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राफेल डीलः सुप्रीम कोर्ट से सरकार को झटका, पुनर्विचार याचिका पर जारी रहेगी सुनवाई

राफेल डीलः सुप्रीम कोर्ट से सरकार को झटका, पुनर्विचार याचिका पर जारी रहेगी सुनवाईराफेल डील मामले में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस आपत्ति को खारिज कर दिया है, जिसमें गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार खारिज करने की मांग की गई थी. गोपनीय दस्तावेज के आधार पर आगे पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी. सरकार ने गोपनीय दस्तावेज के आधार पर पुनर्विचार खारिज करने की मांग की थी.
दरअसल, 14 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की शुरुआती आपत्तियों (गोपनीयता, विशेषाधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा) पर आदेश सुरक्षित रख लिया था.इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल कर कहा था कि केंद्र सरकार की बिना मंजूरी के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटोकॉपी की गई. 
इन दस्तावेजों की अनाधिकृत फोटोकॉपी के जरिये की गई चोरी ने देश की सुरक्षा, सम्प्रभुता और दूसरे देशों के साथ दोस्ताना सम्बधों को बुरी तरह प्रभावित किया है.केंद्र ने कहा था कि पुनर्विचार याचिका के साथ सलग्न दस्तावेज एयरक्राफ्ट की युद्ध क्षमता से जुड़े है.
याचिकाकर्ताओं ने बेहद गोपीनाय जानकारी को लीक किया है.रक्षा मंत्रालय ने आगे हलफनामे में कहा था कि राफेल मामले में दायर पुर्नविचार याचिका सार्वजनिक रूप से सबको उपलब्ध है, हमारे प्रतिद्वंद्वी या दुश्मनों की भी इस तक पहुंच है.ये राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना वाला है.आपको बता दें कि इस वक्त सुप्रीम कोर्ट राफेल डील के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने सौदे के बारे मे रक्षा मंत्रालय की उस फ़ाइल नोटिंग को पेश किया जिसे हिन्दू अख़बार ने छापा था,लेकिन अटार्नी जनरल ने इस पर आपत्ति जताई और कहा था कि ये चोरीकिया हुआ है जांच चल रही है मुक़दमा किया जाएगा. 
अटार्नी जनरल ने रक्षा मंत्रालय के नोट को संज्ञान मे लेने का विरोध किया था और कहा था कि यह गोपनीय दस्तावेज है.राफेल डील मामले में आप नेता संजय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इंकार किया था और कहा था कि न्यायपालिका के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणीके चलते संजय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी.कोर्ट ने संजय सिंह से पूछा क्यों न आपकेखिलाफ़ अवमानना की कार्रवाई चलाई जाए? कोर्ट ने संजय सिंह से जवाब मांगा था. उधर, अर्टनी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट बाताया था कि गोपनीय दस्तावेज लीक करने के मसले पर दो अखबारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.

राफेल मुद्दे को लेकर सीएम रावत ने राहुल पर किया हमला, कांग्रेस हुई बेचैन

राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। वहीं, इस मामले में कांग्रेस बेचैन नजर आई। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राफेल मामले में कांग्रेस देश में झूठ पर झूठ फैलाती रही, लेकिन अब सच्चाई सबके सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राफेल मामले में संसद में चर्चा और जेपीसी के गठन से लगातार भागती रही। 
मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कांग्रेस राफेल मामले को घोटाला करार दे रही थी, जबकि भाजपा इस मामले में जेपीसी के गठन और संसद में चर्चा पर जोर दे रही थी। बावजूद इसके कांग्रेस इस पर सहमत नहीं हुई। 

उन्होंने कहा कि अदालत ने इस मामले में निर्णय की प्रक्रिया, कीमत और ऑफसेट पार्टनर के चुनाव के मामले को एकदम सही ठहराया है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि पूर्व में कांग्रेस ने जितने भी सौदे किए, वे दलालों के जरिये किए। 
भाजपा के कार्यकाल में पहली बार सीधा सरकारों के बीच सौदा हुआ। इसमें पूरी पारदर्शिता बरती गई और कीमत भी कम थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2004 से सेना की वक्त की जरूरत के हिसाब से हथियार व विमानों की मांग को दबाए रखा। 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सेना और देश की जरूरत को समझा और 36 लड़ाकू जहाजों के लिए सौदा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सेना और देश की जरूरत को नहीं समझा। अलबत्ता, वह सेना का मनोबल गिराने का काम करती रही। 
इससे साफ है कि कांग्रेस ने सेना व देश के प्रति संवेदनशीलता को नकारा है। कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार अपशब्दों का प्रयोग करते रहे, मगर आज साबित हो गया है कि प्रधानमंत्री की नीयत सही थी और उनके द्वारा देशवासियों का विश्वास फिर प्राप्त किया गया है। 
सीएम ने कहा कि कहा कि चौकीदार वफादार है। चोर तो वह नामदार हैं, जो राफेल पर अपने पेट भरते रहे और चर्चा व जेपीसी से भागते रहे। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर भी कांग्रेस व राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे, मगर जब सच सामने आया तो उनके झूठ का भांडा फूट गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 36 विमानों की खरीद शुरुआत है। जरूरत पड़ने पर सरकार और खरीदेगी। 
पांच राज्यों के विस चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के संबंध में उन्होंने कहा कि राफेल मामले को इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए। देश की जनता से माफी मांगे कांग्रेस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने काग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी पर राफेल मामले में देश की जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। 
उन्होंने कहा कि काग्रेस ने सेना का मनोबल गिराने का काम किया, जो अक्षम्य है। काग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी ने प्रधानमंत्री पर तरह-तरह के आरोप लगाए। यहां तक कि उन्हें चोर तक कहा। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद काग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी और उनकी टीम की कलई जनता के सामने खुल गई है। 
लिहाजा, कांग्रेस अध्यक्ष व कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के काग्रेस नेताओं से भी प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
राफेल पर जेपीसी के गठन  की मांग हो पूरी: प्रीतम
राफेल विमान खरीद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं खारिज होने से कांग्रेस में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है, हालांकि पार्टी याचिकाओं में उसकी किसी भी तरह रुचि से इन्कार कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस राफेल सौदे मामले में शुरुआत से ही संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर जांच की मांग कर रही है। उधर, कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी राजेश धर्माणी ने भी राजीव भवन पहुंचकर 16 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक की तैयारियों का जायजा लिया। 
मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राफेल मुद्दे पर कांग्रेस का रुख एकदम साफ है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाएं खारिज क्यों हुईं, ये याचिकाकर्ताओं से जुड़ा मामला है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नगर निगम में हाउस टैक्स बढ़ाने के फैसले से भाजपा का विकास विरोधी और जनता पर भार बढ़ाने वाला चेहरा फिर सामने आ गया है।

'हमारा कांग्रेस के साथ लंबा अनुभव, पहली डील नेहरू के साथ थी': राफेल पर बोले दसॉल्‍ट CEO

 राफेल जेट डील में ऑफसेट समझौते के लिए दसॉल्‍ट-रिलायंस संयुक्‍त उपक्रम के मसले पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि इस मुद्दे पर दसॉल्‍ट एविएशन के सीईओ ने झूठ बोला. इस पर अब सफाई देते हुए सीईओ एरिक ट्रेपियर ने न्‍यूज एजेंसी ANI से खास बातचीत में कहा, ''मैं झूठ नहीं बोलता. मैंने इससे पहले जो घोषणा और बयान दिया था, वे सच हैं. मेरी छवि झूठ बोलने वाले व्‍यक्ति की नहीं है. मेरी जैसी पोजीशन वाला सीईओ झूठ नहीं बोलता.''
राहुल गांधी का आरोप
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2 नवंबर को फ्रांस की रक्षा कंपनी दसॉल्‍ट एविएशन पर राफेल सौदा सुनिश्चित करने के लिए 'घूस' देने का आरोप लगाया था. घाटे में चल रही भारतीय कंपनी में 284 करोड़ रुपये का निवेश करने का संदर्भ देते हुए, राहुल ने कहा था कि यह घूस की पहली किश्त थी, जो दसॉल्‍ट ने सौदा सुनिश्चित करने के लिए दिया था.
इससे पहले दसॉल्‍ट के सीईओ एरिक ट्रेपियर ने कहा था कि अनिल अंबानी की कपंनी को सौदा देने का कारण यह है कि इसके पास हवाई अड्डे के समीप जमीन है. लेकिन अब कथित रूप से खुलासा हुआ है कि जमीन उस पैसे से खरीदी गई, जिसे दसॉल्‍ट ने निवेश किया था.
राहुल ने उन मीडिया रपटों का हवाला दिया, जिसमें बताया गया है कि फ्रांस की रक्षा कंपनी ने घाटे में चल रही अनिल अंबानी की कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 284 करोड़ रुपये निवेश किया है.
राहुल गांधी ने कहा, "सीईओ झूठ बोल रहे हैं. बड़ा प्रश्न यह है कि क्यों कोई कंपनी ऐसी कंपनी में 284 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जिसकी पूंजी केवल आठ लाख रुपये की है और लगातार घाटे में चल रही है. पूरी तरह स्पष्ट है कि यह निवेश दसॉल्‍ट द्वारा दी गई रिश्वत की पहली किश्त है. "
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: 'Have long experience with Congress. Our first deal with India was in 1953 during Nehru, later other PMs. We are not working for any party, we are supplying strategic products to IAF and Indian Govt. That’s what is most important' says Dassault CEO Eric Trappier
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ट्रेपियर, पीएम मोदी को बचाने के लिए झूठ बोल रहे हैं, जिन्होंने अप्रैल 2015 में रक्षा खरीद नीतियों में स्पष्ट उल्लंघन करते हुए 36 राफेल विमान के अंतर सरकारी सौदे की घोषणा की थी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा था कि अगर विमान खरीद के संबंध में 'भ्रष्टाचार' की जांच होती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे. राहुल ने यह भी कहा कि अगर कुछ भी छिपाने के लिए नहीं होता तो पीएम मोदी ने फ्रांस से राफेल विमान खरीदने के संबंध में जांच के आदेश दे दिए होते.
CEO की सफाई
इसी परिप्रेक्ष्‍य में दसॉल्‍ट के सीईओ एरिक ट्रेपियर ने ANI से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ उनका लंबा अनुभव है और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के बयानों से उनको दुख पहुंचा है.
एरिक ट्रेपियर ने कहा, ''कांग्रेस पार्टी के साथ हमारा लंबा अनुभव है. पंडित नेहरू के दौर में 1953 में हमारी पहली डील भारत के साथ हुई थी. उसके बाद अन्‍य प्रधानमंत्रियों के दौर में भी ऐसा हुआ. हम भारत के साथ काम करते हैं. हम किसी पार्टी के लिए काम नहीं करते. हम फाइटर जेट के रूप में भारतीय वायु सेना और भारत सरकार को रणनीतिक उत्‍पादों की सप्‍लाई कर रहे हैं. यही सबसे महत्‍वपूर्ण है.''

Rafale Deal: राहुल गांधी भारत के दुश्मनों के हाथों में खेल रहे हैं।' --रविशंकर प्रसाद

राफेल विमान सौदे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार भी पलटवार कर रही है। सितम्बर 22 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के लोकप्रिय और प्रमाणिक नेता और ईमानदारी के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी को चोर कहा है। आजाद भारत में आज तक किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐसे शब्दों का प्रयोग किसी प्रधानमंत्री के बारे में नहीं किया है।' उन्होंने कहा कि बिना किसी गुण और काबिलियत के सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के कारण कांग्रेस अध्यक्ष बने राहुल गांधी से कोई और उम्मीद की भी नहीं जा सकती है। 
उन्होंने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति जो भ्रष्टाचार, जमीन और शेयर की लूट में अपनी माता के साथ जमानत पर बाहर हो, एक ऐसा व्यक्ति जो अपने बहनोई के द्वारा जमीन लूटने पर खामोश रहे और एक जिसके पूरे परिवार ने बोफोर्स में घूस ली हो उससे देश कोई अपेक्षा नहीं कर सकता। कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार की जननी है। 
प्रसाद ने कहा, 'वो ये कह रहे हैं कि इसका दाम बता दो कितना है, ताकि दुश्मन चौंकन्ने हो जाएं। वह पाकिस्तान की मदद करना चाहते हैं। पूरी जिम्मेदारी के साथ मेरा आरोप है कि राहुल गांधी भारत के दुश्मनों के हाथों में खेल रहे हैं।' 
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सितम्बर 22 को ए‍क बार फिर राफेल डील पर केेंद्र की मोदी सरकार को घेरा।उन्‍होंने कह.....

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'साक्ष्य उपलब्ध है कि 13 फरवरी, 2012 को डसॉल्ट और रिलायंस इंड्रस्टी के बीच एक प्रोपर एमओयू हुआ था, यानी हमारे सत्ता में आने से पहले ही ये एमओयू फाइनल हो गया था।' वहीं विमान की कीमत पर उन्होंने कहा कि यूपीए की कीमत की तुलना में एनडीए की कीमत 9% कम है और पूरी तरह से लोड होने के मामले में 20% कम है।View image on Twitter
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Wo ye keh rahe hain bata do iska daam kitna hai,taaki dushman chaukanne ho jaayein.He wants to help Pakistan. It's my charge with full sense of responsibility,R Gandhi is playing in hands of enemies of India by insisting upon disclosure of all weapon system: RS Prasad
5:33 PM - Sep 22, 2018 View image on Twitter
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We're absolutely convinced that the Prime Minister of India is corrupt. This question is now clearly settled in the mind of the Indian people that 'desh ka chowkidaar' chor hai: Congress President Rahul Gandhi on
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There is evidence available that a proper MoU existed between Dassault and Reliance industry as early as on Feb 13, 2013, that means 1 year, 4 months before we came to power : Shri @rsprasad
इससे पहले राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री चुप क्यों है, यह रक्षा बलों से संबंधित मामला है, यह भ्रष्टाचार से जुड़ा एक मामला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद राफेल समझौते पर अपना रूख अवश्य स्पष्ट करना चाहिए।' राहुल गांधी ने आरोप लगाया, यह स्पष्ट है कि इस सरकार के विभिन्न रक्षा मंत्री क्यों झूठ बोल रहे हैं, वे प्रधानमंत्री मोदी को बचाना चाहते हैं। संयुक्त संसदीय समिति से जांच होनी चाहिए, पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद को भी बुलाया जाना चाहिए।

गली-गली में शोर है हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है--राहुल गाँधी

Rahul Gandhiराजस्थान दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया है। पीएम मोदी का नाम लिए बगैर कांग्रेस अध्यक्ष ने भाषण के दौरान 'गली-गली में शोर है हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है' का नारा लगाया। राहुल के इस बयान से विवाद खड़ा हो सकता है। अपने भाषण के दौरान राहुल ने राफेल डील और किसानों की कर्ज माफी के मामले को लेकर भी केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, 'मैं राजस्थान में अधिक से अधिक महिला उम्मीदवार देखना चाहता हूं क्योंकि महिलाओं के बिना भारत में कुछ नहीं हो सकता।' यहीं नहीं राहुल ने आगे कहा, 'हम चाहते हैं कि एक दिन आप अपने फोन के पीछे देखें और उस पर लिखा हो मेड इन राजस्थान, मेड इन दूनापुर।'



Desh ke dil main, Rajasthan ke janta ke dil main nayi awaaz uth rai hai, gali gali main shor hai, Hindustan ka chowkidar chor hai: Rahul Gandhi |



'Pradhan Mantri padh ke liye Rahul Gandhi ke mann mein koi samman nai hai', says Union Minister @smritiirani
राहुल के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं तो यह कहूंगी कि प्रधानमंत्री पद के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी जी के मन में कोई भी सम्मान नहीं है। प्रधानमंत्री पद का उल्लेख मैं इसलिए कर रही हूं कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब भी राहुल गांधी जी ने सार्वजनिक रूप से ऑर्डिनेंस फाड़ा था। तो राहुल गांधी जी प्रधानमंत्री का तभी सम्मान करते हैं जब गांधी खानदान का कोई वहां बैठा हो। उनको शायद यह बात आज तक नहीं पची कि गुजरात के गांव का एक साधारण परिवार में जन्मा व्यक्ति पिछड़े साढ़े चार साल से देश का प्रधानमंत्री है।'
ज्ञात हो, जब राहुल के पिताश्री राजीव गाँधी पर बोफोर्स में कमीशन खाने का आरोप लगा था, तब शायद दूरदर्शन सम्वाददाता ने चुनाव दिनों में गली-कूचों में बच्चो को "गली-गली में शोर है, राजीव गाँधी चोर है" नारे लगाते दिखाए जाने पर उस सम्वाददाता को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। लेकिन आज उसी राजीव गाँधी का पुत्र राहुल गाँधी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के लिए सार्वजनिक रूप से वही नारे लगाते हैं।  
अवलोकन करें:--

nigamrajendra.blogspot.com
कांग्रेस का हाथ आतंकवादियों के साथ आज पूरे देश में ये कथन सत्य होता दिख रहा है.…
इस दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' पर भी तंज कसा और कहा, 'हमारी सरकार जनता को बार-बार अपने 'मन की बात' नहीं सुनाएगी बल्कि आपके 'मन की बात' की सुनेगी।'
विशेष विमान से उदयपुर पहुंच राहुल का कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत भी और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने स्वागत किया। आपको बता दें कि इसी साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने है और चुनाव की घोषणा होने से पहले राहुल की राजस्थान में यह पहली रैली है।