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गाजा में मर रहे बच्चों पर दुनिया चुप क्यों? दुखी हो इरफान पठान ने पूछा, जवाब मिला – इजरायली बच्चों की मौत पर 1 महीने तक खुद क्यों थे चुप, क्यों नहीं लिखा

                                                                                                   साभार: इरफान पठान फेसबुक अकाउंट
भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान को गाजा की फ्रिक्र सताने लगी है। इस युद्ध के कारण गाजा में जो बच्चे मारे जा रहे हैं, उन सबको लेकर इनका दिल दुख रहा है। ये दुनिया भर के नेताओं से अपील करके कह रहे हैं कि युद्ध रोकने में वे लोग मदद करें। गाजा के बच्चों के मारे जाने पर दुनिया भर के लोग शांत हैं, चुप हैं… इरफान पठान को इस बात का दुख है।

इरफान पठान ने ट्वीट कर अपने दुख को जाहिर किया है। उनके ट्वीट में सिर्फ गाजा में मारे जा रहे बच्चों की बात है। इसके लिए वो पूरी दुनिया को कोसने से भी गुरेज नहीं कर रहे। उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर अपील तक कर डाली है कि दुनिया भर के नेता एकजुट होकर इन असंवेदनशील हत्याओं पर रोक लगाएँ।

अपने एक्स हैंडल पर इरफान ने पोस्ट किया, “गाजा में हर दिन 0-10 साल के मासूम बच्चों की जान जा रही है और दुनिया चुप है। एक खिलाड़ी के रूप में, मैं केवल कह सकता हूँ, लेकिन दुनिया के नेताओं के लिए एकजुट होने और इस संवेदनहीन हत्या को खत्म करने का वक्त आ गया है।”

3 नवंबर 2023 को इरफान पठान ने ट्वीट किया है। ट्वीट में गाजा के बच्चों की मौत का जिक्र है। लेकिन एक महीने पहले इस्लामी हमास आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल में घुस कर कत्लेआम मचाया था। महिलाएँ-बच्चे सबको बेरहमी से मारा था। इरफान के एक्स हैंडल पर तब इससे संबंधित एक भी ट्वीट नहीं था… मतलब इजरायली बच्चों की मौत पर खुद इरफान चुप रहे, लगभग एक महीने तक। सोशल मीडिया के जमाने में नेटिजन्स ने तुरंत ही उनके टाइमलाइन का स्क्रीनशॉट शेयर कर दिया… और शुरू हो गया इरफान का छीछालेदर।

6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक इरफान पठान के अंदर का इंसान नहीं जागा… जबकि इस्लामी हमास आतंकियों ने 7 अक्टूबर को मचाया था कत्लेआम

पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान इजरायल-हमास युद्ध के बीच सिर्फ गाजा में बच्चों की मौत पर दुनिया के चुप्पी साधने पर कोस रहे हैं, लेकिन कोई इनसे पूछे कि क्या इजरायल में इस्लामी हमास आतंकियों के हमले में मारे गए बच्चे क्या बच्चे नहीं थे? क्या वो असंवेदनशीलता का चरम नहीं था? इस दोगलेपन का जवाब शायद उनके पास न हो।

7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इजरायल पर हमला किया तो तब उनकी जबान हमास के इस वहशीपन के नरसंहार के खिलाफ क्यों नहीं खुली, वो चुप्पी साधे क्यों बैठे रहे? इस हमले के दिन और उसके एक दिन बाद भी उनके अंदर का ये संवेदनशील इंसान नहीं जागा। वो कहीं किसी क्रिकेटर और कहीं टीम तो कही बॉलीवुड के सितारों के साथ मजा करते नजर आए।

7 से 8 अक्टूबर तक इरफान पठान लगातार विश्व कप 2023 के खिलाड़ियों की तारीफ में मशगूल रहे थे। उन्हें तब न तो इजरायल में मारे गए लोग दिख रहे थे, न बच्चे और न वो युवतियाँ जिनकी इस्लामी हमास आतंकियों ने मौत के बाद भी सड़कों पर नंगी परेड निकाली थी। तब उनकी इंसानियत शायद झपकी ले रही थी और उनका रहम दिल टाइप की धड़कनें किसी और के लिए धड़क रही थीं।

इरफान 9 अक्टबूर 2023 को जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ और कीर्ति सेनन की मूवी गणपत का शो देखकर कह रहे थे कि मजा आ गया। 11 अक्टूबर 2023 तक भी उन्हें इजरायल के बच्चे याद नहीं आए, जब उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर खिलखिलाती हुई अपनी तस्वीर पोस्ट की।

इरफान पठान के दोहरे रवैये पर सोशल मीडिया यूजर्स ने आईना दिखाने में देर नहीं की। इरफान पठान के फेसबुक अकाउंट पर गाजा के बच्चों के लिए की गई पोस्ट पर सूर्यभान ने लिखा, “इरफान सर यह जो हो रहा है, बिल्कुल गलत हो रहा है। हम आपकी बातों से सहमत हैं, लेकिन जो गाजा के लोगों ने किया, क्या वह सही था? जब पता है कि हम इतने ताकतवर नहीं हैं, इजरायल के साथ लड़ नही सकते हैं तो क्या जरूरत थी इजरायल के लोगों को मारने की? पहले शुरुआत गाजा के लोगों ने की है तो उसका अंजाम भुगत रहे हैं वह लोग।”

वहीं अजीत मित्रा ने लिखा, “मैं गाजा में अत्याचारों का समर्थन नहीं करता, लेकिन इजराइल में जो जानें गईं, वे भी महत्वपूर्ण हैं। उनके लिए कुछ शब्द कहें।”

इरफान पठान की पूरी टाइमलाइन देखने पर बच्चों की मौत को लेकर सिर्फ एक ट्वीट मिला। 20 अक्टूबर 2023 का। लेकिन जैसे गाजा के बच्चे को चिह्नित करते हुए उन्होंने आज ट्वीट किया, उसमें ऐसा कुछ नहीं।

इरफान पठान के इसी दोगलेपन का एक वाकया साल 2022 में सामने आया था। तब रामनवमी, हनुमान जयंती जैसे कई त्योहारों पर पत्थरबाजी और जहाँगीरपुरी सहित कई इलाकों में हिंसा और बुलडोजर एक्शन के बीच इरफ़ान ने भारत पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया था।

हार के बाद भारतीय दर्शकों पर खुन्नस निकाल रहे पाकिस्तान को इरफान पठान ने लताड़ा, बताया- पेशावर में उनकी आँख पर मारी थी कील

                  पेशावर में पाकिस्तानी फैंस ने इरफान पठान को मारी थी कील (फोटो साभार: इंडिया टुडे)
भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी मैच हो, विवाद में ही रहा है, आखिर तुष्टिकरण और छद्दम सेकुलरिज्म के नाम पर कब तक छलावा होता रहेगा? भारत सरकार द्वारा वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम के भारत आने का विरोध क्यों नहीं किया गया? क्या सिर्फ आतंकवाद के नाम पर ही पाकिस्तान का विरोध किया जाता रहेगा? 

क्रिकेट विश्व कप 2023 के दौरान फैंस के व्यवहार को लेकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से शिकायत की है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने इस पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में खेलते हुए उन पर कील फेंकी गई थी। कील उनकी आँख के नीचे लगी थी।

पठान ने यह खुलासा 19 अक्टूबर 2023 को पुणे में खेले गए भारत-बांग्लादेश मैच मे कॉमेंट्री के दौरान की। उन्होंने कहा, “हम पेशावर में खेल रहे थे, तभी एक फैन ने मुझ पर कील फेंकी, जो मेरी आँख के नीचे लगी। मैं गंभीर रूप से घायल हो सकता था। मैच 10 मिनट के लिए रुका हुआ था, लेकिन हमने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे।”

इरफान पठान जब पेशावर में हुई इस घटना का जिक्र कर रहे थे तब बांग्लादेश की टीम बैटिंग कर रही थी। मैच का 31वां ओवर शार्दूल ठाकुर फेंक रहे थे। इस दौरान पठान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारतीय दर्शकों की शिकायत करने से पहले अपने गिरेबान में भी झाँकना चाहिए।

14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद पाकिस्तान ने आईसीसी से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पवेलियन लौटते वक्त कुछ फैंस ने धार्मिक नारे लगाए। यह खिलाड़ियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले थे।

पठान के इस खुलासे के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कर कहा है, “मुझे पता नहीं था कि फैंस ने पेशावर में इरफान पर कील फेंकी थी, जो उनकी आँख के नीचे लगी थी। याद है कि मैच फैंस की वजह से कुछ देर के लिए रुका था। लेकिन मुझे आज सही कारण का पता चला। बड़ी तस्वीर को ध्यान में रख हुए इस बात को नजरअंदाज कर बहुत अच्छा किया इरफान पठान। लव यू ब्रो।”

इरफान पठान ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कुछ समाचार पत्रों की स्क्रीनशॉट भी साझा की है। इनसे भारतीय खिलाड़ियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बारे में पता चलता है। उन्होंने लिखा है, “मैं अब भी कह रहा हूँ कि ऐसा होता है। कई अच्छे प्रशंसक भी थे जो बालाजी जरा धीरे चलो का शोर मचा रहे थे। लेकिन इस तरह की घटना भी घटी। इस पर हल्ला मचाने की जगह हम आगे बढ़े और जीतने पर ध्यान केंद्रित किया।”

अवलोकन करें:-

सेक्युलर रोग वाले पाकिस्तान प्रेमियो… क्रिकेट छोड़ खिलाड़ियों संग लौट गए थे सचिन, श्रीकांत पर

सेक्युलर रोग वाले पाकिस्तान प्रेमियो… क्रिकेट छोड़ खिलाड़ियों संग लौट गए थे सचिन, श्रीकांत पर बीच मैदान हुआ था हमला

                                      पाकिस्तान में क्रिकेट मतलब सचिन, श्रीकांत जैसे 'काफिर' पर हमला
पुरुषों की भारतीय क्रिकेट टीम ने क्रिकेट विश्वकप प्रतिस्पर्धा में पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम को पराजित कर दिया है। यह एक प्रकार से एकतरफा मैच रहा था। परन्तु यहाँ पर बात हार-जीत की नहीं, उस व्यवहार की की जा रही है, जो हमारे पुरुष भाइयों के साथ पाकिस्तान में हुआ था, जब वह लोग पाकिस्तान में खेलने गए थे। 

भारत के अहमदाबाद में जिस प्रकार से पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का स्वागत किया गया, उसने कई लोगों को नाराज कर दिया। पुरुष आयोग जैसा संगठन भी नाराज हो गया। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब क्यों और कैसे हो गया? क्या चंद पैसों का लालच इस सीमा तक है कि सीमा पर पाकिस्तान के हाथों प्राण गँवाते हुए अपने सैनिक नहीं दिखाई दे रहे? क्या इस सीमा तक क्रिकेट का उन्माद बढ़ गया है?

यह तमाम बातें पुरुष आयोग को और पुरुष आयोग की अध्यक्ष होने के नाते मुझे भी परेशान कर रही थीं। आखिर ऐसी क्या विवशता थी कि एक मैच को इतना विशेष बना दिया गया? जब हम क्रिकेट की बात करते हैं तो इस स्वागत पर इसलिए भी हैरानी हो रही थी क्योंकि इंटरनेट पर कई ऐसी तस्वीरें बिखरी थीं, जो उस अपमान को दिखा रही हैं, जो हमारे भाइयों अर्थात हमारी टीम के खिलाड़ियों पर पाकिस्तान में हुए हमले को दिखाती हैं।

1989 में पाकिस्तान गई भारतीय टीम के कप्तान पर पाकिस्तान के लोगों ने मैदान पर हमला किया था।

                          भारतीय क्रिकेट टीम के तब के कप्तान श्रीकांत पर हमला करता पाकिस्तानी युवक

भारत की टीम जब वर्ष 1997 में पाकिस्तान गई थी, तो उस समय पाकिस्तान के लोगों द्वारा भारत के खिलाड़ियों पर दर्शक दीर्घा से पत्थर फेंके गए थे।

उस समय भारत के कप्तान सचिन तेंदुलकर थे और जब भारतीय खिलाड़ियों पर चार बार पत्थर फेंके गए, तो सचिन ने यह कहते हुए आगे खेलने से इंकार कर दिया था कि वह अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा की कीमत पर खेल नहीं सकते।

इस पर पाकिस्तान की पारी को वहीं रोक दिया गया था। उस समय पाकिस्तान की पारी के 47.2 ओवर हुए थे। भारत के लिए मैच 47 ओवर का कर दिया था और भारत ने वह मैच तीन गेंदे शेष रहते हुए जीत लिया था।

यह व्यवहार हमारे भाइयों के साथ पाकिस्तान में किया जाता है और भारत में जब पाकिस्तान टीम आई तो उसके इस्तकबाल में इतना इंतजाम!

सच कहा जाए तो सभी का दिल दुःख गया। हाँ, यह बात सच है कि एकतरफा मैच की विजय ने इस दुःख को कुछ कम कर दिया, परन्तु अपने भाइयों के उस अपमान पर दिल दुखता तो है ही।

और यह दुःख तब और बढ़ जाता है जब हम देखते हैं कि भारत की सेक्युलर ब्रिगेड के लिए मोहम्मद रिजवान का मैदान में नमाज पढ़ना अपने मजहब के प्रति समर्पण है तो वहीं दर्शकों का जय श्री राम के नारे लगाना साम्प्रदायिकता या कहें असहिष्णुता?

उनके लिए असहिष्णुता की सीमा इतनी एकतरफा क्यों है?

आईसीसी को BCCI देता है पैसा, फिर पाकिस्तान में क्रिकेटरों को मिलती है फीस : शोएब अख्तर, पूर्व तेज गेंदबाज़, पाकिस्तान

पाकिस्तान पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक इंटरव्यू में कहा है कि पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत के पैसे से पलते हैं। अपनी बेबाकी के लिए जाने जाने वाले शोएब अख्तर ने कहा कि इंडिया के पैसे से ही पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेटर्स को फीस मिल पाती है। 

शोएब अख्तर को क्रिकेट से संन्यास लिए लंबा वक्त हो चुका है, लेकिन वो अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। भारतीय खेल पत्रकार बोरिआ मजूमदार को दिए करीब 25 मिनट के इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही। BCCI (क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड ऑफ़ इंडिया) के पैसे से पाकिस्तानी क्रिकेटरों का खर्चा चलता है। इसे इंटरव्यू में 7 मिनट 30 सेकंड पर सुना जा सकता है।

शोएब ने कहा कि बीसीसीआई के जरिए आईसीसी के पास आता और ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट कॉउंसिल) रेवेन्यू शेयरिंग के तहत पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भेजती है। उसी पैसे के दम पर ही पाकिस्तान में घरेलू क्रिकेटर्स को मैच की फीस मिल पाती है।

शोएब ने कहा, “मैं हमेशा अपने मन की बात कहता आया हूँ और आप इसे जानते हैं। मैं पहले दिन से कह रहा हूँ कि पाकिस्तानी टीम को भारत का दौरा करना चाहिए और जहाँ भी कहा जाए वहाँ खेलना चाहिए। हेडलाइन ये नहीं होना चाहिए कि पाकिस्तानी टीम भारत आई, बल्कि ये कि पाकिस्तान भारत आया।”

उन्होंने कहा, “भारत विश्व क्रिकेट के लिए सबसे अधिक पैसा देता है और आईसीसी वास्तव में उस पैसे का उपयोग करता है, जो भारत से आता है। यह वह पैसा है, जो हमें पाकिस्तान में दिया जाता है। इससे हमारे घरेलू क्रिकेट को फंड करने में मदद मिलती है। तो एक तरह से यह भारतीय पैसा है, जो हमारे क्रिकेट की मदद कर रहा है।”

शोएब अख्तर ने भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बोलते हुए कहा, “वर्ल्ड कप 2023 सबसे अलग और रोमांचक होगा, क्योंकि मुझे अब 50 ओवर क्रिकेट का भविष्य नजर नहीं आ रहा है। मैं चाहता हूँ कि भारत इस विश्व कप से खूब पैसे बनाए।”

शोएब अख्तर ने एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर कहा, “इस सीरीज में भी एक बार फिर दबाव टीम इंडिया पर ही होगा, क्योंकि भारतीय मीडिया की वजह से टीम इंडिया पर काफी दबाव बनता है। हर बार ऐसा ही होता है। भारत पाकिस्तान से इसलिए नहीं हारता कि टैलेंटेड खिलाड़ी उसके पास नहीं है, बल्कि मीडिया का बहुत दबाव रहता है।”

उन्होंने कहा, “पिछली बार भी एशिया कप के दौरान भारतीय मीडिया ने टीम इंडिया पर काफी दबाव बना दिया था। पूरे स्टेडियम को नीले रंग में रंग दिया गया था। ये कहा जा रहा था कि टीम इंडिया पाकिस्तान को आसानी से हरा देगी। इस वजह से हमारे ऊपर प्रदर्शन का कोई दबाव नहीं था। इसका नतीजा ये हुआ कि भारत दबाव में बिखर गया और हम खुलकर खेले और मैच जीत गए थे।”

वर्ल्ड कप 2023 से खूब पैसा कमाएगी BCCI 

वहीं, 2023 वर्ल्ड कप पर बात करते हुए शोएब अख्तर ने कहा, “यह वर्ल्ड कप सुपरहिट होने वाला है। बीसीसीआई इस वर्ल्ड कप से भी काफी पैसा कमाएगी। इससे बीसीसीआई की आर्थिक स्थिति और ज्यादा मजबूत हो जाएगी।”
इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन भारत में होगा। यह आयोजन 5 अक्टूबर 2023 से होने वाला है। इस टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान की टक्कर 14 अक्टूबर को होगी। दोनों टीमें सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुँची तो वहाँ भी भारत-पाकिस्तान की टक्कर देखने को मिल सकती है। 

‘एक दिन इसे अपने लोग मारेंगे’: मोदी के लिए जावेद मियांदाद ने फिर उगला ‘जहर’, कहा- भाड़ में जाए भारत

पाकिस्तान के लिए प्रेम दिखाने वालों को पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद (Javed Miandad) द्वारा भारत के लिए कहे अभद्र भाषा पर ऑंखें खोलनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विरोध होना अलग बात है, लेकिन भारत विरोध क्यों? भारत में पल रहे पाकिस्तान प्रेमी मिंयादाद के बयान पर खामोश क्यों?
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने एक बार फिर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपनी घृणा का प्रदर्शन किया है। कहा है कि मोदी को एक दिन उसके कौम के ही लोग मारेंगे। एशिया कप के लिए पाकिस्तान दौरे से बीसीसीआई के इनकार से भड़के मियांदाद ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भारत का दौरा कर चुकी है। ऐसे में अब भारत की पाकिस्तान आने की बारी है। यदि मुझे फैसला लेना होता तो पाकिस्तान क्रिकेट टीम कभी भारत नहीं जाती।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जावेद मियांदाद ने कहा, “पाकिस्तान साल 2012 और यहाँ तक कि साल 2016 में भी भारत गया था। इसलिए अब भारतीयों की बारी है। उन्हें यहाँ आना चाहिए। पहले यही होता था एक साल वो आते थे फिर अगले साल हम जाते थे। लेकिन जिस तरह से उनका बर्ताव है और खासकर यह मोदी इसने तो तबाह कर दिया है। वह तो देश भी तबाह कर देगा। ऐसा वक्त आएगा इनके अपने लोग मोदी को मारेंगे। तुम पड़ोसी को कैसे बदल सकते हो? आप पड़ोस को कभी भी खत्म नहीं कर सकते। ये एकदम अलग दिशा में जा रहे हैं।”

मियांदाद ने कहा, “अगर मुझे फैसला करना होता तो मैं कभी भी कोई मैच खेलने भारत नहीं जाता। यहाँ तक कि विश्व कप खेलने भी मैं भारत नहीं जाता। हम हमेशा उनके साथ खेलने के लिए तैयार रहते हैं। लेकिन भारत हमारे यहाँ आकर खेलने के लिए कभी भी तैयार नहीं रहता। पाकिस्तान क्रिकेट बड़ा है। हम अब भी अच्छे खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं। भारत भाड़ में जाए। मुझे नहीं लगता कि अगर हम भारत नहीं जाते हैं तो इससे हमें कोई फर्क पड़ेगा।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “मैं हमेशा कहता हूँ कि कोई भी अपना पड़ोसी खुद नहीं चुन सकता। इसलिए एक-दूसरे के साथ सहयोग करके रहना ही बेहतर है। क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो लोगों को करीब लाता है और देशों के बीच गलतफहमी और शिकायतों को दूर कर सकता है। यह तो तय ही था कि एशिया कप के लिए भारत अपनी टीम नहीं भेजेगा। इसलिए अब समय आ गया है कि हम भी कड़ा रुख अपनाएँ।”

दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान जाकर क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एशिया क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने गुरुवार (15 जून 2023) को एशिया कप 2023 का शेड्यूल जारी किया है। इसके हिसाब से एशिया कप की मेजबानी के लिए ACC ने हाइब्रिड मॉडल तैयार किया है। इसके तहत 4 मैच पाकिस्तान में खेले जाएँगे। वहीं, शेष 9 मैच श्रीलंका में आयोजित होंगे। चूँकि भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे की जमीन पर खेलने से मना कर चुके हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में होंगे।

भारतीय क्रिकेट टीम ने आखिरी बार साल 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था। हालाँकि इसके बाद मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमले (26/11) के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब होते चले गए। इस कारण भारतीय क्रिकेट टीम ने बीते 15 सालों में पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। वहीं, पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आखिरी बार साल 2016 में एशिया कप के लिए भारत का दौरा किया था। यही नहीं, साल 2008 के बाद से दोनों देश सिर्फ ICC या ACC के टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आए हैं। यानी कि 26/11 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। 

वेश्याओं के साथ सेक्स करते हैं मोहम्मद शमी: विरोध करने पर मेरी पिटाई करते थे : बीवी हसीन जहाँ

क्रिकेट जगत में शायद मोहम्मद शमी ही ऐसे खिलाडी हैं, जिनका पति-पत्नी विवाद काफी समय से चर्चा में चल रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में बीबी द्वारा वैश्याओं के साथ सेक्स करने की बात ने शमी के चरित्र पर ही कीचड़ फेंक सनसनी मचा दी है। 
भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी वेश्याओं के साथ संबंध बनाते हैं। विदेशी दौरों पर होटल रूम में वेश्याओं को लेकर आते हैं। यह बात उनकी बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कही है। उन्होंने शमी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

याचिका में कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें शमी के खिलाफ वारंट पर रोक के सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने इस संबंध में 28 मार्च 2023 को हसीन जहाँ की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की एक स्थानीय अदालत द्वारा शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने की चुनौती दी थी।

क्रिकेटर की बीवी ने अपने वकील दीपक प्रकाश, नचिकेता वाजपेयी और दिव्यांगना मलिक वाजपेयी के जरिए मंगलवार (2 मई 2023) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने (हसीन जहाँ) शमी पर दहेज की माँग करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि शमी बीसीसीआई से जुड़े विदेशी दौरों पर बोर्ड की तरफ से मुहैया कराए गए होटल के कमरों में वेश्याओं को लाते थे। विरोध करने पर हसीन जहाँ की पिटाई करते थे। उन्हें टॉर्चर करते थे।

हसीन जहाँ के अनुसार, शमी ने वेश्याओं के संपर्क में रहने और उनसे अवैध संबंध बनाने के लिए अपने दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उस फोन को कोलकाता की लाल बाजार पुलिस ने जब्त कर लिया है। याचिका में यह भी कहा गया है, “शमी अभी भी वेश्याओं के साथ यौन गतिविधियों में शामिल हैं। पिछले 4 साल से इस मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है। शमी निचली अदालत में पेश नहीं हुए और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया।”

29 अगस्त 2019 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर द्वारा शमी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। क्रिकेटर ने उस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद 9 सिंतबर 2019 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद शमी की बीवी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, जहाँ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

साल 2018 में मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी बीवी हसीन जहाँ खुलकर मीडिया के सामने आई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना, बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। उस समय शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वे देश से गद्दारी के बजाए मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने 23 जनवरी 2023 को अपने निर्णय में मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वो हर महीने हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें।

क्रिकेट : नूपुर शर्मा के बाद अर्शदीप सिंह को बदनाम करता मोहम्मद जुबेर :फैक्टचेक की जगह AltNews के जुबैर ने दी प्रोपेगेंडा को हवा

भारत सरकार को मोहम्मद जुबेर की गंभीरता से जाँच कर जेल में डालना चाहिए। ये वही जुबेर है  जिसके गलत वीडियो ने मुस्लिम कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा के विरुद्ध जानलेवा माहौल बनाकर देश में जिस तरह उपद्रव हुए, सबने देखा और देख भी रही है। जुबेर के समर्थन में आने वाले वालों पर भी सख्ती से पेश आना होगा। 
एशिया कप 2022 में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह से एक कैच छूटने का बवाल बन चुका है। ये बवाल भारतीयों ने नहीं बनाया बल्कि सारा किया धरा पाकिस्तान का है।

4 सितंबर 2022 के मैच में अर्शदीप ने 18 वें ओवर की तीसरी गेंद में आसिफ अली का कैच छोड़ा था, जिसके बाद देखा गया कि अचानक उनको सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा। कुछ अकॉउंट्स से उन्हें देश विरोधी जैसे शब्द तक कहे गए।

ट्विटर पर होते इन नेगेटिव पोस्ट के बाद अचानक से ऑल्ट न्यूज के फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर ने मोर्चे को संभाला और सारे ट्वीट इकट्ठा करके बताया कि देखो कैसे एक कैच मिस हुई तो अर्शदीप को भला-बुरा बोला जा रहा है।

वहीं हरभजन सिंह भी इस बीच अर्शदीप के समर्थन में आ गए और उन्होंने बिना सारे मामले को समझे भारतीयों को फटकारते हुए कहा, “युवा अर्शदीप की आलोचनाएँ बंद करो। कोई जानबूझ कर कैच को नहीं छोड़ता है। हमें अपने लड़कों पर गर्व है। पाकिस्तान ने बढ़िया खेला। शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो अपने लोगों को ऐसा कहकर नीचा गिराते हैं। अर्शदीप सोना है।”

पाकिस्तानी अकॉउंट से हुए अर्शदीप को ‘खालिस्तान’ बताने वाले ट्वीट

अब इन्हीं ट्विट्स को लेकर ट्विटर यूजर ‘द हॉक आई’ ने जुबैर और हरभजन दोनों को आइना दिखाया। अपने ट्वीट में हॉक आई ने बताया कि कैसे ये जो ट्वीट अर्शदीप को देशद्रोही आदि बताते हुए किए गए हैं वो अधिकतर पाकिस्तान और अरब देशों के लोगों ने भारतीय बनकर किए हैं। उन्होंने याद दिलाया शमी के समय भी इसी तरह पोस्ट कर करके भारतीयों को बदनाम करने का प्रयास हुआ था।
देख सकते हैं कि पाकिस्तान के जैद हामिद ने ये सारा खेल शुरू किया था। अपने ट्वीट में उसने दिखाया कि पाकिस्तानियों की मदद सिख ने की। इसके बाद पाकिस्तान का जन्मा यूएस पत्रकार वीएस खान भी ऐसी हरकत करता पाया गया। पाकिस्तान के न्यूज चैनल से भी अर्शदीप को खालिस्तानी कहा गया।
इतने सारे सबूत होने के बावजूद ऑल्ट न्यूज के कथित फैक्ट चेकर्स ने इन पर रिपोर्ट नहीं की बल्कि अगर कोई एंगल खोजा तो केवल भारतीयों को कोसने का और उन्हें नीचा दिखाने का कि कैसे वो अपने क्रिकेटर के खिलाफ जहर उगलते हैं।

पाकिस्तान से बदला गया विकिपीडिया पर अर्शदीप का डाटा, लिखा गया खालिस्तानी

पाकिस्तानियों ने केवल सोशल मीडिया पर ही अर्शदीप को खालिस्तानी दिखाने की कोशिश नहीं की। बल्कि उन्होंने विकिपीडिया पर भी अर्शदीप का डाटा बदला। देख सकते हैं कि जहाँ-जहाँ अर्शदीप के नाम के साथ भारतीय होना चाहिए वहाँ जानबूझकर खालिस्तान लिखा गया
अंशुल सक्सेना के ट्विटर हैंडल पर इस संबंध में स्क्रीनशॉट हैं। इनसे पता चलता है कि पहले अर्शदीप को खालिस्तान स्क्वॉड का बताया गया और फिर हर जगह भारत हटाकर उनके नाम के साथ खालिस्तान जोड़ा गया। ये सारी एडिटिंग जिस आईपी एड्रेस से की गई वो सर्च करने पर देख सकते हैं कि पाकिस्तान का मिला है।
याद दिला दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टी-20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी को इस तरह लोगों की नफरत का शिकार होना पड़ा था। बाद में पता चला था कि शमी के विरुद्ध किए गए ट्वीट ज्यादातर पाकिस्तानियों ने और विदेशी एजेंसियों ने किए थे। उस समय भी माहौल ऐसा बना दिया गया था कि सचिन, हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी शमी के समर्थन में उतर आए थे।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का आखिरी भारत दौरा : 'जासूस’ बनकर खिलाड़ियों के साथ आईं थी बीवियाँ: PCB के पूर्व चीफ का खुलासा

अपनी बीबियों के साथ पाकिस्तानी क्रिकेटर युनूस खान, कामरान अकमल, मिसबाह-उल-हक, अजहल अली (बाएँ से दाएँ)
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम आखिरी बार 2012-2013 में भारत दौरे पर आई थी। कई पाकिस्तानी क्रिकेटर अपने परिवार के साथ उस समय भारत आए थे। अब पता चला है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने खिलाड़ियों के साथ उनकी बी​वी को जासूस बनाकर भेजा था। ये खुलासा PCB के पूर्व अध्यक्ष जका अशरफ किया है। उन्होंने बताया है कि 2012-2013 की द्विपक्षीय सीरीज के दौरान उन्हें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर भारत में कुछ गड़बड़ करने का शक था। इसलिए उन्होंने हर खिलाड़ी के साथ उसकी बीबी के जाने का बंदोबस्त किया था।

पूर्व के भारत दौरे पर कई पाकिस्तानी खिलाड़ी मैच के बाद पार्टियों में मस्ती करते हुए पाए गए थे। इसे ध्यान में रखते अशरफ ने सोचा कि अगर खिलाड़ी के साथ उनकी बीबी होंगी तो वे देर रात तक बाहर नहीं घूमेंगे। यह फैसला पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर नजर रखने के लिए लिया गया था। अशरफ को डर था कि कहीं भारतीय मीडिया के हाथ कुछ लग गया तो इससे PCB और पाकिस्तान की इमेज खराब हो सकती है। इसलिए अशरफ ने तय किया कि खिलाड़ियों की हरकतों पर नजर रखने के लिए उनकी बीवी साथ रहेंगी।

अशरफ ने आरोप लगाया कि जब भी पाकिस्तान की टीम इंडिया के दौरे पर आती थी तो भारतीय मीडिया उनके खिलाड़ियों की छवि खराब करने की कोशिशों में रहता था। इससे पूरा पाकिस्तान बदनाम हो सकता था। ऐसे में किसी भी बदनामी के खतरे से बचने के लिए उन्होंने बीवियों को जासूस बनाकर भेजने का फैसला किया।

2012-2013 में पाकिस्तानी टीम 3 वनडे और दो टी-20 मैच खेलने भारत आई थी। टी-20 सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी, जबकि वनडे सीरीज में पाकिस्तानी टीम ने जीत दर्ज की थी। इस दौरे पर मोहम्मद हाफिज, अजहर अली, युनूस खान, मिसबाह-उल-हक, कामरान अकमल, उमरगुल आदि पाकिस्तानी क्रिकेटर आए थे। उस दौरे के बाद से ना तो पाक खिलाड़ी कभी भारत दौरे पर आए और ना ही टीम इंडिया कभी पाकिस्तान गई। अब इन दोनों चिर प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला केवल आईसीसी प्रतियोगिताओं में ही होता है।

क्रिकेट और सेक्स : राजीव शुक्ला के PA रहे अकरम सैफी पर भी सलेक्शन के बदले ‘सेक्स’ की डिमांड का लगा था आरोप

राजीव शुक्ला के साथ सैफी जिन्हें बाद में क्लीनचिट मिल गई थी 
किसी खिलाडी का टीम में खेलने पर समझा जाता था, उसकी योग्यता, गुणवत्ता आदि लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलनी शुरू हो रही है, वह कुछ और ही बयान कर रही हैं। पहले तो क्रिकेट में सट्टे का बोलबाला था। जो इस बात पर सोंचने का विवश कर रहा है कि देश भ्रष्टाचार के साथ-साथ सेक्स में भी डूबा नजर आ रहा है। क्या आज हमारे नेताओं की मानसिकता इतनी गिर गयी है? क्या वास्तव में नेतागिरी सफेदपोश गुंडागर्दी बन गयी है?

“राजीव और उसके दोस्तों ने मुझे अपने सामने नंगा नचाया। मैंने दरवाजा खोलकर भागने की कोशिश की, लेकिन राजीव ने मेरे हाथ बाँध दिए। इसके बाद उसने अपने दोस्तों से मेरे साथ सेक्स करने को कहा और फिर उसने मेरा रेप किया।”

ये आरोप हैं गैंगस्टर रियाज़ भाटी की बीवी रहनुमा भाटी के। उसने अपनी शिकायत में जिस राजीव का जिक्र किया है, वे कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष राजीव शुक्ला बताए जा रहे हैं।

इस मसले पर शुक्ला की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। वैसे यह पहला मामला नहीं है जब राजीव शुक्ला इस तरह के विवादों में घिरे हैं। कुछ साल पहले वे अपने निजी सहायक (PA) रहे अकरम सैफी के कारण विवादों में आ गए थे। सैफी पर उत्तर प्रदेश अंडर 23 क्रिकेट टीम में सलेक्शन के बदले ‘वेश्या और पैसे’ की डिमांड करने का आरोप लगा था। हालाँकि इस मामले में सैफी को बाद में क्लीनचिट मिल गई थी।

यह मामला 2018 का है। तब राजीव शुक्ला आईपीएल के चेयरमैन हुआ करते थे। उस समय राजीव शुक्ला उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के निदेशक भी थे। हिंदी समाचार चैनल न्यूज़ 1 ने एक ऑडियो जारी किया था। इसमें राहुल शर्मा नाम के किसी क्रिकेटर से कथित तौर पर सैफी एक लड़की को होटल में भेजने की बात कहते सुनाई पड़ रहा है। वह इसके बदले उसे टीम में सलेक्शन को लेकर निश्चिंत रहने का भी भरोसा दिलाता है। वह ऑडियो आप नीचे सुन सकते हैं।

इन आरोपों के बाद सैफी ने खुद को निर्दोष बताते हुए शुक्ला के पीए पद से इस्तीफा दे दिया था। उसने कहा था कि वह राजीव शुक्ला का सहयोगी है इसलिए उन्हें बदनाम करने के लिए उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उस पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का भी आरोप लगा था। तब BCCI के एंटी करप्शन यूनिट के प्रमुख अजीत सिंह ने मामले की निष्पक्ष जाँच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार अकरम सैफ़ी पर दिल्ली में क्रिकेट खिलाडियों के लिए हॉस्टल चलाने का भी आरोप था। इस हॉस्टल में सुविधाओं के नाम पर खिलाड़ियों से मोटी रकम वसूली जाती थी। इन सुविधाओं में ट्रेनिंग भी शामिल थी। बताया जाता था कि चयनकर्ता भी अकरम सैफ़ी की बात को टालने का साहस नहीं कर पाते थे। किसी का टीम में अंदर या बाहर होना अकरम सैफ़ी पर निर्भर करता था। इस हॉस्टल का संचालन अकरम एक पूर्व आईपीएल खिलाडी के साथ मिल कर करता था।

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क्रिकेट में भी सेक्स : गैंगस्टर की बीवी का आरोप : कांग्रेस नेता ने नंगा नचाया, पांड्या ने किया अप्

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क्रिकेट में भी सेक्स : गैंगस्टर की बीवी का आरोप : कांग्रेस नेता ने नंगा नचाया, पांड्या ने किया अप्

इस पूरे घटनाक्रम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक कमेटी के चेयरमैन विनोद राय ने तब बताया था कि सैफी BCCI में किसी भी पद पर नहीं था। वह शुक्ला का पर्सनल असिस्टेंट था। इस मामले के बाद उसे हटा दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के लोकपाल और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने बाद में सैफी को इस मामले में क्लीनचिट दे दी थी। जाँच में उस पर लगाए गए आरोप निराधार पाए गए थे। पाया गया था कि चैनल ने कई ऑडियो रिकॉर्डिग को मिलाकर अपने अनुसार प्रसारित किया था। यह भी पाया गया था कि जिस जगह अकरम ने ऑडियो क्लिप में लड़की को भेजने की बात कही गई थी, वहाँ कोई लड़की पहुँची ही नहीं थी। राहुल शर्मा ने भी 26 जुलाई 2018 को एक हलफनामा दाखिल कर अपने सभी आरोप भी वापस ले लिए थे।

क्रिकेट में भी सेक्स : गैंगस्टर की बीवी का आरोप : कांग्रेस नेता ने नंगा नचाया, पांड्या ने किया अप्राकृतिक सेक्स: बोली- शौहर करता था सोने को मजबूर

                                                    मुनफ पटेल, राजीव शुक्ला और हार्दिक पांड्या
अभी तक बॉलीवुड, टॉलीवुड और सियासत में सेक्स सम्बंधित समाचार प्रकाश में आते रहते हैं, लेकिन क्रिकेट में सेक्स का समाचार हैरान करने वाला है। वैसे हैरान भी नहीं होना चाहिए, क्योकि पीछे अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाडियों को कण्डोम वितरित करने का समाचार भी आ चुका है। (नीचे दिए लिंक का अवलोकन करें)उस समय भी शायद ही कोई मीडिया होगा, जिसने प्रश्न किया हो कि खिलाडियों को कण्डोम किस लिए? शायद इसी कारण क्रिकेट में सेक्स समाचार को भी मीडिया ने जगह नहीं दी। 

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी गैंगस्टर रियाज भाटी की बीवी रहनुमा भाटी ने आरोप लगाया है कि उनके शौहर ने उन्हें जबरन अपने बिजनेस पार्टनर्स और हाई प्रोफाइल लोगों के साथ सोने को मजबूर किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस लिस्ट में क्रिकेटर हार्दिक पांड्या, मुनफ पटेल समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस नेता व पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष राजीव शुक्ला और किसी पृथ्वीराज कोठारी पर भी गैंगस्टर की बीवी ने रेप के आरोप लगाए हैं।

रहनुमा भाटी का कहना है कि उनके शौहर रियाज भाटी ने उन्हें जबरन हाई प्रोफाइल लोगों के साथ सेक्स करने को कहा। रहनुमा ने इस मामले में अभी कोई तारीख, जगह से जुड़ी जानकारियाँ नहीं दी है। लेकिन शिकायत में पांड्या, पटेल और शुक्ला का नाम दिया गया है।

                                                            संबंधित शिकायत

पीड़िता कोशिश कर रही है कि वो पुलिस में इस मामले की एफआईआर करवा दे। उन्होंने कथिततौर पर कहा,

“मैं पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही हूँ, लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे। मेरा आवेदन सितंबर में जमा हुआ था। अब नवंबर आ गया है। मैंने विभिन्न स्तरों पर पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन मुझसे पैसे माँगे गए, पर मैं भ्रष्टाचार क्यों बढ़ाऊँ? मैं अपनी जगह पर सही हूँ। ये वो हैं जो अपराधी हैं।”

रहनुमा ने अपने शौहर पर भी मैरिटल रेप के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनसे जबरन सेक्स 2012 में पहली बार करवाया गया था। इसके बाद उनकी कुछ तस्वीर और वीडियोज को लेकर उन्हें धमकाया जाता रहा और बीच में उनके बच्चों को नुकसान पहुँचाने की धमकी भी दी गई। उन्होंने बताया कि मुनफ पटेल के साथ उन्हें होटल में रहने सेक्स करने को कहा गया था। वहीं हार्दिक पांड्या उनके पास तब आए थे जब वो पूरी तरह नशे में धुत थे। उनके साथ दो दोस्त भी थे। सबने उनके साथ अप्राकृतिक संबंध (ओरल सेक्स, एनल सेक्स) बनाए थे।

                                                                 संबंधित शिकायत

रहनुमा ने शुक्ला को लेकर कहा कि जब उन्हें राजीव के साथ सोने को कहा गया तो उन्हें बाद में पता चला कि वो क्रिकेट से जुड़े हैं। उन्होंने ऐसा करने से मना किया तो राजीव और उनके दोस्तों के सामने उनको मारा गया। वह कहती हैं, “राजीव और उसके दोस्तों ने मुझे अपने सामने नंगा नचाया। मैंने दरवाजा खोलकर भागने की कोशिश की लेकिन राजीव ने मेरे हाथ बाँध दिए। इसके बाद उसने अपने दोस्तों से मेरे साथ सेक्स करने को कहा और फिर उसने मेरा रेप किया।”

पीड़िता कहती हैं कि समाज में होने वाली बदनामी के डर से इतने समय तक चुप थीं और इन लोगों के विरुद्ध आवाज नहीं उठा पा रही थीं। लेकिन बता दें अब डीएसपी मंजूनाथ शिंघे ने इस केस पर संज्ञान लिया है। अभी आगे कोई जानकारी नहीं आई है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस खबर के बाद सवाल उठने शुरू हो गए हैं। शिकायत में राजीव शुक्ला का नाम होने के कारण कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से पूछा जा रहा है कि आखिर शुक्ला के विरुद्ध कब कार्रवाई होगी।

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