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पश्चिम बंगाल : EVM-VVPAT की लूट, संदेशखाली और भाँगड़ में बमबाजी: महिलाओं को धमकाकर TMC के गुंडे डलवा रहे वोट

           कहीं हिंसा, कहीं बमबाजी, कहीं ईवीएम की लूट (साभार : X_ANI/PTI/SubhiVishwakarma)
लोकसभा चुनाव 2024 में सातवें और आखिरी चरण का मतदान जारी है। मतदान की शुरुआत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसाओं की खबरें सामने आने लगी हैं। हर बार की तरह इस बार भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हमला किया। कहीं बमबाजी की है, तो कहीं लाठियों का सहारा लिया है। वहीं, दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों द्वारा धमकाने पर बिफरी भीड़ ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को तलाब के पानी में फेंक दिया। इस बीच, संदेशखाली और भाँगड़ में बम भी चलाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने बताया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के कुलताई में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को निशाना बनाया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी है कि ‘आज (1 जून 2024) की सुबह 6.40 बजे 19-जयनगर (एससी) पीसी के 129-कुलतली एसी में बेनीमाधवपुर एफपी स्कूल के पास सेक्टर अधिकारी के रिजर्व ईवीएम और कागजात स्थानीय भीड़ द्वारा लूट लिए गए और 1 सीयू, 1 बीयू, 2 वीवीपीएटी मशीनों को एक तालाब के अंदर फेंक दिया गया… सेक्टर अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेक्टर के तहत सभी छह बूथों में मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चल रही है। सेक्टर अधिकारी को नए ईवीएम और कागजात उपलब्ध कराए गए हैं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के कुलतई में बूथ संख्या 40, 41 पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर ईवीएम और वीवीपैट मशीन को पानी में फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदाताओं को कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने धमकी दी है। इससे गुस्साई भीड़ ने ईवीएम को निशाना बनाया और मशीनों को तालाब में फेंक दिया। हालाँकि यहाँ मशीनों को बदला गया और मतदान का काम जारी है।

पत्रकार सुभी विश्वकर्मा ने 2 जगहों पर बमबारी की घटना की जानकारी दी है। उन्होंने वीडियो भी पोस्ट किए हैं। पहली घटना जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र के भाँगड़ इलाके की है, जहाँ बमबाजी की गई। वहीं, संदेशखाली में भी बमबाजी की वारदात सामने आई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अधिकारी महिलाओं और महिला बूथ कार्यकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं को टीएमसी के पक्ष में वोटिंग के लिए धमका रहे हैं।

पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बीजेपी ने पूछा है कि ये बम कहाँ से आ रहे हैं। पश्चिन बंगाल बीजेपी ने एक्स पर लिखा, “सातवें चरण के मतदान में भी टीएमसी का आतंक जारी है। सतुलिया, भांगड़ में बम धमाके हो रहे हैं। ममता बनर्जी, जो जानती हैं कि ये बम कौन बना रहा है, फिर भी ये धमाके होने दे रही हैं। ममता बनर्जी, ये सारे बम कहाँ से आ रहे हैं?”

लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण में सुबह 9 बजे तक 11.31 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 14.35%, झारखंड में 12.15%, बिहार में 10.58%, चंडीगढ़ में 11.6%, यूपी में 12.94%, ओडिशा में 7.69%, पंजाब में 9.64% और पश्चिम बंगाल में 12.64% मतदान हुआ है।

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 57 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है। जिन सीटों पर आज वोटिंग हो रही है, उसमें पंजाब और यूपी की 13-13 सीटें, पश्चिम बंगाल की 9 सीटें, बिहार की 8 सीटें, ओडिशा की 6 सीटें, हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें, झारखंड की 3 सीट और एक चंडीगढ़ सीट शामिल है।

कांग्रेस के ‘दक्षिण अफ्रीका वाले EVM का कर्नाटक में इस्तेमाल’ करने के दावे को चुनाव आयोग ने किया खारिज, कहा- नियम पता होने चाहिए, अफवाह फैलाने वाले सूत्र पता करें

कर्नाटक चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस को ईवीएम के ऊपर संदेह जताना महंगा पड़ गया। निर्वाचन आयोग ने कॉन्ग्रेस को पत्र लिखकर बताया कि पार्टी के आरोप गलत हैं कि ईवीएम को चुनाव से पहले दक्षिण अफ्रीका भेजा गया। आयोग ने कहा कि न तो ईवीएम साउथ अफ्रीका भेजी गई है और न ही वहाँ पर ईवीएम का इस्तेमाल होता है। दक्षिण अफ्रीका के निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनावों की बुकलेट के जरिए इसका आसानी से पता किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में चुनाव से दो दिन पहले 8 मई को कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की थी कि साउथ अफ्रीका में पूर्व में इस्तेमाल की गई ईवीएम का इस्तेमाल कर्नाटक चुनाव में होने वाला है। पार्टी ने यह आरोप लगाते हुए ईसी से स्पष्टीकरण माँगा था। अब चुनाव आयोग के पोल पैनल ने इस पत्र पर सख्ती से जवाब देते हुए कांग्रेस को प्रक्रिया समझाई है। 

निर्वाचन आयोग ने बताया कि कर्नाटक चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सारी ईवीएम नई हैं। ये बात इंडियन नेशनल कांग्रेस भी जानती है। आयोग ने कहा कि जब भी ईवीएम आती है तो उस पूरे प्रक्रिया का वीडियोग्राफी होती है और हर पॉलिटिकल पार्टी के लोगों को वहाँ चश्मदीद बनने के लिए बुलाया जाता है। कांग्रेस बहुत अच्छे से जानती है कि ईवीएम कहाँ से आई हैं।

कांग्रेस को फटकार लगाते हुए ईसीआई ने कहा कि कांग्रेस इतने समय से राष्ट्रीय पार्टी है और विभिन्न चुनावों में भाग लिया है, उनसे तो कम से कम उम्मीदा की जाती है कि उन्हें ईसीआई के प्रोटोकॉल्स के बारे में पता होगा। आयोग ने बताया कि न केवल प्रतिनिधियों को बुलाकर दिखाया जाता है कि ईवीएम आई कहाँ से, बल्कि उन्हें ईवीएम की यूनिक आई़डी की लिस्ट भी दी जाती है। इतना ही नहीं उसे असेंबल करने से पहले उसे रैंडम चेक किया जाता है। उसे चालू किए जाने के बाद फिर उसे पार्टी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चेक किया जाता है।

अपने पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि उन्होंने जितने एसओपी बताए उन सबको कर्नाटक चुनाव के समय फॉलो किया गया और जहाँ तक उनके पास रिकॉर्ड है इस पूरे प्रोसेस में कांग्रेस के प्रतिनिधि मौजूद थे। ईसीआई ने इतनी पारदर्शिता के बाद भी कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर उन्हें फटकारा और कहा कि सूत्रों के हवाले से ये कहना कि ईवीएम साउथ अफ्रीका में इस्तेमाल हुई, बहुत हैरान करने वाला है।

चुनाव आयोग ने कहा कि विभिन्न सूत्रों का नाम लेकर फैलाई गई खबर का कोई औचित्य नहीं है, जो कांग्रेस को जानकारी के तौर पर दी गई। ऐसे में पार्टी को पता करना चाहिए ये झूठ किसने कैसे फैलाया ताकि पार्टी की साख पर आँच न आए। आयोग ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं झूठी खबर फैलाने वाले सूत्र के एक्शन लेकर इस बारे में कमीशन को 15 मई 2023 को 5 बजे से पहले बताया जाएगा।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को ईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लेटर भेज बताया कि आयोग के निर्देशों के मुताबिक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला स्तर पर एफएलसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एफएलसी ओके ईवीएम और वीवीपीएटी की सूची की फोटोकॉपी दी जाती है। लेटर के अनुसार हैदराबाद से ईसीआईएल द्वारा नव निर्मित ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग ही इस चुनाव में किया गया है।

क्या 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्ष ने डाल दिए हथियार? अभी से शुरू हुआ EVM का रोना

विभिन्न पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बरकरार है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा की वापसी के स्पष्ट संकेत हैं। ऐसे में विपक्ष पहले ही हार मानते हुए अभी से ही EVM का रोना शुरू कर दिया है। NCP प्रमुख शरद पवार ने EVM पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है।

EVM पर 2024 चुनाव से पहले ही विपक्ष द्वारा रोना शुरू करना भाजपा के लगातार तीसरी बार सत्ता आने से कितनी बौखलाहट होनी शुरू हो गयी है। जबकि कोरोना काल में मोदी विरोधी चैनल भाजपा को 350+ सीट देने का दावा कर चुके हैं, एनडीए में शामिल पार्टियां अलग हैं। और अब जिस तरह खालिस्तान आंदोलन पर प्रहार करने इसके समर्थन कर रही पार्टियों की नींद, रोटी-पानी हराम होना ही है।  

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो पवार ने 23 मार्च 2023 को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक उनके आवास पर शाम के 6 बजे आयोजित की जाएगी। इसमें राज्यसभा में विपक्षी दलों के फ्लोर नेता शामिल रहेंगे। यहाँ ममता बनर्जी से अलग तीसरे मोर्चा की भी खिचड़ी पकने की संभावना है।

शरद पवार ने कहा कि इस बैठक में उन्होंने उन सभी नेताओं को पत्र लिखकर बुलाया है, जिन्होंने EVM को लेकर संदेह जाहिर किया था या जिन्हें संदेह है। उन्होंने कहा कि यह बैठक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराए जाने को लेकर बुलाई गई है। बैठक में आईटी प्रोफेशनल और क्रिप्टोग्राफरों को भी बुलाया गया है। उनकी भी राय सुनी जाएगी।

पत्र में विशेषज्ञों का हवाला देते हुए पवार ने कहा है कि चिप वाली किसी भी मशीन को हैक किया जा सकता है। ऐसे में लोकतंत्र को अनैतिक तत्वों द्वारा बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हित में एक साथ बैठकर प्रख्यात आईटी पेशेवरों और क्रिप्टोग्राफर के विचारों को सुनना चाहिए।

पवार ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सटीक होने की आवश्यकता है। इसकी प्रभावकारिता पर किसी भी प्रकार के संदेह को मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा सामने आकर खारिज किया जाना चाहिए। बता दें कि सिविल सोसाइटी ने मई 2022 में चुनाव आयुक्त को एक पत्र और दो सप्ताह के बाद एक और अनुस्मारक (अनुलग्नक 3) प्रस्तुत किया था। ECI ने इसे स्वीकार भी नहीं किया था।

‘हिजाब पर मौलाना निर्णय लेंगे, जज नहीं’: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी (फोटो साभार: टेलीग्राफ)
भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी (Former Chief Election Commissioner SY Quraishi) ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की जीत को सांप्रदायिकता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद को प्रोपेगेंडा है। इससे मुस्लिम लड़कियाँ सबसे अधिक नुकसान में हैं, क्योंकि मुस्लिम लड़कियों की नजर से देखें तो कहा जा सकता है कि पढ़ी-लिखी हिंदू लड़कियाँ पढ़े-लिखे मुस्लिम लड़कों को उड़ा ले जाती हैं।

कुरैशी ने कहा कि भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या तेजी से बढ़ने को लेकर कहा कि अगले 1000 सालों तक ऐसा नहीं हो सकता है। यह दिल्ली के गणित के प्रोफेसर दिनेश सिंह की एक मॉडल में साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों में परिवार नियोजन कम है, लेकिन इसका संबंध मजहब से नहीं है। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि सोचा था कि देश में मुस्लिम आबादी बढ़ जाएगी तो प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन हजार साल तक ऐसा नहीं होगा।

मुस्लिमों द्वारा चार शादियाँ करने के सवाल पर कुरैशी ने कहा कि भारत में 1000 पुरुषों पर 920-22 का रेश्यो है। ऐसे में हर मर्द को एक पत्नी मिलनी मुश्किल है, कोई चार शादी कैसे कर सकता है। कुरान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कुरान में भी सिर्फ एक आयत में बेवा और यतीम औरतों से निकाह करने की बात कही गई है। 

कुरैशी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी की जीत सांप्रदायिकता की जीत है, क्योंकि देश में ध्रुवीकरण का युग चल रहा है। उन्होंने कहा कि पहला ध्रुवीकरण देश के बँटवारे के दौरान हुआ, दूसरा बाबरी मस्जिद के दौरान और तीसरा फेज आजकल चल रहा है। हिंदू को स्वभाव से सेक्युलर बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता को तेजी से सांप्रदायिक बनाया जा रहा है। लेकिन तत्कालीन भारतीय जनसंघ वर्तमान भारतीय जनता पार्टी को साम्प्रदायिक पार्टी क्यों कहते हैं, इस पर सभी चुप रहते हैं। योगी-मोदी का विरोध करते हैं, परन्तु जब कोई सुविधा दी जाती है, तो सर्वाधिक फायदा ये ही लोग उठाते हैं। दूसरे, बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर क्या मुसलमानों द्वारा एक तरफ़ा वोट देना क्या साम्प्रदायिकता नहीं थी?  

कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर भी कुरैशी ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि हिजाब कुरान का हिस्सा नहीं है, लेकिन शालीन कपड़े पहनने की बता कही गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म में सिखों की पगड़ी और सिंदूर की इजाजत है तो फिर हिजाब से दिक्कत क्या है। हिजाब जरूरी है या नहीं, ये जज साहब नहीं, मौलाना बताएँगे। मौलाना IPC के फैसले देने लगें तो क्या ये सही होगा?

दैनिक भास्कर से बातचीत में कुरैशी ने EVM पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम हमेशा भरोसेमंद रहा है, जबकि बैलेट बीजेपी के पक्ष में जाता है। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती तो भाजपा बंगाल चुनाव नहीं हारती।

बंगाल: मतदान से पहले TMC नेता के घर से मिला EVM और VVPAT

                               तृणमूल नेता गौतम घोष के घर से EVM बरामद (फोटो साभार: Times Now)
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता के घर से EVM बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई। राज्य में अप्रैल 6, 2021 को तीसरे चरण का चुनाव भी चल रहा है। ऐसे में इससे 1 रात पहले इस तरह की घटना से TMC घेरे में आ गई है। तुलसीबेरिया के तृणमूल नेता गौतम घोष को ग्रामीणों ने 1 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और 4 वोटर-वेरिफायेबल पेपर ऑडिड ट्रेल (VVPAT) के साथ पकड़ा।

ये घटना उलूबेरिया नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ तीसरे चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार चिरन बेरा ने आरोप लगाया कि ये चीजें TMC नेता के घर से मिली हैं, जिससे पता चलता है कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी चुनाव में धाँधली कर रही है। उन्होंने बताया कि EVM और VVPAT को चुनावी ड्यूटी के लिए कार से लाया गया था। साथ ही तृणमूल नेता के घर के बाहर ‘सेक्टर 17’ की चुनावी ड्यूटी की कार भी पड़ी मिली।

वहाँ के सेक्टर अधिकारी को भी ग्रामीणों ने दबोच लिया। सेक्टर ऑफिसर ने अपने बचाव में कहा कि चुनावी ड्यूटी के लिए मशीनों को लाते समय काफी रात हो गई थी। केंद्रीय सशस्त्र बल सो गए थे और उन्होंने बूथ खोला ही नहीं। लिहाजा उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के घर पर रात बिताना उचित समझा। सूचना मिलते ही पुलिस भी वहाँ पहुँची, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया।

उक्त सेक्टर अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके पास से मिली EVM को भी जब्त कर लिया गया है। इन EVM का प्रयोग मतदान में नहीं किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में आज 31 सीटों पर मतदान हो रहा है, जो सुबह 7 बजे ही शुरू हुआ। साउथ 24 परगना जिले की 16, हावड़ा की 7 और हुगली की 8 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। भाजपा ने स्थानीय अधिकारियों की निष्ठा पर सवाल उठाए हैं।

वहीं चुनाव आयोग ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। इलेक्शन कमीशन ने कहा कि सेक्टर अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही बताया कि मतदान की प्रक्रिया में उस EVM का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ECI ने आश्वासन दिया कि इसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। 

ज्ञात हो इससे पूर्व असम में भी भाजपा नेता की कार से EVM बरामद हो चुकी हैं, जो अब सोंचने पर मजबूर भी करता है कि चुनाव कहीं आंख मिचोली का खेल तो नहीं। 

 उलूबेरिया नार्थ विधानसभा क्षेत्र में हुई घटना पर लोगों की प्रक्रियाएं :-

हार दिखते ही EVM का रोना शुरू: कांग्रेसी नेता के साथ-साथ बिहार की ‘केजरीवाल’ ने BJP पर साधा निशाना

                                                  डॉ उदित राज और पुष्पम प्रिया चौधरी
भारत में जब भी चुनाव हुए, विपक्ष कभी बैलेट पेपर और अब ईवीएम पर निशाना। स्मरण हो, जब देश में बैलेट से वोटिंग होती थी, कितनी बार स्याही पर शंका की गयी थी। ईवीएम को लाने वाले ही आज जब ईवीएम पर ही शंका करें, क्या कहें?

बिहार चुनाव में मतगणना के दौरान आँकड़ों में हुई उलट फेर ने दोबारा से ईवीएम को ‘हैक’ करवा दिया है। एनडीए को दोपहर होते-होते सीटों में बढ़त क्या मिली, ट्विटर पर ईवीएम के ऊपर इल्जाम लगने शुरू हो गए। कांग्रेस नेता उदित राज ने तो इस ईवीएम हैक को सही बताने के लिए पूरे चुनाव को मंगल ग्रह और चांद तक से जोड़ दिया। वहीं पुष्पम प्रिया ने सीधे तौर पर भाजपा पर इसका आरोप मढ़ा।

उदित राज ने रुझानों में महागठबंधन के पिछड़ते ही लिखा, “जब मंगल ग्रह और चांद की ओर जाते उपक्रम की दिशा को धरती से नियंत्रित किया जा सकता है तो ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती? अमेरिका में अगर ईवीएम से चुनाव होता तो क्या ट्रंप हार सकते थे?”

वह ईवीएम से असंतुष्ट हो कर कहते हैं कि ईवीएम से वोटिंग खत्म होनी चाहिए चाहे कॉन्ग्रेस ही क्यों न जीत जाए। अगर धरती से मंगल और चांद की सैटेलाइट को कंट्रोल किया जा सकता है तो फिर ईवीएम क्या है उनके सामने। हरियाणा इलेक्शन में कुछ लड़के ब्लूटूथ के जरिए ईवीएम हैक करते पकड़े गए थे। वह कहते हैं कि उनका मत हर चुनाव के लिए है, सिर्फ बिहार के लिए नहीं है।

 डॉ उदित राज की तरह प्लूरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी रुझान बदलने पर ट्विटर पर सीधे तौर पर ईवीएम व भाजपा के ऊपर सारा इल्जाम मढ़ते हुए कहा कि प्लूरल्स पार्टी के वोट को भाजपा ने अपने हिस्से कर लिया। उनके इन ट्विट्स को देखकर लोगों ने जम कर चुटकी ली है।

नवीन शर्मा ने लिखा, “पुष्पम प्रिया को दोनों सीट से जितना वोट मिला है, उससे ज्यादा तो हमारे यहाँ वार्ड पार्षद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार को मिल जाता है। एक सीट पर- 389। दूसरी सीट पर- 243।

दिवाकर तिवारी लिखते हैं, “हमारे भी चाचा जी खड़े थे, वे चुनाव हार गए हैं। हमने तो कोई सा ब्लेम नहीं लगाया EVM को लेकर। हमारी विचारधारा में कहीं ना कहीं कमी है। ”

इसी प्रकार नेटिजन्स पहले डॉ उदित राज की हिंदी सुधारते हुए लिखते हैं कि उपक्रम नहीं होता उपग्रह होता है। एक यूजर लिखता है कि आरक्षण लागू कर दिया जाए तो ईवीएम भी हैक किया जा सकता है।

एक महिला यूजर लिखती हैं, “आप कॉन्ग्रेस द्वारा हैक हो गए, इसका मतलब यह तो नहीं है कि सब कुछ हैक हो सकता है?“

शाम 5 बजे तक सभी विधानसभा चुनावों पर रुझान आ चुका है। एनडीए को इसमें 127 सीटें मिली हैं, वही महागठबंधन को 106 सीटे मिली हैं। लोजपा 3 पर है और अन्य 7 सीटों पर हैं।

पार्टी के लिहाज से देखें तो भाजपा इस समय सभी पार्टियों से सबसे आगे चल रही है। दूसरे नंबर पर राजद है। तीसरे में जदयू और फिर आखिर में कॉन्ग्रेस। कुछ देर में नतीजे साफ हो जाएँगे, तभी पता चल पाएगा कि बिहार में अगले 5 साल के लिए किस सरकार का शासन रहेगा।

इस बीच ईवीएम पर लगाए जा रहे इल्जामों पर चुनाव आयोग का बयान आया है। आयोग ने कहा है, “इस बात को कहने की जरूरत नहीं है कि अब तक वोटों की गिनती बिल्कुल गड़बड़ रहित रही है। बिहार में लगभग 1 करोड़ से अधिक मतों की गणना की गई है यानी अभी और भी कवर किया जाना शेष है।”

Haryana Election 2019: भाजपा MLA को EC से मिला नोटिस तो राहुल गांधी बोले - ये तो BJP के सबसे ईमानदार नेता हैं

Haryana Election 2019: भाजपा MLA को EC से मिला नोटिस तो राहुल गांधी बोले - ये तो BJP के सबसे ईमानदार नेता हैंकांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान BJP के नेता बख्शीश सिंह विर्क को चुनाव आयोग से मिले नोटिस पर चुटकी ली है. राहुल गांधी ने विर्क के बयान को लेकर एक ट्वीट भी किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि यह बीजेपी के सबसे ज्यादा ईमानदार नेता हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले ही विर्क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह दावा कर रहे थे कि चाहे आप EVM पर कोई भी बटन क्यों न दबाएं लेकिन वोट तो BJP को ही जाएगा. उनके इस बयान पर हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा था कि आम लोगों को पूर्ण विश्वास होना चाहिए और बिना किसी संदेह या भय के मतदान करना चाहिए. व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ईवीएम के साथ-साथ वीवीपैट का भी उपयोग किया जा रहा है.

अग्रवाल ने कहा था कि ईवीएम (EVM) पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनसे छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने एक भाजपा उम्मीदवार का कथित वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों बाद यह बात कही, जिसमें विधायक ने ईवीएम को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं. अग्रवाल ने रविवार को कहा था कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित है और इनसे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती.' सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में असांध सीट से भाजपा प्रत्याशी बख्शीश सिंह विर्क कथित रूप से लोगों से यह कहते हुए दिख रहे हैं कि 'बटन जो मर्जी दबा लो, वोट भाजपा को ही जाएगा.' हालांकि, विर्क ने दावा किया था कि उन्होंने कभी भी ईवीएम के बारे में कुछ नहीं कहा और वीडियो नकली है. अनुराग अग्रवाल ने कहा था कि लोगों को पूर्ण विश्वास होना चाहिए और बिना किसी संदेह या भय के मतदान करना चाहिए. व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ईवीएम के साथ-साथ वीवीपैट का भी उपयोग किया जा रहा है.'
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BJP विधायक बक्शीस सिंह विर्क आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक कहावत है कि असलियत छुप नहीं सकती, बनावट के असूलों से, खुश....

विर्क के इस वीडियो को ट्वीट करते हुए रोहतक से पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लिखा था कि मनोहर लाल की नज़रें बहुत तेज़ हैं. कहीं भी डालो चाहे वोट, जाएगी फ़ुल पर ही. बटन चाहे कोई मर्ज़ी दबा लेना, जाएगा भाजपा को ही. हमने मशीन (EVM) में पुर्जा फ़िट कर रखा है बख्शीश सिंह विर्क, वर्तमान विधायक तथा भाजपा प्रत्याशी हल्का असंध. ये घमंड इनको ले डूबेगा. 
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान जारी है और सत्ताधारी भाजपा का विपक्षी कांग्रेस तथा नवगठित जजपा से कड़ा मुकाबला है. राज्य में पार्टी नेतृत्व में बदलाव के बाद कांग्रेस को जहां वापसी करने की उम्मीद है, वहीं भाजपा ने इस चुनाव में '75 पार' यानी 75 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के 1,169 उम्मीदवार मैदान में हैं. प्रदेश की 90 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल भाजपा के 48 सदस्य हैं. 

ईवीएम हैकिंग : हैकिंग के बारे में गोपीनाथ मुंडे को पता था, इसलिए हुई हत्या : अमेरिकी हैकर दावा

EVM Hackingलंदन में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक करने के डिमॉनस्ट्रेशन के दौरान अमेरिकी हैकर ने सनसनीखेज दावा किया है। अमेरिकी हैकर विशेषज्ञ सईद सूजा ने दावा करते हुए कहा कि इवीएम हैक होने की जानकारी भाजपा के पूर्व नेता गोपीनाथ मुंडे को थी। सूजा का यह भी दावा है कि 2014 के लोकसभा चुनावों में भी इवीएम के साथ गड़बड़ी की गई। इस डिमॉनस्ट्रेशन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद हैं। यह आयोजन इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की तरफ से किया गया है।
विशेषज्ञ का दावा है कि इवीएम को ब्लूटूथ और वायरलेस फ्रीक्वेंसी पर हैक कर पाना संभव नहीं है। उसका कहना है कि इवीएम हैक करने के लिए इवीएम तक पहुंच होनी जरूरी है। सूजा का दावा यह भी है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भी इवीएम के साथ छेड़छाड़ की। इसके अलावा उसका दावा है कि यूपी, गुजरात एवं महाराष्ट्र में इवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई और 2014 के आम चुनावों में भी इसे प्रभावित किया गया।
शायद यही कारण है कि समस्त विरोधी दल ईवीएम का विरोध कर रहे हैं। दूसरे, स्मरण हो, 70 के दशक में बैलट पेपर और स्याही पर भी खूब शोर मचा था कि रूस से मिलकर धांधड़ी की है। 
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया है। ममता ने कहा, 'हमारे महान लोकतंत्र की अवश्य रक्षा होनी चाहिए। हमारा प्रत्येक वोट कीमती है। समूचे विपक्ष ने कोलकाता रैली के दैरान ईवीएम के मसले पर चर्चा की। हम इस मसले को चुनाव आयोग के समक्ष उठाएंगे। प्रत्येक वोट की अहमियत होती है।' 
विशेषज्ञ का आरोप है कि ईवीएम को हैक करने में रिलायंस कम्यूनिकेशन भाजपा की मदद करती है। सुजा का दावा है कि उनकी एक टीम है जो हैकिंग रोकने के लिए काम करती है। उनकी इस टीम ने राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में ईवीएम में धांधली को रोका भी है। भारत में काम करने के दौरान उनकी टीम पर हमला भी हो चुका है। 
भारत में विपक्षी पार्टियां इवीएम की विश्वसनीयता पर कई बार सवाल उठा चुकी हैं। विपक्षी पार्टियां दावा कर चुकी हैं कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा में ईवीएम का डिमॉन्स्ट्रेशन देकर उसके हैक होने का दावा किया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने ईवीएम के हैक होने या उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की आशंकाओं को खारिज किया और विपक्षी दलों को चुनौती दी कि वे उसका ईवीएम हैक कर दिखाएं।

चुनाव परिणाम से पहले ही कांग्रेस में घबराहट में

Related imageमध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान सम्पन्न हो चुका है और अब मतगणना का इंतजार है। लेकिन कांग्रेस इस समय खासी चिंता में है। इस चिंता और बैचेनी का कारण केवल 11 दिसंबर को आने वाले चुनावी नतीजे नहीं हैं, बल्कि कुछ और भी है। जिसके चलते कांग्रेस के नेताओं की नींद उड़ी हुई है और वो अब भी काम में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं इसे लेकर ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को एक ट्वीट भी करना पड़ा।
दरअसल, मतदाताओं का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो चुका है और परिणाम आना बाकी है।  इस दौरान ईवीएम की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।  इसको लेकर लगातार लापरवाही के मामले भी सामने आ रहे हैं जिससे विवाद बढ़ता जा रहा है और इसे लेकर अब चुनाव आयोग को सफाई देनी पड़ रही है। प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र खुरई से ईवीएम मशीनों के 48 घंटे देरी से स्ट्रॉग रूम तक पहुँचने का मामला सामने आया है, जिसके बाद नायब तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया गया।
इसी तरह से राजधानी भोपाल के स्ट्रांग रूम के बाहर लगी एलईडी के कुछ देर के लिए बंद होने का मामला भी सामने आया,  जिसके बाद कांग्रेस द्वारा आरोप लगाया गया कि एलईडी बंद होने के पीछे भाजपा का हाथ है और इसको लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर हंगामा किया गया। ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सतना और खरगोन से भी शिकायतें आ चुकी हैं।
आ रही इन शिकायतों को देखते हुये कांग्रेस पार्टी ने निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंप कर ईवीएम मशीनों में छेडछाड की संभावना जताते हुये मांग की कि ईवीएम मशीनों की निगरानी के लिए लगाये गए कैमरों की रिकार्डिंग का लिंक सार्वजनिक किया जाये तथा मशीनों की निगरानी के लिये उसके कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम के नजदीक स्थान उपलब्ध कराया जाये, जहां से वे स्ट्रांग रूम पर नजर रख सकें।
इस सम्बन्ध में कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ी साजिश का अंदेशा जताते हुये ट्वीट किया है कि  “मेरा प्रदेश के सभी जाबांज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अनुरोध है कि वो भी मतगणना तक स्ट्रांग रूम पर कड़ी नजर रखे जिससे भाजपा किसी भी तरह की साज़िश में कामयाब ना हो सके।”
Image result for ईवीएमदूसरी तरफ कांग्रेस के इस आरोप पर भाजपा का कहना है कि “ईवीएम मशीन भाजपा कार्यलय में नहीं रखी हैं न ही भाजपा कार्यालय में मतगणना होना है यह कांग्रेस की हार की खिसियाहट है जो वह हार का ठीकरा ईवीएम पर पहले से फोड़ने लगी है।”
ईवीएम मशीनों की सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने किसी भी गड़बड़ी की संभावना से इनकार करते हुये कहा है कि ‘चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है और जो घटनायें सामने आयी है वे महज मानवीय भूल हैं।’
कांग्रेस को मतगणना में गड़बड़ी की आशंका 
कांग्रस को मतगणना में भी गड़बड़ी का डर सता रहा है इसलिये पार्टी अपने प्रत्याशियों को मतगणना में गड़बड़ी रोकने के लिये ट्रेनिंग देने जा रही है। इसके लिये कांग्रेस के सभी 229 प्रत्याशियों को 6 दिसंबर को भोपाल बुलाया गया है जिसमें उन्हें मतगणना के दौरान क्या सावधानी बरतनी है और इस दौरान होने वाली गड़बड़ियों को कैसे पहचानना और रोकना है इसके बारे में बताया जायेगा।
इतने वर्षों तक कांग्रेस क्यों चुप रही? 
ज्ञात हो, ईवीएम की शुरुआत कांग्रेस ने ही की थी, और उसी कांग्रेस पार्टी द्वारा इसका विरोध करना हास्यप्रद लगता है। इसका अर्थ यह भी निकाला जा सकता है कि कांग्रेस को मालूम है ईवीएम में किस तरह गड़बड़ी की जा सकती है। अगर ईवीएम का प्रयोग उचित नहीं था, इतने वर्षों तक कांग्रेस क्यों चुप रही?   

मध्य प्रदेश में नहीं थम रहा ईवीएम विवाद, चुनाव आयोग को देनी पड़ी सफाई

MP में नहीं थम रहा ईवीएम विवाद, नायब तहसीलदार सस्पेंड; चुनाव आयोग को देनी पड़ी सफाई मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में वोटिंग  के बाद स्ट्रांगरूम और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने सरकारी मशीन को संदेह के घेरे में ला दिया है. कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा में सामने आ रही चूक पर सरकार और सरकारी मशीनरी पर हमला बोला है. सागर में मतदान के 48 घंटे बाद नवंबर 28 की शाम स्ट्रांगरूम में ईवीएम पहुंचाए जाने के मामले को लेकर कमिश्नर मनोहर दुबे ने नायब तहसीलदार राजेश मेहरा को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, मामले को तूल पकड़ते देख राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने सफाई दी है.
ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक दल ने दिल्ली में चुनाव आयोग का रुख और स्ट्रांग रूम के अंदर ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के सागर की खुरई विधानसभा में वोटिंग के 48 घंटे बाद, बिना नंबर प्लेट की एक स्कूल बस ईवीएम लेकर सागर जिला कलेक्टर के दफ्तर पहुंची. जबकि इन अतिरिक्त ईवीएमों को चुनाव के दो घंटे बाद जमा कराना था न कि दो दिन बाद. बता दें कि खुरई से सागर महज 27 किलोमीटर दूर है. इस सीट से राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह और कांग्रेस उम्मीदवार अरुणोदय चौबे के बीच कड़ी टक्कर है.
कांग्रेस ने शिकायत में सागर में मतदान के 48 घंटे बाद ईवीएम पहुंचाए जाने पर सवाल उठाया गया है, साथ ही आरोप लगाया है कि खुरई से बीजेपी के उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह और कलेक्टर आलोक सिंह के बीच नजदीकी है, जिसके चलते गड़बड़ी की आशंका है.
जांच के आदेश
बिना नंबर की गाड़ी में ईवीएम और वीवीपैट सहित 118 मशीनें खुरई से सागर लाने के मामले में सीईओ बीएल कांतारा राव ने सागर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह को जांच के आदेश दिए हैं.
इसी तरह भोपाल की पुरानी जेल परिसर में बनाए गए स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी के बंद होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. बताया गया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे अचानक स्ट्रांगरूम के बाहर चलने वाली एलईडी स्क्रीन बंद हो गई. इस एलईडी पर स्ट्रांगरूम में रखी ईवीएम मशीनों को बाहर से देखा जा सकता है. स्क्रीन के बंद होते ही वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐतराज जताया, साथ ही ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया. लगभग डेढ़ घंटे तक एलईडी बंद रही. इसके अलावा सतना के स्ट्रांगरूम के पिछले दरवाजे से सामग्री लाए जाने का मामला भी तूल पकड़े हुए है.
सिंधिया ने किया ट्वीट
मध्यप्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को ट्वीट कर स्ट्रांगरूम के वीडियो सामने आने पर साजिश की आशंका जताई है.
सिंधिया ने ट्वीट किया, "भोपाल में स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी बंद होना, सागर में गृहमंत्री की विधानसभा सीट की रिजर्व ईवीएम का 48 घंटे बाद स्ट्रांगरूम में पहुंचाया जाना, सतना-खरगोन में अज्ञात बक्से को स्ट्रांगरूम में ले जाए जाने का वीडियो सामने आना बड़ी साजिश की ओर इशारा है."
स्ट्रांगरूम पर नजर रखने की अपील
उन्होंने आगे लिखा, "भाजपा अपनी संभावित हार को देखते हुए लोकतंत्र और जनता के मत को कुचलने पर आमादा हो गई है. ये सरकार के संरक्षण में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है, चुनाव आयोग शीघ्र सख्त कदम उठाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर मतगणना तक ईवीएम की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करे." साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "प्रदेश के सभी जांबाज कार्यकर्ताओं से भी अनुरोध, वे भी मतगणना तक स्ट्रांगरूम पर कड़ी नजर रखें, जिससे भाजपा किसी भी तरह की साजिश में कामयाब ना हो सके."
कलेक्टर-एसपी का जिम्मा
एमपी इलेक्शन के सीईओ ने ट्वीट कर भरोसा दिलाया है, ''सभी ईवीएम सेफ, सिक्योर और सील हैं. हम व्यक्तिगत रूप से हर किसी को जवाब नहीं दे सकते, लेकिन लोगों का भरोसा बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे.''
सीईओ ने कहा कि चुनाव से जुड़े सभी तरह के मामलों के लिए कलेक्टर और एसपी जिम्मेदवार होंगे. उन्होंने दावा किया कि ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी संभव नहीं है, स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पुख्ता है.