरूर को हटाने को लेकर यूथ कांग्रेस  की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक केएस सबरीनाधन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “इस कार्यक्रम के माध्यम से थरूर उत्तरी केरल में कांग्रेस  के धर्मनिरपेक्ष रुख को उजागर कर सकते थे, लेकिन मीडिया के माध्यम से मुझे पता चला कि कुछ तबकों से इस कार्यक्रम को बदलने का निर्देश दिया गया था।”

नवंबर 19 की शाम को थरूर ने कोझीकोड के सांसद एमके राघवन के साथ थमारसेरी कैथोलिक बिशप बिशप रेमिगियोस इनचानानियिल से मुलाकात की। बिशप को किसानों के मुद्दों को उठाने के लिए जाना जाता है और थरूर की पादरियों से मुलाकात को ईसाई समुदाय के किसानों का विश्वास जीतने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।