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‘HR मैनेजर नहीं थी निदा खान’: TCS ने नासिक कांड पर जारी किया बयान, कहा- POSH की कोई शिकायत भी नहीं मिली; पुलिस कृतिवासन से भी पूछताछ करे


आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि जिस महिला कर्मचारी पर आरोप लगाए जा रहे हैं वह HR (मानव संसाधन) मैनेजर नहीं है और न ही नासिक का ऑफिस बंद हुआ है। TCS ने यह जानकारी शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में दी गई अपनी रिपोर्ट में दी।

कंपनी के मुताबिक, आरोपित निदा खान को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में HR मैनेजर या विभाग की प्रमुख बताया जा रहा है जबकि वह HR विभाग से जुड़ी ही नहीं हैं। वह सिर्फ एक प्रोसेस एसोसिएट (साधारण कर्मचारी) थीं और उनके पास कोई बड़ी जिम्मेदारी या नेतृत्व की भूमिका नहीं थी।

TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के कृतिवासन ने कहा, “मीडिया में गलत तरीके से निदा खान को HR मैनेजर बताया जा रहा है। वह न तो HR मैनेजर हैं और न ही हायरिंग का काम संभालती थी। वह सिर्फ एक कर्मचारी थी और उसके पास कोई नेतृत्व की जिम्मेदारी नहीं थी।”

अब सवाल यह है कि जिस CEO को यह नहीं मालूम कि उसकी कंपनी में किस तरह का षड़यंत्र चल रहा है फिर इस पद पर क्यों? क्या मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के कृतिवासन अपने आपको बचाने इस तरह के बयान दे रहा है? कोई गहरा राज है जिसका भांडा फूटना चाहिए। पुलिस कृतिवासन से भी पूछताछ करे। जब निदा खान HR नहीं थी, क्या CEO को नहीं मालूम कि कोई कर्मचारी किस तरह दुष्प्रचार कर रहा/रही है?     

     

कंपनी ने यह भी साफ किया कि नासिक का ऑफिस पूरी तरह चालू है। बयान में कहा गया, “नासिक में हमारा ऑफिस बंद नहीं हुआ है। वहाँ काम पहले की तरह चल रहा है और ग्राहकों को सर्विसेज दी जा रही हैं। ऑफिस बंद होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।”

TCS ने यह भी कहा कि उसे नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न से जुड़ी कोई भी शिकायत नहीं मिली है। कंपनी के मुताबिक, नासिक यूनिट के सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरुआती जाँच में ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है। ये शिकायतें कंपनी के एथिक्स (नैतिकता) या POSH चैनलों में भी दर्ज नहीं हैं। बयान में कहा गया, “विस्तृत जाँच अभी जारी है लेकिन नासिक यूनिट के सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरुआती जाँच से यह पता चलता है कि हमें एथिक्स या POSH चैनलों के जरिए ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसा आरोप लगाया जा रहा है।”

कंपनी ने बताया कि उसने जाँच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है। डेलॉइट और लॉ फर्म ट्राइलीगल की टीमों को स्वतंत्र सलाहकार के तौर पर जोड़ा गया है। यह जाँच टीसीएस की प्रेसिडेंट और COO आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में हो रही है। साथ ही, टाटा समूह की इस कंपनी ने एक निगरानी समिति (ओवरसाइट कमेटी) भी बनाई है, जिसकी अध्यक्षता केकी मिस्त्री कर रहे हैं। कंपनी ने कहा, “आंतरिक जाँच के नतीजे इस समिति के सामने रखे जाएँगे ताकि उनकी समीक्षा हो सके और जो भी सुझाव हों, उन्हें लागू किया जा सके।”

कंपनी ने फिर दोहराया कि वह किसी भी तरह के दबाव या गलत व्यवहार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करती। साथ ही, उसने यह भी कहा कि वह कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है।

बयान में कंपनी ने कहा, “हम हर कर्मचारी की सुरक्षा, सम्मान और भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, किसी भी तरह के दबाव या गलत व्यवहार के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। हम अपने कर्मचारियों का समर्थन करने और हर जगह सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं।” कंपनी ने आगे कहा, “हम कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग जारी रखे हुए हैं जिससे इस मामले की पूरी, पारदर्शी तरीके से जाँच हो सके और सही निष्कर्ष तक पहुँचा जा सके।”

प्राइवेट पार्ट पर बात, गंदे इशारे और देवी-देवताओं का अपमान: नासिक TCS मामले में मुस्लिम गैंग कैसे करते थे हिंदू महिलाओं को परेशान, 9 FIR की सारी डिटेल्स


नासिक के अशोका मार्ग पर स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट से हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, शारीरिक दुर्व्यवहार और धर्म के आधार पर भेदभाव का एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया। महज 48 घंटों के भीतर, मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में एक ही विभाग के पाँच मुस्लिम पुरुष कर्मचारियों के खिलाफ कई FIR दर्ज की गई हैं। ऑपइंडिया (OpIndia) के पास मौजूद इन FIR की कॉपियों से पता चला है कि इस BPO में काम करने वाली हिंदू महिलाएँ पिछले कई सालों से यौन शोषण और धार्मिक प्रताड़ना का शिकार हो रही थीं।

इन मामलों में आरोपित शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख सभी ओडीसी-02 (ODC-02) यूनिट से जुड़े हैं, जो कॉलिंग के जरिए एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड कलेक्शन का काम संभालते हैं। दर्ज की गई शिकायतों में तीन हिंदू महिला कर्मचारियों (जिनमें दो 23 साल की सहयोगी और एक 36 साल की टीम लीडर) ने दफ्तर के बेहद खराब माहौल का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वहाँ लगातार यौन उत्पीड़न, निजी जिंदगी को लेकर बेतुके सवाल, गलत तरीके से छूने की कोशिश और हिंदू धार्मिक मान्यताओं पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की जाती थीं।

(FIR नंबर: 156/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर अश्लील टिप्पणी और यौन शोषण

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाली एक 23 वर्षीय हिंदू छात्रा ने सहकर्मी दानिश शेख, तौसीफ अख्तर और निदा खान के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धार्मिक प्रताड़ना पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, आरोपित दानिश शेख ने अपने निकाह और दो बच्चों की बात छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फँसाया और शादी का झांसा देकर जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक अलग-अलग होटलों में उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान आरोपित तौसीफ और निदा खान ने पीड़िता को इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया और शिवलिंग व भगवान कृष्ण सहित हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं।

हद तो तब हो गई जब तौसीफ अख्तर ने पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए ऑफिस की पेंट्री और लॉबी में यौन उत्पीड़न किया और धमकी दी कि यदि उसने उसकी शारीरिक माँगें पूरी नहीं कीं, तो वह उसके घर वालों को सब बता देगा। इस पूरे मामले में आरोपितों ने न केवल पीड़िता का विश्वास तोड़ा, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी धार्मिक भावनाओं और गरिमा को छलनी किया।

(FIR नंबर: 163/2026) रजा मेमन और शाहरुख पर गंभीर आरोप, हेड अश्विनी पर भी कार्रवाई

नासिक की TCS कंपनी (BPO यूनिट) में काम करने वाली एक 25 वर्षीय शादीशुदा महिला कर्मचारी ने टीम लीडर रजा मेमन और सहकर्मी शाहरुख कुरैशी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई। FIR के अनुसार, रजा मेमन मई 2023 से ही पीड़िता को अकेले पाकर गंदी नीयत से छूने, अश्लील पहेलियाँ बुझाने और घूरने जैसी हरकतें कर रहा था। पीड़िता की शादी होने के बाद आरोपित ने उसकी पर्सनल लाइफ पर भद्दे और ‘सेक्सुअली सजेस्टिव’ कमेंट्स किए, जैसे- ‘रात में क्या करती हो कि दिन में नींद आती है?’ और गोवा ट्रिप के नाम पर ‘हनीमून और शराब’ जैसे शर्मनाक सवाल पूछे।

                                                      ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

शिकायत में यह भी आरोप है कि जब पीड़िता ने विरोध किया, तो टीम लीडर रजा ने उसका नाम ऑफिस बॉय से जोड़कर चरित्र हनन किया और दानिश-तौसीफ के साथ मिलकर उस पर काम का बोझ बढ़वा दिया। हद तो तब हो गई जब गुड़ी पड़वा पर साड़ी पहनकर आने पर शाहरुख ने उसे गंदी नजरों से देखा और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप कंपनी की ऑपरेशनल हेड अश्विनी चौनानी पर है, जिन्होंने बार-बार शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि आरोपितों का साथ देकर पीड़िता की आवाज दबाने की कोशिश की।

(FIR नंबर: 164/2026) हिंदू महिलाओं के अंगों को घूरते थे मुस्लिम कर्मचारी, मिसकैरेज होने पर जबरन ‘अजमेर के मौलवी’ के पास भेजने का दबाव

नासिक की TCS कंपनी में एक 36 वर्षीय हिंदू महिला टीम लीडर ने मुस्लिम सहकर्मियों के एक खास गुट पर धार्मिक प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज आरोप लगाया। FIR के अनुसार, शफी शेख, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी जैसे मुस्लिम कर्मचारी दफ्तर में एकजुट होकर गैर-मजहबी लड़कियों और लड़कों को चुन-चुनकर निशाना बनाते हैं। पीड़िता ने बताया कि आरोपित शफी शेख मीटिंग के दौरान सार्वजनिक रूप से उसके प्राइवेट पार्ट्स (छाती) को गंदी नजरों से घूरता था और विरोध करने पर गंदी मुस्कान देता था, जिसकी शिकायत के बावजूद उसे सिर्फ दूसरे विभाग में भेज दिया गया जहाँ से वह लगातार पीड़िता का पीछा करता रहा।

                                               ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

हद तो तब पार हो गई जब फरवरी 2026 में पीड़िता का मिसकैरेज (गर्भपात) हुआ, तो तौसीफ अत्तर ने उसकी व्यक्तिगत पीड़ा का मजाक उड़ाते हुए उसे ‘अजमेर के मौलवी’ का नंबर दिया और जबरन वहाँ जाने का दबाव बनाया। आरोपितों पर आरोप है कि वे दफ्तर में हिंदू लड़कियों पर अश्लील कमेंट करते हैं, उन्हें सिर से पैर तक गंदी नजरों से घूरते हैं और उनकी निजी जिंदगी में दखल देकर उन्हें मजहबी आधार पर प्रताड़ित और शर्मिंदा करते हैं।

(FIR नंबर: 165/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर भद्दी टिप्पणी और महिला कर्मचारी को प्राइवेट पार्ट दिखाकर किया यौन उत्पीड़न

नासिक की TCS कंपनी में कार्यरत 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने बिजनेस प्रोसेस लीडर तौसीफ अत्तर के खिलाफ यौन प्रताड़ना और हिंदू धर्म के अपमान की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, आरोपित तौसीफ दफ्तर में हिंदू लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और उनके अंगों को देखकर आँखें मारता था। पीड़िता ने बताया कि तौसीफ आने-जाने वाली लड़कियों के फिजिकल साइज पर भी बात करता था। हद तो तब पार हो गई जब दिसंबर 2025 में पीड़िता को छाछ पीते देख आरोपित ने अपने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा करते हुए बेहद अश्लील टिप्पणी की और कहा- ‘मेरे पास भी छाछ है, तुझे चाहिए क्या?’

                                                          ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

 यही नहीं, आरोपित ने दफ्तर में हिंदू धर्म और आस्था पर भी जहरीला हमला बोला। पीड़िता की टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति को देखकर मुझसे पूछा कि क्या महादेव सच में भगवान हैं? अगर पार्वती ने गणपति को बनाया, तो महादेव को इसके बारे में क्यों नहीं पता? गणेश सच में महादेव के बेटे है? यह कहते हुए तौसीफ ने देवी पार्वती के चरित्र पर कीचड़ उछाला। इसके अलावा, उसने भगवान ब्रह्मा के लिए भी टिप्पणी कर कहा कि ब्रह्मा अपनी ही बेटी का रेपिस्ट है। और प्रभु श्री राम व माता सीता के बारे में अपमानजनक बातें कहीं कि उन्होंने वनवास में मांस खाया होगा, वे कंद खाकर नहीं रह सकते। तौसीफ ने जहर उगलते हुए हिंदू देवताओं को ‘झूठा’ और ‘दिखावे वाला’ बताया और इस्लाम को श्रेष्ठ साबित करने के लिए हिंदू भावनाओं को बुरी तरह कुचला।

(FIR नंबर: 166/2026) हिंदू कर्मचारी को जबरन खिलाया नॉन-वेज, पत्नी के लिए बोली बेहद शर्मनाक बात

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाले एक वरिष्ठ विश्लेषक ने सहकर्मी तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ये आरोपित दफ्तर में एक संगठित गिरोह की तरह काम करते थे और हिंदू कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराने का दबाव डालते थे। पीड़ित, जो रुद्राक्ष की माला पहनते हैं और धार्मिक मार्ग पर चलते हैं, उन्हें आरोपितों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोपितों ने छत्रपति संभाजी महाराज को ‘इस्लाम का गुलाम’ बताकर अपमानित किया। हद तो तब हो गई जब आरोपितों ने पीड़ित के शाकाहारी होने के बावजूद उन्हें देर रात जबरन नॉन-वेज खिलाया और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी।

                                                  ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

इस गिरोह की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। जब आरोपितों को पता चला कि पीड़ित की संतान नहीं हो रही है, तो तौसीफ और दानिश ने सारी मर्यादाएँ लाँघते हुए घटिया टिप्पणी की। आरोपितों ने पीड़ित से कहा, “दवा से बच्चे नहीं हो रहे, तो अपनी पत्नी को हमारे पास भेज दो।” इसके अलावा, पीड़ित को धोखे से घर ले जाकर जबरन टोपी पहनाई गई, कलमा पढ़वाया गया और उसकी तस्वीरें वायरल कर दी गईं। FIR में यह भी आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर की महिलाओं को देखकर गंदे कमेंट्स करते थे और कहते थे कि ‘तुम जो भी पसंद करोगी, उसे खुश करना होगा।’ जब पीड़ित ने इस धर्मांतरण और उत्पीड़न का विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई और काम के बहाने प्रताड़ित किया गया।

(FIR नंबर: 167/2026) हिंदू महिला के अंगों को हाथ से छुआ, भगवान कृष्ण को बताया ‘औरतबाज’

नासिक की TCS कंपनी में 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी (जो एक पावरलिफ्टर भी हैं) ने आसिफ अंसारी, शफी शेख और तौसीफ अत्तर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के मुताबिक, आरोपित आसिफ अंसारी ने पीड़िता की छाती को सरेआम घूरते हुए अश्लील सवाल पूछा, “तुम्हारी पसंद छोटी है या बड़ी?” पीड़िता के वजन और शरीर की बनावट का मजाक उड़ाते हुए आरोपित तौसीफ और आसिफ उस पर गंदे कमेंट्स करते थे। दिसंबर 2024 में आरोपित शफी शेख ने पीड़िता के पास बैठकर पैर से पैर रगड़ा और काम सिखाने के बहाने उसके सीने और प्राइवेट पार्ट्स को हाथ से छुआ। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपित गंदी मुस्कान देकर वहाँ से चला गया।

                                                 ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

यही नहीं, आरोपितों ने दफ्तर के माहौल को मजहबी जहर से भर दिया था। आरोपित तौसीफ अत्तर ने हिंदू आस्था को चोट पहुँचाने के लिए भगवान कृष्ण को ‘औरतबाज’ कहा और भगवान शिव व माता पार्वती के रिश्ते पर निहायत ही गंदी और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर में एकजुट होकर हिंदू लड़कियों को उनके शरीर और धर्म के आधार पर शर्मिंदा करते थे।

(FIR नंबर: 168/2026) नई नवेली हिंदू दुल्हन से ‘हनीमून’ पर अश्लील सवाल, भगवान ‘नंगे’ रहने पर टिप्पणी

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय विवाहित हिंदू महिला कर्मचारी ने शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख के खिलाफ सामूहिक उत्पीड़न की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, पीड़िता की शादी के महज एक महीने बाद ही टीम लीडर रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने उसे दफ्तर में घेर लिया और उसके हनीमून को लेकर गंदे और अश्लील सवाल पूछे लगे, जैसे- ‘हनीमून पर क्या किया? क्या तुम्हारे पति ने तुम्हें गाजर दी?’ आरोपितों ने पीड़िता का नाम ‘प्लेयर’ रख दिया था और उसे अपने पति को छोड़कर दूसरा बॉयफ्रेंड बनाने के लिए मजबूर किया।

                                            ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपित आसिफ अंसारी दफ्तर में पीड़िता को जबरन गले लगा लेता था, उसकी कमर, पेट और जाँघों को गंदी नीयत से छूता था और उसके अंदर के कपड़ों (innerwear) के साइज के बारे में भद्दी बातें पूछता था। आरोपित तौसीफ अत्तर भी काम सिखाने के बहाने पीड़िता के अंगों पर हाथ फेरता था और ‘संतरे छोटे हैं या बड़े’ जैसी अश्लील टिप्पणियाँ करता था। आरोपितों ने हिंदू धर्म पर भी जहर उगला। आसिफ अंसारी ने कहा कि ‘तुम्हारे भगवान नंगे घूमते हैं और तुम लोग नकाब नहीं पहनती, इसीलिए तुम हिंदुओं का रेप होता है।’ गुड़ी पड़वा के दिन आरोपितों ने पीड़िता की साड़ी का पल्लू तक खींच लिया। इन दरिंदों ने पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वह दफ्तर जाने से भी डरने लगी थी।

(FIR नंबर: 169/2026) महिला कर्मचारी की बीमारी का मजाक उड़ाया, प्राइवेट पार्ट और ‘फिजिकल रिलेशन’ पर पूछते अश्लील सवाल

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने शफी शेख, रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ट्रेनिंग के बहाने आरोपित शफी शेख पीड़िता को घेर लेता था और काम की जगह उसकी निजी जिंदगी पर गंदे सवाल पूछता था। शफी पीड़िता से पूछता था कि ‘क्या तुम्हारे अपने बॉयफ्रेंड के साथ फिजिकल रिलेशन (शारीरिक संबंध) रहे हैं?’ और ‘क्या तुम रात को सोई या नहीं?’। हद तो तब हो गई जब अगस्त 2025 में आरोपित ने कैंटीन में पीड़िता को अकेला पाकर जबरन ‘गर्लफ्रेंड’ बनने का दबाव बनाया, जिससे डरकर पीड़िता रोने लगी।
                                                 ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी
शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता ने इसकी शिकायत अपने टीम लीडर रज़ा मेमन से की, तो उसने आरोपित शफी के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय उसे शह दी और खुद भी पीड़िता का शोषण शुरू कर दिया। रजा मेमन ने पीड़िता की बीमारी (PCOD) का मजाक उड़ाते हुए उसके शरीर पर भद्दी टिप्पणियाँ कीं और उसे जिम जाने व फेशियल कराने की सलाह देते हुए गंदी नीयत से छूने की कोशिश की। आरोपित शाहरुख कुरैशी ने भी पीड़िता को व्यवस्थित ट्रेनिंग न देकर उसे शफी के हवाले कर दिया ताकि वे मिलकर उसे प्रताड़ित कर सकें। पीड़िता ने बताया कि आरोपित उस पर नजर रखते थे और उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे, जिससे वह दफ्तर में असुरक्षित महसूस करने लगी थी।

(FIR नंबर: 171/2026) हिंदू युवती के शरीर पर भद्दे कमेंट्स, गुड़ी पड़वा पर ड्रेस को लेकर उड़ाया मजाक और डाली गंदी नजर

नासिक की TCS कंपनी से 23 वर्षीय हिंदू पीड़िता ने रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, शाहरुख कुरैशी पीड़िता को अकेले पाकर जबरन उसकी पर्सनल लाइफ, बॉयफ्रेंड और ‘एक्स’ के बारे में अश्लील सवाल पूछता था और माता-पिता की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसे अपने साथ घूमने चलने के लिए दबाव डालता था। आरोपित रजा मेमन ने पीड़िता के शरीर पर भद्दे कमेंट्स करते हुए उसे ‘शेप में आने’ और जिम जाने जैसी शर्मनाक बातें कहीं।
                                              ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर पीड़िता नई ड्रेस पहनकर ऑफिस आई। आरोपित रजा मेमन ने उसे सबके सामने बुलाकर सिर से पैर तक गंदी नजर से घूरा और हिंदू त्योहारों का अपमान करते हुए ताना मारा कि ‘क्या तुम पूजा नहीं करती, बस तैयार होकर ऑफिस आ जाती हो?’ आरोपितों ने दफ्तर में ऐसा खौफ पैदा कर रखा था कि पीड़िता शिकायत करने से भी डरती थी। पीड़िता का आरोप है कि ये लोग उस पर लगातार नजर रखते थे और गंदे इशारे कर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे।

नासिक TCS कंपनी से सामने आई यह रिपोर्ट न केवल यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा है, बल्कि एक इस्लामिक संगठित गिरोह द्वारा हिंदू आस्था और मानवाधिकारों पर किया गया गहरा प्रहार भी है। दफ्तर जैसे पेशेवर माहौल को मजहबी कट्टरता, लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिशों का अड्डा बनाना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह बेहद शर्मनाक है कि जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्राथमिकता होनी चाहिए थी, वहाँ उनकी धार्मिक पहचान को हथियार बनाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से छलनी किया गया।(साभार) 

1965 से 2026 तक का वो खौफनाक इतिहास, जब हवाई दुर्घटनाओं में दिग्गजों ने गँवाई जान : होमी भाभा-संजय गाँधी से जनरल रावत और अजित पवार तक

अजित पवार के अलावा इन दिग्गज राजनेताओं की मौत भी विमान हादसे में हुई (साभार : NDTV, News18, Aajtak & Deccanherald)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार (28 जनवरी 2026) सुबह बारामती में एक विमान हादसे में दुखद निधन हो गया। मुंबई से उड़ान भरने के बाद लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन अनियंत्रित होकर खेतों में जा गिरा और धू-धू कर जल उठा। इस हादसे ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अजित पवार अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, भारतीय राजनीति का इतिहास ऐसे कई काले पन्नों से भरा है जब ‘आसमानी सफर’ ने देश के कई राजनेताओं को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

जब सरहद पर पाकिस्तानी हमले का शिकार हुआ गुजरात के मुख्यमंत्री का विमान

19 सितंबर 1965 की वह शाम भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक पन्नों में से एक है, जब गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का विमान पाकिस्तानी वायु फौज ने बीच हवा में मार गिराया था। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मेहता अपनी पत्नी सरोजबेन, तीन स्टाफ सदस्यों और एक पत्रकार के साथ कच्छ सीमा के दौरे पर थे। जैसे ही उनका विमान मीठापुर से उड़ा, पाकिस्तानी फाइटर जेट के पायलट कैश हुसैन ने उसे घेर लिया।

विमान उड़ा रहे रिटायर्ड पायलट जहाँगीर इंजीनियर ने विंग्स हिलाकर दया का संकेत भी दिया, लेकिन पाकिस्तानी फौज के आदेश पर महज 100 मीटर की ऊँचाई पर विमान को मिसाइल से नेस्तनाबूद कर दिया गया। इस कायराना हमले में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी समेत विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास की पहली और इकलौती घटना थी, जब युद्ध के दौरान किसी मुख्यमंत्री के नागरिक विमान को निशाना बनाया गया।

आल्प्स की पहाड़ियों में दफन हुआ भारत का ‘परमाणु सपना’

24 जनवरी 1966 की वह सर्द सुबह भारत के लिए एक ऐसी त्रासदी लेकर आई, जिसने देश के वैज्ञानिक भविष्य की नींव हिला दी। भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक और महान वैज्ञानिक होमी जहाँगीर भाभा एयर इंडिया के विमान ‘कंचनजंघा’ से जिनेवा जा रहे थे, तभी फ्रेंच आल्प्स की माउंट ब्लांक चोटियों से टकराकर उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस खौफनाक हादसे में भाभा समेत सभी 117 लोगों की मौत हो गई। हालाँकि, आधिकारिक रिपोर्ट ने इसे नेविगेशनल गलती बताया, लेकिन महज 18 महीने में परमाणु बम बनाने का दावा करने वाले भाभा की मौत पर आज भी साजिश के बादल मंडराते हैं। कई थ्योरीज दावा करती हैं कि भारत की परमाणु शक्ति को रोकने के लिए सीआईए (CIA) ने विमान में बम लगाया था। ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री के निधन के महज दो हफ्ते बाद हुई इस घटना ने पूरे राष्ट्र को एक गहरे शून्य में धकेल दिया था।

संजय गाँधी की वो आखिरी उड़ान: रोमांच जब बन गया काल

अजित पवार के प्लेन क्रैश ने आज पूरे देश को 46 साल पुराने उस मंजर की याद दिला दी, जिसने इंदिरा गाँधी के लाडले संजय गाँधी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया था। 23 जून 1980 की वो सुबह दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट पर आम दिनों जैसी ही थी, जब 33 साल के तेजतर्रार नेता संजय गाँधी अपने नए ‘पिट्स एस-2ए’ विमान में सवार हुए। इंदिरा गाँधी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले संजय गाँधी अपनी बेबाक शैली और युवाओं में जबरदस्त पैठ के लिए जाने जाते थे। उस दिन वे काफी उत्साहित थे और सुबह करीब 8 बजे अपने प्रशिक्षक सुभाष सक्सेना के साथ हवा में कलाबाजियाँ दिखाने के लिए उड़ान भरी।
अगले 11 मिनट तक आसमान में रोमांच का खेल चलता रहा। विमान कभी गोते लगाता तो कभी अचानक ऊँचाई छूता। लेकिन 12वें मिनट में जैसे ही संजय गाँधी ने खतरनाक करतब दिखाने के लिए विमान को नीचे झुकाया, अचानक इंजन बंद हो गया। देखते ही देखते विमान जमीन पर आ गिरा और सब कुछ खत्म हो गया। जब प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी अस्पताल पहुँचीं और बेटे का बेजान शरीर देखा तो वे फफक कर रो पड़ीं। उस एक हादसे ने न केवल एक माँ की गोद सूनी की, बल्कि देश की राजनीति का रुख भी हमेशा के लिए बदल दिया।

माधवराव सिंधिया: नियति का वो क्रूर फैसला और ग्वालियर का ‘काला रविवार’

30 सितंबर 2001 की वह सुबह ग्वालियर के लिए किसी आम दिन जैसी ही शुरू हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान से आई एक खबर ने पूरे देश को सन्न कर दिया। कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता और ग्वालियर के ‘महाराज’ माधवराव सिंधिया को उस दिन वास्तव में कानपुर की एक रैली में नहीं जाना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तबीयत खराब होने के कारण सिंधिया जी ने उनके स्थान पर रैली में जाने का फैसला किया। उन्होंने सुबह फोन पर अपने करीबियों से कहा था कि शाम को लौटकर मीटिंग करेंगे, पर वह शाम कभी नहीं आई। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के करहल में भारी बारिश के बीच उनका निजी ‘सेसना’ विमान आग का गोला बनकर खेतों में जा गिरा।
जैसे ही यह खबर फैली कि विमान में माधवराव सिंधिया सवार थे, ग्वालियर से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। ग्वालियर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और हजारों लोग बदहवास होकर ‘जयविलास पैलेस’ की ओर दौड़ पड़े। शहर के 90 फीसदी घरों में उस शाम चूल्हा नहीं जला था। हर आँख नम थी और हर दिल अपने लाडले नेता के लिए दुआ कर रहा था। उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब का वो मंजर ऐतिहासिक था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरी संसद को एक विमान से ग्वालियर लाने का फैसला किया था। महात्मा गाँधी के बाद यह देश का पहला ऐसा शोक जलसा था, जहाँ किसी गैर-पदेन नेता के लिए लाखों लोग बिलख-बिलख कर सड़कों पर उतर आए थे।

जीएमसी बालयोगी: लोकसभा के वो ‘सबसे युवा’ अध्यक्ष जिनका सफर तालाब में थम गया

गंती मोहन चंद्र बालयोगी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने महज 51 साल की उम्र में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। वे लोकसभा के सबसे युवा और पहले दलित अध्यक्ष थे, जिन्हें उनकी शालीनता और कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहने के लिए जाना जाता था। एक वकील और मजिस्ट्रेट से अपना करियर शुरू करने वाले बालयोगी ने संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए कई कड़े सुधार किए। उन्होंने ही सबसे पहले सदन के ‘वेल’ में हंगामा करने वाले सांसदों के स्वतः निलंबन का नियम बनाया और सांसदों के लिए आचार संहिता लागू की। साल 2001 के संसद हमले के बाद सुरक्षा पुख्ता करने में भी उनकी भूमिका अहम रही थी।
3 मार्च 2002 की वह सुबह उनके जीवन की आखिरी सुबह साबित हुई। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में सफर के दौरान उनका ‘बेल 206’ हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी और घने कोहरे का शिकार हो गया। पायलट को धुँध के कारण रास्ता नहीं दिखा और उसने जमीन समझकर हेलीकॉप्टर को एक तालाब में उतारने की कोशिश की, जिससे यह भयानक हादसा हो गया। इस क्रैश में बालयोगी समेत उनके सुरक्षा अधिकारी और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को विजयवाड़ा, हैदराबाद और दिल्ली ले जाया गया, जहाँ हजारों लोगों ने नम आँखों से अपने प्रिय ‘शांतिदूत’ को विदाई दी।

सहारनपुर के आसमान में थमी ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह की धड़कनें

31 मार्च 2005 की वह दोपहर हरियाणा की राजनीति के लिए एक काला साया लेकर आई, जब सहारनपुर के पास हुए एक हेलिकॉप्टर क्रैश में दिग्गज बिजनेसमैन और तत्कालीन ऊर्जा मंत्री ओम प्रकाश जिंदल का निधन हो गया। वे चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे, तभी अचानक हेलिकॉप्टर के इंजन में खराबी आ गई। इस भयानक हादसे में जिंदल के साथ हरियाणा के कृषि मंत्री चौधरी सुरेंद्र सिंह और पायलट कर्नल टीएस चौहान की भी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के गिरते समय सुरेंद्र सिंह को दिल का दौरा पड़ा था, जबकि ओपी जिंदल का सिर खिड़की से टकराने की वजह से उन्हें जानलेवा चोट आई। इस दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था क्योंकि जिस हेलिकॉप्टर ने यह गोता खाया था, वह बिल्कुल नया था।

वाई एस राजशेखर रेड्डी: पहाड़ियों में खो गया आंध्र का नायक

2 सितंबर 2009 की वह सुबह आंध्र प्रदेश के लिए किसी काल से कम नहीं थी। मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी (YSR) अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘प्रजापथम’ के लिए चित्तूर जिले की ओर निकले थे। सुबह 8:38 बजे जब उनके बेल-430 हेलीकॉप्टर ने हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट से उड़ान भरी तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। करीब एक घंटे बाद, जब हेलीकॉप्टर नल्लामाला के घने और खतरनाक जंगलों के ऊपर से गुजर रहा था, अचानक ATS से उसका संपर्क टूट गया। पूरा सरकारी अमला और सुरक्षा एजेंसियाँ सन्न रह गईं। बारिश इतनी तेज थी कि घंटों तक कुछ पता नहीं चला और अफवाहें उड़ने लगीं कि कहीं नक्सलियों ने मुख्यमंत्री का अपहरण तो नहीं कर लिया?
अगले 24 घंटे तक पूरा देश साँसें थामकर टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहा। तलाशी अभियान में सेना के सुखोई विमान, इसरो के सैटेलाइट और थर्मल इमेजिंग की मदद ली गई। अगले दिन सुबह करीब 9:20 बजे वायुसेना को ‘पसुरुतला’ पहाड़ियों (पिजन हिल के सामने) पर हेलीकॉप्टर का मलबा दिखा। जब राहतकर्मी और मीडिया की टीमें वहाँ पहुँचीं, तो मंजर खौफनाक था। हेलीकॉप्टर के टुकड़े पाँच एकड़ में बिखरे थे और इंजन जलकर खाक हो चुका था।
डीजीसीए (DGCA) की जाँच में खुलासा हुआ कि यह कोई साजिश नहीं, बल्कि एक तकनीकी चूक और पायलट की गलती थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हेलीकॉप्टर के गियरबॉक्स में खराबी आ गई थी और उसे ठीक करने के चक्कर में पायलटों ने नियंत्रण खो दिया। साथ ही, उड़ान से पहले जरूरी सुरक्षा जाँच भी पूरी नहीं की गई थी।

तवांग की पहाड़ियों में खो गए दोरजी खांडू, पाँच दिन बाद मिला मलबा

30 अप्रैल 2011 की सुबह अरुणाचल प्रदेश के लिए एक काले साये की तरह आई, जब मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का पवन हंस हेलीकॉप्टर तवांग से ईटानगर जाते समय रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया। उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद, 13,000 फीट ऊँचे सेला दर्रे के पास पहुँचते ही एटीसी से उनका संपर्क टूट गया। अगले पाँच दिनों तक पूरा देश और राज्य सरकार गहरी चिंता में रही, क्योंकि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच भारतीय वायु सेना के सुखोई विमान और इसरो के सैटेलाइट भी मलबे का सटीक पता नहीं लगा पा रहे थे।
आखिरकार, बुधवार सुबह चीन सीमा के पास लुगुथांग गाँव के लोगों ने मलबे की सूचना दी, जहाँ मुख्यमंत्री का निर्जीव शरीर और दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के अवशेष मिले थे। इस दिल दहला देने वाले हादसे में मुख्यमंत्री के साथ सवार चार अन्य लोगों की भी दुखद मौत हो गई थी।

जनरल बिपिन रावत: कुन्नूर की पहाड़ियों में थम गई देश के पहले ‘चीफ’ की सांसें

8 दिसंबर 2021 का वो काला दिन भारत कभी नहीं भूल सकता, जब तमिलनाडु के कुन्नूर की पहाड़ियों में हुए एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत को छीन लिया। जनरल रावत अपनी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य कर्मियों के साथ Mi-17 V5 चॉपर में सवार होकर वेलिंगटन जा रहे थे। रक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट और जाँच से साफ हुआ है कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी या साजिश का नतीजा नहीं था, बल्कि अचानक बदले मौसम और घने बादलों की वजह से हुई ‘पायलट की चूक’ (ह्यूमन एरर) थी। चश्मदीदों ने बताया कि विमान तेजी से पेड़ों से टकराया और पल भर में आग के गोले में तब्दील हो गया।
हैरानी की बात यह है कि जनरल रावत के हेलीकॉप्टर को ‘मास्टर ग्रीन’ कैटेगरी का क्रू उड़ा रहा था, जो सबसे कम विजिबिलिटी में भी विमान संभालने में माहिर माने जाते हैं। 16 मार्च 1958 को जन्मे जनरल रावत का सैन्य सफर 1978 में गोरखा राइफल्स से शुरू हुआ था और अपनी काबिलियत के दम पर वे भारतीय सेना के प्रमुख और फिर देश के पहले सीडीएस बने। 18वीं लोकसभा की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच वायुसेना के जो 34 हादसे हुए, उनमें कुन्नूर का यह क्रैश सबसे ज्यादा झकझोर देने वाला था। इस एक दुर्घटना ने न केवल एक जांबाज योद्धा को खो दिया, बल्कि भारतीय सैन्य नेतृत्व में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया जिसे भरना नामुमकिन है।

लंदन की उड़ान बनी आखिरी सफर, विमान हादसे में विजय रूपाणी का निधन

12 जून 2025 की वो तारीख गुजरात के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई, जब सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एक भीषण विमान हादसे का शिकार हो गए। वे अहमदाबाद एयरपोर्ट से एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद विमान अपना संतुलन खो बैठा और एक भयावह दुर्घटना का शिकार हो गया। इस रूह कँपा देने वाले हादसे में विजय रूपाणी समेत विमान में सवार सभी 241 यात्रियों की मौत हो गई। उनकी पहचान करना इतना मुश्किल था कि हादसे के कई दिनों बाद DNA मिलान के जरिए उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि हो सकी।
राजकोट में हुए उनके अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता को नम आँखों से अंतिम विदाई दी। 21 तोपों की सलामी के बीच जब विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ, तो पूरा शहर शोक की लहर में डूबा था। गुजरात ने अपना एक सादगी पसंद और मिलनसार नेता एक ऐसी आसमानी आफत में खो दिया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।

अरब सागर से उठा ‘शक्ति’ चक्रवात, 100km/hr है रफ्तार: भारत के कौन-कौन से राज्यों पर पड़ेगा असर, क्या है निपटने की तैयारी

                                                 चक्रवात तूफान का असर ( फोटो साभार-x@imd)
2025 का अरब सागर में उठा चक्रवात ‘शक्ति’ रौद्ररूप धारण कर चुका है और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ समुद्र में कोहराम मचा रहा है। यह इस साल अरब सागर में मानसून के बाद का पहला चक्रवाती तूफान है, जिसका नामकरण ‘शक्ति’ श्रीलंका ने किया है।

क्या है चक्रवाती तूफान शक्ति

मानसून के बाद अरब सागर में उठने वाला चक्रवात शक्ति पहला तूफान है। यह भयानक रूप धारण कर चुका है, जिसकी हवाएँ 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। तूफान गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर है और अरब सागर में आगे बढ़ रहा है। चक्रवात की वर्तमान स्थिति को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र में चेतावनी जारी कर दी गई है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में जाने से बचने को कहा गया है। कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जमीन से कब टकराएगा चक्रवात ‘शक्ति’

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शक्ति तूफान के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने और रविवार तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और आसपास के मध्य भागों तक पहुँचने की संभावना है। फिर, सोमवार सुबह से, इसके दिशा बदलने और पूर्व, उत्तर-पूर्व की ओर वापस लौटने का अनुमान है। इस दौरान यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा। शनिवार 4 अक्टूबर को इसके ओमान की तरफ बढ़ जाने से भारत में इससे होने वाले नुकसान की आशंका कम हो गई है।

इसके महाराष्ट्र- गुजरात के तट से टकराने की संभावना काफी कम हो गयी है। क्योंकि यह गुजरात और महाराष्ट्र के तटों से दूर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। हालाँकि 7 अक्टूबर 2025 तक महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में तेज हवाएं, भारी बारिश और ऊंची लहरें उठ सकती हैं, इसलिए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। 

महाराष्ट्र- गुजरात के समुद्री इलाकों में जबरदस्त असर

आईएमडी के मुताबिक सोमवार (6 अक्टूबर 2025) तक 60-100 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चलने का अनुमान लगाया है। साथ ही गुजरात-महाराष्ट्र तट पर समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब होने का अनुमान लगाया है। मंगलवार (7 अक्टूबर 2025) को हवा की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की हो सकती है। मछुआरों को मंगलवार तक उत्तर-पश्चिमी अरब सागर क्षेत्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार 4 अक्टूबर 2025 को ही चक्रवात ‘शक्ति’ के जबरदस्त तूफान में तब्दील होने की चेतावनी दी थी। इससे मुंबई और समुद्र से सटे इलाकों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। महाराष्ट्र के आंतरिक हिस्सों, विशेषकर मराठवाड़ा और पूर्वी विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पाँच दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए, आईएमडी ने कहा है कि मुंबई में 8 अक्टूबर तक बारिश होती रहेगी। ठाणे और रायगढ़ ज़िलों में भी बारिश होने की संभावना है। हालाँकि पालघर जिले में 8 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है।

महाराष्ट्र में की गई तैयारियाँ

महाराष्ट्र सरकार ने चक्रवात ‘शक्ति’ से निपटने के लिए तैयारियाँ कर ली हैं। राज्य सरकार ने पहले ही जिला प्रशासन को अपनी आपदा प्रबंधन सिस्टम को एक्टिव करने के लिए कहा था। तटीय और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुँचाया जा रहा है। लोगों को समुद्री तूफान से सावधान रहने, समुद्री तटों से दूर रहने, घरों से नहीं निकलने, समुद्री यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है। उत्तरी कोंकण के निचले हिस्से में बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।

गुजरात में चक्रवात से निपटने की तैयारियाँ

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात शक्ति के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की है। सौराष्ट्र के तटीय जिलों के कलेक्टर अपने क्षेत्र में लौट आए हैं। ये लोग गाँधीनगर में भूमि प्रशासन और आपदा प्रबंधन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने गए थे। कलेक्टर ऑफिस के कर्मचारियों की रविवार (5 अक्टूबर 2025) की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई है।

गुजरात के समुद्र से सटे सभी जिले स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, हालाँकि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, चक्रवात ‘शक्ति’ के गुजरात में आए बिना ही समुद्र में चले जाने की संभावना है।

6 अक्टूबर से धीमा पड़ जाएगा तूफान

उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर मंडरा रहा चक्रवाती तूफान ‘शक्ति’ शनिवार शाम तक 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था और रात 8:30 बजे यह स्थिर हो गया। इसके पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने और रविवार तक उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य अरब सागर तक पहुँचने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि चक्रवात ‘शक्ति’ इसके बाद पूर्व और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा।

शनिवार को चक्रवात द्वारका और पोरबंदर से करीब 420-480 किमी दूर थी। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों में इसके और तीव्र होने की चेतावनी दी थी। रविवार को 100 से 110 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएँ चल सकती हैं, जिससे सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को 6 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

चक्रवात ‘शक्ति’ नाम कैसे पड़ा

चक्रवात का नाम ‘शक्ति’ रखने का सुझाव श्रीलंका ने दिया है। विश्व मौसम संगठन (WMO) और एशियाई देशों का संयुक्त पैनल (ESCAP Panel) मिलकर चक्रवातों के नाम तय करते हैं। इसके लिए बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के आसपास के 13 देशों ने नाम सुझाए थे। ये 13 देश हैं – भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, मालदीव, थाईलैंड, ईरान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यमन और संयुक्त अरब अमीरात। पहले चक्रवातों के नाम चुनने और याद रखने में काफी दिक्कत होती थी। इसको देखते हुए ये परंपरा शुरू की गई कि आसपास के देश नाम सुझाएँ।

मुंबई को फिर दहलाने की धमकी: ईमेल भेज कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- बम विस्फोट को रोक सको तो रोक लो

महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय को मिला धमकी भरा ईमेल (साभार : X अकाउंट Vayam Bharat)
महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग को सोमवार (12 मई 2025) शाम एक अनजान ईमेल मिला है, जिसमें अगले 48 घंटों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मंत्रालय के पूरे इलाके की तलाशी ली, लेकिन उन्हें कोई भी शक पैदा करने वाली चीज नहीं मिली। ईमेल में यह नहीं बताया गया था कि बम कहाँ रखा जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के बड़े अधिकारी ने बताया कि उन्हें सोमवार (12 मई 2025) को यह ईमेल मिला था। ईमेल में लिखा था कि अगले दो-तीन दिनों में या 48 घंटों में देश में कहीं भी धमाका हो सकता है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब देश की सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है, जिसके चलते मुंबई पुलिस और नौसेना पहले से ही सतर्क हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। इसके साथ ही, आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की एक टीम भी मंत्रालय में आई और उन्होंने भी जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए उसके इंटरनेट एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि मंत्रालय, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) जैसी जरूरी जगहों की सुरक्षा जाँच करने की योजना बनाई गई थी। अधिकारी ने कहा, “हमने सोमवार (12 मई 2025) को मंत्रालय की सुरक्षा का जायजा लिया। यह सिर्फ एक संयोग था कि उसी दिन आपदा प्रबंधन विभाग को यह धमकी भरा ईमेल मिला।” बड़े अधिकारियों के मुताबिक, ईमेल भेजने वाले ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सावधानी बरतें।

पुणे : समोसे में कंडोम, पत्थर, तंबाकू भर कर्मचारियों को खिलाया: कैंटीन कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने से भड़का था कंपनी का मालिक रहीम शेख

पुणे में समोसे के अंदर कंडोम और पत्थर भर कर बेचने वाले रहीम शेख सहित 5 लोगों पर FIR (चित्र साभार- AI/gencraft.com)
आखिर ये जेहादी मुसलमान को किस मोड़ पर लेकर जा रहे हैं? कभी खाने के सामान में थूक! क्या ये जेहादी चाहते हैं कि सभी गैर-मुस्लिम मुस्लिम दुकानदारों का बहिष्कार करें? क्या इस तरह के घिनौने अपराध से मुसलमान को संदेह के घेरे में खड़ा करना चाहते हैं? क्यों मुसलमानों को तबाही की ओर धकेल रहे हो?
महाराष्ट्र के पुणे में एक कम्पनी की कैंटीन में समोसे के अंदर कंडोम, पत्थर और तम्बाकू जैसी चीजें मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। 1 आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। आरोपितों के नाम रहीम शेख, अजहर शेख, मजार शेख, अजर शेख और विक्की शेख हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपितों ने कंपनी द्वारा अपना कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने से नाराज हो कर ऐसा कदम उठाया था। घटना बुधवार (27 मार्च, 2024) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पुणे के पिंपरी चिंचवड इलाके की है। यहाँ के चिखली स्थित एक कम्पनी के अधिकारी कीर्तिकुमार शंकरराव देसाई ने रविवार (7 मार्च, 2024 ) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। चिखली थाने में दी गई इस शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनकी कम्पनी को चिखली की ही एक अन्य बड़ी कम्पनी से खाना सप्लाई का ऑर्डर मिला है। इसी ऑर्डर में समोसे की सप्लाई के लिए कीर्तिकुमार ने SRS एंटरप्राइजेज नाम की एक कम्पनी के साथ समझौता कर लिया।

SRS कम्पनी के मालिक का नाम रही शेख है। कीर्तिकुमार के अनुसार, SRS कम्पनी से सप्लाई हो रहे समोसे में एक दिन घावों पर लगाने वाली पट्टी निकली। इसकी शिकायत मिलने के बाद कीर्तिकुमार की कम्पनी ने रहीम खान की कम्पनी SRS से अपना अनुबंध समाप्त कर लिया और समोसे सप्लाई करने का ऑर्डर पुणे की एक अन्य कम्पनी मनोहर इंटरप्राइजेज को दे दिया। SRS का मालिक रहीम खान इस बात से नाराज हो गया। उसने अपने साथियों अज़हर शेख और मजार शेख के साथ मिल कर बड़ी साजिश रच डाली। 

27 मार्च, 2024 को रहीम खान ने अपने मजदूरों को ऑर्डर दे कर समोसे में कंडोम, गुटखा और पत्थर भरवा दिए। इस समोसे को रहीम ने सुबह साढ़े 7 से 9 बजे के बीच चिखली स्थित उसी कम्पनी में बँटवा दिए जहाँ से उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला था। जब कम्पनी के स्टाफ ने इसकी शिकायत की तो कीर्तिकुमार ने 7 मार्च को इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। पुलिस ने रहीम शेख, फ़िरोज़ शेख, विक्की शेख, अजर शेख और मजार शेख के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

इन सभी पर IPC की धारा 328, 120- बी और 34 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक 1 आरोपित को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। मामले की जाँच की जा रही है।

अवलोकन करें:-

वडोदरा : गोमांस भरकर समोसा बेच रहा था ‘हुसैनी समोसे वाला’

हाल ही में गुजरात के वडोदरा से भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। तब चिपवाड इलाके में मौजूद ‘हुसैनी समोसे वाला’ की दुकान से उठाए गए सैम्पल में गोमांस मिलने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिनकी पहचान युसूफ शेख, नसीम शेख, हनीफ भाटियारा, दिलावर पठान मोइन हबदल और मोबिन शेख के तौर पर हुई है। यह धंधा बिना लाइसेंस के एक बिल्डिंग के 5वें फ्लोर पर चल रहा था। ‘हुसैन समोसे वाला’ वडोदरा की कई दुकानों पर कच्चे समोसे सप्लाई करता था जहाँ दुकानदार इसे तलकर ग्राहकों को बेचते थे।

‘जय श्री राम’ से चिढ़ी कांग्रेस नेता एंड्रिया डिसूजा, इस्लामी मुल्क क़तर से लगा रही एक्शन की गुहार: कह रही – ये लोकतंत्र की मौत है, सेक्युलर देश की मौत है

कांग्रेस किसी भी मुद्दे को लेकर मुस्लिम देशों से क्यों गुहार लगाती है? क्या कांग्रेस को देश की कानून व्यवस्था पर विश्वास नहीं? कहते हैं, बच्चा संस्कार माँ के पेट से सीख कर आता है, ठीक वही स्थिति कांग्रेस की है। क्योकि कांग्रेस किसी भारतीय ने नहीं बल्कि विदेशी(अंग्रेज़) द्वारा की गयी थी। यही कारण है कि कांग्रेस भारत के गौरवशाली इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आक्रांताओं को महान मानती है। 
रामजन्मभूमि के विरुद्ध कितने वकीलों की फ़ौज खड़ी की गयी थी, खुदाई में मंदिर के प्रमाणों को कोर्ट से छुपाया गया, क्या कांग्रेस किसी हिन्दू एवं अन्य धर्मों के शांतिप्रिय का एक भी वोट की हक़दार है? दूसरे, कांग्रेस पर एकाधिकार किये नेहरू-गाँधी परिवार की पृष्ठभूमि को सार्वजनिक करने का समय आ गया है। 
कोई कांग्रेस से पूछे कि जिस राहुल का दादा(फिरोज जहांगीर खान) हो उसका दत्तात्रेय गोत्र कैसे हो गया? परिवार ने कब हिन्दू धर्म स्वीकार किया? जब फिरोज का अंतिम संस्कार(कब्र में दफनाया) मुस्लिम रीति-रिवाज़ से हुआ फिर उसी फिरोज के परिवार के किसी भी सदस्य का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति-रिवाज़ क्यों? किस आधार पर हिन्दू एवं मुसलमानों को धोखे में रखा जा रहा है? इस अति गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा की जरुरत है। जिसे कोई करने का साहस नहीं कर रहा, क्यों?   
कांग्रेस की नेता एंड्रिया डिसूजा, जो कि ट्विटर पर खुद को ‘रिया रिवील्ड‘ बताती हैं, एक व्यक्ति के ‘जय श्री राम’ लिखने से भड़क गई। उसके एक ट्वीट के जवाब में एक व्यक्ति ने ‘जय श्री राम’ लिखा तो वह इसे इस्लामोफोबिया बता कर उसे गिरफ्तार करने के लिए क़तर के विदेश मंत्रालय के पास दौड़ गई।

खुद को महाराष्ट्र कांग्रेस में मानवाधिकार मामलों की सचिव और AICWA की पदाधिकारी बताने वाली डिसूजा ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को शक्ति प्रदर्शन बता डाला। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में कुछ भी धार्मिक नहीं था भले ही यह वैदिक रीति रिवाज से हुई हो।

डिसूजा ने ट्विटर पर लिखा, “राम का जन्म किसके लिए ख़ुशी की बात नहीं होगा? लेकिन दुख की बात है और मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह राम मंदिर की आड़ में शक्ति का खुला प्रदर्शन है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक नहीं है। जिस विषय की नींव में किसी कमजोर व्यक्ति को अपमानित करने की बात हो, वह धार्मिक नहीं है।

आगे उन्होंने लिखा, “भले ही इस भीड़ में मेरा धर्म, गाँव, परिवार और पूरे देश की जनता शामिल हो। मेरी शिक्षा मुझे मानवता और धार्मिकता के साथ खड़े रहने के लिए कहती है। यह लोकतंत्र की मौत है, धर्मनिरपेक्ष देश और भारत के विचार की मौत है।” उनके इस ट्वीट के जवाब में एक व्यक्ति ने कई बार ‘जय श्री राम’ लिख दिया।

राम का नाम देखने से डिसूजा भड़क गईं। वह इतना क्रुद्ध हुईं कि उन्होंने कतरी विदेश मंत्रालय को ट्विटर पर टैग कर दिया और इस व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लेने की बात की। डिसूजा का दावा था कि यह व्यक्ति कतर में रहता है और इसका ‘जय श्री राम’ लिखना इस्लामोफोबिया के अंतर्गत आता है। हालाँकि, उन्होंने यह नहीं स्पष्ट किया कि किसी हिन्दू का अपने भगवान का नाम लेना किस प्रकार से इस्लामोफोबिया है। इसके बाद डिसूजा ने इस व्यक्ति को एक लंबा चौड़ा पैराग्राफ लिख कर जवाब भी दे डाला।

डिसूजा ने लिखा, “जय सिया राम। जय माँ दुर्गा, जय श्री कृष्ण, हर-हर महादेव! एक हिंदू हूँ और मैं अपने देवताओं से प्रेम करती हूँ। मेरा धर्म मेरा निजी विषय है, इससे किसी को कोई मतलब नहीं। मैं कमजोरों को दबाने के लिए अपने भगवान का अपमान नहीं करती। मैं लोगों पर अत्याचार करने या लोगों की हत्या करने में अपने भगवान के नाम का उपयोग नहीं करती, केवल नकली हिंदू ही ऐसा करते हैं। और आप निश्चित रूप से एक नकली हिन्दू हैं।” हालाँकि, वह यह लिखते समय भूल गई कि हिन्दू कारसेवकों पर ही इस देश में अत्याचार हुए हैं चाहे वह गोधरा हो या 1990 में मुलायम सिंह का अयोध्या में गोली चलवाना।

डिसूजा का क़तर के आगे मदद के लिए हाथ फैलाना कई लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे देशद्रोह बताया। उन्होंने कहा कि इससे वह एक भारतीय की सुरक्षा को क़तर में खतरे में डाल रही हैं। अक्षत देवड़ा नाम के एक व्यक्ति ने लिखा, “@RiaRevealed ने कतर में एक भारतीय कामगार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कतर के मंत्रालय को टैग करके देशद्रोह किया है। मुंबई पुलिस कृपया उनकी सुरक्षा के साथ कुछ होने से पहले उचित कार्रवाई करे।” अन्य लोगों ने भी यही बात कही।

एक यूजर ने उनके जवाब में लिखा, “केवल ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए? कहाँ गयी तुम्हारी तथाकथित धर्मनिरपेक्षता? और क्या तुम करोड़ों हिंदुओं को “इस्लामोफोबिक” कहोगी क्योंकि वह “जय श्री राम” का नारा लगाते हैं। मुझे लगता है कि तुम उस व्यक्ति को पसंद करोगी और प्यार करोगी जो “अल्लाह हू अकबर” कहेगा, भले ही वह हिंदू हो।”

वामपंथी और लिबल पत्रकार, कथित एक्टिविस्ट और प्रोपगैंडा फैलाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने के बाद से बिलबिलाए हुए हैं। डिसूजा ने भी उसी सूची में अपनी जगह बनाई है जिसमें आरफा खानम शेरवानी जैसे लोग पहले ही शामिल हो चुके हैं।

‘राम मांसाहारी, खाने के लिए करता था शिकार’ – इंडी गठबंधन नेता जितेंद्र आव्हाड

शरद पवार के साथ जितेंद्र आव्हाड
अयोध्या में राम मन्दिर के जीर्णोद्वार होने पर राम विरोधियों द्वारा जहर उगला जा रहा है, जनता को विवश करता है कि "क्या विपक्ष एक भी वोट लेने का अधिकार रखते हैं?" जो विपक्ष जनता की नब्ज नहीं पढ़ सकता, फिर किस अधिकार से जनता से वोट मांगता है? ज्ञात हो, 2014 चुनावों से पूर्व किसी भी चुनावी रैली/कॉर्नर मीटिंग तक में राम नाम का साहस नहीं था, जबकि खुले मंच से बाबरी की आवाज़ बुलंद कर वोट मांगे जाते थे, समय ने करवट ली, भाजपा की हर रैली में "जय श्रीराम" के नारे लगते हैं। 

विपक्ष ने रामजन्मभूमि मन्दिर पर सीमा से बाहर जाकर मुद्दे को लटकाने, भटकाने और तथ्यों को कोर्ट से छुपा कर जनता को भ्रमित करता रहा। लेकिन सत्ता परिवर्तन होने पर, छुपाये गए उन्ही तथ्यों को उजागर कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करते ही विपक्ष को पटखनी मिलनी शुरू से विपक्ष को सिवाए सनातन विरोध के कुछ नहीं सूझ रहा, जो इनके पतन का मुख्य कारण बन रहा है। क्योकि जो देश, नेता अथवा पार्टी ने इतिहास को भुला देती हैं, उसके पतन को कोई नहीं रोक नहीं सकता। जिसे समूचा विपक्ष नहीं समझ रहा। जिस तरह सनातन विरोधी सनातन के विरुद्ध बक रहे हैं, किसी अन्य मजहब के विरुद्ध बोल कर दिखाएं।   

भगवान राम मांस खाते थे। भगवान राम बहुजन समाज के थे। यह दोनों बातें NCP नेता जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने कही हैं। उनके इस बयान पर महाराष्ट्र बीजेपी के नेता राम कदम ने गिरफ्तारी की माँग की है। राम कदम ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं द्वारा हिंदुओं को उकसाने का काम किया जा रहा है।

महाराष्ट्र बीजेपी नेता राम कदम ने इस संबंध में पुलिस में जाकर शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर जितेंद्र आव्हाड के उस वीडियो को मँगवाया है, जिसमें वो भगवान राम के मांस खाने का जिक्र कर रहे। राम कदम ने कहा कि महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार में हिंदू धर्म का अपमान करने वालों को सजा मिलेगी।

जितेंद्र आव्हाड ने शिरडी में अपनी पार्टी के अध्ययन शिविर में कार्यकर्ताओं की भीड़ को संबोधित करते हुए यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया, “भगवान राम बहुजनों के राजा थे और मांसाहारी थे।” इसके बाद से ही उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा, “हम इतिहास नहीं पढ़ते और राजनीति में सब कुछ भूल जाते हैं। राम हमारा है। हम बहुजनों का है। जो खाने के लिए शिकार करता था… राम कभी शाकाहारी नहीं था। वह मांसाहारी थे।”

जितेंद्र आव्हाड से जब मीडिया ने उनके बयान को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मीडिया पर ही सवाल दाग दिया कि जो आदमी 14 साल तक जंगल में रहा, वह शाकाहारी कैसे रह सकता है। एनसीपी विधायक की भाषा भी भगवान राम को लेकर तू-तड़ाक वाली रही। उन्होंने कहा, “खाते क्या थे राजा राम? राम क्षत्रिय था। क्षत्रियों का खाना ही मांसाहारी होता है।”

बवाल को शांत कराने या माफी माँगने के बजाय जितेंद्र आव्हाड ने इस मुद्दे को और तूल दिया। इस कंर्टोवर्सी को लेकर जब उनसे पूछा गया कि तो वो तैश में आकर बोले, “क्या कंर्टोवर्सी? राम का खाना क्या था? कोई बता दे कि राम मैथी की भाजी खाता था?”

जब उनसे मीडिया ने पूछा कि क्या आप अपने कहे पर कायम रहेंगे, तो पूरे जोश से जितेंद्र आव्हाड बोले, “हैं बिल्कुल। अरे बिल्कुल कायम हैं यार। क्या आप भारत को शाकाहारी बनाना चाहते हैं? इस देश के 80 प्रतिशत लोग जो आज भी माँसाहारी हैं, वो राम भक्त ही हैं न।”

NCP नेता जितेंद्र आव्हाड इंडी गठबंधन का हिस्सा है। यह वही गठबंधन है, जिसके नेता आए दिन राम मंदिर, अयोध्या, 370 आदि पर आग उगलते रहते हैं। मंदिर को मानसिक गुलामी का मार्ग बताते हैं लेकिन खुद क्रिसमस मनाते पाए जाते हैं।