यशवीर महाराज/मोहम्मद जुबैर (फोटो साभार : X/Yashveer Maharaj/File) स्वामी यशवीर महाराज ने 18 जुलाई 2024 को एक वीडियो बयान जारी कर इस्लामिक कट्टरपंथियों और तथाकथित ‘सेकुलरों’ को आड़े हाथों लिया, जो यूपी के मुजफ्फरनगर के काँवड़ रूट पर दुकानों और ठेलों पर उनके मालिकों के नाम लिखने के मुजफ्फरनगर पुलिस के निर्देश का विरोध कर रहे हैं।
काँवड़ यात्रियों के बीच दुकानों के मालिक को लेकर किसी तरह के भ्रम की स्थिति न हो, इसके लिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि लंबे समय से ऐसी खबरें आ रही हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदू देवी-देवताओं के नाम का इस्तेमाल कर होटल, दुकानें, ढाबे और फल के ठेले चला रहे हैं। यशवीर महाराज लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं।
स्वामी यशवीर महाराज ने वीडियो में कहा, “हमने सवाल उठाए कि मुजफ्फरनगर में काँवड़ मार्ग पर खाने-पीने की दुकानें, फलों के ठेले आदि चलाने वाले मुस्लिम दुकानदार अपनी दुकानों के नाम हिंदू देवी-देवताओं के नामों पर क्यों रखते हैं। जब हमने माँग की कि सभी दुकानों और ठेलों पर मालिकों/कर्मचारियों के नाम बोर्ड पर मोटे अक्षरों में लिखे होने चाहिए, तो पुलिस ने हमारी माँग मान ली और इसके लिए निर्देश जारी कर दिए। दुकानदार निर्देशों के अनुसार मालिकों के नाम मोटे अक्षरों में लिख रहे हैं। हालाँकि ओवैसी जैसे कट्टरपंथी पुलिस के निर्देशों पर आपत्ति जता रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “एक तथाकथित पत्रकार है, मोहम्मद जुबैर। यह वही मोहम्मद जुबैर है जिसने अपनी पोस्ट से मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ भड़काया और वह कई बार जेल जा चुका है। उस पर कई मुकदमे चल रहे हैं। मुजफ्फरनगर में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है। इसलिए मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि किसी काँवड़ यात्री के साथ कोई दुर्घटना न हो। अगर किसी काँवड़ यात्री को कुछ होता है, तो उसके लिए मोहम्मद जुबैर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसलिए, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उसके खातों की भी जाँच की जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि उसे विदेशी फंडिंग तो नहीं मिल रही है।”
स्वामी ने आगे कहा, “जो कट्टरपंथी और सेकुलर लोग पुलिस के निर्देशों का विरोध कर रहे हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि अगर हिंदू उनके होटल में खाना खाते रहेंगे, जिस पर थूका गया हो, पेशाब किया गया हो और गोमाँस मिला हो, तो यह (उनके लिए) ठीक है, लेकिन अगर वे (हिंदू) विरोध करते हैं, तो यह एक समस्या बन जाती है और वे (कट्टरपंथी और सेकुलर) इसके खिलाफ अभियान शुरू कर देते हैं। हमें मुस्लिमों के होटलों और ढाबों से कोई समस्या नहीं है। वो उन्हें चलाने के लिए आजाद हैं लेकिन उन्हें हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर और हिंदुओं के भ्रामक नामों पर चलाने की जगह अपने नाम से दुकानें चलानी चाहिए। अगर किसी को लगता है कि पहले जैसे ही सबकुछ चलता रहेगा, तो ऐसा नहीं होने वाला।हम इसे कम से कम मुजफ्फरनगर में जारी नहीं रहने देंगे। अगर कोई ऐसा करना जारी रखने की कोशिश करता है, तो हम इसके खिलाफ आवाज उठाकर इसे रोकेंगे।” इस दौरान उन्होंने काँवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देने के लिए पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
दुकानों और ठेलों पर लिखे जाएँ मालिकों के नाम: पुलिस
इस साल काँवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू होकर 2 अगस्त तक चलेगी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थानीय प्रशासन ने आदेश जारी कर होटल , ढाबे और खाने-पीने का सामान बेचने वाले ठेलों पर दुकान या ठेला चलाने वाले मालिक और संचालक का नाम लिखने को कहा है। हालाँकि, कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और इस्लामिस्टों ने धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने मीडिया को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने प्रशासन के फैसले के बारे में जानकारी साझा की। मीडिया चैनलों से बात करते हुए एसएसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि काँवड़ यात्रा के निशान पर आने वाले ढाबों, होटलों, भोजनालयों और खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेलों को मालिकों और संचालकों के नाम लिखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इससे कांवड़ियों के लिए भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा और बहस या टकराव से बचा जा सकेगा और साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भोजनालयों ने अपनी मर्जी से आदेश का पालन करना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि काँवड़ यात्रियों को सामान खरीदने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है और वे कहीं से भी खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र हैं।
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मुस्लिमों के दुकानों के भ्रामक नामों के खिलाफ यशवीर महाराज का अभियान
पिछले साल काँवड़ यात्रा के दौरान और इस साल की यात्रा से पहले स्वामी यशवीर महाराज ने गंभीर आरोप लगाया था कि बड़ी संख्या में मुस्लिम ढाबे मालिकों ने अपनी पहचान छिपाकर फर्जी हिंदू नामों वाले पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि काँवड़ यात्रा के मार्गों पर मुस्लिम ढाबे वालों ने पोस्टर लगाए हैं। इसे देखते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने माँग की है कि प्रशासन ढाबे मालिकों से अपने मालिकों या संचालकों के नाम बोर्ड पर लिखने के लिए कहे।
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा , “काँवड़ यात्रा के दौरान एक समुदाय विशेष के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के नाम के बोर्ड लगाकर दुकानें चलाते हैं, जिससे शिवभक्त कांवड़ियों की भावनाओं को ठेस पहुँचने की आशंका है। हिंदू देवी-देवताओं के नाम के बोर्ड लगाकर दुकानें चलाने वाले समुदाय विशेष के लोगों की पहचान सार्वजनिक की जानी चाहिए। पुलिस को इसके लिए अभियान चलाना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि अगर एक सप्ताह के भीतर प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं करता है तो वे विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
इस मुद्दे पर बवाल काट रहे इस्लामिक कट्टरपंथी
प्रशासन का ये आदेश ऐसे कई मामलों के सामने आने के बाद आया है, जिसमें मुस्लिम दुकानदारों के काँवड़ियों के धोखा देने के आरोप लगे। वो सावन के पवित्र महीने में नकली नामों वाले ढाबों, फलों के ठेलों, होटलों में व्रत के नियमों के विपरीत खाना खिलाकर भावनाओं को ठेस पहुँचा रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने ये आदेश जारी किया है कि दुकानों, ढाबों के मालिकों को अपना नाम बड़े अक्षरों में लिखना होगा। क्योंकि ऐसे मामलों में टकराव होने से कानून व्यवस्था की स्थिति खड़ी हो जाती है। हालाँकि, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने ये आरोप लगाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया कि दुकान के मालिक का नाम लिखना “धार्मिक भेदभाव” है।
मोहम्मद जुबैर, जो खुद को फैक्ट चेकर कहता है, लेकिन वामपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए फैक्ट चेक की ओट लेता है। उसने इस आदेश को खतरनाक बताते हुए ‘धार्मिक भेदभाव’ करार दिया था। इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तो एक कदम आगे बढ़कर इसकी तुलना दक्षिण अफ्रीका के “रंगभेद” और जर्मनी के “यहूदी बहिष्कार” से कर दी।(साभार)
करीब 30 साल से अधिक समय तक कांग्रेस पार्टी में रहे वरिष्ठ नेता और धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस की दुर्गति के राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर उनकी बहन प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ती, तो पीएम मोदी को हार का मुंह देखना पड़ता। राहुल के इस बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस की दुर्दशा देखकर मुझे दया आती है। मुझे अफसोस होता है कि इतनी पुरानी पार्टी की हालत आज इतनी बुरी कैसे हो गई। इस बर्बादी के लिए न ही नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार हैं, न भाजपा और न ही कोई और। इस बर्बादी के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वो राहुल गांधी हैं। वहीं आचार्य प्रमोद ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम अगर किसी ने किया है, तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।
कांग्रेस का लगातार गिरता ग्राफ चिंता का विषय: आचार्य प्रमोद
आचार्य प्रमोद ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की दुर्दशा के लिए राहुल जिम्मेदार हैं। प्रमोद कृष्णम ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से कांग्रेस का ग्राफ गिरा है वो गांधी परिवार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इस पर गांधी परिवार को आत्मचिंतन करना चाहिए। अगर कांग्रेस सच में प्रियंका गांधी वाड्रा का सदुपयोग करना चाहती है, तो उन्हें सबसे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपे। यह कदम कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति के लिए अच्छा रहेगा।
गाजियाबाद: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा "राहुल गांधी को चाहिए कि वह प्रियंका गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाएं। कांग्रेस की दुर्दशा का हाल देखकर दया आती है अफसोस होता है कि इतनी पुरानी पार्टी की हालत इतनी बुरी हो गई है। इस बर्बादी के लिए न मोदी जिम्मेदार है और न बीजेपी। इस… pic.twitter.com/lI6cCrGUdb
कांग्रेस की दुर्दशा देखकर दया आती हैः आचार्य प्रमोद
आचार्य प्रमोद ने कहा कि कांग्रेस की दुर्दशा देखकर मुझे दया आती है। मुझे अफसोस होता है कि इतनी पुरानी पार्टी की हालत आज इतनी बुरी कैसे हो गई। इस बर्बादी के लिए न ही नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार हैं, न भाजपा और न ही कोई और। इस बर्बादी के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वो राहुल गांधी हैं।
मोदी ने भारत को एक सूत्र में पिरोयाः आचार्य प्रमोद
आचार्य प्रमोद ने कहा कि पीएम मोदी ने आदिवासी समुदाय से तीन मुख्यमंत्री बनाए हैं, मैं ऐसा मानता हूं कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक कर्नाटक से कटक तक और कामाख्या से द्वारका तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम अगर किसी ने किया है, तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। पीएम मोदी द्वारा कांग्रेस को आदिवासी विरोधी पार्टी बताए जाने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सबसे पहले आपको एक बात समझना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 साल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने जिस तरह से आदिवासियों के हित में कदम उठाए हैं, वो काबिले तारीफ है। एक आदिवासी बेटी को भारत का राष्ट्रपति बना दिया।
पूरी दुनिया में @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत ऊँचाइयों के शिखर को छुएगा....
— Office Of Acharya Pramod Krishnam (@OfficeOfAPK) June 10, 2024
अगर प्रियंका वाड्रा वाराणसी से चुनाव लड़तीं तो मोदी हार जातेः राहुल गांधी
रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि अगर प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ जातीं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो-तीन लाख वोट से चुनाव हार जाते। रायबरेली सीट से चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी रायबरेली की जनता का आभार प्रकट करने के लिए वहां गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साख लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि अगर वाराणसी लोकसभा सीट से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ती तो पीएम मोदी की हार निश्चित थी।
अगर प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ जातीं तो मोदी 2-3 लाख वोट से चुनाव हार जाते.
इससे पहले आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई न देने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था। प्रमोद कृष्णम ने कहा, मुहब्बत की दुकान में इतनी नफरत कि बधाई का एक ट्वीट भी नहीं किया गया। आचार्य प्रमोद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी पहुंचे और उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह भारत को गौरवान्वित करने वाले ऐतिहासिक पलों के साक्षी बनने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊंचाइयों के शिखर को छुएगा। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक और ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक बार फिर ब्रह्मांड में गूंजी वह आवाज “मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी” और बस शपथ हो गई “खटाखट”। इतना ही नहीं उन्होंने इस ट्वीट में राहुल गांधी को टैग भी किया।
मुहब्बत की दुकान में इतनी “नफ़रत” के “बधाई” का एक “ट्वीट” भी नहीं किया गया. @RahulGandhi@INCIndia
लोकसभा चुनाव से पहले 10 फरवरी 2024 को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के नेता और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान जारी इसकी जानकारी दी। वेणुगोपाल ने कहा कि अनुशासनहीनता और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयान देने की शिकायतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पार्टी से निष्कासन के बाद प्रमोद कृष्णम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया। क्या कांग्रेस में रहने का मतलब है कि हमें चमचागिरी करना और झूठ बोलना जरूरी है।
राम और राष्ट्र से समझौता नहींः आचार्य प्रमोद
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि क्या कांग्रेस में सिर्फ वो रह सकते हैं जो राम का अपमान करें। हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाएं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता है। निष्कासन बहुत छोटी चीज है। हम अपने प्राणों को भी न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं। लेकिन राष्ट्रीय अस्तित्व, अस्मिता और सनातन पर कोई आंच नहीं आने देंगे।
आतंकी यासीन मलिक की बेटी रजिया सुल्तान ने भारत के खिलाफ उगला ज़हर
आतंकी यासीन मलिक की 11 साल की बेटी ने जम्मू कश्मीर को लेकर ज़हर उगला है। अपने अब्बा के नक्शेकदम पर ही चलते हुए उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कोसा। यासीन मलिक फ़िलहाल जेल में बंद है। रजिया सुल्तान ने दावा किया कि उसके अब्बा बीमार हैं और उसे उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। 57 वर्षीय आतंकी की बेटी ने मुजफ्फराबाद में रिजनल लेजिस्लेटिव असेंबली में बोलते हुए ये बातें कहीं। उसने कहा, “मेरे अब्बा कश्मीर के हित की लड़ाई के दीप-स्तंभ हैं।”
यासीन की बेटी को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उसके अब्बू ने कितने हिन्दुओं को मौत के घाट उतरवाया, घाटी छोड़ने को मजबूर किया और हिन्दू लड़कियों और महिलाओं का बलात्कार करवाने के लिए लोगों को उकसाया। यदि यही स्थिति तुम्हारे, तुम्हारी अम्मी और बहनों के साथ होता, तब क्या प्रतिक्रिया होती तुम्हारी?
उसने कहा कि अगर उसके अब्बा को कुछ भी नुकसान पहुँचता है तो वो इसका दोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देगी। उसने कहा कि उसके अब्बा को फर्जी मामले में फँसाया गया है और उसे उम्मीद है कि जल्द ही वो जेल से निकलेंगे। उसने कहा, “मैं अपने अब्बा से मिलूँगी और उनके साथ अच्छा समय व्यतीत करूँगी। जब मैं उनसे मिली थी, तब मेरी उम्र मात्र 2 साल थी। अब मैं 11 साल की हो गई हूँ। मैं उन्हें बहुत याद करती हूँ। मैं उनकी आवाज़ सुनने के लिए बेचैन हूँ।”
यासीन मलिक की बेटी ने दावा किया कि वो जल्द ही जेल से निकल कर पाकिस्तानियों के बीच में होगा। यासीन मलिक 1088 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चला गया था और वहाँ से भारत के खिलाफ सशस्त्र आतंक चला रहा था। इसके बाद वो वापस आ गया और अलगाववादी बन कर रहने लगा। उसके ऊपर वायुसेना जवानों की हत्या समेत 60 मामले दर्ज हैं। 2009 में पाकिस्तान जाकर उसने मुशैल हुसैन से निकाह कर ली थी।
इस दौरान यासीन मलिक की बेटी ने ‘जम्मू कश्मीर की आज़ादी’ वाले पाकिस्तान के नैरेटिव का भी समर्थन किया। पाकिस्तान एक तरह से अब नाबालिग लड़की के सहारे वैश्विक स्तर पर भारत विरोधी प्रोपेगंडा खेल रहा है। यासीन मलिक की बेटी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे अब्बू का अपहरण कर लिया है।” साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य वैश्विक संगठनों से भी अपील की कि वो उसके अब्बू को छुड़ाने के लिए प्रयास करें।
"I am Razia Sultan, daughter of #Kashmir. Daughter of #YasinMalik, the greatest symbol of resistance" to #India's annexation of a disputed territory; today morning, 20 July 2023, addressing a special session of the Parliament of Azad Jammu Kashmir State in Muzaffarabad. /2 pic.twitter.com/NN0XoJVHBk
यासीन मलिक वो आतंकी है, जो कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल था। इसके बावजूद मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते उससे मुलाकात की थी और उससे हाथ मिलाया था। उस पर ‘अलगाववादी नेता’ के मुखौटे में कश्मीर में आतंकवाद का समर्थन करने का भी आरोप है। साथ ही उसे भारत में टेरर फंडिंग समेत दूसरे अपराधों के मामले में हिरासत में भी लिया गया था। यासीन मलिक पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण का भी आरोप है।