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जंतर-मंतर पर ऑपइंडिया के पत्रकार अनुराग मिश्रा पर हमला, CJP के लोगों ने की सरेआम गुंडागर्दी


दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान एक बेहद चिंताजनक और निंदनीय घटना सामने आई है। प्रदर्शन कवर करने पहुंचे ‘ऑपइंडिया’ (OpIndia) के पत्रकार अनुराग मिश्रा के साथ वहाँ मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े गुंडों द्वारा न सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि उन पर शारीरिक हमला भी किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदर्शन के ‘शांतिपूर्ण’ होने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, अनुराग मिश्रा जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से सामान्य सवाल पूछ रहे थे। इसी दौरान वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके काम में बाधा डालनी शुरू कर दी। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई और पत्रकार पर हमला कर दिया गया।

 पत्रकार अनुराग मिश्रा ने घटना के बावजूद अपना काम नहीं रोका और बेखौफ होकर अपना काम करते रहे। उन्होंने कहा, “हम वहाँ सिर्फ अपना काम कर रहे थे और निष्पक्षता से सवाल पूछ रहे थे। लेकिन कुछ लोगों को सवाल पसंद नहीं आए। उन्होंने मुझे घेरा, धक्का-मुक्की की और मुझ पर हमला कर दिया। अगर देश की राजधानी में पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं और सवाल पूछने पर उन पर हमले होंगे, तो लोकतंत्र और प्रेस की आजादी का क्या मतलब रह जाता है?”

इस घटना के बाद प्रदर्शन के मुख्य चेहरों और आयोजकों पर उंगलियाँ उठने लगी हैं। सोशल मीडिया पर लोग सोनम वांगचुक, विजेता दहिया, अभिजीत दिपके और सौरव दास जैसे नेताओं को टैग करके सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यही उनके तथाकथित शांतिपूर्ण आंदोलन की सच्चाई है? क्या वे अपने प्रदर्शन में शामिल इन अराजक तत्वों की गुंडागर्दी की जिम्मेदारी लेंगे? आलोचकों का कहना है कि असहमति की आवाज को हिंसा के दम पर दबाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।

इस हमले ने एक बार फिर फील्ड पर काम करने वाले ग्राउंड पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। लोगों ने दिल्ली पुलिस से माँग की है कि वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ ऐसी हरकत न हो सके।

हमास और फिलिस्तीन के लिए सियापा करने वाले खामोश क्यों? बर्बर पाकिस्तान ने रात के अँधेरे में की अफगानी बच्चों की हत्या, बम बरसाकर 11 मासूमों समेत 13 की ले ली जान: तालिबान ने शेयर कीं दिल दहला देने वाली तस्वीरें

               पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया, मासूम बच्चों की मौत (फोटो साभार : ChatGPT)
इजराइल द्वारा हमास और फिलिस्तीन आतंकियों पर हमला करने पर भारत में कितना सियापा मचा, लेकिन जब उनके लाडले पाकिस्तान द्वारा दो दिन से मारामारी मचाई हुई है सबको सांप सूंघ गया है। मरने वाले हिन्दू नहीं मुसलमान ही है। क्यों नहीं पाकिस्तान के विरुद्ध आवाज़ निकालते? नहीं बोलेंगे मुस्लिम वोट बैंक को नाराज नहीं करना।   

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान ने मंगलवार (9 जून 2026) की रात अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए सीमावर्ती इलाकों में भीषण हवाई हमले किए।

इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य घायल हैं। यह पिछले कई हफ्तों में पाकिस्तान द्वारा किया गया सबसे घातक हमला माना जा रहा है। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले को लेकर बुधवार (10 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी किया है।

साथ ही, जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हमलों में मारे गए बच्चो की दर्दनाक तस्वीरें भी शेयर की हैं। एक तस्वीर में एक बच्चे का सिर फटा हुआ नजर आ रहा है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने लिखा, “बीती रात पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 14 अन्य महिलाएँ और बच्चे घायल हुए हैं। हम इस मानवीय अपराध और आक्रामक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”

मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांत कुनार, खोस्त और पक्तिका के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। आरोप है कि रात के अँधेरे में आम नागरिकों के घरों पर अँधाधुँध बमबारी की गई, जिससे कई मकान पूरी तरह तबाह हो गए।

न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, खोस्त प्रांत के स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोगों की मौत हुई जबकि 10 अन्य घायल हो गए। वहीं, पड़ोसी पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में अलग हमले में 3 नागरिकों की जान चली गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मरने वालों में सभी बच्चे शामिल थे। अफगानिस्तान ने इसे ‘मानवीय अपराध’ और ‘खुला आक्रामक हमला’ करार दिया है।

जब तक तुष्टिकरण में डूबे राजनीतिक दल सत्ता के लालच में इस्लामी कट्टरपंथियों को संरक्षण देंगे, तब तक हिंदू त्योहारों पर पत्थर चलते रहेंगे

                          हर हिंदू त्योहार पर पत्थरबाजी करना कट्टरपंथियों का पेशा बन गया है (फोटो- AI)
नवरात्रि और दशहरा बीत गया है। एक बार फिर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदू आस्था को अपने आतंक से डराने की पूरी कोशिश की। हर बार की तरह वही कहानी फिर दोहराई गई, श्रद्धा और शोभायात्राओं के बीच कट्टरपंथियों ने पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। कहीं, काँच की बोतलें फेंकी गईं। हर बीतते साल के साथ हिंदू त्योहारों पर कट्टरपंथियों की हिंसा बढ़ती जा रही है।

किसने पत्थर फेंके ये तो हमने देख लिया लेकिन फिर एक सवाल सामने आता है कि पत्थर क्यों फेंके गए? हर बार निशाने पर सिर्फ हिंदू त्योहार ही क्यों आते हैं? क्या कभी किसी ने सुना कि हनुमान चालीसा पढ़ने गए लोगों ने किसी पर पथराव किया हो? नहीं सुना, क्योंकि यह असहिष्णुता एकतरफा है।

नेपाल में भी दुर्गा विसर्जन के दौरान शोभायात्रा पर हमला किया गया। इससे साफ पता चलता है कि यह भारत की समस्या नहीं है बल्कि यह एक मानसिकता की समस्या है। यह मानसिकता क्या है? यह मानसिकता अपने मजहब को दूसरों की आस्था के ऊपर दिखाने की जिद है। यह मजहबी कट्टरता के साथ-साथ अपनी पहचान को आक्रामकता से दिखाने का सवाल भी है।

पहचान के संकट ने कट्टरपंथियों के अकीदे को हिंसा का हथियार बना दिया है। जब किसी समाज का एक हिस्सा अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपने भविष्य पर भरोसा खो देता है, तो वह अपनी असुरक्षा को आक्रामकता से ढकने की कोशिश करता है।

त्यौहारों पर झंडे लहराने वाले, पत्थर चलाने वाले और नारे लगाने वाले खुद को बहादुर समझते हैं जबकि असल में वे अपनी पहचान के संकट को चीख-चीखकर जाहिर कर रहे होते हैं।

भारत में यह प्रवृत्ति केवल सामाजिक नहीं रही, इसे राजनीतिक संरक्षण मिला है, जिससे यह और भी खतरनाक होती जा रही है। यह कट्टरपंथ राजनीति की गोद में पल रहा है। वोट बैंक की लालच में राजनीतिक दलों ने वर्षों से इस असहिष्णुता को ‘संवेदनशीलता’ का नाम दिया है।

देश में लगभग 15-16 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, और यही संख्या कई राज्यों में जीत-हार तय कर सकती है। यही वजह है कि राहुल गाँधी हों या अखिलेश यादव, ममता बनर्जी हों या असदुद्दीन ओवैसी ये सब एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं कि कौन खुद को बड़ा ‘मुस्लिम हितैषी’ दिखा सके।

बरेली में हाल में जो हुआ, वह इसका ताजा उदाहरण है। I Love Muhammad के नाम पर दंगाइयों ने उपद्रव किया। पुलिस पर गोली चलाई गईं, पत्थराव किया गया। जिसके बाद समाजवादी पार्टी का दल वहाँ दौड़ पड़ा, वो भी आरोपितों का पक्ष लेने के लिए। इन्हें दंगाई बेगुनाह नजर आते हैं और पुलिस-प्रशासन को ये अत्याचारी बताते हैं।

यह वही राजनीति है जिसने दंगाइयों को यह भरोसा दिला दिया है कि चाहे कुछ भी कर लो, ‘वोट बैंक’ के लिए कुछ दल तुम्हारे साथ खड़े हैं। तुम्हारे लिए वकील खड़े होंगे, तुम्हें बचाने वाले बयान आएँगे और मीडिया का एक हिस्सा तुम्हें पीड़ित दिखाने में जुट जाएगा।

यह सिलसिला नया नहीं है। दशकों से यही खेल चल रहा है। मजहब की आड़ में एक वर्ग ने आक्रामकता को सामान्य बना दिया है और यही सबसे खतरनाक है। क्योंकि जब समाज का कोई हिस्सा यह मान ले कि कानून से ऊपर उसकी मजहबी भावनाएँ हैं, तो फिर राज्य की सत्ता भी बेबस दिखने लगती है।

अब यह समझना होगा कि हर बार पत्थर चलने के बाद सिर्फ कुछ गिरफ्तारियाँ और बयान काफी नहीं हैं। यह मानसिकता तब तक नहीं बदलेगी जब तक समाज और राज्य मिलकर इसे वैचारिक स्तर पर चुनौती नहीं देंगे। यह कह देना कि ‘हर धर्म में कुछ कट्टर लोग होते हैं’ अब बहाना बन गया है।

क्योंकि यहाँ समस्या ‘कुछ’ की नहीं बल्कि एक मानसिकता की है जो हर उत्सव, हर धार्मिक पर्व पर आतंक का अपना चेहरा दिखाती है।

इजरायल ने ईरान में की एयर स्ट्राइक, न्यूक्लियर संयंत्रों को बनाया निशाना… सेना प्रमुख-परमाणु वैज्ञानिकों की मौत: ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ लॉन्च करके बोले PM नेतन्याहू- ये हमारी अगली पीढ़ी के लिए जरूरी

  हमले में मारे गए ईरान के चीफ कमांडर हुसैन सलामी (बाएँ), इजरायली हमले से क्षतिग्रस्त इमारत (दाएँ), (साभार : Aajtak)
इजरायल ने शुक्रवार (13 जून 2025) सुबह ईरान पर एक बड़ा हमला किया है। इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बमबारी की है। इजरायल ने ईरानी सेना के ठिकानों के साथ-साथ उनके परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इजरायली मीडिया के अनुसार, तेहरान में बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

इजरायल ने जानकारी दी है कि 200 से ज़्यादा फाइटर जेट से ईरान में किए गए हमलों में ईरानी सेना के तीन बड़े कमांडर मारे गए हैं। इनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर और ईरान के इमरजेंसी कमांड के कमांडर शामिल हैं।

 इजरायल का कहना है कि ये तीनों बहुत ही क्रूर हत्यारे थे, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खून बहाया है। इजरायल के अनुसार, इनके बिना दुनिया अब ज़्यादा सुरक्षित है।

इजरायल हमले का दावा

इजरायल ने घोषणा की है कि उसने ईरान के दर्जनों परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले में ईरान का नतांज स्थित मुख्य परमाणु संयंत्र, परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिक और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के केंद्र शामिल हैं।

इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ (Rising Lion) नाम दिया गया है और यह कई दिनों तक जारी रह सकता है।

परमाणु बम वाले वैज्ञानिकों पर हमला- बेंजामिन नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की पुष्टि की है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने ईरान के परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिकों पर भी हमला किया है। बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को उनके नेतृत्व और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सामना करने के लिए धन्यवाद दिया।

इजरायली हमले में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ कमांडर हुसैन सलामी भी मारे गए हैं। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। ईरान का रेवोल्यूशनरी गार्ड देश के मुख्य शक्ति केंद्रों में से एक है। यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के जखीरे को भी नियंत्रित करता है

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल का मानना ​​है कि सलामी के अलावा, इस हमले में ईरान के सैन्य प्रमुख मोहम्मद बाघेरी, सेना के शीर्ष अधिकारियों के अन्य सदस्य और वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए

ईरान के नतांज शहर में मौजूद न्यूक्लियर साइट ध्वस्त

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान के केंद्रीय प्रांत इस्फ़हान के नतांज शहर में विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जहां एक प्रमुख परमाणु स्थल स्थित है द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह जानकारी ईरानी सरकारी टीवी की रिपोर्ट के आधार पर दी है

जानकारी के अनुसार, "नतांज में जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई," जहां मुख्य यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं में से एक स्थित है ईरान के पास फ़ोर्डो और नतांज में दो भूमिगत परमाणु साइट हैं

ईरान के सरकारी समाचार पत्र नूर न्यूज ने पुष्टि की कि शुक्रवार की सुबह तेहरान के उत्तर-पूर्व में धमाके की सूचना मिली है दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स से पुष्टि की कि "इजरायल ने ईरान में हमले किए हैं" और स्पष्ट रूप से कहा कि इसमें "अमेरिका की कोई भागीदारी या सहायता नहीं थी" इजरायल की ओर से किए गए इस हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है.

नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अगर इजरायल अभी कार्रवाई नहीं करेगा, तो अगली पीढ़ी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बेंजामिन नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान के पास अब 9 परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम जमा हो गया है और इजरायल उसे ऐसा करने से रोकेगा।

इजरायल में आपातकाल और सुरक्षा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने ईरान पर हमले के बाद पूरे देश में आपातकाल की घोषणा की है। इजरायल कैट्ज ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले होने की आशंका है। पूरे इजरायल में सायरन बज रहे हैं और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने सुरक्षा मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी आक्रामकता के जवाब में यह हमला किया है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव

हमले में अमेरिका का रुख सामने आया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स से पुष्टि की है कि इजरायल ने ईरान में हमला किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा कि इसमें अमेरिका की कोई भागीदारी या सहायता नहीं थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है और अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता क्षेत्र में अमेरिकी सेना की सुरक्षा है।
इस हमले के बाद इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे विमानों की आवाजाही रुक गई है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पास परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम जमा होने की खबरें आ रही थीं, जिसे इजरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है।

पाकिस्तान को पड़ रही दो तरफ से मार, BLA ने गैस पाइपलाइन उड़ाई: बलोच के लेखक मीर यार ने UN से माँगी मान्यता, भारत ने भी किया है परचम बुलंद

BLA ने पाकिस्तानी सेना की गाड़ी को बम से उड़ा दिया (साभार- BLA के वीडियो के स्क्रीनशॉट)
आतंकवादियों को पनाह देकर उन्हें पालने पोसने वाले इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान की खैर मुश्किल में है। भारत से बैर लेकर एक ओर लाहौर और इस्लामाबाद को अपने निशाने पर ले लिया तो वहीं दूसरी ओर दशकों से मन में आजादी की ज्वाला लिए बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भी मौका देखकर पाकिस्तान पर धावा बोल दिया है।

बलोचिस्तान के प्रसिद्ध लेखक और बलूच लोगों की अधिकारों के लिए लड़ने वाले करने वाले मीर यार बलूच ने दावा किया है कि BLA ने पाकिस्तान के डेरा बुगती के गैस क्षेत्रों पर हमला कर दिया था। इस जगह पर 100 से भी अधिक गैस के कुएँ बने हैं। ये पाकिस्तान के लिए गैस आपूर्ति की मुख्य जगहों में से एक है।

 इसके अलावा BLA ने पाकिस्तान की सेना की अलग अलग चौकियों पर हमला कर दिया। BLA का दावा है कि उनकी सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले बलोचिस्तान के कीच, मुस्तंग, कच्ची और जामरान समेत अलग अलग 6 जगहों पर हमले किए हैं। रिमोट कंट्रोल बम और अन्य हथियारों के जरिए किए गए हमलों में पाक सेना को नुकसान भी हुआ है।

इसके साथ ही मीर यार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर संयुक्त राष्ट्र से बलूच को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की माँग की है।

अपनी पोस्ट में मीर यार बलूच ने लिखा, “हमने अपनी आजादी का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान का अंत निकट है। हम भारत से अनुरोध करते हैं कि नई दिल्ली में बलूचिस्तान का दूतावास बनाने की अनुमति दें। साथ ही UN से अनुरोध है कि वे ‘डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’की आझादी को मान्यता देकर सदस्य देशों की बैठक के साथ समर्थन दें।”

बलोचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए लेखक मीर यार काफी सक्रिय भूमिका में नजर आते हैं। एक्स पर वह भारत और बलोचिस्तान की दोस्ती की तस्वीरें साझा करते रहते हैं। एक अन्य पोस्ट में मीर यार ने पाकिस्तान के सैन्य ट्रक को उड़ाने की वीडियो साझा की है। इसमें 14 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।

मझधार में पाकिस्तान

भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बसे 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल अटैक कर ध्वस्त कर दिया। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के घर के 14 लोगों समेत जैश, लश्कर- ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के लगभग 100 आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आई। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर जवाबी हमले किए लेकिन भारतीय सैन्य प्रणालियों ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया।

अब पाकिस्तान को एक तरफ भारत की अभेद सैन्य शक्तियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बलोच ने भी मौका देखकर आजादी का मोर्चा खोल दिया है। इससे पाकिस्तानी सेना को देश के बाहर के साथ अपने मुल्क के अंदर भी जंग लड़नी पड़ रही है।


पंजाब में स्थानीय भीड़ ने बिहारी स्टूडेंट्स पर बोला हमला… हाथ में तलवारें, छात्र लहूलुहान

          भटिंडा में बिहार के छात्रों पर हमले की रिपोर्ट्स (फोटो साभार: Bhaskar/X_SatyamS66192465)
पंजाब के बठिंडा में गुरु काशी यूनिवर्सिटी के कैंपस में बिहार के छात्रों पर हमलों की खबर आ रही है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया। कई छात्रों के सिर फट गए, हड्डियाँ टूट गईं और खून से लथपथ हालत में वो मदद की गुहार लगा रहे हैं।

बठिंडा के गुरु काशी यूनिवर्सिटी के पीड़ित छात्रों का कहना है कि पिछले 5 दिनों से हालात भयावह बने हुए हैं। इनमें बीटेक, बीफार्मा, बीसीए, एमसीए, एमबीए जैसे कोर्स के छात्र शामिल हैं, जो पढ़ाई के लिए घर से इतनी दूर आए थे। लेकिन अब उनकी जान पर बन आई है।

छात्रों ने बताया कि हमलावरों में स्थानीय लोग भी शामिल थे, जिन्होंने बेरहमी से तलवारें चलाईं। दो दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हैं और कुछ की हालत गंभीर है। छात्रों का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने उनकी मदद करने की बजाय उल्टा बिहारी छात्रों को ही हिरासत में ले लिया।

छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड भी हमलावरों के साथ मिले हुए थे और उन्होंने फायरिंग तक की। लहूलुहान छात्रों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री को मेल भेजकर मदद माँगी है। इस घटनाक्रम से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

वहीं, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एसके बावा ने कहा कि ये झगड़ा बिहारी और पंजाबी छात्रों के बीच नहीं, बल्कि बिहार के छात्रों के दो गुटों के बीच हुआ था। एक गुट ने अपने स्थानीय दोस्तों को बुला लिया, जिससे बात बिगड़ गई। डॉ. बावा ने कहा कि हमलावर छात्रों की पहचान कर ली गई है और उन्हें यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा।

बदले का ऐलान कर पाकिस्तानी सीमा में घुसे तालिबानी, मार गिराए 19 फौजी: अंग्रेजों की खींची डूरंड लाइन को भी सीमा मानने से किया इनकार

बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से होए यानि पाकिस्तान ने जिस आतंकवाद को पालापोसा आज वही आतंकवाद पाकिस्तान को बर्बाद करने को कमर कस चुका है। तालिबान जिस तरह पाकिस्तान पर हमले कर रहा है पाकिस्तानी आतंकवादियों की ही नींद हराम हो गयी। 
अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने शनिवार (27 दिसंबर 2024) को पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर बड़े हमले किए, जिसमें अब तक 19 पाकिस्तानी फौजियों के मारे जाने की खबर है। तालिबान ने यह हमला पाकिस्तान द्वारा 26 दिसंबर को अफगान सीमा पर की गई बमबारी के जवाब में किया है। पाकिस्तानी हमलों में अफगानिस्तान के 46 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। अपने एक आधिकारिक बयान में तालिबान ने खुल कर पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों में परोक्ष तौर पर बताया कि उन्होंने सीमा पार हमले किए हैं।

अल जजीरा के मुताबिक, अफगानिस्तान के प्रवक्ता ने कथित ‘काल्पनिक रेखा’ (डूरंड लाइन) पर हमले की बात कबूली है। काल्पनिक रेखा नाम का यह शब्द अफगानिस्तान के अधिकारियों द्वारा उस बॉर्डर से संबंधित है जिसका विवाद पाकिस्तान से चल रहा है। तालिबान ने इन हमलों को सही ठहराते हुए कहा कि यह उनकी रक्षा और अफगान विरोधी ताकतों को खत्म करने के लिए जरूरी था।

तालिबान के प्रवक्ता इनायतुल्लाह खोवाराज़मी ने बयान देते हुए कहा, “हम इसे पाकिस्तान का क्षेत्र नहीं मानते। यह हमारी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था।” तालिबान डूरंड लाइन को काल्पनिक रेखा मानता है, जिसे 19वीं सदी में अंग्रेजों ने खींचा था। यह सीमा अफगानिस्तान और पाकिस्तान को अलग करती है, लेकिन तालिबान इसे कभी स्वीकार नहीं करता।

तालिबान ने कहा कि उनकी सैन्य कार्रवाई 26 दिसंबर को उनके इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से की गई बमबारी का जवाब है। अफगानिस्तान के अधिकारियों का दावा है कि सीमा के उस पार बने ठिकानों पर कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि ये अफगान विरोधी ताकतों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे थे। पाकिस्तानी फ़ौज के इन हमलों में अफगानिस्तान के 46 लोगों की मौत हुई थी।

पाकिस्तान ने साधी चुप्पी

इन हमलों में अब तक 19 पाकिस्तानी फौजियों की मौत का दावा किया जा रहा है। हालाँकि आधिकारिक आँकड़े अभी आना बाकी हैं। तालिबान की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। गौरतलब है कि डूरंड लाइन को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दशकों से विवाद जारी है।
तालिबान इसे मानने से इंकार करता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। तालिबान का कहना है कि डूरंड लाइन के उस पार के क्षेत्र को वह पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानता। बहरहाल, यह हमला सीमा विवाद को और गहरा कर सकता है और अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

क्या कांग्रेसी गुंडई के खिलाफ खड़ा होना ही अशोक श्रीवास्तव का गुनाह? यह संयोग या प्रयोग… लिबरल गैंग ने पहले पत्रकार को किया टारगेट, फिर घर जाते समय उनकी कार को SUV ने मारी टक्कर; नड्डा ने खरके को दिखा दी औकात

                                 अशोक श्रीवास्तव पर कॉन्ग्रेस के खिलाफ हमले के बाद प्रदर्शन 
डीडी न्यूज के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव की गाड़ी पर हमला हुआ है। उन पर यह हमला प्रेस क्लब के बाहर पत्रकार की पिटाई मामले में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद हुआ। पत्रकार श्रीवास्तव की गाड़ी में एक बड़ी गाड़ी ने टक्कर मार दी। हमले के बाद कई पत्रकारों ने इस मामले को उठाया है।

जानकारी के अनुसार, अशोक श्रीवास्तव जब बुधवार रात (18 सितम्बर, 2024) को अपने दफ्तर से वापस घर जा रहे थे, तब उनकी गाड़ी में एक बड़ी गाड़ी ने टक्कर मारी। इस टक्कर में अशोक श्रीवास्तव की क्षतिग्रस्त हो गई। अशोक श्रीवास्तव भी अचानक हुए इस हमले से चौंक गए।

अशोक श्रीवास्तव हमले से पहले दिन में नई दिल्ली में संसद भवन के पास स्थित प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करने गए थे। यहाँ उन्होंने अमेरिका में इंडिया टुडे के पत्रकार रोहित शर्मा के साथ कांग्रेस के लोगों द्वारा की गई बदसलूकी के खिलाफ किए गए एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

उन्होंने यहाँ माँग की थी कि राहुल गाँधी पत्रकार रोहित शर्मा से माफ़ी माँगे। उनके इस प्रदर्शन में कुछ और पत्रकार भी शामिल हुए थे। उन्होंने यहाँ कहा, “हमें एक संदेश देना है कि मोहब्बत की दुकान कहने वाले पत्रकारों का सम्मान सीखें। एक पत्रकार के साथ राहुल गाँधी की टीम के लोगों ने हमला किया, उसका फोन छीना, उसके साथ हाथापाई की, क्या यह मीडिया की आजादी का सम्मान है। क्या संविधान का पालन है। क्या बांग्लादेश के हिन्दुओं पर सवाल पूछना गुनाह है।”

इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस के लोग चिढ़े हुए थे। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत और सुप्रिया श्रीनेत ने इस प्रदर्शन का मजाक उड़ाने की कोशिश भी की।

प्रदर्शन के बाद वह वापस अपने दफ्तर गए और उसके पास जब यहाँ से निकले तो उनकी गाड़ी में आकर एक गाड़ी टकराई। उन पर हुए इस हमले के बाद कई पत्रकारों ने इसकी सूचना ट्विटर पर डाली। पत्रकारों ने इस बात की आलचना आलोचना की कि क्या मीडिया की आजादी पर बात करने के कारण अशोक श्रीवास्तव पर हमला हुआ।

ABP न्यूज के पत्रकार विकास भदौरिया ने बताया, “कल रात (18 सितम्बर, 2024) को वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव पर जानलेवा हमला हुआ। आधी रात को जब वह अपने दफ़्तर से निकल रहे थे तभी उनकी कार को एक SUV ने पीछे से ज़ोरदार टक्कर मारी। कल अशोक श्रीवास्तव जी ने इंडिया टुडे के पत्रकार रोहित शर्मा के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी और हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था, इस प्रदर्शन से पूरा ईकोसिस्टम तिलमिला उठा था, लेकिन क्या विरोध के स्वर किसी की जान माँगते हैं?”

वहीं पत्रकार अनुपम कुमार सिंह ने भी हमले की आलोचना की। उन्होंने लिखा, “राहुल गाँधी आज भी इस देश की हर व्यवस्था से परे हैं। अमेरिका में पत्रकार पर हमला हुआ, इसके विरोध में आवाज़ उठाने पर अशोक श्रीवास्तव पर हमला कर दिया गया। अचानक से एक गाड़ी आती है और इनकी गाड़ी को जोर से टक्कर मारती है। उससे पहले सुप्रिया श्रीनेत ट्वीट कर के निशाना बनाती हैं। फिर कांग्रेस के सारे हैंडल्स एक-एक कर के पीछे पड़ जाते हैं। आज भी गाँधी परिवार इस देश का सबसे शक्तिशाली परिवार है।”

अशोक श्रीवास्तव पर हुए इस हमले का विरोध भाजपा के आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने भी किया है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “कल ही DD न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इंडिया टुडे के पत्रकार रोहित शर्मा के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी और हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन से ‘मोहब्बत की दुकान’ वाला पूरा ईको सिस्टम तिलमिला उठा था। कल रात ही अशोक श्रीवास्तव पर जानलेवा हमला हुआ।”

उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए लिखा, “आधी रात को जब वे अपने दफ्तर से निकल रहे थे तभी उनकी कार को एक SUV ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी। अपराधी बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन विरोध करने वालों की जान पर हमला? कांग्रेस को अपने इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर आना चाहिए। ये देश उनकी जागीर नहीं है और पत्रकार उनके गुलाम नहीं।” गाड़ी जिस व्यक्ति ने लड़ाई, उसकी भी जानकारी नहीं सामने आई है।

बांग्लादेश : इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं पर बरपाया कहर, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 54+ घटनाएँ: घर जलाए, दुकानें लूटीं, मंदिरों में की तोड़फोड़

          बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने हमलों की सूची जारी की (चित्र साभार: वायरल वीडियो से एसएस)
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के साथ ही लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले जारी हैं। सोमवार (5 अगस्त, 2024) को बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने इस दौरान देश में हिंदू मंदिरों, घरों और दुकानों पर हुए हमलों की एक लिस्ट जारी की है।

एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल वॉयस ऑफ बांग्लादेशी हिंदू के अनुसार, यह सभी हमले मात्र पाँच घंटे के भीतर हो गए। हालाँकि, हमलों की असल संख्या इस लिस्ट से कहीं अधिक हो सकती है। इस संस्था द्वारा जारी लिस्ट में 54 हमलों के बारे में बताया गया है।

इस लिस्ट के अनुसार, शेरपुर में श्रीबर्डी उपजिला युवा एकता परिषद के अध्यक्ष के घर पर हमला किया गया, तोड़फोड़ हुई और लूटपाट भी की गई। इसके अलावा खुलना के रूपसा थाना क्षेत्र के हाईगेट गाँव में श्यामल कुमार दास और स्वजन कुमार दास के घर पर हमला हुआ।

खुलना शहर के ही टूटपारा में खुलना जिला एकता परिषद के अध्यक्ष बिमन बिहारी अमित और युवा एकता परिषद के अध्यक्ष अनिमेष सरकार रिंकू के घर पर हमला हुआ। डाकोप के आमतली बनिसंता में जयंत गेन के घर और कोयरा के दारपारा में भी अल्पसंख्यकों पर हमला हुआ। उनके घरों में तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई।

लक्ष्मीपुर में पूजा परिषद के नेता और व्यवसायी दीपक साहा के घर और कार्यालय पर हमला कर तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। कोषोरगंज के कुलियारचर के अगरुपुर गाँव में नकुल कुमार और सुहसंत के घरों को जलाया गया। चटगाँव के रौज़ान में उज्जल चक्रवर्ती के घर पर हमला और लूटपाट की गई।

जसूर के अभयनगर के धोपडी पालपारा गाँव में तीन घरों को जला दिया गया। बघारपारा के नारिकेल बरिया में बाबुल साहा के गोदाम समेत 22 दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई, केशवपुर, बेचपारा और बरमनपारा में अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला किया गया।

सतखैरा में भी अल्पसंख्यकों की दुकानों को लूटा गया, कोलारोआ में जिला एकता परिषद के अध्यक्ष विश्वजीत साधु के घर पर हमला कर लूटपाट की गई। एकता परिषद के केंद्रीय सहायक संगठन सचिव डॉ. सुब्रत घोष के घर पर हमला कर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उसे जला दिया।

शैस्तागंज बाजार, हबीगंज में उपजिला एकता परिषद के अध्यक्ष असित बरन दास की दुकान पर हिंसक हमला, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। नरैल के लोहागरा में अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला किया गया, तोड़फोड़ और लूटपाट भी हुई। अब यहाँ के हिन्दू बेघर हैं।

बोगरा में हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं। बरगोला के तिलपट्टी में अल्पसंख्यकों की 5-7 दुकानों पर हमला, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। इसी तरह, दुपचांचिया उपजिला के सहपुकुर गाँव में डॉ गौतम कुमार मंडल के घर पर हमला किया गया और लूटपाट की गई।

पटुआखाली में कुआकाटा के राधा गोविंद मंदिर पर हमला हुआ और तोड़फोड़ की गई। अनंत मुखर्जी के घर पर हमला किया गया, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट भी हुई। सदर, पंचगढ़ के वार्ड 2 और 3 में अल्पसंख्यकों के घरों को निशाना बनाया गया, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई।

नोआखली के हटिया के सोनादिया में सहदेव रॉय के घर पर हमला और लूटपाट हुई। ठाकुरगाँव के सदर में अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला किया गया, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। इसके अलावा, पीरगंज के वार्ड 2 में श्मशान मंदिर पर हमला किया गया और उसे इस्लामी कट्टरपन्थियों ने जला दिया।

झेनैदाह में भारी हिंसा हुई। यहाँ चकलापारा नगरपालिका में 10 अल्पसंख्यक परिवारों के घरों पर लगातार हमले, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। कोटचंदपुर में भी अल्पसंख्यकों की दुकानों पर हमला किया गया और लूटपाट की गई। हथुरिया, बेरा थाना और पबना में अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला हुआ और यहाँ भी तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।

नेत्रकोना में रामकृष्ण मिशन और सदर में इस्कॉन मंदिर पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की गई। भीड़ ने अल्पसंख्यकों के घरों पर भी हमला किया, तोड़फोड़ की और लूटपाट की। सदर, मुंशीगंज में अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला किया गया, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई।

चांदपुर के फरीदगंज उपजिला में हरिपद दास के घर पर हमला किया गया, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई। नारायणगंज के अराईहाजर में राम डॉक्टर के घर पर हमला करने और तोड़फोड़ करने की कोशिश की गई।

नेत्रकोना में रामकृष्ण मिशन और सदर में इस्कॉन मंदिर पर हमला हुआ। इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने अल्पसंख्यकों के घरों पर भी हमला किया, तोड़फोड़ की और लूटपाट की। चांदपुर के फरीदगंज उपजिला में हरिपद दास के घर पर हमला किया गया, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई।

हिन्दुओं पर हमले के वीडियो भी वायरल

इस लिस्ट के अलावा सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई हैं। इनमें बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों पर सरकार के खिलाफ हिंसा की आड़ में हमले किए गए हैं। ऑपइंडिया सभी वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका।
एक्स हैंडल राजू दास (RajuDas777) ने ऐसे कई वीडियो पोस्ट किए हैं। एक वीडियो में बांग्लादेश के बोगरा जिले के गबताली उपजिला में बामुनिया पालपारा हिंदुओं के घरों पर भीड़ को हमला करते देखा गया।
एक अन्य पोस्ट में राजू दास ने बांग्लादेश के पिरोजपुर जिले के मथबरिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में संकट में फंसी एक हिंदू लड़की का वीडियो शेयर किया। वीडियो में लड़की बांग्ला भाषा में मदद की गुहार लगाती दिख रही है।
एक और वीडियो में, चटगाँव के नवग्रह बाड़ी स्थित शनि मंदिर को दंगाइयों ने जला दिया।
इस्कॉन इंडिया के प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंद दास ने एक पोस्ट में कहा, “मुझे मिली जानकारी के अनुसार, मेहरपुर (खुलना डिवीजन) में हमारे एक इस्कॉन केंद्र को भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी की मूर्तियों के साथ जला दिया गया। केंद्र में रहने वाले 3 भक्त किसी तरह भागने में सफल रहे और बच गए।”
विसेग्राद 24 द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में, इस्लामी कट्टरपंथियों को हिंदुओं के घरों को घेरते और अंदर मौजूद लोगों को धमकाते हुए देखा गया।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, देश के भीतर 27 जगहों पर हिंदू समुदाय के घर हमले की चपेट में आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लालमोनीहाट सदर उपजिला के तेलीपारा गांव और थाना रोड में प्रदीप चंद्र रॉय और मुहिन रॉय के घर में गोदाम और आबादियां की गईं। कालीगंज उपजिला, चंद्रपुर गांव में चार हिंदू परिवारों के घरों पर हमला किया गया।
हाथीबंधा उपजिला के पुरबो सरदुबी गांव में 12 हिंदू घरों को जला दिया गया, जबकि बांधवगढ़ के सदर उपजिला में कई हिंदू घरों को जला दिया गया। दिनाजपुर में दस हिंदू घरों पर हमला और रेल बाजार में एक मंदिर पर हमला किया गया। खानसामा उपजिला में तीन हिंदू घरों पर हुआ हमला।
खुलना में, ओइक्या काउंसिल के नेताओं और अन्य लोगों के घरों में सामान रखा गया। बरिशाल के गौरानादी में भीड़ ने आदिवासी अधिकारी के घर पर हमला कर दिया। इसी समय, बोगुरा, पटुआखली, शेरपुर, नरसिंगडी, किशोरगंज, चटगाँव, जोशोर, सतखिरा, हबीगंज और नरैल में भी ऐसी ही घटनाएँ सामने आई हैं।

बांग्लादेश : पत्रकार-नेताओं की हत्या, मंदिर पर हमले… हिंदू बने आसान शिकार: शेख हसीना को छोड़ना पड़ा देश


बांग्लादेश में अराजक माहौल पैदा होने के बाद वहाँ की प्रधानमंत्री शेख हसीना को मुल्क छोड़ कर भागना पड़ा है। उनका विमान सोमवार (5 अगस्त, 2024) की शाम को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। बता दें कि यहाँ भारतीय वायुसेना का बेस है। बता दें कि AJAX1431 कॉल साइन वाला C-130 एयरक्राफ्ट जैसे ही भारतीय सीमा की तरफ बढ़ा था, भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ इसे ट्रैक कर रही थीं। विमान पटना के ऊपर से होकर उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ।

शेख हसीना के मुल्क छोड़ने के कुछ ही देर बाद वहाँ के सेनाध्यक्ष वकार-उज-जमान ने घोषणा की कि विपक्षी दलों के साथ सलाह-मशविरा कर नई अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका के धानमंडी स्थित ‘सुधा सदन’ को आग के हवाले कर दिया है। उससे पहले यहाँ लूटपाट मचाई गई। प्रदर्शनकारियों ने PM आवास ‘गण भवन’ में घुस कर भी लूटपाट की और के सामान तहस-नहस कर दिए।

ढाका स्थित शाहजमाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। वहीं इसी प्रदर्शन की आड़ में बांग्लादेश में हिन्दुओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। हरधन रॉय नामक हिन्दू पार्षद को रंगपुर में मार डाले जाने की खबर है। साथ ही ISKCON के मंदिरों में भी तोड़फोड़ मचाई गई है। काली मंदिरों में घुस कर भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। बांग्लादेश में पहले से ही हिन्दू डरे हुए हैं। 2021 के दशहरा के दौरान ईशनिंदा का झूठा आरोप लगा कर कई पूजा पंडालों और मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया था।

हिन्दू पत्रकार की भी हत्या हुई है। रायगंज प्रेस क्लब को घेर कर प्रदर्शनकारियों ने पत्रकार प्रदीप कुमार भौमिक को मार डाला। इन सबके बीच भारत सरकार से भी हस्तक्षेप की माँग की जा रही है। हिन्दू संगठनों का कहना है कि मोदी सरकार को बांग्लादेश की नई व्यवस्था और फ़ौज के समक्ष ये स्पष्ट कर देना चाहिए कि वहाँ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। भारत में कई वामपंथी इस अराजकता को ‘युवा शक्ति व लोकतंत्र की जीत’ बता कर इसका महिमामंडन कर रहे हैं। जबकि मुल्क के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति ही तोड़ डाली गई है।

राहुल गाँधी द्वारा हिंदुओं को ‘हिंसक’ बताने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कांग्रेसियों ने की ‘हिंसा’: पथराव-तेजाब की बोतलों से किया हमला

                                                 भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडो और पत्थरों से हमला हुआ
लोकसभा में हिन्दुओं को हिंसक कहने वाले बयान के विरोध पर अहमदाबाद कांग्रेस दफ्तर से भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्थर बरसाए गए। कांग्रेस दफ्तर से लगातार बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ। इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हो गए। हमला करने वाली भीड़ में कांग्रेस MLA शैलेश परमार और पार्षद शहजाद पठान भी शामिल थे। इस मामले में FIR दर्ज करवाई गई है और घायलों का इलाज चल रहा है।

यह वाकया मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को हुआ। राहुल गाँधी के लोकसभा में हिन्दुओं को हिंसक कहने के बाद बजरंग दल और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद कांग्रेस  दफ्तर पर विरोध करने का ऐलान किया था। यह सभी कार्यकर्ता जब प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस  दफ्तर के पास पहुँचे तो उन पर हमला चालू हो गया।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुआ हमला: भाजपा नेता

भाजपा नेता विनय देसाई ने ऑपइंडिया को इस हमले के विषय में बताया, “राहुल गांधी के हिंदू विरोधी बयान के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने कुछ दूरी पर सिर्फ बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। जब हमारे कार्यकर्ता खड़े थे तभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं और उनके द्वारा बुलाए गए गुंडों ने पत्थरों, काँच की बोतलों, लाठियों और धारदार हथियारों से हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।”
उन्होंने बताया, “वह सब भीड़ में आए और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में हमारे कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। घायलों में 5 लोगों को ज्यादा चोटें आईं हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हमने शैलेशभाई परमार, शहजाद पठान और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।”
अहमदाबाद शहर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस संबंध में बताया, “भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राहुल गाँधी के हिंदू विरोधी बयान के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए कांग्रेस कार्यालय गए थे। वे केवल हाथ में तख्तियाँ लेकर गए थे। लेकिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर पत्थर, शराब की बोतलें और तेजाब की बोतलें फेंकी गईं। इस हमले में हमारे 5 कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए एसवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

हमलावर भीड़ में शामिल थे कांग्रेस MLA शैलेश परमार

इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं की ओर दौड़ रहे हैं। इस वीडियो में कुछ कार्यकर्ता पथराव भी करते नजर आ रहे हैं। इस पूरे वीडियो में सबसे खास बात ये है कि इस भीड़ के साथ कांग्रेस विधायक भी मार्च कर रहे हैं। उनके आसपास के लोग विरोधी पक्ष पर हमला कर रहे हैं। वीडियो में शैलेश परमार जोर-जोर से कुछ कहते नजर आ रहे हैं।
यह भी सामने आया है कि इस पूरी घटना में अहमदाबाद पुलिस के जवान और होम गार्ड के जवान भी घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पथराव की घटना में अहमदाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी और एक होम गार्ड जवान समेत कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

सनातन के संयम की अग्नि परीक्षा कब तक? राम मंदिर से सुलग रहे मुस्लिम बाबा बागेश्वर के दरबार से पहले हिंसा पर उतरे, ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए किया हमला: नेपाल में कर्फ्यू, भारत में अलर्ट

      बागेश्वर सरकार के कार्यक्रम से पहले नेपाल में मुस्लिमों का उपद्रव (फोटो साभार: FB/Namaste Bhaktapur)
नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद सीमा से सटे भारतीय इलाकों में अलर्ट है। सुनसरी के रामनगर भुटाहा में कर्फ्यू लगाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम का प्रचार कर रहे हिंदू संगठन के सदस्यों पर हमले के बाद माहौल बिगड़ा है। इसके बाद जीवन मेहता नाम के एक हिंदू युवक की बुरी तरह पिटाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही कट्टरपंथी भड़के हुए थे। अभी तक इस मामले में मुस्लिम समुदाय के दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है।

अब चर्चा है कि आखिर मुस्लिम कट्टरपंथी और इनके समर्थक नेता/पार्टियां सनातन के संयम की कब तक अग्नि परीक्षा लेते रहेंगे? आखिर कब तक जेहादी सनातन/हिन्दू पर जानलेवा हमले करते रहेंगे? क्या जेहादी और इनको समर्थन दे रहे नेता और पार्टियां सनातन के संयम की ज्वालामुखी के फटने का इंतज़ार कर रहे हैं? इन लोगों को इतना भी ज्ञान नहीं कि सनातन/हिन्दू भ्रमित करने वाले सेकुलरिज्म को कुचलने की ओर अग्रसर है। अब और अधिक सनातन/हिन्दू इस भ्रमित जाल में नहीं फंसने को तैयार। भारत का वास्तविक इतिहास बड़ी तेजी खुलना शुरू हो चुका है। सेकुलरिज्म को अपनाने से पहले इसका अर्थ इन छद्दम सेक्युलरिस्ट्स को समझना होगा। दंगों में हमेशा बेगुनाह मरता रहा है, किसी जेहादी और इनको समर्थन देने वाले नेता/पार्टियों के घर के पक्षी तक को कुछ नहीं होता। कर्फ्यू में परेशान जनमानस होता है, उसकी चिंता करो। 

आजकल चुनावी दौर चल रहा है, हर नेता/पार्टी आपसे वोट मांगने आने पर उनसे प्रश्न करिए कि जिस तरह जाति के आधार पर हिन्दुओं को विभाजित किया जाता रहा है, अगर 'माँ का दूध पीया है तो इसी तरह दूसरे धर्मों पर बोलकर दिखाओ' तुरंत साम्प्रदायिक तत्व कहकर धमकाने का प्रयास किया जाएगा। हिन्दू फिर एक ही मंदिर में जाता है, अंतिम संस्कार भी एक ही शमशान घाट पर होता है, लेकिन अन्य मजहबों में नहीं। मस्जिदें, चर्च और कब्रस्तान अलग है। क्या इसी का नाम सेकुलरिज्म है? 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बागेश्वर सरकार का कार्यक्रम 17 अप्रैल को सुनसरी के चतरा में होना है। इस कार्य्रकम का प्रचार कर रहे विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, जिसके बाद हालत तनावपूर्ण हो गए। नेपाली प्रशासन ने पीस कमेटी की मीटिंग बुलाई थी, लेकिन उसमें मुस्लिम समुदाय के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया। नेपाल में तनाव को देखते भारत की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

इस विवाद की शुरुआत 4 अप्रैल 2024 (गुरुवार) को हुई। जीवन मेहता नाम का युवक हरिनगर इलाके के रामनगर के एक स्कूल से अपनी बहन को घर ले जाने के लिए बाइक से गया था। यहाँ पर लगभग 150-200 की तादाद में मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। इन सभी ने जीवन मेहता को बेरहमी से मारा। जान बचाने के लिए जीवन मेहता स्कूल में घुस गया, लेकिन भीड़ ने वहाँ भी उसे नहीं छोड़ा। हमलावरों में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग शामिल थे।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि भीड़ ने जीवन मेहता को स्कूल से निकाल कर रामनगर भुटहा बाजार में दौड़ा-दौड़ा कर मारा। आरोप है कि इस दौरान पुलिस-प्रशासन सब कुछ देखते हुए भी मूकदर्शक बना रहा। बताया जा रहा है कि भीड़ ने जीवन मेहता को पुलिस से छीनने का भी प्रयास किया। उसे अस्पताल ले जाने के दौरान भी रास्ते में रुकावट डाली गई। जीवन मेहता को सुनसरी जिले के सरकारी अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती करवाया गया। मारने वाली भीड़ का नेतृत्व फय्याज अंसारी कर रहा था।

फय्याज अंसारी के अब्बा गफ्फार हरिनगर गाँवपालिका का अध्यक्ष है। हरिनगर गाँवपालिका भारत से सटा हुआ मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। इस घटना के विरोध में अगले दिन शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) को हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर के हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। हमलावरों की तादाद 500 के आसपास थी। हिंसक भीड़ ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रही थी। दोनों पक्षों की भिड़ंत में दर्जनों लोग घायल हो गए।

हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस फायरिंग में 2 हिन्दू युवकों को गोली लग गई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल दोनों की हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है। हिंसक भीड़ ने ब्रह्मदेव मेहता नाम के एक नेपाली पत्रकार पर भी हमला किया। उन्हें पत्थरों और लाठियों से पीटा गया। ब्रह्मदेव का कैमरा छीन कर मोबाइल को तोड़ दिया गया। पत्रकार पर हमले का मास्टरमाइंड सज्जाद को बताया जा रहा है। सज्जाद अंसारी गाँवपालिका अध्यक्ष गफ्फार का दायाँ हाथ बताया जाता है।

इस हिंसा के बाद सुनसरी जिले के हिन्दू समुदाय एकजुट हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित करने का काम कर रही है। हिंसा को काबू करते हुए 17 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि कुछ स्थानीय मुस्लिम पत्रकार अपने ही समुदाय को प्रताड़ित बताने का प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।पीड़ित के तौर पर हिन्दुओं के बजाय मुस्लिमों को बता रहे हैं। इन पत्रकारों में ताबिल अंसारी, नसीम, अजमल नेपाली और मोहसीम अंसारी के नाम प्रमुख बताए गए। इन सभी पर हिन्दुओं के ही खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप है।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि मामले की शुरुआत अयोध्या में राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के समय से हुई थी। तब हरिनगर के ही गौतमपुर इलाके में वार्ड नंबर 3 में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हिन्दू युवकों द्वारा लगाए गए भगवा ध्वज को नोंच कर फेंक दिया था। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा कर मामले को दबा दिया था। इस घटना के विरोध में जीवन मेहता ने एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में जीवन मेहता ने भगवा झंडा के अपमान पर मुस्लिमों की आलोचना की थी। इसके बाद से ही वे मुस्लिमों के निशाने पर थे।


पश्चिम बंगाल : ममता राज या गुंडाराज! कानून-व्यवस्था की हालत हुई बद से बदतर, अब ED टीम पर हमला

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। राज्य में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के गुंडों का आतंक है। टीएमसी के गुंडे खुलेआम लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अब ताजा मामले में 5 जनवरी 2023 को उत्तर 24 परगना जिला के संदेशकली गांव में प्रवर्तन निदेशालय (ED) टीम पर हमला किया गया। ईडी की टीम राशन घोटाले में बोनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या और टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर छापेमारी के लिए पहुंची थी। शाहजहां शेख के घर ईडी टीम के पहुंचते ही उनके समर्थक वहां जमा हो गए। सैकड़ों की भीड़ ने ईडी टीम पर हमला कर दिया और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस हमले में दो अधिकारी घायल भी हुए हैं। शेख शाहजहां उत्तर 24 परगना जिला परिषद के मत्स्य एवं पशु संसाधन अधिकारी होने के साथ-साथ संदेशखाली 1 के ब्लॉक अध्यक्ष भी हैं। पश्चिम बंगाल बीजेपी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ईडी टीम पर हमले की निंदा करते हुए राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह हमला दिखाता है कि रोहिंग्या राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ क्या कर रहे हैं।

 टीएमसी विधायक ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर किया हमला

ममता बनर्जी सरकार में टीएमसी विधायकों और उसके गुंडों का आतंक है। टीएमसी के गुंडे खुलेआम लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 05 अगस्त, 2022 को टीएमसी के चुंचुड़ा के विधायक असित मजूमदार ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। उन्होंने बीजेपी का प्रचार कर रहे कार्यकर्ताओं को खुद लाठी लेकर दौड़ाया और उनपर लाठियों से प्रहार किया। एक विधायक होकर असित मजूमदार खुलेआम गुंडागर्दी करते रहे, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था।
विधानसभा में जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, बीजेपी विधायकों पर हमला
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तानाशाही बढ़ती ही जा रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था का हाल यह है कि आम लोगों की बात तो छोड़िए चुनाव से चुनकर आए प्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। बीरभूम में दस लोग जिंदा जला दिए गए। बीरभूम नरसंहार के मामले को 28 मार्च, 2022 को जब बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में उठाने की कोशिश की तो उनके साथ हाथापाई की गई और कपड़े तक फाड़ दिए गए। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने स्पीकर से पूछा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम नरसंहार को लेकर सरकारी मदद की घोषणा विधानसभा से बाहर क्यों कर रही हैं? जबकि नियम यह है कि सत्र जारी रहने पर सरकारी फैसलों की जानकारी पहले सदन को देनी होती है। इसके साथ ही बीजेपी विधायक बीरभूम नरसंहार को लेकर परिचर्चा और ममता बनर्जी से बयान की मांग कर रहे थे। इस पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के विधायकों ने विरोध करते हुए बीजेपी विधायकों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।  
टीएमसी के गुंडों ने 10 लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला
21 मार्च, 2022 को बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में 10 लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला गया। बारशल ग्राम पंचायत के उप-प्रधान और टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या के बाद टीएमसी के समर्थकों की हिंसक भीड़ ने 10 से 12 घरों में आग लगा कर बाहर से ताला लगा दिया, जिससे लोग जिंदा जलकर मर गए। टीएमसी के गुंडे इतने जालिम हो गए हैं कि उन्होंने जलते हुए लोगों को बचाने की कोशिश को भी नाकाम कर दिया। फायर ब्रिगेड के एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि उन्होंने कम से कम 10 घरों को आग से बर्बाद पाया। उन्होंने कहा, ‘हमें कुछ स्थानीय लोगों ने आग बुझाने से भी रोका। अब तक हमें एक घर से 7 शव मिल चुके हैं। वह इतनी बुरी तरह से जले हैं कि यह भी नहीं पहचान हो पाई कि मरने वाले पुरुष थे, महिला थे या फिर नाबालिग हैं।’

निकाय चुनाव में टीएमसी के गुंडों द्वारा हिंसा व धांधली

पूरे देश के लोगों ने फरवरी 2022 में पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की गु़ंडागर्दी व आतंक को देखा। निकाय चुनावों में हिंसा और बूथ लूट को कवर करने के दौरान विभिन्न मीडिया हाउस के कम से कम नौ पत्रकारों को पीटा गया। कोन्नगर के वार्ड 10 के बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा भट्टाचार्य पर हमला किया गया। बीजेपी का आरोप है कि उम्मीदवार को सड़क पर पीटा गया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
जाधवपुर में 40 से अधिक घर जला दिए गए
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जिस तरह आगजनी, पत्थरबाजी, बलात्कार और हत्या की घटनाएं हुई, उनकी हकीकत जानकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जाधवपुर में 40 से अधिक बीजेपी कार्यकर्ताओं और दलितों के घर जला दिए गए। जब कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)’ द्वारा गठित एक टीम इन घटनाओं की जांच करने गई तो इस टीम को भी नहीं बख्शा गया। टीएमसी के गुंडों ने जांच टीम को चारों तरफ से घेर लिया, धमकाया और पत्थरबाजी का भी प्रयास किया। यहां तक कि सीआईएसएफ के जवानों पर भी हमला किया।
जून 2021 में बेखौफ टीएमसी के गुंडों ने पूर्वी मिदनापुर के पताशपुर में बीजेपी महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रेखा मैती पर निर्मम तरीके से हमला किया था। मैती गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीजेपी कार्यकर्ता देवदत्त माजी ने रेखा मैती की हमले के बाद की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “ईस्ट मिदनापुर के पताशपुर में ये रेखा मैती हैं। टीएमसी की हिंसा की पीड़िता। 2018 से इन्हें नरक भोगना पड़ रहा है। उस समय ये 6 माह गर्भवती थीं, तब इन्हें इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि इनका मिसकैरिज हो गया था। अब ये और इनका परिवार फिर से बीजेपी का साथ देने का खामियाजा भुगत रहा है। मैं इनके परिवार की मदद करने की कोशिश में लगा हूं।”       अवलोकन करें:-