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‘मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन’: AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लोगों ने पीटा


दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर हंगामा हो रहा है। BJP से लेकर आम लोग और नेटिजन्स तक यूथ कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर भड़के हुए हैं। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुछ वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आम लोगों ने भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लिया है।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस हंगामा

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता AI समिट में प्रवेश करने में सफल रहे। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुँच गए। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर अंदर आए थे, जिससे उन पर किसी का विशेष ध्यान नहीं गया।

हाल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट हटाकर अचानक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया, प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और हालात को सामान्य कर दिया।

हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस के नेता

यूथ कांग्रेस के इस हंगामे के बाद संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य लोगों को पहचान की जा रही है। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के 35 वर्षीय कृष्णा शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उनके साथ बिहार के ही 33 वर्षीय कुंदन यादव, जो प्रदेश सचिव हैं, को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अजय कुमार, जो प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, और तेलंगाना के महबूब नगर से नरसिम्हा यादव, जो राष्ट्रीय समन्वयक हैं, भी हिरासत में लिए गए हैं।

BJP ने बोला तीखा हमला

इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। कई केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी प्रवक्ताओं ने यूथ कांग्रेस से लेकर राहुल गाँधी तक को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूँ।”

 केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में सिर्फ अपनी शर्ट ही नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस देश के खिलाफ सोच रखती है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोनिया गाँधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या उनके लिए राजनीति देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की प्रतिष्ठा से खेलने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है? जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।”

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े देशद्रोही हैं। जब भी देश आगे बढ़ता है, जब भी देश में खुशी का माहौल होता है, ये उसे बिगाड़ने का काम करते हैं। ये लोग देश के गद्दार हैं। कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं – टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस।” उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की साजिश राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी की मौजूदगी में, राहुल गाँधी के निवास स्थान पर रची गई थी।

मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन: कुमार विश्वास

कवि कुमार विश्वास ने इस प्रदर्शन पर कांग्रेस पर हमला बोला है। कुमार विश्वास ने X पर लिखा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहाँ विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहाँ देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कांग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है, आपसे न हो पाएगा भाई।”

आम लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पीटा

इस दौरान समिट में मौजूद लोगों से भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है।

सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई करते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

नेटिजन्स और लोगों ने भी लगाई कांग्रेस की क्लास

नेटिजन्स ने भी कांग्रेस के इस हरकत पर जमकर गुस्सा निकाला है। X यूजर्स ने इस हरकत को बेशर्म और वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने की कोशिश बताया है। एक X यूजर ने लिखा, “ऋषियों की यज्ञ अग्नि में मांस फेंकते राक्षस”। एक अन्य ने लिखा, “देश के युवाओं को तकनीक, नवाचार और अवसर चाहिए न कि राजनीतिक स्टंट। भारत AI में आगे बढ़ रहा है और यही भविष्य है। यूथ कांग्रेस एक देशद्रोही संगठन है, नीचता की हद होती है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम जैसे गद्दारों को शर्म आनी चाहिए। देश को बदनाम करने की राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हर मंच पर भारत की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, दुनिया के सामने अपने ही देश की छवि खराब करना। ये स्वस्थ विपक्ष नहीं, राष्ट्र के साथ अन्याय है। इतना अहंकार? शर्म आनी चाहिए।”
कार्यक्रम में शामिल और प्रदर्शन के प्रत्यक्षदर्शी रहे लोगों ने भी यूथ कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “एक विजिटर के रूप में मुझे लगता है कि इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए यह सही जगह नहीं है। इससे देश की छवि खराब होती है। जहाँ भारत एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा हो और AI जैसे विषय पर चर्चा हो रही हो, वहाँ विरोध करना ठीक नहीं है। ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”
एक अन्य ने कहा, “यह विरोध करने का मंच नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहाँ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। उन्हें इस मंच की गरिमा को समझना चाहिए।”

विरोध का हक लेकिन क्या ये तरीका सही?

AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन कई मायनों में गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे पहली बात यह कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल का नहीं था बल्कि देश और दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों और प्रतिनिधियों का मंच था। ऐसे मंच पर हंगामा करना न सिर्फ आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डालता है।
लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन विरोध का भी एक तरीका और स्थान होता है। यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, शांतिपूर्ण धरना या ज्ञापन जैसे कई वैधानिक और सभ्य रास्ते उपलब्ध हैं। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच अचानक इस तरह प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
इस घटना से सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जब कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोग अंदर जाकर प्रदर्शन कर दें तो यह चिंता की बात है। इससे आगे होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। राजनीति में मतभेद होना सामान्य बात है। अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन हर मंच राजनीति के लिए नहीं होता। AI समिट जैसे कार्यक्रम देश की तरक्की और दुनिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए होते हैं। ऐसे मौके पर विरोध करना अच्छा संदेश नहीं देता।

कैब में बैठकर रिटायर्ड कर्नल कर रहे थे Waqf पर बात, ड्राइवर वसीम ने पीटा: रिपोर्ट में दावा, Video; वक़्फ़ के खिलाफ शोर मचाने वाले कोई और नहीं वक़्फ़ के सफेदपोश लुटेरे हैं

वक़्फ़ के लुटेरे हिन्दू और मुस्लिम कट्टरपंथियों ने अपनी जेबों पर पड़े छापे से आम मुस्लिमों में नफरत के बीज बो रहे हैं। जिस दिन आम मुस्लिमों ने इन से सवाल किया कि बताओ तुमने जो वक़्फ़ की जमीन हथिया कर कितना किराया देते हो और हर महीने कितने करोड़ की कमाई कर रहे? सरकार द्वारा तुम्हारी लूट पर लगाम लगाए जाने से क्यों बौखला रहे हो? जिस दिन से जनता ने यह पूछना शुरू कर दिया घर से बाहर आने से पहले सोंचेंगे। इस्लाम की आड़ में मुस्लिमों के जज्बातों से खिलवाड़ किया जा रहा है। वक़्फ़ के खिलाफ शोर मचाने वाले कोई और नहीं वक़्फ़ के सफेदपोश लुटेरे हैं। 
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सेना के सेवानिवृत्त कर्नल सूर्य प्रताप सिंह के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, वो कैब में बैठकर अपने दोस्त से वक्फ पर चर्चा कर रहे थे, जिसे सुन ड्राइवर वसीम भड़क गया।

रिपोर्ट के अनुसार, वसीम ने उनसे गाली-गलौच की और उनपर हमला भी किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में रिटायर्ड कर्नल सड़क पर लड़खड़ाते हुए चलते दिखे।

इस वीडियो को शेयर करके कुछ लोग सेवानिवृत्त कर्नल के साथ हुई मारपीट पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ का दावा है कि सूर्य प्रताप सिंह खुद नशे में थे और ड्राइवर से उलझ रहे थे। बाद में उन्होंने इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया।

अब पुलिस इस मामले के हर एंगल को निष्पक्ष ढंग से जाँच रही है।

बंगाल : मुस्लिम भीड़ ने TMC की महिला कार्यकर्ता को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बाल उखाड़े, चाकू घोंपा, कपड़े फाड़ सड़क पर घुमाया: पीड़िता ने BJP से लगाई मदद की गुहार

                                                                                             साभार: सुवेंदु अधिकारी का एक्स अकॉउंट
पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले में एक महिला के साथ मुस्लिम भीड़ द्वारा बर्बरता किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कार्यकर्ता है जिसकी पिटाई के बाद सड़क पर घुमाया गया है। इस कांड का खुलासा भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार (21 दिसंबर 2024) को किया है।

यह मामला मेदनीपुर के नंदकुमार थानाक्षेत्र में आने वाले गाँव श्यामसुंदर पुर का है। शुक्रवार (20 दिसंबर) को यहाँ 42 वर्षीया हिन्दू महिला ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में महिला ने बताया कि उनके 23 वर्षीय बेटे का लम्बे समय से प्रेम संबंध एक 19 साल की मुस्लिम लड़की से था। इसी बीच 19 नवंबर को प्रेमी जोड़ा एक साथ अपना-अपना घर छोड़ कर कहीं चला गया। अब दोनों ने शादी कर ली है। इसी बात से मुस्लिम पक्ष नाराज था।

पीड़िता किराने की दुकान चला कर अपने परिवार का गुजारा करती है। इसी दुकान पर शुक्रवार (20 दिसंबर) को सुबह लगभग 8:15 पर एक भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों के पास डंडे, लोहे की रॉड, चाकू, कैंची आदि बताए जा रहे हैं। हमलावर भीड़ ने महिला को पहले गंदी-गंदी गालियाँ दीं और 2 CCTV कैमरे तोड़ डाले। खुद को बचाने के लिए महिला ने दुकान का शटर बंद कर लिया। तब हिंसक भीड़ ने महिला के घर और दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

आखिरकार भीड़ महिला के घरों के दरवाजे तोड़ कर अंदर घुसने में कामयाब रही। पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया। महिला का घुटना बुरी तरह से घायल हो गया। महिला के एक पैर पर चाकू घोंप दिए गए। पुरुष हमलावरों ने पीड़िता के बालों को उखाड़ लिया। पीड़िता के कपड़े फाड़ कर उसे सड़क पर घुमाया गया। हमलावरों ने अपनी इन करतूतों के वीडियो भी बनाए। इसी दौरान पीड़िता की दुकान से किराने का सामान और कैश लूट लिया गया। महिला की चीखें सुन कर आपसस के लोग जमा हुए। उन्होंने जैसे-तैसे पीड़िता को बचाया।

हमलावरों को आपराधिक सोच और जमीन हड़पने वाला बताकर पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुवेंदु अधिकारी का दावा है कि पीड़िता तृणमूल कांग्रेस की नेत्री है। उन्होंने आगे लिखा कि हमलावर भीड़ तृणमूल कांग्रेस की वोटबैंक है जिसकी वजह से उन पर पुलिस ने भी कोई एक्शन नहीं लिया है। अब पीड़िता की मदद विश्व हिन्दू परिषद जैसे संगठन कर रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में मौजूद हिन्दुओं से कहा है कि केवल बीजेपी ही उनकी रक्षा कर सकती है।

इसी साल जून में भी उत्तरी दिनाजपुर में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने एक महिला को तालिबानी अंदाज में पीटा था। तब इस घटना का वीडियो वामपंथी पार्टी (CPI- M) के नेता मोहम्मद सलीम ने शेयर किया था। उन्होंने बाहुबली माने जाने वाले एक स्थानीय TMC नेता तजेमुल को इस घटना का गुनहगार बताया था। तजेमुल को लोग JCB कह कर बुलाते हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी क्षेत्र के फुलबारी में एक महिला ने सार्वजानिक पिटाई के सदमे में आत्महत्या कर लिया था।