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‘स्पष्ट कीजिए आप किस धर्म को मानते हैं’: सांसद बनने के बाद पहली बार रायबरेली पहुँचे राहुल गाँधी के विरोध में पोस्टर, पूछा – क्या आपको वोट देने वाले हिन्दू हिंसक हैं?

                               उत्तर प्रदेश के रायबरेली में राहुल गाँधी के खिलाफ लगे पोस्टर
राहुल के दादा फिरोज जहांगीर खान  
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के अपने ही संसदीय क्षेत्र में उनके खिलाफ पोस्टर लग गए हैं, वो भी तब तब वहाँ से उनकी जीत हुए अभी डेढ़ महीने भी नहीं बीते हैं। राहुल गाँधी ने केरल के वायनाड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली से जीत दर्ज की थी, हालाँकि, उन्होंने वायनाड की सीट बहन प्रियंका गाँधी के लिए खाली कर दी थी और रायबरेली अपने पास रखी। अब रायबरेली में उनके दौरे के दौरान ‘राहुल गाँधी जवाब दो’ के पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।

इस पोस्टर में राहुल गाँधी से पूछा गया है कि क्या आपको अपना अमूल्य मत देने वाला रायबरेली का हिन्दू मतदाता हिंसक है? साथ ही सवाल दागा गया है कि आप हिन्दू धर्म को मानते हैं या नहीं। राहुल गाँधी को ये स्पष्ट करने को कहा गया है कि वो किस धर्म के हैं। लोगों ने सांसद से सवाल पूछा है कि क्या भविष्य में सायबरेली का हिन्दू मतदाता उन्हें गाली खाने के लिए वोट दे? राहुल गाँधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने हैं, पहली बार वो किसी संवैधानिक पद पर बैठे हैं।

उन्होंने बतौर नेता प्रतिपक्ष अपने पहले ही भाषण में न सिर्फ हिन्दुओं को हिंसक बता दिया, बल्कि भगवान शिव को लेकर भी गलतबयानी की। उधर राहुल गाँधी लगातार डैमेज कंट्रोल में लगे हैं और उन्होंने रायबरेली के चुरुवा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान उन्होंने गले में भगवा साफा लगा रखा था और तिलक भी लगाया हुआ था। बलिदानी अंशुमान सिंह की माँ से भी उन्होंने मुलाकात की। बताया जा रहा है कि लोकसभा में हुई फजीहत के बाद वो ये सब डैमेज कंट्रोल के लिए कर रहे हैं।

राहुल गाँधी को लोकसभा चुनाव 2024 में 6.87 लाख वोट मिले थे। यहाँ से पिछली बार उनकी माँ सोनिया गाँधी ने जीत दर्ज की थी, जो अब राज्यसभा संसद हैं। राहुल गाँधी ने भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को 3.90 लाख मतों से मात दी है। रायबरेली से सोनिया गाँधी 5 बार और इंदिरा गाँधी 3 बार सांसद रही हैं। वहीं राहुल गाँधी के पिता फिरोज गाँधी भी यहाँ से 2 बार सांसद बने थे। मात्र 3 बार ही यहाँ विरोधी दलों को कामयाबी मिली है।

‘शव पर तिरंगा लपेटा जाना चाहिए था’: कांग्रेस नेता राजकुमार उर्फ़ रज्जू भैया ने अतीक अहमद को ‘भारत रत्न’ देने की माँग की

कांग्रेस नेता ने अतीक अहमद को भारत रत्न देने की माँग की (दाएँ), महाराष्ट्र में शहीद बता कर लगे पोस्टर (बाएँ)
आज तुष्टिकरण की घिनौनी सियासत करने वालों को जब इतनी भी समझ नहीं कि ;भारत रत्न' की क्या कीमत है, क्या सम्मान है, क्या ऐसे पाखंडी नेताओं को सत्ता के पास भी नहीं भेजना चाहिए। क्या इनकी अक्लों पर पत्थर पर गए है कि एक माफिया को 'भारत रत्न' देने की मांग कर रहे हैं? क्यों उसके अपराधों पर पर्दा डाल, जनता को गुमराह किया जा रहा है? 

प्रयागराज के सबसे बड़े माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से लगातार उसे महान बताने की कोशिश जारी है। जहाँ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उसकी हत्या पर सवाल खड़े किए, बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उसे ‘जी’ कह कर संबोधित किया और AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने ‘मुस्लिम कार्ड’ खेला, वहीं अब उसे शहीद बताने से लेकर उसे ‘भारत रत्न’ देने तक की माँग हो रही है।

‘अतीक अहमद को मिले भारत रत्न सम्मान’: प्रयागराज का कांग्रेस नेता

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक कांग्रेस नेता ने अतीक अहमद को शहीद बताते हुए माँग की है कि उसे ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। ये बयान कांग्रेस पार्टी के पार्षद प्रत्याशी राजकुमार उर्फ़ रज्जू भैया ने दिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि अतीक अहमद ने शहादत पाई है, इसीलिए उसके शव पर तिरंगा रखा जाना चाहिए था। साथ ही उसने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अतीक अहमद की हत्या करवाई।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक, भारत के रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह का नाम लेते हुए कहा कि अगर उन्हें ‘पद्म विभूषण’ मिल सकता है तो फिर अतीक अहमद को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं? शहर में कांग्रेस के पुराने नेता राजकुमार नगर निगम के वार्ड नंबर 43 साउथ मलाका से पार्षद प्रत्याशी हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली भी ले जाया गया। वो पहले भी पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। ताज़ा खबर ये है कि कांग्रेस ने उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है।

महाराष्ट्र में अतीक अहमद को शहीद बताते हुए लगाए गए पोस्टर्स

उधर महाराष्ट्र के बीड में अतीक अहमद को शहीद बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। इन पोस्टरों में न सिर्फ अतीक अहमद, बल्कि उसके भाई अशरफ को भी शहीद बताया गया है। इस मामले में ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की धारा 293, 294 और 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पोस्टरों में सार्वजनिक रूप से दोनों की हत्या की निंदा की गई। ये बैनर माजलगाँव इलाके में लगाया गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। इस पोस्टर को भी त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए हटवा दिया गया है। इसे मोहसिन पटेल की ‘मोहसिन भैया मित्र मंडल’ ने लगाया था। पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है। अतीक गिरोह से इन लोगों के रिश्ते की भी जाँच की जा रही है। बता दें कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या से पहले अतीक का बेटा असद भी एनकाउंटर में मारा जा चुका था। अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन अब तक फरार है।