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ममता का समर्थन :मोदी सरकार कर रही संस्थाओं का दुरुपयोग : अखिलेश यादव


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। ये बात सिर्फ हम नहीं कह रहे बल्कि सभी राजनीतिक दल कह रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं केंद्र सरकार सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है।
अभी केंद्र सरकार खुद सीबीआई के एक निदेशक से डर गई थी और अब सभी दलों को डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया है तो वह भाजपा है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के राजनीतिक दुरुपयोग से लोकतंत्र व आमजन की आजादी खतरे में है।
इस पाक्षिक को सम्पादित करते
लिखे प्रकाशित स्तम्भ
आज हो रहा सत्यापित 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभाओं के लिए फरवरी 3 को हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति न देने से चर्चा में आईं ममता बनर्जी देर शाम एक पुलिस अधिकारी के आवास पर सीबीआई छापे के विरोध में धरने पर बैठ गईं।
देखिए सीबीआई का दुरूपयोग
किसने किया?
उनके धरने पर बैठते ही अखिलेश ने उनके समर्थन में ट्वीट कर कहा कि भाजपा सरकार की उत्पीड़नकारी नीतियों और सीबीआई के खुले राजनीतिक दुरुपयोग से जिस तरह देश, संविधान और जनता की आजादी खतरे में है, उसके खिलाफ ममता के धरने का हम समर्थन करते हैं। आज देश भर का विपक्ष और जनता अगले चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एकजुट है।
अखिलेश को ममता को समझाना था, कि सीबीआई शारदा घोटाले की जाँच करने आयी थी, आपको बीच में नहीं आना था। क्यों भ्रष्टाचार की जाँच को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है? जो प्रमाणित करता है कि भ्रष्टाचार के रंग सभी रंगे हुए है और इसी कारण भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई को राजनीतिक रूप देकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। इस घोटाले को तो यूपीए ने ही उजागर किया था, और इसे ठंठे बस्ते में डालने के लिए ये सब पिछली सरकार का समर्थन करते रहे। तेजस्वी यादव द्वारा भी ममता के पीछे खड़े होना का भी यही कारण है कि पिताश्री लालू यादव जेल में हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आपको बचाने में लगे हुए हैं। इन घोटालों को उजागर करने वाली कांग्रेस के तो तलवे चाटे जा रहे हैं और उस अधूरे काम को अंजाम देने वाले को बदनाम किया जा रहा है।   
अखिलेश शायद इस बात से अंजान है कि सत्ता में रहते इन्होने और इनके पिताश्री मुलायम सिंह ने किस तरह सत्ता का दुरूपयोग किया था। गुजरात 2002 दंगों पर तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध मुसलमानों में दुष्प्रचार किया गया, और जब दंगों को लेकर मोदी से सीबीआई और अन्य संस्थाएँ घंटों-घंटों पूछताछ करती थी, तब कोई क्यों नहीं बोला? फिर वही अखिलेश हिन्दुओं के विरुद्ध हुए मुज़फ्फरनगर दंगों पर चुप्पी साध जाते हैं। जब मुज़फ्फरनगर दंगों के विकराल रूप लेने पर केंद्र से मांगी फौज की मदद को छापेमारी से क्यों रुकवा था? क्योकि इनके वोटबैंक पर फौज पहाड़ बन घरों और मस्जिदों से भारी मात्रा में असला बरामद कर रही थी। जब उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुज़फ्फरनगर दंगे की फाइल खोलेंगे, तब देखो क्या होता है? 
इतना ही नहीं, 1990 में निहत्ते कारसेवकों पर गोली चलवाने पर भी कार्यवाही शेष है। दूसरे यह कि अखिलेश यादव के राज में हुए घोटालों की भी जाँच बाकी है। यह सब ड्रामा भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि गिरफ्तार होने वाले भ्रष्टाचारियों की आग की लपटों से ये सब अपने आपको बचाने के नौटंकी कर रहे हैं।  


देश आपके ये तौर-तरीके देख रहा है 'हिटलर दीदी', निश्चित ही आप और आपके ठगबंधन के साथियों को जनता पूरी तरह नकार देगी।


एकजुट लोकतंत्र बनाम सरकारी तंत्र
मायावती के विरुद्ध क्यों जाँच करवाई थी, क्या वह भी बदले की भावना से घोटालों की जाँच करवाई थी? और आज उसी मायावती से गठबन्धन कर रहो हो। जनता को कितना पागल बनाओगे?
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--
इस वेबसाइट का परिचय
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गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती को बीजेपी के तत्कालीन विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने बचाया था आर.बी.एल.निगम, वरिष्...
फिर एक बात समझ नहीं आ रही कि सीबीआई ममता के पास थोड़ी ही गयी थी, वह तो शारदा चिटफंड घोटाले में पूछताछ करने कोलकत्ता पुलिस अधिकारी के पास गयी थी, ममता बीच में क्यों कूदी? क्यों एक आपराधिक मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा हैं? जब चुनावों में जनता को भ्रष्टाचार दूर करने का लॉलीपॉप देते हो, फिर किस कारण घोटाले की जाँच में अड़ंगे डाले जा रहे हैं? क्या जनता का पैसा हराम का था? किस कारण से जनता को मुर्ख बना रहे हो? 
जेटली ने तो IBC से मछली फँसानी चाही थी लेकिन फंस गया मगरमछ 


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क्यों परेशान हैं कांग्रेसी? क्यों सत्ता के लिए छटपटाहट है? दरअसल इन बड़े लोगो ने बिज़नस ने नाम पर मनमोहन सिंह से लोन लिए लेकिन बिज़नस में यह पैसा न लगाकर प्रॉपर्टी, दाल, चीनी आदि के स्टॉक में लगा कर आम जनता का पैसा कालाबाजरी से लूटना चाहते थे लेकिन इनको क्या पता था की बीच में मोदी टांग फसा देगा|यह INSOLVENCY और BANKING CODE जो जेटली लेकर आया है वो नोट बंदी और GST से भी बड़ा सुधार लाया है| जेटली ने तो IBC से मछली फँसानी चाही थी लेकिन फंस गया मगरमच्छ| बैंकों के पैसे तो वापिस आ ही रहें हैं साथ जो इन बड़े लोगो की कालाबाजारी की सामर्थ थी वो भी IBC ने ख़तम कर दी| इसलिए पेट्रोल और डीजल को छोड़कर सब चीजों के दाम कम हो रहें है| बैंकों का घोटाला मनमोहन सिंह का सबसे बड़ा घोटाला है और इसमें आम लोगो के पैसे की लूट हुई थी मनमोहन सिंह के द्वारा|
2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से किसी भी Bank का कोई account NPA नही हुआ है ।
मनमोहन सिंह की सरकार में दोनों हाथों से पैसा लुटाया गया। सोनिया गांधी और राहुल बाबा के गुर्गे गरीब जनता का पैसा लूट के खा गए।
अब मोदी सरकार पाई पाई वसूल रही है ।
🎟 भूषण स्टील ने अपना हिस्सा टाटा स्टील को बेच दिया है, देश के कुल NPA का सबसे बड़ा हिस्सा भूषण स्टील के नाम है !
🎟 जिंदल स्टील को अपने रेल व्यापार का 49% हिस्सा बेचना पड़ रहा है, और हां उसने अपने 3500 मेगावाट के पावर प्लांट को भी SALE पर लगा दिया है! 
🎟 एस्सार का भी यही हाल है, जनता के पैसे को अब हर हाल में लौटाना है, इसलिए वो भी अपने स्टील कारोबार का बड़ा हिस्सा बेचने को मजबूर है और अपने तेल व्यापार की 49% हिस्सेदारी भी बेच रहा है !
🎟 GVK के भी बुरे दिन आ गए हैं । बैंकों के पैसे लौटाने के लिए अपने बैंगलोर और बॉम्बे एयरपोर्ट 33% हिस्सेदारी बेच रहा है और सड़क से जुड़ी अपनी पूरी संपत्ति को सेल पर लगा दिया है !
🎟 DLF का तो हाल मत पूछो, दिल्ली का भव्य साकेत मॉल तक बेचने की नौबत आ गई और अपने रेंटल और भूमि संपत्ति में से 40% हिस्सा बेच रहा है !
🎟 GMR ने हाइवे प्रोजेक्ट, साउथ अफ्रीकन कोल माइन, इस्तांबुल एयरपोर्ट और सिंगापुर पावर प्रोजेक्ट का 70% , इंडोनेशिया के 2 कोयला खदानों को सेल पर लगा दिया है !
🎟 JP ग्रुप अल्ट्राटेक, यमुना एक्सप्रेस वे और JSW में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रहा है !
🎟 टाटा भी नहीं बचे, इन्हें UK में कोरस स्टील प्लांट बेचना पड़ रहा है, धमरा पोर्ट को बेच रहा है, दक्षिण अफ्रीका में नियोटिल बेच रहा है, बॉम्बे में जमीन तक बेचनी पड़ रही है !
🎟 Lanco आंध्रा और उडूपी में अपने बिजली उत्पादन यूनिट बेच रहा है !
🎟 अलोक इंडस्ट्रीज के NPA को भी restructure किये जाने की तैयारी चल रही है और शिकंजा कसा जा रहा है !
🎟 Videocon, 6 सर्किल में अपना टेलीकॉम स्पेक्ट्रम बेचने को मजबूर है, मोन्जाबिक में तेल संपत्ति बेच रहा है !
🎟 Renuka शुगर, ब्राजील पावर चीनी और बॉयो फ्यूल के कारोबार को निपटाने में जुटा है !
🎟 Sahara समूह की 86 संपत्तियां बिक रही हैं ! फॉर्मूला वन का 42%, मुंबई में सहारा होटल, लंदन के होटल, न्यूयॉर्क प्लाजा होटल, द ड्रीम न्यूयॉर्क होटल और 4 हवाई जहाज बेच रहा है !
🎟 बेचारे विजय माल्या के तो दुर्दिन ही आ गए हैं | Kingfisher की सारी की सारी सम्पत्ति बिक रही हैं !
🎟 Reliance इंफ्रास्ट्रक्चर के तो हाल मत पूछो, मुंबई में बिजली कंपनी के उत्पादन और वितरण का 49% हिस्सेदारी बेचनी पड़ रही है !
🎟 Birla सीमेंट अपना सीमेंट के व्यापार और सड़क की सारी परियोजनाएं बेच रहा है !
🎟 NDTV को इनकम टैक्स का नोटिस आ रखा है !
🎟 Electrosteel के विरुद्ध भी SBI ने NCLT मूव कर दिया है !
🎟 Geetanjali ग्रुप की संपत्ति को भी ED ने जप्त करना शुरू कर दिया है ! नीरव मोदी और मेहुल चोक्सी की सम्पत्तियाँ जप्त हो रही है
🎟 इन्सॉल्वेंसी और बैंक्रप्सी कोड बिल के चलते, करीब 2100 अन्य कंपनियों ने बैंकों का 83000 करोड़ का कर्ज उतार दिया है। 
कभी आपने कल्पना की थी कि 60 साल बाद देश की नामी कंपनियां अपनी सम्पत्ति बेचकर बैंक का कर्ज वापस कर रही होंगी, हाल ही में ये बात सामने आई है की 9 लाख करोड़ रुपये को NPA में से 4 लाख करोड़ रुपये सेटेलमेंट स्टेज पर वापस आ गए हैं, ED धड़ाधड़ कार्यवाही करते हुए PMLA के अंतर्गत ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहा है, स्पष्ट है कि शिकंजे कसे जा रहे हैं, दर्द स्वाभाविक है, दशकों का कचरा भरा हुआ है स्वच्छता मिशन चालू है।

कोलकाता में निजी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं CBI अधिकारी

CBI vs Mamataकेन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से राज्य के मौजूदा हालात का जायजा लेने को कहा है। अधिकारियों ने फरवरी 4 को उक्त जानकारी दी। गौरलतब है कि शारदा पोंजी घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआई के एक दल को दरवाजे पर ही रोकने और उसे हिरासत में लेने के बाद से राज्य में गंभीर स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मामले को लेकर फरवरी 3 की रात से धरने पर बैठी हुई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आधिकारिक और आवासीय परिसर में केंद्रीय बलों को तैनात करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्रालय स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।’ अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय को फरवरी 3 की शाम जानकारी मिली थी कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत शारदा घोटाले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी कोलकाता में निजी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं।’
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--

उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह ने राज्यपाल को सीबीआई अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने, धमकाने और उनकी कार्रवाई को बाधित किए जाने की दुर्भाग्यपूर्ण और अभूतपूर्व स्थिति से जुड़े तथ्यों से अवगत होने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार त्रिपाठी ने राजनाथ सिंह से कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया है और स्थिति से निपटने के लिए उन्हें तत्काल कदम उठाने का निर्देश भी दिया है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई संयुक्त निदेशक के आवास को कोलकाता पुलिस द्वारा घेरे जाने की भी खबरें हैं।

ममता-मोदी की लड़ाई के पीछे 20,000 करोड़ का घोटाला : किसने किया था 20,000 करोड़ का गबन?

Saradha scam PM modi vs mamta banerjee
शारदा चिटफंड घोटाले पर केन्द्र की मोदी और पश्चिम बंगाल की ममता सरकार आमने-सामने आ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच कर रही सीबीआई की टीम रविवार शाम कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आधिकारिक निवास पर तलाश व पूछताछ के लिए पहुंचने के बाद मामला नाटकीय ढ़ंग से गरमा गया। सीबीआई टीम को डिटेन कर थाने ले जाया गया। बाद में कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के कोलकाता स्थित दोनों दफ्तरों को घेर लिया। ममता सीबीआई के जरिए केंद्र पर तानाशाही का आरोप लगा रही हैं वहीं केंद्र घोटाले के पीछे सत्‍तारूढ़ टीएमसी को मुख्‍य आरोपी मान रही है। ये पूरा मामला रोज वैली और सारदा चिटफंट घोटाले का है। आइए जानते हैं पूरा मामला :
Saradha scam

करीब 20 हजार करोड़ के हैं दोनों घोटाले


इस विवाद की पृष्‍ठभूमि में दो बड़े घोटाले हैं। पहला है सारदा स्कैम जिसमें करीब 2500 करोड़ रुपए के हेरफेर का आरोप है। वहीं, दूसरा घोटाला रोज वैली स्कैम का है। इसमें करीब 17,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के गबन का आरोप है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ही मामलों में आरोपियों के कथित तौर पर सत्ताधारी टीएमसी से लिंक पाए गए हैं। इन दोनों ही चिटफंड घोटालों की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में बीती 11 जनवरी को सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

कैसे हुआ घोटाला 

बताया जाता है कि इन चिटफंड कंपनियों ने निवेशकों को आकर्षक ब्याज का लालच दिया। मैच्योरिटी के बाद जब जमाकर्ता अपना रिटर्न लेने पहुंचे तो कंपनियों ने पैसे देने से मना कर दिया। आखिरकार इन कंपनियों ने अपनी दुकानों और दफ्तरों को बंद कर दिया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में इन मामलों को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया था। 

जानिए शारदा चिटफंड और रोज वैली घोटाले के बारें में…

शारदा चिटफंड घोटाला पश्चिम बंगाल का एक बड़ा आर्थिक घोटाला है। इसमें कई बड़े नेताओं के नाम जुड़े हैं। साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिए थे कि इस मामले की जांच करे। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम पुलिस जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था।

रोज वैली घोटाला 

शारदा चिटफंड की तरह ही रोज वैली घोटाले पर भी काफी वक्त से हड़कंप मचा हुआ है। इसमें कई बड़े नेताओं का नाम भी शामिल होने की बात सामने आ चुकी है। दरअसल, रोज वैली चिटफंड घोटाले में रोज वैली ग्रुप ने लोगों 2 अलग-अलग स्कीम का लालच दिया और करीब 1 लाख निवेशकों को करोड़ों का चूना लगा दिया था। इसमें आशीर्वाद और होलिडे मेंबरशिप स्कीम के नाम पर ग्रुप ने लोगों को ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया। ग्रुप एमडी शिवमय दत्ता इस घोटाले के मास्टरमाइंड बताए जाते हैं। जिसके बाद लोगों ने भी इनकी बातों में आकर इसमें निवेश कर दिया। 
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--

तीन स्‍कीमों में उलझे निवेशक

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सारदा ग्रुप की चार कंपनियों का इस्तेमाल तीन स्कीमों के जरिए पैसा इधर-उधर करने में किया गया। ये तीन स्कीम थीं- फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट। इन स्कीम के जरिए भोले भाले जमाकर्ताओं को लुभाने की कोशिश हुई और उनसे वादा किया गया कि बदले में जो इनसेंटिव मिलेगा वो प्रॉपर्टी या फॉरेन टूर के रूप में होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 2008 से 2012 की ग्रुप की समरी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ग्रुप की चार कंपनियों ने अपनी पॉलिसियां जारी करके 2459 करोड़ रुपये को ठिकाने लगा