Showing posts with label #madhya pradesh BJP. Show all posts
Showing posts with label #madhya pradesh BJP. Show all posts

कंप्यूटर बाबा का दावा : मध्य प्रदेश के चार और भाजपा विधायक कांग्रेस में होंगे शामिल

Computer Baba
आर.बी.एल.निगम 
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री कंप्यूटर बाबा ने दावा किया है कि भाजपा के चार और विधायक जल्दी ही कांग्रेस में शामिल होंगे। चार और भाजपा विधायकों के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की बात कहते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा, 'समय आने पर हम चार विधायकों को पेश करेंगे। माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी जब कहेंगे तो तब हम उनकी पेश करेंगे। वो हमारे संपर्क में हैं और उनकी भी जिज्ञासा है कि वो सरकार में शामिल हों। समय आने पर पूरी जानकारी बताएंगे कि वो मध्य प्रदेश के किस क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं।'
भाजपा विधायकों की नाराजगी से संबंधित पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा, 'बीजेपी से हमारे जैसे एक साधु संत नाराज हो गए तो बताइए विधायकों का क्या होगा। आपने सुन तो लिया कि दो विधायक कल नाराज हुए हैं। जो आने वाले चार विधायक हैं उनमें मेरी भूमिका है। आप समय का इंतजार करें।' 
शिवराज को कहा भ्रष्टाचारी
शिवराज सिंह पर हमला करते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा, 'मैं काम को ज्यादा महत्व देता हूं। जिस तरह से हमारे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह नर्मदा को बेचकर खा गए। अभी हम लगातार दौड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा अवैध रेत खनन का मामला जो हमने देखा है वो शिवराज सिंह के क्षेत्र में ही ज्यादा है। हमने कई कई ट्रॉलियां और ट्रैक्टर पकड़े गए हैं। वहां लगातार हमारा दौरा इसलिए हो रहा है कि कि नदियों का निरीक्षण कर सकें। शिवराज सरकार में जिस तरह से रेत के मामले में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ था, रेत माफिया बैठे थे उसे कम करने में समय लगेगा और मुख्यमंत्री कमलनाथ की अवैध खनन को रोकने की मंशा पूर्ण होगी और आने वाले समय में अवैध खनन पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगा।'
दो भाजपा विधायकों ने किया 
जुलाई 24 को मध्य प्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मतविभाजन के दौरान दो भाजपा विधायकों ने कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान किया था। भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने कमलनाथ सरकार का समर्थन किया था तभी से ये आशंका जताई जा रही है कि ये विधायक कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
कौन हैं कंप्यूटर बाबा
कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। कहा जाता है कि तेज दिमाग और आधुनिक कार्यशैली होने की वजह से उनका नाम कंप्यूटर बाबा पड़ा। राजनीति में खासी दिलचस्पी रखने वाले कंप्यूटर बाबा महामंडलेश्वर भी हैं और लैपटॉप और आधुनिक गैजेट्स के शौक रखते हैं। इसके अलावा कंप्यूटर बाबा सोशल मीडिया में भी सक्रिय रहते हैं। इंदौर के अहिल्या नगर में कंप्यूटर बाबा का भव्य आश्रम है। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में भी राज्यमंत्री रह चुके कंप्यूटर बाबा शिवराज सरकार के खिलाफ पहले भी मोर्चो खोल चुके हैं। हाल ही नर्मदा से रेत खनन का निरीक्षण करने हेलीकॉप्टर और अपने मंत्रालय में कमरे की मांग करने के बाद कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी न्यास के लिए बजट की भी मांग की थी।
म.प्र. में कांग्रेस से बीजेपी में आये दो विधायकों ने पार्टी को धोका दिया। क्या बीजेपी इस घटना से कुछ सीख लेगी? सत्ता प्राप्ति के लिए हमारे विधायक और सांसद किस हद तक नीचे गिर सकते हैं यह इसका ज्वलंत उदाहरण हैं। जब कमलनाथ सरकार ने पाठ्यक्रम से महाराणा प्रताप, जगद्गुरु आदी शंकराचार्य, आधुनिक ऋषि पंडित देन्दयल उपाध्याय इन के पाठ निकल दिए तब बीजेपी के विधायकों ने विधानसभा में हंगामा क्यों नहीं किया? क्या उनको भी यह सब ठीक चल रहा हैं ऐसा लग रहा था? इसलिए बीजेपी के नेतृत्त्व ने अब भी समय गवाए बिना इस घटना से सीख लेनी चाहिए और आगे की राजनीती तय करनी चाहिए।
दरअसल, ये अवसरवादी जो एक पार्टी के नहीं हो सकते, दूसरी पार्टी के कैसे हो सकते हैं। ऐसे लोगों को टिकट देकर कोई पार्टी दूसरी पार्टी को मात देने के लिए सियासत करना राजनीतिक अस्थिरता पैदा करती है। भाजपा को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरुरत है। और इस तरह की घटनाएँ केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि लगभग सभी राज्यों में है। भाजपा भी जनसंघ युग से पार्टी से संलग्न कार्यकर्ताओं को  दरकिनार कर दूसरी पार्टियों से आये अवसरवादियों को माथे का चन्दन बनाया जा रहा है।  

इंदौर : भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय की गुंडागर्दी, गिरफ्तार


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
सत्ता का नशा नेताओं पर किस कदर हावी होता है, इसका नमूना मध्य प्रदेश के इंदौर में देखने को मिला। यहां से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के अधिकारियों पर क्रिकेट बैट से हमला बोला। आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों ने भी अपनी स्वामी भक्ति दिखाने के लिए जमकर हाथ चलाये। 
मध्यप्रदेश के इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी को पीटने का मामला सामने आया है। दरअसल, नगर निगम द्वारा शहर में चिन्हित किए गए 26 अति खतरनाक मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही थी। 
जून 26 को जब गंजी कंपाउंड स्थित एक मकान को तोड़ने के लिए नगर निगम की टीम पहुंची तो उनकी बहस आकाश विजयवर्गीय से हो गई। विधायक आकाश ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकी देते हुए 10 मिनट में वहां से निकल जाने को कहा। बाद में विधायक भड़क गए और उन्होंने क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी पर हमला कर दिया।
नगर निगम की टीम जब गंजी कंपाउंड पहुंची तो वहां रहने वाले लोगों ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। साथ में उन्होंने स्थानीय विधायक आकाश को सूचना देकर मौके पर बुला लिया। आकाश के आते ही कार्यकर्ताओं ने जेसीबी की चाबी निकाल ली।
आकाश ने कर्मचारियों को 10 मिनट में वहां से निकलने की चेतावनी दी। निगम कर्मचारियों ने विधायक को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान जमकर तू-तू मैं-मैं हुई और विवाद बढ़ गया। विधायक आकाश अपना आपा खो बैठे और क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी की पिटाई कर दी। बड़ी मुश्किल से विधायक को शांत कराया गया।
आकाश वर्गीय गिरफ्तार 
इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश विजय वर्गीय को पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया है। आकाश पर अतिक्रमण हटाने गए नगर निगम अधिकारियों पर बैट से हमला करने का आरोप है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। विधायक आकाश के खिलाफ एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा की धारा 353 , 294 , 506, 147, 148 में केस दर्ज किया गया है। इसके बाद आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया। आकाश को कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी के दौरान एमजी रोड थाने के बाद बड़ी संख्‍या में आकाश के समर्थक जमा हो गए थे। 
मध्य प्रदेश जहाँ लोकसभा चुनावों में जनता ने मोदी पर भरोसा कर उम्मीद से अधिक अपना समर्थन क्या इसलिए दिया था कि उनके विधायक इस तरह गुंडागर्दी करेंगे तो उनकी पार्टी और अन्यों में क्या अन्तर है? क्या प्रधानमन्त्री मोदी विधायकों को सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट करने वाले विधायकों को पार्टी में रखेंगे या बाहर का रास्ता दिखाएंगे?
इतना ही नहीं विधायक आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों ने भी निगम अधिकारियों के साथ मारपीट की। दरअसल, इस क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में जो भी जर्जर मकान हैं और काफी पुराने घर हैं उन्हें सरकार की तरफ से खाली कराया जा रहा है ताकि किस तरह की घटना न हो। बता दें कि इससे पहले भी आकाश विजयवर्गीय अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। तब उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी पहले तो पप्पू थे, लेकिन अब गधों के सरताज बन गए हैं। उस वक्त भी उनकी टिप्पणी पर काफी बवाल हुआ था।

‘मैंने क्या कर दिया मुझे याद नहीं’

विवाद के बाद आकाश ने कहा कि मैं बहुत गुस्से में था। मैंने क्या कर दिया मुझे नहीं पता। जनता और सरकारी कर्मचारी पूछ रहे हैं कि गुस्से में बल्ला अपने सिर पर क्यों नहीं मार लिया? आखिर नेताओं द्वारा कब तक गुंडागर्दी होती रहेगी? आखिर इस सफेदपोशी गुंडागर्दी का कब अंत होगा? यदि यही अपराध किसी नागरिक ने किया होता, कानून की क्या कार्यवाही होती? क्या समाजसेवा के नाम पर इस तरह की गुंडागर्दी होती रहेगी? निगम के अफसर ने एक महिला के साथ गाली-गलौज की और हाथ पकड़ा, जिससे मुझे गुस्सा आ गया। विवाद के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने एमजी रोड थाने का घेराव किया। वहीं, दूसरी तरफ मारपीट के विरोध में नगर निगम कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। नगर निगम द्वारा विधायक के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने की तैयारी की जा रही है।

विधायक समर्थकों ने वहां खड़ी पोकलेन मशीन और नगर निगम की गाड़ी पर पथराव कर उन्हें फोड़ दिया

भवन निरीक्षण धीरेंद्र बायस का कहना है कि खाली मकान जो जर्जर था उसे तोड़ने गए थे, विधायक आकाश और उनके 8 साथियों ने की मारपीट की। इस दौरान तीन नंबर क्षेत्र से विधायक आकाश विजयवर्गीय भी वहां पहुंच गए। उन्होंने निगम अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा कि आप 5 मिनट में यहां से नहीं गए तो आगे जो होगा इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी, उनके साथ मौजूद लोगों ने पोकलेन की चाबी भी निकाल ली। इसके बाद निगम के अधिकारियों और विधायक के बीच जमकर विवाद हो गया और मारपीट होने लगी।
इस दौरान विधायक समर्थकों ने वहां खड़ी पोकलेन मशीन और नगर निगम की गाड़ी पर पथराव कर उन्हें फोड़ दिया। विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम कर्मियों पर पैसे लेकर मकान तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और उनका भाग इस मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। आवेदन, निवेदन फिर दे-दना दन हमारे काम का तरीका है। अब नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार खत्म करेंगे।

विवाद के बाद एमजी रोड थाने का घेराव

विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों द्वारा नगर निगम अधिकारियों के साथ मारपीट के बाद जमकर हंगामा खड़ा हो गया। विधायक और भाजपा कार्यकर्ता वहां से एमजी रोड थाने पर पहुंच गए। इसके बाद भाजपा विधायक रमेश मेंदोला भी थाने पहुंच गए और निगम अधिकारियों द्वारा के खिलाफ जांच करने की बात कही। घटना की सूचना जैसे ही नगर निगम दफ्तर में लगी, सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। नगर निगम कर्मचारियों ने आज मनीष सिंह को याद किया। कहा चाटा कांड के बाद हुई कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा था।

गृहमंत्री बोले सख्त कार्रवाई होगी

विधायक आकाश विजयवर्गीय ने जेडओ बायस के साथ पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की। निगमायुक्त आशीष सिंह की समझाने के बाद कर्मियों ने हड़ताल की स्थगित। आयुक्त बोले जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई। भाजपा विधायक द्वारा निगम अधिकारियों की पिटाई मामले में गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। घटना से भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा उजागर हुआ है।
भाजपा को सत्ता का नशा 
उम्मीद की जा रही थी वो अपने बेटे की इस करतूत पर माफी मांगेंगे। माफी न भी मांगें तो अफसोस तो जरूर जताएंगे, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि सत्ता का नशा केवल उनके बेटे ही नहीं, उनके सिर चढ़कर भी बोल रहा है। ‘न्यूज24’ के एंकर रवि ठाकुर ने जब मारपीट की घटना पर कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वह अपना आपा खो बैठे। इतना ही नहीं, उन्होंने तो रवि ठाकुर से उनकी आौकात ही पूछ ली।
दरअसल, एंकर रवि ठाकुर ने फोन पर कैलाश विजयवर्गीय से संपर्क करके जानना चाहा कि वो अपने बेटे की करतूत पर क्या सोचते हैं। रवि ठाकुर ने पूछा,‘ये कौन से विधायक होते हैं तो कानून अपने हाथ में लेते हैं, बल्ला अपने हाथ में लेते हैं। एक विधायक की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को कायम करने की होती है, लेकिन जब विधायक हाथ में बल्ला लेकर लोगों को मारने निकले तो....आपको अपने बेटे की निंदा करनी चाहिए।’
आप भी फैसला नहीं सुना सकते, आप कौन हैं? क्या है आपकी हैसियत, आप ऐसी बात करेंगे किसी विधायक के बारे में, अपनी औकात देखिये पहले।’--कैलाश विजयवर्गीय
यह सुनते ही कैलाश भड़क गए। उन्होंने खीजते हुए उल्टा सवाल किया, ‘आप जज हैं क्या? आप जजमेंट कर रहे हैं? जज मत बनिए।’ जब रवि ठाकुर ने कहा कि आप किसी पर बल्ला नहीं उठा सकते तो कैलाश ने जवाब में कहा कि आप भी फैसला नहीं सुना सकते, आप कौन हैं? क्या है आपकी हैसियत, आप ऐसी बात करेंगे किसी विधायक के बारे में, अपनी औकात देखिये पहले।’ इतना कहते ही कैलाश विजयवर्गीय ने फोन काट दिया।
Embedded video
बेटे की गुंडागर्दी पर सवाल पूछा तो न्यूज़ 24 के ऐंकर से बोले कैलाश विजयवर्गीय - “तुम्हारी औक़ात क्या है?”
विधायक बेटे की इस गुंडागर्दी पर वरिष्ठ भाजपा नेता का यह बयान दर्शाता है कि उनकी नजर में कानून और मीडिया की कोई हैसियत नहीं है। जो उनके खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे ये लोग इसी तरह हैसियत याद दिलाएंगे।
क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा केन्द्रीय वरिष्ठ नेता संज्ञान लेगे? मारो-पीटो फिर भी निर्दोष? क्या फोटुएं झूठ बोल रही हैं?

'जन-गण-मन' बीच में रोक 'वंदे मातरम' गाने लगे पार्षद

इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कुछ लोगों की गफलत के कारण बुधवार को विवाद खड़ा हो गया, जब राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' का गायन बीच में रोककर अचानक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाना शुरू कर दिया. इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसके एक दृश्य में महापौर और स्थानीय भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ भी दिखायी दे रही हैं. इंदौर नगर निगम पर भाजपा का कब्जा है..
चश्मदीद सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के बजट सम्मेलन की शुरुआत के दौरान पार्षदों और अन्य लोगों ने राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाना शुरू कर दिया. वहां उपस्थित अन्य लोगों ने भी इसका समवेत स्वर में अनुसरण शुरू कर दिया. लेकिन गलती का अहसास होते ही निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के सम्मेलन में कुछ ही सेकंड बाद 'जन-गण-मन' को अधूरा छोड़ दिया गया और अचानक 'वंदे मातरम' का गायन शुरू कर दिया गया. फिर राष्ट्रगीत को पूरा गाया गया.




@BJP4India @BJP4MP controlled Indore Municipal Corporation leaders confused over recital of the national anthem ''Jana gana mana'' for singing of ''Vande Mataram? @JVSinghINC @INCIndia @INCMP @MehboobaMufti @MisaBharti @avinashonly @rahulreports @MickyGupta84 @digvijaya_28
सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के बजट सम्मेलन की शुरुआत के दौरान पार्षदों और अन्य लोगों ने राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाना शुरू कर दिया. वहां उपस्थित अन्य लोगों ने भी इसका समवेत स्वर में अनुसरण शुरू कर दिया. लेकिन गलती का अहसास होते ही निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के सम्मेलन में कुछ ही सेकंड बाद 'जन-गण-मन' को अधूरा छोड़ दिया गया और अचानक 'वंदे मातरम' का गायन शुरू कर दिया गया. फिर राष्ट्रगीत को पूरा गाया गया.
बहरहाल, कुछ विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम के सम्मेलन में हुई चूक को राष्ट्रगान के अपमान का मामला करार देते हुए दोषी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है. इस बारे में पूछे जाने पर नगर निगम के सभापति अजय सिंह नरूका ने कहा, 'यह चूक संभवतः किसी पार्षद की जुबान फिसलने से हुई. हालांकि, इस चूक के पीछे मुझे किसी की कोई दुर्भावना प्रतीत नहीं होती. लिहाजा इस मामले को बेवजह तूल नहीं दिया जाना चाहिये." 
उन्होंने कहा कि यह पुरानी परंपरा है कि नगर निगम के सत्र की शुरूआत में राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" गाया जाता है, जबकि राष्ट्रगान "जन-गण-मन" के गायन के साथ सदन का सत्रावसान होता है.

"हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" की शिकार प्रज्ञा ठाकुर चुनावी मैदान में

Sadhvi Pragya to contest from bhopalमालेगांव बम धमाके में आरोपी रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार होंगी। इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल में बीजेपी कार्यालय पहुंचीं और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, प्रभात झा और रामलाल से बंद कमरे में मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वो भाजपा की प्राथमिक सदस्यता अप्रैल 16 को ही ले चुकी हैं। अब इस भाजपा की तरफ से उनकी उम्मीदवारी का औपचारिक ऐलान होना बाकी है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम पर संघ ने भी भाजपा पर दबाव बनाया है। वो एबीवीपी और दुर्गावाहिनी जैसे भाजपा के अनुषांगिक संगठनों से जुड़ी रह चुकी हैं और मालेगांव धमाके में नाम आने के बाद कई सालों तक जेल में बंद रहीं थी।


Madhya Pradesh: Sadhvi Pragya Singh Thakur has arrived at the BJP office in Bhopal and is currently meeting senior BJP leaders Shivraj Singh Chouhan, Ramlal, and Prabhat Jha.
साध्वी प्रज्ञा के बीजेपी के जुड़ने और भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं, जिस पर अप्रैल 17 को अंतत: मुहर लग गई। साध्‍वी प्रज्ञा मालेगांव विस्‍फोट मामले में आरोपी रही हैं, जिस मामले में वह नौ साल तक जेल में भी रहीं। हालांकि कोर्ट ने बाद में उन्‍हें बरी कर दिया। भोपाल से दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारने के कांग्रेस के ऐलान के बाद से ही साध्‍वी प्रज्ञा कई मौकों पर 'दिग्‍गी राजा' को चुनौती देने की इच्‍छा जता चुकी थीं। इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने यह भी कहा था कि वह 'धर्म-युद्ध' के लिए तैयार हैं।
इस बीच साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अप्रैल 17 को चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर साफ कहा था कि अगर भाजपा उन्हें भोपाल से टिकट देगी तो वो चुनाव लड़ने को तैयार हैं। वहीं दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा था कि दिग्विजय सिंह न तो मेरे लिए और न ही भाजपा के लिए चुनौती हैं। धर्म पर चलने वाले लोग, राष्ट्र के लिए जीने-मरने वाले लोग जहां खड़े होते हैं। वहां अधर्म का कोई अस्तित्व नहीं है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिग्विजय सिंह पर उन्हें मालेगांव धमाके में फंसाने का आरोप भी लगाया। 
प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए कहा कि आज मुझे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा माननीय शिवराज सिंह चौहान जी, प्रदेश अध्यक्ष जी, प्रभात जी और यहां के सभी पार्टी पदाधिकारियों ने मुझे जिम्मेदारी दी है कि मैं लोकसभा की प्रत्याशी बनूं। लेकिन आप भी जानते हैं मेरा प्रत्यक्ष तौर पर राजनीति में अनुभव नहीं है लेकिन एक बहुत बड़ी शक्ति है हमारे पास, वह है माननीय शिवराज जी 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप यहां रहे। उन्होंने जो प्रदेश के लिए किया है। उससे वह जनता के ध्यान में पुन: आ जाएगा। जनता ये समझ जाएगी जो कुछ भी अभी दूसरे लोगों का छलावा है। किन्तु यहां जो किया गया है वही बोला जाएगा।
इससे पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने कहा, मित्रों इंतजार की घड़ी समाप्त हुई। काफी दिनों से आप लोगों के बीच उत्सुकता थी भोपाल से बीजेपी के उम्मीदवार कौन होंगे? उसके बाद उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार होंगी। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह का जन्म देश की सेवा के लिए हुआ है। देश की सुरक्षा के लिए हुआ है और जनता की सेवा के लिए हुआ है। अब इस सेवा में वह राजनीति के माध्यम से भी अपने जीवन को लगाएंगी।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के भोपाल से लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा सिंह का भोपाल में स्वागत करता हूं। भोपाल में आपको शांत शिक्षित और सभ्य वातावरण पसंद आएगा। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल संसदीय सीट से लड़ने के लिए बीजेपी ने कट्टर हिन्दुत्वादी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम औपचारिक घोषणा बुधवार को की गई।