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तमिलनाडु : हिंदू महिला से परमिशन के बिना घुसा दिया कॉपर-टी… ताकि जनसंख्या न बढ़े

जबरन कॉपर टी लगाना हिन्दुओं की आबादी घटाने की साजिश बताने वाला हिंदूवादी नेता तमिलनाडु में गिरफ्तार (चित्र साभार- X/@EvaRomonov)
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में पुलिस ने रविवार (5 जनवरी 2025) को हिन्दू मुन्नानी संगठन के प्रदेश सचिव के कुट्रालनाथन को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने का आरोप लगाया गया है। के कुट्रालनाथन ने तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने एक हिन्दू महिला की मर्जी के खिलाफ कॉपर टी लगा दी। कुट्रालनाथन ने इसे हिन्दुओं की आबादी कम करने की साजिश करार दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मूल रूप से मदुरै की रहने वाली 31 वर्षीया एक महिला नवंबर 2024 में तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल (टीवीएमसीएच) में भर्ती हुई थी। 25 नवंबर को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बाद में महिला के पिता एस मारुथुपंडियन ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की मर्जी के बिना कॉपर टी लगा दिया गया। महिला के पिता का यह भी दावा था कि कॉपर टी लगाने के दौरान उनकी बेटी को ब्लीडिंग हुई जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ा।

महिला के पिता ने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर हिन्दू महिलाओं से भेदभाव के आरोप लगाया था। उनका दावा था कि अस्पताल में किसी गैर हिन्दू महिला को कॉपर टी नहीं लगाई गई। इस बाबत उन्होंने एक शिकायती पत्र भी दिया। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को इतना खून निकला कि उसी के साथ कॉपर टी भी बाहर निकल आई। महिला के पिता की इसी शिकायत को हिन्दू मुन्नानी के प्रदेश सचिव कुट्रालनाथन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

के कुट्रालनाथन ने तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों की इस हरकत को हिन्दुओं की आबादी कम करने की साजिश करार दे डाला। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ जाँच और पीड़िता को मुआवजा देने की माँग उठाई। माँगों के पूरा न होने पर के कुट्रालनाथन ने TVMCH के आगे प्रदर्शन का भी ऐलान किया था। हिन्दू मुन्नानी के पदाधिकारी के इन आरोपों को अस्पताल प्रशासन ने बेबुनियाद बताया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी।

अस्पताल प्रशासन की इस शिकायत पर पुलिस ने के कुट्रालनाथन के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) में भ्रामक सूचना देने और अशाँति फैलाने की धाराओं 192, 196(1) और 352 के तहत कार्रवाई की गई है। रविवार को के कुट्रालनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद हिंदू मुन्नानी और भाजपा के सदस्यों ने टीवीएमसीएच पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। बाद में के कुट्रालनाथन को जमानत मिल गई।

इस बीच पीड़िता महिला ने भी टीवीएमसीएच के डीन और डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उन्हें बिना उनकी मर्जी के कॉपर टी लगाई गई है। इसी दौरान अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने पीड़िता से एक खाली फॉर्म पर दस्तखत भी करवा लिए थे। पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान ले कर जाँच शुरू कर दी है।

दिल्ली : ‘एक रात हमारे साथ सो जाओ तो ड्यूटी बढ़ा देंगे’: महिला कर्मचारियों ने खोली केजरीवाल के अस्पताल की सच्चाई, AAP विधायक का भी लिया नाम

बुराड़ी का अस्पताल और प्रदर्शन करती महिलाएं (चित्र साभार: HT & ScreenGrab form Viral Video)
दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की मुसीबतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। रहस्यमयी कोली कांड से लेकर राशन कार्ड कांड, फर्जी डिग्री, घरेलू अत्याचार, भ्रष्टाचार, शराब घोटाला से पीछा छूटा नहीं, दिल्ली हॉस्पिटल्स में नकली दवाइयों और अब हॉस्पिटल में नौकरी के लिए यौन शोषण आदि यानि दूसरे शब्दों के कहा जाए कि केजरीवाल वास्तव में परिवर्तन ला रहे हैं। अपराध का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहाँ केजरीवाल पार्टी लिप्त नहीं पायी जा रही हो। 
फर्जी सर्वे कराया है “आप” ने कि क्या जेल से सरकार चलानी चाहिए केजरीवाल को। ED को भी अभी स्वयं नहीं पता कि पूछताछ के बाद केजरीवाल की गिरफ़्तारी का आधार बनेगा या नहीं। लेकिन “आपियों” का propaganda चालू है : “मोदी डरा हुआ है केजरीवाल से, उसके कामों से और उसकी लोकप्रियता से, इसलिए मोदी “आप” को ख़त्म करना चाहता है”।
24 नवंबर, 2012  का केजरीवाल का एक ट्वीट बाजार में चल रहा है जिसमें उसने लिखा था 
“As a patriot Indian, my head hangs in shame when our corrupt leaders do not appear before ED and CBI even after multiple summons by the investigating agencies, when they should have resigned from their posts immediately as soon as the allegations were made”
अब जमाना बदल गया, 2012 में भ्रष्टाचार को मिटा कर साफ़ राजनीति लाने की कसमें खाते थे केजरीवाल लेकिन आज भ्रष्टाचार की दलदल में डुबकी लगाए हुए नई तरह की राजनीति शुरू कर दी है “जनाब” ने। कोई क्षेत्र ऐसा बचा होगा  जिसमें घोटाला न किया हो केजरीवाल और उसके लोगों ने लेकिन फिर भी स्वघोषित “ईमानदार” हैं

दिल्ली के बुराड़ी के एक सरकारी अस्पताल में महिला कर्मचारियों ने काम देने के एवज में शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनके शीर्ष अधिकारी उन पर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते हैं और ऐसा ना करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संज्ञान लिया है।

बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल के बाहर महिलाएँ लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अस्पताल में ड्यूटी नहीं दी जा रही है। उन्हें पूरी ड्यूटी दिए जाने के एवज में उनके अधिकारी उनसे शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए कहते हैं और रिश्वत भी माँगते हैं।

महिलाओं ने कहा कि अस्पातल में AAP के स्थानीय विधायक संजीव झा के लोग भी हैं और उनके सहयोग से ये कुकर्म किया जाता है। महिलाओं के कहा कि संजीव झा के लोग पैसे लेकर-लेकर लोगों को नौकरी देते हैं। साथ ही आरोपितों को भी बचाते हैं। महिलाओं ने AAP विधायक और उसके लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

जानकारी के अनुसार, बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल में मेडिकल के अतिरिक्त तमाम स्टाफ को आउटसोर्सिंग से रखा जाता है। इसके तहत एक कम्पनी ग्लोबल वेंचर यह काम करती है। इसका काम इन कर्मचारियों की भर्ती और उनके काम की देखरेख होता है। यह भी सामने आया है कि यहाँ कर्मचारियों को रखने के लिए रिश्वत ली गई।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुपरवाईजर और मैनेजर पद पर काम करने वाले नीरज शर्मा, राजकुमार और आदर्श नाम के शख्स पर ये आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मचारी का कहना है कि उसे इन अधिकारियों की करतूतों के बारे में सब पता है। महिलाओं के प्रदर्शन के इस वीडियो में उनके आरोप सुने जा सकते हैं।

महिला ने बताया है कि इस अस्पताल के बेसमेंट में ये अधिकारी महिला कर्मचारियों को बुलाते थे और उनका शारीरिक शोषण करते थे। उसका कहना था कि शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार ना होने वाली महिलाओं को अस्पताल में मात्र 15 दिन काम दिया जाता था।

अधिकारी महिलाओं से कहते थे कि उनके साथ एक रात सोने पर वह काम के दिन बढ़ाकर 20-25 कर देंगे। महिला का कहना है कि यदि अस्पताल के बेसमेंट के सीसीटीवी की जाँच करवाई जाए तो सारी सच्चाई बाहर आ जाएगी। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने इस मामले में स्थानीय AAP विधायक संजीव झा का संबध बताया है।

महिला का कहना है कि नीरज और राजकुमार यहाँ काम करने वाली महिलाओं से एक-एक करके अकेले में मिलने को कहते थे। उन्हें इस विषय में आवाज उठाने से भी रोका जाता था। जिन महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें धमकाया भी गया है। इसके अलावा एक महिला से मारपीट की घटना भी सामने आई है। उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में महिला ने दिल्ली पुलिस के पास मामला भी दर्ज करवाया है।

इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में उत्तरी दिल्ली के डीसीपी से रिपोर्ट माँगी है।

दिल्ली पुलिस को की गई शिकायत में महिला ने 17 और 19 दिसम्बर 2023 को मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 323, 354, 506, 509 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

लिंग को बताता ‘मैजिक फ्लूट’ खुद को ‘लिंगों का पादरी’, महिलाओं का ‘सेक्स’ से करता इलाज: अधनंगा पकड़ा गया तो कहा- शोध कर रहा था

बीमार महिलाओं को इलाज के लिए डॉक्टर देता था ‘सेक्स’ का ऑफर (साभार: Dailymail)
इटली में सेक्स के जरिए बीमारी ठीक करने का दावा करने वाले डॉक्टर को एक होटल से अर्द्धनग्न अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के वक्त आरोपित डॉक्टर एक ‘बीमार मरीज’ से सेक्स करने के लिए कपड़े खोल रहा था। इटली के इस डॉक्टर का दावा है कि वह सेक्स के माध्यम से बीमारियों को ठीक करने की पद्धति पर रिसर्च कर रहा है।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. मैजिक फ्लूट के नाम से पहचाने जाने वाले इस डॉक्टर का असली नाम डॉ. जियोवानी मिनिएलो है और इसकी उम्र 60 साल है। होटल से पकड़े जाने के बाद डॉ. मैजिक फ्लूट ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले जो दावे इस डॉक्टर ने किए हैं, उसे सुनकर बड़े-बड़े डॉक्टर अपना माथा पीट रहे हैं। डॉक्टर ने दावा किया है कि वह होटल के कमरे में महिला के साथ सेक्स कर उसकी गुप्त बीमारी का इलाज कर रहा था। वह अपने लिंग (Penis) को ‘मैजिक फ्लूट’ और ‘पाड्रे पियो ऑफ पेनिसेस’ कहता था। बता दें कि पाड्रे पियो 20वीं सदी का एक पादरी था, जो चमत्कार से ‘इलाज’ के लिए जाना जाता था।

डॉक्टर की हरकत उस वक्त सामने आई, जब एक 33 वर्षीय महिला मरीज अन्ना मारिया ने इतालवी अखबार ‘ला रिपब्लिका’ और इन्वेस्टिगेटिव टीवी शो ‘ले लेने’ से संपर्क किया। महिला ने आरोप लगाया कि गर्भधारण नहीं होने को लेकर उसने डॉक्टर को बताया। इसके बाद डॉक्टर ने मारिया को बुलाया और उसके स्तनों (breast) को अनुचित तरीके से छूते हुए कहा कि उसे छोटे स्तनों वाली महिलाएँ पसंद हैं। महिला के अनुसार, डॉक्टर ने बताया कि उसके गर्भाशय पर ‘सफेद धब्बे’ हैं, जो एचपीवी की उपस्थिति के संकेत हैं। इसके बाद उसने उसके साथ सेक्स करने की पेशकश की। डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि उसके साथ यौन संबंध बनाने के बाद उसके शरीर में वायरस ले लड़ने वाले एंटी बॉडी पहुँच जाएँगे, जिससे उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी।

इसकी पड़ताल के लिए चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन करने का फैसला किया और एक एक्ट्रेस को हायर कर उसे मरीज के रूप में डॉक्टर के पास भेजा। उसने चैनल द्वारा भेजी गई एक्ट्रेस से कहा कि उसे ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) है और इससे कैंसर हो सकता है। जबकि अभिनेत्री का टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव था। डॉक्टर ने कहा कि वह उसके साथ यौन संबंध बनाकर उसे वायरस के लिए इम्यूनिटी दे सकता है, क्योंकि उसे टीका लग गया है। लेकिन उसके शरीर में वैक्सीन तभी जा पाएगी, जब वो उसके साथ संबंध बनाएगी। 

डॉक्टर इस बात से बेखबर था कि जिस ‘मरीज’ से वो बात कर रहा है, असल में वह न्यूज चैनल की ओर से भेजी गई एक्ट्रेस है। मरीज बनने का नाटक करने वाली अभिनेत्री डॉक्टर के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो गई। वह उसे होटल में ले गया और इस बात से अनजान की उसकी सारी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड हो रही हैं, उसने अपने कपड़े उतार दिए। वहीं, अंडरकवर अभिनेत्री ने जब डॉक्टर को कंडोम लगाने के लिए कहा तो डॉक्टर ने कहा कि अगर वो कंडोम पहनकर सेक्स करेगा तो उसके शरीर में वायरस से लड़ने वाले एंटी बॉडी नहीं जाएगा।

इससे पहले कि डॉक्टर अभिनेत्री के साथ कुछ कर पाता, चैनल के पत्रकार वहाँ पहुँच गए। कमरे में रिपोर्टर को देखकर डॉक्टर के पैरों तले जमीन खिसक गई और वो कहने लगा कि वो रिसर्च के लिए सेक्स कर रहा है और वो महिलाओं की जान बचाने की कोशिश कर रहा है। डॉक्टर ने कहा- “मैं यह अपनी स्टडी के लिए कर रहा हूँ। मैंने कई लोगों को बचाया है।” लेकिन अगले ही पल जब उसे पता चला कि वो स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हो गया है, तो चौंक उठा।

पकड़े जाने के बाद अपने वकील के माध्यम से डॉक्टर ने कहा, ”मैंने पिछले 40 सालों से ज्यादा के करियर में सैकड़ों महिलाओं का सफलतापूर्वक इलाज किया है और इस वैकल्पिक उपचार के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।” डॉक्टर ने कहा कि उसने कभी भी महिलाओं को अपने साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर नहीं किया। स्टिंग ऑपरेशन के बाद 15 और महिलाएँ सामने आईं हैं, जिन्होंने डॉक्टर पर बीमारी के इलाज के नाम पर सेक्स करने का आरोप लगाया है। खुलासा होने के बाद कई महिलाएँ ने उसकी शिकायत दर्ज करवाई है और अब सरकार ने आरोपित डॉक्टर के खिलाफ जाँच के आदेश दे दिए हैं।