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TCS नासिक कांड : 25 दिनों से फरार निदा खान को महाराष्ट्र पुलिस ने संभाजी नगर से गिरफ्तार किया; कोर्ट से नहीं मिली जमानत

दंगाई हों, बलात्कारी हों, पत्थरबाज हों या फिर मजहब बदलने वाले/वाली हो भांडा फूटने पर छिपे-छिपे फिरते है, क्यों? अदालतों को चाहिए कि इन उपद्रवियों को तलाशने में जो खर्चा हुआ है उसकी वसूली करनी चाहिए। इन उपद्रवियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं छीन लेनी चाहिए।        
TCS धर्मांतरण मामले में फरार चल रही आरोपित निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नासिक पुलिस की विशेष जाँच टीम (SIT) ने करीब 25 दिनों तक तलाशी अभियान चलाने के बाद उसे गुरुवार (7 मई 2026) को छत्रपति संभाजीनगर से पकड़ा।

पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के अनुसार, गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस की मदद से की गई। मामले में पहले ही कई प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं और अब तक आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब है कि TCS से जुड़े BPO यूनिट के भीतर मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा संगठित तरीके से हिंदू महिला कर्मचारियों का शोषण किए जाने के आरोप सामने आए थे।

पीड़िताओं ने यौन उत्पीड़न, मानसिक दबाव, धार्मिक भावनाएँ आहत करने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं निदा खान महिलाओं को हिजाब और बुर्का पहनने, इस्लामी तौर-तरीके अपनाने और मजहबी सामग्री देखने के लिए प्रेरित करती थी।

जाँच में यह भी सामने आया कि पीड़िता को कुछ मोबाइल एप और मजहबी कंटेंट भेजे गए थे और उसका नाम बदलने की योजना तक बनाई जा रही थी।

कोर्ट से नहीं मिली राहत, SIT ने बताए कई अहम लिंक

गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उसने कोर्ट को बताया था कि वह गर्भवती है और मुंबई में रह रही है, इसलिए उसे गिरफ्तारी से राहत दी जाए। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि महाराष्ट्र में अलग से कोई धर्मांतरण विरोधी कानून लागू नहीं है और जबरन धर्मांतरण के आरोप बेबुनियाद हैं।

हालाँकि कोर्ट ने उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि मामले में डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और कई संवेदनशील जानकारियाँ सामने आई हैं, इसलिए आरोपित से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

SIT ने कोर्ट को यह भी बताया कि जाँच का दायरा नासिक से आगे बढ़कर मालेगाँव और यहाँ तक कि मलेशिया तक पहुँच गया है। जाँच एजेंसियों को शक है कि विदेश में नौकरी के अवसरों का इस्तेमाल कथित तौर पर लालच देने के लिए किया गया हो सकता है।

कई धाराओं में केस दर्ज, लगातार बदल रही थी ठिकाने

पुलिस के अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही निदा खान फरार चल रही थी और उसके मोबाइल फोन समेत कुछ रिश्तेदारों के फोन भी बंद पाए गए थे। पुलिस ने उसके शौहर से पूछताछ के बाद कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन हर बार पुलिस को बंद मकान ही मिले। इसके बाद राज्यभर में तलाश अभियान तेज किया गया।

मामले में निदा खान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की यौन उत्पीड़न, मानहानि और धार्मिक भावनाएँ आहत करने से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। चूँकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समुदाय से है, इसलिए उसके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएँ भी लगाई गई हैं।

प्राइवेट पार्ट पर बात, गंदे इशारे और देवी-देवताओं का अपमान: नासिक TCS मामले में मुस्लिम गैंग कैसे करते थे हिंदू महिलाओं को परेशान, 9 FIR की सारी डिटेल्स


नासिक के अशोका मार्ग पर स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट से हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, शारीरिक दुर्व्यवहार और धर्म के आधार पर भेदभाव का एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया। महज 48 घंटों के भीतर, मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में एक ही विभाग के पाँच मुस्लिम पुरुष कर्मचारियों के खिलाफ कई FIR दर्ज की गई हैं। ऑपइंडिया (OpIndia) के पास मौजूद इन FIR की कॉपियों से पता चला है कि इस BPO में काम करने वाली हिंदू महिलाएँ पिछले कई सालों से यौन शोषण और धार्मिक प्रताड़ना का शिकार हो रही थीं।

इन मामलों में आरोपित शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख सभी ओडीसी-02 (ODC-02) यूनिट से जुड़े हैं, जो कॉलिंग के जरिए एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड कलेक्शन का काम संभालते हैं। दर्ज की गई शिकायतों में तीन हिंदू महिला कर्मचारियों (जिनमें दो 23 साल की सहयोगी और एक 36 साल की टीम लीडर) ने दफ्तर के बेहद खराब माहौल का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वहाँ लगातार यौन उत्पीड़न, निजी जिंदगी को लेकर बेतुके सवाल, गलत तरीके से छूने की कोशिश और हिंदू धार्मिक मान्यताओं पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की जाती थीं।

(FIR नंबर: 156/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर अश्लील टिप्पणी और यौन शोषण

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाली एक 23 वर्षीय हिंदू छात्रा ने सहकर्मी दानिश शेख, तौसीफ अख्तर और निदा खान के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धार्मिक प्रताड़ना पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, आरोपित दानिश शेख ने अपने निकाह और दो बच्चों की बात छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फँसाया और शादी का झांसा देकर जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक अलग-अलग होटलों में उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान आरोपित तौसीफ और निदा खान ने पीड़िता को इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया और शिवलिंग व भगवान कृष्ण सहित हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं।

हद तो तब हो गई जब तौसीफ अख्तर ने पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए ऑफिस की पेंट्री और लॉबी में यौन उत्पीड़न किया और धमकी दी कि यदि उसने उसकी शारीरिक माँगें पूरी नहीं कीं, तो वह उसके घर वालों को सब बता देगा। इस पूरे मामले में आरोपितों ने न केवल पीड़िता का विश्वास तोड़ा, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी धार्मिक भावनाओं और गरिमा को छलनी किया।

(FIR नंबर: 163/2026) रजा मेमन और शाहरुख पर गंभीर आरोप, हेड अश्विनी पर भी कार्रवाई

नासिक की TCS कंपनी (BPO यूनिट) में काम करने वाली एक 25 वर्षीय शादीशुदा महिला कर्मचारी ने टीम लीडर रजा मेमन और सहकर्मी शाहरुख कुरैशी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई। FIR के अनुसार, रजा मेमन मई 2023 से ही पीड़िता को अकेले पाकर गंदी नीयत से छूने, अश्लील पहेलियाँ बुझाने और घूरने जैसी हरकतें कर रहा था। पीड़िता की शादी होने के बाद आरोपित ने उसकी पर्सनल लाइफ पर भद्दे और ‘सेक्सुअली सजेस्टिव’ कमेंट्स किए, जैसे- ‘रात में क्या करती हो कि दिन में नींद आती है?’ और गोवा ट्रिप के नाम पर ‘हनीमून और शराब’ जैसे शर्मनाक सवाल पूछे।

                                                      ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

शिकायत में यह भी आरोप है कि जब पीड़िता ने विरोध किया, तो टीम लीडर रजा ने उसका नाम ऑफिस बॉय से जोड़कर चरित्र हनन किया और दानिश-तौसीफ के साथ मिलकर उस पर काम का बोझ बढ़वा दिया। हद तो तब हो गई जब गुड़ी पड़वा पर साड़ी पहनकर आने पर शाहरुख ने उसे गंदी नजरों से देखा और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप कंपनी की ऑपरेशनल हेड अश्विनी चौनानी पर है, जिन्होंने बार-बार शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि आरोपितों का साथ देकर पीड़िता की आवाज दबाने की कोशिश की।

(FIR नंबर: 164/2026) हिंदू महिलाओं के अंगों को घूरते थे मुस्लिम कर्मचारी, मिसकैरेज होने पर जबरन ‘अजमेर के मौलवी’ के पास भेजने का दबाव

नासिक की TCS कंपनी में एक 36 वर्षीय हिंदू महिला टीम लीडर ने मुस्लिम सहकर्मियों के एक खास गुट पर धार्मिक प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज आरोप लगाया। FIR के अनुसार, शफी शेख, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी जैसे मुस्लिम कर्मचारी दफ्तर में एकजुट होकर गैर-मजहबी लड़कियों और लड़कों को चुन-चुनकर निशाना बनाते हैं। पीड़िता ने बताया कि आरोपित शफी शेख मीटिंग के दौरान सार्वजनिक रूप से उसके प्राइवेट पार्ट्स (छाती) को गंदी नजरों से घूरता था और विरोध करने पर गंदी मुस्कान देता था, जिसकी शिकायत के बावजूद उसे सिर्फ दूसरे विभाग में भेज दिया गया जहाँ से वह लगातार पीड़िता का पीछा करता रहा।

                                               ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

हद तो तब पार हो गई जब फरवरी 2026 में पीड़िता का मिसकैरेज (गर्भपात) हुआ, तो तौसीफ अत्तर ने उसकी व्यक्तिगत पीड़ा का मजाक उड़ाते हुए उसे ‘अजमेर के मौलवी’ का नंबर दिया और जबरन वहाँ जाने का दबाव बनाया। आरोपितों पर आरोप है कि वे दफ्तर में हिंदू लड़कियों पर अश्लील कमेंट करते हैं, उन्हें सिर से पैर तक गंदी नजरों से घूरते हैं और उनकी निजी जिंदगी में दखल देकर उन्हें मजहबी आधार पर प्रताड़ित और शर्मिंदा करते हैं।

(FIR नंबर: 165/2026) हिंदू देवी-देवताओं पर भद्दी टिप्पणी और महिला कर्मचारी को प्राइवेट पार्ट दिखाकर किया यौन उत्पीड़न

नासिक की TCS कंपनी में कार्यरत 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने बिजनेस प्रोसेस लीडर तौसीफ अत्तर के खिलाफ यौन प्रताड़ना और हिंदू धर्म के अपमान की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, आरोपित तौसीफ दफ्तर में हिंदू लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और उनके अंगों को देखकर आँखें मारता था। पीड़िता ने बताया कि तौसीफ आने-जाने वाली लड़कियों के फिजिकल साइज पर भी बात करता था। हद तो तब पार हो गई जब दिसंबर 2025 में पीड़िता को छाछ पीते देख आरोपित ने अपने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा करते हुए बेहद अश्लील टिप्पणी की और कहा- ‘मेरे पास भी छाछ है, तुझे चाहिए क्या?’

                                                          ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

 यही नहीं, आरोपित ने दफ्तर में हिंदू धर्म और आस्था पर भी जहरीला हमला बोला। पीड़िता की टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति को देखकर मुझसे पूछा कि क्या महादेव सच में भगवान हैं? अगर पार्वती ने गणपति को बनाया, तो महादेव को इसके बारे में क्यों नहीं पता? गणेश सच में महादेव के बेटे है? यह कहते हुए तौसीफ ने देवी पार्वती के चरित्र पर कीचड़ उछाला। इसके अलावा, उसने भगवान ब्रह्मा के लिए भी टिप्पणी कर कहा कि ब्रह्मा अपनी ही बेटी का रेपिस्ट है। और प्रभु श्री राम व माता सीता के बारे में अपमानजनक बातें कहीं कि उन्होंने वनवास में मांस खाया होगा, वे कंद खाकर नहीं रह सकते। तौसीफ ने जहर उगलते हुए हिंदू देवताओं को ‘झूठा’ और ‘दिखावे वाला’ बताया और इस्लाम को श्रेष्ठ साबित करने के लिए हिंदू भावनाओं को बुरी तरह कुचला।

(FIR नंबर: 166/2026) हिंदू कर्मचारी को जबरन खिलाया नॉन-वेज, पत्नी के लिए बोली बेहद शर्मनाक बात

नासिक की TCS कंपनी में काम करने वाले एक वरिष्ठ विश्लेषक ने सहकर्मी तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ये आरोपित दफ्तर में एक संगठित गिरोह की तरह काम करते थे और हिंदू कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराने का दबाव डालते थे। पीड़ित, जो रुद्राक्ष की माला पहनते हैं और धार्मिक मार्ग पर चलते हैं, उन्हें आरोपितों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोपितों ने छत्रपति संभाजी महाराज को ‘इस्लाम का गुलाम’ बताकर अपमानित किया। हद तो तब हो गई जब आरोपितों ने पीड़ित के शाकाहारी होने के बावजूद उन्हें देर रात जबरन नॉन-वेज खिलाया और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी।

                                                  ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

इस गिरोह की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। जब आरोपितों को पता चला कि पीड़ित की संतान नहीं हो रही है, तो तौसीफ और दानिश ने सारी मर्यादाएँ लाँघते हुए घटिया टिप्पणी की। आरोपितों ने पीड़ित से कहा, “दवा से बच्चे नहीं हो रहे, तो अपनी पत्नी को हमारे पास भेज दो।” इसके अलावा, पीड़ित को धोखे से घर ले जाकर जबरन टोपी पहनाई गई, कलमा पढ़वाया गया और उसकी तस्वीरें वायरल कर दी गईं। FIR में यह भी आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर की महिलाओं को देखकर गंदे कमेंट्स करते थे और कहते थे कि ‘तुम जो भी पसंद करोगी, उसे खुश करना होगा।’ जब पीड़ित ने इस धर्मांतरण और उत्पीड़न का विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई और काम के बहाने प्रताड़ित किया गया।

(FIR नंबर: 167/2026) हिंदू महिला के अंगों को हाथ से छुआ, भगवान कृष्ण को बताया ‘औरतबाज’

नासिक की TCS कंपनी में 25 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी (जो एक पावरलिफ्टर भी हैं) ने आसिफ अंसारी, शफी शेख और तौसीफ अत्तर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के मुताबिक, आरोपित आसिफ अंसारी ने पीड़िता की छाती को सरेआम घूरते हुए अश्लील सवाल पूछा, “तुम्हारी पसंद छोटी है या बड़ी?” पीड़िता के वजन और शरीर की बनावट का मजाक उड़ाते हुए आरोपित तौसीफ और आसिफ उस पर गंदे कमेंट्स करते थे। दिसंबर 2024 में आरोपित शफी शेख ने पीड़िता के पास बैठकर पैर से पैर रगड़ा और काम सिखाने के बहाने उसके सीने और प्राइवेट पार्ट्स को हाथ से छुआ। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपित गंदी मुस्कान देकर वहाँ से चला गया।

                                                 ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

यही नहीं, आरोपितों ने दफ्तर के माहौल को मजहबी जहर से भर दिया था। आरोपित तौसीफ अत्तर ने हिंदू आस्था को चोट पहुँचाने के लिए भगवान कृष्ण को ‘औरतबाज’ कहा और भगवान शिव व माता पार्वती के रिश्ते पर निहायत ही गंदी और अश्लील टिप्पणी की। पीड़िता का आरोप है कि ये आरोपित दफ्तर में एकजुट होकर हिंदू लड़कियों को उनके शरीर और धर्म के आधार पर शर्मिंदा करते थे।

(FIR नंबर: 168/2026) नई नवेली हिंदू दुल्हन से ‘हनीमून’ पर अश्लील सवाल, भगवान ‘नंगे’ रहने पर टिप्पणी

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय विवाहित हिंदू महिला कर्मचारी ने शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख के खिलाफ सामूहिक उत्पीड़न की FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, पीड़िता की शादी के महज एक महीने बाद ही टीम लीडर रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने उसे दफ्तर में घेर लिया और उसके हनीमून को लेकर गंदे और अश्लील सवाल पूछे लगे, जैसे- ‘हनीमून पर क्या किया? क्या तुम्हारे पति ने तुम्हें गाजर दी?’ आरोपितों ने पीड़िता का नाम ‘प्लेयर’ रख दिया था और उसे अपने पति को छोड़कर दूसरा बॉयफ्रेंड बनाने के लिए मजबूर किया।

                                            ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपित आसिफ अंसारी दफ्तर में पीड़िता को जबरन गले लगा लेता था, उसकी कमर, पेट और जाँघों को गंदी नीयत से छूता था और उसके अंदर के कपड़ों (innerwear) के साइज के बारे में भद्दी बातें पूछता था। आरोपित तौसीफ अत्तर भी काम सिखाने के बहाने पीड़िता के अंगों पर हाथ फेरता था और ‘संतरे छोटे हैं या बड़े’ जैसी अश्लील टिप्पणियाँ करता था। आरोपितों ने हिंदू धर्म पर भी जहर उगला। आसिफ अंसारी ने कहा कि ‘तुम्हारे भगवान नंगे घूमते हैं और तुम लोग नकाब नहीं पहनती, इसीलिए तुम हिंदुओं का रेप होता है।’ गुड़ी पड़वा के दिन आरोपितों ने पीड़िता की साड़ी का पल्लू तक खींच लिया। इन दरिंदों ने पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वह दफ्तर जाने से भी डरने लगी थी।

(FIR नंबर: 169/2026) महिला कर्मचारी की बीमारी का मजाक उड़ाया, प्राइवेट पार्ट और ‘फिजिकल रिलेशन’ पर पूछते अश्लील सवाल

नासिक की TCS कंपनी से एक 23 वर्षीय हिंदू महिला कर्मचारी ने शफी शेख, रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR के अनुसार, ट्रेनिंग के बहाने आरोपित शफी शेख पीड़िता को घेर लेता था और काम की जगह उसकी निजी जिंदगी पर गंदे सवाल पूछता था। शफी पीड़िता से पूछता था कि ‘क्या तुम्हारे अपने बॉयफ्रेंड के साथ फिजिकल रिलेशन (शारीरिक संबंध) रहे हैं?’ और ‘क्या तुम रात को सोई या नहीं?’। हद तो तब हो गई जब अगस्त 2025 में आरोपित ने कैंटीन में पीड़िता को अकेला पाकर जबरन ‘गर्लफ्रेंड’ बनने का दबाव बनाया, जिससे डरकर पीड़िता रोने लगी।
                                                 ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी
शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता ने इसकी शिकायत अपने टीम लीडर रज़ा मेमन से की, तो उसने आरोपित शफी के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय उसे शह दी और खुद भी पीड़िता का शोषण शुरू कर दिया। रजा मेमन ने पीड़िता की बीमारी (PCOD) का मजाक उड़ाते हुए उसके शरीर पर भद्दी टिप्पणियाँ कीं और उसे जिम जाने व फेशियल कराने की सलाह देते हुए गंदी नीयत से छूने की कोशिश की। आरोपित शाहरुख कुरैशी ने भी पीड़िता को व्यवस्थित ट्रेनिंग न देकर उसे शफी के हवाले कर दिया ताकि वे मिलकर उसे प्रताड़ित कर सकें। पीड़िता ने बताया कि आरोपित उस पर नजर रखते थे और उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे, जिससे वह दफ्तर में असुरक्षित महसूस करने लगी थी।

(FIR नंबर: 171/2026) हिंदू युवती के शरीर पर भद्दे कमेंट्स, गुड़ी पड़वा पर ड्रेस को लेकर उड़ाया मजाक और डाली गंदी नजर

नासिक की TCS कंपनी से 23 वर्षीय हिंदू पीड़िता ने रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। FIR के अनुसार, शाहरुख कुरैशी पीड़िता को अकेले पाकर जबरन उसकी पर्सनल लाइफ, बॉयफ्रेंड और ‘एक्स’ के बारे में अश्लील सवाल पूछता था और माता-पिता की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसे अपने साथ घूमने चलने के लिए दबाव डालता था। आरोपित रजा मेमन ने पीड़िता के शरीर पर भद्दे कमेंट्स करते हुए उसे ‘शेप में आने’ और जिम जाने जैसी शर्मनाक बातें कहीं।
                                              ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर पीड़िता नई ड्रेस पहनकर ऑफिस आई। आरोपित रजा मेमन ने उसे सबके सामने बुलाकर सिर से पैर तक गंदी नजर से घूरा और हिंदू त्योहारों का अपमान करते हुए ताना मारा कि ‘क्या तुम पूजा नहीं करती, बस तैयार होकर ऑफिस आ जाती हो?’ आरोपितों ने दफ्तर में ऐसा खौफ पैदा कर रखा था कि पीड़िता शिकायत करने से भी डरती थी। पीड़िता का आरोप है कि ये लोग उस पर लगातार नजर रखते थे और गंदे इशारे कर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाते थे।

नासिक TCS कंपनी से सामने आई यह रिपोर्ट न केवल यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा है, बल्कि एक इस्लामिक संगठित गिरोह द्वारा हिंदू आस्था और मानवाधिकारों पर किया गया गहरा प्रहार भी है। दफ्तर जैसे पेशेवर माहौल को मजहबी कट्टरता, लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिशों का अड्डा बनाना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह बेहद शर्मनाक है कि जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्राथमिकता होनी चाहिए थी, वहाँ उनकी धार्मिक पहचान को हथियार बनाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से छलनी किया गया।(साभार) 

सोनिया-प्रियंका के रहते कांग्रेस में महिलाओं का क्यों शोषण हो रहा है ? आरोप लगाने वाली वरिष्ठ नेता सिमी रोजबेल जॉन को पार्टी ने निकाला


भाजपा शासित राज्यों में महिला उत्पीड़न होने पर पिकनिक मनाने वाले राहुल गाँधी, प्रियंका वाड्रा और अन्य नेता कांग्रेस में हो रहे महिला शोषण पर क्यों खामोश हैं? मीडिया भी खामोश है, शायद मीडिया को चुप रहने की कीमत पहुंचाती है। जिस तरह राहुल और सोनिया पर बांग्लादेशी पत्रकार ने खुलासे किए है, उस पर भी मीडिया खामोश है, क्यों ? अगर यही खुलासे बीजेपी के किसी भी नेता के विरुद्ध हुए होते देखों सारा मीडिया मदारी की तरह चौपालें लगा रहे होते। ये है मीडिया का दोगलापन। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के रहते भी पार्टी में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा सिर्फ प्रियंका वाड्रा के भाषणों तक ही है। कांग्रेस की ‘कथनी और करनी’ में बड़ा फर्क है। कांग्रेस नेता महिला हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन ये सब एक तरह से ढोंग ही है। महिलाएं पार्टी के बाहर तो छोड़िए, अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला में केरल की एक महिला नेता ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता सिमी रोजबेल जॉन ने कहा है कि केरल कांग्रेस में भी महिलाओं का शोषण, यौन उत्पीड़न और कास्टिंग काउच होता है।

 इंडिया टुडे की एक खबर के अनुसार सिमी रोजबेल ने आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री में ‘कास्टिंग काउच’ जैसी स्थिति कांग्रेस पार्टी के अंदर भी हो रही है और महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुरुष नेताओं के शोषणकारी व्यवहार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, यहां पर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए समझौते करने पड़ते हैं। आरोप लगाए जाने के तुरंत बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस पर तंज कस रहे हैं। लोगों का कहना है कि कांग्रेस सिर्फ महिला सुरक्षा का ढोंग करती हैं।

आपको दिखाते हैं कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा। नीचे दिए गए बयानों और कांग्रेस नेताओं की हरकतों से साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है और वे किस तरह महिलाओं का अपमान करते हैं…

महिला विरोधी कांग्रेस: सोनिया-प्रियंका के करीबी नेता की घटिया सोच
कांग्रेस नेता की महिलाओं के प्रति घटिया सोच का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। 5 अगस्त 2024 की रात का यह वीडियो राजस्थान विधानसभा के भीतर का है। इस वीडियो में दिख रहा है कि कुछ कांग्रेस विधायक बैठे हुए हैं और एक विधायक कह रहा है कि जिसको भी आगे बढ़ना है वो पैर दबाएगी। कांग्रेस नेता की महिलाओं के प्रति इस सोच का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौर ने लिखा कि ‘राजस्थान विधानसभा में धरना दे रहे कांग्रेस के विधायक यह कह रहे हैं कि “जिसको बड़ा नेता बनना है, वह पैर दबाएगी”!! नारी शक्ति के प्रति कांग्रेस के नेताओं की यह सोच शर्मनाक और निंदनीय है। लगता है लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ नैतिक मूल्य भी कांग्रेसी विधायक भूल गए हैं।’

इस वीडियो के बार आते ही लोग कांग्रेस नेताओं पर थू-थू करने लगे। लोग इस वीडियो को शेयर कर कांग्रेस की घटिया सोच पर लानत लगा रहे हैं

महिला नेता को कहा- इसे जूते मारकर बाहर निकालो
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने हाल ही में 16 जुलाई को मध्य प्रदेश के भोपाल में महिला कांग्रेस कमेटी की एक बैठक की। बैठक में पार्टी नेता मधु शर्मा ने जब पूछा कि हमने पिछले 40 वर्षों से विभिन्न पदों पर काम किया है फिर महासचिवों की सूची से हमारा नाम गायब क्यों है? हम लोगों की नियुक्तियां फर्जी हैं क्या? इस पर भड़कते हुए अलका लांबा ने कहा कि इन्हें जूते मारकर बाहर निकालिए। इस पर मधु शर्मा ने कहा कि एक बाप की बेटी हैं तो जूता मारकर दिखाइए। तो अलका लांबा ने कहा कि निकालिए इन्हें बाहर। पार्टी से भी बाहर कीजिए ऐसे लोगों को।

रणदीप सुरजेवाला ने हेमा मालिनी पर दिया विवादित बयान
कांग्रेसी महिला विरोधी मानसिकता की एक झलक आप राहुल गांधी के करीबी पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला के एक बयान में भी देख सकते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाण के कुरुक्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए मथुरा से बीजेपी की लोकसभा उम्मीदवार हेमा मालिनी पर विवादित बयान दिया। सुरजेवाला ने कहा कि हम एमपी और एमएलए क्यों बनाते हैं? ताकि वो हमारी आवाज़ उठा सकें, हमारी बात मनवायें, इसीलिए बनाते होंगे। कोई हेमा मालिनी तो है नहीं, जो चाटने के लिए बनाते हैं?

सुप्रिया श्रीनेत्र ने किया कंगना पर आपत्तिजनक पोस्ट
कांग्रेसी महिला विरोधी मानसिकता की एक झलक आप पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत्र के एक सोशल मीडिया पोस्ट में भी देख सकते हैं। सोनिया-प्रियंका की करीबी महिला प्रवक्ता ने हाल ही में कंगना रनौत पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश के मंडी से अपना उम्मीदवार बनाया है। कंगना को मंडी से टिकट दिए जाने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत्र ने इंस्टाग्राम पर अपमानजनक पोस्ट किया। कांग्रेस नेता ने कंगना की फिल्म का एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा? इसके बाद प्रियंका वाड्रा की करीबी नेता की किरकिरी होने लगी तो सुप्रिया ने अपना पोस्ट हटा दिया। इस पोस्ट पर जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने विभिन्न महिलाओं की भूमिकाएं निभाई हैं, “रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।” कंगना ने आगे कहा, “हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए, हमें उनके शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा से ऊपर उठना चाहिए और सबसे ऊपर, हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को किसी प्रकार के दुर्व्यवहार या अपमान के रूप में उपयोग करने से बचना चाहिए… हर महिला गरिमा की हकदार है।”

सुप्रिया श्रीनेत्र के बाद पक्षकार और कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की संपादक मृणाल पांडे ने भी अपमानजनक ट्वीट किया कि “शायद यूं कि मंडी में सही रेट मिलता है?” बाद में सोशल मीडिया पर लताड़ लगने के बाद कांग्रेस की करीबी इस पक्षकार मृणाल पांडे ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

कांग्रेस की असल मानसिकता का परिचय तो पार्टी के सीनियर लीडर हरीश अहीर- HS Ahir ने दिया। राहुल गांधी के करीबी इस नेता ने तो सारी हदें पार कर दी। अभिनेत्री कंगना के खिलाफ सारी मर्यादा तोड़ते हुए उन्होंने लिखा “मंडी से र*डी।”

दिग्विजय सिंह ने महिला नेता को पागल औरत कहकर किया अपमानित
प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने महिला नेता को पागल औरत कहकर अपमानित किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दिग्विजय सिंह एक महिला को डांट-डपट रहे हैं। दिग्विजय सिंह उस महिला को पागल औरत कहकर संबोधित कर रहे हैं। इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह अपने सुरक्षा गार्ड से कहते हैं कि बाहर निकालो इस पागल को, यह औरत पागल हो चुकी है। डॉक्टर लीना शर्मा नाम की यह महिला कांग्रेस कार्यकर्ता है और 21 फरवरी को दिग्विजय सिंह जब ग्वालियर चंबल अंचल के दौरे पर थे तो उनसे मिलने पहुंची थी। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की लेकिन डॉक्टर लीना शर्मा को देखते ही वो भड़क उठे और गार्ड से बाहर निकालने को कहने लगे।

अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता- पीड़िता की शिकायत पर कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी रखते हैं। ताजा मामला कर्नाटक के कांग्रेस नेता अमरेगौड़ा पाटिल का है। उन्होंने रेप पीड़िता को लेकर विवादित बयान दिया। अमरेगौड़ा पाटिल से जब उनके एक सहयोगी संगनगौड़ा पाटिल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की गई तो उन्होंने पीड़ित परिवार को चुप रहने हिदायत देते हुए कहा कि एक अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता, इसके लिए कम से कम 2-3 लोग चाहिए। अमरेगौड़ा का ये ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल ऑडियो में अमरेगौड़ा पाटिल कहते हैं कि ‘एक महिला का रेप करने के लिए आपको कम से कम दो-तीन लोगों की जरूरत होती है। इस दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं है जो अकेले में किसी का रेप कर सके। मुझे दिखाओं। चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कोई भी ऐसा नहीं कर सकता।’ इतना ही नहीं अपने सहयोगी का बचाव करते हुए अमरेगौड़ा यह भी कहते हैं कि ‘वह बलात्कार कैसे कर सकता है? वह जरूर चिल्लाई होगी। कोई एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता। इसके लिए दो हाथों की जरूरत होती है। आप एक तंदरूस्त आदमी लाओ, और मैं एक महिला भेजूंगा, उससे पूछो। उसका बलात्कार करो, देखते हैं।’

दलित महिला नेता अर्चना गौतम के साथ हुई बदसलूकी
कांग्रेसियों ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की पोस्टर गर्ल और दलित महिला नेता अर्चना गौतम से बदसलूकी और मारपीट कर महिला विरोधी होने का प्रमाण दिया है। अर्चना गौतम ने हाल ही में जो आपबीती सुनाया है, वह काफी हैरान करने वाला है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी महिलाओं से कितना नफरत करते हैं। महिलाएं उनके लिए सिर्फ मनोरंजन और वोट का साधन हैं और मकसद पूरा होते ही फेंक देते हैं। 

कांग्रेस मुख्यालय में दलित महिला नेता और उसके बुजुर्ग पिता से मारपीट 
रियलिटी टीवी शो बिग बॉस से मशहूर हुईं अर्चना गौतम का एक वीडियो सोशिल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो चिल्लाती हुई और भागती हुई नजर आती है। अर्चना के साथ कुछ लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं। दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट कर रहे हैं। इस वीडियो में ऑफिस में दोबारा नहीं आने की धमकी देते हुए सुना जा सकता है। अर्चना के साथ उनके बुजुर्ग पिता गौतम बुद्ध भी थे, जो अर्चना को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई, जिसकी वजह से वो सड़क पर गिर पड़े। सड़क पर हो रहा यह हंगामा किस जगह पर हुआ, इसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यह हंगामा दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुआ। अर्चना और उसके पिता सड़क पर पार्क की गई गाड़ियों के बीच खुद को बचाते हुए नजर आए।

 

मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की- अर्चना
जब इस घटना को लेकर अर्चना गौतम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय में उनके बाल खींचे गए और सड़क पर मेरे साथ रेप की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। मैं मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अर्चना गौतम ने बताया कि उन्हें कांग्रेस कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमें बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मैं इसकी वजह जानने की कोशिश की। लेकिन मेरे साथ बदसलूकी की गई। मैं वहां से किसी तरह बचकर निकली। मैं महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद बधाई देने गई थी। मुझे उम्मीद था कि मेरा अच्छे से स्वागत किया जाएगा, क्योंकि बिग बॉस खत्म होने के बाद मैं कार्यालय नहीं गई थी। मेरे कार्यालय पहुंचते ही कुछ महिलाएं सामने आ गईं और मेरा विरोध करने लगीं। उन्हें मेरा अपमान करने के लिए खास तौर पर भेजा गया था।

  

प्रियंका गांधी के पीए संदीप कुमार महिलाओं की इज्जत नहीं करते- अर्चना
अर्चना गौतम ने संदीप कुमार पर महिलाओं की इज्जत नहीं करने का आरोप लगाया। अर्चना ने कहा कि संदीप की पार्टी में प्रभाव और ताकत की वजह से महिलाएं उसके खिलाफ आवाज तक नहीं उठाती। जो भी आवाज उठाता है, उसको बाहर कर दिया जाता है। अर्चना ने आगे कहा कि संदीप सिंह जैसों की छाती पर बैठकर मूंग दलने का काम करूंगी और उसका हर चिट्ठा खोलूंगी। उसका सबूत मेरे पास हैं। संदीप सिंह ने जो घोटाले किए हैं, जो झूठ बोला है, उसका पर्दाफाश करूंगी। मैंने संदीप के शिकायत के लिए प्रियंका वाड्रा से मिलने के लिए गई थी, लेकिन संदीप ने उन्हें मिलने नहीं दिया। संदीप कुमार ने धमकी दी थी कि ज्यादा बोलेगी तो जेल में डलवा दूंगा।

कांग्रेस में महिलाओं को नहीं मिलता अपना पक्ष रखने का मौका
कांग्रेस महिलाओं के साथ इंसाफ की बात करती है। लेकिन उसने अर्चना को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया। कांग्रेस के मेरठ जिलाध्यक्ष अवीनाश काजला और शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी ने कहा कि अर्चना को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 31 मई 2023 को पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। लेकिन अर्चना गौतम के पिता गौतम बुद्ध ने कहा कि बेटी के निलंबन का कोई पत्र अभी तक हमें नहीं दिया गया है। हम पर जो कांग्रेसी फर्जी मुकदमा करने और अवैध वसूली का आरोप लगा रहे हैं, पुलिस से उम्मीद है कि इन आरोपों की जांच करके सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेता संदीप कुमार के इशारे पर उनके साथ मारपीट की गई।

संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज
गौरतलब है कि अर्चना के पिता गौतम बुद्ध ने मार्च, 2022 में प्रियंका गांधी के निजी सहायक संदीप कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संदीप पर अर्चना को जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। मेरठ पुलिस ने परतापुर थाने में संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज किया था,लेकिन अभी तक संदीप कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अर्चना गौतम के पिता गौतम बुध का आरोप है कि उनकी बेटी प्रियंका गांधी के बुलावे पर 26 फरवरी 2023 को कांग्रेस के महाधिवेशन में भाग लेने के लिए रायपुर (छत्तीसगढ़) गई थीं। इस दौरान अचर्ना ने प्रियंका गांधी से मिलने का समय संदीप कुमार से मांगा था। लेकिन उन्होंने मिलनवाने से मना कर दिया था। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अर्चना गौतम को ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। 2022 में अर्चना ने मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। वह बिग बॉस 16 के टॉप फाइव में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही थीं।

राहुल गांधी ने की शर्मनाक हरकत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 9 अगस्त, 2023 को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बाद अभद्रता का परिचय दिया। राहुल ने अपनी हरकतों से महिलाओं का अपमान किया। अपना संबोधन पूरा करने के बाद राहुल गांधी सदन से रवाना हो गए लेकिन जाते समय उन्होंने एक छिछोरी हरकत कर दी। संसद से बाहर जाते समय उन्होंने महिला सांसदों की तरफ फ्लाइंग किस के इशारे किए। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने राहुल पर महिला सांसदों को फ्लाइंग किस देने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक बात पर मैं आपत्ति जाहिर करना चाहती हूं। जिनको आज मुझसे पहले बोलने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन दिए। यह कोई अभद्र शख्स ही महिला सांसदों को फ्लाइंग किस दे सकता है। ऐसे गरिमाविहीन आचरण को इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया। यह उस खानदान के लक्षण हैं ये आज देश को पता चल गया।

कांग्रेस नेता का अश्लील वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर झारखंड के कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता का अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बन्ना गुप्ता एक महिला के साथ अश्लील बातचीत करते नजर आ रहे हैं। बन्ना गुप्ता कांग्रेस कोटे से राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं। हालांकि उनका कहना है कि वीडियो फर्जी है, लेकिन इससे राजनीतिक गलियारे में फोन पर वीडियो कॉल से की गई अश्लील बातचीत से सनसनी फैल गई है।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर परेशान करने का आरोप
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगे हैं। यूथ कांग्रेस असम की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि श्रीनिवास बीवी ने मुझे लगातार परेशान किया और लिंग के आधार पर मेरे साथ भेदभाव किया। मेरे मूल्य और संस्कार अब मुझे इसकी अनुमति नहीं देते। मामले को कई बार सामने लाने के बावजूद नेतृत्व में इसे अनसुना कर दिया। अंगकिता दत्ता ने कहा है कि बीवी श्रीनिवास को लगता है कि वह बहुत शक्तिशाली हैं और उन्हें पार्टी बड़े नेताओं का आशीर्वाद है इसलिए वह संगठन में एक महिला को परेशान और नीचा दिखा सकता है। युवा कांग्रेस की असम अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है उन्हें राहुल गांधी पर बहुत ज्यादा विश्वास था और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जम्मू में श्रीनिवास के उत्पीड़न और अपमानजनक बर्ताव के बारे में बताया भी था लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है।

न 4 साल की बच्ची बची, न 63 साल की वृद्धा… योनि में ही नहीं सिमटी है एक महिला का अस्तित्व: केवल कानून से नहीं होगी नारी सुरक्षा

      रेप की घटनाएँ रोकने के लिए बदलना होगा समाज को भी (फोटो साभार: leonardo.ai और indiabloom)
बीते दिनों बंगाल में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप-मर्डर मामले के कारण पूरे देश भर में आक्रोश है। लोग महिलाओं के अधिकारों से लेकर उनकी आजादी की बात कर रहे हैं, उस पर चिंता जता रहे हैं। कहीं कानून सख्त करने की माँग हो रही है तो कही दोषियों पर त्वरित कार्रवाई को कहा जा रहा है। बंगाल से लेकर दिल्ली तक में लोग सड़कों पर है। ऐसा लग रहा है मानो हर कोई लड़कियों को आजाद देखना चाहता है, उनके खिलाफ कुछ भी गलत होते देखना उन्हें बर्दाश्त नहीं है…। जाहिर है हर लड़की समाज को इसी तरह अपने साथ खड़े हुए देखना चाहती है लेकिन अजीब बात ये जो अभी रेप की घटनाओं के विरुद्ध रोष दिखा रहा है उस समाज में बलात्कार की घटनाएँ होना अब भी बंद नहीं हैं।

9 अगस्त 2024 को बंगाल से लेडी डॉक्टर से रेप और मर्डर का मामला उठा था और उसके बाद सोशल मीडिया पर हर जगह उनके लिए इंसाफ की गुहार लगी। घटना ने इंसानियत को ऐसे झकझोरा कि हर किसी को 2012 में निर्भया के साथ हुई वीभत्सता की याद आ गई। तुलना करते हुए कहा जाने लगा कि इतने साल बीत गए लेकिन समाज के हालात बिलकुल नहीं बदले हैं। आज भी जब बलात्कार का मुद्दा हर जगह गरमाया हुआ है उस समय भी किसी किसी जगह कहीं महिला को कोई हैवान अपना निशाना रहा है। न छोटी बच्ची को छोड़ा जा रहा है न ही बुजुर्ग महिला को। मौका मिलते ही लड़कियों को दबोचा जा रहा है और फिर वहशियत की हर हद पार हो रही है।

बहुत पीछे न जाएँ और ये सोचें कि 9 अगस्त की घटना के बाद तो जैसे विरोध हो रहा है उससे इन घटनाओं में कमी आई होगी तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है। हर रोज दरिंदगी की नई सीमा तय होती है। बदलापुर से आज एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चार साल की दो बच्चियों का यौन शोषण उनके ही स्कूल के सफाईकर्मी ने किया। बच्चियाँ उस सफाईकर्मी को ‘दादा’ कहती थीं, उन्हें अपना परिचित समझती थीं, लेकिन उस जानने वाले ने उनके साथ क्या किया। मौका मिलते ही कपड़े उतारकर उनके निजी अंगों को छूने का काम किया, उनका शोषण किया। इस घटना से कुछ दिन पहले 16 अगस्त 2024 राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड रीको थाना क्षेत्र में एक 63 वर्षीय महिला का घर में घुसकर सामूहिक रेप किया गया था। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि आरोपित घर में घुसे तो लूटपाट के लिहाज से थे लेकिन महिला को देख उन्होंने उसके साथ बारी-बारी रेप कर लिया।

एक बार इन घटनाओं को सोचकर देखिए… एक मामले में छोटी बच्चियाँ पीड़िता हैं और दूसरे में बुजुर्ग महिला। आम इंसान के मन में इन दोनों ही वर्ग के लिए अलग-अलग भाव होते हैं। बच्चियों को देख दुलार आता है और बुजुर्ग को देख सम्मान का… लेकिन वहीं एक बलात्कारी को इनमें न छोटी बच्ची दिखती है न बुजुर्ग अवस्था, उन्हें सिर्फ योनि दिखाई देती है। वो लड़कियों को निशाना चलती सड़क पर भी बना सकता है और बंद कमरे में भी रेप के बाद उन्हें मार भी सकता है। ऐसे में हमारे द्वारा सिर्फ ये अपेक्षा किया जाना कि कानून सख्त होने से चीजें बेहतर होंगी सरासर हमारी भूल है।

आपको याद होगा 2012 में निर्भया के साथ हुई वीभत्सता को देख कानून सख्त करने का काम हुआ था, लेकिन नतीजा क्या हुआ… घटनाएँ खत्म हो गई? बलात्कारी इंसान बन गए? महिलाएँ सुरक्षित हो गईं? नहीं… इनमें से कुछ नहीं हुआ। आज भी कोई भी अखबार उठाकर पढ़ना शुरू करिए बलात्कार की खबरें फ्रंट पेज से मिलना शुरू हो जाएँगी….। न ये सब 2012 के बाद बंद हुआ है और न ही आने वाले समय में होगा। स्थिति में सुधार तब तक नहीं हो सकता जब तक दूषित मानसिकता पर प्रहार नहीं किया जाएगा और सक्रियता से ऐसे मामलों में पकड़े गए अपराधियों को सजा नहीं मिलेगी।

अभी के हाल ऐसे हैं कि अपराधी अपराध करने के बाद ही निश्चिंत हो जाता है कि वो या तो केस को गुमराह कर देगा और नहीं कर पाया तो उसपर 10-20 साल का समय तो रहेगा ही…सबसे ताजा मामला अजमेर सेक्स स्कैंडल का लेते हैं। 90 के दशक में इस स्कैंडल के कारण कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हुई ये किसी से छिपा नहीं है। बावजूद इसके इस मामले में निर्णय आने में 32 साल से ज्यादा लग गए...। इसी तरह निर्भया मामला। दोषियों को 8 साल बाद फाँसी हुई थी।

दुखद बात ये है कि वो मामले हैं जिन्हें मीडिया ने खूब तूल देकर गौर करवाया गया तब जाकर पीड़िताओं को इंसाफ मिलने में इतना समय लग गया, तो सोचकर देखिए उन पीड़िताओं को क्या इंसाफ मिलता होगा जिनके केस को गुमराह कर दिया जाता है, जिनके चरित्र पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं, जिनकी शिकायत कार्रवाई की जगह उनपर ही लांछन लगा दिया जाता है और मुँह बंद करने की बात कहकर उन्हें वापस उसी अंधकार भरे समाज में रहने को छोड़ दिया जाता है।

आज सोशल मीडिया पर उठती आधी आवाजें सिर्फ ट्रेंड के दबाव में हैं। उन्हें न अपराध से मतलब है, न अपराध का असर समाज पर क्या होता है इससे, न पीड़िता के दर्द से… चूँकि अगर ऐसा होता तो बीते सालों में घटनाओं का ग्राफ बढ़ने की बजाय नीचे जरूर आता है। इनके लिए बंगाल रेप जैसी घटनाएँ सिर्फ ट्रेंड का मसला है जो आज चल रहा है इसलिए बोल रहे हैं कल को कोई और मामला होगा तो इसे भूलकर उसपर बोलने लगेंगे।

शर्म की बात है कि हम उस समाज का हिस्सा हैं जहाँ न छोटी बच्ची सुरक्षित है, न स्कूल-कॉलेज जाती लड़किाँ और न घर में अकेले रहने वाली बुजुर्ग… महिलाओं पर यौन दुराचार के मामले पहले भी बढ़ रहे थे और आगे भी बढ़ेंगे… कारण हमारी ऐसे मामलों को हैंडल करने की अप्रोच है, ढीला रवैया है और घृणित मानिकता है।

कुतर्कों के तिनकों में पार लगने के सहारे ढूंढ रही कांग्रेस ; रेवन्ना पार लगा दे रे, वैक्सीन पार लगाएगी, राजीव गांधी की मौत का भी सहारा ले रहे हैं

सुभाष चन्द्र

राहुल गांधी तो प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा की झड़ी लगाए हुए है और पूरी पार्टी कुतर्क गढ़ कर चुनाव की नैय्या पार लगाने के कोशिश कर रही है। खड़गे एक ही गाना गाए जा रहे हैं “मोदी झूठ बोलता है”। कहीं कोई मोदी को मारने की बात कर रहा है तो कोई उसका सर फोड़ने को आमादा है। 

लेखक 
चर्चित यूटूबर 
राहुल गांधी को प्रज्वल रेवन्ना के कथित सेक्स स्कैंडल में उम्मीद की किरण नज़र आ गई है। वो कह रहा है कि “रेवन्ना ने 400 महिलाओं से किया है दुष्कर्म, माफ़ी मोदी मांगे। भाजपा ने उसके लिए वोट मांगे हैं”।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के एक मंत्री रामप्पा तिम्मापुर ने यौन शोषण और सेक्स वीडियो के आरोपित निलम्बित जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की तुलना हिन्दू देवता श्रीकृष्ण से कर दी है। कांग्रेस नेता का कहना है कि प्रज्वल रेवन्ना भगवान कृष्ण का रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे श्रीराम का मुकाबला शिव से करवा रहे थे।

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक सरकार में मंत्री रामप्पा तिम्मापुर ने कहा,”हमने आज तक देश में ऐसा घृणित विचार नहीं देखा है, शायद प्रज्वल कोई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हों। महिलाएँ श्रीकृष्ण के साथ निष्ठा के कारण रहतीं थी, लेकिन ऐसे नहीं, लगता है प्रज्वल रेवन्ना उनका ही रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे।”

अपराध किया है रेवन्ना ने तो सजा भी मिलनी चाहिए जांच के बाद लेकिन बावले राहुल गांधी एक बात तो बता दो कि क्या रेवन्ना ने 400 दुष्कर्म भाजपा के साथ आने के बाद ही कर दिए। कांग्रेस और JDS का गठबंधन 15 मई, 2018 को हो गया था जो जुलाई, 2019  तक चला और मई, 2019 के लोकसभा चुनाव में रेवन्ना कांग्रेस-JDS गठबंधन से जीता था। JDS  सितंबर 2023 में NDA में आई थी। तब तुम अपने गठबंधन के कार्यकाल में किए गए कथित दुष्कर्म भी भाजपा के खाते में क्यों डाल रहे हो। ये रेवन्ना का सहारा काम नहीं आने वाला।

यह पहली बार नहीं है कि कॉन्ग्रेस नेता ने हिन्दू देवी देवताओं का अपमान किया हो। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा प्रचार के लिए आयोजित एक जनसभा में कहा, “खड़गे ने कहा, “इनका भी नाम शिव है, ये बराबर में राम का मुकाबला कर सकते हैं। क्योंकि ये शिव हैं, मेरा नाम भी मल्लिकार्जुन है यानी मैं भी शिव हूँ।” इस दौरान उन्होंने भी ध्यान दिलाया कि आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन नाम से एक ज्योतिर्लिंग भी है।”

मल्लिकार्जुन खड़गे भूल गए कि राम और शिव का मुकाबला कराने की बात कह कर उन्होंने हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाया है। वो हिन्दू समाज, जिसने कभी राम और शिव को अलग-अलग कर के नहीं देखा। तमिलनाडु में स्थित ‘रामेश्वरम’ ज्योतिर्लिंग के भी 2 अर्थ हैं – पहले, राम जिसके ईश्वर हैं और दूसरा, राम के जो ईश्वर हैं।”

दूसरी तरफ प्रियंका वाड्रा समेत सारे विपक्ष के नेता एक और नाटक कर रहे हैं कि covishield वैक्सीन से लोग मर रहे हैं। मैं तो कहता हूं कि ऐसे छातियां पीटने वाले अब तक जिंदा हैं तो अब मर जाएं।  वैक्सीन नुकसान करती तो आप विरोध करने के लिए बचे ही न होते, कितना बरगलाते हैं लोगों को जबकि ऐसा कोई side effect नहीं है वैक्सीन का और कुछ होता भी है तो 6 हफ्ते में हो जाता है वह भी 10 लाख में से एक व्यक्ति को होने की संभावना थी और इसलिए अगर अब तक कुछ नहीं हुआ तो ना कुछ हो रहा है और न होगा। मगर फिर भी ढोल पीटना है तो पीटो, फिर ऊपर वाला तुम्हें उठा ही ले अगर इस लेवल का घटिया आरोप लगाना है। 

240 करोड़ वैक्सीन लगने से करोड़ो लोग बच गए जबकि विपक्ष ने तो पूरा खेल रचा था जिससे देश में एक करोड़ मौत हो जाएं। एक पत्रकार राहुल कंवल ने तो एक अमेरिकी वैज्ञानिक को टीवी में बिठा कर कहलवा दिया था कि भारत में 20 करोड़ लोग मरेंगे लेकिन भारत से ज्यादा भयंकर मौतें तो अमेरिका में हुईं थी।

अब प्रियंका वाड्रा को देखो क्या ताना मार रही है मोदी को, वो कह रही है “मोदी जी इस बात को समझ नहीं पाएंगे कि पिताजी को विरासत में धन दौलत नहीं मिली, शहादत की भावना मिली। मैं 19 साल की उम्र में देश से नाराज़ थी कि मैंने पिता को हिफाजत से भेजा था, लेकिन मुझे झंडे में लपेट कर उनके टुकड़े दिए गए”।
   

क्या कहना चाहती हैं मोदी जी को सुना कर? क्या मोदी तुम्हारे पिता के टुकड़ों में भेजने के लिए जिम्मेदार थे और क्या तुम भाई बहन को भी अपने पिता की विरासत में शहादत की भावना मिलेगी जबकि तुम लोग विरासत टैक्स से लोगों की संपत्ति हड़पना चाहते हो। 

पिता के टुकड़ों की बात करने से पहले इस बात का भी जवाब देना चाहिए था कि पिता के साथ उस रैली में माताश्री क्यों नहीं गईं और न कोई कांग्रेस का नेता गया? और जिन लोगों ने पिता की हत्या की उन्हें  तुमने, तुम्हारे भाई ने और और माँ ने माफ़ कर दिया और वह DMK जो हत्यारों का स्वागत जेल से छूटने के बाद फूलों से कर रही थी, आज तुम्हारी कांग्रेस उसके साथ “सनातन धर्म” को मिटाने के लिए खड़ी है।

कितना कितना प्रपंच किया है कांग्रेस ने। अभी खबर आई है कि जिस रोहित वेमुला को दलित बता कर उसके मरने पर कांग्रेस और सारे विपक्ष ने विधवा विलाप किया था, वह दलित था ही नहीं और यह रिपोर्ट आज  तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने जारी की है कि उसके सर्टिफिकेट फर्जी थे।