Showing posts with label #hate speech. Show all posts
Showing posts with label #hate speech. Show all posts

अगर बंगाल जला तो- धमकी देना ममता को पड़ा भारी: लताड़ पड़ने पर पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुटी; 24 परगना और संदेशखली में जानलेवा हमले होने पर जनता ने ममता को वोट क्यों दिया ?

आज बंगाल की जो दुर्दशा है उसकी जिम्मेदार वहां की जनता ही है। क्योकि जब से ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनी है, तभी से हिन्दुओं पर जानलेवा हमले होते रहे हैं, लेकिन चुनावों में धमकी मिलने से बार-बार ममता को वोट देना भारी पड़ रहा है। आखिर अब भी एकजुट हुए कि नहीं, अगर यही एकजुटता शुरू में ही दिखाई होती बंगाल की इतनी बुरी दुर्दशा नहीं होती। जनता ने कहा कि 24 परगना में हो रहा है होने दो। संदेशखली में हो रहा है होने दो हम तो अपने शहर में सुरक्षित है। यदि अभी भी बंगाली जनता होश में नहीं आयी, ममता की धमकी सिर्फ धमकी नहीं,  भारत विरोधी ताकतों की चेतावनी है देश को तोड़ने की।      

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को ‘अगर बंगाल जला तो…’ धमकी देना भारी पड़ रहा है। संवेदनशील मुद्दे पर एक मुख्यमंत्री के इस तरह धमकी देने पर देश भर में गुस्से का माहौल है। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्‍टर रेप और मर्डर केस में ममता बनर्जी बुरी तरह घिरी हुई हैं। पीड़िता के न्याय के लिए हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर वह अपना आपा खोती जा रही है। ममता बनर्जी ने बुधवार 28 अगस्त को राज्य में बढ़ते तनाव के बीच धमकी दी कि ‘याद रखिए, अगर बंगला जलता है, तो असम, पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी जल जाएगी।’

मुख्यमंत्री ममता के यह चेतावनी देते ही देश भर से इस्तीफे की मांग तेज होने लगी। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति से इस तरह की उम्मीद लोगों को नहीं थी। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह टिप्पणी संवैधानिक पद पर बैठे किसी नेता की नहीं, बल्कि राष्ट्र-विरोधी मानसिकता वाले किसी व्यक्ति की लगती है।

ममता बनर्जी की आग लगा देने की चेतावनी पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृहमंत्री को एक पत्र लिखकर बयान पर संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि ममता बनर्जी की देशविरोधी टिप्पणियां काफी चिंताजनक है। इससे पूरे राज्य में अशांति पैदा होने की आशंका है।

इस बीच कानून-व्यवस्था के बाद चेतावनी मामले पर अपनी मुख्यमंत्री को घिरता देख उनकी पार्टी टीएमसी डैमेज कंट्रोल में उतर गई है। पार्टी नेता ममाले पर सफाई देने के लिए सामने आ गए हैं। पार्टी नेता का कहना है कि ममता के मन में हर राज्य के लिए प्यार है, लेकिन बीजेपी बंगाल को डिस्टर्ब करने की कोशिश कर रही है।

टीएमसी की ओर से सफाई दिए जाने का कोई असर नहीं दिख रहा है। ममता के बयान पर लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। ममता के बयान पर भड़कते हुए मणिपुर के मुख्‍यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि ‘दीदी की हिम्मत कैसे हुई पूर्वोत्तर को धमकाने की? मैं इस तरह की गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। ममता दीदी को पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए।’ बीरेन सिंह ने कहा कि ‘किसी राजनीतिक नेता के लिए सार्वजनिक मंच पर हिंसा की धमकियां देना बहुत ही अनुचित है।’

 असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन पर देश में विभाजनकारी राजनीति फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि’ दीदी, आपकी हिम्मत कैसे हुई असम को धमकाने की? हमें लाल आंखें मत दिखाइए। आपकी असफलता की राजनीति से भारत को जलाने की कोशिश भी मत कीजिए। आपको विभाजनकारी भाषा बोलना शोभा नहीं देता।’

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी ममता के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘ममता जी, आपको किसने अधिकार दिया ओडिशा के बारे में ऐसे आपत्तिजनक बयान देने का? ओडिशा एक शांतिपूर्ण राज्य है, और यहां के लोग जिम्मेदार और जागरूक हैं। ओडिशा के लोग आपके नफरत भरे रवैये, नकारात्मक टिप्पणियों और हमारे राज्य के प्रति असंवेदनशील रवैये को कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। जघन्य अपराध की पीड़िता को न्याय दिए बिना, आप जो प्रतिशोधात्मक टिप्पणियाँ कर रहीं हैं वह देश के लिए खतरनाक है। कृपया इस तरह के बयानों से दूर रहिए। शांत रहे।’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘टीएमसी सरकार का अधिनायकवादी, नारी विरोधी आचरण निःसंदेह लोकतंत्र को लज्जित, मानवता को अपमानित और सभ्य समाज को शर्मसार करने वाला है। देवी पूजा की संस्कृति को धारण करने वाली पावन धरा ‘आमार शोनार बांग्ला’ में मातृशक्ति की सुरक्षा में पूर्णतः असफल वहां की सरकार को समूची मातृशक्ति और देश से अविलंब माफी मांगनी चाहिए।’

ममता बनर्जी के बयान पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ‘पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा झारखंड समेत में अन्य राज्यों में अराजकता फैलाने की धमकी देना अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। खुफिया एजेंसियों ने जो संभावना व्यक्त की थी, ममता बनर्जी ठीक उसी प्रकार की अलगाववादी भाषा में बात कर रही हैं। ममता बनर्जी का यह बयान पूरे देश की संप्रभुता विशेषकर झारखंड, बिहार, ओडिशा, असम और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जैसी संवैधानिक पद पर रहते हुए बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने और देश तोड़ने की बात कर अपने नापाक इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के नाजुक हालात देखते हुए केंद्र सरकार अविलंब हस्तक्षेप कर वहां राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा करें।’

इधर दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी ने जो कहा वो बहुत ही चिंताजनक और खतरनाक है, संविधान कैसे खतरा में होता है वो बंगाल में अच्छी तरह दिखाई पड़ रहा है। पहले आरोपी को बचाना फिर जांच को भटकाना, सबूतों को मिटाना, फिर आंदोलनकारियों को धमकाना और ममता जी का स्टेटमैंट कि मैं नहीं चाहती कि डॉक्टरों पर एफआईआर करूं, क्योंकि ऐसा होगा तो पासपोर्ट और वीज़ा नहीं मिलेगा। मतलब शब्दों के जाल में एक प्रकार से धमकी दी जा रही है कि हम एफआईआर करके आपका करियर तबाह कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘आंदोलनकारियों को मंत्रियों की धमकी मिलती कि अगर कोई उंगली ममता की तरफ़ उठेगी तो तोड़ दी जाएगी।’

चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द

कहावत है कि 'आसमान पर थूका अपने ही ऊपर आता है' जो अजमेर की बहुचर्चित दरगाह के खादिमो और प्रबंधकों पर सटीक बैठ रही है। हिन्दू विरोध में नूपुर विरोध में हत्या और हिन्दू को आर्थिक रूप से उन्हें कमजोर करने उनकी दुकानों के बहिष्कार करने की बड़ी-बड़ी बातें करने अपनी शान समझ रहे थे, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। अगर हिन्दुओं ने भविष्य में भी यही नीति अपनाई निश्चित रूप से मुस्लिम विद्वान अतीकुर रहमान की तरह ये ही सब बोलेंगे नूपुर ने वही कहा जो हमारी इस्लामिक किताबों में लिखा है। इतना ही नहीं, हिन्दुओं को यही नीति अन्य दरगाहों पर भी अपनाना होगा। दूसरों के धन के लालच में अपनी इस्लामिक किताबों को झुठलाकर खूनखराबा कर सच को दबाने की कोशिश कर मुसलमान और इस्लाम को बदनाम करने चले थे।  
जहाँ पहले अजमेर की इन संकरी गलियों में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की भीड़ होती थी, अब लगातार नकारात्मक कारणों से सुर्ख़ियों में रहने के बाद वो स्थिति नहीं है। रेस्टॉरेंट्स और ट्रांसपोर्ट के कारोबारियों की बाकी दिन के मुकाबले मात्र 10% ही कमाई हो पाई। इतना ही नहीं, होटलों के लिए किए गए एडवांस बुकिंग्स भी लोग रद्द कर रहे हैं। खादिम ऐनुद्दीन चिश्ती का कहना है कि शहर की अर्थव्यवस्था उन 15-20 हजार लोगों पर टिकी है, जो रोज यहाँ आते थे।

अजमेर के खादिमों के भड़काऊ बयानों के बाद यहाँ ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की संख्या में भी भारी कमी देखी गई है। यहाँ तक कि शुक्रवार (8 जुलाई, 2022) को जुमा होने के बावजूद यहाँ सन्नाटा पसरा रहा। नूपुर शर्मा को लेकर दरगाह के 3 खादिम अब तक भड़काऊ बयान दे चुके हैं। उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम करने वाले जिहादियों से भी दरगाह के खादिमों के सम्बन्ध सामने आए हैं।

दरगाह बाजार, दिल्ली गेट, दिग्गी बाजार और खादिम मोहल्ला, कम्मानी गेट, अंदर कोटे सहित लखन कोटरी के होटल और गेस्ट हाउस भी रोज बड़ा नुकसान उठा रहे हैं, क्योंकि दरगाह के नमाजी नहीं आ रहे हैं। बड़ी संख्या में हिन्दू भी अजमेर शरीफ दरगाह पर आया करते थे, जिन्हें ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के इतिहास के बारे में नहीं पता। इन इलाकों में एक-एक घर ऐसे ही पर्यटकों से कमाता है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ ने अपनी खबर में ये जानकारी दी है।

दरगाह क्षेत्र में ‘जन्नत ग्रुप ऑफ होटल्स’ के मालिक रियाज खान ने कहा कि यहाँ आने वाले लोगों पर घृणास्पद बयानों से असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में जो भी होता है, उसका अजमेर के बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। हालाँकि, उदयपुर की घटना के बाद से ही लोगों ने बुकिंग्स रद्द करने शुरू कर दिए थे। ‘सोहन हलवा’ के लिए जाने जाने वाले ‘ख्वाजा गरीब नवाज स्वीट्स’ के मालिक शदभ सिद्दीकी ने कहा कि कमाई 90% घट गई है।

अवलोकन करें:-

‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’; कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं : इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो ट
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’; कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं : इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो ट
इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान ने कहा है कि नूपुर शर्मा का बयान गलत नहीं था (फोटो साभार: फेडरल न्यूज) इस्लामिक स्कॉलर ...

अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती से कन्हैया लाल के हत्यारों मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस के कनेक्शन सामने आए हैं। दोनों भाग कर अजमेर ही जा रहे थे। नूपुर शर्मा की गर्दन लाने वाले को अपना मकान देने का वादा करने वाले सलमान चिश्ती को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वायरल वीडियोज के आधार पर राजस्थान पुलिस पर उसे बचाने के आरोप लगे थे। दरगाह कमिटी के सचिव सरवर चिश्ती ने भी हिन्दुओं की कमाई खत्म करने और भारत को हिला देने की धमकी दी थी।