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दिल्ली कांग्रेस : 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' वाले कन्हैया कुमार के नामांकन पर पार्टी के स्थानीय नेताओं का हंगामा, अरविंदर लवली के बाद अब संदीप दीक्षित ने दिखाए तेवर; अब तो परिवार के असली मजहब की जाँच कर रहे कांग्रेसी

कंगाली में आटा गीला होने वाली कहावत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर सटीक बैठ रही है। आम आदमी पार्टी शराब और पानी घोटाले में घिरी हुई है तो कांग्रेस 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाने और केजरीवाल से गठबंधन कर दोहरी मुसीबत में फंस गयी है और सोने पर सुहागा राहुल गाँधी मुस्लिम कार्ड कर ध्रुवीकरण कर कांग्रेस को चौपट करने में तुला है। सबसे मजे की बात इस पूरे प्रकरण में यह है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार के वास्तविक मजहब को खंखालने और अरविन्द, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव और संजय सिंह आदि के सोनिया गाँधी की सलाहकार कमेटी के सदस्य होने की पुष्टि में व्यस्त होने की चर्चा है। आखिर हिन्दुओं में खून दौड़ना ही चाहिए। क्योकि हिन्दुओं पर जितने अत्याचार इन दोनों पार्टियों के चलते हुए हैं किसी अन्य के कार्यकाल में नहीं। और जिस दिन जाँच सही दिशा में जाकर वास्तविकता को जान जाएगी, शायद ही मुस्लिम कट्टरपंथी भी इनके बचाव में कहीं खड़े दिखाई देंगे, क्योकि उन्हें आम मुसलमानों से अपना दामन बचाना भारी पड़ रहा होगा।

देखिए 2014 में लिखा मेरा लेख 

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन पुराने कांग्रेसियों को रास नहीं आ रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो संदीप दीक्षित ने भी पार्टी को तीखे तेवर दिखाए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकल नेता को उम्मीदवार बनाने की जरूरत है, किसी बाहरी को कैंडिडेट नहीं बनाया जाना चाहिए।

कन्हैया का जोरदार विरोध

कांग्रेस कार्यकर्ता कन्हैया कुमार के खिलाफ फिर खड़े हो गए हैं। दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पार्टी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली से किसी लोकल को ही कैंडिडेट बनाना चाहिए न कि किसी बाहरी को मौका देना चाहिए। ऐसा रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के पीछे की वजह आप के साथ गठबंधन के अलावा कन्हैया कुमार भी एक फैक्टर हैं।
कांग्रेस इस बार आम आदमी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव लड़ रही है। दिल्ली में उसे तीन सीट मिली हैं। इसमें से एक सीट उत्तर पूर्वी दिल्ली की है, जहाँ से कन्हैया कुमार को टिकट मिला है, लेकिन कन्हैया की उम्मीदवारी का कांग्रेस कार्यकर्ता जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौजपुर मेट्रो स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि हमें बाहरी पसंद नहीं है। उन्हें इस सीट से कोई लोकल कैंडिडेट चाहिए।
इस बीच, अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि उन्होंने जो कुछ भी लिखा है और पत्र के जरिए अपना दर्द व्यक्त किया है, पार्टी को उस पर विचार करना चाहिए। वह पार्टी के लिए एक संपत्ति हैं, हमारे सीनियर नेतृत्व को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। हमें उन चीजों से बचना चाहिए, जो पार्टी ने राज्य में जो कुछ भी हासिल किया है, उसमें बाधा डाल सकती है। अरविंदर सिंह लवली काफी पीड़ा में है, आलाकमान को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
इस बीच, खबर आ रही है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने लवली को मनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल को अरविंदर सिंह लवली से बात करने और दिल्ली कांग्रेस संकट को हल करने का रास्ता खोजने का निर्देश दिया है। खड़के साहब शरीर में फ़ांस तो चुभ ही गयी है, उसका असर भी देखो। अपनी अक्ल से तो कुछ कर नहीं सकते, तुम्हारा रिमोट तो कहीं और है खड़के साहब। 
उत्तर पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार को लेकर दिल्ली कांग्रेस की बैठक में पूर्व सांसद संदीप दीक्षित में जमकर विरोध किया था। इसके बाद उत्तरी पश्चिमी दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार उदित राज को लेकर भी पार्टी के अंदर विरोध देखा गया था। पिछले दिनों दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने अपने आवास साउथ एवेन्यू पर पूर्व विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में पार्टी के कई नेताओं ने उदित राज का विरोध किया था और दिल्ली कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया को भी खरी-खोटी सुनाई।

दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा: AAP से गठबंधन और कन्हैया कुमार को टिकट देने पर जताई नाराजगी INDI गठबंधन हो गया उरांझू

मैनिफेस्टो में मुस्लिम हितों की बात होने की वजह से कट्टरपंथी मुसलमानों से एकतरफा यानि कांग्रेस को ही वोट देने की अपील/फतवा कर रहे है, लेकिन कांग्रेस में फूट होने से कांग्रेस ही नहीं, INDI गठबंधन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जिससे गठबंधन में शामिल सारी पार्टियां डरी हुई है। अगर गठबंधन में आम आदमी पार्टी(आप) को नहीं लिया होता, तब भी बात संभले हुए थी, क्योकि जिस घोटाले को कांग्रेस ने उछाल अरविन्द केजरीवाल और कई नेताओं को जेल पहुँचाया, उसी को शामिल कर कांग्रेस ने खुद ही रायता फैला दिया, और घोटाले का श्रेय बीजेपी ले गयी। रही बात मुस्लिमों की, जब तक यह कट्टरपंथियों के मकरजाल से बाहर नहीं आएगा, यह उपेक्षित ही होता रहेगा। 
लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन 
कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। अब दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने टिकट बँटवारों में अनदेखी और दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी से गठबंधन का आरोप लगाया है।

लवली ने रविवार (28 अप्रैल 2024) को चार पेज का अपना त्याग पत्र कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। अरविंदर सिंह लवली को अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस को राजधानी में स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए।

 लवली ने कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “प्रभारी ने मुझे पंगु बना रखा है। वह मुझे पार्टी नहीं चलाने दे रहे हैं। मेरी सलाह पर कोई नियुक्ति नहीं की जाती है। प्रदेश कांग्रेस की रजामंदी नहीं होने पर भी AAP के साथ गठबंधन किया गया।” उन्होंने आरोप दिल्ली के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, जो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर गठित की गई थी। इसके बावजूद पार्टी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।” बता दें कि गठबंधन के बाद दिल्ली की कुल सात सीटों में से तीन कांग्रेस को मिली है।

लवली कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया। अपने पत्र में लवली ने आगे लिखा है, “तीन सीटों पर प्रत्याशी चुनने में भी प्रदेश इकाई की सहमति नहीं ली गई। उत्तर पूर्वी में कन्हैया कुमार और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से उदित राज को टिकट दिया गया, जबकि स्थानीय उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया गया।”

उन्होंने पार्टी हाईकमान पर सवाल उठाते हुए कहा, “पार्टी उम्मीदवारों पर अंतिम निर्णय लेना हाईकमान का विशेषाधिकार है। हालाँकि, चौंकाने वाली बात यह है कि एक बार जब हाईकमान ने उपरोक्त 2 उम्मीदवारों के संबंध में निर्णय ले लिया तो औपचारिक घोषणा से पहले पीसीसी को सूचित भी नहीं किया गया।”

दिल्ली : कांग्रेस द्वारा भारत के टुकड़े-टुकड़े करने वाले कन्हैया कुमार को लोक सभा टिकट देने पर कांग्रेस नेता ने ही किया नंगा, सारे पुराने पाप एक साथ लाया सामने: ‘सेना बलात्कारी’, ‘गरीबों को हटाओ’ वाले वीडियो किए शेयर

कांग्रेस लाख दुहाई दे कि नेहरू-गाँधी परिवार ने देश की आज़ादी में योगदान दिया, जो सफ़ेद झूठ है, जो वीर सावरकर पर ब्रिटिश सरकार से माफ़ी मांगने का जो आरोप लगाकर बदनाम किया गया था, लेकिन कांग्रेस के इस पाखंड पर विश्वास करने बताओं कि 'अगर सावरकर ने माफ़ी मांगी थी, फिर काला पानी की सजा क्यों काटी?' कांग्रेस के प्रपंच का पर्दाफाश किया 'नवभारत' के एंकर सुशांत सिन्हा ने कि "माफ़ी सावरकर ने नहीं, जवाहर लाल नेहरू ने मांगी थी' और अब जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े गैंग के कन्हैया कुमार को लोक सभा का टिकट देकर साबित कर दिया कांग्रेस को देश की अखंडता नहीं बल्कि इसे खंडित करने की योजना है। जनता को कांग्रेस के इस पाखंड की कटु सच्चाई को समझना होगा।  

कांग्रेस पार्टी ने रविवार (14 अप्रैल 2024) को दिल्ली में अपने तीन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। कांग्रेस की ओर से दिल्ली की चाँदनी चौक सीट से जेपी अग्रवाल, उत्तर पूर्वी दिल्ली से टुकड़े-टुकड़े गैंग के कन्हैया कुमार, उत्तर पश्चिम दिल्ली से उदित राज को टिकट दिया गया है। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार का है। कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई के नेता रहे कन्हैया ने पिछला लोकसभा चुनाव सीपीआई के टिकट पर बिहार के बेगूसराय से लड़ा था, जो उनका गृहजिला है, लेकिन उसमें उन्हें करारी हार मिली थी। इस बार वो कांग्रेस के टिकट पर वहीं से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन आरजेडी ने खेल कर दिया। खैर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से जैसे ही कन्हैया कुमार के नाम का ऐलान हुआ, कांग्रेस के भीतर से ही कन्हैया का विरोध होने लगा। दिल्ली में कांग्रेस के नेता ने कन्हैया कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल किया है।

कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी के खिलाफ कांग्रेस के संगठन केकेसी-असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रवक्ता सुभरांश कुमार राय हैं। उन्होंने कन्हैया कुमार के विवादित बयानों का वीडियो पोस्ट किया और कन्हैया कुमार का खुला विरोध किया। सुभरांश कुमार राय ने कन्हैया की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद एक्स पर लिखा, “भारत तेरे टुकड़े होंगे? ये कहने वाला या नारेबाजी करती हुई भीड़ की साथ मौन रह कर खड़ा रहना दोनों अपराध है। और एक तरफ राहुल गाँधी न्याय की बात करते है, देश जोड़ने की बात करते है और दूसरी तरफ़ देश को तोड़ने वालों को टिकट? क्या CEC सच में है?”

सुभरांश कुमार राय ने कन्हैया कुमार की सेना को बलात्कारी कहने वाला वीडियो भी पोस्ट किया और अपना जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। उन्होंने लिखा, “‘सेना कश्मीर में बलात्कार कर रही है’ -कन्हैया कुमार। जिस सेना ने कश्मीर को आज सही मायने में धरती का स्वर्ग बनाया है उसे ही गली? ये कैसा सम्मान है और कैसी न्याय का हक मिलने तक की बात हो रही है राहुल गाँधी जी? देश और देश रक्षक प्रथम।”

कांग्रेस नेता राय ने एक वीडियो भी रीट्वीट किया है, जिसमें कन्हैया कुमार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी पर चुटकी लेते दिख रहे हैं।

इस वीडियो में कन्हैया कुमार बोल रहे हैं, “श्रीमती इंदिरा जी ने कहा था कि ‘गरीबी हटाओ’। कुछ दिन में जब गरीबी नहीं हटा, तो कहा-‘गरीबों को भगाओ।'”

इस मुद्दे पर ऑपइंडिया ने सुभरांश कुमार राय से संपर्क कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहाँ पर सभी को अपने विचार और बात रखने का हक है।” उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ये नहीं कहता कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कन्हैया कुमार ने कहा या नहीं कहा। इस बात से भी कोई मतलब नहीं है कि कोर्ट में ये केस पेंडिंग है, ऐसे लाखों केस अदालतों में पेंडिंग है। लेकिन आपने कहा या आप वहाँ परोक्ष रूप से मौजूद थे, उस समय अगर आपने प्रतिरोध नहीं किया, तो इसका मतलब आपका समर्थन ही है।‘

राय ने कहा, “जो हमसे हर बात से आजादी माँगता है, और टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करता है, मेरा उससे विरोध है।” सुभरांश कुमार ने बताया कि वो केकेसी के प्रवक्ता हैं और अन-ऑर्गनाइज सेक्टर में काम कर रहे लोगों के हक के लिए काम करते हैं। केकेसी के अध्यक्ष उदित राज हैं, उन्हें भी कांग्रेस ने टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखता हूँ। राहुल गाँधी जी भी यही बोलते हैं कि हमें डरना नहीं है।’

                           कॉन्ग्रेस नेता सुभरांश कुमार राय ने किया कन्हैया का तीखा विरोध

कन्हैया कुमार जेएनयू में छात्रसंघ अध्यक्ष के पद पर चुनाव जीतने के बाद रातों-रात चर्चा में आ गए थे। इस दौरान ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और ‘हम लेकर रहेंगे आजादी’ जैसे नारों से उनका नाम जुड़ा। इस लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है, जहाँ उनका मुकाबला बीजेपी के दो बार के सांसद और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रहे भोजपुरी अभिनेता-गायक मनोज तिवारी से है। मनोज तिवारी मौजूदा सांसद भी हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में ही साल 2020 के हिंदू-विरोधी दंगे हुए थे, जिसमें हिंदुओं की काफी संपत्ति को नुकसान पहुँचा था और कई लोगों की जान गई थी। इस दौरान आईबी अधिकारी की भी हत्या कर दी गई थी। कन्हैया कुमार के साथी उमर खालिद भी इन दंगों का आरोपित है। वो अभी जेल में बंद है।

  • क्या वायरल : कन्हैया कुमार की एक फोटो नजर आ रही है, जिसमें उनकी गोद पर कोई महिला बैठी हुई है। दावा किया जा रहा है कि यह जेएनयू की शिक्षिका हैं
  • क्या सच : फोटो में नजर आ रही महिला जेएनयू की शिक्षिका नहीं बल्कि रिसर्च स्कॉलर है
  • फैक्ट चेक डेस्क. जेएनयू में फीस बढ़ोत्तरी को लेकर चल रहे विरोध के बीच कई फेक खबरें भी वायरल हो रही हैं। जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार को भी बहुत सी खबरों में निशाना बनाया जा रहा है। अब कन्हैया कुमार की किसी महिला के साथ फोटो वायरल कर दी गई है। फोटो में महिला कन्हैया की गोद में बैठी नजर आ रही है। इन्हें जेएनयू की शिक्षिका बताया जा रहा है। दैनिक भास्कर मोबाइल ऐप के एक पाठक ने हमें यह फोटो सत्यता की पुष्टि के लिए भेजी। पड़ताल में पता चला कि यह महिला जेएनयू की शिक्षिका नहीं बल्कि कन्हैया कुमार की दोस्त हैं। 2016 में भी यह खबर वायरल हुई थी, तब कई मीडिया संस्थानों ने इसका सच बताया था। 
    • गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें डेक्कन क्रोनिकल में प्रकाशित एक आर्टिकल मिला। आर्टिकल में दी गई जानकारी के मुताबिक, फोटो में नजर आ रही
    • महिला जेएनयू की शिक्षिका नहीं, बल्कि कन्हैया कुमार की दोस्त सौम्या मणि त्रिपाठी हैं।
    • सर्चिंग में हमें जी न्यूज का भी एक आर्टिकल मिला, जो 2016 में प्रकाशित हुआ था। इसके मुताबिक, सौम्या जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर रही हैं।
    • 5 मार्च 2016 को उन्होंने खुद ने यह फोटो अपने फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा था कि 'घर है, जहां आजादी है। वसंत जेएनयू में आ चुका है। तुम कुछ भी कर लो, हम लेकर रहेंगे आजादी।'
    • कन्हैया कुमार ने एक इंटरव्यू में खुद भी इस बात की पुष्टि की थी कि, फोटो में नजर आ रही महिला उनकी दोस्त है।

    • 2016 में इस फोटो के वायरल होने के बाद फैक्ट चेक करने वाली कई वेबसाइट्स ने इस खबर की सच्चाई सामने लाई थी।

कांग्रेस की नीति फूट डालो राज करो, बन गई है टुकड़े-टुकड़े गैंग की लीडर-- नरेंद्र मोदी, लोक सभा में

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 7 फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आने की इच्छा खत्म हो चुकी है। लेकिन जब कुछ मिलने वाला नहीं है तो कम से कम बिगाड़ तो दो। इस फिलॉसफी पर कांग्रेस आज चल रही है। विभाजनकारी मानसिकता उनके डीएनए में घुस गई। अंग्रेज चले गए, लेकिन बांटो और राज करो की नीति को कांग्रेस ने अपना चरित्र बना लिया है। इसलिए ही आज कांग्रेस टुकड़े टुकड़े गैंग की लीडर बन गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि देश की जनता आपको पहचान गई है, कुछ लोग पहले पहचान गए, कुछ लोग अब पहचान रहे हैं और कुछ लोग आने वाले समय में पहचानने वाले हैं। पिछली बार 1988 में त्रिपुरा में वहां की जनता ने आपको वोट दिया था, करीब 34 साल पहले। नागालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 में कांग्रेस के लिए वोट किया था, करीब 24 साल हो गए। ओडिशा ने 1995 में आपके लिए वोट किया था, सिर्फ 27 साल हुए आपको वहां एंट्री नहीं मिली। गोवा में 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ आप जीते थे, 28 साल से गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया। यूपी, गुजरात, बिहार ने आखिरी बार 1985 में कांग्रेस के लिए वोट किया था, करीब 37 साल पहले। पिछली बार पश्चिम बंगाल के लोगों ने करीब 50 साल पहले 1972 में आपको पसंद किया था

लोकसभा में उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी पराजय के बाद भी कांग्रेस का अहंकार नहीं टूटा है। उन्होंने एक शायरी भी सुनाई-
वो जब दिन को रात कहें
तो तुरंत मान जाओ
नहीं मानोगे तो वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे
जरूरत हुई तो हकीकत को थोड़ा बहुत मरोड़ लेंगे
वो मगरूर है.. खुद की समझ पर बेइंतहा
उन्हें आइना मत दिखाओ
वो आइने को भी तोड़ देंगे

लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा कि ये कैसे लोग हैं जो भारत के उद्योगपतियों को कोरोना का वेरिएंट बता रहे हैं। जो लोग इतिहास से सबक नहीं लेते हैं, वो इतिहास में खो जाते हैं। 60 से 80 के दशक में क्या नैरेटिव होता था? कांग्रेस के साथ रहकर सुख भोगने वाले लोग पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकार को क्या कहते थे? कहते थे कि ये तो टाटा बिड़ला की सरकार है। अब आप भी उसी भाषा को बोल रहे हैं।

महंगाई के मामले पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के आखिरी पांच सालों में देश को डबल डिजिट महंगाई की मार झेलनी पड़ी। सरकार ने खुद माना था कि महंगाई उनके कंट्रोल से बाहर है। 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री ने बेशर्मी से कह दिया कि महंगाई को कम करने के लिए किसी अलादीन के जादू की उम्मीद न करें। उन्‍होंने कहा कि पी चिदंबरम इन दिनों अखबारों में अर्थव्यवस्था पर लेख लिख रहे हैं। चिदंबरम जी ने 2012 में कहा था कि लोगों को 15 की पानी की बोतल और 20 रूपये की आइस्क्रीम खरीदने में तकलीफ नहीं होती, लेकिन गेहूं-चावल पर एक रुपये बढ़ जाए तो चिंता होती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बावजूद महंगाई इस बार 5.2 प्रतिशथ रही है।

महंगाई के मामले पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि कांग्रेस के आखिरी पांच सालों में देश को डबल डिजिट महंगाई की मार झेलनी पड़ी। सरकार ने खुद माना था कि महंगाई उनके कंट्रोल से बाहर है। 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री ने बेशर्मी से कह दिया कि महंगाई को कम करने के लिए किसी अलादीन के जादू की उम्मीद न करें। उन्‍होंने कहा कि पी चिदंबरम इन दिनों अखबारों में अर्थव्यवस्था पर लेख लिख रहे हैं। चिदंबरम जी ने 2012 में कहा था कि लोगों को 15 की पानी की बोतल और 20 रूपये की आइस्क्रीम खरीदने में तकलीफ नहीं होती, लेकिन गेहूं-चावल पर एक रुपये बढ़ जाए तो चिंता होती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बावजूद महंगाई इस बार 5.2 प्रतिशथ रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबी हटाओ नारे के कारण कई चुनाव जीते लेकिन ऐसा करने में असफल रहे। महंगाई पर उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले से अपने भाषण में मंहगाई पर हाथ खड़े कर दिए थे। नेहरू ने कहा था कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती हैं और इससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और यह हमारे कंट्रोल से भी बाहर हो जाती हैं। वो आगे कहते हैं कि अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो उसका असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को मेक इन इंडिया से दिक्कत है, क्योंकि उनके लिए इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार नहीं होगा, वे पैसा नहीं जुटा पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने 50 वर्षों तक देश की सरकारें चलाई, मेक इन इंडिया को लेकर उनका क्या रवैया था। इसके लिए सिर्फ डिफेंस सेक्टर को हम देखें तो सारी बातें समझ आती हैं कि वो क्या करते थे, कैसे करते थे, क्यों करते थे और किसके लिए करते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को मेक इन इंडिया से दिक्कत है, क्योंकि उनके लिए इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार नहीं होगा, वे पैसा नहीं जुटा पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने 50 वर्षों तक देश की सरकारें चलाई, मेक इन इंडिया को लेकर उनका क्या रवैया था। इसके लिए सिर्फ डिफेंस सेक्टर को हम देखें तो सारी बातें समझ आती हैं कि वो क्या करते थे, कैसे करते थे, क्यों करते थे और किसके लिए करते थे।