भारत विरोधी हाथों की कठपुतली बनी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्ष बिन सिर-पैर के मुद्दों पर खुद ही विवादों में घिरती नज़र आ रही है। CAA प्रोटेस्ट से लेकर अब जंतर मंतर पर हुए हंगामे आदि सभी बेनकाब होकर इन्हीं को मुसीबत डाल रहे हैं। जनता इनकी जन विरोधियों को अच्छी तरह से समझ गयी है। आंदोलन अगर मुद्दों तक ही सीमित रहते प्रभावशाली होते लेकिन देश विरोधियों के पक्ष में नारेबाजी, मोदी को गालियां आदि देने से जनता इनकी हरकतों को समझ रही है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अंसारी ने 4 अगस्त 2026 को अपनी शिकायत में कहा है कि दिपके के समर्थकों ने पुणे और औरंगाबाद में उन पर हमला किया।
शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस से अभिजीत दिपके को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की।
एएनआई से बात करते हुए फैजान अंसारी ने कहा, “आज मैंने सीजेपी पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ दिल्ली के डीसीपी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे पास इस बात का सबूत है कि उनके समर्थकों ने मुझ पर हमला किया था। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमला हुआ था। इस संबंध में पहले से ही दो मामले दर्ज हैं।”
#WATCH | Delhi: On filing a police complaint against CJP founder Abhijeet Dipke, a social media influencer, Faizan Ansari says, “Today, I have filed a written complaint against Abhijeet Dipke, the founder of the CJP party, with the Delhi DCP, because I have proof that his men… pic.twitter.com/Fol499Cmpi
फैजान अंसारी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की समय पर गिरफ्तारी से दिल्ली में स्थिति बिगड़ने से बच गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिपके अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहा है।
अंसारी ने आगे कहा, “मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस दिपके को तुरंत गिरफ्तार करे। इसके अलावा, मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री और पुलिस को सही समय पर सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने के लिए सलाम करता हूँ, जिसकी वजह से दिल्ली का माहौल बिगड़ने से बच गया… दिपके अपने स्वार्थ के लिए सब कुछ कर रहा है।”
अभिजीत दिपके आम आदमी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी हैं। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर नई दिल्ली में हुए जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करके राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था।
दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले INDI गठबंधन के साथी आम आदमी पार्टी(AAP) और कांग्रेस के बीच खींचतान बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि गठबंधन से कांग्रेस को हटाने के लिए वह इंडिया ब्लॉक के अन्य दलों से बातचीत करेगी। दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनावों में अलग-अलग मैदान में उतरी कांग्रेस ने AAP पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, हाल ही में कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी कह दिया। माकन ने कहा कि साल 2013 में AAP को समर्थन देने के कारण दिल्ली में पार्टी का पतन हुआ।
दिल्ली और पंजाब से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने कितने आरोप लगाए थे, केजरीवाल भूल गए क्या? कांग्रेस को जितना नुकसान आम आदमी पार्टी ने पहुँचाया है, बीजेपी ने नहीं। दरअसल, केजरीवाल को बौखलाहट इस बात से है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जेल भेजने का वायदा कर सत्ता तो ले ली, शीला को जेल नहीं भेज नहीं पाए, कांग्रेस अगर सत्ता में आ गयी निश्चित रूप से आधी से ज्यादा केजरीवाल पार्टी जेल में होगी। दूसरे, कल तक कांग्रेस पर चलाए तीर जब उल्टे तुम्हारे पर चलने से बौखलाहट क्यों? इतना ही नहीं खुद कांग्रेस को बीजेपी की B Team बता रहे हो, कांग्रेस बीजेपी की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ रही है। केजरीवाल यह आरोप मामूली नहीं है। बहुत गंभीर है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी कहने वाले अजय माकन के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने के लिए कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया है। संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के अजय माकन भाजपा की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। दिल्ली का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस अब भाजपा से मदद ले रही है।
दिल्ली BJP के साथ मिली हुई है कांग्रेस ‼️
♦️ कांग्रेस नेता अजय माकन बीजेपी द्वारा भेजी गई स्क्रिप्ट पढ़ते हैं और AAP नेताओं को Target करते हैं
♦️अरविंद केजरीवाल जी ने दिल्लीवालों के लिए बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा का इंतजाम किया लेकिन कांग्रेस ने केजरीवाल जी को देशद्रोही… pic.twitter.com/F25jOKRF5F
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची भाजपा कार्यालय से तय हो रही है। आतिशी ने दावा किया कि संदीप दीक्षित सहित कांग्रेस उम्मीदवारों का चुनाव खर्च भाजपा द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत की है। भाजपा कांग्रेस उम्मीदवारों को धन मुहैया करा रही है। संदीप दीक्षित को भाजपा से धन मिल रहा है।”
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, “अगर कांग्रेस सोचती है कि हम (AAP) राष्ट्र विरोधी हैं तो उन्होंने हमारे साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव क्यों लड़ा? यह स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) को हराने और दिल्ली में भाजपा को जिताने के लिए भाजपा के साथ कुछ आपसी समझौता किया है।” उन्होंने ऐसे कई सीटों के नाम लिए, जहाँ कांग्रेस नेताओं को बीजेपी द्वारा फंडिंग की गई।
कांग्रेस ने BJP के साथ की सांठगांठ ‼️
♦️ कांग्रेस ने आजतक बीजेपी के किसी भी नेता पर देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया
♦️ कांग्रेस नेताओं ने मेरे और केजरीवाल जी के ख़िलाफ़ FIR कराई लेकिन BJP के ख़िलाफ़ आजतक कोई शिकायत नहीं की
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि संदीप दीक्षित के अलावा जंगपुरा से पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी फरहाद सूरी को भी भाजपा फंडिंग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सूरी को करोड़ों रुपए का फंड दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल देश विरोधी हैं तो लोकसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल से प्रचार क्यों करवाया?
अवलोकन करें:-
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दिल्ली में कांग्रेस हमलावर, AAP और BJP पर कुप्रबंधन और अधूरे वादों का आरोप, 12 सूत्री श्वेत पत्र जारी;
नरेंद्र मोदी-योगी विरोध में राहुल गाँधी और परिवार जॉर्ज सोरोस के कदमों में गिर कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचाते रहा,...
दरअसल, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, केजरीवाल ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ और ‘संजीवनी योजना’ के प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली सरकार के दो विभागों ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा था कि ये दोनों योजनाएँ अस्तित्व में नहीं हैं। इसके बाद यह शिकायत दी गई।
ओवैसी के खिलाफ वकील हरी शंकर जैन ने शिकायत की है (चित्र साभार : Asaduddin Owaisi - The Imperator/FB & NBT) भारत का मुसलमान कट्टरपंथियों और छद्दम सेक्युलरिस्ट्स के मकड़जाल से कब निकलेगा? इन लोगों की वजह से भारत ही नहीं, बल्कि मुस्लिम देशों में भी भारतीय मुसलमानों की कितनी बेइज्जती हो रही है, जिसे मुसलमान नहीं समझ रहा। जब मुसलमान कहता है कि 'हम अल्लाह के अलावा किसी से डरते', अगर उनकी इस बात में दम है तो इन लोगों से पूछो कि 'जब कोई मुस्लिम देश फिलिस्तीनों और रोहिंग्यों को अपने मुल्क में आबाद करने को तैयार नहीं, फिर तुम क्यों इन्हे भारत में आबाद करने हमें भड़काते हो?' जिस दिन मुसलमान इस सच्चाई को जान जाएगा, इनकी दुकानें ही बंद हो जाएंगी। कोई दंगा-फसाद नहीं होगा। देश में शांति ही नहीं मुस्लिम देशों तक में इज्जत होगी।
मालूम हो, कुछ वर्ष पहले फिलिस्तीन और इजराइल के बीच हो रही लड़ाई में पाकिस्तान ने लगभग 33,000 फिलिस्तीनो को तत्कालीन राष्ट्रपति जिया-उल-हक़ ने पनाह दे दी थी, लेकिन युद्ध ख़त्म होने के बाद वापस नहीं जाने पर जिया ने फिलिस्तीनियों पर गोली चलवा दी थी।
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के लोकसभा में शपथ लेने के बाद जय फिलिस्तीन का नारा लगाने के मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिकायत की गई है। दूसरे राष्ट्र के प्रति आस्था दिखाने के कारण उनकी संसद की सदस्यता रद्द करने की माँग की गई है। उनके जय फिलिस्तीन बोलने को भी लोकसभा की कार्रवाई के रिकॉर्ड से बाहर कर दिया गया है। जय फिलिस्तीन को लोक सभा कार्यवाही से बाहर निकालना ही नहीं, सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
A complaint has been filed before the President of India against Mr. Asaduddin Owaisi in terms of article 102 and 103 of the constitution of india by Mr. Hari Shankar Jain seeking his disqualification as member of parliament. @rashtrapatibhvn@adv_hsjain
वकील हरी शंकर जैन ने असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ इस मामले में राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 102 और 103 के तहत शिकायत की है। उनके बेटे विष्णु शंकर जैन ने यह जानकारी एक्स (ट्विटर) के जरिए दी है। उन्होंने बताया है कि हरी शंकर जैन ने ओवैसी की सदस्यता संसद सदस्य के रूप में खत्म करने की माँग की है। ऐसी ही एक शिकायत एक और वकील विभोर आनंद ने भी लोकसभा सचिवालय से की है।
Petition/Representation seeking immediate disqualification of @asadowaisi as Member of Parliament for acknowledging his allegiance and adherence to a foreign state filed with @LokSabhaSectt by me.
By raising the slogan of Jai Palestine he clearly violated Art 102(1)(d) of the… pic.twitter.com/5gdIEcTHec
संविधान के अनुच्छेद 102 में वह स्थितियाँ बताई गई हैं, जिनके अंतर्गत किसी संसद सदस्य को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। अनुच्छेद 102 के भाग ‘घ’ में लिखा है कि ऐसे संसद सदस्य को अयोग्य घोषित किया जा सकता है जो भारत का नागरिक नहीं है या उसने किसी दूसरे राष्ट्र की नागरिकता ले ली है। इसके अलावा उसे इस आधार पर भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि वह दूसरे राष्ट्र के प्रति श्रृद्धा रखता है।
अनुच्छेद 102, जिसके तहत संसद सदस्य अयोग्य घोषित हो सकते हैं
वहीं संविधान का अनुच्छेद 103, अनुच्छेद 102 के तहत किसी संसद सदस्य को अयोग्य ठहराए जाने को लेकर फैसला सम्बन्धी शक्तियाँ देश के राष्ट्रपति को देता है। इसमें कहा गया है कि यदि अनुच्छेद 102 के तहत अयोग्यता का मामला उठता है इस मामले में इसे राष्ट्रपति को भेजा जाना चाहिए और उसका ही निर्णय अंतिम होगा। इसी अनुच्छेद में कहा गया है कि अयोग्य घोषित करने के लिए राष्ट्रपति चुनाव आयोग की सलाह लेगा और उसी के अनुसार निर्णय लेगा।
संसद सदस्यों के संबंध में राष्ट्रपति की शक्तियाँ
ओवैसी ने ‘जय फिलिस्तीन’ के लगाए थे नारे
हैदराबाद से सांसद चुने गए असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (26 जून, 2024) को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद जय फिलिस्तीन के नारे लगाए। उन्होंने अपनी शपथ उर्दू में ली। उर्दू में शपथ लेने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने अंत में ‘जय भीम, जय मीम’ कहा और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा भी लगाया, लेकिन अंत में उन्होंने ‘जय फिलिस्तीन’ भी कहा। इस दौरान पूर्वी चम्पारण से भाजपा के सांसद राधामोहन सिंह पीठासीन थे और नव-निर्वाचित सांसदों को शपथ दिला रहे थे।
जब असदुद्दीन ओवैसी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये संविधान के खिलाफ कैसे हुआ, ये संविधान के कौन से प्रावधान के हिसाब से गलत है? G किशन रेड्डी के विरोध पर उन्होंने कहा कि उनका काम है विरोध करना, हम उन्हें खुश करने के लिए क्यों बोलेंगे। उन्होंने इस दौरान फिलिस्तीन को लेकर महात्मा गाँधी के विचार पढ़ने की सलाह भी दी।
जहाँ तक महात्मा गाँधी के विचार की बात है तो महात्मा गाँधी 'जय सीता राम' बोलते थे, क्यों नहीं बोलते। दूसरे, जो कहता है कि 'मेरी गर्दन पर छुरी भी रख दोगे तो 'भारत माता की जय' नहीं बोलूंगा। फिर किसके दबाव में ‘जय फिलिस्तीन’ बोला?
#WATCH | On AIMIM MP Asaduddin Owaisi's words during his oath in the Parliament, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "We do not have any enmity with Palestine or any other country. While taking the oath is it proper for any member to raise the slogan praising… pic.twitter.com/ZyYXDl5JRF
@KirenRijiju It is improper for an MP to utter what @asadowaisi Barrister (who knows the law of the land) uttered at the time of taking the oath. The law is very clear and action needs to be taken ASAP. pic.twitter.com/kHu5BDJOqq
असद्द्दीन ओवैसी के शपथ के बाद जय फिलिस्तीन का नारा लगाने के मामले में संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, “हमारी फिलिस्तीन या अन्य किसी राष्ट्र के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। संसद सदस्यों का शपथ लेने के बाद दूसरे देश के समर्थन में नारे लगाना सही है या नहीं, हमें इसके लिए नियमों को देखना होगा।” विरोध के बाद के ओवैसी के जय फिलिस्तीन बोलने को लोकसभा की कार्रवाई के रिकॉर्ड से निकाल दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ ओवैसी के खिलाफ शिकायत करने वाले और उनका विरोध करने वालों ने तर्क दिया है कि उन्होंने जय फिलिस्तीन का नारा लगाया है जो कि उनकी दूसरे देश के प्रति श्रृद्धा दिखाता है, ऐसे में उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
अनिल यादव ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दी शिकायत (शिकायतकर्ता दाएँ, जिन पर शिकायत उनका चेहरा नहीं लगा सकते)
उत्तर प्रदेश के बदायूँ में रमजान के दिनों में साजिद द्वारा दो मासूम बच्चों का गला रेतकर की गई हत्या से पूरा देश सन्न है। ऐसे में डासना के शिव शक्ति धाम से जुड़े अनिल यादव ने आहत होकर माँग की है कि इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। यादव ने शिकायत में कहा है कि कुरान के कारण दुनिया में जघन्य अपराध हो रहे हैं। यादव ने अपनी इस शिकायत को गाजियाबाद के थाना वेब सिटी में दिया है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में मौजूद जानकारी के अनुसार, अनिल यादव ने कहा है, “पिछले 1400 सालों से हिंदू महिलाओं से बलात्कार लूटपाट, बच्चों की नृशंस हत्या की वजह कुछ और नहीं बल्कि कुरान है। हजरत पैगंबर मुहम्मद द्वारा दी गई तालीम व कुरान में जो कानून लिखा है आज तक वही दोहराया जा रहा है। बदायूँ में बच्चों की हत्या ने गजवा-ए-हिंद की घंटी बजा दी है जो कि हजरत मुहम्मद का सपना है। इससे मेरी भावना आहत हुई है। हजारों हिंदुओं को गजवा-ए-हिंद से बचाने के लिए ये FIR होना जरूरी है।”
बता दें कि जिस गजवा-ए-हिंद का मुद्दा अनिल यादव ने अपनी शिकायत में उठाया है, उसी के संबंध में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद बात करने जामा मस्जिद जा रहे थे, मगर बताया जा रहा है कि उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया।
इस्लाम के विरुद्ध आवाज़ उठना कोई नई बात नहीं। 1985 से चल रही है। जब Calcutta High Court में कुरान की 124 आयतों के विरुद्ध चाँदमल चोपड़ा और शीतल सिंह ने मुकदमा दर्ज किया था। इतना ही नहीं, 31 जुलाई 1986 को दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट ने 24 आयतों के विरुद्ध फैसला दिया था।(देखिए नीचे लिंक) अनवर शेख ने अपनी पुस्तकों में खुलकर इसका विरोध किया, लेकिन आज तक शेख के विरुद्ध किसी ने फतवा जारी करने का साहस नहीं किया। दूसरे, नूपुर शर्मा के कही बात का गलत वीडियो दिखाने पर कट्टरपंथियों ने सर तन से जुदा का फरमान दे दिया, लेकिन नवभारत चैनल के एंकर सुशांत सिन्हा के अलावा किसी भी चैनल में सच्चाई दिखाने की हिम्मत नहीं की, सब की खोजबीन पत्रकारिता अँधेरी गलियों में खो गयी। लेकिन Jaipur Dialogue, Sach और NewsNation(इस्लाम क्या कहता है) चैनलों ने इस्लाम की सच्चाई सामने ला दी। इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ex-muslim वर्ग ने। जिनके तीखे प्रश्नों का उन मौलानाओं को-जिन्हे आम मुसलमान बहुत इज्जत बख्शता है-वातानुकूलित कमरों में पसीने पोंछते देखा। इतने मुद्दों पर गर्मागर्म बहस देखी, काश किसी हिन्दू ने एक भी बोल दी होती, सर तन से जुदा की आवाज़ बुलंद हो गयी होगी, और सारा मीडिया उस हिन्दू को ही अपमानित कर रहा होता।
Complaint against Prophet Muhammad in Ghaziabad Police | पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस में शिकायत: डासना मंदिर से जुड़े अनिल यादव बोले- कुरान की वजह से हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार – Ghaziabad News ------ अधिक जानकारी 👇 https://t.co/qR2vD15T0R
डासना का शिव शक्ति धाम यति नरसिंहानंद के कारण ही 2021 में खूब चर्चा में रहा था। अब उसी जगह अनिल यादव (जिन्हें छोटा नरसिंहानंद कहा जाता है) ने ऐसी शिकायत दी है। यादव की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई हुई इसका पता अभी नहीं चला है लेकिन संभावना है कि इस मामले को आगे न सुना जाए या अगर मामला कोर्ट तक पहुँचे तो वहाँ से खारिज हो जाए। ऐसा क्यों कहा जा सकता है इसके लिए 36 साल पहले दर्ज केस और उसकी डिटेल जानने की जरूरत है जब इस्लाम की ‘पवित्र पुस्तक’ पर सवाल उठते ही न्यायपालिका के भी हाथ-पाँव फूल गए थे।
कलकत्ता कुरान याचिका
36 साल पहले 1985 में कुरान को प्रतिबंधित करने की माँग लेकर वकील चाँदमल चोपड़ा और शीतल सिंह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुँचे थे। 29 मार्च, 1985 को उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत एक आवेदन दायर किया था, जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय से सरकार को ‘पवित्र पुस्तक’ की प्रत्येक प्रति को ‘जब्त’ करने का निर्देश देने की अपील की गई थी।
याचिका में तर्क दिया गया था कि भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 153A और 295A के आधार पर कुरान की प्रत्येक प्रति दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 95 के तहत ज़ब्त किए जाने के लिए उत्तरदायी है। इसमें चाँदमल चोपड़ा और शीतल सिंह ने ‘काफिरों’ के खिलाफ हिंसा को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने कुरान के एक आयत को उद्धृत किया, जिसमें कहा गया था, “जब पवित्र महीने समाप्त हो जाते हैं तो जहाँ भी मूर्ति-पूजा करने वाले मिले, उसे मार डालो।”
जिस जज के पास पहुँची कुरान से जुड़ी याचिका उसका भी हुआ बहिष्कार
यह मामला शुरू में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति खस्तगीर जे के समक्ष आया था जिसके बाद 70 से अधिक अधिवक्ताओं द्वारा ‘खस्तगीर जे’ की अदालत का बहिष्कार करने का आग्रह अन्य वकीलों से किया। वहीं वरिष्ठ वकील सीएफ अली ने कहा था, “यह बेतुका है। पृथ्वी पर कोई भी नश्वर पवित्र धर्मग्रंथ को चुनौती नहीं दे सकता है और दुनिया की किसी भी अदालत को इस पर कोई अधिकार नहीं है।”
बंगाल से लेकर बांग्लादेश में सड़कों पर थी इस्लामी भीड़
इसके बाद तमाम इस्लामवादी विरोध में आ उतरे। नतीजतन बताया जाता है कि भारत से लेकर बांग्लादेश तक में दंगे होने लगे। विकीपीडिया पर मौजूद जानकारी बताती है कि दंगों में हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। हजारों की भीड़ ने सड़क पर उतरकर बांग्लादेश में भारतीय उच्च आयोग के सामने हल्ला की थी। बांग्लादेश के सीमाई इलाके में स्थित शहर में 12 लोग मारे गए थे जबकि 100 घायल हुए थे ये सारे हिंदू थे। इसी तरह 20000 मुस्लिमों की भीड़ ढाका में निकलकर आई थी। वहीं अन्य दंगे कश्मीर और बिहार समेत कई जगह देखे गए थे।
बंगाल सरकार ने कहा था- नहीं बदला जा सकता एक शब्द
वहीं सीपीआई (एम) शासित पश्चिम बंगाल सरकार ने याचिका और कलकत्ता उच्च न्यायालय में इसके प्रवेश के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। अपने हलफनामे में सरकार ने कहा था कि यह, “अदालत को दुनिया भर के मुसलमानों के पवित्र धर्मग्रंथ कुरान पर फैसला सुनाने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, जिसका प्रत्येक शब्द, इस्लामी मान्यता के अनुसार, अपरिवर्तनीय है।” सरकार का कहना था कि यह याचिका दुर्भावनापूर्ण इरादे से दायर की गई थी और भारतीय इतिहास में ऐसी याचिका कभी दायर नहीं की गई है।
Some Articles Of The Quran Are Harmful-Delhi Magistrate Z.s. Lohat
SOME ARTICLES OF THE QURAN ARE HARMFUL-DELHI MAGISTRATE Z.S. LOHAT by Sarita Nair on Tuesday, 15 March 2011 at 11:23 SOME ARTICLES OF THE QURAN ARE HARMFUL,TEACH HATRED AND CREATE DIFFERENCES BETWEEN MOHAMMEDANS AND OTHER COMMUNITIES – DELHI MAGISTRATE Z.S. LOHAT I am enclosing herewith a copy of....
याचिका पर सुनवाई तक नहीं, पुस्तक प्रकाशित करने पर गिरफ्तारी
एक याचिका से मामला इतना गरमा गया था कि राजनीतिक दबाव के कारण, न्यायमूर्ति खास्तगीर ने इसे अपनी सूची से हटा दिया और इसे न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा की अदालत को भेज दिया। उसके बाद राज्य के महाधिवक्ता एसके आचार्य की सलाह पर, मामला न्यायमूर्ति बिमल चंद्र बसाक की पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया, जिन्होंने 17 मई, 1985 को याचिका खारिज कर दी। 18 जून को फिर चंद्रमल चोपड़ा ने रिव्यू याचिका डाली जिसे बाद में 21 जून को ही खारिज कर दिया गया। इसके बाद इस याचिका को लेकर चंद्राल चोपड़ा ने सीता राम गोयल के साथ मिलकर 1986 में ‘द कलकत्ता कुरान याचिका’ नाम की पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। वहीं गोयल को गिरफ्तारी से बचने के लिए भागना पड़ा था।
कांग्रेस किसी भी मुद्दे को लेकर मुस्लिम देशों से क्यों गुहार लगाती है? क्या कांग्रेस को देश की कानून व्यवस्था पर विश्वास नहीं? कहते हैं, बच्चा संस्कार माँ के पेट से सीख कर आता है, ठीक वही स्थिति कांग्रेस की है। क्योकि कांग्रेस किसी भारतीय ने नहीं बल्कि विदेशी(अंग्रेज़) द्वारा की गयी थी। यही कारण है कि कांग्रेस भारत के गौरवशाली इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आक्रांताओं को महान मानती है।
रामजन्मभूमि के विरुद्ध कितने वकीलों की फ़ौज खड़ी की गयी थी, खुदाई में मंदिर के प्रमाणों को कोर्ट से छुपाया गया, क्या कांग्रेस किसी हिन्दू एवं अन्य धर्मों के शांतिप्रिय का एक भी वोट की हक़दार है? दूसरे, कांग्रेस पर एकाधिकार किये नेहरू-गाँधी परिवार की पृष्ठभूमि को सार्वजनिक करने का समय आ गया है।
कोई कांग्रेस से पूछे कि जिस राहुल का दादा(फिरोज जहांगीर खान) हो उसका दत्तात्रेय गोत्र कैसे हो गया? परिवार नेकब हिन्दू धर्म स्वीकार किया? जब फिरोज का अंतिम संस्कार(कब्र में दफनाया) मुस्लिम रीति-रिवाज़ से हुआ फिर उसी फिरोज के परिवार के किसी भी सदस्य का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति-रिवाज़ क्यों? किस आधार पर हिन्दू एवं मुसलमानों को धोखे में रखा जा रहा है? इस अति गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा की जरुरत है। जिसे कोई करने का साहस नहीं कर रहा, क्यों?
कांग्रेस की नेता एंड्रिया डिसूजा, जो कि ट्विटर पर खुद को ‘रिया रिवील्ड‘ बताती हैं, एक व्यक्ति के ‘जय श्री राम’ लिखने से भड़क गई। उसके एक ट्वीट के जवाब में एक व्यक्ति ने ‘जय श्री राम’ लिखा तो वह इसे इस्लामोफोबिया बता कर उसे गिरफ्तार करने के लिए क़तर के विदेश मंत्रालय के पास दौड़ गई।
खुद को महाराष्ट्र कांग्रेस में मानवाधिकार मामलों की सचिव और AICWA की पदाधिकारी बताने वाली डिसूजा ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को शक्ति प्रदर्शन बता डाला। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में कुछ भी धार्मिक नहीं था भले ही यह वैदिक रीति रिवाज से हुई हो।
डिसूजा ने ट्विटर पर लिखा, “राम का जन्म किसके लिए ख़ुशी की बात नहीं होगा? लेकिन दुख की बात है और मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह राम मंदिर की आड़ में शक्ति का खुला प्रदर्शन है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक नहीं है। जिस विषय की नींव में किसी कमजोर व्यक्ति को अपमानित करने की बात हो, वह धार्मिक नहीं है।
For whom would not the birth of Rama be a matter of joy? But sadly, I have no hesitation in saying that this is a blatant display of power under the guise of Ram Mandir. There is nothing religious about the #RamMandirPranPrathistha. There is nothing religious in an idea which has…
आगे उन्होंने लिखा, “भले ही इस भीड़ में मेरा धर्म, गाँव, परिवार और पूरे देश की जनता शामिल हो। मेरी शिक्षा मुझे मानवता और धार्मिकता के साथ खड़े रहने के लिए कहती है। यह लोकतंत्र की मौत है, धर्मनिरपेक्ष देश और भारत के विचार की मौत है।” उनके इस ट्वीट के जवाब में एक व्यक्ति ने कई बार ‘जय श्री राम’ लिख दिया।
राम का नाम देखने से डिसूजा भड़क गईं। वह इतना क्रुद्ध हुईं कि उन्होंने कतरी विदेश मंत्रालय को ट्विटर पर टैग कर दिया और इस व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लेने की बात की। डिसूजा का दावा था कि यह व्यक्ति कतर में रहता है और इसका ‘जय श्री राम’ लिखना इस्लामोफोबिया के अंतर्गत आता है। हालाँकि, उन्होंने यह नहीं स्पष्ट किया कि किसी हिन्दू का अपने भगवान का नाम लेना किस प्रकार से इस्लामोफोबिया है। इसके बाद डिसूजा ने इस व्यक्ति को एक लंबा चौड़ा पैराग्राफ लिख कर जवाब भी दे डाला।
डिसूजा ने लिखा, “जय सिया राम। जय माँ दुर्गा, जय श्री कृष्ण, हर-हर महादेव! एक हिंदू हूँ और मैं अपने देवताओं से प्रेम करती हूँ। मेरा धर्म मेरा निजी विषय है, इससे किसी को कोई मतलब नहीं। मैं कमजोरों को दबाने के लिए अपने भगवान का अपमान नहीं करती। मैं लोगों पर अत्याचार करने या लोगों की हत्या करने में अपने भगवान के नाम का उपयोग नहीं करती, केवल नकली हिंदू ही ऐसा करते हैं। और आप निश्चित रूप से एक नकली हिन्दू हैं।” हालाँकि, वह यह लिखते समय भूल गई कि हिन्दू कारसेवकों पर ही इस देश में अत्याचार हुए हैं चाहे वह गोधरा हो या 1990 में मुलायम सिंह का अयोध्या में गोली चलवाना।
Jai Siya Ram. Jai Maa Durga Jai Shri Krishna Har Har Mahadev... I am a hindu and i love my gods. My religion is my personal space none of anyone's business.. I don't insult my god to suppress the weak. I don't use my God's name In torturing ppl or killing ppl .. Only fake hindu…
डिसूजा का क़तर के आगे मदद के लिए हाथ फैलाना कई लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे देशद्रोह बताया। उन्होंने कहा कि इससे वह एक भारतीय की सुरक्षा को क़तर में खतरे में डाल रही हैं। अक्षत देवड़ा नाम के एक व्यक्ति ने लिखा, “@RiaRevealed ने कतर में एक भारतीय कामगार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कतर के मंत्रालय को टैग करके देशद्रोह किया है। मुंबई पुलिस कृपया उनकी सुरक्षा के साथ कुछ होने से पहले उचित कार्रवाई करे।” अन्य लोगों ने भी यही बात कही।
Journo @RiaRevealed commits sedition by tagging Qatar ministry to take action against an Indian worker in Qatar.@MumbaiPolice please take appropriate action before something happens to their safety. pic.twitter.com/OsJVIGgpkG
एक यूजर ने उनके जवाब में लिखा, “केवल ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए? कहाँ गयी तुम्हारी तथाकथित धर्मनिरपेक्षता? और क्या तुम करोड़ों हिंदुओं को “इस्लामोफोबिक” कहोगी क्योंकि वह “जय श्री राम” का नारा लगाते हैं। मुझे लगता है कि तुम उस व्यक्ति को पसंद करोगी और प्यार करोगी जो “अल्लाह हू अकबर” कहेगा, भले ही वह हिंदू हो।”
वामपंथी और लिबल पत्रकार, कथित एक्टिविस्ट और प्रोपगैंडा फैलाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने के बाद से बिलबिलाए हुए हैं। डिसूजा ने भी उसी सूची में अपनी जगह बनाई है जिसमें आरफा खानम शेरवानी जैसे लोग पहले ही शामिल हो चुके हैं।
हिन्दू लड़की से शादी के लिए अमित बन रहा आमिर गिरफ्तार (चित्र साभार- JKNEWS24x7)
उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने हिन्दू धर्म अपना कर एक लड़की से शादी का प्रार्थना पत्र देने वाले आमिर अली को गिरफ्तार कर लिया है। आमिर अली पर उसकी बीवी गुलफशा ने बुधवार (12 जुलाई, 2023) को दहेज़ माँगने, मारपीट और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस शिकायत में आमिर के अब्बा-अम्मी, सहित कुल 7 लोग नामजद हैं। आमिर की बीवी का आरोप है कि उसके शौहर का एक हिन्दू लड़की से साल 2014 से अफेयर है और दोनों मिल कर उसे रास्ते से हटाना चाहते हैं। आमिर की गिरफ्तारी शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को हुई है।
मुरादाबाद पुलिस के मुताबिक, आमिर अली पर उनकी बीवी ने धोखा देकर निकाह करने, दहेज़ माँगने और गाली-गलौज कर प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी मामले की जाँच करते हुए पुलिस टीम को फरार चल रहे आमिर अली की लोकेशन मुरादाबाद के मुगलपुरा में प्रिंस पब्लिक स्कूल के पास मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँच करआमिर अली को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आगे की जाँच चल रही है।
आमिर की बीवी गुलफशा के मुताबिक उनका निकाह 20 फरवरी 2022 को हुआ था। आरोप है कि निकाह से पहले ही आमिर एक हिन्दू लड़की के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था जिसे लड़की के घर वालों से छिपाया गया। इस हरकत को एक साजिश बताते हुए गुलफशा ने इसमें आमिर के अब्बा आरिफ, अम्मी हमीदा, बहन लुबना और उजमा के साथ उसके जीजा इमरान और आसिफ को भी इसमें शामिल बताया है। इन सभी 7 आरोपितों पर दहेज के लिए पीड़िता को मारने-पीटने के साथ धमकी और गालियाँ देने का आरोप है।
मुरादाबाद
आमिर अली ने डीएम को दिया प्रार्थना पत्र,आमिर से अमित बनने को दिया प्रार्थना पत्र,हिंदू धर्म में बताई अपनी आस्था,पत्नी महक ने सोशल मीडिया के जरिए लगाया आरोप,हिंदू गर्लफ्रेंड से शादी करने को कर रहा है नाटक,मुग़लपुरा क्षेत्र निवासी आमिर ग़ाज़ियाबाद में करता है जॉब…. pic.twitter.com/4T2YLtkGLz
— Journalist Pankaj Upadhyay (@pankajupalive) July 12, 2023
गुलफश का आरोप है कि आरोपितों द्वारा कई बार गर्भ गिराने के बाद भी उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पैसा होने के 3 माह बाद उसका शौहर दूसरे निकाह की जिद करने लगा। गुलफशां के अनुसार उसने अपने शौहर की इस जिद का विरोध करने के साथ उसका मोबाइल भी चेक किया। आरोप है कि चैटिंग में आमिर और उसकी लिव इन पार्टनर मिल कर गुलफ़शा की हत्या की साजिश रच रहे थे। शिकायत में आमिर को उसकी लिव इन पार्टनर के साथ साल 2014 से रिलेशन में बताया गया है।
आमिर की बीवी की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 498- A, 420, 323, 504 के साथ दहेज़ अधिनियम 3/4 के तहत 7 आरोपितों पर केस दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
3 जुलाई 2023 को आमिर अली ने मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिख कर हिन्दू बनने की अनुमति माँगी थी। तब उसने पत्र में अपनी आस्था हिन्दुओं में बताते हुए इसे बिना किसी दबाव के लिया गया निर्णय बताया था। अपने पत्र में आमिर ने अपना नया नाम अमित माहेश्वरी रखने की इच्छा जताई थी। इस पत्र के सामने आने के बाद आमिर की बीवी गुलफशा ने अपने शौहर पर गंभीर आरोप लगाए थे। तब उन्होंने इसे हिन्दू लड़की से शादी करने की आमिर की साजिश बताया था।
'सुदर्शन न्यूज़' की एंकर कनिका अरोड़ा ने 'नज़ीर फूड्स' और Zomato के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुदर्शन न्यूज़ चैनल की एक एंकर ने जोमैटो और ‘नजीर फूड्स’ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में कनिका अरोड़ा नाम की एंकर ने इन दोनों पर को धोखे से खुद को मांसाहार खिलाने आरोप लगाया है। खुद को शाकाहारी बताते हुए पीड़िता का आरोप है कि उन्हें पनीर रोल के ऑर्डर के बाद भी चिकन रोल भेज दिया गया। एंकर ने इन दोनों कंपनियों को अपना धर्म भृष्ट होने का जिम्मेदार बताया है। घटना सोमवार (17 अप्रैल, 2023) की है।
मामला नोएडा के थाना क्षेत्र सेक्टर 49 का है। ‘सुदर्शन न्यूज़’ के सेक्टर 57 स्थित मुख्यालय में कनिका बतौर न्यूज़ एंकर काम करती हैं। पुलिस में मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार की रात लगभग 10:40 पर उन्होंने Zomato के माध्यम से ‘नजीर फूड्स’ को पनीर रोल का ऑर्डर दिया था। नजीर फूड्स द्वारा कनिका को पनीर रोल के बदले चिकन रोल भेज दिया। कनिका ने खुद को शुद्ध शाकाहारी बताते हुए ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर अपने धर्म को भ्रष्ट करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि पीड़िता द्वारा सवाल जवाब करने पर नजीर फूड्स ने उन्हें अपना किचन दिखाने से भी मना कर दिया। शिकायत के अंत में पीड़िता ने ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सुदर्शन न्यूज़ ने अपने एक शो में नजीर फूड्स और जोमैटो पर पहले भी अन्य ग्राहकों के साथ ऐसी हरकतें करने का आरोप लगाया है। सुदर्शन न्यूज़ द्वारा ‘नजीर फूड्स’ का लाईसेंस रद्द करने की भी माँग की जा रही है।
‘सुदर्शन न्यूज़’ ने अपने एक शो में कनिका द्वारा ऑर्डर की गई रसीद और भेजे गए खाने को भी दिखाया है। इस मामले में ऑपइंडिया ने जब ‘नजीर फूड्स’ का पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर सम्पर्क किया तो किसी ने कॉल नहीं उठाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए थाना सेक्टर 49 के प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि फ़िलहाल अभी तक उनके पास कोई भी पक्ष नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वो बाद में इस मामले पर कुछ बता पाएँगे।
हिंदुत्व की आतंकवाद से तुलना करने पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस में शिकायत की गई है। यह आरोप उनकी किताब सनराइज ओवर अयोध्या में की गई एक टिप्पणी के आधार पर लगा है। इस किताब का विमोचन 10 नवम्बर 2021 को किया गया था। सलमान खुर्शीद के ख़िलाफ़ दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने वाले वकील का नाम विवेक गर्ग है।
दिल्ली के वकील विवेक गर्ग ने सलमान खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस आयुक्त ऑफिस में दर्ज करायी शिकायत। खुर्शीद पर अपनी किताब "सनराइज ओवर अयोध्या" में हिंदू धर्म की आतंकवाद से तुलना कर उसे बदनाम करने का आरोप।#SalmanKhurshid#Hindu
इसी के साथ एक अन्य वकील विनीत जिंदल ने भी सलमान खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत की है। शिकायतकर्ता विनीत जिंदल की माँग है कि सलमान खुर्शीद पर 153, 153 A, 298 और 505 (2) के तहत मुकदमा चलाया जाए। शिकायतकर्ता के अनुसार पूर्व में केंद्रीय मंत्री रह चुके सलमान खुर्शीद के इन शब्दों से हिन्दुओं की भावनाएँ व्यापक रूप से आहत हुई हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के खिलाफ वकील @vineetJindal19 ने दर्ज की शिकायत @CPDelhi से खुर्शीद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग, वकील ने आरोप लगाया है कि सलमान खुर्शीद ने हिंदुत्ववादियों की तुलना आतंकी संगठन ISIS और बोको हरम जैसे आतंकी संगठनों की‘जिहादी सोच’ से कर दी है. pic.twitter.com/tiilcdLYos
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता विवेक गर्ग का आरोप है कि सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब में हिंदुत्व की तुलना ISIS और बोको हराम जैसे जिहादी संगठनों से की है। सलमान खुर्शीद ने हिन्दू धर्म की सबसे बड़े प्रेरणा गाँधी द्वारा बताए गए सिद्धांतों को माना है। उनके अनुसार उस पर कोई और लेवल लगा दिया जाए तो उसे वो नहीं मानने वाले। हिंदुत्व की राजनीति पर सलमान खुर्शीद का कहना है कि उनकी पार्टी में कुछ नेताओं को अल्पसंख्यक समर्थक छवि होने का पछतावा है। उनके अनुसार पार्टी का एक धड़ा पार्टी की पहचान जनेऊधारी के रूप में स्थापित करना चाहता है।
ये वो व्यक्ति हैं जिसके पूर्वजो ने आक्रान्ताओ के भोग विलास के लिए अपने को समर्पित किया था जिसके एवज में जागीर प्राप्त कर अपना पंथ बदल लिया था. ऐसे पंथ बदलने वालों की औलादे सनातन का घोर विरोधी होती है इनकी सोच विचार निम्न से निम्न स्तर की होती है. ये कुत्सित मानसिकता के होते हैं
हालांकि जनेऊधारी शब्द पर सवाल करने के बाद भी सलमान खुर्शीद ने ये नहीं बताया कि उनका इशारा किस की तरफ है। अयोध्या फैसले के बाद ख़ुशी को सलमान खुर्शीद ने कहा कि ऐसा लग रहा कि ख़ुशी पर एक ही पार्टी की है। उनका इशारा भारतीय जनता पार्टी की तरफ था।
सलमान खुर्शीद की इस किताब के विमोचन के बाद विरोध का सिलसिला शुरू हो गया है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने वीडियो जारी करते हुए सलमान खुर्शीद के विरोध में बयान दिया है। कपिल मिश्रा ने सलमान खुर्शीद की किताब को हिंदुत्व के विरुद्ध “बेशर्म कोशिश” करार दिया है। कपिल मिश्रा ने कहा है कि सलमान खुर्शीद ऐसा क्यों साबित करना चाहते हैं कि उनमें भी हामिद अंसारी वाली ही सोच है। कपिल मिश्रा ने सवाल किया कि’ ‘पूरी दुनिया में मानव बम कौन है?कपिल मिश्रा के अनुसार जिस देश ने सलमान खुर्शीद को इतना सम्मान दिया उसके विरुद्ध उनके मन में जहर भरा हुआ है। इसी के साथ उन्होंने इस्लामी आतंकवाद को छिपाने की साजिश के रूप में सलमान खुर्शीद जैसे तमाम लोगों को सक्रिय बताया।
इसी के साथ हिंदुत्व के उदारता वाले मुद्दे पर अमीश देवगन के साथ एक बहस में सलमान खुर्शीद ने कश्मीरी पंडितों पर आपत्तिजनक बात कही। अमीश देवगन ने सवाल किया कि, “क्या उदारता का मतलब ये है कि कश्मीरी पंडित कश्मीर से बाहर हो जाएँ?” इस पर उत्तर देते हुए सलमान खुर्शीद ने बेहद बेरुखी से कहा कि, “अरे हो गए तो हो गए…”
इस बहस के अंश को अशोक पंडित ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर भी किया है। अशोक पंडित ने लिखा है कि दिव्यांगों का अनुदान खा लेने वाले व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है?
*कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी के निर्देश पर कासगंज में अल्ताफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या की जानकारी लेने कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कासगंज पहुंच रहा है ।* *प्रतिनिधिमंडल में श्री सलमान खुर्शीद, राशिद अल्वी,तौकीर आलम, पंखुड़ी पाठक, डॉली शर्मा आदि हैं शामिल* pic.twitter.com/vn7f6oSbKT
इस बीच कांग्रेस पार्टी द्वारा सलमान खुर्शीद को कासगंज में कथित रूप से पुलिस कस्टडी में मरे अल्ताफ़ की मौत का जायजा लेने वाले प्रतिनिधि मंडल का सदस्य नियुक्त किया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वायरल किए जा रहे एक आधिकारिक पत्र में सलमान खुर्शीद के साथ राशिद अल्वी, तौकीर आलम, डॉली शर्मा और पंखुड़ी पाठक के कासगंज पहुँचने की बात कही जा रही है। चर्चाओं के अनुसार ये प्रतिनिधि मंडल प्रियंका गाँधी के निर्देश पर बनाया गया है। मृत अल्ताफ को एक नाबालिग लड़की के अपरहरण केस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।