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नूपुर शर्मा का डीपी लगाने पर डरे हुए मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथियों ने युवक पर किया तलवार से हमला, चेहरे पर थूका


कुछ भी कहो नूपुर विवाद ने यूट्यूब पर एक्स मुसलमानों द्वारा कुरान, हदीस और पैगम्बर की जीवनी को जगजाहिर कर दिया है, और इसके जिम्मेदार कोई और नहीं मुस्लिम कट्टरवाद है जो नूपुर विवाद को जिन्दा रख रहा है। वैसे NewsNation चैनल ने भी "इस्लाम क्या कहता है" शो शुरू किया हुआ है। CAA विरोध से लेकर आज नूपुर विवाद तक टीवी पर होती चर्चाओं में आने वाले मुस्लिम कट्टरपंथी कहते हैं कि 'मुसलमान डरा हुआ है', उनके इस बात का समर्थन करने वाले जवाब दें, 'यदि डरा हुआ मुस्लिम समाज कत्लेआम कर सकता है, अगर यह डरा हुआ नहीं होता, तब तो पता नहीं ये मुग़ल युग की याद ताज़ा करवा देते।' अब कहाँ है #mob lynching, #intolerance, #award vapsi, #not in my name, धर्म-निरपेक्ष की बात करने वाला  और 
गंगा-जमुनी तहजीब का ढोंगी नारा लगाने वाला गैंग? मुस्लिम विद्वान डॉ रिज़वान अहमद अपने #Face To Face शो में ठीक कहते हैं कि "जिस दिन 50% हिन्दू जाग गया, तुम्हारा क्या हाल होगा?" फिर कोई किसी कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर या नितेश राणा को दोष न दे।     

हम सभी अपने मोबाइल से सोशल मीडिया पर अपने अपने विचार शेयर करते हैं लेकिन यह विचारों की अभिव्यक्ति अब लोगों के लिए घाटक होते जा रही हैं। पिछलें कुछ दिनों में हिंसा करने वाले उपद्रवी इस कदर बेखौफ हो गये हैं कि धर्म के नाम पर खून बहाने की सनक में लोगों की हत्या करने पर अमादा हो गये हैं। कुछ ही समय पहले मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उदयपुर में दर्जी की नुपुर शर्मा का समर्थन करने पर बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने बड़ी ही शान से सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी शेयर करते हिंदू समुदाय के लोगों का डराया था। उसके बाद भी कई घटनाएं सामने आयी जिसमें हिंदू समुदाय के लोगों की केवल इस लिए हत्या की गयी क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा का समर्थन किया था। अब एक नया मामला भी सामने आया हैं। जहां एक बार फिर नुपुर शर्मा के समर्थन में स्टेटस लगाने पर युवक पर धारदार हिथयार से मुस्लिम समुदाय के कुछ कट्टरपंथी लोगों ने हमला कर दिया। 

अहमदनगर जिला मुख्यालय से 222 किलोमीटर दूर कर्जत शहर के अक्काबाई चौक पर एक मेडिकल दुकान के सामने बृहस्पतिवार शाम को मुस्लिम समुदाय के कम से कम 14 लोगों ने तलवार, दरांती, लाठी और हॉकी स्टिक से पवार पर हमला किया। अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब मामले में शिकायतकर्ता पवार और अमित माने अपने दोपहिया वाहन पर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और मेडिकल दुकान के पास एक मित्रकी प्रतीक्षा कर रहे थे। उसी समय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दोपहिया वाहनों से उनके पास पहुंचे। प्राथमिकी के अनुसार, वे तलवार, दरांती और हॉकी स्टिक लिए हुए थे। माने ने शुक्रवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में कहा कि उनमें से एक ने पवार पर चिल्लाते हुए कहा कि उसने नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था और कन्हैया लाल के बाद इंस्टाग्राम पर स्टेटस भी डाला था और फिर उन लोगों ने हमला कर दिया।

नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण महाराष्ट्र में एक युवक पर जानलेवा हमले की खबर सामने आई है। पीड़ित युवक का नाम प्रतीक पवार उर्फ सनी है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ मुस्लिम युवकों ने प्रतीक को घेरकर उस पर जानलेवा हमला किया। उसके चेहरे पर थूका। हमलावर उसे मरा समझ छोड़कर चले गए। फिलहाल प्रतीक का इलाज चल रहा है।

घटना 4 अगस्त 2022 की है। महाराष्ट्र के अहमदनगर के कर्जत में इस घटना को अंजाम दिया गया। यह मामला तब सामने आया, जब 6 अगस्त 2008 को महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक नीतेश राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हमले के बारे में बताया। राणे के अनुसार प्रतीक को 35 टाँके लगे हैं और जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि नूपुर शर्मा का डीपी लगाने के कारण प्रतीक पर हमला हुआ।

मामले में 14 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा का सदस्य होना), दंगा, 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 504 (शांति भड़काने के इरादे से किया गया कृत्य) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई एवं चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटना की निंदा करते हुए, भाजपा विधायक नितेश राणे ने कहा कि पवार को मुस्लिम समुदाय के 10 से 15 लोगों ने घेर लिया और उनसे सवाल किया कि वह नुपुर शर्मा की तस्वीर को अपने डीपी के रूप में क्यों रख रहे हैं और दूसरों को ऐसा करने के लिए कह रहे हैं। नितेश ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं चेतावनी देना चाहता हूं कि यदि हिंदुओं को इस तरह से निशाना बनाया जाता है, तो हमारे हाथ बंधे नहीं हैं।

जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती हम चुप नहीं बैठेंगे। उनमें से कुछ अभी भी फरार हैं।’’ नितेश ने कहा, ‘‘उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मामले की निगरानी कर रहे हैं। महा विकास आघाड़ी (एमवीए) और नवाब मलिक अब सत्ता में नहीं हैं। हिंदुओं पर हमला करने वालों को वैसा जवाब दिया जाएगा। हम भीम राव आंबेडकर के संविधान का पालन करते हैं। इस देश में कोई शरिया कानून नहीं है।

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार 23 साल के प्रतीक और उनके दोस्त अमित माने 4 अगस्त को कर्जत जा रहे थे। अक्कबाई चौक के नजदीक वे अपने दोस्तों का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार, काले रंग की बुलेट, लाल रंग की पल्सर और एक सफेद रंग की स्कूटी पर सवार होकर 12 से 14 मुस्लिम युवक वहाँ आ गए। इन युवकों ने उन्हें घेर लिया। माने के अनुसार, “मुस्लिम युवकों ने प्रतीक पवार से कहा- तुम्हें हिंदुत्व का बड़ा कीड़ा है। तुम लगातार नूपुर शर्मा और कन्हैयालाल के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट और स्टेटस लगा रहे हो। इसके कारण कई और लोग इनका समर्थन करने लगे हैं। तेरा भी उमेश कोल्हे करना पड़ेगा।”

नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण उमेश कोल्हे की महाराष्ट्र के अमरावती में ही 21 जून 2022 को हत्या कर दी गई थी। यह मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों से दूर रहा। लेकिन जब उदयपुर में 28 जून 2022 को कन्हैयालाल का मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने गला काट दिया उसके बाद इस मामले की भी परतें खुलने लगी।

काफिर को जिंदा नहीं छोड़ना है

एबीपी की रिपोर्ट बताती है कि प्रतीक प्रवार पर हमले को लेकर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि तीखी बहस के बाद शाहरुख खान पठान ने प्रतीक पर जानलेवा हमला किया। प्रतीक ने बचाव की कोशिश की तो तलवार उसके हाथ पर लग गई। इसके बाद पीछे से निहाल खान पठान और सोहेल खान पठान ने प्रतीक के सिर पर वार किया। इससे वह नीचे गिर गया और उसके सिर से खून बहने लगा। इस हालत में भी वे प्रतीक पर तब तक हमला करते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। इस दौरान हमलावर कह रहे थे कि इस काफिर को जिंदा नहीं छोड़ना है।
इस मामले में अब तक 4 आरोपितों की गिरफ्तारी की खबर है। विधायक नितेश ने इस घटना को लेकर बताया, “हमलावरों ने प्रतीक से कहा कि तू बहुत हिन्दू-हिन्दू करता रहता है। तू सबको नूपुर की DP रखने के लिए कहता है। हमले के दौरान उसका गला काटने की भी धमकी दी गई।”

‘50% भी हिंदू जग गए तो मुस्लिम इतिहास बन जाएँगे, नमाज की जगह नहीं मिलेगी’: इस्लामिक स्कॉलर डॉ सैयद रिजवान अहमद

इस्लामिक स्कॉलर डॉ रिज़वान अहमद किसी परिचय का मौहताज नहीं। जिन्हे अक्सर टीवी पर चर्चाओं में देखा जाता है। इनके मुंह खोलते ही कट्टरपंथियों की ग्लानि भी सुननी पड़ती है, लेकिन रिज़वान भी कहाँ पीछे रहने वाले, धो डालते हैं कट्टरपंथियों को उन्हीं के अंदाज में। अपने face  to face में नूपुर शर्मा के कथन के अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन में कहते हैं कि "मुसलमानों हमारी किताबों में जो लिखा है, उसे हम घर में अपनी बहु बेटियों के सामने नहीं पढ़ सकते।" दूसरे, अकेले नूपुर का नाम क्यों लेते हो, तस्लीम रहमानी का नाम क्यों नहीं लेते? किसी के आराध्य के लिए अपशब्द बोलोगे तो सामने वाला क्यों चुप रहेगा? फिर नूपुर ने बोलने से पहले रहमानी को सचेत करते कहा था, फिर बोलूं मै...फिर बोलूं..."   

बीते कुछ दिनों में कट्टरपंथी नेताओं ने हिंदू विरोधी बयान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी बीच भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की और हिंदुओं से इस्लाम कबूल करवाने की साजिशों का भी पर्दाफाश हुआ। अब ऐसे ही माहौल सोशल मीडिया पर एक इस्लामिक स्कॉलर डॉ सैयद रिजवान अहमद का पुराना वीडियो वायरल होना शुरू हुआ है।

ये वीडियो कब का है और किस संदर्भ में है, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। लेकिन इस वायरल वीडियो में वह उन कट्टरपंथियों को जवाब देते सुनाई पड़ रहे हैं जो समझते हैं कि मुगलों ने हिंदुओं पर सदियों राज किया है और वो भी अब दोबारा से वैसा दौर ला सकते हैं।

फेस टू फेस नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले डॉ सैयद अहमद इस वीडियो में किसी कट्टरपंथी को जवाब देते सुनाई पड़ते हैं। वह कहते हैं “तुझे अगर 800 साल की हुकूमत याद है और तू उसे फक्र से बोल रहा है तो जिस दिन इस देश के हिंदू को 800 साल के सारे गम, गुस्सा और जुल्म याद आ गए, तो तुझे हिंदुस्तान में छिपने की जगह नहीं मिलेगी और तेरे साथ हम भी पिटेंगे। तू और तेरे बच्चे दौड़ा-दौड़ा कर मारे जाएँगे और तेरे साथ हम भी पिटेंगे। हम भी दौड़ा-दौड़ा कर मारे जाएँगे।”

रिजवान कहते हैं, “शुक्र कर हिंदू को पूरा 800 साल अच्छी तरह से याद नहीं है। पहले तो वो 800 था नहीं। झूठ बोला जाता है। पूरे हिंदुस्तान पर कुल 175 साल मुसलमान ने हुकूमत की है। (वो भी अलग-अलग जगह)। खैर, चलो उसमें नहीं पड़ते। शुक्र कर हिंदू को वो पूरे 800 साल याद नहीं है। वो आज मथुरा काशी की बात कर रहा है। अगर हिंदू को 800 साल याद आ गए तो 30,000 मंदिरों की बात करेगा। मस्जिद नहीं बचेगी नमाज पढ़ने के लिए।”

पुरानी वीडियो की छोटी क्लिप में वह कहते सुनाई पड़ रहे हैं, “800 साल का भूल जा। 2020 में जो तू 800 साल की याद दिला रहा है वो तेरे अंदर का जहर दिखाता है और उस हिंदू को न जगा। अभी मुट्ठी भर जगा है तो ये हाल हो गया। 30-35% मुश्किल से जगा है वो भी संवैधानिक दृष्टि से, लोकतांत्रिक दृष्टि से, कोर्ट की दृष्टि से। कहीं खोपड़ी सनकी हिंदू की और 50 फीसद भी जाग गया, तीसरी आँख खुल गई तो जगह नहीं मिलेगी छिपने की। इतिहास बन जाएगा मुसलमान। समझा।”