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हाई कोर्ट ने पंजाब की AAP सरकार से विज्ञापन का माँगा हिसाब; मंत्रियों की गाड़ियों पर फूँके करोड़ों, पर फोरेंसिक लैब के लिए पैसे नहीं: महीनों से अटकी है एक CD की जाँच


पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब की AAP सरकार को लताड़ लगाई है। हाई कोर्ट ने भगवंत मान की सरकार से सरकारी विज्ञापन पर खर्च किए गए पैसे की जानकारी देने को कहा है। भगवंत मान सरकार ने हाई कोर्ट को बताया था कि फोरेंसिक लैब्स अपग्रेड करने का पैसा उसके पास नहीं है। हाई कोर्ट ने यह भी पूछा है कि पुलिस अधिकारियों के लिए कितनी गाड़ियाँ सरकार ने इस ‘फंड की कमी’ के बीच खरीदी।

एक CD की जाँच से जुड़ा है मामला

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी एक CCTV वीडियो की CD से जाँच के मामले में की है। दरअसल, पंजाब पुलिस ने विनय कुमार नाम के एक व्यक्ति को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। विनय के वकील ने दावा किया था कि जहाँ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी 16 सितम्बर, 2023 को दिखाई है, वहीं उसे असल में 14 तारीख को ही दोस्त के घर से पकड़ लिया गया था। इस बात के सबूत के लिए उसने घर के CCTV वीडियो भी कोर्ट को एक CD में दिए थे।
हाई कोर्ट ने इस CD को जाँच के लिए दिया था। यह CD सेंट्रल फोरेंसिक चंडीगढ़ भेजी थी। हालाँकि, हाई कोर्ट तब काफी नाराज हुआ जब इसकी जाँच रिपोर्ट नहीं आई। हाई कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि आखिर पंजाब के भीतर बनी 4 फोरेंसिक लैब में CD जाँच जैसी सुविधाएँ तक नहीं है। इस बीच भगवंत मान सरकार ने कोर्ट को यह बताने की कोशिश की कि उसने सभी लैब को अपग्रेड करने के लिए काफी पैसा दिया है लेकिन इस बीच यह भी स्वीकार कर लिया कि उसके पास CD जाँच करने की सुविधा अभी नहीं है।

हाई कोर्ट ने लगाई लताड़

हाई कोर्ट ने इस मामले में भगवंत मान सरकार से यह भी पूछा था कि वह राज्य की फोरेंसिक लैब्स को क्यों नहीं अपग्रेड कर रहे और इस काम के लिए उन्हें कितना और समय चाहिए। इसको लेकर पंजाब में फोरेंसिक विभाग के मुखिया अश्विनी कालिया ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी के साथ ने 21 जनवरी, 2025 को एक जवाब दाखिल किया था।
इसमें उन्होंने फोरेंसिक विभाग में वीडियो की जाँच के लिए खरीदे फोरेंसिक वाले उपकरणों को लेकर लिए गए एक्शन का विवरण दिया था। उन्होंने बताया था कि 9 जनवरी, 2025 को इस संबंध में एक बैठक हुई थी और 4 सप्ताह के भीतर ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया था कि यह वीडियो की जाँच करने वाले उपकरण केवल एक ही लैब के लिए खरीदे जाएँगे।
कालिया ने कहा था कि बाकी तीनों लैब को अपग्रेड करने का पैसा भगवंत मान सरकार के पास नहीं है और इसको लेकर बजट नहीं दिया गया है। इस बात हाई कोर्ट नाराज हो गया। हाई कोर्ट ने कहा कि वह राज्य सरकार से ऐसे जवाब की आशा नहीं रखते थे।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मुदगिल ने कहा, “यदि राज्य सरकार ने आधुनिक जाँच/नई तकनीकों से खुद को लैस करने की इच्छा दिखाई होती, तो बजट की मंजूरी 1-2 दिन यहाँ तक कि कुछ घंटों में दी जा सकती थी। खासकर इस डिजिटल समय और AI के दौर में।

विज्ञापन पर खर्च का हिसाब भी पूछा

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फंड की कमी का रोना रोने पर भगवंत मान की सरकार से यह भी पूछ लिया कि आखिर वह विज्ञापन पर इस बीच कितना खर्च कर रही है। हाई कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर अप्रैल, 2024 से जनवरी, 2025 के बीच विज्ञापन पर खर्च पैसे की जानकारी दे।
हाई कोर्ट ने कहा, “राज्य सरकार को अपने मुख्य सचिव के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में यानी 01 अप्रैल, 2024 से 20 जनवरी, 2025 तक सरकार के काम और उपलब्धियों के बारे में विज्ञापनों के प्रकाशन और पुलिस अधिकारियों के लिए खरीदी गई गाड़ियों पर किए गए खर्च का ब्योरा देने का आदेश दिया जाता है।”

मंत्रियों को दी थी 20 गाड़ियाँ

जहाँ पंजाब सरकार अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी फोरेंसिक लैब के लिए पैसे की कमी बता रही है तो वहीं उसने 2024 में ही मंत्रियों को 20 गाड़ियाँ दी हैं। भगवंत मान की सरकार में शामिल 15 में से 10 मंत्रियों को जनवरी, 2024 में 1-1 इनोवा और 1-1 बोलेरो दी थी। यह उनके काफिले में चलेंगी। इनकी कीमत लगभग ₹4 करोड़ बताई गई है।
पंजाब सरकार ने हाल ही में पुलिस के लिए भी 100 से ज्यादा टोयोटा हाईलक्स गाड़ियाँ खरीदी थीं। सरकार ने बताया था कि यह नई फ़ोर्स के लिए हैं। महँगी गाड़ियाँ खरीदने का मामला केवल मंत्रियों और पुलिस तक सीमित नहीं है। दिसम्बर, 2024 में ही यह खबर आई थी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए नई लैंड क्रूजर गाड़ियाँ खरीदी जानी हैं।
इससे पहले सितम्बर, 2023 में पंजाब सरकार ने 10 सीटों वाले एक हवाई जहाज के लिए टेंडर निकाला था। यह टेंडर तब निकाला गया था जब राज्य सरकार के पास एक हेलिकॉप्टर पहले से है। विरोध के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। यह जानकारी देने वाले RTI एक्टिविस्ट को भी पुलिस ने धमकाया था।

चंदाखोरी कैंपेन चलाने वाली कांग्रेस के चेक नहीं ले रहे बैंक, बिजली बिल भरने के भी पैसे नहीं: रोने के बाद मिली राहत

कांग्रेस ने आयकर विभाग पर आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसमें युवा कांग्रेस का खाता भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि आयकर विभाग ने उसके बैंक खाते सील कर दिए हैं और 210 करोड़ रुपए के टैक्स की डिमाँड की है। कांग्रेस का दावा है कि यह कार्रवाई चुनावी बॉन्ड पर रोक लगने के एक दिन बाद हुई है। हालाँकि कांग्रेस के आरोप लगाने के बाद ही जानकारी सामने आ रही है कि कांग्रेस के खातों पर लगी रोक को हटा लिया गया है। इस मामले में आयकर विभाग के ट्रिब्यूनल में बुधवार को सुनवाई की जाएगी।

कांग्रेस नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कांग्रेस के सभी बैंक खाते सील कर दिए। उन्होंने कहा पार्टी की ओर से जारी किए गए चेक कोई बैंक ले नहीं रहा है। इनकम टैक्स ने यूथ कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी से 210 करोड़ रुपये की वसूली माँगी है। हमारे खातों में क्राउडफंडिंग का पैसा फ्रीज कर दिया गया है। चुनाव से ठीक 2 हफ्ते पहले जब विपक्ष के खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र को फ्रीज करने के बराबर है। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा से दो सप्ताह पहले ये कदम उठाकर सरकार क्या संदेश देनी चाहती है? अजय माकन ने कहा कि ये पैसा किसी पूँजीपति का नहीं है, बल्कि ये पैसा देश के गरीबों का है। जिन्होंने कांग्रेस पार्टी को दान के माध्यम से ये पैसा दिया।

अजय माकन ने आगे कहा, “अभी हमारे पास ख़र्च करने के लिए पैसे नहीं हैं। न बिजली का बिल भरने के लिए। न ही अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए। सब कुछ प्रभावित होगा। न केवल न्याय यात्रा, सारी ही राजनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।”

इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते फ़्रीज़ करने का क़दम भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। बीजेपी ‘असंवैधानिक’ पैसा का इस्तेमाल चुनावों में करेगी, मगर कांग्रेस ने चंदा इकट्ठा कर के जो पैसा जुटाया, उस पैसे को ज़ब्त कर लिया गया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने इसीलिए पहले ही कहा था कि आगे से कोई चुनाव नहीं होंगे। मैं ज्यूडिशरी से ये अपील करता हूँ कि वो देश के मल्टी-पार्टी सिस्टम को बचाए और भारत के लोकतंत्र की रक्षा करे। इसके लिए हम सड़कों पर उतर कर लड़ेंगे और ऐसी तानाशही का जोरदार विरोध करेंगे।”

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के विरोध में युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को हिरासत में ले लिया गया।

आयकर विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालाँकि, विभाग के सूत्रों ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी पर टैक्स चोरी के आरोप है। सूत्रों ने कहा कि विभाग ने पार्टी को कई बार नोटिस भेजा था, लेकिन पार्टी ने उनका जवाब नहीं दिया।

थोड़े समय बाद ही हटाया गया बैन

इन आरोपों को लगाने के कुछ देर बाद कांग्रेस पार्टी ने बताया है कि पार्टी के खातों पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। एनडीटीवी ने कांग्रेस के हवाले से ये खबर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में बुधवार को आईटी ट्रिब्यूनल में सुनवाई होगी
अवलोकन करें:-
कांग्रेस पार्टी ने दावा किया था कि क्राउड फंडिंग से जमा हुए पैसों को भी फ्रीज कर दिया गया है, इसके लिए वो आयकर विभाग की अपीलीय न्यायालय में चुनौती देंगे। जरूरत पड़ी तो पार्टी कोर्ट तक जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने इस बात पर भरोसा जताया था कि कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा। हालाँकि अब कांग्रेस के खातों को अनफ्रीज (खोल दिया गया) कर दिया गया है।

भगवंत मान के पास फोन रिचार्ज के पैसे नहीं, लेकिन GUCCI के ढाई लाख रुपये के जूते पहनते हैं


आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के झूठे वादे और झूठी कहानी से अब लोग भलीभांति परिचित हो चुके हैं। केजरीवाल के करीबी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उसी सफाई से झूठ बोलने में माहिर हो चुके हैं। आपको याद होगा दो महीने पहले अक्टूबर में गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में भगवंत मान ने लोगों से कहा था हमने आपको कोई दिहाड़ी देकर नहीं बुलाया है, हमारे पास पैसे वैसे नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं भगवंत मान ने तो यहां तक कह दिया कि उनके पास कॉल करने तक के पैसे नहीं हैं। उन्होंने रैली में कहा कि मेरे मोबाइल में भी बैलेंस नहीं रहता है और अरविंद केजरीवाल के भी मोबाइल में बैलेंस नहीं रहता। अब आप सोचिए कि जिसके पास मोबाइल रिचार्ज के पैसे नहीं होंगे वो क्या ढाई लाख रुपये का जूता पहन सकता है। सोशल मीडिया पर भगवंत मान का एक फोटो शेयर किया गया है जिसमें वे GUCCI कंपनी के 3500 डॉलर कीमत के जूते पहने दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता में आने से पहले आम आदमी थे। जनता को भरोसा दिलाया था कि सत्ता में आन पर न सरकारी बंगला लेंगे और न ही सुरक्षा। लेकिन सत्ता में आते ही आलीशान बंगला भी लिया और सुरक्षा भी। अब आम से इतने खास बन चुके हैं कि जनता के पैसे पर मौज-मस्ती करने में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी पीछे छोड़ चुके हैं। महंगे होटलों में रूकना और सुविधाएं लेना आम बात हो गई है।

गुजरात में भगवंत मान ने कहा- मेरे और केजरीवाल के फोन में जीरो बैलेंस

इसी साल अक्टूबर में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ गुजरात चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। वहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे मोबाइल में भी बैलेंस नहीं रहता है और अरविंद केजरीवाल के भी मोबाइल में बैलेंस नहीं रहता। जनता को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने बताया कि हमने आपको कोई भी दिहाड़ी देकर नहीं बुलाया है, हमारे पास पैसे वैसे नहीं है। उसके बाद उन्होंने कहा, ‘उन्होंने एक बार केजरीवाल को फोन किया था और बैलेंस ना होने के बाद फोन कट गया था। जिसके बाद उन्होंने दूसरे से फोन लगवा कर कहा कि सॉरी सर, मेरा बैलेंस खत्म हो गया था। जिस पर केजरीवाल ने कहा कि वह वापस फोन कर ही नहीं पाए क्योंकि उनके फोन में बैलेंस रहता ही नहीं है। केवल कॉल आती है।’

रिचार्ज का पैसा नहीं, चार्टर प्लेन से सफर करते हैं

भगवंत मान के फोन रिचार्ज नहीं होने की बात कहने के बाद सोशल मीडिया में लोगों ने खूब मजे लिए थे। मोहसिन खान नाम के ट्विटर हैंडल से कमेंट किया गया, ‘ रिचार्ज का पैसा नहीं है लेकिन होटल में 22 लाख का समोसा खाते हैं और चार्टर प्लेन में बैठ कर तीन करोड़ रुपया खर्च करके चुनाव प्रचार करने जाते हैं। गजब का झूठ बोलते हैं।’ अनुभव नाम के एक यूज़र लिखते हैं – कुछ भी, दोनों राज्य के सीएम अपना मोबाइल फोन रिचार्ज नहीं करा पाते हैं। भाई इतना झूठ कैसे बोल पाते हो?

गेस्ट हाउस की जगह होटल में 3 घंटे लग्जरी स्टे पर 2.18 लाख रुपये खर्च

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ अरविंद केजरीवाल जालंधर के एक चार सितारा होटल रेडिसन में 3 घंटे रुके थे, जबकि थोड़ी दूरी पर सर्किट हाउस था। अब होटल ने जिला प्रशासन को 2.18 लाख रुपये का बिल थमा दिया है। दरअसल 15 जून, 2022 को केजरीवाल और भगवंत मान ने जालंधर से नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बसों को हरी झंडी दिखाई थी। आरटीआई से मिली जानकारी से पता चला कि वह करीब 3 घंटे होटल में रुके। इस दौरान 6 कमरों का 1.37 लाख और 38 लंच बॉक्स पर 80,712 रुपये खर्च किए गए। बिल में 17788 रुपये केजरीवाल की रूम सर्विस, 22,836 रुपये सीएम मान की रूम सर्विस के अलावा दिल्ली AAP नेताओं के प्रवास खर्च भी शामिल है। दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गहलोत पर 15460 रुपये, AAP नेता राम कुमार झा के स्टे पर 50,902 रुपये, प्रकाश झा पर 22416 रुपये और केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेटरी की रूम सर्विस के बदले 8062 रुपये चार्ज किए गए।