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मोदी के पहुँचते बदल गया ड्रेसिंग रूम का माहौल, वर्ल्ड कप की हार के बाद बोले खिलाड़ी – आपने हौसला बढ़ाया

 

                     ड्रेसिंग रूम में रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के लीग चरण में लगातार 9 मैच जीती और सेमीफइनल में भी जीत दर्ज किया। हालाँकि, लगातार 10 मैच जीतने के बाद फाइनल में ही टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस तरह भारतीय टीम ODI वर्ल्ड कप के ख़िताब से लगातार तीसरी बार दूर रह गई। कप्तान रोहित शर्मा की भावुक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें उनकी आँखों में आँसू देखे जा सकते हैं। इसी तरह ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ विराट कोहली भी टोपी से अपना चेहरा ढँक कर ड्रेसिंग रूम में लौटते दिखे।

मोहम्मद सिराज को तो रविवार (19 नवंबर, 2023) को हुए इस मैच के बाद रोते हुए भी देखा गया। उनके साथी तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ने उन्हें ढाँढस बँधाया। अब मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने बताया है कि 6 विकेट से मिली इस हार के बाद ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों की स्थिति क्या थी। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा हताश थे, उसी तरह टीम के अन्य खिलाड़ी भी हताश थे। उन्होंने बताया कि ड्रेसिंग रूम में उस समय काफी भावुक माहौल था।

राहुल द्रविड़ ने कहा कि एक कोच के रूप में उनके लिए ये सब देखना बहुत कठिन था, क्योंकि उन्हें पता है कि इन खिलाड़ियों ने कितनी अधिक मेहनत की थी, उन्होंने अपना क्या-क्या लगाया था और क्या-क्या त्याग किए थे। राहुल द्रविड़ खुद 2003 की उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप के फाइनल में हराया था। उन्होंने कहा कि एक कोच के रूप में उन्हें पता है कि इन खिलाड़ियों ने ये देखना कठिन है क्योंकि मैं इन सबको व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ, मैंने देखा है कि उन्होंने कितने प्रयास किए हैं, पिछले एक महीने में कितना क्रिकेट खेला है, अंतिम महीने में उन्होंने कितनी मेहनत की है।

राहुल द्रविड़ ने कहा कि ये खेल है और उस दिन जो बेहतर टीम थी उसने जीत दर्ज की। उन्होंने कहा, “मुझे पता है अगली सुबह फिर सूर्योदय होगी। बाकियों की तरह हम भी इससे सीखेंगे, इस पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे। एक खिलाड़ी के रूप में आप यही करते हैं। आप बहुत अच्छे क्षण देखते हैं, आप नीचे गिरते हैं। आप आगे बढ़ते रहते हैं, रुकते नहीं। अगर आप उठते-गिरते नहीं हैं तो आप सीख नहीं सकते।” राहुल द्रविड़ ने हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

उधर भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने ड्रेसिंग रूम में पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर शेयर की। इसमें शुभमन गिल और मोहम्मद शमी भी पीएम मोदी की बातों को सुनते हुए नज़र आ रहे हैं। जडेजा ने लिखा, “ये टूर्नामेंट हमारे लिए बहुत अच्छा रहा, लेकिन कल हम थोड़ा पीछे रह गए। दिल टूट गया है, लेकिन हमारे लोगों का समर्थन हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहता है। ड्रेसिंग रूम में पीएम मोदी का आना ख़ास और प्रेरक था।”

उधर मोहम्मद शमी को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गले लगाया। शमी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “दुर्भाग्य से कल हमारा दिन नहीं था। मैं टीम के समर्थन के लिए सभी भारतीयों को धन्यवाद कहना चाहूँगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञ हूँ, जिन्होंने खास तौर पर ड्रेसिंग रूम में आकर हमारा हौसला बढ़ाया। हम वापसी करेंगे।”

शरीयत पीड़ित मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहां मुस्लिम औरतों का ‘दर्द’ लेकर पहुँची सुप्रीम कोर्ट, कहा- सनक में छोड़ देते हैं मर्द

मुस्लिम उलेमा एवं विद्वान भले ही महिलाओं के अधिकारों की बात कर गुमराह करते रहे, लेकिन वास्तविकता तो मुस्लिम महिला ही बता सकती है। शरीयत में कितनी कमियां हैं, गैर-मुस्लिमों से अधिक चर्चा इसी समाज में ही होती रहती है। परन्तु छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता, पार्टियां और मीडिया उसे परदे के पीछे छिपाकर रखती रहती है। 

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को शरीयत से पीड़ित बताया है। एक समान तलाक कानून की माँग की है। कहा है कि इस्लामी कानून की वजह से मर्द सनक और मर्जी से बीवियों को छोड़ देते हैं। इसलिए तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक देने की मुस्लिमों में परिपाटी को खत्म करने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हसीन जहाँ ने वकील दीपक प्रकाश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि हसीन जहाँ शरीयत कानून के तहत मिलने वाले तलाक की एकतरफा प्रक्रिया तलाक-उल-हसन की पीड़ित हैं। शमी ने उन्हें 23 जुलाई 2022 को पहली बार तलाक का नोटिस भेजा था। यह नोटिस तलाक-उल-हसन के तहत ही भेजा गया था।

याचिका में यह भी कहा गया है कि शरीयत कानून में तलाक-उल-हसन और तलाक-ए-बिद्दत के अलावा तलाक देने की कई प्रक्रिया हैं। इन प्रक्रियाओं के तहत मर्द अपनी मर्जी या सनक के चलते बीवियों को छोड़ देते हैं। शरीयत के इन नियमों को चलते मर्द तलाक से पहले महिलाओं को सुलह करने का मौका नहीं देते। बिना किसी बातचीत के ही उन पर फैसला लाद दिया जाता है।

हसीन जहाँ ने कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत एक्ट-1937 की धारा 2 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। इसलिए इस धारा को असंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही तलाक को लेकर धर्म या लिंग का भेदभाव किए बिना देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र को नोटिस भेजा है। साथ ही कहा है कि वह ‘तलाक-ए-हसन’ को चुनौती देने वाली पहले से लंबित याचिकाओं पर सुनवाई के साथ ही इस याचिका पर सुनवाई करेगा।

मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच तलाक नहीं हुआ है। लेकिन 4 साल से अधिक समय से दोनों अलग रह रहे हैं। कोर्ट के आदेश के तहत शमी हसीन जहां को हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपए का गुजारा भत्ता देते हैं। इसमें से 80000 रुपए उनकी बेटी की पढ़ाई-लिखाई व अन्य खर्चों के लिए दिया जा रहा है।

वेश्याओं के साथ सेक्स करते हैं मोहम्मद शमी: विरोध करने पर मेरी पिटाई करते थे : बीवी हसीन जहाँ

क्रिकेट जगत में शायद मोहम्मद शमी ही ऐसे खिलाडी हैं, जिनका पति-पत्नी विवाद काफी समय से चर्चा में चल रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में बीबी द्वारा वैश्याओं के साथ सेक्स करने की बात ने शमी के चरित्र पर ही कीचड़ फेंक सनसनी मचा दी है। 
भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी वेश्याओं के साथ संबंध बनाते हैं। विदेशी दौरों पर होटल रूम में वेश्याओं को लेकर आते हैं। यह बात उनकी बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कही है। उन्होंने शमी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

याचिका में कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें शमी के खिलाफ वारंट पर रोक के सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने इस संबंध में 28 मार्च 2023 को हसीन जहाँ की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की एक स्थानीय अदालत द्वारा शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने की चुनौती दी थी।

क्रिकेटर की बीवी ने अपने वकील दीपक प्रकाश, नचिकेता वाजपेयी और दिव्यांगना मलिक वाजपेयी के जरिए मंगलवार (2 मई 2023) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने (हसीन जहाँ) शमी पर दहेज की माँग करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि शमी बीसीसीआई से जुड़े विदेशी दौरों पर बोर्ड की तरफ से मुहैया कराए गए होटल के कमरों में वेश्याओं को लाते थे। विरोध करने पर हसीन जहाँ की पिटाई करते थे। उन्हें टॉर्चर करते थे।

हसीन जहाँ के अनुसार, शमी ने वेश्याओं के संपर्क में रहने और उनसे अवैध संबंध बनाने के लिए अपने दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उस फोन को कोलकाता की लाल बाजार पुलिस ने जब्त कर लिया है। याचिका में यह भी कहा गया है, “शमी अभी भी वेश्याओं के साथ यौन गतिविधियों में शामिल हैं। पिछले 4 साल से इस मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है। शमी निचली अदालत में पेश नहीं हुए और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया।”

29 अगस्त 2019 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर द्वारा शमी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। क्रिकेटर ने उस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद 9 सिंतबर 2019 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद शमी की बीवी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, जहाँ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

साल 2018 में मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी बीवी हसीन जहाँ खुलकर मीडिया के सामने आई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना, बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। उस समय शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वे देश से गद्दारी के बजाए मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने 23 जनवरी 2023 को अपने निर्णय में मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वो हर महीने हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें।