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महाराष्ट्र सरकार ने मिटा दी निज़ाम शाही की निशानी : अहमदनगर अब अहिल्यनगर

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार (31 मई 2023) को कहा कि अहमदनगर (Ahmednagar) जिले को अहिल्या बाई होलकर के नाम पर अहिल्यानगर (Ahilyanagar) के रूप में जाना जाएगा।

सीएम शिंदे ने इसकी घोषणा एक कार्यक्रम में की। इस कार्यक्रम में इस महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और भाजपा विधायक गोपीचंद पाडलकर सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।

अहमदनगर के चोंडी में आयोजित 18वीं सदी में मालवा के होलकर वंश की महारानी अहिल्याबाई होलकर की 298वीं जयंती के अवसर पर सीएम शिंदे ने यह घोषणा की। निजामशाही के अंतर्गत आने के कारण निजामों ने इस शहर का नाम बदल दिया था और इसका नाम अहमदनगर रख दिया था।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, “यह फैसला राज्य सरकार ने लिया है और मुझे गर्व है कि देवेंद्र जी (देवेंद्र फडणवीस) और मैं दोनों इस ऐतिहासिक क्षण के हिस्सा बने हैं।” देवेंद्र फडणवीस ने भी इस निर्णय पर खुशी जाहिर की।

अहमदनगर इस साल का तीसरा शहर है, जिसका नाम बदला गया है। इसके पहले फरवरी 2023 में महाराष्ट्र की सरकार ने औपचारिक रूप से औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव कर दिया था।

अहमदनगर का नाम बदलने की माँग लंबे समय से की जा रही थी। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने दिसंबर 2022 में विधान परिषद को बताया था कि अहमदनगर जिले का नाम बदलकर पुण्यश्लोक अहिल्यानगर करने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव माँगा गया है।

इसके पहले भाजपा नेता गोपीनाथ पाडलकर ने अहमदनगर का नाम बदलने के लिए एक पत्र लिखा था। उस पत्र में कहा गया था कि अहिल्याबाई होलकर का जन्म अहमदनगर के चौंडी गाँव में हुआ था। इसलिए इस गाँव का नाम उनके नाम पर होना चाहिए।


नूपुर शर्मा का डीपी लगाने पर डरे हुए मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथियों ने युवक पर किया तलवार से हमला, चेहरे पर थूका


कुछ भी कहो नूपुर विवाद ने यूट्यूब पर एक्स मुसलमानों द्वारा कुरान, हदीस और पैगम्बर की जीवनी को जगजाहिर कर दिया है, और इसके जिम्मेदार कोई और नहीं मुस्लिम कट्टरवाद है जो नूपुर विवाद को जिन्दा रख रहा है। वैसे NewsNation चैनल ने भी "इस्लाम क्या कहता है" शो शुरू किया हुआ है। CAA विरोध से लेकर आज नूपुर विवाद तक टीवी पर होती चर्चाओं में आने वाले मुस्लिम कट्टरपंथी कहते हैं कि 'मुसलमान डरा हुआ है', उनके इस बात का समर्थन करने वाले जवाब दें, 'यदि डरा हुआ मुस्लिम समाज कत्लेआम कर सकता है, अगर यह डरा हुआ नहीं होता, तब तो पता नहीं ये मुग़ल युग की याद ताज़ा करवा देते।' अब कहाँ है #mob lynching, #intolerance, #award vapsi, #not in my name, धर्म-निरपेक्ष की बात करने वाला  और 
गंगा-जमुनी तहजीब का ढोंगी नारा लगाने वाला गैंग? मुस्लिम विद्वान डॉ रिज़वान अहमद अपने #Face To Face शो में ठीक कहते हैं कि "जिस दिन 50% हिन्दू जाग गया, तुम्हारा क्या हाल होगा?" फिर कोई किसी कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर या नितेश राणा को दोष न दे।     

हम सभी अपने मोबाइल से सोशल मीडिया पर अपने अपने विचार शेयर करते हैं लेकिन यह विचारों की अभिव्यक्ति अब लोगों के लिए घाटक होते जा रही हैं। पिछलें कुछ दिनों में हिंसा करने वाले उपद्रवी इस कदर बेखौफ हो गये हैं कि धर्म के नाम पर खून बहाने की सनक में लोगों की हत्या करने पर अमादा हो गये हैं। कुछ ही समय पहले मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उदयपुर में दर्जी की नुपुर शर्मा का समर्थन करने पर बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने बड़ी ही शान से सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी शेयर करते हिंदू समुदाय के लोगों का डराया था। उसके बाद भी कई घटनाएं सामने आयी जिसमें हिंदू समुदाय के लोगों की केवल इस लिए हत्या की गयी क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा का समर्थन किया था। अब एक नया मामला भी सामने आया हैं। जहां एक बार फिर नुपुर शर्मा के समर्थन में स्टेटस लगाने पर युवक पर धारदार हिथयार से मुस्लिम समुदाय के कुछ कट्टरपंथी लोगों ने हमला कर दिया। 

अहमदनगर जिला मुख्यालय से 222 किलोमीटर दूर कर्जत शहर के अक्काबाई चौक पर एक मेडिकल दुकान के सामने बृहस्पतिवार शाम को मुस्लिम समुदाय के कम से कम 14 लोगों ने तलवार, दरांती, लाठी और हॉकी स्टिक से पवार पर हमला किया। अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब मामले में शिकायतकर्ता पवार और अमित माने अपने दोपहिया वाहन पर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और मेडिकल दुकान के पास एक मित्रकी प्रतीक्षा कर रहे थे। उसी समय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दोपहिया वाहनों से उनके पास पहुंचे। प्राथमिकी के अनुसार, वे तलवार, दरांती और हॉकी स्टिक लिए हुए थे। माने ने शुक्रवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में कहा कि उनमें से एक ने पवार पर चिल्लाते हुए कहा कि उसने नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था और कन्हैया लाल के बाद इंस्टाग्राम पर स्टेटस भी डाला था और फिर उन लोगों ने हमला कर दिया।

नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण महाराष्ट्र में एक युवक पर जानलेवा हमले की खबर सामने आई है। पीड़ित युवक का नाम प्रतीक पवार उर्फ सनी है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ मुस्लिम युवकों ने प्रतीक को घेरकर उस पर जानलेवा हमला किया। उसके चेहरे पर थूका। हमलावर उसे मरा समझ छोड़कर चले गए। फिलहाल प्रतीक का इलाज चल रहा है।

घटना 4 अगस्त 2022 की है। महाराष्ट्र के अहमदनगर के कर्जत में इस घटना को अंजाम दिया गया। यह मामला तब सामने आया, जब 6 अगस्त 2008 को महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक नीतेश राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हमले के बारे में बताया। राणे के अनुसार प्रतीक को 35 टाँके लगे हैं और जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि नूपुर शर्मा का डीपी लगाने के कारण प्रतीक पर हमला हुआ।

मामले में 14 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा का सदस्य होना), दंगा, 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 504 (शांति भड़काने के इरादे से किया गया कृत्य) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई एवं चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटना की निंदा करते हुए, भाजपा विधायक नितेश राणे ने कहा कि पवार को मुस्लिम समुदाय के 10 से 15 लोगों ने घेर लिया और उनसे सवाल किया कि वह नुपुर शर्मा की तस्वीर को अपने डीपी के रूप में क्यों रख रहे हैं और दूसरों को ऐसा करने के लिए कह रहे हैं। नितेश ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं चेतावनी देना चाहता हूं कि यदि हिंदुओं को इस तरह से निशाना बनाया जाता है, तो हमारे हाथ बंधे नहीं हैं।

जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती हम चुप नहीं बैठेंगे। उनमें से कुछ अभी भी फरार हैं।’’ नितेश ने कहा, ‘‘उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मामले की निगरानी कर रहे हैं। महा विकास आघाड़ी (एमवीए) और नवाब मलिक अब सत्ता में नहीं हैं। हिंदुओं पर हमला करने वालों को वैसा जवाब दिया जाएगा। हम भीम राव आंबेडकर के संविधान का पालन करते हैं। इस देश में कोई शरिया कानून नहीं है।

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार 23 साल के प्रतीक और उनके दोस्त अमित माने 4 अगस्त को कर्जत जा रहे थे। अक्कबाई चौक के नजदीक वे अपने दोस्तों का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार, काले रंग की बुलेट, लाल रंग की पल्सर और एक सफेद रंग की स्कूटी पर सवार होकर 12 से 14 मुस्लिम युवक वहाँ आ गए। इन युवकों ने उन्हें घेर लिया। माने के अनुसार, “मुस्लिम युवकों ने प्रतीक पवार से कहा- तुम्हें हिंदुत्व का बड़ा कीड़ा है। तुम लगातार नूपुर शर्मा और कन्हैयालाल के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट और स्टेटस लगा रहे हो। इसके कारण कई और लोग इनका समर्थन करने लगे हैं। तेरा भी उमेश कोल्हे करना पड़ेगा।”

नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण उमेश कोल्हे की महाराष्ट्र के अमरावती में ही 21 जून 2022 को हत्या कर दी गई थी। यह मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों से दूर रहा। लेकिन जब उदयपुर में 28 जून 2022 को कन्हैयालाल का मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने गला काट दिया उसके बाद इस मामले की भी परतें खुलने लगी।

काफिर को जिंदा नहीं छोड़ना है

एबीपी की रिपोर्ट बताती है कि प्रतीक प्रवार पर हमले को लेकर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि तीखी बहस के बाद शाहरुख खान पठान ने प्रतीक पर जानलेवा हमला किया। प्रतीक ने बचाव की कोशिश की तो तलवार उसके हाथ पर लग गई। इसके बाद पीछे से निहाल खान पठान और सोहेल खान पठान ने प्रतीक के सिर पर वार किया। इससे वह नीचे गिर गया और उसके सिर से खून बहने लगा। इस हालत में भी वे प्रतीक पर तब तक हमला करते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। इस दौरान हमलावर कह रहे थे कि इस काफिर को जिंदा नहीं छोड़ना है।
इस मामले में अब तक 4 आरोपितों की गिरफ्तारी की खबर है। विधायक नितेश ने इस घटना को लेकर बताया, “हमलावरों ने प्रतीक से कहा कि तू बहुत हिन्दू-हिन्दू करता रहता है। तू सबको नूपुर की DP रखने के लिए कहता है। हमले के दौरान उसका गला काटने की भी धमकी दी गई।”