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दिल्ली में फिर गोलीबारी और पत्थरबाजी, 9 की मौत: दंगाइयों के बचाव में लिबरल गैंग सक्रिय

दिल्ली, हिंसा
दिल्ली के कई इलाकों में फिर से हिंसा
दिल्ली में दंगाई एक बार फिर से अपने खतरनाक मंसूबों के साथ निकल पड़े हैं। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कर्दमपुरी में हिंसा भड़क गई है। वहाँ गोलीबारी भी हुई है। गोलीबारी की सूचना मिलते ही अर्धसैनिक बलों को वहाँ के लिए रवाना कर दिया गया है। वहीं खजूरी ख़ास क्षेत्र में पत्थरबाजी फिर से तेज़ हो गई है। करावल नगर की तरफ़ जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है। खजूरी ख़ास में लगातार तीसरे दिन हिंसा भड़की है और वहाँ पुलिस की उपस्थिति भी नगण्य है, जिससे दंगाई खुलेआम तांडव कर रहे हैं। वहाँ कई घरों को जलाए जाने की ख़बरें भी आ रही हैं
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक पत्रकार को भी गोली मारने की ख़बर आई है। अभी इस बारे में और सूचना आनी बाकी है। वहीं शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है। इन्हीं उपद्रवियों का आधिकारिक सोशल मीडिया पेज झूठे अफवाह फैला रहा था। सोमवार की रात भजनपुरा-यमुना विहार में दंगाइयों ने हिंसा की एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दिया। एनडीटीवी की पत्रकार निधि राजदान ने दावा किया है कि टीवी चैनल के दो पत्रकारों की पिटाई की गई है।

वहीं सोशल मीडिया के लिबरल गिरोह ने दंगाइयों के बचाव का सिलसिला तेज़ कर दिया है। पुलिस किसी पत्थरबाज को शिकंजे में ले रही है, तब उसकी फोटो को वायरल कर के उसे 2002 के गुजरात दंगे से जोर कर दिखाया जा रहा है। वहीं दंगाइयों द्वारा मार डालें गए हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल और हॉस्पिटल में भर्ती डीसीपी अमित शर्मा को लेकर गिरोह विशेष लगातार चुप्पी साधे हुए है। अब तक कुल 9 लोगों के मारे जाने की ख़बर है।

कुछ लोग पुलिस की तैनाती को दिखाकर समुदाय विशेष को पीड़ित के तौर पर पेश कर रहे हैं। विडियो बना कर दावा कर रहे हैं कि पुलिस बजरंग दल वालों के साथ उन्हें मारने आई है। ट्विटर सेलेब्रिटियों द्वारा ऐसे वीडियो को ख़ूब प्रसारित किया जा रहा है।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा कि सभी क्षेत्रों में शांति समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशन मंगलवार को भी दिन भर बंद रहे। गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन के पास टायर जला डाला गया। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पत्थरबाजी के बाद एक विरोध-प्रदर्शन रैली निकाली गई। वहीं शाहदरा के घायल डीसीपी अमित शर्मा के बारे में ख़बर आई है कि उनकी हालत अब ख़तरे से बाहर है। वो फ़िलहाल हॉस्पिटल में रहेंगे।

दिल्‍ली के शेल्‍टर होम से 9 लड़कियां लापता

Representative imageविगत कुछ महीनों में बिहार का मुजफ्फरपुर और यूपी का देवरिया शेल्‍टर होम वहां रहने वाली लड़कियों के यौन शोषण को लेकर चर्चा में रहा। इन मामलों ने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर नई आशंकाओं व सवालों को जन्‍म दिया। अब दिल्‍ली से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें शेल्‍टर होम से 9 लड़कियां लापता हैं। इनमें से आठ की उम्र 18 से 20 साल की बताई जा रही है, जबकि एक नाबालिग है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि लड़कियां यहां से खुद भागीं या किसी ने उन्‍हें अगवा किया, पर ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उन्‍हें यहां से साजिशन भगा दिया गया हो या फिर वेश्‍यालयों में बेच देने के लिए शेल्‍टर होम संरक्षकों की मिलीभगत से उनका अपहरण किया गया हो। मामला उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के दिलशाद गार्डन स्थित एक शेल्‍टर होम का है। 
यहां नवंबर 30 से ही ये लड़कियां लापता हैं, जिसका खुलासा दिसम्बर 2 को अटेंडेंस लेने के दौरान हुआ।रिपोर्ट के अनुसार एक दिसंबर और दो सिसंबर के बीच की रात लड़कियों लिए बने शंकर आश्रम में छापा मारा तो वहां से 9 लड़कियां गायब मिलीं। इस पर जिम्मेदार अधिकारियों का कहना था कि उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है कि लड़कियां कहां गईं। इसके बाद पुलिस में लड़कियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई।

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दिल्ली के सरकारी शेल्टर होम से 9 लड़कियां गायब हो गई हैं इनमें से कुछ लड़कियां तो वह है जिनको DCW ने मानव तस्कर गिरोह से छुड़ाया था, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री @msisodia जी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए WCD के सीनियर अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है" @SwatiJaiHind
इसके बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन 9 लड़कियों को द्वारका के एक शेल्ट होम से 04.05.2018 को यहां ट्रांसफर किया गया था। ये लड़कियां मानव तस्करी और बड़े पैमाने पर यौनशोषण की शिकार थीं। माना जा रहा है कि अवैध तरीके से वेश्यावृत्ति का धंधा चलाने लोगों ने उन्हें अगवा किया होगा। दिल्ली सरकार गृहमंत्रालय ने इस मामले में विस्तृत जांच की बात कही है। वहीं मामले में दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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9 लड़कियां सरकारी सेल्टर होम से गायब हो गई, दिल्ली के Dy. CM @msisodia ने कार्यवाही करते हुए सीनियर अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करना चाहिए और जो लोग इसमे शामिल है उनको सख्त से सख्त सज़ा होनी चाहिए" @SwatiJaiHind
मामले की जांच के लिए शेल्‍टर होम पहुंची पुलिस को यहां रहने वाली एक लड़की ने यह भी बताया कि उनके साथ यहां दुर्व्‍यहार होता रहा है। ऐसे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवत: प्रताड़ना से बचने के लिए लड़कियां यहां से फरार हो गई हों। दिल्‍ली महिला आयोग (DCW) को एक स्‍थानीय शख्‍स से ऐसी ही सूचना भी मिली, पर आयोग का कहना है कि ये लड़कियां पहले भी मानव तस्‍करी का श‍िकार रही हैं और ऐसे में संभव है कि उन्‍हें कोठा चलाने वालों ने अगवा किया हो।
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग को बाल कल्याण समिति-V के कुछ सदस्यों की ओर से लिखित में शिकायत मिली थी कि दिलशाद गार्डेन के शंकर आश्रम में लड़कियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव होता है। एक घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि यहां आश्रम की इंचार्ज की द्वारा लड़कियों को बुरी तरह से पीटा जाता है और उन्हें कई प्रकार की यातनाएं सहनी पड़ती हैं। सदस्यों ने मांग की थी महिला आयोग में मामले में हस्तक्षेप करे। क्योंकि जेजे एक्ट 2015 के अनुसार बच्चों की पिटाई करना एक गंभीर अपराध है।
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9 girls go missing from Shelter Home in Delhi. Dy CM @msisodia directs CS to suspend senior WCD officers on DCW Chairperson @SwatiJaiHind 's representation.
डीसीडब्‍ल्‍यू की अध्‍यक्ष स्‍वाती मालीवाल ने बताया कि इनमें से कुछ लड़कियों को आयोग ने पहले मानव तस्‍कर गिरोह से छुड़ाया था। उन्‍होंने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने और इस संबंध में दिल्‍ली पुलिस आयुक्‍त को पत्र लिखने की बात भी कही। इससे पहले उन्‍होंने दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद उन्‍होंने दो अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।

सिग्‍नेचर ब्रिज ही बन जाएगा उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में जाम की बड़ी वजह?

सिग्‍नेचर ब्रिज ही बन जाएगा उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में जाम की बड़ी वजह? सर्वे में खुलासाउत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में लोगों को अकसर लगने वाले भीषण ट्रैफि‍क जाम की समस्‍या से निजात दिलाने के लिए बनाया गया सिग्‍नेचर ब्रिज आम जनता के लिए खोल दिया गया है, लेकिन उत्तरी पूर्वी दिल्ली और इस रास्ते गाजियाबाद जाने वाले को आने वाले दिनों में भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है। 
दरअसल, ब्रिज खोलने से पहले दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर एक सर्वे किया था इसमें पाया गया कि सिग्‍नेचर ब्रिज पर ट्रैफिक जरुर स्मूथ हो जाएगा, लेकिन उसके आगे के इलाके में यानि वजीराबाद से भजनपुरा, यमुना विहार बी-ब्लाक, गोकुलपुरी की ओर ट्रैफिक कई गुणा बढ़ जाएगा। 
सर्वे में पाया गया है कि यमुना विहार बी-ब्लाक से वजीराबाद पर बैक टू बैक यू-टर्न से ट्रैफि‍क बढ़ जाएगा, जिसका मुख्य कारण सडक की चौड़ाई कम है। इससे निजात पाने के लिए डिवाइडर की चौड़ाई कम करने की जरूरत पड़ेगी। 
सर्वे के बाद ये निर्णय लिया गया कि गोकुलपुरी की ओर जाने वाली सड़क को साढ़े 6 मीटर चौड़ा करने की जरुरत है। खजूरी की ओर आने वाली रोड को ढाई मीटर चौड़ी करने की जरुरत है। इन कमियों के उजागर होने के बाद दिल्ली पुलिस ने  केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और पीडब्लूडी को चिठ्ठी लिखी है। 
उल्‍लेखनीय है कि सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्ताव 2004 में प्रस्तुत किया गया था जिसे 2007 में दिल्ली मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली थी। शुरूआत में अक्टूबर 2010 में दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के पहले 1131 करोड़ रूपये की संशोधित लागत में पूर्ण होना था 
इस परियोजना की लागत 2015 में बढ़कर 1,594 करोड़ रूपये हो गई थी। खबरों के मुताबिक जब पहली बार इस ब्रिज को 1997 में प्रस्तावित किया गया था तब इसकी लागत 464 करोड़ रूपये आंकी गयी थी। यह ब्रिज वर्तमान में वजीराबाद पुल के वाहनों के बोझ को साझा करेगा।