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दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगा : फिल्म "गंगाजल" स्टाइल में दबोचा गया ताहिर हुसैन

दिल्ली दंगा, ताहिर हुसैन
कोर्ट की पार्किंग से दबोचा गया था ताहिर हुसैन
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अगर पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहलाता है तो फिल्में समाज का आईना। फिल्में समाज का आईना होती हैं, को चरितार्थ किया दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के सरगना ताहिर हुसैन की गिरफ़्तारी ने। 
2003 में एक फिल्म आई थी। नाम था गंगाजल। 5 मार्च 2020 को दिल्ली की एक अदालत में कुछ ऐसा हुआ लगा जैसे गंगाजल के दृश्य फिल्माए जा रहे हों। दरअसल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के सरगना ताहिर हुसैन को जिस तरह दबोचा गया वह इस फिल्म की कहानी से मिलती-जुलती है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राऊज एवेन्यू कोर्ट की पार्किंग से AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को उस समय पकड़ा, जब वह अपने वकील के साथ पार्किग में मास्क लगाए पहुँचा।
उसे अंदाजा नहीं था कि क्राइम ब्रांच की टीम सादी वर्दी में उसका इंतजार कर रही है। फिल्म गंगाजल में भी अपराधी सुंदर यादव बुर्का पहनकर कोर्ट में सरेंडर करने जाता है और एसपी अमित कुमार का किरदार निभाने वाले अजय देवगन के नेतृत्व में पुलिस टीम सादी वर्दी में पहले से ही उसे दबोचने के लिए फिल्डिंग लगाए बैठी रहती है। ठीक इसी तरह की तैयारी ताहिर हुसैन को दबोचने के लिए की गई थी। फर्क सिर्फ इतना था कि ताहिर ने बुर्के की जगह अपने चेहरे को मास्क से ढक रखा था।
ताहिर हुसैन पर आइबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या में शामिल होने के साथ-साथ, हिंसा भड़काने, साजिश रचने समेत कई अन्य मामले दर्ज किए गए हैं। ताहिर हुसैन अपने वकील के साथ राऊज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर करने के लिए पहुँचा था, लेकिन पहले से वहाँ मौजूद दिल्ली पुलिस के विशेष जाँच दल ने गिरफ्तार कर लिया।
करीब 40 पुलिसकर्मियों ने गुरुवार(मार्च 5) सुबह 9 बजे से ही कोर्ट में घेराबंदी कर ली थी। वे अलग-अलग वेशभूषा में मौजूद थे। कोई छोले-कुलचे वाले के पास ग्राहक बनकर खड़ा ​था तो कोई पार्किंग अटेंडेंट बनकर। कोई चायवाला बना था तो कोई टाइप राइटर रखकर मुंशी का वेश बनाए था। कई पुलिसवाले वकील बने घूम रहे थे। जैसे ही ताहिर पार्किंग में पहुँचा, पुलिस ने उसे धर-दबोचा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज होने के बाद ताहिर पार्किंग में पहुँचा था। लेकिन पुलिस को चकमा नहीं दे पाया। इससे पहले उसके वकील मुकेश कालिया ने गुरुवार (मार्च 5, 2020) सुबह ही अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विशाल आहूजा के पास सरेंडर के लिए आवेदन किया था। मुकेश कालिया ने कोर्ट को कहा था कि ताहिर रास्ते में हैं और कुछ ही देर में राऊज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर कर देगा।
ताहिर दंगों में अपना नाम सामने आने के बाद से ही फरार था। इस बीच उसकी संलिप्तता की गवाही देते कई विडियो सामने आए। चश्मदीदों के अनुसार उसकी इमारत में करीब तीन हजार दंगाई जमा थे। वहॉं से हिन्दुओं को निशाना बना पत्थरबाजी हुई। पेट्रोल बम फेंके गए। गोलियॉं चलाई गई। उसकी इमारत से पत्थरों और पेट्रोल बम का जखीरा बरामद किया गया था। शुरुआत में आप ने उसका बचाव करने की कोशिश की। लेकिन, जब एक के बाद एक सबूत सामने आते गए तो निलंबित कर पार्टी ने उससे पल्ला झाड़ने की कोशिश की।
ताहिर हुसैन को शुक्रवार(मार्च 6) को कड़कड़डूमा कोर्ट में जज के घर पेश किया गया, जहाँ से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया। वहीं दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का कहना है, “घटना वाले दिन ताहिर हुसैन ने सबसे ज्यादा और लगातार जिन लोगों के साथ बात की थी, एसआईटी ने शुक्रवार को उन 15 लोगों की पहचान कर ली। यह बातचीत मोबाइल के जरिए हुई। ताहिर ने इन सबसे उसी दिन इतनी ज्यादा देर तक क्यों और क्या लंबी बातचीत की? इसका खुलासा नहीं हो सका है।”
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों का सरगना ताहिर हुसैन अब पुलिस की ​गिरफ्त .....
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का कहना है कि मुस्तफाबाद में तीन से चार लोगों ने ताहिर हुसैन की मदद की थी। क्राइम ब्रांच की राडार पर अब ये चारों लोग हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही इन चारों लोगों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगे : एक सप्ताह पहले आ गई थीं ईंटें, ताहिर हुसैन के घर के पास 7 ट्रक पत्थर

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगा
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगे कोई अकस्मात घटने वाली घटना नहीं थी, बल्कि एक पूर्व नियोजित और पूरी तैयारी के साथ रची गई साजिश थी। दंगे के बाद से ही सबके मन में यही सवाल उठ रहा था कि अचानक उपद्रवियों के हाथ में तेजाब की थैलियाँ, पेट्रोल बम, ड्रम, ईंट-पत्थर और गुलेल आदि कहाँ से आए। अब धीरे-धीरे इस पर से पर्दा उठता जा रहा है और कई खुलासे हो रहे हैं।
इन सब खुलासों से CAA विरोध में हो रहे प्रदर्शनों और धरनों में सम्मिलित समस्त गैर-मुस्लिमों को अपनी आंखें खोलनी चाहिए। इन दंगों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विरोध की आड़ में इनका उद्देश्य देश में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ कर अशांति फैलाना है। ये शांति के दुश्मन इन्ही गैर-मुस्लिमों के कंधे पर बैठ इन्ही की जाति और धर्म पर जानलेवा हमले कर रहे हैं।  
ताजा खुलासे में पता चला है कि खौफ और खून से सने इन दंगों को अंजाम देने के लिए ये ईंट-पत्थर एक सप्ताह पहले से ही इकट्ठा करना शुरू कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के लिए ट्रैक्टरों की मदद से एक हफ्ते पहले ही भट्ठों से ईंटे मँगवा ली गई थीं। सात ट्रक पत्थर तो करावल नगर के AAP पार्षद ताहिर हुसैन के घर के पास ही उठाए गए। इस दंगे के पीछे ताहिर हुसैन का बड़ा हाथ बताया जा रहा है। ताहिर पर आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की मौत का भी आरोप है।
ईंट और पत्थरों का अम्बार 
ताहिर के घर के आगे लगे पत्थरों के ढेर को देखकर साफ लग रहा था कि इस दंगे के लिए जबरदस्त तैयारी की गई थी। उसके घर के आगे पत्थरों के इतने ढेर को देखकर निगमकर्मी भी सन्न रह गए, क्योंकि वहाँ पर इतना ज्यादा पत्थर था कि उससे एक मंजिला मकान बन सकता था। बता दें कि हिंसाग्रस्त इलाके मुस्तफाबाद, करावल नगर, चमन पार्क, शिव विहार सहित अन्य इलाकों में हिंसा के एक सप्ताह पहले से ही ट्रैक्टरों में भरकर ईंट मँगवाए गए और फिर इसके टुकड़े-टुकड़े किए गए ताकि इसे बोरियों में भरकर छतों पर रखा जा सके।
जो लोग अपने घरों पर ईंटों को एकत्र कर रहे थे, उनका कहना था कि उन्होंने अपने मकान निर्माण कार्यों के उद्देश्य से बड़ी संख्या में ईंटों का ऑर्डर दिया था। जबकि जाँच से पता चला है कि इन्हीं ईंटों को टुकड़ों में तोड़ा गया था और हिंसा के दौरान इस्तेमाल किया गया।
इसके साथ ही बताया जा रहा है कि जहाँं ईंटे रखी गई थीं, उन घरों में कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है और जिन बोरियों को निर्माण कार्य के तथाकथित उद्देश्य के लिए वितरित किया गया था वे कई घरों की छतों पर खाली पाए गए। अब यह सवाल उठता है कि अचानक से ये ईंट के ढेर आधे कैसे हो गए? जिसका जवाब जाँच के बाद ही मिल सकेगा। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर क्यों इन ईंटों के हफ्ते भर पहले एकत्र किया गया था। पुलिस गाजियाबाद में स्थित उन ईंट भट्टों के मालिकों के संपर्क में है, जिनके पास हिंसा से एक हफ्ते पहले इन ईंटों का ऑर्डर मिला था।
गोली से अधिक घातक होती है गुलेल 
वहीं ताहिर हुसैन के घर के पास की बात करें तो यहाँ पर पत्थरों की कई इंच मोटी परत बन चुकी थी। बताया जा रहा है कि नजारा कुछ ऐसा था, मानो नई सड़क के निर्माण से पहले पत्थरों को तोड़कर बिछाया गया हो। जिसकी वजह से सफाईकर्मियों को भी पत्थरों को हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ताहिर के घर के पास से ही निगमकर्मियों ने कई ट्रक रेत भी उठाया है। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में इससे पहले कभी इस तरह एक ही स्थान पर इतने पत्थरों का जखीरा देखने को नहीं मिला। जिन पत्थरों को उठाया गया, वे बहुत छोटे-छोटे टुकड़ों में मिले हैं। पत्थरों को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो किसी ने इन्हें मशीन से काटा हो।
दिल्ली हिंदू विरोधी दंगा, गुलेल
मैक्सिमम तबाही के लिए हर 10-15 घरों के बाद एक छत पर लगी थी गुलेल 
जैसे-जैसे दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की दिल्ली दंगों की जाँच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हिंसाग्रस्त इलाकों की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो चकित करने वाली हैं। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे में उपद्रवियों ने तरह-तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था, जिनमें सबसे बड़ा हथियार गुलेल रहा। कई इलाकों में भड़की हिंसा के दौरान गोली-बम से ज्यादा घातक गुलेल साबित हुई है। ये गुलेल छत, रिक्शे और अन्य जगहों पर रखकर इस्तेमाल किए गए। कई इलाकों की छतों पर गुलेल मिल रही है। 
हिंसा की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी को हर 10-15 घरों के बाद एक घर की ऊँची छत पर गुलेल मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के दौरान सैकड़ों की संख्या में गुलेल बरामद किया गया। सबसे ज्यादा गुलेल ओल्ड मुस्तफाबाद के घरों की छतों से बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि इन्हीं गुलेल की मदद से सबसे ज्यादा तबाही मचाई गई।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में हुए हिन्दुओं के नरसंहार के खिलाफ शनिवार (29 फरवरी 2020) को ....
हिंसा फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर गुलेल का इस्तेमाल किया गया है। इससे लोहे, पत्थरों, पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली के शिव विहार इलाके में मिली गुलेल एक रिक्शे पर लोहे के एंगल को वेल्डिंग कर के बनाई गई थी। जिस तरह छोटी गुलेल से मामूली गिट्टियाँ चलाई जाती हैं, ठीक वैसे ही इस बड़ी गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर या और भी चीजें फेंकी जा सकती हैं। यानी किसी भारी चीज को दूर तक फेंकने के लिए ये गुलेल बनाई गई, वो भी रिक्शे के ऊपर। इसे मोबाइल गुलेल कहा जाता है, जिसे जहाँ चाहे, वहाँ ले जाया जा सके और घटना को अंजाम दिया जा सके। इस बड़ी गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए थे।

दिल्ली दंगा : चुन-चुन कर जलाई हिन्दुओं की दुकानें, ताहिर हुसैन के तहखाने वाली इमारत में थे 3000 गुंडे

दिल्ली दंगा, चाँदबाग़उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चाँदबाग में दंगों के दौरान एक फर्नीचर के दुकान में भी आग लगा दी गई। ऑपइंडिया ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों से संपर्क किया और वहाँ जाकर स्थिति का जायजा लिया। पता चला कि पूरे फ्लोर पर आग लगाई गई और समानों को लूट लिया गया। दुकान के मालिक ने बताया कि इस वारदात को मुसलमानों ने अंजाम दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि मुसलमानों ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ वाली इमारत के सभी फ्लोर पर आग लगा दी और वहाँ रखे कुछ समानों को भी फूँक डाला। बाकी समान वो अपने साथ लूट कर ले गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उसी गली में एक मुस्लिम की भी दुकान थी, जिसे जरा सा भी नुकसान नहीं पहुँचाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक़, दंगाई भीड़ ने दुकानों का बोर्ड पढ़-पढ़ कर ये तय किया कि किसे जलाना है और किसे छोड़ना है। यानी, हिन्दुओं की दुकानों को जलाया गया और मुस्लिमों की दुकानों का छूआ भी नहीं। एक ‘गोयल मेडिकल स्टोर’ है, उसे भी लूट लिया गया। वैश्य समाज के लोगों की दुकानें थीं, जिन्हें या तो आग के हवाले कर दिया गया, या फिर लूट लिया गया।
इसका मतलब है कि सारे हिन्दुओं की दुकानों के बारे में जानकारी इकट्ठी कर ली गई थी। हिन्दुओं की गाड़ियों को भारी संख्या में जलाया गया। लोगों ने स्थानीय निगम पार्षद ताहिर हुसैन के बारे में बताया कि उसकी इमारत का परिसर 1200 गज का प्लॉट है, जिसमें एक तहख़ाना भी है। हुसैन आम आदमी पार्टी का नेता है और पार्टी भी उसके बचाव में उतर आई है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या का आरोप भी उसके ही गुंडों पर है। चारों को मार कर उनकी लाशों को चाँदबाग़ की नाली में फेंक दिया गया था।
लोगों ने बताया कि ताहिर हुसैन के घर में क़रीब 3000 दंगाई जमा थे। कई संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा हुआ था, यानी काफ़ी पहले से इसकी साज़िश रची जा रही थी। अंकित शर्मा के बारे में लोगों ने बताया कि उन्हें घसीट कर ले जाया गया था। जब अंकित को पता चला कि ताहिर के गुंडे तीन लोगों को पकड़ के ले गए हैं, तब वो उन्हें छुड़ाने और लोगों को समझाने निकले थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उसके थोड़ी देर बार ही अंकित की माँ अपने बेटे को ढूँढ़ते हुए चिंतित सी घूम रही थी। बाद में उनकी मौत की ख़बर आई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित के मृत शरीर पर पत्थर बाँध कर नाले में फेंक दिया गया था। चाँदबाग़ में एक पुल है, जिसके दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। स्थानीय लोग इस पुलिया को ‘बॉर्डर’ भी कहते हैं। स्थानीय हिन्दू उस पुलिया को ‘बॉर्डर’ कह कर भी सम्बोधित करते हैं। दरअसल, ताहिर हुसैन का घर ही इस तरीके से बनाया गया है कि उससे चारों ओर का इलाक़ा कवर हो और अंदर जो भी लोग हों, वो एकदम सुरक्षित रहें। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनलोगों ने ही उसे जिताया और वो अब उनके साथ ही ऐसा व्यवहार कर रहा है।
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ताहिर हुसैन के घर की छत पर मिला पेट्रोल बम का जखीरा, गुलेल, एसिड और पत्थरों के ढेर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के द....
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए अपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताई। लोगों ने कहा कि वो हमेशा मीडिया में बयान देते रहते हैं और सुर्ख़ियों में बने रहते हैं, लेकिन उनके पार्षद की दंगों में भागीदारी सामने आई है तो उन्होंने मुँह पर टेप चिपका लिया है। कई ऐसे लोग भी सीएम से नाराज़ दिखे, जिन्होंने हालिया चुनावों में आम आदमी पार्टी को वोट दिया था।

दिल्ली दंगा : ताहिर हुसैन के घर की छत पर पेट्रोल बम, एसिड और पत्थरों का मिला जखीरा

ताहिर हुसैन, पेट्रोल बम का जखीरा, ईंटों से भरा हुआ क्रेट
ताहिर हुसैन के घर की छत पर मिला पेट्रोल बम का जखीरा, गुलेल, एसिड और पत्थरों के ढेर 
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान आईबी के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। उनका शव चॉंदबाग के नाले से बरामद किया गया था। इस मामले में आप पार्षद ताहिर हुसैन की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। हुसैन को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, ताहिर हुसैन की छत पर से पेट्रोल बम का जखीरा, कट्टों और ट्रे में बड़े-बड़े पत्थर, गुलेल आदि बरामद किए गए है। इंडिया टीवी के पत्रकार कुमार सोनू की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ।
इंडिया टीवी के रिपोर्टर सुशांत सिन्हा और आजतक की पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने इस खबर को तस्वीरों सहित शेयर किया। दावा किया जा रहा है ये तस्वीर ताहिर हुसैन के घर की छत की है। यहाँ की कई वीडियो पहले भी सामने आ चुके हैं। इनमें ताहिर के घर की छत से दंगाई पत्थरबाजी करते और पेट्रोल बम फेंकते नजर आ रहे है। ताहिर भी हाथ में रॉड लिए दिख रहा है।

मीडिया रिपोर्टो के अनुसार जब कुछ मीडियाकर्मी उसके घर की छत पर पहुॅंचे तो चौंकाने वाला नजारा दिखा। पत्थर का अंबार लगा था। एक बड़ी सी गुलेल भी पड़ी थी। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरा था। कई कट्टे, बोरियॉं मिलीं जिनमें से कुछ में पत्थर भी थे।
फिलहाल ताहिर कहॉं है यह साफ नहीं है। लेकिन एक विडियो के जरिए उसे खुद को बेकसूर बताने की कोशिश की है। उसका कहना है कि हिंसा के वक्त वह घर में नहीं था और वह अपनी जान बचाकर एक रिश्तेदार के घर पर है।
भाजपा नेता एवं दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ताहिर के घर से निकले गुंडों ने ही आईबी के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या की थी। पत्रकार राहुल पंडिता ने भी चश्मदीदों के हवाले से बताया है कि अंकित के अलावा दो और लोगों को दंगाई खींचकर ताहिर के घर ले गए थे।
जी न्यूज को अंकित शर्मा के भाई ने बताया, “मुस्लिम लोग जो सीएए-एनआरसी का विरोध कर रहे हैं, लोगों को मार रहे हैं, ये बहुत गलत कर रहे हैं। इन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। इन्होंने कई घरों का नाश कर दिया। इसमें एक घर हमारा भी बर्बाद हो गया।” अंकित के भाई के अनुसार उनके भाई ड्यूटी से लौट रहे थे जब दंगाई गली के बाहर से उन्हें खींचकर ले गए। उनके मुताबिक भीड़ चार लोगों को खींचकर ताहिर हुसैन के मकान में लेकर गई और उन्हें मारकर नाले में फेंक दिया।
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ताहिर हुसैन (दाएँ) की बहुमंजिला इमारत (बाएँ) से बमबारी करते कई लोग आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार नागरिकता संशोधक कान.....
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक तरफ आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली पुलिस ...
दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी अपने पार्षद के बचाव में उतर आई है। AAP ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ताहिर के घर पर आठ घंटे बाद पहुँची थी। इस मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। आप नेता संजय सिंह ने कहा, “ताहिर हुसैन ने बयान जारी किया। उनके घर के अंदर भीड़ घुसी, तो पुलिस को जानकारी दी। लगातार अपने को बचाने के लिए पुलिस से मदद माँगी। पुलिस आठ घंटे बाद पहुँची और पुलिस ने उन्हें निकाला।” उन्होंने कहा कि ताहिर का कहना है कि भीड़ उनके घर में घुसी थी। वह तो दो दिन से घर में ही नहीं हैं। उन्हें पुलिस ने निकाला है।

दिल्ली दंगा : AAP पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडों ने IB ऑफिसर को मार डाला

अंकित शर्मा
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अंकित शर्मा आईबी के कॉन्स्टेबल थे। कुछ दिनों पहले ही एजेंसी में उनकी नौकरी लगी थी। वह पिछले दिनों गायब थे। उनकी हत्या कर के उनकी लाश को गन्दी नाली में फेंक दिया गया। 26 वर्षीय अंकित शर्मा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी हॉस्पिटल ले जाया गया है। अंकित के पिता देवेंद्र शर्मा दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। उनकी माँ सुधा शर्मा का रो-रो कर बुरा हाल है। सोमवार (फरवरी 24, 2020) को हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या कर दी गई थी। उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं।
चाँदबाग के नाले से मिला IB कॉन्स्टेबल का शव
दिल्ली में नागरिकता कानून के विरोध में शुरू हुई हिंसा भयानक रूप लेती नजर आ रही है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा में उपद्रवियों ने एक आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया। यह घटना दिल्ली के चाँदबाग की है। नाले से आइबी के कॉन्स्टेबल का शव निकाला गया है।
मृतक अंकित शर्मा (26) खजूरी में रहते थे। मंगलवार (फरवरी 25, 2020) शाम को वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चाँदबाग पुलिया पर कुछ दंगाइयों ने उन्हें घेर लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया।


दंगे में मारे गए अंकित शर्मा के परिजन मंगलवार से ही उनकी तलाश में थे। ज्ञात हो कि अंकित शर्मा के पिता रविंदर शर्मा भी IB में हेड कॉन्स्टेबल हैं। उनका कहना है कि पिटाई के साथ अंकित को गोली भी मारी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। अंकित के पिता रविंदर शर्मा ने मौके पर मौजूद मीडिया को बताया कि उनका बेटा अंकित 2017 में IB में शामिल हुआ था। अंकित की अभी तक शादी नहीं हुई थी। उनके लिए लड़की की तलाश की जा रही थी।
इससे पहले दंगाइयों द्वारा 19 साल के एक हिंदू लड़के पर हमला किया और उसके सिर में ड्रिल मशीन से छेद करने की घटना सामने आई थी। पीड़ित विवेक पर उस वक्त हमला किया गया जब वह अपनी दुकान में बैठा था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो में 2-3 लोग एक हिंदू के शव को भीड़ से दूर लेकर जाते नजर आए थे। लेकिन भीड़ अचानक से गली के बाहर आकर अल्लाहु अकबर और नारा-ए-तकबीर का नारा लगाने लगती है। मारे गए युवक का नाम विनोद बताया जा रहा है। घटना ब्रह्मपुरी इलाके की है।
अरविन्द केजरीवाल, दिल्ली हिंसा
अंकित शर्मा के घर में मातम का माहौल (बाएँ),
ताहिर हुसैन के साथ सीएम केजरीवाल (दाएँ)
ताहिर हुसैन के घर से चल रहे बम व गोलियाँ
दिल्ली में लगातार हो रही हिंसा की कई घटनाओं के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ होने के आरोप लग रहे हैं। दिल्ली के सत्ताधारी पार्टी पर पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने बड़ा आरोप लगाया है। आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या को लेकर ये बड़ा आरोप लगाया गया है। दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्र चाँदबाग़ की एक नाली से अंकित का शव बरामद किया गया है। मिश्रा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल की पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के घर से निकले लड़कों ने शर्मा की हत्या की है। हुसैन नेहरू विहार का ही निगम पार्षद हैं। बकौल मिश्रा, हुसैन के घर से निकले आरोपितों ने शर्मा को घसीटा।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ये भी आरोप लगाया है कि ताहिर हुसैन के घर से लगातार पेट्रोल बम चलाए जा रहे हैं और गोलीबारी भी की जा रही है। ये बहुत बड़ा आरोप है क्योंकि अंकित शर्मा की हत्या को ख़ुद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बहुत ही दुखद क्षति बताया है। केजरीवाल ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाना चाहिए। उन्होंने इस हमले में मारे गए लोगों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में इस तरह की स्थिति पैदा होना दर्दनाक है।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कांग्रेस और कांग्रेसी नेताओं की हिन्दू विरोधी मानसिकता जगजाहिर है। उत्तर-पूर्वी दि.....
केंद्र सरकार लगातार शांति की अपील कर रही है। ख़ुद पीएम मोदी ने स्थिति की समीक्षा के बाद स्थिति को शांतिपूर्ण और सामान्य बनाने पर जोर दिया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कहा है कि सुरक्षा बल लगातार अपने काम में लगे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई हुई है, जहाँ कपिल मिश्रा के बयान का मुद्दा छाया हुआ है। अब तक हिंसा में 21 लोगों के मौत की ख़बर है।

जयपुर : कांग्रेस उपाध्यक्ष को रिश्वत की दूसरे किस्त ₹50 हजार के साथ ACB ने धरा

Image result for Suman Gurjarराजस्थान कांग्रेस की महिला नेत्री को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राजधानी जयपुर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद सुमन गुर्जर को 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसमें 50 हजार रुपए नकद और 75 हजार सेल्फ चेक के तौर पर था।
सुमन जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 की पार्षद हैं। वह जयपुर नगर निगम की महिला उत्थान समिति की चेयरमैन भी हैं। सुमन गुर्जर को एसीबी की टीम ने जयपुर के सांगानेर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पार्षद ठेकेदार से 50 हजार रूपए पहले भी ले चुकी थी।
एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सुमन गुर्जर अपने वार्ड में विकास कार्यों के एवज में ठेकेदार से 3 प्रतिशत कमीशन मॉंग रही थी। उन्होंने ठेकेदार से 1 लाख 75 हजार रुपए की रिश्वत माँगी थी। जिसके बाद ठेकेदार ने 50,000 रुपए की पहली किस्त दी। अक्टूबर 11, 2019 को रिश्वत की दूसरी किस्त 1 लाख 25 हजार रुपए देने के दौरान एसीबी की टीम ने रंगे हाथों सुमन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। ठेकेदार ने सुमन से कहा था कि वो उसे पैसे दे देगा, लेकिन फिर सड़क बनने के बाद घटिया सामग्री का मुद्दा नहीं उठना चाहिए। इस पर कांग्रेस पार्षद ने कहा था, “तू चिंता मत कर, मैं हूँ ना, बिल पास करवा दूँगी।”

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद महिला कांग्रेस ने भी सुमन से किनारा कर लिया। जयपुर नगर निगम की पार्षद सुमन गुर्जर पर इस कार्रवाई के बाद महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देश पर महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने गुर्जर को प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष पद से तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।