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दिल्ली चुनाव : क्या कबाड़ी देगा महिलाओं को 2100 रूपए? महिलाओं को दिए जाने वाले 2100 रूपए के भरे हुए फॉर्म केजरीवाल ने कबाड़ी को क्यों बेचे? केजरीवाल के हाथों बिका मीडिया खामोश क्यों? आखिर मीडिया इतना क्यों नीचे क्यों गिर गया?

                    महिला सम्मान योजना के फॉर्म कबाड़ी के यहाँ मिले (फोटो साभार: X/AAP/BJP4Delhi)
अरविन्द केजरीवाल कितना बड़ा नटवर लाल है जिसे दिल्ली की लालची जनता नहीं पहचान पा रही। किस तरह फ्री की रेवड़ियों के मकड़जाल में फंसकर सत्ता हथाई जा रही है। जनता को केजरीवाल पार्टी से पूछना चाहिए कि दिल्ली का कुल बजट कितना है? क्या दिल्ली सरकार में 2100 रूपए देने के लिए किस मद से निकालेगी? खैर, दिल्ली चुनाव जीतने के लिए महिला सम्मान योजना के तहत भरवाए फॉर्म जब कबाड़ी को बेच दिए हर महीने 2100 रूपए क्या कबाड़ी देगा?     

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया था कि वो सरकार बनते ही महिलाओं को ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ के तहत 2100 रूपए हर महीने देगी, लेकिन आम आदमी पार्टी की ओर से भरवाए गए फॉर्म कबाड़ी के यहाँ मिले हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि AAP ने अपनी ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं से भरवाए गए फॉर्म कचरे में फेंक दिए।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने शनिवार (25 जनवरी 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि लगभग 30,000 भरे हुए फॉर्म तिमारपुर इलाके के कबाड़ियों के पास से मिले हैं। इन फॉर्म्स में महिलाओं की आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी शामिल है। सचदेव के अनुसार, इन फॉर्म्स को तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार सूर्य प्रकाश खत्री को एक कबाड़ी ने सौंपा। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे फॉर्म्स बड़ी संख्या में मिल सकते हैं।

सचदेव ने कहा, “दिल्ली महिला सम्मान योजना के तहत फॉर्म भरने वाली महिलाओं की निजी जानकारियाँ खतरे में है। यह जानकारी बैंक धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो सकती है। यह न सिर्फ गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि महिलाओं के साथ धोखा भी है।”

भाजपा ने आरोप लगाया कि AAP ने जनता को झूठे वादों के जरिए भ्रमित किया और महिलाओं की संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने में फेल रही। सचदेव ने कहा कि जो फॉर्म प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए, वे असली थे और उनमें महिलाओं के पासपोर्ट साइज़ फोटो तक लगे हुए थे।

 AAP ने 2024 में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100 रूपए देने का वादा किया था। इस योजना के तहत महिलाओं से फॉर्म भरवाने का अभियान बड़े स्तर पर चलाया गया था। पार्टी ने दावा किया था कि लगभग 11.5 लाख लोगों ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कराया था। हालाँकि दिसंबर 2024 में ही दिल्ली सरकार के महिला एवँ बाल विकास विभाग ने साफ कर दिया था कि ऐसी कोई योजना अधिसूचित नहीं है।

5 साल में AAP नेता मनीष सिसोदिया की संपत्ति में 7 गुना इजाफा, कमाई भी 7 गुना बढ़ी: हलफनामे से खुलासा, बेटी के कनाडा के ओंटारियो शहर में चल रहे 3 खाते


दिल्ली उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की चल सम्पत्ति में बीते पाँच वर्षों में 7 गुना की बढ़ोतरी हुई है। उनकी सालाना कमाई भी लगभग 7 गुना की बढ़ोतरी हुई है। उनकी पत्नी के पास भी प्रॉपर्टी बढ़ गई है। यह सब जानकारी उनके चुनावी हलफनामे से बाहर आई है। सिसोदिया आम आदमी पार्टी के जंगपुरा विधानसभा सीट से AAP के उम्मीदवार हैं।

AAP ने इस बार उनकी सीट बदल दी है। उन्होंने जंगपुरा सीट से गुरुवार(16 जनवरी, 2025) को नामांकन किया है। इसी में उन्होंने अपना हलफनामा दिया है, जिसके भीतर उनकी प्रॉपर्टी की जानकारी सामने आई है। मनीष सिसोदिया ने बताया है कि उनके पास 34.43 लाख रूपए की चल सम्पत्ति है।

उन्होंने बताया है कि उनके पास 4 बैंक खाते और फिक्स्ड डिपाजिट (FD) हैं। मनीष सिसोदिया ने खुलासा किया है कि इनमें 34 लाख रूपए जमा हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया के खाते में 2 लाख रूपए जमा हैं। हलफनामे में मनीष सिसोदिया ने बताया है कि उनके और उनकी पत्नी के पास 40 हजार रूपए नकद हैं।

मनीष सिसोदिया के हलफनामे से यह भी खुलासा हुआ है कि उनकी बेटी मीर सिसोदिया के विदेश में तीन खाते हैं। यह तीनों खाते कनाडा के ओंटारियो शहर में हैं। इन खातों में 2.4 लाख रूपए जमा हैं। उनकी पत्नी के पास 10 लाख रूपए से ज्यादा का लगभग 150 ग्राम सोना है। कुल मिलाकर दंपती के पास 47.30 लाख रूपए की चल सम्पत्ति है।

मनीष सिसोदिया की चल सम्पत्ति 2020 के चुनाव के दौरान 4.74 लाख रूपए और उनकी पत्नी की सम्पत्ति 2.66 लाख रूपए थी। इसकी तुलना वर्तमान सम्पत्ति से की जाए तो मनीष सिसोदिया की सम्पत्ति 700% जबकि उनकी पत्नी की सम्पत्ति 483% बढ़ गई है।

दोनों ने अपनी अचल सम्पत्ति की भी हलफनामे में जानकारी दी है। मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी के पास 93 लाख रूपए के 2 फ़्लैट हैं। एक फ़्लैट दिल्ली तो वहीं दूसरा गाजियाबाद में हैं। एक की कीमत 23 लाख रूपए और दूसरे की 70 लाख रूपए है। उन्होंने इस हलफनामे में अपने मुकदमों और कमाई के बारे में भी बताया है।

उनके मुकदमे शराब घोटाला से जुड़े हैं। वहीं सालाना कमाई में भी अच्छी खासी बढ़त हुई है। हलफनामे के अनुसार, 2021-22 में उन्होंने अपने ITR में बताया है कि उनकी कमाई 1.59 लाख रूपए थी। यह 2023-24 में बढ़ कर 11.59 लाख रूपए हो गई। उनकी पत्नी ने भी 78 हजार रूपए सालाना कमाई का खुलासा किया है।

दारू घोटाले से दिल्ली को हुआ 2026 करोड़ रूपए का नुकसान: CAG रिपोर्ट में खुलासा; मुख्यमंत्री आतिशी उपराज्यपाल के कहने के बावजूद क्यों नहीं CAG रिपोर्ट विधान सभा में प्रस्तुत की?

आम आदमी पार्टी झूठों, मक्कारों और घोटालेबाज़ों का गैंग है। अरविन्द केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आतिशी के मुख्यमंत्री बनने पर उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मुख्यमंत्री कार्यालय में रखी CAG रिपोर्ट्स को विधानसभा में रखने के कहने के बावजूद टेबल नहीं कर दिल्ली वालों को गुमराह किया। आतिशी अच्छी तरह जानती है कि CAG रिपोर्ट्स को विधानसभा में रखते ही सरकार ही नहीं आम आदमी पार्टी की बड़ी तेजी के साथ उलटी गिनती शुरू हो जाएगी, कोई पार्टी को भी नहीं बचा पाएगा। आधी से ज्यादा पार्टी तिहाड़ में चली जाएगी।

इस चुनाव में अगर कांग्रेस आक्रामक हो केजरीवाल पर हमला करती है, केजरीवाल सरकार एक इतिहास ही नहीं बनेगी बल्कि कांग्रेस को ही नई जान मिलेगी। पंजाब में आप सरकार की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी वो कांग्रेस की दूसरी सबसे जीत होगी। पंजाब में सरकार गिरते ही केजरीवाल पार्टी इतिहास बन जाएगी, जिसे एक-दो चुनाव के बाद जनता भी भूल जाएगी बशर्ते न कांग्रेस और न बीजेपी इस पार्टी के किसी भी तथाकथित नेता को अपनी पार्टी में शामिल करे। दूसरे, अगर कांग्रेस 10 सीटें भी जीत जाती है केजरीवाल कम से कम 20/22 सीटों का नुकसान होगा। जो कांग्रेस की बहुत बड़ी जीत होगी। बीजेपी का भी 30 से 32 सीटें जीतने की संभावनाएं की जा रही है। लेकिन कांग्रेस बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के किसी भी कीमत पर 2013 वाली भयंकर गलती कर केजरीवाल को समर्थन न दे, जो कांग्रेस के लिए आत्मघाती कदम होगा। अगर उस समय कांग्रेस ने समर्थन नहीं दिया होता एक विपक्ष के रूप में उभर कर आती।        

दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद केजरीवाल सरकार की इस शराब नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2026 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। यह नीति नवंबर 2021 में लागू की गई थी और इसका उद्देश्य शराब की बिक्री के माध्यम से राजस्व बढ़ाना और व्यवस्था में सुधार लाना था। हालाँकि, रिपोर्ट में इसे भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कमीशनखोरी से भरा बताया गया है। इस चक्कर में मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी, क्योंकि शराब घोटाले से जमा किए पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला सामने आ गया था।

कथित तौर पर लीक हुई CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी करने में नियमों का उल्लंघन किया गया। कई ऐसी कंपनियों को लाइसेंस दिए गए, जो घाटे में थीं या जिनके खिलाफ शिकायतें थीं। नियम तोड़ने वालों को सज़ा देने की बजाय उन्हें छूट दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि शराब नीति के कई अहम फैसले बिना कैबिनेट और उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए गए।

यही नहीं, दिल्ली शराब नीति घोटाले के दौरान एक्सपर्ट पैनल की सिफारिशों को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से फैसले लिए गए। लाइसेंसधारकों और थोक विक्रेताओं के बीच अनुचित समझौते हुए। सरकार ने कोविड-19 के नाम पर 144 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस माफ कर दी, जबकि ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी।

CAG ने अपने विश्लेषण में बताया कि शराब नीति के तहत कई मोर्चों पर नुकसान हुआ। इसमें-

  • लाइसेंस वापस लिए गए, लेकिन उन्हें दोबारा टेंडर नहीं किया गया, जिससे ₹890 करोड़ का नुकसान हुआ।
  • ज़ोनल लाइसेंसधारकों को दी गई छूट से ₹941 करोड़ का घाटा हुआ।
  • कोविड-19 के नाम पर ₹144 करोड़ की माफी ने राजस्व को और कमजोर किया।
  • सुरक्षा जमा राशि सही से वसूलने में ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ।
शराब की गुणवत्ता और जाँच पर ध्यान नहीं: नीति के तहत शराब की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टेस्टिंग लैब और अन्य बुनियादी ढाँचे की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शराब की दुकानों का वितरण समान रूप से नहीं किया गया, जिससे जनता को परेशानी हुई।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस नीति से आप नेताओं को सीधा फायदा हुआ। उस समय आबकारी विभाग के प्रमुख मनीष सिसोदिया और उनके साथी मंत्रियों ने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया। लाइसेंस जारी करने और शुल्क माफी जैसे फैसलों में पारदर्शिता की कमी रही।
CAG की यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब दिल्ली चुनाव नजदीक हैं। भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाब माँगा है। हालाँकि आम आदमी पार्टी ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, “यह रिपोर्ट अभी दिल्ली विधानसभा में पेश नहीं हुई है। भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बनाने के लिए गलत दावे कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस रिपोर्ट का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी की छवि खराब करने के लिए कर रही है।
दिल्ली शराब नीति घोटाले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के शीर्ष लोगों को जेल जाना पड़ा था। इस मामले में जाँच अभी जारी है। मनीष सिसोदिया को काफी समय बाद जेल से बेल मिली थी, तो अरविंद केजरीवाल को भी महीनों जेल में बिताना पड़ा, इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से भी हटना पड़ा। हालाँकि जेल से बाहर आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दिया था।
बहरहाल, दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर यह विवाद राजनीति के नए मोड़ ले सकता है। जनता यह जानना चाहती है कि 2026 करोड़ का नुकसान क्यों हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। रिपोर्ट के बाद आम आदमी पार्टी पर जनता और विपक्ष का दबाव बढ़ गया है।

केजरीवाल की करीबी AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ हो रही हैं ट्रोल; संदीप दीक्षित ने किया आतिशी पर 10 करोड़ रूपए का मान-हानि का मुकदमा

कहते है बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी। यह बात अरविन्द केजरीवाल पर पूरी तरह से लागू हो रही है। क्योकि जिसने शुरू से hit and run की नीति अपनाकर जनता को गुमराह कर सत्ता हथियाई आज वही नीति केजरीवाल और उसकी पार्टी पर टूट पड़ी है। जिस कांग्रेस की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जेल भेजने का लॉलीपॉप देकर कांग्रेस से सत्ता छीनी आज वही कांग्रेस उसी केजरीवाल और उसकी पार्टी को घोर संकट में डाल चुकी है। उसी बौखलाहट में हर जगह कहते फिरते हैं कि कांग्रेस बीजेपी की B Team है। 

मुख्यमंत्री आतिशी अपने सूत्रों के हवाले से कहती है कि संदीप दीक्षित बीजेपी के पैसे से चुनाव लड़ रहे हैं। अब चर्चा है कि उसी संदीप ने आतिशी पर 10 करोड़ रूपए का मान-हानि का मुकदमा दर्ज कर दिया है। सवाल यह है कि क्या आतिशी भी केजरीवाल की तरह यू टर्न लेकर माफ़ी मांगेंगी या संदीप मानहानि की रकम लेकर रहेंगे?

    
दूसरे, जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने है, इनके खर्चे, खाने पीने से लेकर कपड़ों और इतना ही नहीं जब मोदी की माताश्री दिल्ली आयीं थी उस तक के खर्चे की RTI डाली गयी थी। लेकिन सभी में एक ही जवाब मिला हमें नहीं मालूम प्रधानमंत्री अपनी जेब से खर्चा करते हैं। मोदी ने केजरीवाल की तरह सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं किया। कहते हैं कि माँ से मिले मकान को अपने किसी भाई या बहन को देने की बजाए गुजरात सरकार को दे दिया। अपने खर्चे से ख़रीदे कपड़ों की नीलामी से आए धन को सरकारी खजाने में दे देते हैं। आखिर मोदी विरोधी कितना नीचे गिरेंगे?     

आम आदमी पार्टी- AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही हैं। असल में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों को उन्हें ट्रोल करने का मौका दे दिया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की करीबी AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता कह रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास 5000 करोड़ रुपये के कपड़े हैं। 5 हजार, पांच लाख, यहां तक की 5 करोड़ तक की बात पर लोग कुछ सोच भी सकते थे, लेकिन 5 हजार करोड़ की बात लोगों को हजम नहीं हो रही हैं। लोग AAP प्रवक्ता पर तंज कर रहे हैं।

दिल्ली : कांग्रेस के आक्रामक रुख से क्यों घबराए केजरीवाल? कांग्रेस की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भ्रष्टाचारी बता जेल भेजने वाले आज अपने घोटालों के उजागर होने से क्यों डर रहे हैं? कांग्रेस की नैया डुबोने वाले केजरीवाल हैं बीजेपी नहीं


दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले INDI गठबंधन के साथी आम आदमी पार्टी(AAP) और कांग्रेस के बीच खींचतान बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि गठबंधन से कांग्रेस को हटाने के लिए वह इंडिया ब्लॉक के अन्य दलों से बातचीत करेगी। दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनावों में अलग-अलग मैदान में उतरी कांग्रेस ने AAP पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, हाल ही में कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी कह दिया। माकन ने कहा कि साल 2013 में AAP को समर्थन देने के कारण दिल्ली में पार्टी का पतन हुआ।

दिल्ली और पंजाब से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने कितने आरोप लगाए थे, केजरीवाल भूल गए क्या? कांग्रेस को जितना नुकसान आम आदमी पार्टी ने पहुँचाया है, बीजेपी ने नहीं। दरअसल, केजरीवाल को बौखलाहट इस बात से है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जेल भेजने का वायदा कर सत्ता तो ले ली, शीला को जेल नहीं भेज नहीं पाए, कांग्रेस अगर सत्ता में आ गयी निश्चित रूप से आधी से ज्यादा केजरीवाल पार्टी जेल में होगी। दूसरे, कल तक कांग्रेस पर चलाए तीर जब उल्टे तुम्हारे पर चलने से बौखलाहट क्यों? इतना ही नहीं खुद कांग्रेस को बीजेपी की B Team बता रहे हो, कांग्रेस बीजेपी की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ रही है। केजरीवाल यह आरोप मामूली नहीं है। बहुत गंभीर है।         

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी कहने वाले अजय माकन के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने के लिए कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया है। संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के अजय माकन भाजपा की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। दिल्ली का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस अब भाजपा से मदद ले रही है।

वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची भाजपा कार्यालय से तय हो रही है। आतिशी ने दावा किया कि संदीप दीक्षित सहित कांग्रेस उम्मीदवारों का चुनाव खर्च भाजपा द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत की है। भाजपा कांग्रेस उम्मीदवारों को धन मुहैया करा रही है। संदीप दीक्षित को भाजपा से धन मिल रहा है।”

मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, “अगर कांग्रेस सोचती है कि हम (AAP) राष्ट्र विरोधी हैं तो उन्होंने हमारे साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव क्यों लड़ा? यह स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) को हराने और दिल्ली में भाजपा को जिताने के लिए भाजपा के साथ कुछ आपसी समझौता किया है।” उन्होंने ऐसे कई सीटों के नाम लिए, जहाँ कांग्रेस नेताओं को बीजेपी द्वारा फंडिंग की गई।

मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि संदीप दीक्षित के अलावा जंगपुरा से पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी फरहाद सूरी को भी भाजपा फंडिंग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सूरी को करोड़ों रुपए का फंड दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल देश विरोधी हैं तो लोकसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल से प्रचार क्यों करवाया?

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दिल्ली में कांग्रेस हमलावर, AAP और BJP पर कुप्रबंधन और अधूरे वादों का आरोप, 12 सूत्री श्वेत पत्र जारी;
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दरअसल, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, केजरीवाल ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ और ‘संजीवनी योजना’ के प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली सरकार के दो विभागों ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा था कि ये दोनों योजनाएँ अस्तित्व में नहीं हैं। इसके बाद यह शिकायत दी गई।