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इजरायल में हमास के इस्लामी आतंकियों की हैवानियत का नज़ारा, बच्चियों की लाशें, लाशों पर स्पर्म, कटे हुए स्तन… बलात्कार करते-करते मार देते थे गोली

            7 अक्टूबर के हमास हमले की यौन हिंसा की जाँच में हुए खौफनाक खुलासे फोटो साभार: X हैंडल                                @IDF/@CochavElkayam
हमास ने इजरायल पर आतंकी हमले के बाद न सिर्फ आम इजरायलियों को मौत के घाट उतारा बल्कि जीवित और मृत बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी दरिंदगी भी किया। इसी के मद्देनजर अब इज़रायल पर 7 अक्टूबर, 2023 हमास के हमलों के बाद बलात्कार के मामलों का दस्तावेज तैयार कर रही है। जिसके लिए फोरेंसिक सबूतों, वीडियो और गवाहों के बयान और संदिग्धों से पूछताछ किया जा रहा है।

इसे लेकर जो खुलासे प्रत्यक्षदर्शियों ने अब तक किए हैं वो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। हमास के आंतकियों ने पकड़ी गई महिलाओं और लड़कियों का खौफनाक तरीके से रेप और यौन उत्पीड़न ही नहीं किया बल्कि उनके साथ शारीरिक तौर पर भी भयानक हिंसा की। किसी की छाती काट डाली तो किसी को रेप करने के दौरान ही गोली मार कर जान ले ली।

इजरायली बच्चियों की लाशों पर पड़े ताजा स्पर्म ये चीख-चीख कर कह रहा था कि उनके साथ हमास के आतंकियों ने किस कदर हैवानियत की है। खून से सने उनके जिस्मों पर अनगिनत घाव बगैर कहे गवाही दे रहे थे कि हैवानियत का नंगा नाच कैसा होता है।

हमास आंतकियों के भयावह, अमानवीय अपराध

इजरायल की खास 669 स्पेशल टैक्टिस रेस्क्यू यूनिट के एक पैरामेडिक ने सीएनएन को बताया कि उसने पहले भी सभी तरह की जान माल के नुकसान वाली वारदातों की जाँच की है, लेकिन 7 अक्टूबर की हिंसा कल्पना से भी परे की थी।
इस फाइटर पैरामेडिक ने अपना नाम छापने की शर्त पर बताया कि किबुत्ज़ बेरी में हमास के नरसंहार के बाद जब वो किसी जिंदा बचे शख्स की तलाश में घर-घर जा रहे थे। उस दौरान उन्हें एक बेडरूम में दो दो युवा किशोर लड़कियों की लाश मिली।
पैरामेडिक के मुताबिक, “एक की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी और दूसरी की एक फर्श पर।” उन्होंने आगे बताया फर्श पर पड़ी लड़की अपने पेट के बल थी। उन्हें इसमें कोई शक नहीं था कि किशोरी के साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि वह पहले मर गई थी या नहीं।
उन्होंने आगे बताया, “उसकी पैंट घुटने तक खुली हुई है और उसकी गर्दन के पीछे सिर के पास गोली के जख्म थे। उसके सिर के चारों ओर खून का ढेर लगा था है और उसकी पीठ के निचले हिस्से पर स्पर्म पड़ा था।”
उन्होंने आगे बताया कि बिस्तर पर पड़ी लड़की के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी छाती में गोली लगी थी। उनका कहना था कि इन दो लड़कियों को उनके पहुँचने से कुछ वक्त पहले ही मारा गया हो या पहले मार डाला गया हो शायद उनके ही बेडरूम में उनके साथ बलात्कार किया गया था, अभी जाँच के बाद ही पता लगेगा।”
अन्य लोगों ने भी नोवा संगीत समारोह में इसी तरह की खौफनाक और हैवानियत से भरे वाकयों के बारे में बताया था। यहाँ सैकड़ों युवाओं को आतंकवादियों ने मार डाले थे। समारोह के एक आयोजक रामी शमूएल ने कहा कि जब वह भाग रहे थे तो उसने महिला पीड़ितों को बगैर कपड़ों के देखा और जो कुछ हुआ उसके बारे में उसे कोई संदेह नहीं है। उन्होंने बताया, “उन्हें नंगा कर उनके (महिलाओं) दोनों पैर फैलाए गए थे और उनमें से कुछ को मार डाला गया था।”
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि इन महिलाओं से वहशीपन की हद पार करते हुए यौन हिंसा की गई थी। उनका कहना था कि हमास के आतंकियों ने खासकर औरतों, युवा युवतियों के ही कपड़े उतार फेंके थे। इससे साफ है कि उनका मकसद पहले से ही इनके साथ बलात्कार करना था, क्योंकि उन्होंने वहाँ उस दिन किसी भी पुरुष के कपड़े नहीं उतारे थे।

अभी लंबी चलेगी जाँच

इज़रायल की पुलिस मानती है कि उनकी जाँच में महीनों लग सकते हैं। हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ एल्कायम-लेवी भी कहती हैं कि यह साफ नहीं है कि किसी भी मामले को कैसे और कहाँ संभाला जाएगा। हालाँकि, उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता वाले कुछ परिवार इज़रायल के अलावा अन्य देशों में न्याय के लिए जा सकते हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय अदालतों में भी अपने मामले को ले जा सकते हैं।
इजरायली अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग में जो सबूत जुटाए थे। उसमें एक महिला का बयान भी शामिल था। इस महिला ने 7 अक्टूबर, 2023 को अपने छिपने की जगह से नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमास आंतकियों के हमले को अपनी आँखों से देखा था। इस मायने में उनका बयान काफी मददगार साबित होगा।
इस महिला ने अपने बयान में कहा, “उन्होंने (हमास) किसी को झुकाया हुआ था और मुझे समझ आया कि वह उस युवती के साथ बलात्कार कर रहा था और फिर वह उसे दूसरे को बलात्कार के लिए सौप रहा था।”
उसने आगे बताया, “वह जीवित थी। वह अपने पैरों पर खड़ी थी और उसकी पीछे से खून बह रहा था। मैंने देखा कि वह उसके बाल खींच रहा था। उसके लंबे भूरे बाल थे। मैंने उन्हें उसके स्तन काटते हुए देखा और फिर वह उसकी कटे स्तनों को सड़क की ओर फेंक रहा था। उसे दूसरे शख्स ने किसी दूसरे की तरफ उछाला और वो उससे खेलने लगे।”
इसके बाद भी हमास के आतंकियों ने उस युवती को नहीं छोड़ा। गवाह ने आगे बताया, “मुझे याद है कि एक अन्य शख्स ने फिर और उसके साथ बलात्कार किया था और उससे बलात्कार करते-करते ही उसने युवती के सिर में गोली मार दी।”

हमास की दरिंदगी के हजारों बयान वीडियो क्लिप

इजरायली पुलिस सुपरिटेंडेंट डूडी काट्ज़ की रूह भी इन सबूतों के बारे में बताते हुए हुए काँप उठी थी। काट्ज़ के मुताबिक, अधिकारियों ने हमास के हमलों से जुड़े 1,000 से अधिक बयान और 60,000 से अधिक वीडियो क्लिप इकट्ठा किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इनमें उन लोगों के बयान भी शामिल हैं जिन्होंने महिलाओं के साथ बलात्कार होते देखा था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि जाँचकर्ताओं के पास भुक्तभोगी नहीं है और यह भी साफ नहीं है कोई बलात्कार पीड़िता जीवित बची है या नहीं।
बीते महीने हमास के आंतकी हमले में उस दिन गाजा और इजरायल की सीमा के गाँवों और खेतों में लगभग 1,400 इजरायली मारे गए और इससे अधिक घायल हुए। वहीं हमास के आतंकियों ने 240 से अधिक इजरायली नागरिकों को बंधक बनाया। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, औरतें सब शामिल थे।
हमास के इन आतंकियों की इस काली करतूत को दुनिया के सामने लाने के लिए सुबूत जरूरी है। तभी इजरायल के पुलिस कमिश्नर शबताई याकोव कहते हैं कि जाँच संभावित तौर पर अभियोग लगाने के काम आएगी, लेकिन अभी इन अपराधों के दस्तावेज़ तैयार करना पहला मिशन है।

कहीं दुनिया भूल न जाए इजरायली बच्चियों, औरतों से हुई हैवानियत

हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ कोचाव एल्कायम-लेवी ने अत्याचारों के सबूतों के दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने साथियों के साथ एक नागरिक आयोग का गठन किया है। उन्हें डर है कि गाजा और इजरायल की जंग के बीच दुनिया इजरायली महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर गौर करना कहीं भूल न जाए। उन्होंने आतंकी हमलों के ठीक एक हफ्ते बाद आए संयुक्त राष्ट्र के एक बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस बयान में यौन हिंसा का जिक्र तक नहीं था।
एल्कायम-लेवी का कहना है, “हम उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसे कभी नहीं जान पाएँगे। जब हम जानते हैं कि जिन महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और जिन पर यौन हमला किया गया उनमें से अधिकांश की हत्या भी कर दी गई।”
लेवी ने यूएन के बयान पर कहा, “इजरायली महिलाओं के तौर पर, हमारे बच्चों के लिए और हम लोगों के लिए यह सिर्फ चुप्पी या बेइज्जती से भी कहीं अधिक बुरा है। यहाँ जो कुछ हुआ उसे हम स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यह बहुत बुरा हुआ है।”

इजरायल ने उड़ा डाली अल अंसार मस्जिद, अंदर गोला-बारूद, तहखाने में क्रेन भी, बच्चों के खेलने की जगह में बम-बोरियाँ

                                      इजरायल ने मस्जिद को उड़ाया (चित्र साभार: BNN Breakingz)
इजरायली सुरक्षा बलों ने फिलीस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके में स्थित अल अंसार मस्जिद को एक हवाई हमले में उड़ा दिया है। इजरायली सुरक्षा बलों ने बताया है कि इस मस्जिद के नीचे बने तहखाने में इस्लामी आतंकी संगठन हमास और फिलीस्तीनी इस्लामी जिहाद के आतंकी इजरायल पर बड़े हमले की योजना बना रहे थे।

इजरायली सुरक्षा बलों ने हमले को लेकर जारी किए गए बयान में इसे इस्लामी आतंकी सगठन हमास का कमांड सेंटर बताया है। उनके अनुसार बताया गया है कि यह मस्जिद इजरायल पर हमले करने के लिए जुलाई 2023 के बाद से बेस की तरह उपयोग की जा रही थी।

इजरायली सुरक्षा बलों ने इस संबंध में कई तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए हैं। इन तस्वीरों में से कुछ में मस्जिद के भीतर रखा गया गोला-बारूद जबकि एक तस्वीर में तहखाने का रास्ता दिखता है।

               बच्चों के खेलने के मैदान के पास गोला बारूद छुपाया गया था (चित्र साभार: @IAFSite/X)

इजरायली सुरक्षा बलों ने तस्वीरों में दिखाया है कि मस्जिद के अंदर बच्चों के खेलने की जगह की आड़ में दो मंजिलों पर गोला-बारूद-बोरियाँ रखे थे। तहखाने से गोला-बारूद ऊपर लाने के लिए छोटी क्रेन भी मस्जिद के अंदर लगाई गई थी। फिलीस्तीनी एजेंसियों ने इस हमले में एक व्यक्ति के मौत की पुष्टि की है।

                                       आतंकी तहखाने में जाने का रास्ता (चित्र साभार: @IAFSite/X)

                                      आतंकी तहखाने में जाने का रास्ता (चित्र साभार: @IAFSite/X)

यह मस्जिद उस इलाके में मौजूद है, जो इजरायल और हमास के बीच लड़ाई चालू होने के बाद भी तुलनात्मक रूप से शांत रहा है। इजरायल ने अपने सभी हमलों का मुख्य निशाना अभी गाजा पट्टी को बनाया है, जबकि यह हमला वेस्ट बैंक में हुआ है।

इजरायली सुरक्षा बलों ने कहा है कि उन्होंने इस हमले में ऐसे आतंकियों को मार गिराया है, जो कि उसके निर्दोष नागरिकों पर हमले में शामिल थे। यह हमला एक ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर किया गया। हालाँकि, इजरायल ने मारे जाने वाले आतंकियों की सँख्या या उनके नाम आदि की जानकारी नहीं दी है।

इजरायल के इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिसमें मस्जिद के आसपास मलबा बिखरा दिखता है और लोग एम्बुलेंस की तरफ भागते हैं।

7 अक्टूबर को इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले में अब तक 1,400 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। इजरायल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 4,300 से अधिक फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं। दोनों तरफ घायलों की संख्या भी हजारों में है।

इजरायल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आने वाले दिनों में अपने हमलों में और तेजी लाएगा और इसके लिए उसने गाजा के नागरिकों को दक्षिण दिशा में जाने को कहा है। इजरायल के जल्द ही गाजा के भीतर सेना भेजने की बात भी कही जा रही है।

गाजा की आग में जला अमेरिका का दूतावास, लेबनान में हमास समर्थकों ने फूँका-लहराए फिलस्तीनी झंडे: तुर्की की नौसेना ने शुरू किया ड्रिल

सुरक्षा बलों के साथ पूर्वी बेरूत में हुई झड़प के बाद जलते हुए अमेरिकी दूतावास के सुरक्षा द्वार के आगे लेबनानी प्रदर्शनकारी 'वी फॉर विक्ट्री' का साइन बनाते हुए (फोटो साभार: nypost.com)
गाजा सिटी अस्पताल में हुए भीषण विस्फोट के जवाब में मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) की शाम को सैकड़ों लेबनानी प्रदर्शनकारियों ने लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोल दिया और इसे आग के हवाले कर दिया। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनी झंडे लहरा रहे थे।

गाजा के अस्पताल पर हुए इस हमले को लेकर लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने ‘अभूतपूर्व आक्रोश दिवस’ (A Day Of Unprecedented Anger) मनाने का आह्वान किया था। इसके कुछ ही घंटे बाद लेबनान में प्रदर्शनों का सिलसिला चल पड़ा।

आतंकवादी संगठन हमास के साथ संघर्ष में यहूदी राष्ट्र के समर्थन में पड़ोसी देश इज़रायल में राष्ट्रपति जो बायडेन के आने से कुछ घंटे पहले ये प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास के बाहर इकट्ठा हो गए थे। इन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।

गौरतलब है कि इस मसले का समाधान निकालने और शांति वार्ता के लिए इजरायल सहित क्षेत्र के अन्य देशों के शीर्ष नेताओं से मिलने की अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। जॉर्डन के विदेश मंत्री ने उनकी राजधानी अम्मान में बुधवार को होने वाले क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द करने का ऐलान किया।

इस सम्मेलन में ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मिलना था।

वहीं लेबनान में प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को अमेरिकी दूतावास के झंडा फहराने वाले स्तंभ पर फ़िलिस्तीनी झंडा लगाने के लिए इमारत के चारों ओर काँटेदार तार की बाड़ पर चढ़ते हुए देखा गया, जबकि साथी प्रदर्शनकारी नीचे से उसका उत्साह बढ़ा रहे थे।

    लेबनानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास की बाड़ पर फ़िलिस्तीनी झंडा और चिह्न लटकाए (फोटो साभार:                   nypost.com)

इससे पहले सोमवार (15 अक्टूबर, 2023 ) को इजरायल की सेना IDF ने लेबनानी सीमा के पास रहने वाले 28 समुदायों को ये इलाका खाली करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ने यह नहीं कहा है कि वह इजरायल के साथ युद्ध करेगा या नहीं, लेकिन बीते हफ्ते इजरायल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों देशों ने एक दूसरे पर कई हमले किए हैं। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) ने सोमवार को कहा कि उसने लेबनान-इज़रायल सीमा पर संभावित हमलों की वजह से बेरूत में चिकित्सा आपूर्ति की दो खेप भेजी हैं।

इजरायल ने अपने लोगों को तुर्की से बाहर निकलने के लिए भी बोल दिया है, क्योंकि वहाँ उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका है। इजिप्ट में पहले ही 2 इजरायली नागरिक और उनके गाइड की हत्या की जा चुकी है। तुर्की ने नौसेना ड्रिल भी शुरू कर दी है। वहीं ईरान के भी सुप्रीम लीडर ने धमकाया है कि इजरायल ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी तो मुस्लिमों को फिर रोकने वाला कोई नहीं होगा।


ईस्टर होली वीक पर इंडोनेशिया में चर्च के बाहर सुसाइड बम ब्लास्ट; दूर तक बिखरे क्षत-विक्षत टुकड़े

विश्व के सबसे बड़े इस्लामिक देश इंडोनेशिया के मकस्सर शहर में मार्च 28 को एक कैथोलिक चर्च के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम विस्फोट करके उड़ा लिया। ‘ईस्टर होली वीक’ के पहले दिन हुए इस ब्लास्ट में 2 लोगों की मौत जबकि 14 के घायल होने की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अब तक आई है।

दक्षिण सुलावेसी पुलिस के प्रवक्ता ई जुल्पान के मुताबिक जिस वक्त ये ब्लास्ट हुआ, उस दौरान अधिकतर लोग चर्च के भीतर ही थे। धमाके के बाद घटना स्थल पर मानव शरीर के क्षत-विक्षत टुकड़े मिले हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक हालाँकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वो केवल हमलावर के थे या किसी और के भी हैं।

चर्च पादरी ने कहा- 10 लोग घायल हुए

जिस चर्च के बाहर यह ब्लास्ट हुआ, उसके पादरी फादर विल्हेमुस तुलक ने स्थानीय मेट्रो टीवी को बताया कि एक व्यक्ति आत्मघाती हमलावर को पकड़े हुए घायल हो गया था, जिसे मिला कर कुल 10 लोग इसमें घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर थी। ब्लास्ट इतना तेज था कि पास की पार्किंग में खड़ी कारें भी इससे क्षतिग्रस्त हो गईं। फिलहाल घटनास्थल के चारों तरफ से सील कर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

आतंकी संगठन JAD पर हमले का शक

इस हमले के पीछे किसका हाथ है, यह अभी तक पता नहीं चल सका है। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है। लेकिन, पुलिस ने इस सुसाइ़ड अटैक के लिए इस्लामिक स्टेट से प्रेरित आतंकी संगठन जमाह-अंशरुत-दौला (JAD) को जिम्मेदार माना है। इसी आतंकी संगठन ने 2018 में इंडोनेशिया के चर्चों और सुरबाया शहर में एक पुलिस चौकी पर हमला किया था। उस घटना में 30 से अधिक लोग मारे गए थे।
2020 में इंडोनेशिया में सबसे घातक इस्लामी आतंकवादी हमला बाली के पर्यटक द्वीप पर हुआ था, जिसमें हमलावरों ने 202 लोगों का कत्लेआम किया था। मरने वाले ज्यादातर विदेशी टूरिस्ट थे। एक समय इंडोनेशिया ने उग्रवाद को कुचल दिया था, लेकिन हाल के वर्षों में वहाँ इस्लामी उग्रवाद रह-रहकर अपना फन उठाना शुरू कर दिया है।

दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा जैश, बिहार से हथियारों की खरीद: आतंकियों से पूछताछ में खुलासा

आतंकी राजधानी दिल्ली को दहलाने की साजिश में जुटे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने रविवार (फरवरी 14, 2021) को खुलासा किया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद किसी बड़े हमले की फ़िराक में है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों ने अब पाकिस्तान के साथ-साथ बिहार से भी हथियारों की खरीद शुरू कर दी है।

आतंकी साजिशों के लिए पंजाब में पढ़ाई करने वाले कुछ कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन अवैध हथियारों को घाटी तक लाने के लिए कई तिकड़म आजमाए गए थे। आतंकियों हिदायतुल्ला मलिक और जहूर अहमद राथर की गिरफ़्तारी के बाद दोनों से हुए पूछताछ में ये सूचनाएँ मिली हैं। मलिक लश्कर-ए-मुस्तफा का संस्थापक है, तो जहूर द ‘रेजिस्टेंट फ्रंट’ से जुड़ा हुआ है।

मलिक को जम्मू के कुंजवानी से दबोचा गया था। वहीं राथर सांबा जिले के बारी ब्राह्मना क्षेत्र से धराया है। ये दोनों जैश और लश्कर का मुखौटा संगठन चला रहे थे। मलिक को उसकी बीवी समेत 4 आतंकियों का साथ दबोचा गया, जो पिछले वर्ष एक बैंक वैन से 60 लाख रुपए की लूट के आरोपित हैं। उसने पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लेकर कश्मीर में अपना संगठन खड़ा किया। अब तक इस नेटवर्क के 8 आतंकियों की पहचान हो चुकी है।

इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। मलिक ने बिहार से 7 पिस्टल मँगा कर अपने गुर्गों में बाँटा। वो जम्मू में अपना अड्डा बनाने की योजना पर काम कर रहा था, ताकि कश्मीर में कड़ी सुरक्षा से बच कर आतंकी हरकतों को अंजाम दिया जा सके। पाकिस्तान से सुरंगों और ड्रोन के माध्यम से गोला-बारूद मँगाए जाते थे। वो जैश कमांडर आशिक नेंगरू का भी करीबी हुआ करता था।

आशिक के बारे में पता चला है कि वो अपने परिवार के साथ ही पाकिस्तान भाग गया है। पाकिस्तान भागने के बाद वो कश्मीर के आतंकियों को प्रशिक्षण और निर्देश दे रहा है। आईबी ने पिछले कुछ दिनों में सीमा पर 6 ऐसे सुरंगों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होता था। शनिवार को जम्मू बस स्टैंड से चंडीगढ़ के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले अल-बद्र के आतंकी सोहैल को IED विस्फोटक के साथ दबोचा गया था।

आईजी मुकेश सिंह ने पाकिस्तान की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए कहा था कि सोहेल को आईईडी लगाने के लिए तीन से चार जगहों का टारगेट दिया गया था। इनमें रघुनाथ मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लखदाता बाजार का नाम शामिल था। इसमें से किसी एक जगह पर उसे आईडी रखना था। इस आईडी को रखने के बाद उसे श्रीनगर की फ्लाइट पकड़नी थी, जहाँ उसे अल बदर तंजीम का ग्राउंड वर्कर अथर शकील खान उसे रिसीव करता।

हिदायतुल्लाह मलिक के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी जब्त किए गए थे। हिदायतुल्लाह 24 मार्च 2019 को श्रीनगर से दिल्ली के लिए इंडिगो फ्लाइट से निकला था और अजीत डोभाल के दफ्तर के बाहर सुरक्षा तथा CISF की तैनाती के डिटेल्स जुटाए थे। फिर उसने इसका वीडियो अपने पाकिस्तानी आका को भेजा। इस सूचना के बाद डोभाल की भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

अफगानिस्तान : गुरुद्वारे पर IS का हमला: 27 की मौत, मुठभेड़ के बाद 4 आतंकी भी मार गिराए गए; फिदायीन ने खुद को उड़ाया,

अफगानिस्तान, काबुल, गुरुद्वारे पर हमला
गुरुद्वारे पर आइएस का हमला
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सिखों को निशाना बनाकर भीषण आतंकी हमला किया गया। गुरुद्वारे को आतंकियों ने निशाना हुआ। सुबह के करीब 7:45 बजे हमला हुआ। उस वक्त वहॉं 150 श्रद्धालु मौजूद थे। हमले में 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।
अफगानिस्तान, गुरुद्वारा, हमला
सबसे पहले एक फिदायीन हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। फिर उसके बंदूकधारी साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना की सूचना मिलते ही अफगान सुरक्षाबल एक्शन में आ गए। 6 घंटे की मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को मार गिराया। गुरुद्वारे में फँसे लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली है।
जानकारी के मुताबिक, हमले के वक़्त अरदास के लिए गुरुद्वारे में कई छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद थे। हमले के बाद हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। सुरक्षाकर्मियों ने जब उन्हें बाहर निकाला, तब उनके चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दे रहा था।
काबुल पुलिस ने कहा कि कम से कम 11 बच्चों को गुरुद्वारे से बचाया गया है। वहीं इस संबंध में सिख विधायक नरेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि करीब 150 लोग गुरुद्वारे के अंदर प्रार्थना कर रहे थे, जब यह हमला हुआ। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरियन के हवाले से बताया गया कि अफगान सुरक्षा बलों ने अंदर फँसे कई लोगों को बचा लिया है।
मोहन सिंह ने अलजजीरा को बताया कि हमले के वक्त वे भी गुरुद्वारे में थे। पहले उन्होंने गोलियाँ चलने की आवाज सुनी तो खुद को टेबल के नीचे छिपा लिया। अचानक धमाका हुआ और छत का एक टुकड़ा उन पर आ गिरा, जिससे वे घायल हो गए। मंत्रालय ने हमले के बाद गुरुद्वारे की तस्वीरों को शेयर किया है। इनमें अफगान सुरक्षाबल द्वारा कई बच्चों को रेस्क्यू करते दिखाई पड़ रहे हैं।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में लंबे समय सिखों को व्यापक भेदभाव का सामना करना पड़ा है और कई बार आतंकवादियों ने भी उन्हें निशाना बनाया है। हालिया दिल्ली दंगों के बाद भी काबुल में सिखों की दुकान पर हमला हुआ था। अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना का विडियो ट्विटर पर शेयर किया था। इसमें अधेड़ उम्र का सिख दुकानदार हाथ जोड़कर हताश खड़ा था और उसकी दुकान का सामान जमीन पर बिखरा था।
अल्पसंख्यक सिखों पर यह पहला हमला नहीं है। पहले भी अफगानिस्तान में उन पर हमले होते आए हैं और डरकर वे भारत आने को मजबूर हुए हैं। 2018 में भी जलालाबाद में आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 13 सिख मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। हमले से सिख समुदाय इतना डर गया था कि उन्होंने देश छोड़ने का फैसला कर लिया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में अब 300 से भी कम सिख परिवार बचे हैं। इनके पास दो ही गुरुद्वारा है। एक जलालाबाद और दूसरा काबुल में।

‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए आया और सैनिक के गर्दन में घोंप दी कैंची

प्रतीकात्मक तस्वीरइटली के मिलान रेलवे स्टेशन पर मंगलवार (सितंबर17, 2019) को एक 23 वर्षीय हमलावर ने अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाते हुए एक सैनिक के गर्दन में कैंची घोंप दी। घटना को अंजाम दे वह मौके से फरार हो गया। लेकिन, पिआजा डूका डिऑस्टा (Piazza Duca d’Aosta ) से विया विट्टोर पिसानी (Via Vittor Pisani ) की ओर भागते वक़्त पैरामिलिट्री पुलिस अधिकारियों ने उसे धर दबोचा।
सैनिक की हालत खतरे से बाहर है। घटना के तार आतंकवाद से जुड़े हैं या नहीं, इसकी जाँच के आदेश दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक इटली की न्यूज एजेंसी ANSA ने बताया है कि हमलावर हमले से एक दिन पहले उसी इलाके में एक व्यक्ति को पेन घोंपने के कारण भी पकड़ा गया था। ANSA के अनुसार हमले का आरोपित यमन से आया प्रवासी है। उसने गिरफ्तारी के बाद भी अल्लाह हू अकबर का नारा तेज आवाज में बुलंद किया।
गौरतलब है कि अति उदार रवैया रखने वाले लोग जहाँ एक ओर हमेशा से ऐसी घटनाओं में जिहाद के एंगल को नकारते आए हैं, वहीं ऐसी घटनाओं की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। साल 2017 के इसी रेलवे स्टेशन पर एक ऐसे ही हमले की घटना सामने आई थी, जहाँ इटली-तुनिसियन मूल के व्यक्ति ने मिलेट्री और रेलवे पुलिस अधिकारी के 2 सदस्यों पर हमला किया था।
इसके अलावा साल 2018 में भी फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी अज्ञात हमलावरों ने सेंट्रल पेरिस के ओपेरा जिले में बीच सड़क पर लोगों पर चाकू से वार किया था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी, वहीं कुछ लोग घायल हो गए थे। हमले के बाद आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उसी ने यह हत्या करवाई है।

होली पर आतंकियों की नापाक हरकत, सोपोर में ग्रेनेड हमले

J&K: होली पर आतंकियों की नापाक हरकत, सोपोर में ग्रेनेड हमले में दो पुलिसकर्मी घायल
होली (Holi 2019) पर भी आतंकी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. मार्च 21 को आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के सोपोर में ग्रेनेड से हमला किया. इस हमले में एक अधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. हमलावरों की तलाश की जा रही है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तरी कश्मीर जिले में सोपोर के मुख्य चौक पर आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर एक ग्रेनेड फेंका. उन्होंने बताया कि विस्फोट में डांगीवाचा थाना के प्रभारी सहित दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गये. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके की घेराबंदी की है और तलाशी अभियान शुरू किया है.
बुधवार (20 मार्च) को अलगाववादियों की ओर से यहां एक युवक की मौत के विरोध में बुलाए गए बंद से कश्मीर घाटी में जनजीवन प्रभावित रहा. युवक की पुलिस हिरासत में सोमवार को मौत हो गई थी. दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा से गिरफ्तार किए जाने के तीन दिन बाद श्रीनगर में पुलिस हिरासत में रिजवान असद पंडित (28) की मौत हो गई.
युवक की हिरासत में मौत की निंदा कश्मीर के राजनीतिक व सामाजिक हलकों में की गई. युवक एक निजी स्कूल में शिक्षक था. अधिकारियों ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 176 के तहत मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं.
दुकानें, सार्वजनिक परिवहन व दूसरे व्यापारिक व शैक्षिक संस्थान श्रीनगर शहर में व घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों में बंद रहे. श्रीनगर शहर में इक्का-दुक्का वाहन चले. अंतर-जिला परिवहन बंद रहे.
अधिकारियों ने घाटी में कानून व व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों की भारी संख्या में तैनाती की है. दक्षिण कश्मीर के जिलों में मोबाइल व इंटरनेट सुविधाएं निलंबित की गई है, जबकि घाटी के अन्य हिस्सों में इसकी गति में कमी की गई है.

समुद्री मार्ग से हमले की ट्रेनिंग ले रहे हैं आतंकवादी : नौसेना प्रमुख

नौसेना प्रमुख ने कहा- समुद्री मार्ग से हमले की ट्रेनिंग ले रहे हैं आतंकवादी
भारत में विपक्ष पाकिस्तान पर हुए हवाई हमले और उससे पूर्व हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। लेकिन 
नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने मार्च 5 को कहा कि पुलवामा हमले को भारत को अस्थिर करने की चाहत रखने वाले ‘‘एक देश से सहायता प्राप्त’’ चरमपंथियों ने अंजाम दिया था. लांबा ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद में रक्षा क्षेत्र से जुड़े वैश्विक विशेषज्ञों और राजनयिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में क्षेत्र ने कई तरह का आतंकवाद देखा है और विश्व के इस हिस्से में कुछ ही देश इसकी जद में आने से बच पाए हैं.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने हाल में जो वैश्विक रुख अख्तियार किया है, उससे यह खतरा और बढ़ गया है. नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत को हालांकि ‘‘काफी अधिक गंभीर’’ आतंकवाद का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा, हाल में लगभग तीन सप्ताह पहले जम्मू कश्मीर में चरमपंथी हमला हुआ. इस हिंसा को भारत को अस्थिर करने की चाहत रखने वाले एक देश से सहायता प्राप्त चरमपंथियों ने अंजाम दिया.
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पाकिस्तान को झूठ बोलने की इतनी अधिक आदत हो गयी है कि उसे ही पता नहीं चलता कि वह सच बोल रहा है या झूठ। और यह इसकी नई नही....

समुद्री मार्ग से कर सकते हैं हमला
लांबा ने कहा, हमारे पास ऐसी भी खबरें हैं कि आतंकवादियों को समुद्री मार्ग सहित विभिन्न तरीकों से हमलों को अंजाम देने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे.