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आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री की हिंदू बहू का आरोप- ईसाई पहचान छिपा कराई शादी, अगरबत्ती की खुशबू को बोलते बदबू: YSRCP नेता जोगी रमेश और परिवार के खिलाफ FIR

                                    आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री जोगी रमेश और उनकी बहु मेघना
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और YSRCP के वरिष्ठ नेता जोगी रमेश और उनके परिवार के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। उनकी बहू मेघना ने अपने ससुर, पति जोगी राजीव और परिवार के करीब 10 अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है।

यह शिकायत शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को NTR जिले के इब्राहिमपटनम पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने मेघना की करीब 24 पन्नों की विस्तृत शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है और अब इसकी गहराई से जाँच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में जोगी रमेश, उनकी पत्नी शकुंतला और बेटे राजीव समेत कुल 11 लोगों के नाम दर्ज किए हैं। इनमें जोगी रमेश के भाई रामू और उनके बेटे पांडु व राकेश भी शामिल हैं। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 318 और 109 के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज किया गया है। ये धाराएँ घरेलू क्रूरता, दहेज उत्पीड़न और धोखाधड़ी से जुड़ी हैं।

मेघना ने शिकायत में क्या आरोप लगाए?

मेघना की शादी जोगी रमेश के बेटे राजीव से हुई थी। पुलिस को दी अपनी शिकायत में मेघना ने कहा है कि उनकी शादी बाहर से देखने में जितनी सामान्य लगती थी, असल में हकीकत उतनी सुखद नहीं थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल में उनके साथ बुरा बर्ताव शुरू हो गया।

मेघना का आरोप है कि उन्हें बार-बार अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनका कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें गालियाँ दी जाती थीं और कई बार मारपीट भी हुई। मेघना के अनुसार, घर के बाकी सदस्यों को भी इस प्रताड़ना की जानकारी थी और वे इसमें किसी न किसी रूप में साथ देते थे।

बुजुर्गों की मौजूदगी में सुलह की कई कोशिशों के बावजूद, मेघना के मुताबिक, प्रताड़ना कम होने की बजाय और बढ़ती गई। आखिरकार अपनी जान को खतरा महसूस होने पर उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

ईसाई पहचान छिपाने का गंभीर आरोप

शिकायत में मेघना ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, शादी तय होते समय जोगी रमेश के परिवार ने खुद को हिंदू परिवार बताया था और शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों से ही हुई थी। लेकिन ससुराल पहुँचने के बाद धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि असल में परिवार ईसाई है। मेघना का कहना है कि यह जानकारी जानबूझकर उनसे छिपाई गई, जो उनके साथ एक बड़ा धोखा था।

शिकायत में मेघना ने एक घटना का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि एक बार जब वह घर में पूजा कर रही थीं और भगवान के सामने अगरबत्ती जलाई तो ससुराल वाले नाराज हो गए और अगरबत्ती की खुशबू का मजाक उड़ाया और उसकी तुलना लाश से आने वाली दुर्गंध से की। मेघना के मुताबिक, इसका विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया औऱ सख्त हिदायत दी गई कि घर की बातें या धर्म से जुड़ा सच वह अपने मायके वालों को न बताएँ। उनका आरोप है कि चुप न रहने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक प्रमुख राजनीतिक परिवार शामिल है। जाँच अधिकारियों ने मेघना का बयान दर्ज कर लिया है औऱ अब आरोपित परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए औपचारिक नोटिस भेजे जाने की उम्मीद है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जाँच होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट पार्ट पर बात, गंदे इशारे और देवी-देवताओं का अपमान: नासिक TCS मामले में मुस्लिम गैंग कैसे करते थे हिंदू महिलाओं को परेशान, 9 FIR की सारी डिटेल्स


नासिक के अशोका मार्ग पर स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट से हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, शारीरिक दुर्व्यवहार और धर्म के आधार पर भेदभाव का एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया। महज 48 घंटों के भीतर, मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में एक ही विभाग के पाँच मुस्लिम पुरुष कर्मचारियों के खिलाफ कई FIR दर्ज की गई हैं। ऑपइंडिया (OpIndia) के पास मौजूद इन FIR की कॉपियों से पता चला है कि इस BPO में काम करने वाली हिंदू महिलाएँ पिछले कई सालों से यौन शोषण और धार्मिक प्रताड़ना का शिकार हो रही थीं।

इन मामलों में आरोपित शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख सभी ओडीसी-02 (ODC-02) यूनिट से जुड़े हैं, जो कॉलिंग के जरिए एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड कलेक्शन का काम संभालते हैं। दर्ज की गई शिकायतों में तीन हिंदू महिला कर्मचारियों (जिनमें दो 23 साल की सहयोगी और एक 36 साल की टीम लीडर) ने दफ्तर के बेहद खराब माहौल का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वहाँ लगातार यौन उत्पीड़न, निजी जिंदगी को लेकर बेतुके सवाल, गलत तरीके से छूने की कोशिश और हिंदू धार्मिक मान्यताओं पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की जाती थीं।

(FIR नंबर: 156/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर अश्लील टिप्पणी और यौन शोषण

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाली एक 23 वर्षीय हिंदू छात्रा ने सहकर्मी दानिश शेख, तौसीफ अख्तर और निदा खान के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धार्मिक प्रताड़ना पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, आरोपित दानिश शेख ने अपने निकाह और दो बच्चों की बात छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फँसाया और शादी का झांसा देकर जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक अलग-अलग होटलों में उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान आरोपित तौसीफ और निदा खान ने पीड़िता को इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया और शिवलिंग व भगवान कृष्ण सहित हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं।

हद तो तब हो गई जब तौसीफ अख्तर ने पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए ऑफिस की पेंट्री और लॉबी में यौन उत्पीड़न किया और धमकी दी कि यदि उसने उसकी शारीरिक माँगें पूरी नहीं कीं, तो वह उसके घर वालों को सब बता देगा। इस पूरे मामले में आरोपितों ने न केवल पीड़िता का विश्वास तोड़ा, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी धार्मिक भावनाओं और गरिमा को छलनी किया।

(FIR नंबर: 163/2026) रजा मेमन और शाहरुख पर गंभीर आरोप, हेड अश्विनी पर भी कार्रवाई

नासिक की TCS कंपनी (BPO यूनिट) में काम करने वाली एक 25 वर्षीय शादीशुदा महिला कर्मचारी ने टीम लीडर रजा मेमन और सहकर्मी शाहरुख कुरैशी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई। FIR के अनुसार, रजा मेमन मई 2023 से ही पीड़िता को अकेले पाकर गंदी नीयत से छूने, अश्लील पहेलियाँ बुझाने और घूरने जैसी हरकतें कर रहा था। पीड़िता की शादी होने के बाद आरोपित ने उसकी पर्सनल लाइफ पर भद्दे और ‘सेक्सुअली सजेस्टिव’ कमेंट्स किए, जैसे- ‘रात में क्या करती हो कि दिन में नींद आती है?’ और गोवा ट्रिप के नाम पर ‘हनीमून और शराब’ जैसे शर्मनाक सवाल पूछे।

                                                      ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

शिकायत में यह भी आरोप है कि जब पीड़िता ने विरोध किया, तो टीम लीडर रजा ने उसका नाम ऑफिस बॉय से जोड़कर चरित्र हनन किया और दानिश-तौसीफ के साथ मिलकर उस पर काम का बोझ बढ़वा दिया। हद तो तब हो गई जब गुड़ी पड़वा पर साड़ी पहनकर आने पर शाहरुख ने उसे गंदी नजरों से देखा और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप कंपनी की ऑपरेशनल हेड अश्विनी चौनानी पर है, जिन्होंने बार-बार शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि आरोपितों का साथ देकर पीड़िता की आवाज दबाने की कोशिश की।

(FIR नंबर: 164/2026) हिंदू महिलाओं के अंगों को घूरते थे मुस्लिम कर्मचारी, मिसकैरेज होने पर जबरन ‘अजमेर के मौलवी’ के पास भेजने का दबाव

नासिक की TCS कंपनी में एक 36 वर्षीय हिंदू महिला टीम लीडर ने मुस्लिम सहकर्मियों के एक खास गुट पर धार्मिक प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज आरोप लगाया। FIR के अनुसार, शफी शेख, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी जैसे मुस्लिम कर्मचारी दफ्तर में एकजुट होकर गैर-मजहबी लड़कियों और लड़कों को चुन-चुनकर निशाना बनाते हैं। पीड़िता ने बताया कि आरोपित शफी शेख मीटिंग के दौरान सार्वजनिक रूप से उसके प्राइवेट पार्ट्स (छाती) को गंदी नजरों से घूरता था और विरोध करने पर गंदी मुस्कान देता था, जिसकी शिकायत के बावजूद उसे सिर्फ दूसरे विभाग में भेज दिया गया जहाँ से वह लगातार पीड़िता का पीछा करता रहा।

                                               ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

हद तो तब पार हो गई जब फरवरी 2026 में पीड़िता का मिसकैरेज (गर्भपात) हुआ, तो तौसीफ अत्तर ने उसकी व्यक्तिगत पीड़ा का मजाक उड़ाते हुए उसे ‘अजमेर के मौलवी’ का नंबर दिया और जबरन वहाँ जाने का दबाव बनाया। आरोपितों पर आरोप है कि वे दफ्तर में हिंदू लड़कियों पर अश्लील कमेंट करते हैं, उन्हें सिर से पैर तक गंदी नजरों से घूरते हैं और उनकी निजी जिंदगी में दखल देकर उन्हें मजहबी आधार पर प्रताड़ित और शर्मिंदा करते हैं।

(FIR नंबर: 165/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर भद्दी टिप्पणी और महिला कर्मचारी को प्राइवेट पार्ट दिखाकर किया यौन उत्पीड़न

नासिक की TCS कंपनी में कार्यरत 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने बिजनेस प्रोसेस लीडर तौसीफ अत्तर के खिलाफ यौन प्रताड़ना और हिंदू धर्म के अपमान की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, आरोपित तौसीफ दफ्तर में हिंदू लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और उनके अंगों को देखकर आँखें मारता था। पीड़िता ने बताया कि तौसीफ आने-जाने वाली लड़कियों के फिजिकल साइज पर भी बात करता था। हद तो तब पार हो गई जब दिसंबर 2025 में पीड़िता को छाछ पीते देख आरोपित ने अपने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा करते हुए बेहद अश्लील टिप्पणी की और कहा- ‘मेरे पास भी छाछ है, तुझे चाहिए क्या?’

                                                          ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

 यही नहीं, आरोपित ने दफ्तर में हिंदू धर्म और आस्था पर भी जहरीला हमला बोला। पीड़िता की टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति को देखकर मुझसे पूछा कि क्या महादेव सच में भगवान हैं? अगर पार्वती ने गणपति को बनाया, तो महादेव को इसके बारे में क्यों नहीं पता? गणेश सच में महादेव के बेटे है? यह कहते हुए तौसीफ ने देवी पार्वती के चरित्र पर कीचड़ उछाला। इसके अलावा, उसने भगवान ब्रह्मा के लिए भी टिप्पणी कर कहा कि ब्रह्मा अपनी ही बेटी का रेपिस्ट है। और प्रभु श्री राम व माता सीता के बारे में अपमानजनक बातें कहीं कि उन्होंने वनवास में मांस खाया होगा, वे कंद खाकर नहीं रह सकते। तौसीफ ने जहर उगलते हुए हिंदू देवताओं को ‘झूठा’ और ‘दिखावे वाला’ बताया और इस्लाम को श्रेष्ठ साबित करने के लिए हिंदू भावनाओं को बुरी तरह कुचला।

(FIR नंबर: 166/2026) हिंदू कर्मचारी को जबरन खिलाया नॉन-वेज, पत्नी के लिए बोली बेहद शर्मनाक बात

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाले एक वरिष्ठ विश्लेषक ने सहकर्मी तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ये आरोपित दफ्तर में एक संगठित गिरोह की तरह काम करते थे और हिंदू कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराने का दबाव डालते थे। पीड़ित, जो रुद्राक्ष की माला पहनते हैं और धार्मिक मार्ग पर चलते हैं, उन्हें आरोपितों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोपितों ने छत्रपति संभाजी महाराज को ‘इस्लाम का गुलाम’ बताकर अपमानित किया। हद तो तब हो गई जब आरोपितों ने पीड़ित के शाकाहारी होने के बावजूद उन्हें देर रात जबरन नॉन-वेज खिलाया और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी।

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इस गिरोह की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। जब आरोपितों को पता चला कि पीड़ित की संतान नहीं हो रही है, तो तौसीफ और दानिश ने सारी मर्यादाएँ लाँघते हुए घटिया टिप्पणी की। आरोपितों ने पीड़ित से कहा, “दवा से बच्चे नहीं हो रहे, तो अपनी पत्नी को हमारे पास भेज दो।” इसके अलावा, पीड़ित को धोखे से घर ले जाकर जबरन टोपी पहनाई गई, कलमा पढ़वाया गया और उसकी तस्वीरें वायरल कर दी गईं। FIR में यह भी आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर की महिलाओं को देखकर गंदे कमेंट्स करते थे और कहते थे कि ‘तुम जो भी पसंद करोगी, उसे खुश करना होगा।’ जब पीड़ित ने इस धर्मांतरण और उत्पीड़न का विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई और काम के बहाने प्रताड़ित किया गया।

(FIR नंबर: 167/2026) हिंदू महिला के अंगों को हाथ से छुआ, भगवान कृष्ण को बताया ‘औरतबाज’

नासिक की TCS कंपनी में 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी (जो एक पावरलिफ्टर भी हैं) ने आसिफ अंसारी, शफी शेख और तौसीफ अत्तर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के मुताबिक, आरोपित आसिफ अंसारी ने पीड़िता की छाती को सरेआम घूरते हुए अश्लील सवाल पूछा, “तुम्हारी पसंद छोटी है या बड़ी?” पीड़िता के वजन और शरीर की बनावट का मजाक उड़ाते हुए आरोपित तौसीफ और आसिफ उस पर गंदे कमेंट्स करते थे। दिसंबर 2024 में आरोपित शफी शेख ने पीड़िता के पास बैठकर पैर से पैर रगड़ा और काम सिखाने के बहाने उसके सीने और प्राइवेट पार्ट्स को हाथ से छुआ। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपित गंदी मुस्कान देकर वहाँ से चला गया।

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यही नहीं, आरोपितों ने दफ्तर के माहौल को मजहबी जहर से भर दिया था। आरोपित तौसीफ अत्तर ने हिंदू आस्था को चोट पहुँचाने के लिए भगवान कृष्ण को ‘औरतबाज’ कहा और भगवान शिव व माता पार्वती के रिश्ते पर निहायत ही गंदी और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर में एकजुट होकर हिंदू लड़कियों को उनके शरीर और धर्म के आधार पर शर्मिंदा करते थे।

(FIR नंबर: 168/2026) नई नवेली हिंदू दुल्हन से ‘हनीमून’ पर अश्लील सवाल, भगवान ‘नंगे’ रहने पर टिप्पणी

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय विवाहित हिंदू महिला कर्मचारी ने शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख के खिलाफ सामूहिक उत्पीड़न की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, पीड़िता की शादी के महज एक महीने बाद ही टीम लीडर रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने उसे दफ्तर में घेर लिया और उसके हनीमून को लेकर गंदे और अश्लील सवाल पूछे लगे, जैसे- ‘हनीमून पर क्या किया? क्या तुम्हारे पति ने तुम्हें गाजर दी?’ आरोपितों ने पीड़िता का नाम ‘प्लेयर’ रख दिया था और उसे अपने पति को छोड़कर दूसरा बॉयफ्रेंड बनाने के लिए मजबूर किया।

                                            ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपित आसिफ अंसारी दफ्तर में पीड़िता को जबरन गले लगा लेता था, उसकी कमर, पेट और जाँघों को गंदी नीयत से छूता था और उसके अंदर के कपड़ों (innerwear) के साइज के बारे में भद्दी बातें पूछता था। आरोपित तौसीफ अत्तर भी काम सिखाने के बहाने पीड़िता के अंगों पर हाथ फेरता था और ‘संतरे छोटे हैं या बड़े’ जैसी अश्लील टिप्पणियाँ करता था। आरोपितों ने हिंदू धर्म पर भी जहर उगला। आसिफ अंसारी ने कहा कि ‘तुम्हारे भगवान नंगे घूमते हैं और तुम लोग नकाब नहीं पहनती, इसीलिए तुम हिंदुओं का रेप होता है।’ गुड़ी पड़वा के दिन आरोपितों ने पीड़िता की साड़ी का पल्लू तक खींच लिया। इन दरिंदों ने पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वह दफ्तर जाने से भी डरने लगी थी।

(FIR नंबर: 169/2026) महिला कर्मचारी की बीमारी का मजाक उड़ाया, प्राइवेट पार्ट और ‘फिजिकल रिलेशन’ पर पूछते अश्लील सवाल

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने शफी शेख, रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ट्रेनिंग के बहाने आरोपित शफी शेख पीड़िता को घेर लेता था और काम की जगह उसकी निजी जिंदगी पर गंदे सवाल पूछता था। शफी पीड़िता से पूछता था कि ‘क्या तुम्हारे अपने बॉयफ्रेंड के साथ फिजिकल रिलेशन (शारीरिक संबंध) रहे हैं?’ और ‘क्या तुम रात को सोई या नहीं?’। हद तो तब हो गई जब अगस्त 2025 में आरोपित ने कैंटीन में पीड़िता को अकेला पाकर जबरन ‘गर्लफ्रेंड’ बनने का दबाव बनाया, जिससे डरकर पीड़िता रोने लगी।
                                                 ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी
शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता ने इसकी शिकायत अपने टीम लीडर रज़ा मेमन से की, तो उसने आरोपित शफी के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय उसे शह दी और खुद भी पीड़िता का शोषण शुरू कर दिया। रजा मेमन ने पीड़िता की बीमारी (PCOD) का मजाक उड़ाते हुए उसके शरीर पर भद्दी टिप्पणियाँ कीं और उसे जिम जाने व फेशियल कराने की सलाह देते हुए गंदी नीयत से छूने की कोशिश की। आरोपित शाहरुख कुरैशी ने भी पीड़िता को व्यवस्थित ट्रेनिंग न देकर उसे शफी के हवाले कर दिया ताकि वे मिलकर उसे प्रताड़ित कर सकें। पीड़िता ने बताया कि आरोपित उस पर नजर रखते थे और उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे, जिससे वह दफ्तर में असुरक्षित महसूस करने लगी थी।

(FIR नंबर: 171/2026) हिंदू युवती के शरीर पर भद्दे कमेंट्स, गुड़ी पड़वा पर ड्रेस को लेकर उड़ाया मजाक और डाली गंदी नजर

नासिक की TCS कंपनी से 23 वर्षीय हिंदू पीड़िता ने रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, शाहरुख कुरैशी पीड़िता को अकेले पाकर जबरन उसकी पर्सनल लाइफ, बॉयफ्रेंड और ‘एक्स’ के बारे में अश्लील सवाल पूछता था और माता-पिता की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसे अपने साथ घूमने चलने के लिए दबाव डालता था। आरोपित रजा मेमन ने पीड़िता के शरीर पर भद्दे कमेंट्स करते हुए उसे ‘शेप में आने’ और जिम जाने जैसी शर्मनाक बातें कहीं।
                                              ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर पीड़िता नई ड्रेस पहनकर ऑफिस आई। आरोपित रजा मेमन ने उसे सबके सामने बुलाकर सिर से पैर तक गंदी नजर से घूरा और हिंदू त्योहारों का अपमान करते हुए ताना मारा कि ‘क्या तुम पूजा नहीं करती, बस तैयार होकर ऑफिस आ जाती हो?’ आरोपितों ने दफ्तर में ऐसा खौफ पैदा कर रखा था कि पीड़िता शिकायत करने से भी डरती थी। पीड़िता का आरोप है कि ये लोग उस पर लगातार नजर रखते थे और गंदे इशारे कर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे।

नासिक TCS कंपनी से सामने आई यह रिपोर्ट न केवल यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा है, बल्कि एक इस्लामिक संगठित गिरोह द्वारा हिंदू आस्था और मानवाधिकारों पर किया गया गहरा प्रहार भी है। दफ्तर जैसे पेशेवर माहौल को मजहबी कट्टरता, लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिशों का अड्डा बनाना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह बेहद शर्मनाक है कि जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्राथमिकता होनी चाहिए थी, वहाँ उनकी धार्मिक पहचान को हथियार बनाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से छलनी किया गया।(साभार) 

"AI समिट को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने इन्फ्लुएंसर्स को दिए पैसे के ऑफर्स", साजिश के कई VIDEO आए सामने: INDIA TV का रहस्योघाटन

                                       कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने जारी किए वीडियो
मोदी को बदनाम करने का कांग्रेस का हर हतकण्डा ऐसे औंधे मुंह जमीन पर गिर कांग्रेस को बेनकाब कर रही है। जिससे कांग्रेस अपनी बची-कूची औकात को खो रही है। इसकी जिम्मेदार गाँधी परिवार और इसके अंधभक्त हैं। नरेंद्र मोदी को बदनाम करते-करते देश को बदनाम करने के घिनौने खेल खेले जा रहे हैं।   

देश में आयोजित हालिया AI समिट को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बीजेपी ने दावा किया है कि कांग्रेस ने एक सोची-समझी साजिश के तहत AI समिट को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पैसे ऑफर किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को AI समिट का निगेटिव वीडियो बनाने के लिए पैसों का ऑफर दिया था।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की पोस्ट

10 से लेकर 40 हजार रुपये का ऑफर

बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की PR टीम ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से कॉन्टैक्ट किया और उनसे समिट के खिलाफ निगेटिव वीडियो बनाने की पेशकश की। बीजेपी के मुताबिक, इसके लिए 10 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का रेट कार्ड तय किया गया था। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर यह कहलवाना चाहती थी कि समिट फ्लॉप रही।

इन्फ्लुएंसर्स ने ही खोल दी पोल

बीजेपी के दावों को उस समय और बल मिला जब कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने खुद सामने आकर वीडियो जारी किए। इन इन्फ्लुएंसर्स का दावा है कि उन्हें कांग्रेस समर्थित लोगों की ओर से स्क्रिप्टेड वीडियो बनाने के लिए पैसों का ऑफर दिया गया था। उन्होंने इस पूरे 'पेड प्रोपेगैंडा' का पर्दाफाश करते हुए वे चैट्स और ऑडियो साक्ष्य होने की बात कही है, जिनमें पैसों की डील की जा रही थी।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया था।

बीजेपी ने कांग्रेस को एंटी इंडिया कांग्रेस बताया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी हर मंच से सिर्फ देश को बदनाम करने की कोशिश करती है। 

आंध्र प्रदेश : जगन सरकार में हुई तिरुपति मंदिर के प्रसाद से छेड़छाड़, लड्डू में मिलाई जाती थी जानवर की चर्बी: चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री

                 तिरुपति के लड्डुओं में इस्तेमाल होता था गंदा घी (फोटो साभार: इंडिया टुडे और टाइम्स नाऊ)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विपक्षी पार्टी YSRCP पर निशाना साधते हुए ऐसा खुलासा किया है जिसे सुन सब हैरान हैं। सीएम नायडू ने दावा किया है कि पहले की जगन सरकार में तिरुपति मंदिर में प्रसाद बनाने के लिए जानवरों की चर्बी वाला घी इस्तेमाल होता था।

उन्होंने ये खुलासा एनडीए विधायक दल की बैठक को संबोधित करने के दौरान किया। उनके दावे को सुन सब हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और भगवान वेंकटेश्वर को आंध्र प्रदेश के लोगों की सबसे बड़ी धरोहर है। एनडीए सरकार मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रही हैं, लेकिन पिछली सरकार ने भोजन की गुणवत्ता खराब कर दी है। उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के लड्डू के लिए घटिया सामग्री इस्तेमाल की।

उन्होंने बताया कि YSRCP सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान, एक निजी ठेकेदार को घी की आपूर्ति का ठेका दिया था। बाद में लड्डू की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिलीं। पता चला कि लड्डू बनाने में जो घी इस्तेमाल हो रहा था उसमें जानवर की चर्बी थी। लड्डू की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अब एनडीए सरकार ने 29 अगस्त को कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के नंदिनी ब्रांड को घी देने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। जिसके बाद अब मंदिर में शुद्ध घी प्रयोग होता है।

तिरुपति मंदिर में भगवान के प्रसाद के लिए हर दिन लगभग 10 हजार किलो घी उपयोग होता है जिससे करीबन 3 लाख लड्डू बनते हैं। हर श्रद्धालु के लिए इस प्रसाद के बहुत मायने हैं। ऐसे में उसकी गुणवत्ता से हुए खिलवाड़ में खुलासे के बाद अब इस मुद्दे पर जोर-शोर से चर्चा हो रही हैं। पूर्व की जगन सरकार लगातार सवालों के घेरे में हैं। वहीं सीएम नायडू के बयान को YSRC द्वारा खारिज कर दिया गया है। उन्होंने इस आरोप को दुर्भावनापूर्ण बताया है।

मालूम हो कि जगन मोहन रेड्डी को सरकार पर एक तरफ जहाँ हिंदुओं की भावना आहत करने का आरोप लगा है तो वहीं दूसरी ओर उनपर ईसाई धर्म के प्रचार के आरोप लगते रहे हैं।

NEET पेपर लीक में बिहार के डिप्टी CM विजय सिन्‍हा का खुलासा : तेजस्वी यादव के PS ने सिकंदर यदुवंशी के लिए बुक करवाया कमरा:,अमित आनंद ने 30-32 लाख रूपए में डील कबूला

विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर लगाए गंभीर आरोप (फोटो साभार : न्यूज24)
नीट-यूजी पेपर लीक कांड से बिहार की राजनीति में भूचाल आ चुका है। इस पेपर लीक कांड का सरगना जिस सिकंदर यादवेंदु को बताया जा रहा है, वो बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का करीबी है। बिहार के डिप्‍टी सीएम विजय सिन्‍हा ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके खुद इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार ने ही सिकंदर के नाम से कमरे की बुकिंग के लिए बार-बार कॉल किए थे। उसी ने मंत्री जी के नाम से बुकिंग कराई थी। तेजस्वी यादव पहले मंत्री रहे हैं, इसलिए अनुराग नाम के अभ्यर्थी के लिए जो कमरा बुक किया गया था, उसकी बुकिंग के आगे ब्रेकट में (मंत्री जी) लिखा है। इस बीच, नीट पेपर लीक घोटाले के अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रत्येक अभ्यर्थी से 30-40 लाख रुपए की डील की थी।

बिहार के डिप्टी सीएम ने सिलसिलेवार तरीके से बताई कमरे की बुकिंग की कहानी

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार और पथ निर्माण विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी सामने रखा। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा, “1 मई को तेजस्वी यादव के निजी सचिव प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से रात्रि 9 बजकर 7 मिनट में पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार के मोबाइल नंबर 9430469924 पर NHAI गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग कराने के लिए फोन आया था। उस दिन प्रदीप कुमार इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।”
उन्होंने आगे कहा, “फिर 4 मई सुबह 8.49 मिनट में प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से प्रदीप कुमार के मोबाइल पर कॉल कर सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग के लिए स्मारित किया गया। इस बार पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार द्वारा NHAI के गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार के नाम से बुकिंग के लिए पदास्थापित कनीय अभियंता को वॉट्सऐप पर मैसेज भेज दिया। प्रीतम कुमार पहले यहीं पर पीएस थे, जब विभाग के मंत्री थे तेजस्वी यादव, इसीलिए मंत्री शब्द का उपयोग करवा लिए। दोनों अधिकारियों ने ये बात लिखकर दी है।” उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कमरे के आबंटन के लिए कोई लेटर नहीं मिला है। ये बुकिंग फोन पर हुई, जिसकी जानकारी दी जा चुकी है।
नीट-यूजी पेपर लीक काँड में गिरफ्तार अनुराग यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके साथ कुछ और गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने भी अपना गुनाह कबूला है। अनुराग यादव ने बताया है कि उसे उसके फूफा सिंकदर यादवेंदु ने कोटा से बुलाया था और कहा था कि ‘पूरी सेटिंग हो गई है।’

अमित आनंद ने लीक कराया पेपर, सिकंदर लाया अभ्यर्थी

वहीं, नीट घोटाले में शामिल सिकंदर के सहयोगी ने अमित आनंद ने भी अपना गुनाह कबूल कर दिया है। उसने कबूलनामे में कहा कि नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। परीक्षा से एक दिन पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटाए गए थे और प्रश्न पत्र के बदले अभ्यर्थियों से 30-32 लाख रुपये लिए गए थे। उसने यह बात भी कबूली है कि वह पहले भी पेपर लीक कराता रहा है। पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमित मुंगेर जिले का रहने वाला है। हालाँकि, वह वर्तमान में पटना के एजी कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। इस कबूलनामे में उसने बताया है कि किस तरह से उसकी मुलाकात उन छात्रों से हुई, जिन्हें आंसर रटवाए गए थे।

ऐसे कराई गई अभ्यर्थियों को तैयारी

अमित ने अपने बयान में कहा, “मेरी दोस्ती सिकंदर से हुई थी, जो दानापुर नगर निगम कार्यालय में जूनियर इंजीनियर है। मैं अपने एक निजी काम से उससे मिलने गया था। मेरे साथ नीतीश कुमार भी था। बातचीत के सिलसिले में मैंने सिकंदर से कहा था कि मैं किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कराकर अभ्यर्थियों को पास कराता हूँ। सिकंदर ने इसपर मुझसे कहा कि मेरे पास 4-5 अभ्यर्थी हैं, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें पास करवा दीजिए। बच्चों को पास करने के बदले में मैंने बताया कि 30-32 लाख रुपए लगेंगे। इस पर सिकंदर तैयार हो गया और कहा कि वह 4 अभ्यार्थी की हमें देगा। इसी बीच नीट परीक्षा की तारीख आ गई। सिकंदर ने पूछा लड़कों को कब लाना है। मैंने कहा कि पाँच मई को परीक्षा है। चार मई की रात को अभ्यर्थियों को लेकर आना। चार मई की रात में नीट परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक करवाकर सभी अभ्यर्थियों को उत्तर के साथ पढ़ाया-रटवाया जा रहा था।”
पुलिस को दिए कबूलनामे में मास्टरमाइंड अमित आनंद ने बताया, “सिकंदर को पुलिस ने पकड़ लिया और फिर उसकी निशानदेही पर हम लोग भी पकड़ गए। हमारे किराए वाले फ्लैट से पुलिस को नीट समेत अलग-अलग एग्जाम का एडमिट कार्ड, नीट का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका का जला हुआ अवशेष बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है। मैंने पहले भी पेपर लीक करवाए हैं। मैं अपने अपराध को कबूल करता हूँ।”
अब तक इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 अभ्यर्थी भी हैं। इस मामले में सिकंदर की संलिप्तता के बाद बिहार में राजनीतिक भूचाल भी आ गया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया है कि सिकंदर तेजस्वी यादव का करीबी है। इस मामले में तेजस्वी यादव के पीएस की भी अहम भूमिका है।


हथिनी बैराज से डबल सप्लाई, फिर भी पानी को तरस रही दिल्ली: क्या टैंकर माफिया को फायदा पहुँचाने के लिए AAP की सरकार ने पैदा किया संकट? 600 करोड़ रूपए के मुनाफे वाला जल बोर्ड 73000 करोड़ रूपए के घाटे में क्यों चला गया? क्या ये भी हरियाणा की वजह से ?

दिल्ली में पानी की भीषण समस्या
उत्तर भारत भीषण गर्मी और तेज धूप समेत लू का सामना कर रहा है। आसमान से आग बरस रही है, गरम हवाएँ चल रही हैं। राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों का पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है। इन सब समस्याओं के बीच अब दिल्ली में जल संकट भी आ गया है।

आज दिल्ली दो प्रकोपों से झूझ रही है, एक  प्रकृति द्वारा भीषण गर्मी और दूसरे अरविन्द केजरीवाल द्वारा पानी संकट। आखिर दिल्ली चुनाव संपन्न होते ही पानी संकट क्यों आया? केजरीवाल अपने झूठ और चालबाज़ी से सबको पागल बनाते रहे। गर्मी होती है, पानी की समस्या, बारिशों में बाढ़ और सर्दियों में प्रदुषण। जब से दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की सरकार बनी है दिल्ली वालों को किसी न किसी समस्या में उलझा कर अपने घोटालों में लगे रहे। 

केजरीवाल सरकार बताए कितने सालों से यमुना नदी की सफाई नहीं हुई है? बाढ़ के दिनों में बाढ़ का पानी शहरों में पहुँचने पर लिखा था कि यमुना की सफाई न होने की वजह से यमुना ऊपर ही ऊपर बह रही है। छठ पूजा के समय यमुना की हालत देख अरविन्द केजरीवाल की आंखे नहीं खुली। हरियाणा द्वारा जरुरत से ज्यादा पानी देने पर भी हरियाणा पर दोष? क्या हरियाणा अपनी जनता को प्यासा मरने दे? क्यों नहीं यमुना की सफाई करवाई गई, ताकि यमुना में पानी रुके ना कि बह जाए।  

बीते कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली से डरावनी तस्वीरें आ रही हैं। राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में पानी का भीषण संकट आ गया है। पानी की आपूर्ति के लिए लोग तरस रहे हैं। पानी के दौड़ते लोगों की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक पानी के टैंकर के पीछे सैकड़ों लोग भाग रहे हैं।

कोने-कोने में भीषण जल संकट, डरावनी तस्वीरें

चाणक्यपुरी के संजय कैम्प से लेकर गीता कॉलोनी तक और ओखला से लेकर वसंत कुंज तक, दसियों ऐसे इलाके हैं जहाँ पानी का गंभीर संकट है। रोहिणी, कैलाश विहार, बेगम विहार, बेगमपुर, पटेल नगर समेत तमाम इलाके जल संकट की चपेट में हैं। चाणक्यपुरी से आने वाली तस्वीरें तो काफी असहज करने वाली हैं। यहाँ पानी के एक टैंकर के पीछे बच्चे से लेकर बूढ़े तक दौड़ रहे हैं और पाइप डालने का प्रयास कर रहे हैं।
इस पूरी कवायद में कोई सफल हो रहा है तो कोई प्यासा रह जा रहा है। कहीं महिलाएँ पानी के बर्तन लेकर खड़ी हो रही हैं, कहीं लोगों में कुछ लीटर पानी के लिए बहस हो रही है। मारपीट तक की नौबत आ रही है। पानी के लिए तरसने वाले बता रहे हैं कि दिन भर में पानी का एक टैंकर आ रहा है, जिसमें पानी लेने वालों की संख्या सैकड़ों में है। निवासी बता रहे हैं कि उन्हें पीने से लेकर नहाने और खाना बनाने तक के पानी में समस्या हो रही है।

AAP फिर से ‘ब्लेम गेम में जुटी’

जहाँ एक ओर दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत है, वहीं दिल्ली में पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार दिल्ली जल बोर्ड अकर्मण्य साबित हो रहा है। दिल्ली जल बोर्ड AAP सरकार के अंतर्गत आता है। AAP सरकार पानी की इस दिक्कत को सुलझाने और लोगों को राहत पहुँचाने की बजाय फिर से एक बार फिर दोष मढ़ने के लिए आगे आ गई है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी का पूरा अमला यह साबित करने पर जुटा हुआ है कि यह पानी की किल्लत इसके फेलियर नहीं बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पानी ना देने की वजह से हो रही है।
आतिशी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के यह बता रही हैं कि हरियाणा उन्हें कम पानी दे रहा है, इस कारण से दिल्ली में पानी की कमी हो रही है, उनका कहना है कि दिल्ली यमुना के पानी पर निर्भर है और उसका पानी घटा दिया गया है। हरियाणा से अधिक पानी लेने के लिए दिल्ली की AAP सरकार सुप्रीम कोर्ट भी पहुँच गई है। यहाँ AAP सरकार ने याचिका लगाई है कि उन्हें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश अधिक पानी दें। दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है।

क्या है इस दावे की सच्चाई?

दिल्ली की AAP सरकार हरियाणा पर यमुना का पानी नहीं देने का आरोप लगा रही है। दिल्ली में हरियाणा से आने वाला यमुना का पानी यमुना नगर में स्थित हथिनी कुंड बैराज से आता है। यहाँ उत्तराखंड से आने वाली यमुना नदी का पानी बैराज के माध्यम से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भेजा जाता है। हथिनी कुंड बैराज की पूर्वी नहर से पानी उत्तर प्रदेश जबकि पश्चिमी नहर से दिल्ली और हरियाणा को पानी भेजा जाता है। हथिनी कुंड बैराज के अधिकारियों ने दिल्ली को कम पानी भेजने की बात को सिरे से नकार दिया।
हथिनी कुंड बैराज के XEN अधिकारी विजय गर्ग ने ऑपइंडिया को बताया कि दिल्ली को वर्तमान में 761 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सामान्यतः दिल्ली को नवम्बर से जून के बीच 381 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इसे अब बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की पानी की माँग लगातार पूरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली इस संबंध में करनाल से अपनी आवश्यकता बताती है और उसी हिसाब से हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ दिया जाता है। पानी कम छोड़ने जैसी बात सत्य नहीं है।
पानी कम छोड़ने पर उन्होंने बताया कि जैसी भी उपलब्धता होती है, वैसा ही निर्णय लिया जाता है। यदि नदी में पानी कम आता है तो दिल्ली हरियाणा और उत्तर प्रदेश सभी को कम पानी भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में यह अधिक हो जाता है। उनका कहना है कि दिल्ली के पानी में कोई कमी नहीं की जा रही है। हरियाणा के सिंचाई मंत्री अभय सिंह यादव ने बताया है कि वर्तमान में दिल्ली को समझौते से अधिक पानी की आपूर्ति हो रही है, इसके बाद भी AAP इस पर राजनीति कर रही है।
वहीं दूसरी ओर यह भी सामने आया है कि दिल्ली की पानी की आपूर्ति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले वजीराबाद ट्रीटमेंट प्लांट की भी सफाई पिछले 10 वर्षों से नहीं हुई है। इस ट्रीटमेंट प्लांट में अब बड़े स्तर पर गाद जम गई है जिसके कारण इसकी पानी स्टोर करने की क्षमता घट गई है। ऐसे में यहाँ कम पानी साफ़ हो रहा है और आपूर्ति घट गई है।

भाजपा ने लगाया टैंकर माफिया को बढ़ाने का आरोप

दिल्ली  के इस जल संकट को लेकर भाजपा ने AAP सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया है। भाजपा ने AAP सरकार पर कुप्रबन्धन का आरोप लगाया है। दिल्ली की भाजपा नेता बांसुरी स्वराज ने कहा है कि दिल्ली  जल बोर्ड 2013 में 600 करोड़ रूपए के मुनाफे में था, वह अब 73000 करोड़ रूपए के घाटे में चला गया है।
उन्होंने कहा कि यह पूरा संकट AAP ने खुद ही खड़ा किया है। स्वराज ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा जल संकट दिल्ली  में भ्रष्टाचार करने और टैंकर माफिया को फायदा पहुँचाने के लिए लाया गया है।

दिल्ली : AAP सांसद स्वाति मालीवाल को केजरीवाल ने पिटवाया, CM के घर पर हुई मारपीट: मीडिया रिपोर्ट, दिल्ली पुलिस जाँच में जुटी


आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर पर पुलिस बुलाई है। स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें CM आवास के भीतर पीटा गया।

सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल अपने जेल जाने पर अपनी जगह अपनी पत्नी सुनीता को सौंपने के पक्ष में हैं, जिसका पार्टी में ही बहुत विरोध है। लेकिन केजरीवाल को किसी पर विश्वास नहीं। इस बीच स्वाति ने मुख्यमंत्री पद के अपना नाम जैसे ही रखा, स्वाति पर अभद्र गोली गलोच के साथ खूब मार पिटाई हो गयी। जिससे वह शंकाएं सच होती नज़र आ रही है कि केजरीवाल के जेल जाने पर ख़त्म हो जाएगी। लेकिन आज की हरकत से लगता है कि जून 2 को दोबारा जेल जाने से पहले ही आम आदमी पार्टी टूट जाएगी? क्योकि स्वाति के साथ मारपीट होना बहुत कुछ कह रहा है। स्वाति केजरीवाल के लिए किसी भी सीमा तक जाकर कुछ भी तैयार को रहने वाली वफादार है। राज्य सभा भी उसी का नतीजा है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (13 मई, 2024) को AAP की राज्यसभा सांसद CM आवास पहुँची थीं। यहाँ उनके साथ केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार ने मारपीट की। उन पर हमला किया। इसके बाद मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को फोन किया।

CM आवास पर मारपीट की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम पहुँची। बताया गया कि स्वाति मालीवाल CM आवास से निकल कर पुलिस थाने भी पहुँच गईं। बताया गया कि यह मारपीट की घटना सोमवार सुबह 10 बजे CM आवास के भीतर हुई।

IndiaTV ने डिलीट किया ट्वीट 

स्वाति मालीवाल ने पुलिस को एक फोन कॉल में यह भी कहा कि विभव कुमार ने उनके साथ मारपीट मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के कहने पर की। बताया गया कि इस मामले में दो बार फोन किया गया। यह भी बताया गया कि पुलिस के पहुँचने पर स्वाति मालीवाल मौके पर नहीं मिली। वह दिल्ली के सिविल लाइन्स थाने पहुँच चुकी थी।

केजरीवाल, उनके निजी सचिव विभव कुमार और स्वाति मालीवाल ने अभी आधिकारिक रूप से इस मामले में कुछ नहीं कहा है। दिल्ली पुलिस ने भी इस विषय में कोई जानकारी नहीं दी है। उत्तरी दिल्ली के DCP भी सिविल लाइन्स थाने में पहुँचे हुए हैं।

जिन विभव कुमार पर स्वाति मालीवाल को पीटने का आरोप लगा है उन्हें विजिलेंस हटाने की कार्रवाई कर चुकी है, विजिंलेंस ने कहा था कि उनकी नियुक्ति नियमानुरूप नहीं थी। बिभव कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सरकारी अधिकारी को उसके कामकाज से रोकने और नुकसान पहुँचाने का मामला दर्ज है। 

उत्तर प्रदेश : जुमे की नमाज के बाद होती है बच्चियों की सेक्स पार्टी; ‘मस्जिद में रेप, हथियारों एवं महिलाओं की तस्करी’: प्रताड़ित होकर इस्लाम छोड़ चुकी लड़की ने योगी को लिखी चिट्ठी

           पूर्व मुस्लिम लड़की ने मस्जिद से लड़कियाँ सप्लाई और अवैध हथियारों की तस्करी का आरोप लगाया
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 21 मार्च 2024 को एक मौलाना और एक हाजी सहित कुल 8 लोगों पर गैंगरेप की FIR दर्ज हुई है। एक साल पहले घर वापसी करके हिन्दू बनी पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बलात्कारियों में से 4 लोग रिश्ते में उसके मामा हैं। इस पीड़िता का एक और पत्र सामने आया है। इसमें वह एक मस्जिद के अंदर होने वाली गैरकानूनी हरकतों की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।

यह पत्र 12 मार्च 2024 को लिखा गया है, जिसमें मस्जिद के अंदर जुमे की नमाज़ के बाद लड़कियों से रेप उनकी सप्लाई जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला यूपी के रामपुर जिले के थानाक्षेत्र शहजाद नगर का है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता ने रामपुर शहर के बेगम बाग़ इलाके में आने वाली एक मस्जिद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, उस मस्जिद में पीड़िता की माँ का साल 1992 के बाद 5 वर्षों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता का कहना है कि मस्जिद में लगातार रेप होने की वजह से उसकी अम्मी को अब पैड पहनना पड़ता है। पीड़िता ने माँ को 24 घंटों में महज एक बार खाना दिए जाने का भी आरोप लगाया। इस मस्जिद का इमाम रईस नाम का शख्स है।

पीड़िता ने इम्तियाज हुसैन, बरेलवी जमात के मौलाना लतीफ़, वाहिद रज़ा, लईक, ताहिरा, अरमाना, इरफ़ान हाजी, असरार हुसैन, रईस मौलाना और इरफ़ान मौलाना पर उसकी माँ को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने आगे कहा कि इनका एक गैंग है, जो लड़कियों की सप्लाई भी करता है। उसका आरोप है कि जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद में बहुत बड़ी पार्टी की जाती है।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इस पार्टी में छोटी-छोटी बच्चियों को नशा देकर उनके साथ रेप किया जाता है। इम्तियाज, मौलाना रईस और उसका पूरा गैंग जामिया मदरसा रामपुर, बरेली और अलीगढ़ में लड़कियों को जेहादी भी बनाता है। कुछ लड़कियों को बेचे जाने का भी जिक्र शिकायती पत्र में है। इस गैंग पर चरस, अफीम और अवैध हथियार भी सप्लाई करने के आरोप लगाए गए हैं।

बकौल शिकायतकर्ता, मस्जिद में न सिर्फ उसकी माँ के साथ लगातार रेप हुआ, बल्कि उसकी एक बहन को के साथ भी आरोपितों ने रेप किया और बाद में उसे लापता कर दिया। उसकी बहन का आजतक पता नहीं चला है। शिकायत के अंत में पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मस्जिद और मदरसों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है और कहा है कि वहाँ बक्सों में हथियार रखे रहते हैं।

मुँह काला करने के लिए खुले मरदसे

पीड़िता का एक वीडियो बयान भी ऑपइंडिया के पास है। इसमें पीड़िता ने सवाल किया है कि अगर मस्जिद में महिलाओं का जाना मना है तो वहाँ इतनी लड़कियाँ कैसे पहुँच गईं। पीड़िता का दावा है कि इस मस्जिद में कुरान का अपमान भी किया जाता है। इसका वीडियो भी उसके पास है। वीडियो में यह भी सवाल किया गया है कि क्या मस्जिद के अंदर किसी लड़की से सेक्स जायज है?
बकौल पीड़िता, आरोपितों का आपराधिक इतिहास है और उन्होंने पहले कई हिन्दुओं की हत्याएँ भी की हैं। खुद को भी रेप पीड़िता बताते हुए लड़की ने कहा कि आरोपितों का संगठन नैनीताल तक एक्टिव है। आरोप है कि मस्जिद में रात की अंतिम नमाज़ के बाद लड़कियों का आना-जाना शुरू हो जाता है जिन्हें सुबह की नमाज़ से पहले ही निकाल दिया जाता है।
पीड़िता ने अपने वीडियो बयान में आरोप लगाया है कि मौलानाओं ने अपना मुँह काला करने के लिए ही मदरसों को खोल रखा है। साथ ही लड़की ने यह भी कहा कि ये तमाम खुलासे करने की वजह से उसकी जान खतरे में है। लड़की ने कभी भी अपनी हत्या हो जाने की आशंका जताई है। पीड़िता ने सीएम योगी और पीएम मोदी से न्याय की उम्मीद जताई है।

कमरे में कंडोम और सेक्सवर्धक दवाएँ

पीड़िता के वकील की तरफ से ऑपइंडिया को कई वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। इन वीडियो में लड़की अपने और उसकी अम्मी के साथ घटी वारदात के बारे में जानकारी देती है। वहीं, इनमें से कुछ वीडियो मस्जिद के अंदर के भी हैं। इन वीडियो में कई हथियार और कारतूस इमाम के बिस्तर पर पड़े नजर आ रहे हैं। कुछ अश्लील किताबें भी बिस्तर पर बिखरी हुई हैं।
एक अन्य वीडियो में एक लड़की मस्जिद के इमाम रईस से पॉलीथिन खोलने के लिए कहती थी। तब पॉलीथिन से कंडोम बाहर निकल कर गिरे। पीछे से आ रही आवाज में बताया जा रहा है कि इमाम की पॉलीथिन में सेक्सवर्धक दवाएँ भी हैं। लड़की द्वारा बनाए गए विजुअल में कुछ ऐसे कमरों का भी दावा किया जा रहा है, जहाँ लड़कियों का यौन शोषण किया जाता है।(साभार)

पंजाब : ‘शराब पीकर गुरुद्वारे जाते हैं पंजाब के मुख्यमंत्री, पत्नी को पीटते हैं’: बेटी ने भगवंत मान को ‘पिता’ कहने से किया इनकार

वायरल वीडियो का स्कीरशॉट/भगवंत मान की बेटी और पुत्र (फोटो साभार : FB/preet.mann/India Todaye)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी ने अपने पिता के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी ने वीडियो जारी कर रहा है कि उसके पिता भगवंत मान ने अपने राजनैतिक करियर के लिए बीवी-बच्चों को छोड़ दिया और अब वो तीसरे बच्चे के पिता बनने जा रहे हैं। बेटी ने वीडियो में यह भी दावा किया कि मान शराब पीकर संसद, विधानसभा और गुरुद्वारे जाते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एक बार अपने बेटे को भी मुख्यमंत्री हाउस से निकाल दिया था। उनकी ऐसी ही हरकत के बाद उनकी पहली पत्नी और बेटी विरोध में उतरे और पंजाब मुख्यमंत्री को बेपर्दा करने की बात कही।

बेटी ने तो 5 मिनट 19 सेकेंड की वीडियो शेयर कर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तीसरी बार बाप बनने वाले हैं। ये बात उन लोगों को दूसरों से पता चली है, भगवंत मान ने इस संबंध में उन्हें कुछ नहीं बताया। सीरत पूछती हैं कि भगवंत मान ने अपने पहले दो बच्चों की तो जिम्मेदारी निभाई नहीं, अब वो तीसरे बच्चे को ला रहे हैं, इसके पीछे क्या कारण है?

सीरत ने दावा किया कि उन्हें और उनके भाई को उनके पिता द्वारा नजरअंदाज किया गया है, जिन्होंने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के बजाय अपने राजनीतिक करियर को प्राथमिकता दी है। कौर ने आगे आरोप लगाया कि उनके भाई दिलशान को भगवंत मान ने उनके घर से बाहर भी निकाल दिया था, क्योंकि उसने उनसे मिलने की कोशिश की थी। हालाँकि इस मामले में आम आदमी पार्टी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है और इसे पारिवारिक मामला बताया है।

सीरत मान ने वीडियो में कहा, “मैं सीरत कौर मान हूँ। मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी हूँ। मैं शुरुआत में ही साफ कर दे रही हूँ कि इस वीडियो में मैं उन्हें मिस्टर मान या सीएम साहब ही कहूँगी, क्योंकि उन्होंने मुझसे पापा शब्द सुनने का अधिकार बहुत पहले ही खो दिया था। मैं साफ कर दूँ कि इस वीडियो के पीछे कोई पॉलिटिकल मोटिव (राजनीतिक मकसद) नहीं छिपा है।”

सीरत कौर मान ने आगे कहा, “इस वीडियो को बनाने के पीछे सिर्फ इतनी सी बात है कि मैं चाहती हूँ कि हमारी कहानी भी दुनिया के सामने आए। अभी तक लोगों ने जो कुछ भी सुना है, वो सबकुछ सीएम साहब की तरफ से ही कहा गया है। उसके चलते हमें बहुत कुछ सुनना और झेलना पड़ा है, जिसे मैं पूरी तरह से बयान भी नहीं कर सकती। आज तक मेरी माँ और हम सभी ने चुप रहकर सबकुछ सहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझ लिया गया। उन्हें (भगवंत मान को) इस बात का अहसास तक नहीं है कि हमारी चुप्पी की वजह से वो इस गद्दी (मुख्यमंत्री पद) पर बैठे हैं।”

सीरत कौर मान ने आगे कहा, “मान साहब ने मेरी (सीरत कौर मान-उम्र 23 वर्ष) और मेरे छोटे भाई (दिलशान मान-उम्र 19) के प्रति अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाया तक नहीं है। मेरा भाई पिछले साल 2 बार उनसे मिलने सीएम हाउस गया, लेकिन उसे सीएम हाउस में घुसने तक नहीं दिया गया। एक बार उसे अंदर जाने भी दिया गया, तो ये बहाना बनाकर रात में निकाल दिया गया कि वो रात में यहाँ (सीएम हाउस में) नहीं रुक सकता।”

सीरत कौर ने सवालिया लहजे में पूछा, “जो व्यक्ति अपने बच्चों की ज़िम्मेदारी नहीं उठा सकता, वह पंजाब के लोगों की ज़िम्मेदारी कैसे उठा सकता है?” उन्होंने कहा, “भगवंत मान एक अहसान कर दें कि जिन पंजाब के नाम पर उन्होंने हम सभी को छोड़ा, वो उसी पंजाब की माँ-बेटियों का भला कर दें, तो शायद रब उन्हें माफ कर दे।” सीरत कौर मान ने आरोप लगाया है कि भगवंत मान विधानसभा में, संसद में, गुरुद्वारे तक में शराब पीकर जाते हैं। वो हमारे साथ मारपीट तक करते हैं।

इस मामले में सीरत कौर की माँ इंदरप्रीत ने कहा है- “मैं अभी तक चुप थीं, लेकिन अब भगवंत मान के शराबियों वाले वीडियो शेयर करके मैं उसे नंगा कर दूँगी।” इंदरप्रीत ने आरोप लगाया कि सीरत के वीडियो को भगवंत मान की पीआर टीम इंटरनेट से हटाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए तमाम तरह से दबाव डाला जा रहा है। उनके फेसबुक कमेंट को अकाली दल के प्रवक्ता परमबंस सिंह ने एक्स पर शेयर किए हैं।

भगवंत मान की पहली पत्नी का नाम इंदरप्रीत कौर है। वो अपने दोनों बच्चों के साथ अमेरिका में रहती है। दोनों ने साल 2015 में तलाक के लिए अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी। भगवंत मान ने दावा किया था कि वो पंजाब के लिए अपना परिवार छोड़ रहे हैं। हालाँकि उन्होंने साल 2022 में पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के कुछ माह के भीतर ही अपनी डॉक्टर गुरप्रीत कौर से ही शादी कर ली थी। शादी के समय भगवंत मान 48 साल के थे, जबकि गुरप्रीत कौर 32 साल की। वहीं, उनकी बेटी सीरत उस समय 22 साल की थी, तो बेटा दिलशान 18 साल का। मान के दोनों बच्चे उनके सीएम बनने के बाद शपथ ग्रहण समारोह में पहुँचे थे।