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ABP न्यूज+स्वाति मालीवाल की ‘नीयत’ पर उठे सवाल, अमित शाह और दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की थी साजिश

कंझावला से लेकर संगम विहार किस्सा वही, महिला और कार, घसीटना, आरोपी शराब पीये हुए और दिल्ली पुलिस नदारद! क्या है ये सब? दिल्ली से लेकर कश्मीर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, क्या ये सब किसी साज़िश के तहत हो रहा है, या फिर चुनाव आते देख अपनी नाकामियों को छुपाकर, सुर्ख़ियों में रहने के लिए केजरीवाल की वही घिनौनी हरकत? क्या इस गंभीर समस्या पर सोंचना नहीं चाहिए? क्योकि ऐसे में मुख्य प्रश्न यह है कि 1. स्वाति मालीवाल के सुरक्षा कर्मी कहाँ थे? 2. स्वाति ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा होते हुए, तुरंत पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया? 3. वीडियो बनाने वाले ने महिला की रक्षा के लिए पुलिस को क्यों नहीं सूचित किया? 4. ABPNews ने महिला आयोग की अध्यक्षा द्वारा कई घंटे बीत जाने के बाद क्यों शोर मचाया? 5. पुलिस को आरोपी से पार्टी से किसी तरह के सम्बन्ध पर भी छानबीन करनी चाहिए? 6. सोशल मीडिया पर स्वाति के विषय में आ रहे मुद्दों की भी जाँच करनी चाहिए। ये केजरीवाल गैंग है, कोई भी खेल खेला जा सकता है। 7. पुलिस को इस फाइल को खुला रखना होगा, कभी भी कोई राज सामने आ सकता है। आदि आदि प्रश्न बहुत हैं, स्वाति मालीवाल और ABPNews आसानी से बच नहीं सकते। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कंझावला केस की तरह इस केस पर भी गिद्ध निगाह से असलियत सामने आने पर दोषी अथवा दोषियों को सख्त से सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए। माना, दिल्ली पुलिस नकारा है, एक नहीं लाखों कमियां हैं, लेकिन इस तरह बदनाम नहीं करना चाहिए, जबकि पीड़ित एक संवैधानिक पद पर है। 

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने 19 जनवरी 2023 को बताया था कि नशे में धुत कार वाले ने उन्हें 15 मीटर तक घसीटा। भगवान ने उन्हें बचा लिया, नहीं तो उनका हाल भी अंजलि जैसा होता। इसका वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल ने एबीपी न्यूज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

बीजेपी नेता शाजिया इल्मी ने 20 जनवरी 2023 को अपने ट्विटर हैंडल पर सिलसिलेवार कई वीडियो शेयर कर स्वाति मालीवाल, आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा, “एबीपी न्यूज और स्वाति मालीवाल ने साथ मिल कर एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसका मकसद सिर्फ दिल्ली पुलिस को बदनाम करना था। क्यों कोई निजी चैनल एक राजनीतिक पार्टी के साथ मिलकर एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ दिल्ली पुलिस के खिलाफ ऐसा षड्यंत्र करेगी?”

वीडियो में उन्होंने कहा है, “जिस तरह से आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज ने स्वाति मालीवाल की मदद से एक स्टिंग ऑपरेशन किया, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका मकसद केवल दिल्ली पुलिस को बदनाम करना है। लेकिन दिल्ली पुलिस की सर्तकता के चलते उनका ये षड्यंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्यों कोई चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए या कोई पार्टी अपनी राजनीति चमकाने के लिए महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को इस्तेमाल करेगी। नैतिकता के तकाजे पर बहुत ही गंभीर सवाल खड़े होते हैं।”

शाजिया इल्मी के अलावा दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना ने भी स्वाति मालीवाल की मंशा पर सवाल उठाया और पूछा कि आखिरकार महिला आयोग की अध्यक्ष 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस का मनोबल गिराने के लिए इस मुद्दे को तूल दिया गया। दिल्ली के विपक्षी दल भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि वायरल वीडियो से पता चलता है कि मालीवाल ने कार से चाबी निकालने की कोशिश की थी।

हरीश खुराना ने टाइम्स नाउ न्यूज चैनल को बताया, “सब लोग सोशल मीडिया पर देख रहे हैं कि किस तरह से झूठा प्रपंच रचते हुए आप खुद रात के 2 से 2.30 बजे के बीच लोगों की कार की चाबियाँ निकाल रही हैं। मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूँ कि आप जिस तरह से दिल्ली, दिल्ली वालों और दिल्ली पुलिस का मोरल डाउन कर रही हैं, वह निंदनीय है। आप 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं?”

बीजेपी दिल्ली ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कल रात आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल ने दिल्ली का मनोबल गिराने और पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर एक कथित स्टिंग ऑपरेशन किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर इस तरह त्वरित कार्रवाई की, जिससे इनके सारे मंसूबे ‘फेल’ हो गए।” पार्टी ने कहा है , “दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आम आदमी पार्टी, एबीपी न्यूज चैनल और स्वाति मालीवाल के गंदे षड्यंत्र और झूठे ऑपरेशन का पर्दाफाश हुआ और दोनों को मुँह की खानी पड़ी। आखिर दिल्ली पर इतना अविश्वास क्यों?”

इसके अलावा कई नेटिजन्स ने भी स्वाति मालीवाल की वीडियो पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जब कार रुकी, तो स्वाति मालीवाल उनसे बात करने के लिए आगे बढ़ीं। जब कार फिर से वापस आई, तो वह बात करने के लिए खुद ड्राइवर की तरफ गई। ड्राइवर ने कथित तौर पर गाड़ी का शीशा इसलिए बंद कर लिया था, क्योंकि स्वाति मालीवाल ने कार के अंदर अपना हाथ डाला था। इसके बाद कार आगे चली गई। हालाँकि, य​ह वीडियो उस वक्त रुक जाता है। इसमें स्वाति मालीवाल को कार से घसीटते हुए नहीं दिखाया गया है।

एबीपी न्यूज ने इस घटना पर अपनी रिपोर्ट में इस वीडियो को भी चलाया। चैनल रात में स्वाति मालीवाल के साथ था। चैनल ने कहा कि यह घटना एबीपी न्यूज के कैमरों में कैद हो गई थी। चैनल ने डीसीडब्ल्यू प्रमुख की रात की अन्य फुटेज भी दिखाई है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया है कि स्वाति मालीवाल को बीच सड़क पर ड्राइवर की तरफ जाने की क्या जरूरत थी और फिर उसने कार के अंदर हाथ क्यों डाला। ध्यान देने योग्य है कि हाईवे पर दूर से शूट किए गए वीडियो में स्वाति की आवाज असामान्य रूप से स्पष्ट और काफी तेज सुनाई दे रही है। शायद उन्होंने लैपेल माइक पहन रखा था, क्योंकि रात में एबीपी न्यूज की टीम उनके साथ थी।

वहीं, स्वाति मालीवाल ने दावा किया है कि ड्राइवर उन्हें कार में बैठने के लिए मजबूर कर रहा था। वीडियो में ड्राइवर की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। अजीब बात यह है कि जब ड्राइवर उन्हें छोड़ने के लिए कहता है, तो वह उससे बार बार पूछती रहती है कि वह उसे कहाँ छोड़ेगा। वह एक बार फिर ड्राइवर की तरफ बढ़ती है और वही सवाल पूछती है।

दूसरी ओर स्वाति मालीवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस को फोन किया, जिसके बाद ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ का सदस्य होने को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जो लोग उनसे ड्राइवर की साइड जाने और कार के अंदर हाथ डालने के लिए सवाल कर रहे हैं, वह पीड़िता को शर्मसार करने वाला है।

आरोपित की पहचान संगम विहार निवासी हरीश चंद्र के रूप में हुई है, जिसे पुलिस में शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि 47 वर्षीय आरोपित नशे की हालत में था, जब उसने डीसीडब्ल्यू प्रमुख के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341, 354, और 509 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा आरोपित घटना में शामिल कार को भी जब्त कर लिया गया है।

DCP चंदन सिंह ने बताया कि हौज़ खास थाने से एक कॉल आया था कि एक महिला को एक कार वाले ने गलत इशारे किए और 10-15 मीटर तक घसीटा। जिस महिला के साथ बदसलूकी हुई है, वह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल है।

दिल्ली : इंस्टाग्राम पर मां और बेटे के अश्लील वीडियो पर दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को एक्शन लेने को कहा

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से कुछ वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं। जिनमें एक महिला एक छोटे बच्चे के साथ डांस करते नज़र आ रही है। साथ ही कुछ वीडियो में दोनों मिलकर साथ में किसी फिल्मों के डायलॉग्स बोलते भी दिख रहे हैं। ये वीडियो वायरल इसलिए हुए, क्योंकि इन पर बहुत से लोगों ने आपत्ति जताई थी। अब मामले में अपडेट ये है कि दिल्ली महिला आयोग ने इस पर एक्शन लिया है। पुलिस को नोटिस भेजकर महिला के खिलाफ FIR दर्ज करने को कहा है। 

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, दो इंस्टाग्राम अकाउंट्स हैं। एक अकाउंट महिला का है, और दूसरा उस बच्चे का है जिसके साथ वो वीडियो बनाती है। दोनों इंस्टाग्राम अकाउंट देखने पर पता चलता है कि वो बच्चा उस महिला का ही बेटा है। दोनों अकाउंट्स में कई सारे रील्स पोस्टेड हैं। किसी में महिला अकेले दिखती है, तो किसी में बच्चे के साथ। जिसमें वो बच्चे के साथ दिखती है, उसमें से ज्यादातर रील में दोनों फिल्मों के गानों पर एक्शन्स करते दिखते है। बच्चा हीरो के रोल में और महिला हीरोइन के रोल में। इन रील्स में से कुछ में बच्चा डांस की स्टेप करते हुए महिला की कमर को छूता दिखता है, तो किसी में महिला को किस करते नज़र आता है। हालांकि सभी रील्स इस तरह के नहीं हैं, लेकिन कई सारे ऐसे ही हैं। इन्हीं पर लोगों ने विरोध जताया है। 

                          ये ट्वीट दीपिका ने किए थे, ट्वीट में वीडियो शामिल है, इसलिए उसका लिंक नहीं लगाया गया

इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने 15 जुलाई को ट्वीट किया था, और इन वायरल वीडियोज़ में से कुछ वीडियो पोस्ट किए थे, लिखा था-

“मुझे समझ नहीं आ रहा कि मांओं के साथ क्या गड़बड़ है, जो अपने ही बच्चों को इस तरह के सेक्शुअल ओवरटोन्स यानी यौन मकसद का सब्जेक्ट बना रही है। कृपया इस बच्चे और मां दोनों के हैंडल्स को देखिए। कृपया उन्हें सलाह दें। ये बच्चे के लिए हेल्दी नहीं है।”

इस ट्वीट के साथ दीपिका ने महिला और बच्चे के कई सारे वीडियो पोस्ट किए। साथ ही नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स यानी NCPCR को भी टैग किया, और NCPCR के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो को भी टैग किया। 

दीपिका ने अगले ट्वीट में लिखा-

“इस महिला के सभी रील्स डबल मीनिंग गानों और सेक्शुअल डायलॉग्स से भरे हुए हैं, जो इसने इस बच्चे के साथ इनेक्ट किए है। ज़ाहिर है ये बच्चा इतना परिपक्व नहीं है, कि उसे समझ आए कि उससे क्या करवाया जा रहा है। ये चाइल्ड अब्यूज़ है। प्लीज़ इसे रोका जाए।" 

दीपिका के अलावा बहुत से लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। कई लोगों ने तो ये तक सवाल किया कि उन्हें नहीं लगता कि ये दोनों मां और बेटे हैं। कुछ ने इसे बीमार मानसिकता बताया। 

दिल्ली महिला आयोग ने लिया एक्शन 

दिल्ली महिला आयोग यानी DCW की चीफ स्वाति मालीवाल ने आखिरकार 19 जुलाई को इस मुद्दे पर ट्वीट किया। जानकारी दी कि पुलिस को नोटिस भेजकर महिला के खिलाफ FIR दर्ज करने कहा गया है। स्वाति मालीवाल ने लिखा-

“ये महिला अपने ही छोटे बच्चे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए अश्लील वीडियो बना मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर रही है। इस उम्र में अगर बच्चे को ऐसी गलत सीख मिलेगी तो आगे उसका महिलाओं के प्रति व्यवहार कैसा होगा। महिला पर FIR करने के लिए हमने पुलिस को नोटिस भेजा है।" 

आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। महिला और बच्चे के वीडियो को अश्लील बताया है।  पुलिस को भेजे नोटिस में लिखा-

“वीडियोज़ में महिला 10-12 साल के बच्चे के साथ प्रोवोकेटिव तरीके से डांस करते दिख रही है, दावा किया जा रहा है कि बच्चा महिला का ही बेटा है। ये वीडियोज़ अश्लील हैं।  महिला जो एक्टिविटी वीडियो में करते दिख रही है वो नाबालिग बच्चे के साथ सेक्शुअल एक्टिविटीज़ कही जा सकती है। बच्चे को अनुचित तरीके से डांस करवाया जा रहा है, वो महिला को पकड़ रहा है, सेक्शुअल जेस्चर बना रहा है। महिला का जो बर्ताव है वो एक बच्चे के साथ वयस्क व्यक्ति के बर्ताव के मान से सही नहीं है, वो भी बच्चा उसका खुद का बेटा है। महिला की ये हरकतें न केवल बच्चे के मेंटल स्टेटस पर असर डालेंगी, लेकिन उन लोगों पर भी निगेटिव असर डालेंगी जो ये वीडियो देख रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।  इन वीडियो में बच्चे को इतनी कम उम्र में सेक्शुअलाइज़्ड किया जा रहा है, उसे अपनी ही मां को ऑब्जेक्टिफाई करते देखा जा रहा है, अगर इस पर अभी ध्यान नहीं दिया तो हो सकता है कि आगे चलकर बच्चा दूसरी औरतों को भी ऑब्जेक्टिफाई करे या क्रिमिनल मेंटलिटी डेवलप हो जाए। इस बात की जांच की ज़रूरत है कि सेक्शुअल अब्यूज़ के दूसरे फॉर्म्स का शिकार तो बच्चा नहीं हो रहा। साफ है कि महिला की हरकतें पॉक्सो एक्ट, IPC और IT एक्ट के तहत अपराध है।”

अवलोकन करें:-

दिल्ली : 10 हिन्दू लड़कियाँ चिल्ड्रेन होम से कैसे हुई गायब?

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तीस हजारी स्थित डीएमआरसी चिल्ड्रेन होम (साभार: सलाम बालक ट्रस्ट) दिल्ली के
‘बेटों के साथ देखती हूँ पोर्न… पूछती हूँ कैसा लगा’: इंडोनेशियाई सिंगर, यूनी शारा

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‘बेटों के साथ देखती हूँ पोर्न… पूछती हूँ कैसा लगा’: इंडोनेशियाई सिंगर, यूनी शारा

इसके अलावा आयोग ने पुलिस से FIR की कॉपी, CWC की रिपोर्ट जहां बच्चे को पेश किया जाएगा, साथ ही उसके रिहेबिलिटेशन की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि इन वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ब्लॉक कराया जाए और इसकी जानकारी दी जाये। ये सारी जानकारी आयोग ने पुलिस से 23 जुलाई तक मांगी है। 

दिल्ली : स्वाति मालीवाल ने रुकवाया जहाँगीरपुरी में 15 साल की लड़की का धर्मपरिवर्तन, होने जा रहा था निकाह

                   निकाह रुकवाने मौके पर पहुँची दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष (साभार: DCW का ट्विटर अकॉउंट)

दिल्ली के अमन विहार के बाद अब जहाँगीर पुरी से एक नाबालिग लड़की के धर्मपरिवर्तन और निकाह करवाने का मामला सामने आया है। दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने स्वयं मौके पर पहुँचकर इस निकाह को रुकवाया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी इस दौरान मौके पर मौजूद रहीं।

DCW के प्रवक्ता राहुल ताहिलियानी के ट्वीट के मुताबिक, लड़की का धर्मपरिवर्तन कर निकाह करवाया जा रहा था। लेकिन स्वाति मालिवाल के नेतृत्व में पहुँची टीम ने पुलिस के साथ मिल कर विवाह रुकवा दिया।

राहुल के ट्वीट में शेयर की गई वीडियो में स्वाति मालीवाल लड़की के घरवालों से बात करती दिखाई दे रही हैं। वह कहती हैं, “दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में एक 15 साल की लड़की का निकाह कराया जा रहा था। जैसे ही हमें ये पता चला, हमारी टीम ने मौके से पहुँचकर उस निकाह को रुकवा दिया।”

घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मालीवाल ने कहा, “मुझे बहुत दुख होता है कि आज भी इस देश में, यहाँ तक की देश की राजधानी में बच्चों के बालविवाह करवाए जा रहे हैं। ये बहुत ही शर्म की बात है और ऐसे लोग जो बच्चों से उनके बचपन छीन लेते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। इस केस में भी मैं दिल्ली पुलिस से अनुरोध करूँगी, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और जो लड़की है उसके पुनर्वास पर दिल्ली महिला आयोग काम करे।”

दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर शिकायत दर्ज कर ली है और बच्ची के परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, इसके अलावा जिस लड़के के साथ बच्ची का निकाह करवाया जा रहा था, उसके परिवार वालों को भी पुलिस अपने साथ लेकर गई है। दोनों परिवार जहाँगीर पुरी के एच ब्लॉक के पास की झुग्गियों में रहते थे।

मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली के अमन विहार के वार्ड संख्या 41 में ऐसे ही मामले को लेकर विवाद हुआ था। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि एक नाबालिग हिंदू लड़की का धर्मांतरण कर निकाह 40 साल के मोहम्मद इंतजार हुसैन से करवाया जा रहा था। वे दिल्ली पुलिस पर सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगा रहे थे। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस कह रही थी कि दोनों नाबालिग हैं जबकि लड़की की आयु 17 वर्ष बताई जा रही थी और वह 7वीं कक्षा में पढ़ती थी।

सुप्रीम कोर्ट पहुँचे निर्भया के गुनहगारों के वकील : रेप के लिए महिलाओं को मानते हैं जिम्मेदार

एमएल शर्मा, सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई 2 याचिकाओं में हैदराबाद पुलिस द्वारा डॉक्टर प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) गैंगरेप व हत्याकांड के आरोपितों के एनकाउंटर को न्यायेतर बताया गया है। एक याचिका अधिवक्ता जीएस मणि व प्रदीप कुमार यादव ने दायर की है। वहीं दूसरी याचिका वरिष्ठ वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की है। मणि व यादव की याचिका में एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की माँग की गई है।
वहीं एमएल शर्मा ने अपनी याचिका में बच्चन और मालीवाल पर ‘अवैध हत्याओं को बढ़ावा देने’ का आरोप लगाया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से दरख्वास्त की है कि जब तक इस मामले में चारों आरोपित दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक मीडिया को इस मामले पर डिबेट आयोजित करने से रोका जाए। मणि व यादव की याचिकाओं में कहा गया है कि इस एनकाउंटर में 2014 के सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। बता दें कि डॉक्टर रेड्डी गैंगरेप व हत्याकांड के आरोपितों को पुलिस घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने ले गई थी लेकिन उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी की और हथियार छीन लिए, जिसके बाद पुलिस की आत्मरक्षा की कार्रवाई में चारों ढेर हो गए।
एमएल शर्मा वही वकील हैं, जिन्होंने दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप कांड में आरोपितों की पैरवी की थी। पहले तो उन्होंने 23 वर्षीय निर्भया गैंगरेप व हत्याकांड के सभी 5 आरोपितों की तरफ़ से पैरवी की लेकिन अंत में उन्होंने आरोपित मुकेश की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में जिरह की। उन्होंने उस वक़्त कहा था कि उन्होंने आज तक ऐसा कभी नहीं सुना कि किसी ‘सम्मानित महिला’ का कभी बलात्कार हुआ हो। उन्होंने उस वारदात के लिए निर्भया के पुरुष मित्र को जिम्मेदार ठहरा दिया था। शर्मा ने कहा था कि अविवाहित जोड़ों को रात के बाद बाहर निकलना ही नहीं चाहिए।

एमएल शर्मा ने राफेल मामले में भी केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी। 2016 में एक बयान देते हुए उन्होंने ख़ुद के ही बयान से दो क़दम आगे बढ़ाया था। शर्मा ने तब कहा था कि निर्भया के साथी ने ही उसके ख़िलाफ़ गैंगरेप की वारदात की साज़िश रची। निर्भया के शरीर में लोहे का रॉड घुसा कर आँत निकाले जाने के आरोप पर एमएल शर्मा ने कहा था कि ये संभव ही नहीं है। उनका आरोप था कि पुलिस ने पूरे मामले को सनसनीखेज बनाने के लिए लोहे की रॉड वाली कहानी गढ़ी। उन्होंने बीबीसी की विवादस्पद डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ में भी कई विवादित बयान दिए थे।
एमएल शर्मा ने इशरत जहाँ एनकाउंटर मामले में भी याचिका दायर की थी। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले जब सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया, तब शर्मा इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। उन्होंने अजीबोगरीब दलील दी थी कि संविधान में कहीं भी अंतरिम बजट का जिक्र नहीं है, इसीलिए यह असंवैधानिक है। बजट पेश होने के कुछ ही घंटों बाद वकील शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से इसे रद्द करने की माँग की थी।
बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में एमएल शर्मा ने कहा था कि बलात्कार के लिए पुरुष से ज्यादा महिलाएँ जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने कहा था कि बलात्कार होते समय महिलाओं को संघर्ष नहीं करना चाहिए बल्कि जो हो रहा है, उसे होने देना चाहिए। साथ ही वो कहते हुए दिखे थे कि निर्भया मामले में अगर पीड़िता चुपचाप रेप होने देती तो आरोपित ‘सब कुछ कर के’ उसे घर तक छोड़ देते और केवल उसके साथी की पिटाई करते। बाद में इस बयान पर हंगामा होने पर शर्मा ने सफाई दी कि ये स्क्रिप्टेड शो था और उन्होंने डायरेक्टर के कहने अनुसार एक्टिंग की थी।
वहीं आम लोगों की बात करें तो अधिकतर लोग पुलिस की कार्रवाई से ख़ुश नज़र आ रहे हैं। हैदराबाद में पुलिस पर लोगों ने फूल बरसाए। पुलिसकर्मियों को कंधे पर उठा कर घुमाया गया। स्कूल छात्राओं ने पुलिस को देखते ही अपनी ख़ुशी का इजहार किया। सोशल मीडिया पर लोगों ने तारीफ़ की। वहीं कुछ मानवाधिकार संगठनों को बलात्कार के आरोपितों का एनकाउंटर में मारा जाना नागवार गुजरा और उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाओं की लाइन लगा दी। तेलंगाना हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर तक चारों आरोपितों के शवों को दफ़नाने या जलाने पर रोक लगाई हुई है।

दिल्ली : स्पा सेंटर में चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़

दिल्ली : स्पा सेंटर में चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, अश्लील मेन्यू कार्ड मिले
दिल्ली के बुराड़ी में सेक्स रैकेट से छुड़ाई गईं लड़कियां दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ.
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कहते हैं "आसमान पर तारे बहुत हैं, तोड़ने के लिए दिमाग चाहिए", कुछ वर्ष पूर्व तक, अख़बारों में विज्ञापन प्रकाशित होता था, "रोज कमाओ 17 से 20,000 रूपए" जब लोग चाँद को छूने की लालसा में विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर सम्पर्क करने पर उन्हें तुरन्त बैंक अकाउंट में कम से दो/तीन हज़ार रूपए जमा करवाने के लिए बोला जाता और रूपए जमा करवाने पर एक महिला का फोन आता, फिर वह महिला अपने खाते में 17000 रूपए जमा करवाने के लिए बोलती, यह पूछने पर कि "आप काम के बदले इतने रूपए मुझे देंगी", तब जवाब मिलता कहाँ से दूंगी, जब तक आप मेरे अकाउंट में रूपए जमा नहीं कराओगे।" 
सरकार द्वारा सेक्स सम्बन्धित विज्ञापनों पर रोक लगने के बाद, एक नया तरीका शादी का खोज निकाला गया है। कुछ तलाकशुदा अथवा विधवा/विधुर महिला अथवा पुरुष जब अपना जीवन साथी खोजने इन विज्ञापनों को पढ़ संपर्क करने पर उनसे तुरन्त खाते में रूपए जमा करवा कर कुछ महिलाओं के चित्र और मोबाइल नंबर दे दिए जाते हैं, जो मिलते ही नहीं, इतना ही नहीं विज्ञापन देने वाली संस्था भी मोबाइल सुनने का तैयार नहीं। ये मजबूरी में मारे लोगों का हनन करने वाली संस्थाएं 70 वर्षीय को फोटो भेजती हैं, 40 और 55 वर्षीय खूबसूरत महिलाओं के, जो दिखने में किसी भी सूरत से विधवा अथवा तलाकशुदा नहीं लगती। हालाँकि इन जालसाजों के एक पीड़ित ने उस महिलाओं की फोटो भेजी हैं, लेकिन नारी सम्मान में उन्हें प्रकाशित न करने में माफ़ी चाहता हूँ। पता नहीं कितने ऐसे पीड़ित होंगे, जो जीवन साथी की खोज में इन चुंगलबाज़ों के जाल में फंस जाती/जाते हैं। इन पर भी लगाम लगाने की जरुरत हैं।
 
दिल्ली महिला आयोग ने (DCW) दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के साथ बुराड़ी में स्पा (Spa) सेंटर में ऑनलाइन सेक्स रैकेट (Online sex racket) का आज(सितम्बर 12) भंडाफोड़ किया। स्पा सेंटर से चार लड़कियों को बचाया गया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली महिला आयोग ने आज दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर बुराड़ी स्थित एक स्पा सेंटर ‘18प्लस ब्यूटी टेंपल' का निरीक्षण किया और वहां चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। दिल्ली महिला आयोग के पास एक शिकायत आई थी जिसमें एक वेबसाइट के बारे में बताया गया था। इस शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। 
राष्ट्रीय राजधानी के नवादा इलाके में स्पा की आड़ में जिस्मफरोशी की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की टीम ने बीती रात 'जन्नत और जैस्मीन' नाम के दो स्पा सेंटरों पर छापे मारे। शिकायत डीसीडब्ल्यू की हेल्पलाइन नंबर 181 पर की गई थी महिला आयोग के मुताबिक एक स्कूली छात्रा को भी इस रैकेट में शामिल किया गया था। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, 'टीम ने जन्नत स्पा से 8 और जैस्मीन स्पा से 1 लड़की को बाहर निकाला'
मालीवाल ने इसके साथ ही पुलिस और एमसीडी की नाक के नीचे चल रहे इस गोरखधंधे के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। छापे के समय महिला आयोग की टीम के साथ दिल्ली पुलिस की टीम भी थी। 
दिल्ली महिला आयोग को मिली शिकायत में कहा गया था कि बुराड़ी में एक स्पा में सेक्स रैकेट (Sex racket) चल रहा है। वेबसाइट पर लड़कियों की फोटो और रेट डाल रखे थे। जब महिला आयोग ने जगह का निरीक्षण कराया तो पता चला कि बहुत बड़ा रैकट है और स्पा में बाउंसर और तहख़ाने हैं। 
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस बारे में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से तुरंत बात की क्राइम ब्रांच ने अपनी एक टीम भेजी.दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और सदस्य प्रोमिला गुप्ता, किरण नेगी व फिरदौस क्राइम ब्रांच की टीम के साथ बुराड़ी स्थित ‘18 प्लस ब्यूटी टेंपल' स्पा पहुंचीं। अपराध शाखा का एक ऑफिसर और डीसीडब्ल्यू का स्टाफ पहले कस्टमर बनकर स्पा में घुसा। उनको वहां लड़कियों की फ़ोटो और सेक्स के लिए रेट स्क्रीन पर दिखाया गया। तभी डीसीडब्ल्यू की पूरी टीम और क्राइम ब्रांच की पूरी टीम स्पा सेंटर पर पहुंची। उन्होंने सभी कमरों का निरीक्षण किया। 
वहां तीन फ्लोर पर छोटे-छोटे तहखाने जैसे कमरे बने मिले, जहां पर बिस्तर थे। वहां से कंडोम और अश्लील मेनू कार्ड मिले। तीन लड़कों ने बताया कि वे कस्टमर हैं और वहां सेक्स रैकट चल रहा है। वहां पर बड़े लोहे के गेट हैं जिन्हें बटन द्वारा खोला जाता है। चार लड़कियां तीन कस्टमर और इस रैकेट को चलाने वाले तीन व्यक्तियों को पुलिस कर्मी स्थानीय थाने ले गए। 
स्पा में आपत्तिजनक सामान मिला, जैसे कि मेन्यू कार्ड, जिसमें गंदी अश्लील सर्विस जैसे सेक्स हर पोज़िशन में किए जाने की बात थी। यह भी स्थानीय पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के साथ ज़ब्त किए गए। यह जगह सेक्स रैकेट और वैश्यावृति के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पता चला है कि इसकी और भी शाखाएं हैं. बुराड़ी पुलिस इस मामले में FIR दर्ज कर रही है। 
सेक्स रैकेट का सरगना और उसकी बीवी गिरफ्तार
DCW चीफ़ ने फिर से स्पा रूपी सेक्स रैकेट बंद करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने इस केस में सख़्त कार्रवाई करने की मांग की है। 

बच्ची को बना रहा था हवस का शिकार

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्विटर पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया है। मालीवाल ने यह नहीं बताया कि यह वीडियो किस क्षेत्र का है। इस वीडियो में एक अधेड़ उम्र का शख्स एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि समय पर वहां पहुंचे लोगों की वजह से वो इसमें सफल नहीं हो पाता। स्वाती मालीवाल ने दिल्ली पुलिस से इस शख्स की गिरफ्तारी की मांग की है। 
मालीवाल ने ट्वीट किया, 'यह देख हड्डी भी ठंडी पड़ जाए। दिल्ली पुलिस जल्दी प्राथमिकी दर्ज कर इसे गिरफ्तार किया जाए। वह बच्ची के दादा की उम्र का है! बच्ची बहुत छोटी है। सोचकर थरथराहट होती है, यदि लोग वहां नहीं पहुंचते तो क्या होता? साथ ही इसकी पहचान करने में पुलिस की मदद करने की अपील करती हूं। उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए!'  
शर्मनाक हरकत करते हुए इस शख्स को वहां पहुंचे लोगों ने पकड़ लिया और उससे पूछा कि क्या कर रहे हो। घबराकर वो शख्स उठ जाता है और अपने कपड़े ठीक करने लगता है। हालांकि ये वीडियो कहां का है, ये स्पष्ट नहीं हो पाया है
ये वीडियो परेशान करने वाला है, लेकिन इस शख्स की पहचान हो और पुलिस तक इसकी पहुंच हो इसके लिए इसे पोस्ट करना जरूरी है।

दिल्‍ली के शेल्‍टर होम से 9 लड़कियां लापता

Representative imageविगत कुछ महीनों में बिहार का मुजफ्फरपुर और यूपी का देवरिया शेल्‍टर होम वहां रहने वाली लड़कियों के यौन शोषण को लेकर चर्चा में रहा। इन मामलों ने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर नई आशंकाओं व सवालों को जन्‍म दिया। अब दिल्‍ली से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें शेल्‍टर होम से 9 लड़कियां लापता हैं। इनमें से आठ की उम्र 18 से 20 साल की बताई जा रही है, जबकि एक नाबालिग है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि लड़कियां यहां से खुद भागीं या किसी ने उन्‍हें अगवा किया, पर ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उन्‍हें यहां से साजिशन भगा दिया गया हो या फिर वेश्‍यालयों में बेच देने के लिए शेल्‍टर होम संरक्षकों की मिलीभगत से उनका अपहरण किया गया हो। मामला उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के दिलशाद गार्डन स्थित एक शेल्‍टर होम का है। 
यहां नवंबर 30 से ही ये लड़कियां लापता हैं, जिसका खुलासा दिसम्बर 2 को अटेंडेंस लेने के दौरान हुआ।रिपोर्ट के अनुसार एक दिसंबर और दो सिसंबर के बीच की रात लड़कियों लिए बने शंकर आश्रम में छापा मारा तो वहां से 9 लड़कियां गायब मिलीं। इस पर जिम्मेदार अधिकारियों का कहना था कि उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है कि लड़कियां कहां गईं। इसके बाद पुलिस में लड़कियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई।

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दिल्ली के सरकारी शेल्टर होम से 9 लड़कियां गायब हो गई हैं इनमें से कुछ लड़कियां तो वह है जिनको DCW ने मानव तस्कर गिरोह से छुड़ाया था, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री @msisodia जी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए WCD के सीनियर अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है" @SwatiJaiHind
इसके बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन 9 लड़कियों को द्वारका के एक शेल्ट होम से 04.05.2018 को यहां ट्रांसफर किया गया था। ये लड़कियां मानव तस्करी और बड़े पैमाने पर यौनशोषण की शिकार थीं। माना जा रहा है कि अवैध तरीके से वेश्यावृत्ति का धंधा चलाने लोगों ने उन्हें अगवा किया होगा। दिल्ली सरकार गृहमंत्रालय ने इस मामले में विस्तृत जांच की बात कही है। वहीं मामले में दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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9 लड़कियां सरकारी सेल्टर होम से गायब हो गई, दिल्ली के Dy. CM @msisodia ने कार्यवाही करते हुए सीनियर अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करना चाहिए और जो लोग इसमे शामिल है उनको सख्त से सख्त सज़ा होनी चाहिए" @SwatiJaiHind
मामले की जांच के लिए शेल्‍टर होम पहुंची पुलिस को यहां रहने वाली एक लड़की ने यह भी बताया कि उनके साथ यहां दुर्व्‍यहार होता रहा है। ऐसे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवत: प्रताड़ना से बचने के लिए लड़कियां यहां से फरार हो गई हों। दिल्‍ली महिला आयोग (DCW) को एक स्‍थानीय शख्‍स से ऐसी ही सूचना भी मिली, पर आयोग का कहना है कि ये लड़कियां पहले भी मानव तस्‍करी का श‍िकार रही हैं और ऐसे में संभव है कि उन्‍हें कोठा चलाने वालों ने अगवा किया हो।
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग को बाल कल्याण समिति-V के कुछ सदस्यों की ओर से लिखित में शिकायत मिली थी कि दिलशाद गार्डेन के शंकर आश्रम में लड़कियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव होता है। एक घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि यहां आश्रम की इंचार्ज की द्वारा लड़कियों को बुरी तरह से पीटा जाता है और उन्हें कई प्रकार की यातनाएं सहनी पड़ती हैं। सदस्यों ने मांग की थी महिला आयोग में मामले में हस्तक्षेप करे। क्योंकि जेजे एक्ट 2015 के अनुसार बच्चों की पिटाई करना एक गंभीर अपराध है।
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9 girls go missing from Shelter Home in Delhi. Dy CM @msisodia directs CS to suspend senior WCD officers on DCW Chairperson @SwatiJaiHind 's representation.
डीसीडब्‍ल्‍यू की अध्‍यक्ष स्‍वाती मालीवाल ने बताया कि इनमें से कुछ लड़कियों को आयोग ने पहले मानव तस्‍कर गिरोह से छुड़ाया था। उन्‍होंने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने और इस संबंध में दिल्‍ली पुलिस आयुक्‍त को पत्र लिखने की बात भी कही। इससे पहले उन्‍होंने दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद उन्‍होंने दो अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।