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रवीश कुमार-केजरीवाल-दिग्विजय सिंह के खिलाफ दिल्ली HC में याचिका, कोर्ट का वीडियो शेयर करने पर कार्यवाही की माँग


दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और यूट्यूबर रवीश कुमार के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दोनों पर अवमानना की कार्रवाई करने की माँग की गई है।

यह याचिका एडवोटेक वैभव सिंह ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि आबकारी नीति (Excise Policy) मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत की कार्यवाही का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जो गलत है।

याचिका में खासतौर पर उस वीडियो पर आपत्ति जताई गई है, जिसमें अरविंद केजरीवाल जस्टिस शर्मा से खुद को केस से अलग करने की माँग करते हुए अपनी दलील रख रहे थे। ये वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। याचिका में इन वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिए जाने की भी माँग की गई।

इस मामले में अरविंद केजरीवाल और रवीश कुमार के अलावा कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, AAP नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, संजीव झा, पुरनदीप सिंह साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग की गई है। इस मामले की सुनवाई 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच करेगी, जिसमें चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया शामिल हैं।

याचिका में क्या कहा गया?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में कहा गया कि AAP के कई नेताओं और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने जानबूझकर और सोच-समझकर कोर्ट की छवि खराब करने की कोशिश की। इसमें कहा गया है कि इन लोगों ने कोर्ट की कार्यवाही की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग करके उसे सोशल मीडिया पर फैलाया, ताकि देश और विदेश में न्यायपालिका की छवि खराब हो और आम लोगों को गुमराह किया जा सके।

याचिकाकर्ता एडवोकेट वैभव ने यह भी बताया कि ये वीडियो और ऑडियो क्लिप फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू्ट्यूब और कई न्यूज चैनलों पर साझा किए गए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिस तरह से ये रिकॉर्डिंग की गई और फिर अलग-अलग नेताओं ने इसे शेयर, रीट्वीट और पोस्ट किया। उससे यह एक बड़ी साजिश जैसी लगती है।

याचिका में आरोप लगाया गया कि केजरीवाल और AAP के अन्य नेताओं ने मिलकर कोर्ट की छवि खराब करने, आम जनता को गुमराह करने और यह दिखाने की कोशिश की कि न्यायपालिका किसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।

"लड़की को 20 मिनट देखकर वासना महसूस नहीं करते, तो आप स्वस्थ नहीं हैं": ज़ाकिर नाइक ; जिसे दिग्विजय सिंह ने कहा ‘शांति का मसीहा’, उसे ‘घटिया-घिनौना-बीमार’ कह रहीं सुप्रिया श्रीनेत


शनिवार (12 अक्टूबर) को कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस्लामिक कट्टरपंथी और नफरत फैलाने वाले उपदेशक ज़ाकिर नाइक की महिलाओं पर की गई यौन उत्पीड़न संबंधी टिप्पणी को लेकर कड़ी आलोचना की।

सुप्रिया ने ट्वीट किया, “इतनी घटिया घिनौनी सोच, बीमार असल में यह खुद हैं।” उन्होंने ज़ाकिर नाइक की उस ताजा टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें नाइक ने महिलाओं, खासकर एंकरों को लेकर अपमानजनक बातें कही थीं।

यह जानना जरूरी है कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले सुप्रिया श्रीनेत ने 17 साल तक बतौर पत्रकार काम किया था, और उन्होंने ईटी नाउ पर न्यूज एंकर के तौर पर भी सेवाएँ दी थीं।

                                 सुप्रिया श्रीनेत के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हाल ही में पाकिस्तान में एक इंटरव्यू के दौरान ज़ाकिर नाइक ने महिलाओं को उन प्रोफेशन्स से दूर रहने की सलाह दी थी, जहां उन्हें कैमरे के सामने आना पड़ता है। नाइक का कहना था कि ऐसा करने से महिलाएँ पुरुषों की वासना का शिकार बनती हैं। इस्लामिक प्रचारक ने कहा, “अगर कोई मर्द महिला एंकर को देख कर वासना महसूस नहीं करता, तो वह मेडिकल रूप से ठीक नहीं है।”

नाइक जो बोल रहा है वही अनवर शेख अपनी एक पुस्तक "Islam Sex And Violence" में लिखा है, लेकिन उनका सन्दर्भ इस्लाम फ़ैलाने से है। दूसरे, अली सीना की किताब "Understanding Mohammad And Muslim" में पढ़ने को मिलता है।     

ज़ाकिर नाइक ने यह भी कहा, “अगर आप 20 मिनट तक किसी लड़की को देखकर वासना महसूस नहीं करते, तो आप स्वस्थ नहीं हैं,” और इस दौरान उन्होंने क़ुरान की आयतों का हवाला दिया।

हाल ही में ज़ाकिर नाइक को पाकिस्तान में तीखी आलोचना झेलनी पड़ी थी, जब उसने स्वतंत्र और अविवाहित महिलाओं को ‘बाज़ारू औरत’ कहा था।

सुप्रिया श्रीनेत की ज़ाकिर नाइक पर की गई आलोचना को कांग्रेस की आधिकारिक राय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, भले ही वह पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। यह ज्यादा से ज्यादा उनकी व्यक्तिगत राय है, क्योंकि नाइक ने उनके पुराने प्रोफेशन (धंधे) को खास तौर पर निशाना बनाया था।

किसी भी अन्य कांग्रेस नेता ने ज़ाकिर नाइक के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है, भले ही उसकी यौन उत्पीड़न संबंधी टिप्पणियाँ जगजाहिर हों। असल में, पार्टी ने कभी औपचारिक रूप से इस नफरत फैलाने वाले इस्लामी कट्टरपंथी की आलोचना नहीं की।

इसके उलट, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ज़ाकिर नाइक को ‘शांति का मसीहा’ कहकर उसकी तारीफ की थी।

उन्होंने कहा था, “अस्सलाम वालेकुम। मैंने डॉ. ज़ाकिर नाइक के बारे में बहुत सुना था। अंततः मुझे उनसे मिलने का मौका मिला। मैं खुश हूँ कि वह दुनिया भर में शांति का संदेश फैला रहे हैं।”

दिग्विजय सिंह ने 2012 में अपने भाषण में कहा था, “डॉ. ज़ाकिर नाइक ने सभी धर्मों की किताबें पढ़ी हैं। अब यह जरूरी है कि आपका शांति का संदेश भारत के हर कोने में पहुँचे।”

कांग्रेस, ज़ाकिर नाइक और एक छिपा हुआ रिश्ता

हालाँकि उस समय ज़ाकिर नाइक को भगोड़ा घोषित नहीं किया गया था, लेकिन उसके हिंदू धर्म पर हमला करने वाले और कट्टर इस्लामिक भाषण ऑनलाइन उपलब्ध थे।
इसके बावजूद, मुस्लिम तुष्टिकरण के लंबे इतिहास वाली कांग्रेस पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह को ज़ाकिर नाइक की तारीफ करने से कोई हिचक नहीं हुई।
यह जानकर कई लोग चौंक सकते हैं कि ज़ाकिर नाइक की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) और राजीव गाँधी चैरिटेबल ट्रस्ट (RGCT) के बीच गहरे संबंध हैं। IRF ने दो बार RGCT को 50 लाख और 25 लाख रुपये का दान दिया है। और RGCT के ट्रस्टी कोई और नहीं बल्कि सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी हैं।

महिला विरोधी कांग्रेस: दिग्विजय सिंह ने पहले तो महिला नेता को पागल औरत कहकर किया अपमानित फिर गार्ड से कहा- बाहर निकलो, वायरल वीडियो

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के रहते भी पार्टी में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा सिर्फ प्रियंका वाड्रा के भाषणों तक ही है। कांग्रेस की ‘कथनी और करनी’ में बड़ा फर्क है। कांग्रेस नेता महिला हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन महिलाओं का अपमान करने का कोई मौका नहीं चूकते हैं। यहां तक कि महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी रखते हैं। कांग्रेसी महिला विरोधी मानसिकता की एक झलक आप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भी देख सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक महिला को डांट-डपट रहे हैं। दिग्विजय सिंह उस महिला को पागल औरत कहकर संबोधित कर रहे हैं। इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह अपने सुरक्षा गार्ड से कहते हैं कि बाहर निकालो इस पागल को, यह औरत पागल हो चुकी है।

डॉक्टर लीना शर्मा नाम की यह महिला कांग्रेस कार्यकर्ता है और 21 फरवरी को दिग्विजय सिंह जब ग्वालियर चंबल अंचल के दौरे पर थे तो उनसे मिलने पहुंची थी। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की लेकिन डॉक्टर लीना शर्मा को देखते ही वो भड़क उठे और गार्ड से बाहर निकालने को कहने लगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को शेयर कर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर तंज कस रहे हैं।

 आइए आपको दिखाते हैं कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा। कांग्रेस नेताओं की हरकतों से साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है और वे किस तरह महिलाओं का अपमान करते हैं…

अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता- पीड़िता की शिकायत पर कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी रखते हैं। ताजा मामला कर्नाटक के कांग्रेस नेता अमरेगौड़ा पाटिल का है। उन्होंने रेप पीड़िता को लेकर विवादित बयान दिया। अमरेगौड़ा पाटिल से जब उनके एक सहयोगी संगनगौड़ा पाटिल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की गई तो उन्होंने पीड़ित परिवार को चुप रहने हिदायत देते हुए कहा कि एक अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता, इसके लिए कम से कम 2-3 लोग चाहिए। अमरेगौड़ा का ये ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल ऑडियो में अमरेगौड़ा पाटिल कहते हैं कि ‘एक महिला का रेप करने के लिए आपको कम से कम दो-तीन लोगों की जरूरत होती है। इस दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं है जो अकेले में किसी का रेप कर सके। मुझे दिखाओं। चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कोई भी ऐसा नहीं कर सकता।’ इतना ही नहीं अपने सहयोगी का बचाव करते हुए अमरेगौड़ा यह भी कहते हैं कि ‘वह बलात्कार कैसे कर सकता है? वह जरूर चिल्लाई होगी। कोई एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता। इसके लिए दो हाथों की जरूरत होती है। आप एक तंदरूस्त आदमी लाओ, और मैं एक महिला भेजूंगा, उससे पूछो। उसका बलात्कार करो, देखते हैं।’

दलित महिला नेता अर्चना गौतम के साथ हुई बदसलूकी
कांग्रेसियों ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की पोस्टर गर्ल और दलित महिला नेता अर्चना गौतम से बदसलूकी और मारपीट कर महिला विरोधी होने का प्रमाण दिया है। अर्चना गौतम ने हाल ही में जो आपबीती सुनाया है, वह काफी हैरान करने वाला है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी महिलाओं से कितना नफरत करते हैं। महिलाएं उनके लिए सिर्फ मनोरंजन और वोट का साधन हैं और मकसद पूरा होते ही फेंक देते हैं।

 

कांग्रेस मुख्यालय में दलित महिला नेता और उसके बुजुर्ग पिता से मारपीट 
रियलिटी टीवी शो बिग बॉस से मशहूर हुईं अर्चना गौतम का एक वीडियो सोशिल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो चिल्लाती हुई और भागती हुई नजर आती है। अर्चना के साथ कुछ लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं। दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट कर रहे हैं। इस वीडियो में ऑफिस में दोबारा नहीं आने की धमकी देते हुए सुना जा सकता है। अर्चना के साथ उनके बुजुर्ग पिता गौतम बुद्ध भी थे, जो अर्चना को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई, जिसकी वजह से वो सड़क पर गिर पड़े। सड़क पर हो रहा यह हंगामा किस जगह पर हुआ, इसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यह हंगामा दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुआ। अर्चना और उसके पिता सड़क पर पार्क की गई गाड़ियों के बीच खुद को बचाते हुए नजर आए।

 

मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की- अर्चना
जब इस घटना को लेकर अर्चना गौतम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय में उनके बाल खींचे गए और सड़क पर मेरे साथ रेप की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। मैं मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अर्चना गौतम ने बताया कि उन्हें कांग्रेस कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमें बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मैं इसकी वजह जानने की कोशिश की। लेकिन मेरे साथ बदसलूकी की गई। मैं वहां से किसी तरह बचकर निकली। मैं महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद बधाई देने गई थी। मुझे उम्मीद था कि मेरा अच्छे से स्वागत किया जाएगा, क्योंकि बिग बॉस खत्म होने के बाद मैं कार्यालय नहीं गई थी। मेरे कार्यालय पहुंचते ही कुछ महिलाएं सामने आ गईं और मेरा विरोध करने लगीं। उन्हें मेरा अपमान करने के लिए खास तौर पर भेजा गया था।

  

प्रियंका गांधी के पीए संदीप कुमार महिलाओं की इज्जत नहीं करते- अर्चना
अर्चना गौतम ने संदीप कुमार पर महिलाओं की इज्जत नहीं करने का आरोप लगाया। अर्चना ने कहा कि संदीप की पार्टी में प्रभाव और ताकत की वजह से महिलाएं उसके खिलाफ आवाज तक नहीं उठाती। जो भी आवाज उठाता है, उसको बाहर कर दिया जाता है। अर्चना ने आगे कहा कि संदीप सिंह जैसों की छाती पर बैठकर मूंग दलने का काम करूंगी और उसका हर चिट्ठा खोलूंगी। उसका सबूत मेरे पास हैं। संदीप सिंह ने जो घोटाले किए हैं, जो झूठ बोला है, उसका पर्दाफाश करूंगी। मैंने संदीप के शिकायत के लिए प्रियंका वाड्रा से मिलने के लिए गई थी, लेकिन संदीप ने उन्हें मिलने नहीं दिया। संदीप कुमार ने धमकी दी थी कि ज्यादा बोलेगी तो जेल में डलवा दूंगा।

संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज
गौरतलब है कि अर्चना के पिता गौतम बुद्ध ने मार्च, 2022 में प्रियंका गांधी के निजी सहायक संदीप कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संदीप पर अर्चना को जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। मेरठ पुलिस ने परतापुर थाने में संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज किया था,लेकिन अभी तक संदीप कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अर्चना गौतम के पिता गौतम बुध का आरोप है कि उनकी बेटी प्रियंका गांधी के बुलावे पर 26 फरवरी 2023 को कांग्रेस के महाधिवेशन में भाग लेने के लिए रायपुर (छत्तीसगढ़) गई थीं। इस दौरान अचर्ना ने प्रियंका गांधी से मिलने का समय संदीप कुमार से मांगा था। लेकिन उन्होंने मिलनवाने से मना कर दिया था।

 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अर्चना गौतम को ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। 2022 में अर्चना ने मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। वह बिग बॉस 16 के टॉप फाइव में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही थीं।

राहुल गांधी ने की शर्मनाक हरकत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 9 अगस्त, 2023 को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बाद अभद्रता का परिचय दिया। राहुल ने अपनी हरकतों से महिलाओं का अपमान किया। अपना संबोधन पूरा करने के बाद राहुल गांधी सदन से रवाना हो गए लेकिन जाते समय उन्होंने एक छिछोरी हरकत कर दी। संसद से बाहर जाते समय उन्होंने महिला सांसदों की तरफ फ्लाइंग किस के इशारे किए। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने राहुल पर महिला सांसदों को फ्लाइंग किस देने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक बात पर मैं आपत्ति जाहिर करना चाहती हूं। जिनको आज मुझसे पहले बोलने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन दिए। यह कोई अभद्र शख्स ही महिला सांसदों को फ्लाइंग किस दे सकता है। ऐसे गरिमाविहीन आचरण को इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया। यह उस खानदान के लक्षण हैं ये आज देश को पता चल गया।

कांग्रेस नेता का अश्लील वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर झारखंड के कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता का अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बन्ना गुप्ता एक महिला के साथ अश्लील बातचीत करते नजर आ रहे हैं। बन्ना गुप्ता कांग्रेस कोटे से राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं। हालांकि उनका कहना है कि वीडियो फर्जी है, लेकिन इससे राजनीतिक गलियारे में फोन पर वीडियो कॉल से की गई अश्लील बातचीत से सनसनी फैल गई है।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर परेशान करने का आरोप
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगे हैं। यूथ कांग्रेस असम की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि श्रीनिवास बीवी ने मुझे लगातार परेशान किया और लिंग के आधार पर मेरे साथ भेदभाव किया। मेरे मूल्य और संस्कार अब मुझे इसकी अनुमति नहीं देते। मामले को कई बार सामने लाने के बावजूद नेतृत्व में इसे अनसुना कर दिया। अंगकिता दत्ता ने कहा है कि बीवी श्रीनिवास को लगता है कि वह बहुत शक्तिशाली हैं और उन्हें पार्टी बड़े नेताओं का आशीर्वाद है इसलिए वह संगठन में एक महिला को परेशान और नीचा दिखा सकता है। युवा कांग्रेस की असम अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है उन्हें राहुल गांधी पर बहुत ज्यादा विश्वास था और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जम्मू में श्रीनिवास के उत्पीड़न और अपमानजनक बर्ताव के बारे में बताया भी था लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है।

महिला कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेता पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक महिला कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेता जयंत साहू पर बड़ा आरोप लगाया है। महिला ने जयंत साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बेमेतरा इलाके की रहने वाली महिला कार्यकर्ता ने इसकी लिखित शिकायत रायपुर एसपी से की है। कांग्रेस नेता जयंत साहू धरसींवा से कांग्रेस पार्टी से पूर्व जनपद सदस्य रह चुके हैं। धरसींवा में ही वह काफी सक्रिय है। जयंत साहू पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित रूप से महिला को उच्च पद पर पहुंचाने का लालच दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जयंत मेरे साथ फिजिकल रिलेशन बनाना चाहता था। इतना ही नहीं महिला ने एसपी को शिकायत करते हुए यह भी कहा कि जयंत ने मुझसे ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए लिए हैं। फिलहाल मामला रायपुर पुलिस के पास है। पुलिस दोनों ही मामलों की जांच करने में जुट गई है।


मध्य प्रदेश : कमल नाथ और दिग्विजय सिंह का कांग्रेसियों ने ही फूँका पुतला; पूर्व मुख्यमंत्री के बँगले के सामने ही कार्यकर्ताओं ने कराया मुंडन

                                                                                                            साभार- दैनिक जागरण और NBT
कांग्रेस में टिकट वितरण से दुखी कई नेताओं ने शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) को भोपाल में प्रदेश 
कांग्रेस कार्यालय और कमल नाथ के बंगले के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के बंगले के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं बोंडगाँव में कमलनाथ का पुतला दहन भी किया गया।

दरअसल, जब से कांग्रेस ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए अपनी दूसरी सूची में 88 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है, उसके बाद से ही कांग्रेसी भड़के हुए हैं। उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी सिलसिले में बैरसिया से उम्मीदवार बनाई गईं जयश्री हरिकरण के विरोध में कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं ने कमलनाथ के बंगले के सामने मुंडन कराकर विरोध जताया। साथ ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का पुतला भी फूँका।

मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की सूचि से कांग्रेस नेता ही खुश नजर नहीं आ रहे। विधानसभा प्रत्याशियों की दूसरी सूची आने के बाद भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय के बाहर भड़का विरोध अब कमल नाथ के बंगले तक पहुँच गया है। बैरसिया से आए कार्यकर्ताओं ने बंगले के गेट पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए बैरसिया के प्रत्याशी का टिकट बदलने की माँग की। वहीं पीसीसी के सामने दिग्विजय सिंह का पुतला भी जलाया गया।

मौके पर विरोध प्रदर्शन को इकट्ठे कांग्रेस कार्यकर्ता बंगले में घुसना चाह रहे थे, लेकिन वहाँ मौजूद गार्डों ने उन्हें रोक दिया। हालाँकि, प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ता दिग्विजय सिंह के समर्थक बताए जा रहे हैं। और यह आरोप लगाया जा रहा है कि टिकट वितरण में कमल नाथ ने अपने समर्थकों को टिकट दिलवा दिया। इसी बात से कार्यकर्ता नाराज हैं। वहीं, दतिया जिले की सेवड़ा विधानसभा से आए नेताओं ने भी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का पुतला फूँका। 

वहीं विधानसभा क्षेत्र हरदा-खिरकिया क्रमांक 135 में कांग्रेस द्वारा डॅा. रामकिशोर दोगने को प्रत्याशी घोषित करने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस मामले में कांग्रेस नेता मंजीत सिंह ने शुक्रवार(20 अक्टूबर, 2023) को अपने गृह ग्राम बोंडगाँव में कमल नाथ और हरदा प्रत्याशी डॅा. दोगने का पुतला दहन किया।

कांग्रेस नेता मंजीत सिंह ने राजपूत समाज की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हरदा विधानसभा क्षेत्र का घोषित प्रत्याशी बदलने की माँग की है। बता दें कि कांग्रेस नेता मंजीत सिंह बघेल ने हरदा विधानसभा क्षेत्र से राजपूत समाज के व्यक्ति को टिकट देने की माँग की थी।

इस पूरे मामले में राजपूत समाज के कई नेताओं ने कहा कि राजपूत समाज के नेता को टिकट देने की माँग वाली फेसबुक पोस्ट मंजीत सिंह की व्यक्तिगत सोच है, समाज का उस पोस्ट से कोई लेना-देना नहीं है। यहाँ तक कि राजपूत समाज का राजनीतिक पार्टियों से कोई लेना-देना नहीं है।

‘हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है’: साध्वी ऋतंभरा जिसे तोड़ नहीं पाई दिग्विजय की पुलिस

साध्वी ऋतम्भरा किसी परिचय का मौताज़ नहीं। 1992 में बोट क्लब, नई दिल्ली में दिए उनके भाषण को टी-सीरीज ने कैसेट बनाकर घर-घर पहुँचाया। 
माँ-बाप ने नाम रखा निशा। लेकिन राम नाम की उसने ऐसी अलख जगाई कि दुनिया ने उसे साध्वी ऋतम्भरा के नाम से जाना। भक्तों की दीदी मॉं साध्वी ऋतम्भरा राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख किरदारों में से एक हैं।
ये साध्वी ऋतम्भरा ही थीं, जिन्होंने कहा, “हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।” जिनमें खुलकर यह कहने का साहस था, “महाकाल बनकर दुश्मन से टकराएँगे, जहॉं बनी है मस्जिद, मंदिर वहीं बनाएँगे।”
राम जन्मभूमि को वापस पाने का साध्वी ऋतंभरा का संघर्ष आसान नहीं था। उन्हें नीचा दिखाने की तमाम कोशिशें तत्कालीन सरकारों ने की थी। मुस्लिम तुष्टिकरण की मसीहा इन सरकारों ने इस तरह का माहौल बनाया गया जैसे वह साध्वी न होकर कोई आतंकी हों।
 
ऐसे ही एक वाकये का जिक्र करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने एक इंटरव्यू में बताया था, “एक बार दिग्विजय सिंह की सरकार ने मुझे गिरफ्तार कर बीच रास्ते में ही उतार दिया। रात का समय था। पैदल चलते समय मैं ठोकर खा कर गिर गई। एक पुलिसवाले ने मुझसे कहा- लाओ साध्वी तुम्हारा हाथ पकड़ लूँ। मैंने उसे जवाब देते हुए कहा- चंडी का हाथ पकड़ने का तुम में सामर्थ्य है?”
5 अगस्त को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने आंदोलन से जुड़ी यादें ताजा की है। साध्वी ऋतंभरा ने बताया कि उन्होंने सरयू का जल हाथ में लेकर राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। अब अयोध्या में 5 तारीख को इतिहास रचने जा रहा है। उन पलों का साक्षी बनना अपने आप में गौरव की बात है। वे कहती हैं, “मेरी तरुणाई श्रीराम जन्मभूमि को अर्पित हुई, इसका अगाध सुख है।”
वे कहती हैं राम मंदिर आंदोलन के लिए प्राण गँवाने वाले और जिन्होंने इस आंदोलन का नेतृत्व किया उनकी बस एक ही चाहत थी कि रामलला हमारे मंदिर में विराजमान हों। उनका संकल्प अब पूरा होने जा रहा है। 491 वर्षों तक श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का स्वप्न संजोए जिन लाखों रामभक्तों ने संघर्ष करते हुए अपना बलिदान दिया, ये दिन उनकी आत्मिक शांति को समर्पित होगा।
अयोध्या आंदोलन का सफर 
साध्वी ऋतम्भरा 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा बनीं। विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा संचालित “श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन” का एक तेजस्वी चेहरा बनकर उभरीं। उन्होंने इस आंदोलन की सफलता के लिए सारे भारत में धर्म जागरण किया।
उन्होंने इस आंदोलन के लिए हिन्दू समाज की विभिन्न जातियों को एकता के सूत्र में बाँधा। इसी एकात्म हुई हिन्दू शक्ति ने इस आंदोलन की सफलता के रूप में अपने आराध्य श्री रामलला की जन्मभूमि पर अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का सम्पूर्ण न्यायालयीन अधिकार प्राप्त किया।
राम मंदिर आंदोलन के समय की बातों का जिक्र करते हुए साध्वी ऋतंभरा बताती हैं कि कुछ लोगों ने उनका इस्तेमाल करने भी कोशिश की। आंदोलन के समय एयरपोर्ट पर लोग मुझे आतंकवादी के रूप में देखते थे। 10 घंटे मुझे बैठाया जाता था। मेरी चेकिंग की जाती थी। लेकिन मुझे पता था कि मैंने कोई अपराध नहीं किया था।।
उन्होंने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वे उस समय भेष बदल कर यात्रा करती थीं। उस समय का दौर ऐसा था कि उन्हें खेतों, स्टेशनों, भिखारियों के बीच कितनी रातें भूखे-प्यास काटनी पड़ी। कई बार तो वे अनजान लोगों के घर भी आश्रय लेने को मजबूर हुईं। पुलिस के डर से लोग अपने घरों में उन्हें ठहराने से भी डरने लगे थे।
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अयोध्या में 5 अगस्त को भूमिपूजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में है। इस बीच लिब्राहन आयोग के चेयरमैन जस्टिस मनमोहन सिंह .....
फिलहाल साध्वी ऋतंभरा श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में वात्सल्य ग्राम चलाती हैं। वात्सल्य ग्राम की पूरी परिकल्पना के माध्यम से वे भारतीय पारिवारिक व्यवस्था की सकारात्मकता पर जनमानस का ध्यान आकर्षित कर उसका प्रसार करने का सम्पूर्ण प्रयास कर रही हैं।

दिग्विजय कांग्रेस को पाताललोक भेज कर ही, चैन से बैठेंगे

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। ये वही दिग्विजय हैं, जो आतंकवादियों को "जी" लगाकर सम्बोधित करते हैं। "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम पर इस्लामिक आतंकवाद को संरक्षण देते रहे, जिसने कांग्रेस को धरातल पर ला दिया। 
दूसरे, इन्हें केवल हिन्दू धर्म में कमियां दिखती हैं, मदरसों में हो रहे, बच्चियों के साथ हो रहे कुकर्म, बच्चों को उन्हीं के भोपाल के मदरसे में जंजीरों से बांध कर रखा जा रहा है, उनसे भीख मंगवाई जा रही है, नहीं दिखता। अगर दिखता है, तो बोलने की हिम्मत नहीं। उनके इन्ही बयानों से लोग उन्हें हिन्दू विरोधी के नाम से जानने लगे है। 
दिग्विजय हों या कांग्रेस, किसी को चर्चों में होते ननों के साथ होते बलात्कार दिखाई नहीं देते। बलात्कार पीड़ित को चर्च से बेदखल कर दिया जाता है। कोई नहीं बोलता, क्यों? निम्न लिंक का अवलोकन करे:-
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार मदरसों में बच्चों का केवल यौन शोषण ही नहीं होता। ज्यादतियों की लिस्ट बेहद खौफनाक है। ....

भोपाल में राज्य सरकार की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मंगलवार(सितम्बर 17) को कहा कि 'भगवा वस्त्र पहनकर लोग मंदिरों में बलात्कार कर रहे हैं।' सिंह ने कहा, 'लोग भगवा वस्त्र पहनकर आज चूरन बेच रहे हैं। भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं। मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है उन्हें ईश्वर भी माफ नहीं करेगा।' समझा जाता है कि दिग्विजय सिंह का निशाना भाजपा के पूर्व सांसद चिन्मयानंद पर है। चिन्मयानंद पर एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया है।
दिग्विजय ने आगे कहा, 'राजनीतिक हित रखने वाले लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे को हाईजैक कर लिया है। वास्तव में यह नारा जय सिया राम होना चाहिए। जब हम भगवान राम के नाम का जयकारा लगाते हैं तो हम सीता को क्यों भूल जाते हैं?' इसके बाद वहां मौजूद साधुओं ने 'जय सिया राम' का जयकारा लगाया।
राज्य सरकार आध्यात्मिक विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर के संत-साधुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नर्मदा मंदाकिनी ट्रस्ट के चेयरमैन कंप्यूटर बाबा भी शामिल हुए। इस मौके पर कंप्यूटर बाबा ने सरकार से मंदिर के लिए हमेशा के लिए भूमि का आवंटन करने की मांग की। उन्होंने कहा, 'मंदिर को मुफ्त बिजली और साधुओं को वृद्धावस्था पेंशन मिलना चाहिए।'  
इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, 'हम उद्योगपतियों एवं कारोबारियों को जमीन देते हैं, तो हम साधुओं को जमीन क्यों नहीं देंगे? भविष्य में साधुओं को इस तरह की मांग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।'
विवादित बयानों के धनी 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर बीजेपी और बजरंग दल पर बड़ा बयान दिया है दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुसलमानों से ज्यादा गैर-मुसलमान आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे हैं इसके साथ दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और बजरंग दल पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से पैसा लेने का भी आरोप लगाया था। दिग्विजय सिंह के इस बयान की बीजेपी ने आलोचना की है। 

उन्होंने कहा कि बजरंग दल और बीजेपी आईएसआई से पैसा ले रहे हैं, इस पर थोड़ा ध्यान दीजिएदिग्विजय सिंह ने देश की खराब होती अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है, नौकरियां नहीं हैं, अपना घाटा पूर्ति करने के लिए आरबीआई है, मोदी को सभी बातें छोड़कर अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को खुफिया विभाग की बड़ी चूक बताया था दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अगर कोई दूसरा देश होता तो प्रधानमंत्री न सही, गृह मंत्री को तो इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया जाता लेकिन यहां पर जो कोई भी इन मसलों पर सवाल उठाता है उसे देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है
मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे पर बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा के बयान के बाद दिग्विजय सिंह ने आरएसएस पर निशाना साधा था उन्होंने कहा था कि जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोलता है वो देशद्रोही होता है भारत के शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो 'शैतान' हैं

जम्मू कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो नहीं हटाया जाता अनुच्छेद 370 : पी चिदंबरम

P Chidambaram
कहते हैं कि आदमी ठोकर खाकर कुछ सीखता है, ज्ञान अर्जित करता है। लेकिन कांग्रेस एक के बाद एक ठोकर खाने के बावजूद तुष्टिकरण का दामन छोड़ने को तैयार नहीं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को लाने वाली कांग्रेस, कश्मीर को मुस्लिम बहुल क्षेत्र बनाने वाली कांग्रेस,आखिर देश के साथ इतना अनर्थ करने के बाद भी यह कहना कि "अगर जम्मू कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो अनुच्छेद 370 नहीं हटाया जाता।" इससे पहले दिग्विजय सिंह कहते हैं कि "कश्मीर जल रहा है।" कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कश्मीर को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जो उनकी पार्टी के लिए दिक्कत पैदा कर सकता है। मध्य प्रदेश के सीहोर में मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए वरना वो हमारे हाथ से निकल सकता है। दिग्विजय ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील भी की।सिद्ध करता है कि कांग्रेस के दिमाग का दिवाला निकल गया है। अदालतों में गीता पर हाथ रख, सच बोलने की कसम दिलवाई जाती है, लेकिन स्कूलों में गीता पढ़ाने पर साम्प्रदायिकता नज़र आने लगती है, इस साम्प्रदायिक जहर को फैलानी वाली कौन, कांग्रेस? 
दूसरे यह कि कश्मीर से बाहर भी देखें, दिल्ली की चार दीवारी हिन्दुओं से क्यों खाली हुई? कौन है ज़िम्मेदार? एक तरफ, मुस्लिम समाज अपने आपको गरीब और शोषित बताता है, लेकिन कोई मकान खरीदने के लिए लाखों कहाँ से आते हैं? चिदंबरम साहब, साम्प्रदायिक सोंच से बाहर निकलकर धरातल पर आइए। आज भिखारी, फल-सब्ज़ी और छोले-कुलचे बेचने वाला किसी वेतनभोगी से कहीं ज्यादा धनी है। वेतनभोगी किसी बीमारी पर 20/25000 रूपए खर्च करने पर अपने अन्य खर्चों में कटौती कर, जीवन जीता है। परन्तु इन व्यवसायों में लगे लोग किसी भी काम पर लाखों खर्च करने में लेशमात्र भी संकोच नहीं करते। फिर कहते हैं कि "हम गरीब हैं।"  
धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति है। यही श्री राहुल गांधी और कांग्रेस की तकलीफ है। वे नहीं चाहते कि कश्मीर में शांति रहे।
कश्मीर में अशांति श्री नेहरू जी के गलत फैसलों के कारण थी। धारा 370 कश्मीर के लिए अभिशाप थी, आतंकवाद का कारण थी। इस धारा ने कभी कश्मीर की जनता का बहुत नुकसान किया। नेहरूजी ने जो गलती की, श्री @narendramodi जी ने सुधार दी। कांग्रेस परेशान क्यों है?
2:26 pm - 11 अग॰ 2019  
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने के लिए अगस्त 11 को भाजपा की आलोचना की और कहा कि यदि जम्मू कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो भगवा पार्टी इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी ताकत से अनुच्छेद को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर अस्थिर है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां इस अशांत स्थिति को कवर कर रही हैं लेकिन भारतीय मीडिया घराने ऐसा नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, उनका(भाजपा) दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को कवर नहीं करते हैं तो क्या इसका मतलब स्थिरता होता है? उन्होंने सात राज्यों में सत्तारूढ़ सात क्षेत्रीय दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में भाजपा के कदम के खिलाफ भय के कारण सहयोग नहीं किया।
विपक्षी पार्टियों के असहयोग पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन सात पार्टियों (अन्नाद्रमुक, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजद, आप, टीएमसी, जद(यू) ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह निराशाजनक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो एक सच है, पुलिस ने कार्रवाई की जो एक सच है और इस विरोध के दौरान हुई गोलीबारी एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कदम की निंदा करने के लिए यहां एक जनसभा हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया गया हो।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यदि जम्मू कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा कभी भी ऐसा नहीं करती। उन्होंने ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है। चिदंबरम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच कभी भी संघर्ष की स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा, पटेल कभी भी आरएसएस के पदाधिकारी नहीं रहे थे। उनका(भाजपा) कोई नेता नहीं है, वे हमारे नेता को चुरा रहे हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन चोरी करता है, इतिहास यह नहीं भूलता कि कौन किससे जुड़ा हुआ है।