उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत हो रही है, किसान संगठनों ने दावा किया है कि इस महापंचायत में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से किसान आये हैं, इस महापंचायत में अपने सम्बोधन के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाए और उन्होंने कहा कि ये नारे हमेशा लगते रहेंगे। किसान महापंचायत में अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए राकेश टिकैत ने कहा, वो तोड़ने का काम करेंगे, हम जोड़ने का काम करेंगे।
ऐसे में सवाल यह है कि किसान आंदोलन अथवा महापंचायत में कभी खालिस्तान, कभी दिल्ली दंगों में गिरफ्तार दंगाइयों को रिहा करने की मांग, बक्कल उतर देंगे, और अब अल्लाह-हु-अकबर अपने आपमें सबसे बड़ा प्रमाण है कि किसान के नाम पर हो रहे जमावड़े का कृषि कानूनों से दूर तक कोई वास्ता नहीं, बल्कि राजनीती का अखाडा बन गया है।
अब जाटों को फक्र नही फिक्र होनी चहिये। #RakeshTikait pic.twitter.com/sFB6nYQPVA
— Ajay Sehrawat (@IamAjaySehrawat) September 5, 2021
पूरा विडीओ ये देखिये pic.twitter.com/cWK9sc2OH0
— 🇮🇳सनातनी शंकर शर्मा🚩 (@Shankar27273) September 5, 2021
अक्ल के बेवड़ो अभी अफगानिस्तान में देखकर भी दिमाग की बत्ती नहीं जली!
— Arjun शांडिल्य (@Arjun_120) September 5, 2021
Sab 💰💰 kamal h
— Vaibhav (@Vaibhav24353498) September 5, 2021
भाई साहब ये अपनी संपती बढ़ाने के लिए अपनी जात्ति का उपयोग करता है क्यूँकि ये तो ना मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के समय अपने लोगों के साथ था ना ही निकिता तोमर के समय इसको जिधर से पैसे मिल जाए उधर हो जाता है
— Abhishek kapoor🇮🇳 (@Abhinehakapoor) September 5, 2021
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश राकेश टिकैत ने कहा, जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएंगे। जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, आजादी के लिए 90 साल तक संघर्ष चला था, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह आंदोलन कब तक चलेगा।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस को किसानों द्वारा की गई हिंसा को लेकर टिकैत ने कहा, ये कहते हैं कि लाल किले पर किसान गया। लाल किले पर नहीं, किसान अगर जाता तो संसद जाता जहां क़ानून बने हैं। लाल किले पर धोखे से लेकर गए हैं आप हमको। हमारे लोग नहीं गए, धोखे से लेकर आप लोग गए हैं..
इसके बाद बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा, ये तोड़ने का काम करते हैं, हम जोड़ने का काम करेंगे, इसके बाद टिकैत किसानों के मंच से अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाए।
किसान पंचायत में हुई पत्रकार चित्रा त्रिपाठी के साथ बदसलूकीमुजफ़्फ़रनगर में हो रही किसान महापंचायत को कवर करने के लिए मीडिया के लोग भी भारी तादाद में पहुंचे हुए हैं, समाचार चैनल आजतक की एंकर चित्रा त्रिपाठी भी पहुँची थी, जहाँ भीड़ ने उनके साथ बदसलूकी की..
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें चित्रा त्रिपाठी किसी तरह भीड़ से बचकर निकलती दिखाई दे रही हैं, हजारों की भीड़ ने चित्रा त्रिपाठी को चौतरफा घेर लिया और अनाप-शनाप नारेबाजी की. देखें वीडियो।
भीड़ द्वारा महिला का अपमान करने का दुस्साहस दुर्योधन ने किया था। उसका अंत क्या हुआ था याद है? pic.twitter.com/4tNTR0HTCy
— Mrityunjay Kumar (@MrityunjayUP) September 5, 2021
जो द्रौपदी ठीक से लिख भी नहीं सकता वो महिला सम्मान की बात कर रहा है। अरे गवार द्रौपदी थी द्रौपड़ी नहीं।
— अमन वर्मा Aman Verma امن ورما (@iamvermaaman) September 5, 2021
ये ना तो किसान आंदोलन है ना और ना ही ये लोग किसान है सिर्फ़ राजनीतिक मंच है किसान नेताओ को करोड़ों रुपये दिए गए इस आंदोलन को चलाने के लिए राजनीतिक दलो द्वारा साथ ही सारा खर्च भी उठाया जा रहा है बिल की हक़ीक़त जाने बिना उसका विरोध कर इसको राजनीतिक रूप दिया गया है
— raj (@nowwakeup1982) September 5, 2021
किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा, मुजफ्फरनगर में हो रही महापंचायत योगी-मोदी सरकारों को किसानों, खेत मजदूरों और कृषि आंदोलन के समर्थकों की ताकत का एहसास कराएगा.
टिकैत महापंचायत कवर करने पंहुची @aajtak की एंकर चित्रा त्रिपाठी को घेरकर गंदी गंदी गालियां दी गईं , धक्के दिए , किसी तरह जान बचाकर वहां से निकलीं ?
— Deepak Sharma (@TheDeepak2020In) September 5, 2021
मजाल है @chitraaum जी ने इसके खिलाफ चूँ भी की हो , क्योंकि उन्हें पता है ये गुंडे फिर उन्हें जीने भी नहीं देंगे !
यही मैडम उपद्री लोगों को अपने 30 मिनट के प्रोग्राम में 30 बार किसान कह कर ही सरकार से सवाल करती हैं
— ATUL SHARMA (@atul_6444) September 5, 2021
आज इनके किसानों ने अपना इंट्रोडक्शन दे दिया
बधाई हो @chitraaum जी
आशा है अब आप दूध और छाँछ में अंतर समझ गई होंगी
भारतीय जनता पार्टी होती तो चित्रा जी अभी तक तांडव kr देती, यूपी के डीएम से उनका इंटरव्यू याद ह, सबको पता है ये किसान नही गुंडे है, और बैठाओ टिकैत को बुलेट में, ऐसे घुमा रहे थे, पूरा महिमामंदन हो रहा था
— Sandeep singh Rawat (@rwtsunny89) September 5, 2021
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, किसान आंदोलन तब तक चलेगा जब तक भारत सरकार चलवाएगी। जब तक वे बात नहीं मानेंगे आंदोलन चलता रहेगा। जब सरकार बातचीत करेगी तो हम करेंगे। देश में आज़ादी की लड़ाई 90 साल तक चली, यह आंदोलन कितने साल चलेगा हमें तो जानकारी नहीं है.