पाकिस्तान के अलावा एक और ऐसे देश का नाम सामने आ रहा है। जो पिछले काफी समय से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर तुर्की ने पाकिस्तान की बातों का समर्थन किया था। लेकिन इसके बाद वह भारत विरोधी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। तुर्की में पनप रहे इस नए तरह के आतंकवाद को कोई और नहीं बल्कि वहाँ की एर्दोगन सरकार खुद बढ़ावा दे रही है। हैरानी की बात यह है कि केरल और कश्मीर में मौजूद इन इस्लामी कट्टरपंथियों को हर तरह की मदद मिल रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इस बारे में हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कई अहम बातें बताई। उन्होंने कहा तुर्की की तरफ से भारत के मुसलमानों को कट्टर बनाने की भरपूर कोशिश जारी है। इतना ही नहीं तुर्की भारत के कट्टर मुसलमानों को और कट्टर बना कर उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करना चाहता है। तुर्की दक्षिण एशियाई देशों में अपना विस्तार करना चाहता है। लेकिन दूसरी तरफ इस इलाके में सऊदी अरब का प्रभाव किसी से छुपा नहीं है। इसके लिए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन और उनकी सरकार की तरफ से तमाम प्रयास जारी हैं। उसका नतीजा है कि तुर्की ने अपनी छवि बतौर एक रेडिकल इस्लामिक देश स्थापित कर ली है। इसी कड़ी में पिछले ही हफ्ते तुर्की की सरकार ने बाईज़ानटाईन कैथेद्रल हगिया सोफिया संग्रहालय को मस्जिद में तब्दील कर दिया था। एर्दोगन के इन कदमों से इतना साफ़ है कि वह वैश्विक स्तर पर खुद को मुस्लिमों के रखवाले की तरह दिखाना चाहते हैं। पिछले साल एर्दोगन ने उन मलेशिया के महातिर मोहम्मद और पाकिस्तान के इमरान खान समेत कुछ मुस्लिम देशों के साथ एक गैर-अरब इस्लामी देशों का संगठन बनाने की कोशिश की थी। इसमें ईरान और क़तर ने भी तुर्की की सरकार का साथ दिया था। सऊदी अरब और यूएई से भारत के समझौते बढ़ने के बाद तुर्की ने पाकिस्तान की और निहारना शुरू कर दिया था। रियाध के दबाव की वजह से तुर्की के साथ होने वाली बैठक में इमरान खान अंतिम वक्त में पीछे हट गए थे। जबकि तुर्की की तरफ से इमरान खान को मनाने की कोशिशें जारी थीं। अधिकारियों का मानना है कि तुर्की की सरकार ने एजेंडा तैयार किया है। जिसके तहत वह दक्षिण एशियाई देशों के मुस्लिमों में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं। इस एजेंडे में भारत के मुसलमानों को प्राथमिकता में रखा गया है। भारतीय खुफ़िया अधिकारियों के मुताबिक़ तुर्की ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को सालों आर्थिक मदद की थी। बीते कुछ समय में तुर्की ने अलग तरीकों से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। एर्दोगन सरकार ने पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में कई मज़हबी आयोजनों को बढ़ावा दिया। जिसमें वह मुस्लिम समुदाय के युवाओं को अपने मन मुताबिक़ मज़हबी प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसी कड़ी में उस कट्टरपंथी समूह का नाम सामने आया है जो केरल में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। कुछ अधिकारियों का कहना है, “हम अच्छी तरह जानते हैं कि यह समूह तुर्की के लोगों से मिलने के लिए क़तर जाता है। जिससे इन्हें आर्थिक मदद मिलती रहे। उन्हें केरल में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 40 लाख रूपए तक मिलते हैं। इसके अलावा तुर्की पाकिस्तान और इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक की फंडिंग भी करता है। तुर्की फ़िलहाल पाकिस्तान के लिए ‘नया दुबई’ बन चुका है। साल 2000 से लेकर 2010 के बीच दुबई आईएसआई का गढ़ बना हुआ था। जहाँ से पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता था।” इस दशक के दौरान पाकिस्तान की आईएसआई ने भारत के मुस्लिमों को उनके ही देश के खिलाफ़ कट्टर बनाने का काम किया था। यहीं से इंडियन मुजाहिद्दीन ही शुरुआत हुई थी। इसके बाद यूएई और भारत ने आपस में संधि कर ली थी। जिसके बाद यूएई ने खुद भारत विरोधी गतिविधियों को ख़त्म करना शुरू कर दिया था। इसके अलावा भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ़ हो रहे विरोध में भी तुर्की ने अपनी भूमिका निभाई थी। भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए तुर्की ने आर्थिक मदद तक की थी। कश्मीर मुद्दे पर भी संयुक्त राष्ट्र असेम्बली में भी सिर्फ एर्दोगन ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत के खिलाफ़ बोला था। भारत के खिलाफ़ साज़िश में पाकिस्तान तुर्की का पूरा साथ देता है। इस साल हुए पाकिस्तान के दौरे में एर्दोगन ने कश्मीर पर कई हैरान कर देने वाली बातें कही थीं। उनका कहना था “कश्मीर हमारे लिए पहले जैसा ही है। कश्मीर जितना अहम पाकिस्तान के लिए उतना ही अहम हमारे लिए भी है।”
देश में कुछ मीडिया संस्थान ऐसे हैं, जो पत्रकारिता की आड़ में देशविरोधी ताकतों को प्रोत्साहित करने में शामिल रहते हैं, और उसमें अपनी शान भी समझते हैं। ऐसी ही एक न्यूज वेबसाइट है ‘The Quint’। हिंदी और अंग्रेजी में खबरें प्रकाशित करने वाली इस वेबसाइट के संचालकों को देश की अस्मिता से खिलवाड़ करने में मजा आता है। इसके लिए वेबसाइट फेक न्यूज का सहारा लेने के साथ ही अपने पाठकों को भड़काने तक की कोशिश करती है। यह वेबासाइट अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमेरिका में हो रहे विरोध प्रदर्शन की तरह भारत में भी दंगे कराना चाहती है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ‘The Quint’ की एक ऐसी ही अपील के स्क्रीनशॉट ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि किस प्रकार ‘The Quint’ भारत के लोगों को उकसाकर उन्हें सड़कों पर उतर आने की अपील कर रहा है। एक ट्वीट में कपिल मिश्रा ने लिखा है – “The Quint ने देश भर में हजारों ईमेल भेजी हैं। अपील की हैं – अमेरिका की तरह भारत में सड़कों पर लोग उतरें और दंगे करें। ये सीधे सीधे देश में दंगे भड़काने की तैयारी हैं। इस तरह की ईमेल भेजने वालों की जगह जेल हैं। #DeshdrohiQuint”
Quint ने देश भर में हजारों ईमेल भेजी हैं
अपील की हैं - अमेरिका की तरह भारत में सड़कों पर लोग उतरें और दंगे करें
कपिल मिश्रा द्वारा जो स्क्रीनशॉट शेयर किए गए हैं उनमें ‘The Quint’ की पोडाकास्ट प्रोडूसर शोरबोरी पुरकायस्था ने अपने पाठकों से अपील की है कि भारतीयों ने भी अमेरिका में जॉर्ज फ्लोएड की मौत की तर्ज पर ही भारी मात्रा में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किए? साथ ही उकसाने वाली भाषा में लिखा गया है कि आखिर हमें घर-घर न्याय पहुँचाने के लिए किस चीज का इन्तजार है? इसके अलावा ‘The Quint’ की वेबाइट पर कई ऐसी खबरें प्रकाशित की गई हैं, जो देश और हिन्दू विरोधी है। इसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। ट्विटर पर #DeshdrohiQuint का ट्रेंड
देखने को मिला, जिसमें लोगों ने ‘The Quint’ को देशविरोधी वेबसाइट करार देते हुए तीखा हमला किया है।
Email by @TheQuint's Shorbori to readers instigates them to start violence against the nation as happening in the US. These anti-national forces want to destabilize the nation.#DeshdrohiQuint
Quint is not only anti-national but is also Hinduphobic and promotes civil unrest. Check out their post on fasting during Ramzan and Navratri, it clearly shows their hypocrisy. This organization should be banned. #DeshdrohiQuintpic.twitter.com/GuD8X6GRGV
— Akshay Kumar 🇮🇳 🕉️ (@The_AK_Rathee) June 4, 2020
Quint Articles Holi is against Islam. Navratras-9 day festival is against health. Roza-1 month is good for health. Now @Thequint came up the strategy of hitting riots in India like USA. They have sent email with full proof strategy.#DeshdrohiQuintpic.twitter.com/q9P4QbQDML
- @TheQuint which deserves 2 be banned is still posting anti human & anti national news
•Misleading youth and create war like situation in India
•Kulbhushan Jadhav A RAW Agent
•Kids Playing Holi Are Terrorists
•Osama Bin Laden Was A Good Father & Husband #DeshdrohiQuintpic.twitter.com/0agmEBzjOR
ऐसा पहली बार नहीं है, जब ‘The Quint’ ने देश के हित के खिलाफ पत्रकारिता की हो। कई बार ऐसा देखने को मिला है, जब इस वेबसाइट पर विदेशी नीति और अंतर्राष्ट्रीय मामलों में सरकार की लाइन से अलग हटकर खबरें पोस्ट की जाती हैं। ‘The Quint’ ने छापी कुलभूषण के बारे में झूठी खबर ‘The Quint’ ने अपने एक राष्ट्रविरोधी लेख में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नेवी के अफसर कुलभूषण जाधव को रॉ का जासूस बताने वाली मनगढ़ंत स्टोरी प्रकाशित की थी। इस स्टोरी में वेबसाइट की रिपोर्टर ने रॉ के दो पूर्व प्रमुखों के हवाले से पाकिस्तान द्वारा बंधक बनाए गए कुलभूषण जाधव को जासूस बताया था। इस लेख को पढ़कर किसी भी लिहाज से यह नहीं लगेगा कि इसे किसी हिन्दुस्तानी पत्रकार ने लिखा है, बल्कि लगेगा कि किसी पाकिस्तानी पत्रकार ने इस लेख को लिखा है। ‘The Quint’ की इस खबर ने पाकिस्तान को इस मामले में संजीवनी दे दी, पाकिस्तान के सरकारी और प्राइवेट मीडिया संस्थानों ने इसी लेख का हवाला देकर भारत के खिलाफ स्टोरी प्लांट करना शुरू कर दिया। ‘The Quint’ में जानबूझकर लिखी गई इस स्टोरी में देश हित को ताक पर रख दिया गया। पाकिस्तान के पास कुलभूषण जाधव के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं थे, लेकिन इस लेख के बाद पाकिस्तान को मदद मिल सकती है और ऐसे में कुलभूषण जाधव की रिहाई और जिंदगी बचने की उम्मीदें भी खत्म हो सकती हैं।
हालांकि बाद में ट्विटर और फेसबुक पर ‘The Quint’ को ब्लॉक करने की मुहिम शुरू हो गई, बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों ने ‘The Quint’ को ट्रोल करना शुरू कर दिया। आखिर में बगैर किसी सबूत के छापी गई झूठी स्टोरी को वेबसाइट से हटा दिया गया। आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन का महिमामंडन किया इससे पहले भी ‘The Quint’ एक खास एजेंडे के तहत खबरों को प्रकाशित करता रहा है। पिछले वर्ष मई में ‘The Quint’ ने आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन का महिमामंडन करते हुए खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में दुनियाभर में हजारों लोगों को अपनी आतंकी गतिविधियों से मौत के घाट उतारने वाले ओसामा बिन लादेन का दुर्दांत आतंकी की जगह एक पति और पिता के रूप में बखान किया गया था। ‘The Quint’ की पत्रकार तरुणी कुमार ने तमाम संदर्भों का हवाला देकर ओसामा को अच्छा इंसान साबित करने की पूरी कोशिश की। ‘The Quint’ की वजह से सेना के जवान ने की खुदकुशी ‘The Quint’ की इससे भी ज्यादा खतरनाक खबर तो वह थी, जिसकी वजह से सेना के एक जवान को कथित तौर पर खुदकुशी करनी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में ‘The Quint’ की पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। दरअसल ‘The Quint’ की रिपोर्टर पूनम अग्रवाल गैरकानूनी तरीके से खुफिया कैमरे के साथ नासिक छावनी एरिया में घुस गईं थी, और वहां सेना के जवान का सेवक के तौर पर काम करते हुए वीडियो बना लिया था। ‘The Quint’ ने पत्रकारिता पेशे के सभी आदर्शों को धता बताते हुए सेना के उस जवान की पहचान भी सार्वजनिक कर दी थी। ‘The Quint’ की इसी हरकत से आहत जवान ने खुदकुशी कर ली। इसके बाद सेना की तरफ से एक बयान भी जारी किया गया था। आतंकी बुरहान वानी को बताया था कश्मीर की आवाज प्रेस की आजादी के नाम पर ‘The Quint’ को राष्ट्रविरोधी खबरें प्रकाशित करने की आदत सी पड़ गई है। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी आकाओं की शह पर आम नागरिकों के निशाना बनाने वाले आतंकवादी बुरहान वानी को ‘The Quint’ ने ‘करिश्माई’ बताया था। इस वेबसाइट पर बुरहान वानी की तारीफ करने वाले कई लेख प्रकाशित किए गए, जिनमें उस आतंकवादी को घाटी के युवाओं का हीरो बताया गया। आपको बता दें कि जिस बुरहान वानी को ‘The Quint’ कश्मीरी युवाओं का प्रतिनिधि बता रही थी, उसे सेना के जवानों ने एक मुठभेड़ में मौत के घाट उतार दिया था।
डोकलाम विवाद पर चीन के साथ खड़ा दिखा ‘The Quint’ इस वेबसाइट ने तो जैसे विदेशी मामलों में देश की पॉलिसी का विरोध करने की ठान ली है। जब डोकलाम में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी, तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने उन्हें पीछे जाने पर मजबूर कर दिया था। देशभर की मीडिया इसके लिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर रही थी, लेकिन ‘The Quint’ ने चाइना के हितों की तरफदारी करते हुए लेख छापा और देश की सुरक्षा एवं अखंडता के खिलाफ जाकर राष्ट्रविरोधी काम किया। ‘The Quint’ का राष्ट्रविरोधी लेखकों का समर्थन
‘The Quint’ वेबसाइट राष्ट्रविरोधी लेख लिखने वाले लेखकों को भी प्रमोट करने में संलिप्त रही है। इस वेबासइट पर सुप्रतीक चटर्जी जैसे लेखकों को भी जगह मिली, जिन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी को मारने का ऐलान करने वाले लश्कर-ए-तैय्यबा जैसे आतंकी संगठनों का समर्थन किया था। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर चटर्जी के खिलाफ आम लोगों के गुस्से के बाद ‘The Quint’ ने इस लेखक को अपनी साइट पर प्रतिबंधित किया। पूरे विश्लेषण से साफ है कि किस हद तक ‘The Quint’ नाम की यह वेबसाइट भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़ी दिखती है। पत्रकारिता के आदर्शों के उलट ‘The Quint’ हमेशा ही सरकार विरोध तत्वों को हवा देने में संलग्न रहती है। आपको यह भी बता देते हैं कि इस वेबसाइट के मालिक हैं राघव बहल, जिन्होंने टीवी18 कंपनी, रिलायंस को बेचने के बाद नई मीडिया कंपनी की नींव डाली और उसका नाम दिया दि क्विंट, अभी यह टीवी पर नहीं है और सिर्फ डिजिटल मीडिया में ही हिंदी और अंग्रेजी में वेबसाइट चलाती है, जिनकी कमान सीएनबीसी आवाज के पूर्व संपादक संजय पुगलिया के पास है।
पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे और AIMIM के नेता वारिस पठान के 15 करोड़ बनाम 100 करोड़ के बयान से असददुद्दीन ओवैसी की हकीकत सामने आ गई है। ओवैसी से सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर जिस मंच पर वो मौजूद थे उस मंच से एक लड़की ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे क्यों लगाए? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि जब उनकी पार्टी के नेता वारिस पठान 15 करोड़ बनाम 100 करोड़ का विवादित बयान दे रहे थे तो ओवैसी ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की? भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शुक्रवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान घृणा की राजनीति हो रही है। पात्रा ने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के मंच पर लगे ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है। पात्रा ने सवाल किया कि पाकिस्तान जिन्दाबाद का नारा लगाने वाले से तो माइक छीन लिया गया, लेकिन वारिस पठान के भाषण पर माइक क्यों नहीं छीना गया। उस वक्त भी मंच पर ओवैसी मौजूद थे। जब मंच के पीछे सिखाया जाता है, तो मंच के आगे हकीकत निकल जाती है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, ‘ये लोग CAA के नाम पर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं।इनके हाथ में संविधान है, लेकिन दिल में वारिस पठान है।’ सोशल मीडिया पर ये भी सवाल पूछे जा रहे हैं कि छोटी-छोटी बातों पर बयान और ट्वीट करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आखिर वारिस पठान के जहरीले बयान पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। शाहीन बाग में स्टूडेंट्स की पिटाई के फेक Edited वीडियो पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार से सवाल किए लेकिन वारिस पठान के बयान पर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दोनों चुप हैं। इसके साथ ही तथाकथित सेकुलर पत्रकारों ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
ऐसा नहीं है कि असदुद्दीन ओवैसी और AIMIM के नेताओं ने इस तरह के विवास्पाद बयान पहली बार दिए हैं। इससे पहले भी उसके नेता कई मौकों पर जहरीने बयान देकर देश को बांटने की कोशिश की है। ओवैसी के मंच से लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे बेंगलुरु में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में हुई रैली में अमूल्या नाम की एक लड़की ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस रैली में AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी भी थे। लड़की के ख़िलाफ़ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। हालांकि AIMIM चीफ़ असदुद्दीन आवैसी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उस लड़की से कोई लेना-देना नहीं है, उसे किसी ने नहीं बुलाया था।
100 करोड़ पर भारी हैं 15 करोड़ AIMIM के नेता वारिस पठान ने कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा को संबोधित करते हुए बेहद विवादित बयान देते हुए कहा कि हम 15 करोड़ हैं और 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं। पूर्व विधायक वारिस पठान ने जहर उलगते हुए कहा कि हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है। मगर हमको इकट्ठा होकर चलना पड़ेगा। आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसको छीन लिया जाता है। हमको कहा जा रहा है कि हमने अपनी मां और बहनों को आगे भेज दिया है। हम कहते हैं कि अभी सिर्फ शेरनियां बाहर निकली हैं, तो आपके पसीने छूट गए। अगर हम सब साथ में आ गए, तो सोच लो क्या होगा। हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं। यह बात याद रख लेना।
15 मिनट में हिंदुओं को खत्म करने की धमकी इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई और एमआईएम के नेता व विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद के अदीलाबाद के निर्मल इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, “अरे हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान हम 25 करोड़ हैं न, तुम 100 करोड़ हो न। तुम तो हमारे से इतने ज्यादा हो, 15 मिनट के लिये पुलिस को हटा लो, बता देंगे, किसमें कितनी हिम्मत है। एक सौ क्या, एक हजार क्या, एक करोड़ नामर्द मिलकर भी कोशिश कर लें तो एक को भी पैदा नहीं कर सकते। ये लोग हमसे मुकाबला नहीं कर सकते।” ‘हमारे पूर्वजों ने किया 800 सालों तक शासन’ जनवरी 2020 को विवादित बयान देते हुए असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि किसी को भी डरने और घबराने की जरूरत नहीं है, हमको इनकी बातों में आने की जरूरत नहीं है। जो लोग पूछ रहे हैं कि मुसलमान के पास क्या है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि तू मेरे कागज देखना चाहता है। मैंने 800 बरस तक इस मुल्क में हुक्मरानी और जांबाजी की है। ये मुल्क मेरा था, मेरा है और मेरा रहेगा। मेरे अब्बा और दादा ने इस मुल्क को चारमीनार दिया, कुतुब मीनार दिया, जामा मस्जिद दिया। हिंदुस्तान का पीएम जिस लाल किले पर झंडा फहराता है उसे भी हमारे पूर्वजों ने ही दिया है। अवलोकन करें:-
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में देश में जो अराजकता फैलाई जा रही है, उससे जहरीले नाग अपने वास्तविक रूप में आ गए हैं। क्योकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह संसद से लेकर सड़क तक(चुनावी रैलियों में) स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भारतीय की नागरिकता नहीं छिनेगी, उसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल इन प्रदर्शनों और धरनों में अपनी पार्टी के हिन्दुओं के सहारे अपना खेल खेल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन धरनों में "गजवा हिन्द, इस्लामिक राष्ट्र, हिन्दुत्व की कबर खुदेगी, मोदी-योगी की कब्र खुदेगी" आदि नारे लगने पर उनका साथ देने वाले हिन्दुओं पर शंका होती है। राष्ट्र को ऐसे बहरूपी हिन्दुओं से सचेत रहने की जरुरत है।
हालाँकि जब कुछ न्यूज़ चैनलों ने इन मौलानाओं से उनके भड़काऊ भाषणों पर बात करने पर सभी माफ़ी मांगते नज़र आए। ऐसे में प्रश्न यह होता है कि किन नेताओं के कहने पर इन्होने ऐसे भड़काऊ भाषण दिए? उनके माफ़ी मांगने से समस्या का समाधान नहीं, विपरीत इसके जो हिन्दू प्रदर्शन और धरने में इनका साथ दे रहे हैं, उनसे सतर्क रहने की जरुरत है। संभव है कि जो ये मौलाना भाषणों में धमकियां दे रहे हैं, उन्हें अंजाम देने में उन्हीं गैर-मुस्लिमों का प्रयोग करें, जो धरनों में इनके साथ खड़े हैं। जबकि भड़काऊ जहरीले भाषण देने वाले सारे मौलाना पकडे जाने पर इंडिया टीवी पर माफ़ी मांग रहे हैं। लेकिन जो जहर इन लोगों ने घोला है, उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? सरकार को चाहिए इन पर कार्यवाही करने के साथ-साथ जहरीले भाषण देने के लिए उकसाने वाले नेता और उनकी पार्टी पर भी कार्यवाही करनी होगी। ‘अगर यहाँ के 30 करोड़ मुसलमान आतंकी बन गए तो क्या हाल होगा, खून की नदियाँ बहेंगी’ – मौलाना तौकीर रजा पर FIR मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मौलाना ने उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन में भड़काऊ बयान दिया था। मौलाना तौकीर रजा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हिटलर और गृहमंत्री अमित शाह को मुसोलिनी बताया था। मौलाना के खिलाफ सोमवार (फरवरी 17, 2020) को मामला दर्ज किया गया। मौलाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 305 और 153-K के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान मौलाना ने पीएम मोदी और अमित शाह को आतंकवादी भी बताया था। मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि आतंकवादी मुसलमान नहीं बल्कि आतंकवादी नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। इसके अलावा रजा ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी अभद्र टिप्पणी करते हुए उन्हें ढोंगी बताया था। रजा इससे पहले भी CAA के विरोध में भड़काऊ बयानबाजी कर चुके हैं। उन्होंने एक गाड़ी पर लाउडस्पीकर लगाकर भड़काऊ भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि हिन्दुस्तान की हुकूमत ने नागरिकता संशोधन बिल वापस नहीं लिया तो गलियों में खून बह जाएगा। सबसे पहले वह गोली खाएँगे। दंगे-फसाद हो जाएँगे। इसमें हिंदू, मुस्लिम और दलित भी उनका साथ देंगे।
हालिया भड़काऊ भाषण के दौरान भी उन्होंने गलियों में खून की नदियाँ बहाने वाले बयान का उल्लेख करते हुए कहा, “याद है पिछले दिनों हमने कहा था कि गलियों में खून की नदियाँ बहेंगी। हमने ये नहीं कहा था कि मैं खून बहाऊँगा। लेकिन हम अल्लाह के बंदे हैं, जो कह देते हैं, वो हो जाता है। अगर उन्होंने मेरी बात मान ली होती तो आज देश का ये माहौल नहीं होता। हमने तो उन्हें आगाह किया था।” मौलाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा तौकीर रजा ने कहा, “देश का माहौल चंद आतंकवादी हमलों से खराब हो जाता है। जरा सोचो अगर यहाँ के 30 करोड़ मुसलमान आतंकवादी बन गए तो इस देश का क्या हाल होगा।” मौलाना ने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम से ‘न’ और अमित शाह के नाम से ‘शा’ शब्द लेकर नशा शब्द गढ़ा और कहा, “कुछ हिंदू भाइयों पर मोदी और अमित शाह का नशा चढ़ा हुआ है, जिनके सिर पर मुल्क की बर्बादी का सेहरा बँधने वाला है। मोदी और अमित शाह का नशा उतरने में अगर देर हो गई तो ये दोनों मिलकर देश को बर्बाद कर देंगे। हमें इनका नशा उतारना है। ऐसा न हो कि कहीं हमारे नौजवान आतंकवाद का रास्ता न अपना लें, उन्हें रोकने के लिए हम यहाँ आए हैं। अगर तुमने ये CAA कानून वापस न लिया तो हमें अंदेशा है कि कहीं हमारे नौजवान गलत रास्ता न अपना लें।” मौलाना आगे कहते हैं, “हमारी जंग बड़ी जंग है और ये हुकूमत से जंग है और ये जंग हम जीत कर रहेंगे। हमने बाबरी मस्जिद के मामले में बड़ी नाइंसाफी को बर्दाश्त किया। इससे बड़ी बेईमानी नहीं कर सकते तुम कि हमने देश की शांति के लिए उसे बर्दाश्त किया और कोई प्रतिक्रिया नहीं की। कश्मीर में तुमने जो जुल्म किया, हमने उसे बर्दाश्त किया और सब्र किया। तुमने तीन तलाक के मामले में हमारे साथ बेईमानी की, हमने बर्दाश्त किया। आज हमारी बहन बेटियाँ सड़क पर निकाल आई हैं तो वो बिलबिला रहे हैं।”
जब मौलाना तौकीर रजा विवादित बयान दे रहे थे, उस समय मौके पर संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर रहमान बर्क भी मौजूद थे। तौकीर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था, “अगर हमें रास्ते से हटाया गया तो तुम भी नहीं रहोगे।”
‘अनपढ़ मोदी और टकले शाह, CAA वापस लो नहीं तो जिहाद के लिए तैयार रहो: मौलाना जरजिस अंसारी हाफिजुल्लाह एमके इस्लामिक चैनल नाम के एक इस्लामवादी यूट्यूब चैनल ने हाल ही में एक मौलाना जरजिस अंसारी हाफिजुल्लाह का एक भड़काऊ भाषण अपलोड किया है। इस भड़़काऊ भाषण में मौलाना को कई जगह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करते और धमकी देते देखा और सुना जा सकता है। मौलाना ने नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) बिल को झूठा करार देते हुए इसे मुस्लिम-विरोधी ठहराया। इस वीडियो को 18 दिसंबर 2019 को अपलोड किया गया था। इसे अब तक 4 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। एमके इस्लामिक यूट्यूब चैनल से पता चलता है कि इसे इस साल अक्टूबर में बनाया गया। इस यूट्यूब चैनल पर इसी मौलाना द्वारा बनाए गए अब तक 13 वीडियो को शेयर किया जा चुका है जिसे 27 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।
मौलाना अपने नफ़रत भरे भाषण में यह कहता है कि अगर मोदी या शाह उन्हें (मुस्लिम समुदाय को) देश से बाहर फेंकने की कोशिश कर रहे हैं तो वह भारत के कोने-कोने में ‘जिहाद’ करेंगे। इस वीडियो में मौलाना को यह कहते हुए सुना जाता है कि “इनके बाप के बाप के बाप की भी ताक़त नहीं हैं कि हमें बाहर निकाल दें। हमें निकाल के तो दिखा मोदी, हम भी जिहाद करने से पीछे नहीं हटेंगे।” मौलाना ने पीएम मोदी को ‘अनपढ़’ और ‘नपुंसक’ कहा और गृह मंत्री को “मोटे” और “टकले” कहा। इसके अलावा, मौलाना ने गृह मंत्री को यह कहते हुए धमकी दी कि तुम आग से खेल रहे हो, तो हमें कमतर न आँके। इसके अलावा, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की भी तारीफ़ करते हुए मौलाना ने कहा कि यह केजरीवाल ही थे जिन्होंने उन्हें पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता दिखाई थी। हालाँकि, सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि CAA को लेकर भारतीय मुसलमानों को बिल्कुल भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन, मौलाना ने अपने श्रोताओं के बीच यह कहकर झूठ फैलाया कि सरकार देश से सभी मुसलमानों को बाहर निकालना चाहती है। इसके अलावा, अपने नफ़रत भरे भाषण में लगभग 3 मिनट 30 सेकेंड पर, मौलाना ने सरकार को CAA और NRC को वापस लेने या जिहाद के लिए तैयार रहने की धमकी दी। मौलाना ने कहा कि अगर यह क़ानून पर तुम अटल रहे तो इतना याद रखना की मरने और मारने से कोई नहीं चूकेगा। अवलोकन करें:-
मोदी सरकार द्वारा नागरिकता अधिनियम लाए जाने के बाद से देशभर में इसके विरोध में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। जबकि देश भर में कई पाकिस्तानी हिन्दू प्रवासियों ने ऐतिहासिक नागरिकता संशोधन अधिनियम को पारित करने का जश्न मनाया और इसकी सराहना की है। इससे उनकी खोई हुई आशा वापस आ गई है, लेकिन दूसरी तरफ़ मुस्लिम भीड़ हिंसा पर उतारू है और सार्वजनिक सम्पत्ति को नष्ट करने के साथ-साथ देशभर में अराजकता फैलाने में जुटी हुई है।
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर किये जा विवाद पर अक्सर अपने लेखों में स्पष्ट लिखा कि ये विवाद मात्र केवल के बहाना है, वास्तविक विवाद तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और अयोध्या में राममन्दिर, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को विश्व में बेनकाब करना, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर हुए निर्णयों की भड़ास है। अगर विरोध नागरिकता कानून को लेकर है, फिर हिन्दू और भारत विरोधी नारों का क्या मतलब? बरहाल, नागरिकता कानून के बहाने बिल्लियां थैले से बाहर आ रहीं हैं। शर्म उन हिन्दुओं एवं धर्म-निरपेक्षता का राग-अलापने वाले नेताओं को आनी चाहिए, जो इतना कुछ होने के बावजूद विरोध में इनसे कंधे से कन्धा मिलाकर चल रहे हैं। वैसे जयचन्दों की किसी युग में कमी नहीं रही। भाजपा नेता संबित पात्रा के ट्विटर पर इन वीडियो की पुष्टि तो नहीं हुई है, बरहाल यदि ये वीडियो शाहीन बाग़ के अलावा कहीं और के भी हैं, बहुत खतरनाक हैं। जिस पर सरकार द्वारा सख्त से सख्त कार्यवाही करने की जरुरत है। इन टुकड़े गैंगों पर नकेल डालने की जरुरत है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर दिल्ली की शाहीन बाग में जारी धरने के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक और वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए संबित पात्रा ने लिखा है, “दोस्तों क्या आप बता सकते हैं कि ये कहाँ का वीडियो है, सोशल मीडिया में #TauheenBag के नाम से वायरल हो रहा है। अगर ये वाकई वहीं का वीडियो है तो खतरनाक है। अब समझ में आ रहा है क्यों तौहीनबाग के छोटे बच्चे भी मोदी जी और अमित शाह जी को मारने की बात करते हैं। इससे पहले की देर हो जाए, जाग जाओ।” संबित पात्रा द्वारा ट्वीट किए गए इस वायरल वीडियो में महिला कहती है, “अपने बच्चों को हमने ट्विंकल-ट्विंकल नहीं पढ़ाया है। हमने अपने बच्चों को बचपन से कर्बला का वाकया सुनाया है। हम औरतों ने शुरू से जैनब का वाकया सुना है। कर्बला में सिर्फ मर्दों ने ही नहीं, औरतों ने भी कुर्बानी दी है। कर्बला के मैदान में छोटे-छोटे बच्चों ने भी सिर कटाया था। पता चला हमें डराओ मत, हमारी शुरुआत सिर कटाने से होती है।”
दोस्तों क्या आप बता सकते है ये कहाँ का video है ..social media में #TauheenBag के नाम से viral हो रहा है ..अगर ये वाक़ई वहीं का video है तो ख़तरनाक है ..अब समझ में आ रहा है क्यों तौहीनबाग के छोटे बच्चे भी मोदी जी और अमित शाह जी को मारने की बात करते है .. Wake Up before it’s late pic.twitter.com/Mu7MZswtZy
वीडियो में आगे कहा जा रहा है, “इमाम-ए-हुसैन ने बता दिया था ये नहीं सोचना कि यजीद सिर्फ अभी है। यजीद कयामत तक आएगा। और सुन लो मुसलमानों, तुम्हें अपने बच्चों को हुसैन बनाकर पेश करना पड़ेगा। आज तपती हुई रेत नहीं है, आज साया लगा है, अच्छे कपड़े हैं, खा पी रहे हैं हम। हिम्मत चाहिए तो कर्बला वालों को याद करके बैठे रहना। कितने दिन? 3 दिन से सैय्यदा जैनब प्यासी थीं। बच्चे का सिर कट गया, सामने आ गया, उफ्फ नहीं हुआ। अल्लाह के दीन के लिए हम आज आवाज नहीं उठाएँगे तो कल हमारी नस्लें खराब हो जाएँगी।” महिला यहीं पर नहीं रूकती है। वो आगे कहती है, “तुम अगर नागरिकता सबको दे रहे हो तो हिंदुस्तान के मुसलमानों को भी नागरिकता दो। और क्यों दोगे? हम मोहताज नहीं हैं। हमको सादिक करने की जरूरत नहीं है। आज जितने करोड़ों की कमाई इंडिया में होती है, ये सरकार करोड़ों कमाती है, हमारे आबा-ओ-अजदाद की बनाई हुई इमारत से कमाती है। ताजमहल देख लो जाकर, कुतुब मीनार देख लो। किसी और ने नहीं बनाया। हमारे आबा-ओ-अजदाद ने बनाया है। तो पता चला, हुसैनी अज़्म रखते हैं, हुसैनी शान रखते हैं। मोहम्मद मुस्तफा की जात पर ईमान रखते हैं। नहीं वादे से डरते हम, जमाना जान ले हमको। खुदा का शुक्र है कि सीने में हम कुरान रखते हैं।” अवलोकन करें:-
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जबसे नागरिकता संशोधन कानून बना है, देश में…
अरफा खानुम किस प्रकार प्लान बता रही है वो आपको गौर से सुनना चाहिए, इन दिनों कट्टरपंथी तत्व जो तिरंगा लहरा रहे है, राष्ट्रगान गा रहे है वो इनकी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, सुनिए क्या कहती है अरफा।
इस देश में काफी सारे सेक्युलर हिन्दू अरफा खानुम और इनके जैसे लोगों का मोदी विरोध में जमकर साथ दे रहे है, अरफा खानुम इन सेकुलरों के सामने तो भाईचारे, दलित, आदिवासी की बात करती है, पर मुस्लिम भीड़ के आगे वो पूरी प्लानिंग समझाती है।
अरफ़ा की इस बात से देश समस्त छद्दम धर्म-निरपेक्षों को अपनी आंखें खोलने चाहिए, जो सेकुलरिज्म का हर वक़्त राग अलापते रहते हैं। वास्तव में हिन्दुओं का छद्दम धर्म-निरपेक्षों द्वारा मूर्ख ही बनाया जा रहा, बल्कि ये लोग स्वयं गजवा हिन्द बनाने में इन कट्टरपंथी स्लीपर सैल्स की मदद कर, भारत को पुनः गुलाम बनाने की ओर धकेल रहे हैं, जो अरफ़ा के बयानों से स्पष्ट झलक रहा है।
70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए आठ फरवरी को वोट डाले जाएँगे। नतीजे 11 फरवरी को आएँगे।राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार ....
इसके अलावा संबित पात्रा ने एक अन्य वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है, “वो जीना चाहते है और हमारे बच्चे मरने को तैयार है”, खतरनाक है ये बहुत खतरनाक। जाग जाओ इससे पहले कि देर हो जाए। इस वीडियो को दिल्ली के शहर काजी का बताया जा रहा है। वीडियो में शहर काजी कहते हैं, “कुछ लोग हम पर अत्याचार कर रहे हैं। अगर हमने अपने नौजवान बच्चों को एक दफा इशारा कर दिया और उकसा दिया तो हमारे बच्चे उनसे कहीं ज्यादा ताकत रखते हैं। याद रखना हम उस आदमी के औलाद हैं, जिन्होंने यहूदियों को कहा था कि तुम्हारे पास 10 लोग हैं जो जीना चाहते हैं और मेरे पास एक लोग है जो मौत को गले लगाना चाहते हैं। हम मौत को गले लगाने वाली कौम हैं।”