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क्या राहुल गाँधी उर्फ़ राहुल विंसी विदेशी नागरिक हैं?

अमेठी में राहुल गांधी के नामांकन पत्र की जांच 22 अप्रैल तक टली, BJP ने नागरिकता पर उठाए सवाल
लगता है लोकसभा चुनाव 2019 जरुरत से ज्यादा भारी नज़र आ रहे हैं। चुनाव से पूर्व तो उन पर आरोपों के संकट के बादल मंडला रहे थे, लेकिन इन चुनावों में भी संकट के बादल मंडलाने शुरू हो गए। पिछले कई वर्षों से सुब्रमण्यम स्वामी राहुल की नागरिकता और पासपोर्ट को लेकर प्रश्न करते रहे हैं। दुर्भाग्यवश उनके आरोपों को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन एक निर्दलीय उम्मीदवार ने डॉ स्वामी के आरोपों को चर्चा में ले आए। 
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी मुश्किल में फंस गए हैं। राहुल गांधी का अमेठी में नामांकन खतरे में पड़ गया है। राहुल गांधी ने अमेठी में दाखिल किए गए नामांकन में अपनी शिक्षा एम-फिल बतायी है। ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के उनके सर्टिफिकेट में उनका नाम राउल विंसी लिखा हुआ है। 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता भले ही मंदिरों में जाकर खुद को हिंदू दिखाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन खुद को हिंदू साबित करने के चक्कर में कांग्रेस अध्यक्ष फंसते जा रहे हैं, क्योंकि वे न तो सनातन धर्म के बारे में जानते हैं और न ही पूजा का विधि-विधान जानते हैं। इतना ही नहीं, उनके दादा का नाम भी फिरोज खान गांधी है। जाहिर है वे न तो धर्म से, न संस्कार से और न ही जन्म के आधार पर हिंदू हैं।
अमेठी के रिटर्निंग ऑफिसर राम मनोहर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन की जांच को 22 अप्रैल तक स्थगित करने के आदेश दे दिए हैं। एक निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल ने राहुल गांधी के नामांकन संबंधी जानकारियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। ध्रुव लाल के वकील रवि प्रकाश ने कहा कि उन्होंने तीन बिंदुओं के आधार पर यह आपत्ति जताई है।
वकील रवि प्रकाश. फोटो ANI
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रवि प्रकाश ने कहा, 'राहुल गांधी ब्रिटेन की एक कंपनी से जुड़े हुए हैं और इस कंपनी के पास दी गई जानकारी में राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया है।' उन्होंने कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत विदेशी नागरिक भारत में चुनाव नहीं लड़ सकता है।
प्रकाश ने कहा, 'किस आधार पर राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया? और ऐसा करने पर उनके पास भारतीय नागरिकता रखने का क्या अधिकार है? हमने रिटर्निंग ऑफिसर से अनुरोध किया है कि मामले के स्पष्ट होने तक राहुल गांधी का नामांकन स्वीकार नहीं किया जाए।'
वकील ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने हलफनामे में अपनी साल 2003 से 2009 के बीच यूके में संपत्तियों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए रवि प्रकाश ने कहा, 'राहुल गांधी की ओर से बताई गई योग्यता उनके दस्तावेजों पर मौजूद योग्यता से मेल नहीं खाती है। कई डॉक्यूमेंट्स पर उनका नाम राहुल विंसी बताया गया है जब कई दस्तावेजों में उनका नाम राहुल गांधी भी है। हम पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी और राहुल विंसी एक ही व्यक्ति है। इस बारे में स्पष्टीकरण देने की जरूरत है।' राहुल गांधी के नामांकन पर सवाल उठने के बाद बीजेपी भी हमलावर हो गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पार्टी ने भी राहुल गांधी नागरिकता पर सवाल खड़े किए हैं।
बीजेपी प्रवक्‍ता जीवीएल नरसिम्‍हा ने शनिवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके राहुल गांधी से उनकी नागरिकता को लेकर जवाब मांगा है। उन्‍होंने कहा है कि राहुल गांधी बताएं कि वह ब्रिटिश नागरिक हैं या नहीं? उन्‍होंने आरोप लगाया कि एक कंपनी में राहुल की नागरिकता ब्रिटिश दर्ज है
बीजेपी प्रवक्‍ता जीवीएल नरसिम्‍हा ने कहा कि राहुल गांधी और उनके वकील राहुल कौशिक अमेठी में नामांकन पत्र पर रिटर्निंग अफसर के ऑब्जेक्शन का जवाब नहीं दे सके हैं। उनको 22 तारीख का टाइम दिया गया है। ये आश्चर्य की बात है कि उनके पास जवाब नहीं था. कांग्रेस और राहुल गांधी को जवाब देना पड़ेगा
बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा कि राहुल से जुड़ा दूसरा मामला उनकी शैक्षणिक योग्‍यता को लेकर है बीए के बाद राहुल को एक साल के बाद एमफिल की डिग्री मिल गई। 2014 में उनका सब्जेक्ट बदल गया इतने सारे कंफ्यूजन पर राहुल गांधी को जवाब देना होगा ट्रिनिटी कॉलेज में 2004 में किसी राहुल विन्ची को M PHIL  की डिग्री दी गई क्या वो हमारे राहुल गांधी ही हैं? 
जीवीएल नरसिम्‍हा ने कहा कि तीसरा मामला है राहुल गांधी के इंवेस्टमेंट को लेकर है वह बैक ऑप्स कंपनी में डायरेक्टर थे उसकी इनकम का कहीं जिक्र नहीं है यूनिटेक की प्रॉपर्टी कैसे हासिल की उम्मीद है कि इसकी पूरी जानकारी राहुल गांधी सामने रखेंगे
अमेठी से ही चुनाव लड़ रहे एक निर्दलीय उम्‍मीदवार ध्रुव लाल ने राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए उनके नामांकन पत्र की जांच की मांग की थी उनके वकील रवि प्रकाश का कहना है कि ब्रिटेन की एक रजिस्‍टर्ड कंपनी के दस्‍तावेजों में उन्‍होंने अपनी ब्रिटिश नागरिकता का उल्‍लेख किया है और गैर भारतीय देश में चुनाव नहीं लड़ सकता है
रवि प्रकाश का कहना है कि इसके साथ ही राहुल शैक्षणिक सर्टिफिकेट में भी कई सारी गलतियां हैं उन्‍होंने मांग की कि राहुल गांधी के असली शैक्षणिक दस्‍तावेज सामने आने चाहिए बता दें राहुल गांधी केरल की वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं वह वहां भी अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं
शरिया अदालत लागू करने का राहुल ने किया वादा
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मांगें भी मान ली। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने ये वादा किया कि अगर वे 2019 में देश के प्रधानमंत्री बने तो देश के हर जिले में शरिया अदालत बनाने की मांग पूरी कर देंगे।

राहुल के आदेश से हिंदुओं को ‘गाली’ दे रहे कांग्रेसी!
पिछले साल 11 जुलाई को कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हिंदुओं को कट्टरपंथी बताते हुए ‘हिंदू पाकिस्तान’ की बात कही। इसके बाद 13 जुलाई को दिग्विजय सिंह ने हिंदुओं को कट्टरपंथी कहा और भारत के पाकिस्तान बन जाने की बात कही। खबर है कि यह सब राहुल गाधी के आदेश से किया जा रहा है। गौरतलब है कि 11 जुलाई को ही राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की थी और मुलाकात से पहले और बाद वह यही संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिमों की असल हितैषी कांग्रेस है।  

सीरिया जाकर ISIS में शामिल होने वाली जिहादी शमीमा बेगम से नागरिकता छीनेगा ब्रिटेन

सीरिया जाकर आईएसआईएस में शामिल होने वाली 19 साल की शमीमा बेगम से ब्रिटेन नागरिकता वापस लेगा। ये जानकारी शमीमा बेगम के परिवार के वकील ने दी है। शमीमा सीरिया में आईएसआईएस में शामिल हो गई थी और अब अपने बच्चे के साथ घर लौटना चाहती है। आईटीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने शमीमा की मां को एक चिट्ठी भेजी है। साल 2015 में अपने दो साथियों से साथ शमीमा आईएसआईएस में शामिल हो गई थी।

शमीमा ने तीसरे बच्चे को जन्म दिया

कुछ दिनों पहले ही उसने अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया है। शमीमा ने ब्रिटिश अधिकारियों से अपील करते हुए कहा था कि ब्रिटेन में उसके बच्चे को पालने की अनुमति देकर उस पर दया दिखाएं। जबकि उसने आईएस में शामिल होने पर कोई अफसोस जाहिर नहीं किया था। शमीमा के दो अन्य दो बच्चों की कुपोषण के कारण मौत हो गई थी।
अक्सर पहले भी कई समाचार सामने आते रहे हैं कि आतंकवादी संगठन महिलाओं को भर्ती केवल आतंकवादियों की हवस दूर करने के लिए करते हैं। संगठन में शामिल हुई महिलाओं के साथ किसी सामूहिक बलात्कार से भी बुरी तरह दरिंदगी होती है। अन्तर केवल इतना होता है कि वहां उनकी तकलीफ सुनने वाला कोई नहीं होता, वहां तो बस उनको अपनी हवस पूरी करनी होती है। 
अवलोकन करें:-

इस वेबसाइट का परिचय
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आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के चंगुल से आजाद हुई यजीदी लड़की ने अपनी आपबीती सुनायी तो लोगों के रोंगटे सिहर उठे। ...

ब्रिटेन शमीमा से नागरिकता वापस लेगा

पिछले दिनों ही युद्ध की खबर देने वाले एक रिपोर्टर ने शरणार्थी शिविर में उसका पता लगाया था और तब देखा था कि वह गर्भवती है। उस वक्त शमीमा अपने अजन्मे बच्चे की सुरक्षा के लिए युद्ध क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए परेशान थी। परिवार के वकील ने बताया कि शमीमा ने तीसरे बच्चे को दिया हैं। शमीमा अपनी दो दोस्तों खदीजा सुल्ताना और अमीरा अबेस के साथ साल 2015 में सीरिया चली गई थी जहां उसने आईएसआईएस ज्वाइन कर लिया था।
ऐसे में भारत सरकार से प्रश्न है कि क्या ब्रिटेन की तर्ज पर आईएसआईएस या आईएसआई में शामिल होने वालों की भारतीय नागरिकता वापस लेगा? 

आखिर क्या है राहुल गाँधी की नागरिकता?


ये तस्वीर यूपी चुनाव के वक्त की है, जब राहुल गांधी ने
लखनऊ के सेंट जोसेफ कैथड्रल में
प्रार्थना के बाद प्रचार की शुरुआत की थी।
आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार 
एक कहावत है :-
सच्चाई छुप नहीं सकती,
कभी बनावट के असूलों से,
खुशबू आ नहीं सकती 
कभी कागज के फूलों से।
राहुल गाँधी कभी कहते हैं कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है, तो कभी अपने आपको जनेऊ धारी हिन्दू बतातें हैं,लेकिन गुजरात से राजस्थान पहुँचते-पहुँचते जनेऊधारी हिन्दू से कौल ब्राह्मण बन गए और गोत्र दत्तात्रेय भी हो गया। बात यहीं नहीं रुकी, राहुल गांधी ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान कहा, 'हिंदुत्व का सार क्या है? गीता क्या कहती है? वह ज्ञान हर किसी के साथ है, ज्ञान आपके चारों ओर है। प्रत्येक जीवित चीज के पास ज्ञान है। हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन हिंदुत्व की नींव के बारे में नहीं जानते। मोदी किस प्रकार के हिंदू हैं?'    
राहुल कितने हिन्दू है वह, नवम्बर 29, 2017  को राहुल गाँधी द्वारा सोमनाथ मन्दिर के दर्शन करने पर चरितार्थ हो गया है। मन्दिर में ऐसे बैठ रहे हैं जैसे किसी मस्जिद में नमाज पढ़ रहे हैं। 
जो पार्टी 10 वर्ष सत्ता में रहते, हिन्दू धर्म को कलंकित करती रही हो, इस्लामिक आतंकवाद को चार चाँद लगाने बेगुनाह हिन्दू साधु-संत और साध्वियों को जेलों में डाल, उन पर अत्याचार करने से नहीं चुकी, आज उसी पार्टी का अध्यक्ष मन्दिरों के चक्कर काट रहा हैं। अब इसको कांग्रेस की दोगली नीति न कहा जाए तो क्या कहा जाए? स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित से आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने को कबूलवाने के लिए जो अमानवीय अत्याचार किए गए थे, यदि उसका एक प्रतिशत भी इस पार्टी के कार्यकाल में गिरफ्तार इस्लामिक आतंकवादी के साथ किया होता, देश में सारे छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और पार्टियाँ आसमान को सिर पर उठा लेते, लेकिन इन बेगुनाहों के साथ किए जा रहे अमानवीय अत्याचारों पर समस्त पार्टियाँ गूंगी बहरी और सूरदास बनी रहीं, आज किस मुँह से अपने आप को हिन्दू कहते हैं? 
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राहुल गांधी, उनके परिवारजन, कांग्रेसी किसी भी धर्म को माने या ना माने यह उनका व्यक्तिगत विषय है, परंतु यह भी उतना ही अत्यंत दुखद है कि वह धर्म के नाम पर घृणित राजनीति कर रहा है। श्री भगवान सोमनाथ मंदिर में जो भी उसकी गैर हिंदू रजिस्टर में एंट्री हुई है यह उसका व्यक्तिगत विषय है, परंतु उसके बाद जिस तरह से कांग्रेसियों के बयान आये है वह निंदनीय व् दुखद है जिसमें राहुल गांधी को जनेऊ धारी हिन्दू बताया गया है। मेरा यह मानना है कि धर्म के नाम पर केवल राजनीति ना हो, राहुल गांधी यदि सनातनी हिंदू है तो केवल रविवार को सिर्फ तीन बार जनता के सामने गायत्री मंत्र का उच्चारण स्वयं करें, इन दिनों में वह गायत्री मन्त्र अच्छी तरह सीख सकता है, अगर यदि संभावना न हो तो अगले रविवार को कर दें मतलब गायत्री मन्त्र का उच्चारण सीख कर और उसके साथ किसी भी हिन्दू ग्रन्थ रामायण या महाभारत या कोई भी वेद पुराण की किसी छोटी सी घटना का जो की उसको याद हो सके स्वयं वर्णन करें, कंठस्थ बगैर किसी मोबाइल एप्प की सहायता के बिना।  इससे सिद्ध हो जायेगा की राहुल गाँधी इलेक्शन टाइम में ही सिर्फ मंदिरो में जा कर हिन्दू धर्म का मज़ाक उड़ा रहा है या उसकी हिन्दु धर्म में आस्था व् श्रद्धा है।    
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी ने खुद को गैर-हिंदू के रूप में दर्ज करवाया। इसके साथ ही यह बहस चल पड़ी है कि आखिर राहुल गांधी का धर्म क्या है? अगर वो हिंदू नहीं तो किस धर्म को मानते हैं? ईसाई, इस्लाम या फिर कुछ और? कहीं ऐसा तो नहीं कि राहुल गांधी नास्तिक हैं? अब राजस्थान चुनावों में अपना दत्तात्रेय गोत्र बताना कितना हास्यप्रद लगता है। दरअसल राहुल गांधी के धर्म का विवाद नया नहीं है। उनके राजनीति में आने से पहले से ही ये सवाल खड़े होते रहे हैं। 
Image result for सोनिया एंटोनिया माइनो (सोनिया गांधी) की प्रधानमंत्री पद के लिए पात्रता !
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कई बार यह दावा किया है कि राहुल गांधी ईसाई हैं और वो दोहरी पहचान रखते हैं। स्वामी तो यहां तक दावा करते हैं कि 10 जनपथ में सोनिया गांधी ने एक चर्च बनवा रखा है और रविवार के दिन वहां पर बाइबिल के उपदेश पढ़े जाते हैं और पूरा गांधी परिवार इसमें शामिल होता है। इसके अलावा कुछ और घटनाएं भी हो चुकी हैं जिनसे यह पता चलता है कि संभवत: सोनिया गांधी के आने के बाद से गांधी परिवार कैथोलिक ईसाई धर्म से जुड़ चुका है। वो 5 बड़ी बातें जिनके आधार पर यह बात की जा  रही है।

1. राहुल गांधी की है दोहरी पहचान

2014 में यह खबर आई थी कि कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में राहुल गांधी की सारी पढ़ाई ‘राउल विंसी’ के तौर पर हुई है। वहां पर वो 1994 से 95 तक छात्र रहे थे। यूनिवर्सिटी की एलुमनी बुक में भी उनका यही नाम दर्ज है। कॉलेज की प्रिंसिपल ने डॉक्टर एलिसन रिचर्ड की तरफ से जारी एक चिट्ठी में भी राउल विंसी को कॉलेज में एमफिल का छात्र बताया गया है। हालांकि दलील दी जाती है कि ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया होगा। अवलोकन करिए:--
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कई राज्यों के विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव प्रचार में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जाति ...




सोमनाथ मन्दिर में राहुल गाँधी आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जो बात लंबे समय से अटकलबाजियों की शक्ल में रही उस पर मुह...
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लेकिन सुब्रह्मण्यम स्वामी इस दलील को सही नहीं मानते। उनके मुताबिक राहुल गांधी के सर्टिफिकेट पर भी राउल विंसी नाम ही दर्ज है। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए नाम बदलने की दलील सही नहीं है, क्योंकि राहुल जब ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ते थे तो यह बात पूरे देश को पता थी, वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोग भी जानते थे।

2. अमेरिका में राजदूत ने बोला सच

राजीव गांधी से शादी के बाद सोनिया गांधी ने नया नाम जरूर ले लिया था, लेकिन उन्होंने औपचारिक तौर पर कभी धर्मांतरण नहीं किया। यहां तक कि उन्होंने भारत की नागरिकता लेने में भी कई साल की देरी लगाई थी। 2011 में अमेरिका में भारतीय उच्चायुक्त मीरा शंकर ने वहां पर एक प्रोग्राम में दावा किया था कि सोनिया गांधी ईसाई हैं। उनका ये भाषण वहां के भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर अपलोड भी किया गया था, लेकिन कुछ दिनों के अंदर ही भाषण के उस हिस्से को गायब करवा दिया गया। सवाल यह है कि अगर राजदूत ने कुछ गलत भी कहा था तो उस पर औपचारिक स्पष्टीकरण देने के बजाय लीपापोती क्यों की गई?

3. न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी सच्चाई

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने 27 फरवरी 1988 में एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी को रोमन कैथोलिक बताया था। इस रिपोर्ट में अखबार ने चर्च के हवाले से इस बात की पुष्टि की थी कि सोनिया गांधी ने खुद और अपने बेटे-बेटी को हिंदू या मुसलमान होने से बचाकर रखा है। सोनिया गांधी की तारीफ में छपे इस लेख में उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत का गुणगान किया गया था। यह लेख जब छपा था तो भारत में काफी हंगामा हुआ था। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसका कभी खंडन नहीं किया। यह लेख आज भी अखबार की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।

4. ईसाई मिशनरी से खुला समर्थन

उत्तर प्रदेश चुनाव के वक्त यह बात सामने आई थी कि जहां कहीं भी राहुल गांधी की रैलियां होती थीं, वहां के लिए बसें भरकर भेजने में ईसाई मिशनरी भी जुटी हुई थीं। उत्तर प्रदेश में कई मिशनरी स्कूल और अस्पताल चलते हैं। राहुल गांधी की रैलियों में इन मिशनरीज पूरा हाथ बंटाया था। यह माना जाता है कि 10 साल के यूपीए शासन में देश में ईसाई मिशनरियों को खुलेआम धर्मांतरण की छूट दे दी गई थी।

5. शुरू से ही हिंदू विरोधी मानसिकता

विकीलीक्स के खुलासे में यह बात पता चली थी कि अमेरिकी डिप्लोमेट से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में इस्लामी आतंकवाद से बड़ा खतरा हिंदू आतंकवाद है। यह आरोप लगता रहा है कि राहुल गांधी ने ऐसे ही तमाम दूसरे विदेशी राजदूतों और पत्रकारों के जरिए हिंदू धर्म को लेकर दुष्प्रचार किया। उन्होंने एक बार कहा था कि जो लोग मंदिर जाते हैं वो लड़कियां छेड़ते हैं। इस बयान पर उनका काफी विरोध भी हुआ था।

स्वामी का दावा- ‘राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं’

जबकि दूसरी ओर  बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यह बड़ा दावा किया है। ‘राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं’। उन्होंने इस बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक चिट्ठी लिखकर जांच का अनुरोध किया है। साथ ही वो दस्तावेज भी भेजे हैं जिनके आधार पर स्वामी ने ये दावा किया है। इससे पहले सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नवंबर 2016 में भी इस बारे में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उनका दावा है कि खुद राहुल ने 2003 में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। राहुल ने तब लंदन में एक प्राइवेट कंपनी रजिस्टर कराई थी और उसमें उन्होंने अपना लंदन का स्थानीय पता लिखा था और नागरिकता के कॉलम में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। स्वामी इस मुद्दे को समय-समय पर उठाते रहे, लेकिन राजनीतिक कारणों से मामला अब तक दबा रहा है। इस मामले में शिकायत लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन तक पहुंच चुकी है।

भारतीय नागरिकता दिखावे के लिए!

Subramanian-Swamys-letter-to-PM-on-Nov-12-2015-on-Rahul-Gandhi s-British-citizenship-and-British-company-page-001ब्रिटेन के कंपनी कानून विभाग से हासिल किए गए दस्तावेजों के मुताबिक 21 अगस्त 2003 में बैकॉप्स लिमिटेड नाम की कंपनी ब्रिटेन में रजिस्टर कराई गई थी। इस कंपनी के डायरेक्टर और कंपनी सेक्रेटरी का नाम राहुल गांधी बताया गया। इसमें राहुल गांधी का जन्मदिन सही बताया गया है। लेकिन पते में लंदन का एक पता लिखा गया और नागरिकता ब्रिटिश बताई गई। यह कंपनी 2009 में लोकसभा चुनाव से पहले बंद कर दी गई। लेकिन इस दौरान राहुल ने ब्रिटिश कानून के मुताबिक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया। स्वामी ने अपनी बात साबित करने के लिए 2006 का रिटर्न भी पेश किया है। रिटर्न और 2009 में कंपनी को बंद करने के अपने आवेदन में भी राहुल ने खुद को ब्रिटिश नागरिक ही बताया था। जबकि 2004 से ही भारतीय संसद के सदस्य बन चुके थे।
Subramanian-Swamys-letter-to-PM-on-Nov-12-2015-on-Rahul-Gandhi s-British-citizenship-and-British-company-page-002

राहुल गांधी ब्रिटेन में वोटर भी रहे

CT76OuwU8AAVXxWइतना ही नहीं राहुल गांधी का ब्रिटेन के नागरिक के तौर पर वहां की वोटर लिस्ट में था। इस बारे में भी दस्तावेज पेश किए गए है। वहां के चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अलग-अलग सालों में राहुल गांधी का नाम देखा जा सकता है। स्वामी के इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सांसद महेश गिरी ने पिछले साल मार्च में स्पीकर सुमित्रा महाजन को औपचारिक शिकायत भेजी थी, जिसे स्पीकर ने संसद की आचार समिति के पास विचार के लिए भेज दिया। आचार समिति इस सिलसिले में राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर चुकी है।

कैसे सामने आए ये सारे दस्तावेज?

Subramanian-Swamys-letter-to-PM-on-Nov-12-2015-on-Rahul-Gandhi s-British-citizenship-and-British-company-page-008सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बताया है कि उन्होंने ये सारे कागजात लंदन में रहकर खुद जुटाए हैं। उन्हें इनकी सच्चाई पर कोई शक नहीं है। क्योंकि सारे दस्तावेज आधिकारिक स्रोतों से मिले हैं।

अब क्या चाहते हैं सुब्रह्मण्यम स्वामी?

स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द की जाए और उनकी लोकसभा की सदस्यता भी खत्म कर दी जाए। क्योंकि कोई भारतीय कानून के मुताबिक कोई भारत के साथ दूसरे देश की नागरिकता एक ही समय पर नहीं रख सकता है। स्वामी इस बारे में लोकसभा स्पीकर को भी पत्र लिखने वाले हैं।

स्वामी के दावे पर क्या कह रही है कांग्रेस?

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कांग्रेस सुब्रह्मण्यम स्वामी के दावों को अब तक खारिज करती रही है। दो साल पहले जब उन्होंने इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी तब राहुल के घर पर अहमद पटेल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सीपी जोशी और शकील अहमद की बैठक हुई थी। उसके बाद एक बयान जारी करके कहा गया कि पैदा होने के दिन से ही राहुल भारत के नागरिक हैं और उन्होंने कभी किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं लिया। कांग्रेस ने स्वामी के आरोपों को राजनीतिक करार दिया, लेकिन उन्होंने दस्तावेजों और आरोपों पर कोई साफ जवाब नहीं दिया। यह भी नहीं बताया कि 2003 और 2009 के बीच राहुल क्यों खुद को ब्रिटिश नागरिक बताते रहे, जबकि वो भारतीय संसद के सदस्य भी थे। इसी दिन शाम को सोनिया और प्रियंका गांधी ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के घर पर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इस बातचीत का ब्यौरा तो सामने नहीं आया है, लेकिन अटकलें हैं कि यह मुलाकात भी स्वामी के खुलासे के सिलसिले में हो सकती है।